Lecture | Live Now | Srila Gopal Krishna Goswami

The YouTube live session, led by Srila Gopal Krishna Goswami and attended by multiple participants (labeled A‑H), is a devotional ceremony that blends a formal lecture with ritual instructions. The speaker explains core Vaishnava concepts such as the three kinds of spiritual birth (birth from pure parents, initiation by a guru, and the birth that occurs through worship of Lord Vishnu), emphasizes the indispensable role of the guru and the process of diksha (initiation), and calls participants to engage in disciplined chanting, japa, and service to the temple and the broader Krishna‑center community. Throughout the talk, the speaker offers blessings, invites attendees to receive a new mala, and repeatedly urges collective commitment to uphold devotional practices, maintain purity, and support the institution’s activities. The discourse is interspersed with chants, greetings, and occasional informal interjections, but the central narrative remains a motivational exhortation for devotees to deepen their spiritual practice and integrate into the organized Vaishnava community.
Chapters
रा
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सानिया
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जा के रा
हे
रे ना
ना ह। ये ह मेरा हारे राडमाड़ामा लाहारे मारे
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राह ले
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हारे।
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हरी कृष्णा 1 फोकस सुर्खा है। सबसे पहले हम पर सवार का हमारा स्वागत करना चाहते। मरीतिकानलीवर्स मिनिस्ट्री के इंडिन सेवा तोलिया प्रपोता
उपस्थित है
और बाकी आप सब से मिश्री सम्रद्ध है आप सबको नहीं कंठीमाला मिल गई है 3 दिन को नानी हाथ ऊपर करें नहीं कंठीमाला का माल मेरे हाथ पर करें 2 ऑफ यू इनिशिएशन एक्सपीरेंस रिसीव मेरी न्यू कठीमाला प्लीज भेजता है। हमारा वालिटि आपके पास आएंगे
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स्वागत
तो लोगों ने कहा कि जाना स औ so to side कहते है।
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संख्या 10 समचार अध्याय शिक्षा प्रचेताओं को ना का उद्देश्य की अनुवाद के धान प्रकशन करे सुसंस्कारी मनुष्य के 3 प्रकार के जन्म होते हैं। पहला जन्म शुद्ध माता पिता से होता है, जिसे वीर द्वारा जन्म अथवा शत्र कहते हैं। दूसरा जन्म गुरु से दीक्षा लेते समय होता है और यह सवित्र कहलाता है। तीसरा जन्म यातनेकाकहलाता है और यह भगवान विश्णु की पूजा का अवसर मिलने पर होता है। ऐसे जन्म लेने के अवसर प्राप्त होने पर भी यदि किसी को किसी देवता की भी आयु मिल जाए और वह वस्तु तथा भगवान की सेवा में रद्द न हो तो सब कुछ व्यर्थ हो जाता है। इसी प्रकार कर्म चाहे सांस्कारिक हो या अभि, यदि वे भगवान को प्रसन्न करने हेतु न हो तो वे व्यर्थ है। धन्यवाद। सो संस्कारी मनुष्य के 3 प्रकार के जन्म होते है। पहला जन्म शुद्ध माता पिता से होता है जिसे वीर द्वारा जन्म अथवा शौकत कहते हैं। दूसरा जन्म गुरु से दीक्षा लेते समय होता है और यह सावित्र कहलाता है। तीसरा जन्म यातवीकाकहलाता है और यह भगवान विष्णु की पूजा का अवसर मिलने पर होता है। ऐसे जन्म लेने के अवसर प्राप्त होने पर भी यदि किसी को इस देवता की भी आयु मिल जाए और वह वस्तु भगवान की सेवा में रद्द न हो तो सब कुछ व्यस्त हो जाता। इसी प्रकार कर्म चाहे सांसारिक हो या अध्यात्म, यदि वे भगवान को प्रसन्न करने हेतु न हो तो वे व्यस्त हैं। शीलोपभावकी
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और उन्हें जान का जो बुरधिमानहै जन पहले जन 5 है माता के बैंक वैसे कहा जाता है शोर और यह है निशी पर भी देना
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से जीवन प्राप्त करना और जीवन को त्याग ही ज्ञातक। e
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1 परीक्षा की कोई आपको है? क्यूंकि ने कहा है अपाभाजिसाकहैकि लेने से हमे पूरा ज्याहा विकास नाम के लक्षण में लिखा असली की हम का किसने के अब क्या है कि सजा भाना यह जान पढ़ोगे अच्छा दाम दोगे, अच्छा ना bunden हर खुशी है इन में ये गुरु पर पढ़ा है कि पापा ने 1 इसलिए कि जिसने भी सही पूरा दिन रात होता है, राम राम के राज जान होती है, यह फलपसापो गया अब सुनाई दे न सुनाई दे आप की या बहन है कुशाल जो गुजमान के तो शासन गया है मगर क्या है, क्या है सारा
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22 है तो क्या है, क्या है े और gas 10 से नहीं बचोगे तो होगा क्या है? शराबी हो
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सोचते है कि मेरे खास में सान है पाबजनेयरिस्थापित किया है ये इस से का जिस पर असर पड़ेगा, इसके आधार पर आप मार ै।
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तो हम पता है और किसी का क्या वश ही पूरी करती है। हम के अपराध करने से ही हम पर वे ा को आप किसी का नाम अगर आप से पूछा। आप लोग केवल
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हम पति है क्या हम परीक्षा और वो भी गाली नहीं, यह अपराध है और खास है ा नाम भवानी नाम जो जॉब कर के हम ही आपके लिए आपने पापा के घर पर म। हमारे आज के इस कार्यक्रम में बेटी है। गागर में 11 on
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बने कला, कैसे गए सबसे मैदबूनहै the जो दवाई जो है दवाई बी इस पल में कई बार सोे या तुम अपने स्थान से ये सब के दास दास का
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जब हम जारा प्रश्न पर इस बात फिर आगे नहीं बढ़ सके। दास बरला जलते हो या माने, उसे करने का था आप को ग yogini
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रे
हम सभ सर, हम लोग यहाँ उपस्थित, हमारे प्रिय पुर, महाराज, शिव, कृष्ण और महाराज जी के सम्मान करेंगे, प्रणाम करेंगे और महाराज के उपासित विग्रह ये भी है। उनसे खिलाती याचना आशीवाद रखना पड़ेंगे रासना करेंगे उसमें देख रहा हूँ कि ये धूप में आप लोग बैठे हैं। तो क्या करते है की राज बोले की आपको रास बनने के लिए तपस्या करना पड़ेगा। तसफपूरीरहेगे दोस् तो मैं ज्यादा समय नहीं लूंगा। महाराज की आज्ञा से मैं इतना ही कहना चाहूँगा कि आज ये विशेष में जब आया, पिशिवालहैरिक्ा समारोह विशेष, आप जितने भी आज चाहे प्रथम विख्या विख्या ले रहे हैं। आप लोगों के जीवन में ये 1 नया मोरि परिवर्तन है। ऐसे अनेक लोग अपने घर में रहते हैं जो सख्ती शुद्ध जीवन जीते हैं। इस प्रकार से आज नियम के पालन करते होंगे, भगवान का नाम जप करते होंगे, ऐसा कोई बात नहीं। लेकिन विख्याल में खासियत क्या है? आप हमारा जो तृष्णा ब्रह्मा, नारद ब्याज से जो परंपरा है, वह परिवार के अंतर्गत राज हो रहे हैं। अथराइजहुंगेहैकि नहीं बाकी बहुत बातों में से होंगे, जो सब 10 साथी भाव से जीते होंगे, सब कुछ करते होंगे। लेकिन जब तक ये लाइन में प्रामाणिक, परंपरा के प्रामाणिक परंपरा पलब्ध, उदाहरण देते लेटर लिखे। किसी देने के लिए इन में डाले, आर्टिस्ट लिखे, काम लगाए, पीनल लिखे, सबकी बनके आखिर रेड बॉक्स में डाल दे। तो कहीं भी लाल बॉक्स में डाल देने से जीत नहीं जाएगा। तो अथराईज सरकारी पिन कोर्ड लिखा हुआ जंक लगाहुआ लाल होना चाहिए, दल जाएगा। तो इस प्रकार जो प्रामाणिक प्राइस परंपरा से कृष्ण से लेकर असमा परजनकमयेजो लाइन आई है, प्रामाणिक इसी में करंट फ्लो हो रहा है, इसी से कनेक्ट होंगे। तो आपको भी तो इसलिए अगर कहीं सक परा जल नहीं होगा तो इस लाइन में सामाजिक परंपरा के अंतर्गत राशि। भगवान, आपको स्वीकार करेंगे कि आप लोग सब उनके परिवार के अंतरभुक्त हो गए, रिक्षा कार्य करे, आत्मसमर्पण सही कारे कृष् करे। आत्मा। अभी आप भगवान के परिवार के अंतर गुप्त होगे तो भगवान के परिवार से म, भगवान को गुरु परंपरा से उनकी सेवा करेंगे तो कृष्ण भी आप के प्यार करेंगे। आपके परिवार के सदस्य के ता अगर नहीं कर पाएंगे, किसी प्रकार से छोड़ देंगे। तो इसलिए आप सभी बहुत संख्या में यहाँ इस रूप में बैठे हैं। अब हम ज्यादा समय नहीं लेंगे यह आपके लिए जैसे महाराज ने बताया कि प्रथम जन्म, माता पिता से विसरा जलम जो गुरु की कृपा से विख्यात धान करते हैं, ये प्रतिज्ञा करते हैं आज से मैं, इस नियम से, इस प्रकार से आपके आदेश के अनुसार मैं जीवन को चलाऊंगा और आदेश तो दे सकते हैं ऑलेडीसकलमेंसब को पता है कि क्या क्या करना है। लेकिन आज अथराइशीप्रमाणिकरूप से परंपरा के अंतर्गत हो गए कृष्ण के परिवार के अंतर्गत होगे। तो इसलिए हम आप सभी को अपने कृष्ण के परिवार में आने के लिए विशेष से स्वागत करते हैं। आप सभी विध्यार्थी आज इतने बड़े वैष्णव समाज कृष्ण के परिवार के साथ जुड़ गए। हमारा परिवार भी हो रहा है हजारों संख्या में। आज हरे किश्तो में अभी ज्यादा समय न ले कर के आप लोगो का बैठ प्रार्थना करता हूँ जारी की जगा शुरू करेंगे तो ऊपर से अभी सामने में भी पाएगी तो आज के दिन कम से कम आपके जीवन में याद रहेगा कि 1 दिन भी हुआ था जो इतने सारे गुरु महाराज के सामने, भगवान के विग्रह के सामने, इतने सारे वषों के सामने और सूर्य भगवान की कपातेपरमेंऔरसामने आप के पभाव में बंदर के साथ अनदेखी हुई तो लाइक मलबूलेहो।
rebihinbma
अरे जन जन चला अरे का सौभाग्य है आप सब इस शिक्षा समारोह में और सबसे बड़ी बात है गुरु माना शिक्षा लिए है और बैठे हुए है तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि है और हमारे शास्त्र यह कहते है ₹1 ब्रह्मा
गुरु कुछ
ऐसे भटक रहे है पूरे संसार में अनंत मोदी जी है लेकिन बड़ी भारी शाली होते हैं वो लोग जिनको मुर की शर मिलती है गुरु का मिलता है और शिक्षा मिलती है। 1 प्रमाणिक परंपरा से जुड़ना बहुत बड़ी बात है कई संस्थाएं हैं, कई प्रकार के बात है लोगों के कई प्रकार के मालिक हैं लोग, लेकिन जो वास्तम में सिंसियर है, जो वास्तम में भर्ती आगे बढ़ना चाहते हैं, आज भी जीवन के करना चाहते हैं तो मोबाइल पर कृपा करते हैं और भेजते हैं और संस्था जो अद्भुत संस्था है और देखा जाए तो आज के समय में श्र में सबसे के माध्यम से ही हो रहा है इसमें तादाद में भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है जो मंदिर में लोगो की संख्या दर्शन के लिए दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। तो इस लिए हो हा है सुता जितनी सुद्धता वित्त बनाये रखेंगे दीक्षा को बनाये रखने के लिए और हम अपने उर महार के आगे का पालन करते रहेंगे तो फिर आप देखेंगे कि मतलब यहाँ पर तो वैसे ही पावर पने की जगह नहीं हो रही है और यहाँ तो लोगो का ताता बना रहे है। सुचिता वित्रता के आधार पर हम अपना अध्यातमिक जीवन बताए और माला के आगे का पालन करने का प्रयास करे और संस्था से भी जुड़े रहे। ये सबसे महत्वपूर्ण है कि हम उस संस्थान के लिए बहुत समर्पित रहे और जैसे लोग पानी ने हमें आदेश दिया है उनके ग्रंथों को पढ़ने के लिए पड़े विचार के नारे में लगे सेवा में व्यस्त रहे। और ये बहुत सबसे जरूरी। 1 और बात अभी आप सबसे प्राथना करना चाहेंगे की शिक्षा है उनसे रिक्वेस्ट यह है की आप कृपा करके मंदिर जरूर आये ते में अगर वो नहीं आ सकते हैं हफ्ते में कार्य कर और यहाँ भी कोई न कोई सेवा में जुड़ आप मंदिर से मंदिर की सेवा में जुड़े तो उससे क्या है की आपका धार्मिक जीवन जो है वो एकदम से बना रहेगा लेकिन मेंटेन करना बड़ा मुश्किल हो, जलन तो हो गया है लेकिन उसको बनाये रखने के लिए हमें क्या है बातों को समझे और जितना मतलब आयेंगे दादा बार दर्शन करेंगे देखी। 1 टोपाज स्थापित था पाातेहैऔरगोनता सीता राम पाल जी गुरु मार्ग द्वारा स्थापित है। ये विग्रह विशेष सुगर है आचार द्वारा स्थापित है। यह बहुत विशेष है और दर्शन करने से के सामने की कर करने से नगलरतकरनेसेउनकी विशेष कृपा मिलती है वो प्रभाव पड़ता है हमारी चेता में और उससे क्या है की हम लोग कहीं न कहीं भी प्रेरित होंगे। सेवा जितनी एनर्जी मिलेगी आपको यहाँ मंदिर आते वो आपको कहीं नहीं जाना, ठीक बात है कि सेंटर में जाना ठीक बात है। 1 मंदिर बाग की लबरारातारसाफी करेंगे, भक्तों का सर करेंगे और प्रचार के कारण सेवा में लगेंगे तो आप के लिए विशेष लाभ अरे
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राम से जाना शिला अनादी करम, फले पड़ी भवानमजलेआागुदुगी खाई, पार, सातरी, सातरी जाए सिंधु अंत नहीं पाए सिंधु अंत मिसाल बीमकनवनुजबेडाकि न का रोड के मोरी भा अनादिकाल से जीव इस संसार में कष्ट भोग रहा है। इस भवसागर में कभी दिखता है पर आ जाता है। और जब जीव आत्मा जो है उसे उस दुःख का एहसास होता है तो इसे बाहर निकालने के लिए जोर जोर से पुकारता है, हिलाता कातर कातर भाव से पुकारता है भगवान की भी मुझे यहां से बाहर निकालिए उस समय भगवान जो है वो जो जीवात्मा के पुकार को सुनते हैं उस जीवात्मा के कल्याण का मुझे होता है। अब तक भगवान जो है गुरु को भेजते हैं उसके पास तो ये बहुत बड़ी कृपा है भगवान की अनादि काल से अनादि क्रम पर अनादि काल से जो जीव भटक रहा है उसपर 1 ऐसा अवसर मिलता है कितना महत्वपूर्ण समय है इसको हमें महसूस करना है अनादी काल के बाद ही अवसर मिल रहा है मे प्रमाणिक गुरु प्राप्त हो रहे है भगवान की कृपा से और उसका पूरा लाभ उठाना है पैसे लाभ उठाना
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तो जो इंस्ट्रक्शन है उस इंस्ट्रक्शन को, उस आदेश को कितनी गंभीरता से हम अपने जीवन में धारण करते हैं। गुरु मुख्य पद मुवा चीते से चवलतासहमकश
समय बीता जा रहा क्या मै तो हमारे गुरु भाई और गुरु बहन से जो सोना माला जपकर एकादशी के 25 होना चाहते अब बैठे अपराध से बचने हैं अपना दिल सुनकर बनाये क्योंकि भक्ति
के लिए
बहुत ही आवश्यक है जब भक्ति मार्ग में आप आगे बढ़ते है तो माया भी उसी मजबूती से आपने अपनी ओर खिचने जाते है तक भक्ति स्टॉंग नहीं मौजूद रहेंगे तो गुरु महाराज जी के कृपा पर आस कहेंगे परपाजीकासीबार प्राप्त करते रहेंगे जो 4 दिन का पालन कौन है जितनी बार इस बात बहुत ही अच्छी खासी आप किस दिन भी है विजय कि पहन ने कहा स्टॉगलीआपलो टेस्ट लिया है तो उस केस
में आप पास सौ की आय है
तो वहीं ऐसा आप अपने जोन बनाये रखिये प्रवक्ता जी प्रसन्न हो गए और हमारे पूर्व मान जी प्रसन्न हो गए और जैसा कि जिला भोला मंदिर से भी जुड़े रहे इससे पहले स कार्यक्रम होता है जितने बार पस्त होते हैं उसे सब भाग भाग लेना चाहिए और दीक्षा के बाद भिक्षा देने का परशु परंपरा है तो 2 हफ्ते तक आप भीक्षा कर सकत और उसके बाद फिर आप अपने भिक्षा पूरना सकते हैं हरी जो आप परिक्षा इकट्ठा करेंगे तो जवान सीधा माय पहने जिस काम का बंध भी उसकी
विशाल 1 बहुत बड़ा जो है मतलब कंडीशन के लिए मंदिर के प्रांगण में हमे बाहर जाना होगा आप अपने अपने एरिया में कर सकते हैं मंदिर के दयारे में नहीं कर रहे यहाँ लेना आसान है धरासालेकिनयहाँ नहीं करेगा बाहर जाके मांगना पड़ेगा और मांगलिक बा जब आप इसको इकठ्ठा करे तो गुरु मारा किसे वापस देना है या तो आप अपने बेटे या काउसके माध्यम से या जमा कर सकते हैं लेकिन फिर आपको है भीषण है बाहर जाके मांगे यह ध्यान रखे
अब 1 हफ्ते के लेकर आपके काम चाहिए पूरा इसलिए।
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विश्राम
बहुत बहुत धन्यवाद इस सेवा के लिए प्रमुख इसके अलावा हमारे बीच भक्ति रजशनरादागौलवगासा महाराज का
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s masher hari krishna nbehapofsiraasati sitaram lcmnbansigonita in shiraprapaguru marg isomes gobatsrogusomy maharaj i would like to take all of you gotbratesandgot sisters and azediboltisoassemble here i would also like to take this opportunity to take all of you who have join this family to serve the mission of shilaprapan the mission of sitatonebprboand this army to preach kishraconsesmes all
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it is india priblcforming to be among all of you amonbodmaragwis have india formosan thirty years is and we have come sentrimeserving all the divoti and all of the visit, who have been coming pisistemtle and we having coming from all of the world i also like to take this opportunity to take on my god brospresenboxiss cohavbenbetogosr in assistant gurmarageinsorving shila bride and body copy to see all of you he who s in serving grumaraganditra to you that it is a great opportunity, it is india and of opportunity we have been there is gunmaratgrycos and we have seen his selfusandditermination to stop shilapapaandthe lord we zotin reservation piltegdyanotis the extream situation in what it is but he would not given and fighting is so that gromaragplease it is gerdigadydificult at suchen suche situation to be going on this pet what durmaraswason these commitment and these love was a lot he has so at despite the are just one plato, we are nothing in comparison to this friend and dedication and ditiinationiihals for everybody i was so happy to be living with him gorumara jis so personal and so caring for everybody that he would definitely go out of this way it definitely make sure that remission of the lord shilapaperistakan car this is a acovgrapritefor me all of his feher is amazing pricing the families incresing and all of us we can hender such and available service was a lot। because we are sitting in india very close to win daven in as semapur which is the apical of the world and the capital wevianispaishrotsis es which we have ding maragblesing very greese to like to take this opportunity to take a son of maharaj mon which to cishorginntm and all the debates wodeatodaespecialli short gutonarggodselectric feminity sending it we are serving the debate what i want to under nine to all of u is zesdivotieswor so commited and be so much s service we are all trying to follow in the pucepssatiomarag we are so fortunate lisak not avinsionprapau wet aval personality who are very much in bite in the instructions the dedidition and comitmenttosurv the lord, i will stop here, because i gernystat to see all of you citing is the sun and fortunately for me just for erysortwadalthewise in defnicinoomisituation thank you very much,
i
thank you narag for your won word for a morning start
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लगभग 1 घंटा लगेगा इसमे पूरा समारोह में बता रहे है और सभी ध्यानपूर्वक सभी समर्पित भाव से डाले अपने समीप जो आपके जो प्लेट्स है उसमे डाले और लास्ट में से भर जाए तो उसमे डाल सकते हमारा वॉलिंट आपके पास आएंगे ये दिन सामग्री समाप्त हो गई तो प्लीज हाथ ऊपर करें मगर मैं जो लेटिया
की ओर घूम जाइए
प्लीज वो कुंडा हरीशा चलो कम पादकी
सभी पुरोहित से प्रार्थना के भदरकेअतिकोप्रचलित करे स्
हरे होना तुनाहेबधna होलन कवर स धियम होलन विज का ही तो बुरे बुन्हमभगंतोभ्रवंतो हम पुन्य हम को धन्यवा ओम उसलालेधकुरेझमगयसी गंभभुतरसधलरसी विश्व संसद या दर्वदोदाधकुरे व मा बदा रिश्वदोनधकुरे स्वस्थ भवन हम स्वास्थय हम स्वास्थय हम स्वस्थ हम स्वस्थ नो 10 सब स्वस्थ गाव को चोरी खुलेगा स्वस्थ कारगर स्वस्थ ना ला। 2 ओ गरबा जिस दिन जोबंतोबरबनतों ओमृतकेदामउमृत के द ओ देख सोरगम सबया ब्रज नबंदगोधदप्यायत यश व रा बाम का अंतर ला ओम स् लो बिंद दिन बाद सुदेव विश् धातु और स्वस्थ संबंध तो वि वि रिसिकशोहरधत हर पसपिनाअंजनाजताहनद बढ़ादो स्वास्थ्य स्वास्थ्य समनबलायकेफ्रमहन देश सत्यनानंद धान सर्वेश्वर सरदहातो देव
का
भय बस्तों बस्तों देवस्
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म शान हम चचा रक्षा गिरभाहै
चारो चारों हमा
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हर कुस्कारेकुश्का किसका किसका हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे शा हरे भरे अभी जिस प्रकार की हम
बोलेंगे बहुत से आहुति देना है मुक्ति
के नहीं डालना है जो आगे है
जिनकी आहुति आ सकता है तो वो
आप तालियाँ जो पीछे है आपके पास
जरूर 2 पत्थर है तो सोहा बोलेंगे
पैले वाला पद से लेकर जिसे पता
में डालेगा और हम 20 20 में
आपकी आहुति अपने है मुक्ति की न
करे
बोलेंगे हम सबके पास ब्रह्मा परम का जो पेपर में सबसे नीचे गिर जाए और अपने पास करके रखे ना
भी
अभी कशिका होने वाले तो आप
सहा बोलने के बाद आप क्या कहेंगे
ईदमईदमकृशनाया दम ना मामा ये भगवान मेरे
अर्पण स्वीकार कीजिये इसके सा दूर कैसे
बाकी अंतर और सुन सकते हैं
ओम स स े जादू साथ विश्व गौ हत्या रशकनसानगोलामहकृश नाय भा
ओ
यस भोदयस्वभज्य उतलआसपसेसलायलले
ने
गा हथोजजहराभल जब होतारी बेदम देवी
पूरा
दैतरा
ओ
हो से तो
ले
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