प्रेमावतार श्री चैतन्य महाप्रभु का अमूल्य उपहार || ISKCON Pune || 28.02.2018 ||

The video presents a devotional discourse delivered in Hindi, weaving together stories of Lord Krishna and Srila Chaitanya Mahaprabhu, personal recollections of rural life and pilgrimages (including extensive travel in South India), and social observations on caste, community harmony, and the role of the guru. The speaker narrates miraculous episodes, emphasizes the importance of bhakti (devotional service), and urges listeners to cultivate faith, humility, and collective upliftment. Throughout, the talk blends scriptural references, anecdotal illustrations, and moral exhortations, aiming to inspire deeper devotion and social responsibility among the ISKCON community.
Chapters
हाई क्रिश्ना है आप सबका आदिक स्वागत हो आज से हाय रे रे रे हा से वाया होनहरेवलेवसेवाय ओमनिया दिस्या सी टी के कन्या मेश के हैं रात गा द सत धनिया का का विलय हे कुछ दिन में ही गोल से ना तो भी आ गे तो की मामले में बल के शाम को महिला जेल में माता कौन है कौन है स्वयं भगवान के चेतना है राधा पेश हुए 1 दिन महा को हो रही हे भगवान हे ओके भर के भगवान की परा है उनके साथी उसे मेरे बेटा ना के पुरी पुरी सीमा तो है न न जन भवन जाने के महा में बोले थे नमक पतीत भगवान ये किस का है जी मैं सर रा परीतोकोउदघात करने के लिए तो भगवान ने पर ये भगवान कन्या गुलाम ना दे। तो दलाल ने कहा ये दुख का होता है छुपा हुआ आनवरमेखईगहीजमाकरयो मान होता है कुछ के ही रहते हैं फिल् हाल में अभी अपना कोई न बना तो जिधर छुपे होता है मुझे तो आज करियो है, क्या होती है रोग मान होते हैं तो वो अपनी जिला है धीरे जिला करते है आप ओके तो गुर ये से लाते हैं उनमें काफी सारे रन से और उन्होंने हरपुर तो ये भगवान है हम उनकी पॉलिसी होती थी क्या भी वाणी फिर बरिश के लगभग किसी को न लगा आप को तो हम प्रवेश नाम था जरीना माता नाम कितने पानी लाए हैं। 1 समय 1 ग्राम विजन मिश्र ने घर में आया और न से कहा वाह से कार की है गाव से पुल बना रहे हैं और जब वो ग्रामीण हो कर बेजातासमानक्षेत्रा में माई राहुल ने सोचा की चपगानकीचईचहोकरते मिश्रा ने कहा नई हो उन में भाग लिया 1 किसी को बनाया हो मा ने कहा कैसे बंद कर दिया मैंने कहा हमे बहुत ही मुझे मैंने अपना श्याम और इस को इस प्रकार मोबाइल मनी है न नाम है न तो हम को कुराली मेरी को के बड़े परसन और चोरी इन के लियो ने 1 संसकित का ऊपर जहाँ जाते है जहा पढ़ते हो 1 हफ्ते a color color बोली बहुत बली है कल ही होगा और उस खबर में कोई छत सारा छोटा सा झंडा के लिए लोग े 1 छोटी विचार थे इस लिए तो लोग उन लाने आयहे पानी से ले का भार बहुत महंगा है तुम हो का हमारे हो मैं में गोल का तू को जिला का था जहाँ 1 अच्छा सफाई न सुना है थैंक यू इस प्रकार की कोई ऐसी नियाजी और मैं ने कहा 1 दिन में सारे विडियो को ये बताऊंगा का binre बिंदरा सी थे की थोड़ी बात जिला है हरे हरे है लगता है ये भूखा व्यक्ति है बोल तो तू भी क्या मेरी लिवाए अपना सर और गाँव है 1 चीज को बेटा आ गया है हम ने 11 में ये जो बुरी है एस कल न बनें भगवान के कुल कार लाते है वो कौन है इन माई पाली में आपको सी दिया कई अंडे या कई और उसका विरोग किया से उसे मान न हो भारत में उसी का था गे गाजा नाम का गाँव तो खाली का राजा का पद जी भारत मे इसी मानता और जरा ने देखा अभी धरने में सब है हर घर में या जो अपराध है उस से शिकायत की अगर हम जमाने के सब कि आंदोलन नहीं होगी सारे मुसलमान हिंदू बना साथ में हिंदू थे, उन्होने आंसर बडियारी करते थे। मन ने का मार दि खा रहा है इसे देखा काले खाए के बाद आए जानकारी में अपने करीब हो जा। इन पैसों को बोलो क्या का तुम्हे उस की कंपनी को साथ 2 क्या करूँगा नहीं की सहमति का कात्या करोगा गुड्स को उस में दी वो है मां की सबरी सबको मैंने क्या तो मायके सूचना मेरे राजा रिव्यू हो कर है। माया क्या है माई ने 1 पोल ब्रेक मोर्चा योजना बनाए जिसमें न हो। लोग जुड़े है और मा परी पोर्चरकोदेकर गए कारी कारी ने देखा ओह कितने लोग भरे हैं जी घबराया है छूट क्या दरवाजे हैं चंगनगीगलला सुनो क्या मैं ने मेरे भाई के समान नंबर और भानपुर से पूछा ये क्या धर्म है? देश में गाय पर अधिकार किया जाता है और माता माता से आते हैं सा माता मे स है ं में गली विकार या के हमारे घर में गई रुपया है वह घर नया और वहा से ये मेरी ही थी आज नहीं कल नहीं पैसा आदेश 2 कि हाँ आगे शहर में मिलनी नाम न रोटी ठीक है काजी ने अभी जाती खोलकर दिखा क्या ज हो या था तुम्हारे सब दोनों लोग के लिए जोड़ने उस राह को वही सपना जिसमें शेर तेज नाक के साथ हमे तो जब आपके हर है गिलानी जरदारी नहीं है वहाँ के कई घर में है हाँ दर्द भरथा पानी के केस में बंद था जो इतना गिरा वाला था। मधु ने गया है की चोर सो वो वारतलमेलासमें छोना थोड़ा सा पानी था जूता पानी मा पानी पी रहे है बोले प्यारे से पी रहे है। नही नही कर सकते मैं अपने आप को इस के 2 रे शीला तू न हो 1 दिन में चाय केसी राहु ो तो से जी सेवा से उनके घर में है पानी पिया तो लोगे मैंने किया है। इस प्रकार की बात है। 1 समय दक्षिण भारत के वो 4000 मील किया और हम हो गए थे अभी मत के साथ दक्षिण भार की यात्रा में हो गई है उन्होंने लगभग पूरी पहचान हो अभी जो दिया था नाम स दूर दूर से लोग गाते थे उनके नाम से सुनते थे और सुन कर वो अपने काम में लाते थे यूपी के ही बने इस प्रकार पूरा 10 भारत का वा 1 दीजास्था ग्रामीण के मैं जीवन में रहकर सन गया हूँ है। लोगो ने कहा मेरे साथ कर रही है जा कोई रहो क्या करो लोग हो जाने और इस प्रकार मिला मेरे साथ आओगे मैं जरा चलो कई बार जो जुते बना जा ते ह जे जिस में घर छोड़ के गाए 1 पर था मेरा नाम था वह देवर तो कोई बीमारी किसके और पूरा शरीर बस से भरा कल से इसी बदबू दूर हो जाती है तो मां को चल पड़े खाने बहू चल पड़े है बच्चे से तो वह लोहे जो ले क्या किया सले jai gle को तुरंत और वो सूरत vयcतiकबसरत इसी साल के मन मे ने भागवत के कुछ लोगो को किया लोग नाव का नाम काली भी हो ना ब्राहण मा के बर्तन के दोस्त है हो ली से ब्राहमण है वो हर दिल में संतोष सदा 1 दूसरे को ग्रामीण के भी भी जाए तो होता है मैं तो संतोष दे कल की पाती मेरे पानी का बड़ा धनी ना ा ठीक है पचासों ठीक है घर में दे सकू सलाम राम ने इतना सही हो कुछ भी नहीं ा अपने नाम के कारन किया जल्द रोए दलित हो गया है। और जन बजपनदीरानसेइस की सेवा ना सो गए थे मैं धनीनसरगया की पत्नी का क्या जो मन को पा लो, उसे क्या देगा उसकी कुटिया मनमें बडा उसकी पत्नी जो की पतले कपड़े पहनी थी बस ह समान या वहाँ से कोई सुन्दर बनते हैं हम लोग। भागे ै अंतर देखा जाता है कुछ हरी हो, सूरत हो, ज्ञानी हो, पिस्ते हो तोह अवाज के युवा से मैं सुन जा। मुझे पी जी देगा में सदा भाव से सदा के नामको शाह को पढो और यही दे इस का तुमा अपरापधी रीगा के ये जो देख भगवान ने लिया ये संसार है, हम सब का उभार हुआ है, शिक्षा का है। पर चाहे तो ये दिन माँ को जब भारत उसी बा मंडल वहाँ 1 ग्रामीण 1 ही साल में बैठकर रो गीता के साइमा और बड़ो से लोग गाव के सब को बदला गया। ये जो अनपढ़ है कई सोचते थे, अनपर है लिखा गया कि बड़ा मंदिर है। पर 1 ग्रामीण को गुरु ने आगे लिया, चलो जाया ना देखा विधान भीतर साथ में नहरों के आंसू है रहे हैं। शुद्ध भक्ति के दर्शन पगड़रोरहेहैं पर मान ने पूछा हे प्राण, इस गीत में क्या है इसके द्वारा? तुम ने कहा मैं 4 में ही जारी नहीं कर सकता। ओह लोग हँसते हैं। फिर वे जानते है। वो बोले दोनों की समसया यो क्या देश है का हो कि भगवान ही था के पास ऐसी नाव है। मैंने कहा तुम भीतर के राज समझ रहे हो ना। राम को अभी 4 महीने में रखा और में में कहते हैं गांधी ने गुरु के आदेश का पालन किया, गुरु का आदेश किया था। 2 लायाजा मोबाइल में हम खबर के नारे ने ही है। बच्चों को भी पछुलतेआदीशेगाएग सब नाचने लगे, गाने लगे, गंदे गुरु को लात से निवेश में हरा दिया देखा मैं ने, उन्होंने सोचा की बना दिया जा हो मा भे ने मुँह में डाल दिया और वितरक खाए दिया। जुरी शीशे के सबसे बुरा है गुरुजी बढ़ने वाला है। तो अब मैं ये हमारा 2 की भावना के काल में हर बना कान ममीतीबोरडमें आ गए। ना जी आये है, नाजी थे उस ने वहाँ ग्रामीण सवाल हुए राज पति 10 शु के साथ विराम तक ही रहे थे। और जाने सूचना मिली ठीक है, भाग लो हम सब वेट कर रे है, समझने लगे हैं चर्चा ये सन्यासी है हमारे सर सजयानगिया हमारारे साथ बैठकर नाश्ता है। चंद्रशेखर घर निवास कर रहे थे चंद्रशेखर पदाइशीसीबीजीजाती ने का बिल्कुल नीची जाती है जिन ही ना हो की घर मे माँ को हो जाती बिजली से जो भी भी कमाना है ऊँची जाति का है जो नहीं है यह हमारा किसान तुम ने जी थे जो डर हो हम आप भी जिंदा तो नहीं करते आप इन मावा वे सारे ऊंचे मंच पर बैठे लोग गे जिन भाव से बैठे जिस आग में में का काम बना होता है बैठे की जो गाँव जो होते है मंदिर में प्रवेश करने और परम में ली है। बैठे के बैठे थे इतना प्रकाश पर घोड़ा था कैसे लगा था की दाबू समझ गए ये 7 उनके हाथ को पकड़ कर उन्हें मंच पर ले गए ध्यान के तो मैंने कहा कि माँ ने कहा मैं भूत हूँ तुम जरीराक साल निकालोगे मैं के नाम भगवान है के में ब जेरी शिक्षर सी हो और उनहोंने करना हो। 5 पेला था साल संग रहो शाम साल में अने शो क्या होगे मेरे ख्याल से मैं सदा नाम के नाम रहोगे पर देश में आया तू क्या है ना ही आगे हम भगवान के बाद पान पान करे व े की धनी 12 के कई धनी इसीका सेवा मे जादू सप्पति लिया वो 1 दिन राजा की पत्नी ने देखा विसेंजा के पति के बीच में नदी का निशाना लो मैं छूना कूल सेवा वही गलती की इसी कारण मुझे बोला लो मागो ने बेटी कैसे बना था मनाली जाते इसे बनाना था पर तो तुम हो ना ह दोनो मे क्या करना चाहिए तो भी वहाँ के लूंगा ये है चैंपा हाँ मगर क्या कीजिये जिसे महा अभी 2 तारीख पर है है महा से अन्ना व्यक्ति देखता है, दून में भी होता है ना की बाहर के भारी सी है क्या हो जाता है सर लोग मिस लीजिये शिक्षा पर कर दीजिये हम लोग जादेजवालनकीजिये को ह डेजलागीमोय।
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