भगवान श्री जगन्नाथ की लीला | Jul 5, 2022 | ISKCON Kharghar | Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

The lecture is a devotional narration that recounts the legendary pastimes (लीला) associated with Lord Jagannath (also called Nīlāmadhava or Niladhwaja). It begins with a description of a great king who, seeking the divine presence, summons scholars and Brahmins from across the land to locate the self‑manifested image of the deity. Various characters—Brahmins, devotees such as Vidyapati and Lilit, and the king’s family—are introduced, each facing trials that test their faith. The story describes the miraculous appearance of two forms of the deity: a self‑manifested murti that emerges on its own and a crafted image. The king’s army attempts to lift the sacred image, but divine power prevents them, demonstrating the deity’s supremacy. Throughout the narrative, the speaker emphasizes the importance of sincere devotion, humility, and service, illustrating how the deity protects the righteous, grants visions to true seekers, and establishes rituals that bind the community. The talk concludes with reflections on the moral lessons embedded in these pastimes, urging listeners to cultivate devotion, avoid material attachment, and recognize the ever‑present grace of Lord Jagannath.
Chapters
yaaa a ra माह बो b baran गला बैठ गया है बैठ गया है m यह सारे अरे अरेरा सारे जगना सुबह तक बाल राम के काल सब ने देखा कि पीछे ब i share on share ho us b bad a e a mantra on to do as an 1 दिन 1 दुकान में गई थी इंडियन डॉग इंडियन गुड़िया बिक्री है 1 गुड़िया को बताया shadi ke sath e t theo a और पूछा आप में से कोई है तो 1 कला है मल्टी बनाने की सुंदर बना के द्वारा for men jalan जयनंदर लोगों को to remain america me and remain तो बाली ने कई जगह और उनने कथा सुनाई। संीमेंाराटीन समय में 1 बड़े धार्मिक राजा है सुनाई दे रहा धार्मिक राजा मेरा नाम राजा जानी हो धार्मिक भाव तो राजा भगवान का चिंतन करता था sco कैसे ग्रामराज के राज्य मे ग्राम ने हाराजा हमारे राज्य में भगवान का रूप प्रगट हुआ है का नाम है नील वाला वो रूप इतना सूरत है देखोगे गेगा मारा और ये बोलकर वो चल पड़ा है। राजा ने वो सारे ब्रांड लोगो बुलाए और पूछा उन्होंने नील माधव नाम के भगवान को देखा है। हमने राजा ने ब्रा मिला इस पृथ्वी के चारो कोनो में और अरे मर गए रह गए गाव गाव नही पूछा नींनबालवनामकी मूर्ति है के गांव में अब नहीं 2 नाम सारे ब्राहमण दौड़ गए सब जा गोज पूछना दी हम गए पृथ्वी के कोने कोने में हमें कोई विधा प्राप्त न होगा। नाम का 1 ब्राह्मण था, जिसका नाम था विलापती। विद्यापति ने था मैंने घर नहीं जाना जब तक मैं बादल को भूलने का gl गाव में रावण से था, पर रावण से भी बज जाए। उनका जन्म हुआ था कि में नीचे खाना तो उस गाँव में विश्वास ना, उसकी 1 बेटी थी, नाम था ा, तो ललित। ललित ने देखा कि विद्यापति हो। पति ने देखा हलाकि वो ब्रामविनकुलकथा यह लड़की जी जादी थी आजकल बोले दोनों का विवाह हो गया तो विद्यापद ने देखा कि उसका नाम है विशवास। वो हर तीसरे दिन गिर जाता है जंगल में को बोलता नहीं साथ ले के नहीं जाता। वो लौटता है उसके शरीर से दीदी सुगंद ती है कि ऐसा लगता है वो सपरकयाहैतोपहलेतो हो। मिला पति ने पत्नी से पूछा मेरे पिता कहाँ जाते हैं? 3 दिन, 3 दिन लौटते लौटते है तो उनकी से बोल सुघना नहीं बोल सकती। मेरे पिता का आदेश है किसी को नहीं बोला। मैं पाती हूँ। 1 मूर्ती है स्वयं प्रगट हुई मुर्तिया है, 2 प्रकार की मुर्ती है। 1 है सल्फमेनबेसहै स्वयं प्रगड़ता माना जाता है बालाजी की मुर्गी और कई मुर्दे भारत में उसे हम मानते हैं। स्वयं पगड़ी दूसरा है सार मुर्गी को बनाते हो शासन की शिक्षा केवल भगवान अपने आप को आज विग्रह के रूप में प्रकट करते हैं। इस अर्जगमभवारमें ने 5 कारियम को बड़ा मसल दिया। सबसे पहले उन्होंने कहा सालुस साली सरमेरा बस, ये से मिलेगा दूसरा। उन्होंने कहा आई नाम का उचारण असली से भगवद, श्रद्धा और आदर के साथ आयेंगे। आचरेग्रा पूजा, मायावादी, भाग के लोग है वो भगवान के आरशीवाकेसाथरुकते नहीं 1 समय मुझे 1 सजा मिलने आये थे दिल्ली में मैंने कई बार उन्हें बोला मेरे से वो चाल थी हम मायावादी है तो शिकार करते हैं को किस रूप से है रमा जी कहते हैं a a a a a g e e a धार किसी भी अंग से drop zala ने खा लिया था का लेते है सो नील माधव नाम की मूर्ति है जो के पार वादा करते हैं तो उसने हा मुझे हमारे नील माधव का दर्शन मिल सकता है उसने नहीं कभी नहीं मैं, पिता कभी नहीं मानेंगे। पिता का क्या डर था वो था बड़े गरीब अगर किसी धनी राजा को पता लग जाए और मूर्ति यहाँ है वो हर बदा दे व उनकी सेवा माफ हो जाए वो कभी किसी को नहीं बताते थे काजा के कहने पर पिता मान गए कि दर्शन मिल सकता है ने उनकी आंखों में विदेबलीआंखोंमें पट्टी लगा ली और बटी को खोला तो वो पहुंचे se तो जो को पहुंचे जंगल में जो विश्वास ने के आगा पर ठीक हो हुई तो ग्रामीण ने इन मादर का दर्शन मारा ये सच है कितना भी देखा है देखा नहीं था वधबदीनेअनकिया कि जोगन ससुर थे बहुत भेंट करते देखा में सारे पदों को तोड़े थे तो थे विशाल बदले वह 1 तलाब भी था तलाव का पानी लेकर भिक्षा और वहाँ उन थे उन तोड़कर हार बनाए थे मार उन्होंने देखा कि तालाब के कोने में 1 पेड़ जिसमें 1 पक्षी था वो पक्षी दिलवाली सामने उस तालाब में गिरा और न के सामने वन के नाम मुझे भी इस पानी में वार हत्या कर लेनी है वानी ने नहीं कर्तव्य है कि तुम ima जाओ तो बड़े प्रभावित हुए थे क्या देकर सेवा पहले प्रसन्न थे क्या निर्वाल का पता हो तो ये निवारक के बांध दिया लसी के साथ कहा तुम किसी को भी नहीं बोलोगे तुम मुझे पता लग तो जाएंगे। राजा ने सुना नील माधव नाम के नील माधव नाम के ग्राहक दर्शन मिल गया है अभी पूरी सेना को लेकर राजा और राजा और विधयपदिपोनचेका कहा पहंचे या नी माधव का दर्शन पति ने लिया पोंचे उन्होंने देखा नiंवदहै he ne man is badmash bad dia खाय नील मान वानी द्वारा वानी दiवiaविजापिकोबद बन 2 मैं प्रकट हो गया हूँ हमें प्रकटूंगा की बला उस रूप में पकड़े और रोज के तालाब में लकड़ी का बड़ा टुकड़ा तैर रहा है उसमें है तो को लेकर राजा पंच उस तालाब में अपनी सेना के साथ और उन्होंने प्रयास किया उस लोग बोर्ड को उठाकर राजा के मन में नाला मुरजी बनाने गए और इतना भाई था, इतना भाई था की पूरी सेना पूरी सेना उसे उठा नहीं पाई राजा तुम्हारी सेना मुझे नहीं उठा सकती विद्या पुरी सालों साल मेरी सेवा की है उनको लेके आओ मुझे उठा नहीं है विद्या पति 1 मिनट में उठा लिया और लोग पहुंचे राजा राजा पहुंचे ह राजा ने उसे के से कला का को बुला शब्द मैं चाहता हूँ कि भगवान का रूप दे मुनाऊ do ki bare htiाrtutjate drभागe अमीर वाला उनकी मूर्ति में नहीं बना पाया। मुझे आत्मा हत्या करने, विश्वकर्मा विश्वकर्मा का नाम सुनाए सुनाए आपने आकर दे, विश्वकर्मा देव जान के मन में आपके मन देवा करमा आये लंबी दाढ़ी के साथ बुरे व्यक्ति के रूप में रूप में ना सकता हूँ। और 1 दिन के लिए मुझे बिलकुल 21 दिन के कमरे को बंद करके काम शुरू कर दिया। राजा था। राजा दरवाजे को कान लगाकर सुन रहा था। उस दिन रात था 21 दिन कब समाप्त होंगे, मुझे भगवान का रूप प्राप्त होगा। वो ठीक टिक टिक कर रहे थे और 15 दिन के बाद आवाज band ho chinta खाया पिया न। राजा की पत्नी का नाम था गनी गुनिचमानमकिया। मुझे क्या से हमारे हृदय को साफ करना चाहते हैं। मैं क्या करना चाहे? नाम का मै जितने जितने साफ करोगे, मै दूर होगी। नीचे दी राजा की पर्मिंग निशा ने कहा नहीं खोल लो जाके। तो राजा ने कहा अंदर मत जाओ। क्योंकि ने कहा था प्rकdहoजाएंगे जैसे जैसे दरवाजे को ये अधूरा rumanगaलगड़ेकबन देखा जाए। तो घनानाजीकेबादहाथ भी नहीं है, नहीं है, कुछ नहीं है, व्यक्ति ऐसा लगता है। तो मैं क्योंकि पहले आ गया हूँ, अब परिणाम है। ब्रह्माजी ने नहीं घबरा ब्रह्माजी ने इस मूर्ति की स्थापना सामने mann to is co आँखें बहुत बड़ी है। यह राजरानी और गोपिया वापस लौटेगी तो विजया बड़ी अच्छा थी। राधा, रानी और गोपिया वृंदावन में भगवान ने देखा तो सूर्य के समय गोपियों का दर्शन हुआ। गोपियों ने क्या अब वही कृष्ण हो, मैं वो ही रहता हूँ। और अंदर कि हम खुशी वृंदावन को भावी। भगवान को है से वा n con है। राजा साहब महाराज पुरुष रोज यह राजा बड़ा भला और दीदी की सेवा में लगे रहे। राजा पुत जाने fonएकौराजासे था। कांची के राजा ने का का beti i आकर दे दे, आकर दे दे, पूरे सड़क को गुलाम के पानी के लिए 2 दे दे। मंडल पुरुषो मे आप आइएगा, हमारे मे कांजी के राजधानी मैंने यहाँ तक लाया प्रधानमंत्री। प्रधानमंत्री ने देखा यह मराठा पुरशोतम सड़क को झाड़ू दे रहा है, सड़क साफ कर रहा है। मै अपने राजा की बेटी को कभी मंगी मांगे और धोड़ा सा उसे जाकर सूचना दे दी। राजा wo भंग किया फिर ये है जंगाली बात वो में गये तो जगराज ने कहा जाओ फिर से मैं मेरे भाई बनाएंगे तुम्हारे साथ रहने के लिए। तो बाल आए 22 गुणों पर अभी सेना के आगे तो दोनों को प्यास लगी। माई गॉड सी बेची थी तो उनसे गुदा या े से कहा कैसे मरी sen के बाद में विश्वास करेंगे ा the roko roke roko करने आये है। कौन जीता भानपुर कुछ इस प्रकार अनेक था राम नाम गीता पांडा वो दिन रात, hot brsaiai th ke सोने भाई i 2 भाई कौन से जगना जी से गौरव जगना हमें दुनिया के कोने कोने में जगना जी की बात जैसे देश बगूवोलगनाजीकी मूर्ति बनाते है। तो अभी 1 साल के भक्तों ने मरे साल से 1 हफ्ते के अंदर इतनी रात, निकाले जी, दज i आदि थे, उनको देश घर घर जाकर विचार 1 राजा था। आज प्रतपूदउप्रतपुद की बड़ी इच्छा थी कि माँ मिल दिखाने आप दर्शन पर वृत्यांत के समय मां बहू ने देखा कि ये मान पदपूजा इतनी विनता पूरे रास्ते को झू थे जो थे गुलाम के पाली राजा में राजा है और विनर को वहाँ कुछ के साथ साथ के लिय को गोडतेहैऔहाकेजमनने में भक्त है जिन्हें उनके जिलाओं का दर्शन वा प्रसन पूजा पुरी खास ने दिए है। इसके देख सके क्या देखे अगर आप भगवान को पसंद करना चाहते हो क्या उपाय क्या है पापाजी ने 1 डरपटॉनिकभुनाया था बाबा जी ने 1 नया टॉनिक बनाया है तो गुरु मुझे टॉनिक चाहिए वो जिसके द्वारा कृष्णा प्रेम बढ़े वो टॉनिक है बाबा जी ने बे mere pas formula ha a formula भगवान को यह gaजबदपरकी डे।
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