जिनकी मृत्यु निश्चित है उन्हें क्या करना चाहिए ?|ISKCON Ludhiana |Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

In this extensive Hindi discourse, Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja addresses the fundamental question: what should a person do when death is inevitable? He begins with a parable of a king who, while wandering in a forest, encounters a humble hut and reflects on the fleeting nature of life. The talk then expands to describe the ancient ideal of the "rajarṣi" – a ruler who is simultaneously a sovereign, a supreme devotee, and a spiritual guide – and contrasts this with the present‑day leadership void. The speaker highlights the challenges of the current Kali‑yuga: pervasive media, pollution, stress, and materialistic pursuits that distract seekers from spiritual progress. He repeatedly urges the audience to turn to Krishna consciousness, emphasizing regular study of the Bhagavad‑Gita, chanting of the maha‑mantra, and participation in community service such as temple building and charitable acts. Throughout, he interweaves scriptural citations, stories of sages, and contemporary observations (e.g., the influence of television, social media, and education systems) to illustrate how devotion can counteract modern decay. The discourse concludes with practical instructions: allocate at least ten minutes daily for mantra recitation, read the Gita in any language, and engage in selfless service, thereby attaining inner peace that transcends material wealth and the fear of death.
Chapters
शिव भगत में बरेकसफनापरेशीम से परिचित हो। हाँ ना कोई जवाब ही नहीं दे रहा, प्रेमराज पूरी प्रथ्वी के राजा से। 1 दिन वो जंगल में थे, प्यास लगी उन्हें और पानी खोज में थे, सामने ने देखा 1 कुटिया कुटिया में थोड़ी सी रोशनी थी, तो उन्होंने सोचा यह जल प्राप्त हो जाएगा। जो कुटिया में गए वह 1 सदमेगरिशीवहना चिंतन कर रहे थे। आज कल जो हम नेता हैं, न राजा है, न निशी है। और प्राचीन समय में जो नेता होते थे उन्हें राजरिषी कहा जाता था। दूसरे शब्दों में राजा थे और उत्तम कोटि के भक्त भी और पूरी का को पालते थे। आप उम्मीद कर सकते है आज की आवाज में है न? हा हा हा गए, उस ने उनकी तरफ देखा भी नहीं, देखा भी नहीं। राजा जवाब दे कर आए स्वागत करना। तो राजा ये भी भक्त है। विसातमेशतयापूलि तो थोडे प्रोरित हुए, कुछ नहीं निकले। बाहर मनवा शाम था, उन्होंने उस शाम को आर के रूप में चुना दिया। उस संत के गले में उसका बेटा भार खेल रहा था। उसने देखा रास्ता कुटिया से हेली चलते जा रहा है। उसने सोचा तो जाके देखो। पिता से क्या हुआ तो वो अन्दर गया, उसने देखा पिता का चिंतन नहीं है, पर 1 भरा हुआ शाम है जिन पर किसी ने न केवल marie tumhare himmat shrap tea the shrap कौन बताएगा s की मृत्य हो गी। वैसे तो अगर हमे सूचना मिले साथ साथ मृत हम घबरा जाते हैं, सब की इच्छा रहती है, कभी मृत का सपना ही नहीं देते, मृत्य से सब डरते हैं और जो भागते हैं वो नहीं डरते। तो राजा चाहता तो बड़ी सरलता से शराब का विरोध कर सकता था। राजा ने सोचा चलो भगवान ये क्या है संसार त्यागने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कुछ समय के ऊपर से संतों को निमंत्रण दिया। आज गोगरा निमंत्रण देना चाहते थे। समय 1 साथ हजारों लोगों को पहुँचाता है। लगता है की उनदिनों में एसएमएस से भी ज्यादा तेज के जितने संत महात्मा से हजारों की संख्या में वहाँ पहुँच गए। और उन सब से पर क्या था वह प्रश्न कम होता। जिस व्यक्ति का आने वाला है उसे क्या करना चाहिए। तो आएगा या नहीं आएगा कोई जहाँ किसान तारा ये सच सज धूलानोमर आपके शेयर में लाके आएगा। तो ये प्रश्न उन्होंने पूछा 1 से हम सब के लिए है। तो संत ने उत्तर दिया तुम्हें 1 संत पर से थे जिनका नाम था शुकरेमकुसबॉल और आपको कृष्ण के सम्बन्ध में ज्ञान साफ करना चाहिए। देश के परचाजोनोनेहमे श्रीवनहवादमका ज्ञान दिया। तो श्रीवनधवादमें बहस कंद है। 18 जार लोग हैं और इनके द्वारा हमें बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त हो रहा है। काम छोड़ते हैं, महत्वपूर्ण संदेश चाहिए। तो अमेरिका जा पढाई करना है, इंग्लैंड जा पढाई करे का में जॉब विदेश में जा आप पढ़ते है वहा आपके 90 पर ध्यापक होते हैं, भारत से 80 विद्यार्थी होते हैं भारत में केवल साल की सब देसी इग्लैंड पर नहीं, उसी प्रकार के सेी है तो मत संदेश में नहीं मिलेगा आप को तो इसी प्रकार राज ने 1 समय 1 प्रश्न पूछा। 1 प्रश्न है। जैसे आप इनतान से पहले किताबें खेती? क्वेश्चन आंसर, वो इमेजिन करते? ध्यान में क्या क्वेश्चन आएंगे उत्तर देते? ज्यादा पढते ही किताबें पढ़ के बाद राइट। तो भागवत में अनेक प्रश्न है। वो ऐसे प्रशन है जो आप समझोगे, आपके प्रशन किसने छीन लिया। उसे भी अनेक प्रश्न है। कई लोग कहते है ये जो प्रश्न आज ने पूछा वो हमारे मन में तो पर समाज के प्रति वो पूरे समाज का सुधार चाहते हैं। तो सुधार चाहिए। तो क्या करना? आप कहोगे परी आमदनी बढ़ जानी चाहिए। हमें ऐसा नेता चाहिए जो सब करोड़ जी, एस टी नहीं चाहिए, छूट चाहिए है धन कमाने हम परस्ती धन क्या है। वो हम नहीं समझ पाते। हम सोचते है। जो बड़ा मकान है, बैंक वेल्स हैं सदा हमारे साथ ही रहेगा रहेगा हमारे साथ, हम जानते हैं। ब इसका पालन नहीं कर। परे के मन में यह भाव था। कैसे पति लोगों को उधार होगा। पूछा ये बताइए कर कैसे रोगूगाउधारहोगा कौनसा में आप सदी बना सकते हो। कैसे बनेगा वो उपाय हमने सुनना चाहते हो। आप कलयुग में 1 को मिल रहा है और कलियुग में डंडे भी खाने पड़ते हैं बहुत। तो कलयुग में उन्होंने पूछा कैसे लोग उधार होगा? शाह ने कहा सुबह से कलियुग में दोष ही दोष है। सच बात है यह झूठ जहाँ देखो आपको निमंत्रण दिया जा रहा है। बहुत दिक शो देखते हो, बिलबोर्ड देखते हो आप टीवी देखते हो, टीवी देखे कैसे दिया जा है सिर और अभी। तो देखिये जिओ के डाइवर बने होगे आप जियो डिजिटल लाइफ में क्या मिल रहा है। हजारों फिल्म में टीवी, शो और क्या क्या चाहिए? हम हैं ये हमें सोते 3 साल पहले बिहार में हाई स्कूल के ध्यान में बहुत ज्यादा लोग फेल हो। जो अक्सर फेल होते हैं, उससे ज्यादा और बिहार में तो होते है। तो जो अध्यापक थे सोचने लगे, क्या खाली लोग। तो उन्होंने 1 बड़ा रिसर्च प्रोजेक्ट किया रिसर्च प्रोजेक्ट में। यह नहीं कि जब से ये मुफ्त की फिल्में आई हैं टेलीफोन में, तो फिल्म देखे काम पढते रहे हैं, चौकीदार काम कर रहे थे। तो हम सोचते हैं इन कार्यों के द्वारा। हम तो देखा जाए, जहां में आप जाओ, हम होते सो जाओ। निमंत्रण है, चाहे कोई और माध्यम हो, तब आपको इन ले आओ। बहुत शुख प्रेस करने के। उन्होंने आगे कहा, आज ति का महान बना। 1 गुण है। इसके लियुग में कौन बताएगा, कौन सा गुन है, कलयुग में सब गुन है। वो क्या है कृष्णा का केतन महामद जा इसके द्वारा आपको प्रेम हम समाज में है। चाहे आप कितना भी प्रयास करो, हम में क्या अनुभव हो रहा है, कैसे है। आज लोग शिकायत करते हैं। बहुत प्रदूषण हो गया प्रदूशन प्रदूशन समझते आपसवजजा तो पोलूशन है। समझा और डॉक्टर पहले नली में कम से कम कुल कॉलेज स्पन, बड़ा पैगाम, बच्चे तो बहुत खुश थे और छुटकी मिल तो पलूशन की चिंता है। वे अनेक और प्रकार की चिंता है। और हम प्रयास करते हैं। श्रोता तो तनाव, चिंता यह सब बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ते जा रहा है तो समाज में आप देखो। जो क्लेश चिंता है, तनाव है, तेजी के साथ बढ़ते जा रहा है। वह प्रयास करते हैं। किसी बौद्धिक योजना के द्वारा। हम समझ कर, हम नहीं कर पाए। मछली को अब जल्द के बाहर रखोगे मछली जी पाएगी। औवजदीवबोरेगे थाली में रख 2 दे पाएगा। उसी प्रकार हमारे संतों ने कहा है कि जीवन, यह जीवन अधूरा है। 1 प्रसिद्ध भक्त ने कहा है मनुष्य जमा पाया, मेरे मनुष्य वन में प्राप्त कर लिया। लाला कैसे। तो ये समाज की स्थिति ै। और ये सारे विश्व में जाते हैं। आपको अमृत देने के लिए और दुर्भाग्य की बात क्या है। कहते हैं हमें जल पीने। 2 कहते हैं हाँ, हमें जीव पर सुधारना है। बता ये क्या है उपाय। अगर। कोई ऐसा नहीं कहता। मंदर खाली होते स्पनीमंदरमें बृंदावन कौन बन गया है। मंदर तो आप सब गए हो। तो आपने देखा होगा। आज हम आ रहे थे, दिल्ली से हमारे ड्राइवर पर टिकट मिल गयी। ज्यादा हम तेजी से आ रहे थे।
तो
या आज लाइसेंस ले रहे हैं। हमने चर्चा की अंग्रेज का मंजिल गया है। तो इसका भी तो इस कान के द्वारा आप को वो दे दिया जा रहा है, जिसे भगवान गीता में है। भगवान ने अर्जुन से यह नहीं कहा तुम जंगल में जाओ। अर्जुन की छाती। भगवान ने कहा नहीं। lets महेंदर बोधी का मुझे अर्पण करते
हुए,
उसी प्रकार आप शब्द उपस्थित हो इस सभा में। इसलिए उपस्थित हो क्यूंकि की आधार दिहाेजमें। मेरा मन कुछ और काम
की।
रूची को आप बड़ा। तो ये जो महा मंत्र है, मंत्र का अर्थ क्या है? 4 से मन को शांति। हा अगर मैं। आपसे पूछूँ आपका मन शांत है, क्या लगता है? ये ब्रामणो की सवाल है। आप कितने भी मंदिर शांत है। हम भारत में सोते है। ने सब सरगमें रहते हैं। सब खुश रहेंगे। तुम लोगों से यह प्रश्न पूछा गया था आपको विश्व में क्या चाहिए जो धन से प्राप्त नहीं हो सकता की प्राप्त हो जाती है। सच बात है। अगर आप बहुत धनी हो अमेरिका जैसे देश का राष्ट्रपति के सो। तो पूछा गया कि क्या चाहिए धन की प्राप्ति होने पर न। तो हम सोचते हैं धन की प्राप्ति से मन के गे मन की शांति जवाब अनुभव कर सकोगे। पर भगवान का नाम लो। भगवान के हजारों नाम है। क्या लाभ का नाम है जो हर के मंत्र है। इसे वेदों में कहा गया है। यह सबसे प्रसिद्ध मंत्र है। आप जैसे जानते हो हमारे शासक नुसार। 4 मुख्या युग कौनसी है? चायल सदेव जिस प्रकार अलग अलग बीमारी का अलग अलग इलाज है, उसी प्रकार अलग अलग युग में मंगी शांति या भगत प्राप्ति का अलग अलग स्थान है। सदी में सजा चिंतन कर दीजिये 60 70 हज़ार साल तक ये क्या लू बना के कोई भी सकता है। सके में माना की अपली की 1 लाख 1 लाख दी 10 गुना कम हो गयी। बड़े बड़े यज्ञ जिसमें दूध और और जो ब्राहमण थे उस में भगनी को भी जलाते थे। मंचों के उच्चारण से अभी और 10 गुना कम हो गई। ं। आदम क्या भगवान के चरण में है। आप हर जगर मंद में आ सकते हो तो दवा है। कल में लोगों की जान से आयु कितनी होती है कितनी सोसचालजीजाराहै दर्शन तो 25 साल की हो जाता। सो। इस कली में लोग झगरेलूहैं ध्यान दे, वेसे हैं। इसलिए भगवान के जो नाम हैं, अत्यंत मीठे हैं, चीनी जैसे और क्यूंकि हम अविद्या के प्रभाव में है। इसलिए हम इसका मीट बन मशहूर नहीं कर पाते। हमें असली सुख चाहिए, शांति चाहिए और हमें क्या करना चाहिए। और क्या है मन कृरकृष्णक चेतना की भविष्य वाली थी। ये है नाम विश्व के कोने कोने में पहुँचेगा खुशी होगी क्या कोने कोने में साढ़े 600 से अधिक केले, हिंसा में और लाखों की संख्या में लोग। नाम का यह कोई कल्पना नहीं है। कई बार हमारे देश में ऐसे महात्मा कहते हैं। हाँ, हम तुम मंत्र देंगे गु मंत्र है, जिसको बोलना नहीं में डिस्काउंट प्राइस पर सौ डॉलर मंत्र बोलना है। तो आप सब जा साथ में गीता को पढिए। गीता में बड़ा महत्वपूर्ण सन्देश है कितने भक्तों के घर में भाग भगुर गीता कॉपी है में आप से पूछू कितने भगत गीता को रोज पढ़ते हो, रोज, कितने रोज पढ़ते हो ग a कितने भाग से रोज अखबार या टेलिविजन देखते हो, मोबाइल में क्या पढ़ते हो जाने तो आप धर्म प्रेमी हो, विदा को पढ़िए, विदा युग को पढ़िए कुछ हफ्ते पहले 30 तारीख को इधर जाने का महान विदा का सन्देश पूरे मानव समाज के लिए है। रामू खुशी भी जान कर। भगवत गीता नवाल 80 से अधिक भाषा में हो गया है। तो सारे पेजों में वो गीता पढ े क्यूँ गीता अब जानना चाहते है वो कौन भासा बनाने वाला कौन है? मैं आपको कौन आपकी ऐसी पहचान क्या आप जानते? कोई जाना वो कौन है, बलि है या दूसरे शब्दों में ये भेजे अन्दर क्या है? कुछ है आपने अपने शरीर को ढका हुए कपड़ो के साथ आप कैसे कपड़ो के अन्दर आपका शरीर है तो शरीर के अन्दर कुछ है। क्या है? आज का ज्ञान आपके स्कूलों में दिया जा रहा है, पर स्कोल के बंदरों में जो 1 प्रकार से हैं वहाँ यह ज्ञान दिया जा रहा है। और हो कौन? तुम यही नहीं जानते महीने के सामने दिन में कितनी दबा जाते हो? बोला 10, 20, 30, 40 बचा क्या देखना चाहते हैं? वहाँ 1 चेरी खुबसूरती बढ़ी है कि नहीं बोल रही है? और आप को कोई कह दे तुम कितना सुन्दर दिखते हो, आप खुश हो जाते हो, जवान दिखते हो, वो कोई कह दे तो बुरे दिखते हो। तो हम सोचेंगे शिवि हमारा है और श्वेता रोज बदलता है। ठीक है न? आज 2 फोटो फोटो का जमाना है। पहले तो लोग जी को फिल्म लेते थे। अभी का हो गया कैमरास? तो हम कभी अपने बचपन की आलम देखते हो? देखते हो क्या तो बदल रहा है। तो भी आप क्या ते हो में था 1, 2, 3, 10 साल का में क्या है तो आत्मा का देहांत होता रहता है। आज आज मा ने आज आपको मनुष्य देह प्राप्त हुआ है। आपने 1 पुन जन्म लिया है। साथ में कहा गया है भारत में जन्म लेना पूरे भूमि माना जाता है और भागेशरीभागेशारी व्यक्ति को ही भूल मे जन्मा है। अमेरिका में को बचपन से नाम तो इसका लाभ उठाए पढ़े। 1 स्लोप रोज आज पढ़िए मंदिर जाती है ये कुछ कठिन है अगर हम कहते है की आज हमें चाहिए लाख लाख रुपए चंदा आप सब से हमें 1 बंदर बनाने हैं आपके शेयर में तो आप कहते जी जल्दी मेरा पैसा बुरा है जब करो और गीता पर इसमें कोई नुकसान होने की सम्भावना है ये महामंत्र का जाप कीजिये और ऐसी आप जानते हो आपके शहर में उसका रोड नाला में 1 और मंदिर बन रहा है जनपद से साल से सुन्दर बंदर बन रहा है कितने भक्तों को पता है कि बंदा में है है बिलावल रोड में और आप मेरे कितने हो गए हो इस मे आपका मंदिर है आपका स्वागत करने है और साथी बहुत ही खबसूरत इतिहास सिक मंदिर बन रहा है जिसमें आप सब लोगों का सहयोग प्राप्त हुआ है होना चाहिए वे मंदिर क्यूँ बनाते हैं हम हमारे गुरु जी कहते थे मंदिर जो है अध्यातिक हॉस्पिटल है रोगी व्यक्ति आज फिर में ज्यादा इलाज कराने ले मंदिर में शुद्ध वातवरण होना चाहिए धान के लोगो को हमारे आज हमारे देश में मंध्रोंकीकमी नहीं है तो ध्यान से देखा जाए शुद्ध वातारण बहुत कम सामना प्राप्त तो ये मंदिर मिलेगा जी और कई की भारी है उनके प्रयास का आगे बढ़ रहा है प्रयास है आज क्या भारी है तो आप सुखी भरना चाहते हो या दुखी दुखी रहना चाहते हो या सुखी भरना चाहते हो। आज शोक चाहि नकली प्रयास करना पड़ेगा बैठे बैठे पर प्रयास सब आपके मान है पास करना पड़ेगा थोड़ा समय निकालिए जब की जान जा आप देखोगे आपका मन इतना शांत हो जाएगा अरे हम इन्हें बेवकूफ है 30 साल पहले करना चाहिए। gate lave ever boli sab hey kisna krिsnकिश्ना कृष्ण हा राम हा राम हम आप में से कोई रे महम सुनायेगा हमें हरे कृष्ण हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम राम राम हरे हरे सुनाए
हरे कृश्ण हरे हरे कृष्णा कृष्णा कुशन हरे हरे हरे हरे हरे राम हरे राम हरे राम हरे राम राम हरे हरे हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे हरे
sorry पुरी ज्यादा समय न ले मुश्माकरनेलगे येस हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे यस पहले जनम का हुआ हूँ बड़े है
हरि कृष्णा कृष्णा हरी कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरी हरी रे हरे ह हरे राम हरे राम राम राम राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे हरे हरे राम हरे राम हरे राम रे राम राम राम राम राम हरे हरे हरे हरे
मे कुछ भी मानो पर पैसे न खाली है आज पैसे नहीं भागे ठीक है भागेंगे नहीं जाते हैं और कम से कम दिन में 10 मिनट के लिए हर मानस बोले ठीक है। मगर कितने भर त्यार हो, 1 माला अरे वो 1 माला जाप रोज मन में शांति मिले दिल माना बड़ा भी है तो ये भर्ती की जा रही है। 16 दिसम्बर याद कर रहे है तो आप से कितने भरते हो? ना उठाने में से 1 10 मिनट में 1 मां का जाप महा मंत्र का कौन बन करेगा सब नहीं मैं, सबको देख फ्री मिल रही है मस्क और 1 शो गीतगाभीपडीहै गीता है। सबके पास काफी लोगों ने हाथ उठाई दी। 1 समय मुसलमान लड़के हमलोग गीता कॉन्टेस्ट मोनेटाइज करते हैं, गीता जल्दी के ऊपर, पर भाव रहता है कि हर प्रकार का विद्यार्थी गीता को पढ़े और हम कैश इनाम भी देते हैं जिसके द्वारा वो सलमान के बच्चे पे 2 साल पहले, 3 साल पहले महाराज ने बुसान का गीता कोन्टेसजीदिया उसको इनाम दिया, तो जो वो इनाम देने आया, भगत ने कहा क देख लीजिये। उसने कहा जहाँ मैं देखता हूँ, पर सम्मान बच्चा मशहूर जा रहा है, तो कुरान उसके साथ होती है, जहाँ मैं देखता हूँ। कई कृशन बच्चा छोटे जा रहा है, तो बाइबल उसके हाथ में होती है। और जब मैं देखता हूँ हिंदू लड़का मना जा रहा है, कुछ नहीं हो। यह सच्चाई है की नहीं। आप ने ने बच्चों को कभी गीता की शिक्षा दी है, जारी की शिक्षा देंगे जाना चाहते हो। और जो अवश्य जाल है आप गीता पढ़िए गीता को पढा प्रयास करते हैं, अधिक से अधिक मात्रा में दीपा। कई लोग कहते हैं हम भी पूरे कार्य नहीं कर सकते, हमारी तुम कर। 2 गीता मे घर घर बचाना है, गाँव गाँव बचाना है, हर व्यक्ति के हित बुझाना है। आपको शरद पता होगा कि आपके सायं इसाई क्रिस्टल मिशनरी भारत के कोने कोने में जा रहे हैं, बाइबल के साथ आपके घर आई है। पर इदा पढिए और पंजा हाई क्रिश्ना थैंक यू हाई, क्रिष्णा हाई, क्रिश हरे हहेहहे हारे।
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