Pushkar Dham Yatra (Evening Session) || Day - 2 || HH Gopal Krishna Goswami Maharaj || 2025

HH Gopal Krishna Goswami Maharaj's Pushkar Dham Yatra offers signed Srimad Bhagavatam copies with personal messages from senior swamis for the next seven hours. Donations made during the lunar eclipse carry special spiritual merit, and sponsors are listed by name as they pledge sets ranging from single copies to dozens.
Chapters
अगर माताओं ने निकाला है। बॉलीवुड प्रभुओं को तो निकालना जरूरी है निकालिए। मैं आगे से हट रहा हूँ लो जी, अब करो जी, स्कैन करिए, प्लीज स्कैन करिए और दान करिए। क्योंकि धन शुद्ध होता है जोर से, जोर से। हा जी दान करना चाहिए तन और मन को दे देते हैं। लेकिन धन देने थोड़ी मुश्किल होती है हम लोगों को, लेकिन हमें यह करना चाहिए। सो प्लीज कान डू गिव। donations on this very special ocasion। जो चीज मटीरियल इन ऑफिशिल्स होती है। स्पीच्ल बहुत ही ऑस्पिशियलस होती है। सुधाने बहुत अच्छा रहेगा अभी हमारे बीच में आने वाले हैं हिसहोलिनेजभक्ति आश्रय वैष्णव स्वामी महाराज ओके देखिये 1 बहुत विशेष मैसेज है अगर आज भद्र पूर्णिमा के अगर आप श्रीमद भागवतम लेते है तो उसको खुद his holiness गुरु प्रसाद महाराज अपने हाथों से साइन करके आशीर्वाद देंगे सो कौन कौन है जिसके बाद श्रीमद भागवतम की कॉपी नहीं है? कौन कौन है जो गरीब ब्रह्मचारियों के लिए स्पोंसर करना चाहेगा या कोई नीरी व्यक्ति के लिए करना चाहेगा? कौन कौन हैं श्रीमत भागत? पढता है रेगुलरली हर रोज विदाउट fal बिना इस्टाराम देखे हुए सब पढ़ते हैं जी है, अगर पास है श्रीमत भागत। आप फिर भी स्पांसर कर सकते हैं किसी और के लिए, किसी gasvenyugivkisna you get कृsnaअगरआपकृष्ण को बांटेंगे तो आपको कृष्ण मिलेंगे। तो इसलिए भतरपूर्णमाकेउत्सर पे स्वयं होलनेस गुरु प्रसाद महाराज। आप सब के लिए साइन करके आशीर्वाद देंगे आपको श्रीमद भागवतम की प्रति के ऊपर, तो उसके लिए आप हमसे कांटेक्ट कर सकते हैं to get कॉपी और श्रीमद भागवतम की जाए। पुराणे सच सर्वेश श्रीमद भागवतम परम सारे पुराणों में सर्वश्रेष्ठ है श्रीमद भागवतम। पुराणों पुराण, वास सारे वेदों को पूर्ण बनाते हैं। इसलिए वो है पुराण और उन पूर्ण बनाने वाले पुराणों में सर्वश्रेष्ठ है श्रीमद भागवतम। अगर भगवान सिंह के रूप में आयेंगे तो क्या कहलायेंगे व अच्छा भगवान कछुए के रूप मे आगे, तो क्या कहलायेंगे कूर्म। अच्छा भगवान मछली के रूप में आयेंगे तो मत से अवतार, अवतार, वेरी, नाइस, अच्छा, अगर भगवान ग्रंथ के रूप में आये। hand zor jama श्रीमद भागवतम ग्रंथ के रूप में आये हैं। भगवान तो भागवत में है 12 स्कंध पहले, 2 स्कंद भगवान के चरण, तीसरा, चौथा स्कंद भगवान की जंग है। पांचवा स्कंद भगवान का उधर, छटा सद भगवान की छाती, सातवां, आठवां स्कंद भगवान की बुझाएं, नौवां, स्कंद भगवान का गला, दशम भगवान का सुंदर, चेहरा, उसपे रास, पंच, तिहाई भगवान की सुन्दर, मुस्कान, ग्यारहवां स्कंद भगवान का ललाट और बारहवां स्कंद भगवान के सिर पर वृंदावन के फ्लावर्स की पगड़ी साक्षात। 12 स्कंद है भगवान श्री कृष्ण हरिबोल सादी शास्त्र बताते हैं, पुराण सिखाते हैं, दोस्त की तरह, वे सिखाते हैं, पिता जी की तरह, उपनिषत सिखाते हैं। 1 टीचर की तरह, इतिहास यानि रामायण महाभारत सिखाते हैं, प्रेमिका की तरह। और शिमर भागम सिखाता है इन सब की तरह। यानी कि अगर भाग आपके जीवन में है। तालियां सीमा भाग दम के लिए। यस इसका अगर आपके जीवन, श्रीम भागत है। न आपको प्रेमिका की आवश्यकता है, न दोस्त की आवश्यकता है, न पिता की। आवश्कता है। शिक्षा की वश्यकता आवश्यकता है क्यूंकि? सब के सब टुगेदर 1 रूप में है। और वो है। और वो है श्रीमद भागवतम के रूप में। तो इतना कम्प्लीट हैं श्रीमद भागवतम। अगर पूरा वृक्ष है तो इसमें 335 ब्रांचेज हैं, 335 ब्रांचेस बोले तो 335 अध्याय हैं श्रीमद भागवतम के अंदर। साथ ही इसमें 18 हजार पत्तियाँ भी हैं। वो अठारपतियांक्या है, श्लोक हैं इसके। तो ये कल्पवृक्ष है श्रीमद भागवतम। तो प्लीज अपने घर में, श्रीमद भागवतम को रखिये भी और इसको रेगुलरली पढिए भी। हमारे सारे शास्त्र जल के राख हो जाए। सिर्फ श्रीमत भागवतम बच जाए तो मानो कुछ नहीं, खोया सब है सारे शास्त्र जल जाए।
तो
बोला कि अगर सारे शास्त्र डूब जाएं, पानी में, कभी ऐसा हो जाए। लेकिन श्रीमद भागवतम बच गया, इसका मतलब कुछ नहीं खोया। सब है श्रीमद भागवतम है। तो सब है यस। और विशेष रूप से प्रहुपाजीकेभक्तिविदान तातपरेकेसाथजोभागतम आ जाता है। तो फिर ये और भी अधिक विशेष हो जाता है। जैसे भाग है। लेकिन जब स्वामी ने चख लिया उसको तो और टेस्टी हो गया। शुक द्रव्य से रस रस का आले हैं श्रीमद भागवतम। भोजनालय में क्या मिलता है, भोजन, हिमालय में हिम मिलती है, विद्यालय में विद्या, तो राय में क्या मिलेगा रस, साक्षात रस स्वरूप है श्रीमद भागवतम। तो इसलिए प्लीज श्रीमद भागवतम जो रस क लय है, इसको अपने घर में अवश्य लेकर आइए और साथ ही पढ़िए अगर आप भाग को छूते है। that mens o a a a t to be his holes bktisrewesnwsami maharaj maharaj is inspiron for all of us। महाराज कितने ही भक्त प्रेरणा दे रहे हैं, हरी कथा का पान करा रहे हैं भक्तों को। और महाराज जब कथा करते हैं तो साक्षात गीला आँखों के समक्ष हो जाती है। हरे कृष्ण, हरे कृष्ण भक्त आश्रय वैष्णव स्वमहाराज की जाय, हरी हरी राम, हरी
राम दाम
रस्ता देते रास्ता रास्ता रास्ता रस्ता बनाइए भगत लोग माताएं थोड़ा पीछे हो जाइए, प्रभु लोग थोड़े पीछे हो जाइए।
हर कृषना हर करना रता रस्ता रस्ता कृषणा रामा रामा अरजहozरa। hrsnाहरहहरहररारम kusnahrksnaknsnahar raररहरगा devhryhrksnahkrsnा कृषण hrramahreramaraare krsna ksnakisnaharhara hare rama hare rama
log ग
ja cpahreramsnkertn ki jai his holes भक्ति
आश्रय विश्व स्वा महाराज की जाय सो महाराज हमारी यात्राओं का बहुत ही सुंदर cohen is to go go सो महाराज है महाराज is very ear to his ने महाराज और महाराज के अगले शिक्षों में से 1 है। और कितनी बार गोपाल कृष्ण सायरा ने कहा है। क्योंकि अब भक्ति शव्यशमाराने इतनी रेस्पोंसिब्लिटी ले ली है। 10 वाय आई हैव बिकम एंगजाइटी फ्री सो महाराज नाइनटीन टी फोर five में स्कोनबंदावनमे ज्वाइन किए थे और 2013 में महाराज का सन्यास भी हुआ। by his holes gopal krishna goswami maharaj महाराज अपनी हरी कथा के द्वारा कितने ही भक्तों की भक्ति को आश्रय दे रहे हैं। सो महाराज के पति बहुत ऋणी है। महाराज के मार्गदर्शन में कई डीबूटीजआगेबढ़रहे हैं, महाराज हैज बीन शिक्षा गुरु फ्रॉमनी डिकेट रीसेंटली तो महाराज अब शिक्षा गुरु के साथ साथ दीक्षा गुरु की सेवा भी कर रहे हैं। divots सो थूजास्टिककोंकि महाराज इतने पर्सनल है, इतने इतने फादर ली है, इतने लविंग हैं, इतने केयरिंग हैं और इतने डिटैच है my god द सेम टाइम वित सो मच ऑफ लव। जो व्यक्ति डी टेस्ट है, ऐसा व्यक्ति ही प्रेम कर सकता है। भक्तों के साथ और महाराज के साथ, ये भाव नजर आता है। और महाराज ने देखा महाराज एकदम aबसoलूटलynoego at all रू सन्यासी mens zero ego और वो उसके प्रति मूर्ति हैं। हिस होलनेस भक्ति आश्रय वैश्णव स्वामी महाराज। महाराज ने वृंदावन में रह करके 40 साल भक्ति की है और आज वो ब्रजवासी ही हैं। वास्तव में देखा जाए तो तो 1 ब्रजवासी वो होते हैं जो ब्रज में जाकर वास करते हैं। रहते तो वो दिल्ली में अब वो हो गए। ब्रज में कुछ ऐसे हैं जो ब्रज में पैदा हुए हैं, वह आ गए दिल्ली में। दोनों को बोलते हैं जवासी। लेकिन सबसे हाईयस्ट क्वालिटी ब्रजवासी वो हैं जिनका हृदय साक्षात ब्रज है। और ऐसे ही ब्रजवासी हैं हिज होलीनेस भक्ति आश्रय वैश्नव स्वामी महाराज सो महाराज आज देश विदेश में ट्रैवल कर रहे हैं। चाहे अमेरिका हो, ऑस्ट्रेलिया हो, रशिया हो, महाराज ट्रैवलिंग ऑल। एक्रॉस द ग्लोब तो जिनकी हरदम ब्रज होता है। वो जहाँ जाएंगे थान क्या बनाएंगे, वो ब्रज ही बनायेंगे। वास्तव में सो इसलिए ये महाराज की बड़ी वेषणा है। और महाराज जब भी हम कथा सुनते हैं, आप में से किस किस को अनुभव है कि महाराज लीला जो है पूरे चेतना पे उसको प्रकट कर देते हैं। यस। तो ये तभी संभव है। जिनके ह्रदय में लीलाएं हों वहीं आगे लीलाओं को प्रकट करा सकते हैं। और वो शक्ति है हिस होलनेस भक्ति आश्रय वैश्नव स्वामी महाराज मैं तो अभी बड़ी विशेष लीला महाराज हमको बताने वाले हैं। ब्रह्म विमोहन लीला ब्रह्मा जी के धाम में आये हैं। तो भी यह लीला तो सुननी बनती ही है। एंड हो अदर, दैन, हिस होल्नेस भक्ति आश्रर्य वेशन महाराज कै is pासटइमeइसरजग्रेड डीटेल अभी। यहां पर 2 घंटा मूवी चलने वाली है। स्क्रीन होगी आपका, ह्रदय और महाराज वो। वहां पर ये ब्रह्म युमोहन लीला की लीला को प्रकट करने वाले हैं। सो सब तैयार है जी हरिबोल हमारे योजना कृष्ण प्रिय प्रभु और राम धुर पधार चुके हैं। इनका भी हार्दिक स्वागत हरि वो इतना मरा हुआ हरी बोल करते हैं लोग राम बदर आ चुके हैं और कृष्ण प्रिय भी आ चुके हैं। वह क्या बात है, पूरी ताकत है। साथ ही श्री राम पुरी से रिक्वेस्ट कर। प्रभु जी अगर बैठना चाहे तो प्रबु जी वहीं बैठे शीरा देना चाहते हैं। हम को श्रीधाम prbुjikeji सो राजचंद। प्रभु जी के ब्रदर है ही इस डोनटगअश्विनशहमा और वो क्या कर रहे हैं, दान कर रहे हैं श्रीमत भाग किन को श्रीमद भागवतम। आप भी दान कर सकते है। शुरुआत हो चुकी है हरी बोल श्रीमद भागवतम की जाए धन्यवाद आपके दान करने के लिए। o श्रीमद भागवतम की जाए, हिज होलनेस भक्ति, आश्रय वैश् सायमा राजी की जाय सो सब बहुत ध्यान से सुनिएगा। बीच में अगर आपने मोबाइल उठाया कुछ और चेक करने के लिए तो आपके जीवन में इतनी मनुष्यत आएगी सेवाएं, पेन और पेपर के अलावा कुछ नहीं खोलना। बीच में मोबाइल खोलना नहीं। अगर जो डॉक्टर है, वो मरे हुए मरीज से 24 गाली खाने के लिए उठा सकते हैं। अदरवाइज किसी को फोन उठाने का नहीं है, न कुछ चेक करने का, न इंस्टाग्राम यू ट्यूब, न वाट्सएप कुछ नहीं। हमारे बिना दुनिया चलेगी चलेगी चलेगी। कबरिस्तान लोग लेते हुए, उनकी बिना दुनिया नहीं चलेगी। लेकिन चल रही है, सर है तो क्या हमारे बिना दुनिया चलेगी चलेगी? इसलिए खबरदार जो किसने फोन निकाला। बीच में इतनी मनूसियत आएगी, आपके जीवन में खबरदार, इसलिए उसको साइलेंड करके जेब में रख देना। टी पैन कॉपी कौन कौन ले के आये, पैन कॉपी कौन लेकर आया, जो नहीं लेकर आया। खरीदे, पैन कॉपी क्लास में आये तो हमेशा पैन और कॉपी के साथ आये कितने साक्शातकार महाराज हमें बताएंगे और वो हमारा निकल जाएगा, क्योंकि हम शुतिधर नहीं है। सो कृपा करके पैन कॉपी अवश्य लेकर के आये, प्रयास जो नहीं लेकर आये, कृपा करके ध्यान से सुने। अगर नोट बनाने फ़ोन में नोट बनाने के लिए phone खोलना loud whatsapp ko to mnusitkulजage tek है। so stay very very attentive in this haryktamtmhisoles bktistresnlsmrg ki ja
हरे कृष्ण पीछे तक सुनाई पड़ रहा है न। ठीक से। तो इस पुष्कर तीर्थक जो यात्रा है और वो यात्रा भी। हमारे आदरणीय परम पूज्य गुरु महाराज की स्मृति में, उनके वार्षिक यात्रा के दौरान हमले पुष्कर तीर्थ में एकत्रित हुए हैं। और बी भगवान की विशेष कृपा से। आज यह अमृत जोग है। आज संदरग्रहणबी है तो प्रसाद है, नहीं तो बैठे रहो ग्रहण बला तिर्थ में ये और अधिक सौभाग्य प्रद है, क्योंकि ये क्षेत्र से ब्रह्माजी के क्षेत्र है। इस ब्रह्मांड में सबसे उच्चतम पोस्ट और पोजीशन शिवाजी के परमष्टि बैठते भी सबसे उच्च लोक में, सत्य लोक में और
सर्वोपरी
उनके पोजिशन है, सर्वोपरी है और केवल सर्वपरी नहीं। आप 2 दिन से सुनते आ रहे हैं और जानते भी हैं। हम जिस सम्प्रदाय में भजन कर रहे हैं, जिनके माध्यम से कृष्ण के बारे में जानते हैं, कृष्ण के पास उनके धाम के अंतर्भुक्त होना चाहते हैं, वो श्री बह्माजी के ही परिवार के अंतर्गत, ब्रह्म सम्प्रदाय के अंतर्गत है। हमारे मूल आचार्य है आदि आचार्य हैं तो किसी ने मुझे बोला ब्रह्माजी के क्षेत्र में वो हमारे आदि आचार्य उनको मोहित वो कैसे मोहित हो सकते हैं। लेकिन मोहित अगर हैं तो किससे मोहित हुए, यह तो बड़ी सम्मान की बात है। आप लोग को पता है कि नहीं। भगवान शंकर जब अमृत मंथन हुआ, सारे देवता, सारे असुर है। कंबाइंड प्रोजेक्ट मिलितयउद्यमथा दोनो मिल कर के गए अमृत के लोभ से। लेकिन शंकरजी भाग नहीं लिए। देवता लोक ने बोले सर आप नहीं आ रहे हैं, पर अमृत नहीं मिलेगा। शंकरजी बोले मुझे जाइए नहीं लिकुड, अमृत देने पर नहीं लूंगा गए। नहीं। और अमृत को बाकी सारे समोसे देवी, देवता और दानव मिले थे। अमृत मंथन किए थे। अमृत का जागा। पर पहले क्या निकाला, जब 20 निकला दोनों से अब क्या करेंगे। अब अनेक विपदाएं आई थी। उसके पहले अमृत मंथन में। लेकिन सारे विपद से भगवान हेल्प करते थे। लेकिन ज 20 निकला, भगवान ने हाथ उठा दिए। बोले मर जाएंगे। भगवान बोले देखो, कौन नहीं आया न? शंकरजी नहीं बोले उनके पास जाओ और कुछ करेंगे तो भगवान उनके साथ में गये। समुझसेदेवदानव, प्रजापति आदि भगवान के साथ शंकर जी के वहाँ पहुँचे और बहुत रिक्वेस्ट कि प्लीज हेल्प बस से, बस, प्लीज सेव, मी, प्लीज से से बस संकर क्या हो गया। सभी इकट्ठा हो कर के सार भी साथ में आए हैं। क्या बात है? कैसी हेल्प करूँ, सर कृपा करके 20 पी जाइए। यही मदद की सोचिए आप किसको जाकर। बहुत गिड़गिड़ायेंगे मदद कर, 2 मदद कर, 2 क्या मदद करूँ, विष पी जाइए। कह सकते हैं। खुद को शर्म लगना चाहिए था कैसे? लेकिन बेशर्म स्वार्थ के लिए, बेशरम होने के लिए विष है। शंकर जी बोले अच्छा ये काम है तो। शंकर जी बोले बोले कोई बात नहीं, देखिये, मैं गृहस्थ हूँ, मेरी धर्म पत्नी हैं, उनको कुछ करे और सोचे मैडम थोड़ी बोलेंगे कि जा के विश्व हताश हो गए। आकर। भगवान बोले आप बोले तो उनके बस वो तो बोलते हैं कि मैडम को पूछेंगे। तब वो थोड़ी न बोलेंगे तो हताश हो गई। तो होगा नहीं। मर जायेंगे। वेट करो तो करो। थोड़ी देर में देवी पार्वती आई। इतने लोगों को देख लोग बिक हो, आप क्या कर रहे हैं? स्वामी बोले मुझे बोल रहे है 20, तो अभी तक क्यों नहीं किया। आपने इतने जी जान से रो रहे हैं। गडगड़ारहेहैआपको 20 पान तो बी पी जाना चाहिए था। बस जितने समुच इकट्ठे हुए थे। बोले यह कैसे उनकी पत्नी है जो पति की बोलता अभी तक 20 क्यों नहीं पिए। ऐसा कभी हो सकता है। बोले क्यों? क्योंकि वो जानती थी कि उनके पति के प्रभाव 20 क्या बिगाड़ेगा, उनका
20
उनको कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वो जानते थे क्यों? क्योंकि ये तो अमृत भी पी रहे हैं। अजर अमर होने के लिए ये लिकुड अमृत पी कर के क्या होंगे? शंकर भगवान तो हमेशा नाम मृत पी रहे हैं। हरि नाम के अमृत जो पी रहे हैं तो उनके लिए 20 क्या। अमृत का को इनको उनकी पत्नी पार्वती जानती थी। इसलिए बोला कि आपको क्या? तो शंकर जी गए। तो जब शंकर जी को इतने सम्मान सारे देवता और दानवों के बीच में भगवान के सामने इतने सम्मानित सभी ने क्वेस्ट के शंकर जी बचाए जो शंकर जी की लगा क्योंकि परम वैष्णव है, वैष्णव कभी अपने सम्मान को चाहते नहीं, हमेशा वो चाहते हैं सम्मानम गोरगरणमनिचापमानम सुधा। यह हमारे वैष्णवाचार्य ने लिखा कि भगवान के करीब होने के लिए जो गुण हैं, इसमें से 1 गुण हैं सम्मान घोर गरम, जो सम्मान है, घोर गरण, मतलब 20 घोर परिजन की तरह मानना चाहिए, नीच, अपमान अमृत की तरह मानना चाहिए। तब भगवान के नजदीक हो सकता है। ये गुण स्वभाव होना चाहिए। शंकर जी परम गुण है। तो बोले मुझे इतने सभी के सामने जीत को इतने सम्मानित तो मुझे क्यों किए? चलो हेल्प करने के लिए 20 तो पी जा। सम्मान को मैं डायजेशन तो न मौका ढूंढ रहे थे। क्योंकि जब इस प्रकार जितने गण थे, और सब बोले देखा, हमारे बस के पास, ठाकुर के पास आना पड़ा कुछ नहीं चलेगा। और शंकर जी को भी पसंद नहीं हुआ कि मुझे सब प्रशंसा कर रहे हैं। पर नहीं हुआ। तो इसी कारण से उन्होंने जान बूझ कर। अमृत मंथन भाग ने लिए थे, जो अंतिम में अमृत प्रकट हुआ। और असुरों ने छीन लिए। दानवों ने छीन लिए। भगवान धन मंत्री के हाथ से कलश ले लिए, उठा कर के पहले छीन लिए। उसे काम में एक्सपर्टीज है उनका छीन के ले कर के पीने के लिए। और जब वो छीन लिए। बेचारे देवता, मेहनत तो किए थे, अंत तक रो पड़े भगवान थे। आकर रोये बोले, आप फंसा दिए। हमको ये देखिये, छीन लिए। तो मेहनत से बेकार होगा। बहुत रोए। भगवान बोले चुप करो यार अमृत मिलेगा आपको, आपको मिलेगा कैसे। मिलेगा बटल उठा ले। वो लोग बटल उठा लिए, लेकिन पी नहीं सकते। यह भगवान की इच्छा बिना आप पीने के लिए, पानी बटल, हाथ में ले लें, खोल ले, मुँह में लगा लें, लेकिन पी नहीं सकते। इसी के लिए लोक में कहावत है? दाने दाने में लिखा है, प्रिंट आउट है। हर दाने पर जो आपका नाम लिखा नहीं है, अगर ले लिए, उल्टी करना पड़ेगा। आप रजिस्टर नहीं कर सकते, वो आपका हिस्सा में नहीं, इतने परफेक्ट मैनेजमेंट भगवान का है। इतनी परफेक्ट। तो शंकर जी चाह रहे थे। बोले तो इतने जो मोहिनी मूर्ति प्रकट हुई देवताओं को बोला। मोहिनी मूर्ति प्रकट होकर आप सब जानते है। मैं डीटेल नहीं जाना चाहा। कैसे फंसा करके उनका अमृत लाकर प। जो हुआ शंकर जी को पता चला। मृत देव, ताली बोले, जो कोई पी। लेकिन मोहिनी मूर्ति प्रकट हुए थे। बोले ये अवतार नहीं हो। बता मैं सब देखा हूं, लेकिन उनको नहीं देखा हूँ। मोहिनी मूर्ति को देखने के लिए। शंकर जी अलग से गए, बोले इसको मिस किया, मैं देखता हूँ। अब बताओ मोहिन ता को देखने के लिए मैडम को साथ में ले गए, पार्वती साथ गए, कोल पार्वती नहीं थे, पूरे स्टाफ गए थे, साथ में, पूरी यात्रा लेकर गए थे। भगवान के पास पहुचे रिक्वेस्ट कि भगवान बोले। तो 1 असुरों को मोहिनी मोहित करने के क्या था। आपके देवी हैं, साथ में। आप कोई बात नहीं, आप जानते हैं। मैं थोड़ा बहुत रिक्वेस्ट कि भगवान मना कर रहे थे। बोले इसमें क्या मतलब है? आपको, यह आपके लिए है नहीं। लेकिन जो 12 बार रिक्वेस्ट कि भगवान अंतरजामी समझ पाये कि शंकर जी क्यों रिक्वेस्ट कर रहे हैं। और महिने रुक देखना नहीं चाहते थे। मुहिलरुदखाकरके आपने को प्रमाणित करना चाहते हैं कि यह मेरे बस है। मैं बस नहीं हूँ। आप लोग जो मुझे इतना सम्मान पुजा कर रहे थे, मैं उसी के लायक नहीं हूँ। ये चुकाने के लिए, ये स्टेप लिए। और फिर भगवान समझ है। अच्छा, अच्छा, अच्छा स। आप जानते हैं। फिर क्या हुआ? भगवान ने जो महीन रुप धारण किए, संकर जी भूल गए। पीछे भागे जो हुआ और उसी रास्ता पर भागे जहाँ पर शिव जी का कॉलोनी था उनके भक्तों का ये कैसे देख लो। यही है वास्तविक। हम अगर अपना सम्मान चाहते हैं तो केवल हाथ धो कर के भगवान के गुणगान उनका सम्मान करना चाहिए तभी हमारा कुछ मान रहेगा, इज्जत रहेगा यह भगवान के भक्त को जानते हैं। तो इसलिए शिव जी ने उन्हीं को ही प्रभु को प्रभु के स्थान पर रहना चाहिए। तो सभी के सामने प्रमाणित कर दिए हैं। मेरे पास आये सब गलत लेकिन वास्तविकता देख लो कौन है क्या? तो प्रमाणित। ठीक इसी के लिए ब्रह्मा जी पूरे ब्रह्माण्ड के प्रधान है पर मिष्टी है और भगवान के पुत्र हैं। भगवान उनको पढ़ा है, भगवान उनको बोले थे। आप सेकेंड कांटों में देखिये जब उनको चतुश्लोकी भागवत ने पहले भगवान को प्रति दिन ब्रह्माजी के 1 दिन 1000 चतुर जुग होता है दिन 12 घंटा रात भी इतना होता है तो सुबह उठ कर के उनको फिर तपस्या करना पड़ता है और फिर जज करना पड़ता है फिर सब सुष्टि की शुरुआत कर कल कल पे सुझाव में है तो इस समय में ब्रह्मा जी प्रार्थना करते हैं आप शायद सेकेंड कांटों के नौवां अध्याय के जो श्लोक संख्या 30, 30 में ही ब्रह्मा जी कहते है प्रभु आप मुझे प्रेरित करते हैं, सब समान देते हैं, मै सुष्टि करूँ सुष्टि करते है। मेरा अंदर घमंड तो न आ जाए क्या? m di मैं घमंड में फंसना नहीं चाहता, मैं ही करता हूँ यह नहीं आना चाहिए मैं इसलिए डरता हूँ। तो भगवान बोले मैं कृपा करता मदनुग्रजाबानहमजथाभाव जदरूप गुण कर्म का जो मैं हूं जो कुछ हैं अस्तुतेमदनुग्रहत मेरे अनुग्रह से ये तुझे सुख प्राप्त हो जाएगा। और जो डर रहा है कि मेरे अनुग्रह है फिर डरने का क्या है? तो भगवत अनुग्रह के पात्र हे ब्रह्मा जी जिनको भगवान ने स्वयं अनुग्रह की इतने शुभ के विमोहित होने का प्रश्न
उठ
और हम जिनके इतने बड़े बड़े महान आचार्य उनके जो मूल प्रतिनिधि हैं आदि गुरु हैं। प्रवर्तन आचार्य ओ कैसे मोहित है, सचमुच मोहित नहीं है, मोहित होने का रोल किए गर्भित हैं। यस मेरे पिता श्री 1 मात्र अनंत कोटि ब्रह्मनाथ जो मेरे पुज्य, मेरे नमस्ते मेरे उनके सामने अगर मैं मोहित हो जाऊँ। यही मेरा गौरव है। इसलिए हम लोग सब शुड फील प्राउड दैट हमारे प्रजापति, हमारे आचार्य भी श्री भगवान के सामने ड्रामा में जाकर रोल किए, भगवान उनको चुने पर दिस रोल बोले ये रोल के लिए लाइक केवल यही हो सकता है जिनके मेरे ऊपर इतने भेद थे, जो मेरा अपना हो। तो इसलिए इसे जो अच्छे रोल करने वाले है उनको विलियन रोल दिया जाता है, अडिनरकेविलनलोगनहीं देते है कि नहीं तो महज विलयन तब भगवान के पूरे विश्वास पात्र है। तो इसलिए इन प्रकार के लिला दिया गया और इससे हमें सीखना चाहिए। जब हमारे आदि चल भंगन तो हमको भगवान के प्रति भगवत्ता, बुद्धि और पर बढ़ना चाहिए। ब्रह्माजी जो विमोहित होकर जो प्रार्थना किए इतना लम्बा ब्रह्म स्तुति से यही प्रकट होता स्तुति करने के लिए ही हुए थे। नहीं तो कैसे करेंगे? भगवान की जस गान करने का कारण
था
तो इसलिए मन में मत सोचिए कि ब्रह्मा कैसे मुहित थे। यह तो गर्व की बात है। भगवान के सामने छोटा होना छोटा नहीं, बड़ा है। भगवान के सामने हो जाना, उनके लीला में भाग लेना, यह साधारण बात नहीं। और ये गर्व की बात है कि हमारे प्रधान आचार्य श्री भगवान के ऐसे ब्रज लीला में इतनी बड़ी रोल ली, जो भागवत में इतनी बड़ी विमोहन लीला। परिस्थिति ओके मुझे हमारे संगीतकार बोले कि 1 वचन भजन बोलने के लिए
तो
उनके आदेश से मैं बोलता हूँ मानस दह ह जो किछु मोरा सा डिस्प्ले लोक कर रहा है ओके सो ओके फिर आपने टॉपिक पर जायंगे
मान सदेह गहा जो की छुमोरामाना आप
पद
शोरा शोमश जकसमपादलीपदेजीने गया पद बराह mansहजहजोकीचहोरा marobiracobjतहरर cायोदासौप्रोतीतूया धी का र ा जो हो
जन्म, ओबी
छाजादितोजमाह भागता है, जाने जन्म है मोर भाता सब ह जो छूकीटाजान महा जथतूदाशाबहीमोखा ब्रा हा जन्म ना ही आशा बहेगा जो की छ
भूपी मोती
श्री हा बहिना संग अनुरत हा हा मोर जना का जनानी, दाई का तना, कज का जना, क जनानी दाई त तना या जन जनायदहताकनाया प्रभु गुरु पाती तुम सब पर जो छू कहे सुना का राधा न तू हो हमारा पुराना राधा।
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हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्ण
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हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे कृ कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे कृष्णा हरे कृष्ण कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ष्ण
हरे
हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे राम हरी हरी हरी बोल हरी
शील प्रभुपाद की संवेtभkतबरnदki ब्रज में भगवान कृष्ण जब अपने अत्यंत मधुरात मधुर बाल लीलाएं कर रहे थे, तो इन बाल लीलाओं को देखने के लिए केवल हम लोग तो सुनी ही भी बन ही पाते। ढग से देखने के लिए। अंतरिक्ष से देवगण, निचे से, निचले, लोक सेवी सारे लोग आ कर के आस्वादन करना चाहते देखना चाहते थे। 1 असुर था, कंस का, उनके ऊपर बड़ा भरोसा था। और असुर का बनावटी उनका इनगरिडियंटसल्टथा पाप था। अघासुर शब्द पाप है। वह असुर का जो इनगिडियंट था, उसका मेनिफेक्चर पाप से ही बना था। पापा सुर अघासुर। तो उन्होंने बोला कि आप कम से इतने हडबडेमैंहुलसिल में खा लूंगा। सारे कृष्ण बलराम भी रहेंगे। और सारे बछड़े पर इतनी थाही। बिशाडदेविता डरते थे उनको गा सु। लेकिन क्योंकि अघासुर सर्प था, भगवान की लीला में, सर पर जब भाग लेता
है
सर्पों का एचओडी बड़ा रामजी। अनंत। तो जब उनको पता चलता है, फिर वो मेसेज भेजते हैं। साब प्लीज आपके सामने आप, उस दाद के सामने हमारा क्या चले? तो प्लीज आप न आना। तो हम रोल ठीक से कर पाएंगे। नहीं तो फिर रेला होगा ही नहीं। तो इसलिए जब जब सर के साथ भगवान के लीला होते हैं, संकरण कुछ बहाना करके नहीं जाते। काली में भी नहीं गए। अगासरविचरामैसेज भेजा था, तो गए नहीं, भगवान राम नहीं गए। तो कृष्ण और बाकी सखा बछड़ा लेकर चले गए। और अभी हमारा जो गुरुकुल है अजी ग्राम वही अघासुर प्लेस था, ब्रज में लेट गया और ऐसे मुंह को फैला दिया। ब्रज के भगवान के सखागण भी वह बोले कि ये तो नया हाई रोड बना है। एक्सप्रेस एक्सप्रेस हुए है, उनके दांत बोले लाइट पुष्ट है। बिल्कुल ब्रांड ने रोड है। ऐसी समझ कर बोले कौन सा ऐसा रोड बनाता चले गए। पुलिस। अब जो हुआ भगवान न समझे क्या करे भगवान गए। अब जानते हैं अघासुर के अघासुर हुआ तो देवताओं तो पार्टी के क्यूंकि बिलीव नहीं कर। मरेगा ऐसा जो पार्टी की खूब नाचे गाये। ब्रह्मा जी अपने ऑफिस में बीज थे, उनको इतने साउंड आये यहाँ तक हम लोग तक साउंड गया। हम लोग तो यहाँ हरी बोल करते हैं। बोलना पड़ता है क्या फास्टिंग है क्या आज। लेकिन यहाँ तक साउंड गया। ब्रह्माजी पूछे वर्स गोइंग तो उनका सिक्यूरिटी बोला सर नीचे से आ रहा है को पार्टी हो रहा है। पता लगा। ब्रह्मा जी के तो वाले पता लगा कि अघासुर अघासुर मर गया।
कौन?
अघासुर बंद किया जी तुरंत है। हाई स्पीड आये। नीचे नीचे आ रहे थे। देवता लोग जा रहे थे क्या बात है न सर शो आप सो आप हो चुका हो, हर ले हम सब देख कर तो गए न। अरे मैं इतनी दूर से आया देख वो तो गए स्टेज से निकल गये।
वो लोग
सो ब्रह्मा जी बोले यहाँ तक आया तो कुछ तो देखो देखे। तो घासुरकोमारकरे। भगवान ने ब्रेक फास्ट करने के लिए निकल गए। भगवान को इसे व्यवस्था होता था। कंस असुर भेजता था भगवान को असुर मारने के लिए डरने असुर आ कर के उनको ऑपेटाइजऑपेटाइजर बनते थे। आर लाइक एपिटाइजर 1 लंच से पहले 1 ब्रेक फास्ट से पहले हो। तो ये सुर ब्रेकफस्ट आपेटाजरथाऑपिटाजर था। तो उसको मारने के बाद कृष्ण ने अपने सर शखाओं को जीवित करके बोले चलो चलते हैं, लेट हो रहा है। तो वहाँ से जमुना किनारे आ गए आजकल सना जमुना के दसा। लेकिन 5000 साल पहले इतने सुन्दर कहीं डाम ने था नहीं, नदी बंध चोदना था ही नहीं। पूरा जमुनोत्री से और इलाहाबाद में जाना कम है। प्रयागराज तक जमुनाजी का स्वच्छ कालिंदी बिल्कुल, श्याम रूप स्वच्छ जल प्रभावित होता था। इतने निर्मल जल वृंदावन में तकनकी भगवत संग पाने के लिए। जमुना जी पुरे अपने आप को वहां विकसित करके रखे थे पूर्ण विकसित जमुनाजी वृंदावन में और उनके पुलिन में पुलिन मतलब उनके 2 धार में। भगवान की तो वृंदावन था इतने पेड़ पौधे घना हमेशा हर सीजन में फल और फुल भरा रहता था। और जमुना जी के जो जल के पास में जो रेत होता बालू से करपुर के कोई डाल दिए। चमक रहा था सफेद इतने स्वच्छ बालू का इतने साफ सुतरा टले बात को लोग नहीं देते थे। बंद था। व इतने स्वच्छ परिवेश था कि प्लेट नहीं उसी के ऊपर डाल कर उनको खा जाए। इतने क्लीन था, पानी भी इतना स्वच्छ था, भालू इतने स्वच्छ था और पास में पेड़ पौधे, इतने सुगंधित पके हुए फूल फल को भरा रखते थे कि कोई अतिथि आये और उनको लेकर के उसकी सेवा करें। ओह चाहते थे। आजकल तो ढूंढ कर के पेड़ कोई फल नहीं मिलता। बबूल खड़े पानी खारा पेड़ बबूल के या। हमारे काल में भी ऐसा नहीं था। और भगवान जब यहाँ गए वहां पहुंचते ही। ये था प्रसाद हल जमुना पुलिन पुलिन भोजन। कहते हैं यहां पहुंचते ही भूख तेज हो जाता है, बढ़ जाता है। इस स्थान के परिवेश का प्रभाव था। भरे लोग जमुना में नरमदहाकुसुबतेकनक, कमल, गोल्डन, लोटस, इतने कमल भरा रहते थे। भरे लोग सुभ गुनगुना करते थे, जिनके स्वागत संगीत गाते हैं। इस प्रकार के परिवेश में जब कृष्ण अपने सखाओं के साथ चले गए, सब एज ग्रुप 5 से लेकर के साथ उन्हें चुन के 5 से 7 के मिडल एज ग्रुप के सारे लड़के, कई सैकड़ो संख्या में सब गए। सब अपने अपने घर में ब्रेकफास्ट पैकिंग पैकेट लेकर आये थे। आज कल के प्लास्टिक पैकेट जब नहीं हुआ करता था। पत्र लादी में जो पैकिंग मैटर श्रोता था, उसमें से लेकर आए थे। और वहां ब्रेक फास्ट करने का उनका तरीका 1 ही होता था। क्योंकि कृष्ण के सखा उनके जीवन में कृष्ण को छोड़ कर कुछ नहीं था। उनसे प्राण से अधिक कृष्ण को प्रेम करते थे। सभी लोग तो जब बैठते थे प्रसाद के लिए राम कृष्ण बैठते थे। उस दिन तो राम नहीं थे। बीच में वो चारो तरफ राउंड राउंड, राउंड राउंड राउंड करके बैठते थे, चारो तरफ गोल गोल करके सारे कई राउंड होता था, बैठे थे और सभी सखा कहीं भी आगे पीछे साइड में उनको देखता था। कृष्ण मेरे ही ओर देखते ही कृष्ण को देखता हूँ और किसी को नहीं देखते। एग्जैक्ट ऐसे पता चलता था ये आपको समझ कृष्ण सर्वोतो मुख्य हो जाते थे। चारों तरफ कोई साइड में कोई बैठे उनको लगे की कृष्ण मुझे ही देख रहे हैं। मैं उनको देखना और किसी को नहीं देख रहा। इसलिए चारों तरफ जो जहाँ बैठा उठेगा, हम लोग तो साइड हो जाये लेकिन वहाँ नहीं जहाँ भी बैठे सर्वतो मुखम बैठ जाते थे। जब कृष्ण इतने अट्रैक्शन था, जीवन प्राण। 2 जो अब खाएंगे भोग लगा तो खाएंगे नहीं, अब उनको भोग भोग लगाना। लेकिन उन्होंने अब भोजन लीला में बैठे सब खोले खा। ब्रह्मा जी बोले अघासुर बद्ध का तो शो खत्म हो गया। अब मेरे भाग में चलो ब्रेकफस्ट देख लेता हूँ, कैसे करते हैं वो आकर वहाँ देखने लगे चिप करके देख रहे थे कि क्या चल रहा है, देखने की इच्छा है, मन में कोई 1 मधुर जलीला देखना चाहता हूँ, मधुर ता ब्रज में तो मधुर देखना चाहते है। तो भगवान ने भी अपना निकाले उस दिन मां समिति ने उनको कॉर्ड राइस दही भाग दी थी। पैकिंग करके भगवान ने दही भात निकाले बाए हाथ में रखे दही में घी मिश्री था। आप लोग दही में घी डाल कर दही अन्न को बनाए आपको रिसेपी बताने है। दही में नमक मसला जिला में ही डाला देसी। घी गाय का व मिलाकर दधीगृतअन्नउसको हाथ में रखे थे। 3। प्रकार के अचार था टेंटी का, मिर्ची का और अलग अलग। इस अंगूठी के फल में 3 हैं वन टू, थ्री 3 प्रकार का अचार था। हाथ में था, छोटे बालक थे क्योंकि 5 साल के थे छोटी छोटी लेकर के मुंह में खाते थे, दहीभात तो जितने भी और लड़के थे अलग अलग आइटम, उनके माने सब दे थे, सब खोल कर खाते थे, सब देखते थे। कृष्ण क्या खाते ह किसने शुरू किया सबने शुरू किए, किसी ने खस्ता कचौड़ी लाया था, किसी ने परोटा लाया था, किसी ने क्या बोलते हैं उसको इडली और क्या क्या जब आम तो सभी ने लेकर किसने शुरू किया, सबने शुरू किया ले करके बोले क्या टेस्ट है? कृष्ण बोले क्या सिदामा ने पहले बोला क्या है तेरा कोई तेरा क्या है खास 1 बाइट मुंह में लिया और मुह में क्या मजा है? तो कृष्ण बोलते 21 तो अपना मुह से निकाल कर उनको देते कृष्ण कर लेते हैं और दूसरा बोलता है कि मेरे गोबी परोटा है,
वो भी देता है।
1 मोशन तो ऐसे धन ब्रह्मा जी
देखे
ब्रह्मा जी का 1 नाम है विधि, विधि विधान, उन्होंने रूल रेगुलेशन ये जो पुरोहित, सर्व डीटी और शिव मनवाल जो मायापुर में पढते हैं ओरिजनली ब्रह्मा जी का है वो बोले ये मेरे पापा हैं उनको भोजन कराने का तरीका मैं निश्चित किया, हूँ में प्रोड्यूस किया हैं कैसे उनको खिलाना है। अब आप लोग सब करते हैं पहले तो सेकेंड सेशन बिना जान ही सकते अल्टर में फास्ट के बाद रेकम्मेंडेशन होगा, सेकेंड होगा तो फिर नहा करके शुद्ध वस्त्र द्वाद सतील ताला तरह करके अंदर जाएंगे। बाय हाथ लगाना नहीं है मंत्र तंत्र आचमन करके भोग लगाने की विधि बोले दिस गाइज कोई नाहे नहीं, कोई न दे मार इनसीड अरे नाहे त नशुगवालतहैंबातरूम जा कर का बिना ना हे ये और आपने मुंह से खा कर के इस देखा तो वो खा रहे हैं। आश्चर्य की सीमा ना रहा, अरे रे हो मधुरता देखो भगवान ने अपने बाल सुलभ लीला कर रहे हैं। बाल लीला में भगवान पूरे बालक बनकर रहते हैं भगवान का जो सर्वज्ञता शक्ति, सर्व समद्धता शक्ति, उनकी इच्छा शक्ति सब सोते रहते हैं। बोले हमारा कुछ चलेगा ही नहीं, हमारा रोली नहीं तो क्या करें? चुप बैठे हैं, नीचे सो जाते हैं जाएगा भगवान के लिए ला शक्ति, काम करता बाकी सब सर्वज्ञता डाउन सोते रहते है। भगवान पूरे 1 सामान्य छोटे बालक की तरह ऐसी करते हैं कि अब क्या देखना उसको देख कर के ब्रह्मा जी भी चकित हुए हम कौन सा, गाय के गोबर इतने चकित हुए सही में इसे ले रहे हैं। ये अगर साक्षात परम्ब्रमपरमेश्वर होंगे। तू ऐसे कैसे करते हैं जो सख्त जज भूख है, समस्त जजञनकेभुक्ताजजञ पुरुष। ये इस प्रकार से डाउट होना चाहिए। कोई भी डाउट हो जाएगा। मा जी थोड़ा नजदीक है बोले थोड़ा सही से चेक करना पड़ेगा हिज। दी सेम गायरन तो नजदीक आ कर के देखे। बच्चे तो अपने भोजन लीला में इतने आनंद समुद्र में डूबे हुए थे। भगवान भी मजाक कर रहे थे उनको सब चारों तरफ बैठे थे श्रीराम शुबला बैठे थे तो भगवान के मुख कमल से भी कोटि गुना सुंदर है वो कमल के 4 सब हो रहा जो गुन गुन गुन गुन कर रहे थे वो भगवान के पास आ गए थे बोले ये कमल क्या है बेकार है ये श्याम कमल है गोल्डन कमल छोड़ कर के ब्लू लोटस के पास आ गए तो भगवान ने बहुरा को बोले अरे ये श्रीदाम के सुबल के मुख्य पद में इतने सुंदर हैं भरा इधर जाओ इस मधु को आनंद लो तो भरा तो मधु मंगल बैठे थे मधुमंगल को तो मधुमंगल के पास जाओ इतनी मधुर है, मधु है मधु है मंगल मे मधु है तो वहां जाओ मेरे पास क्यों आते जब होरा को स्तर कर दिए तो मधु मंगल बोले करनो होरा को मेरे और क्या करता है जनुधरणक्राणहतुम्हारे पूरे ग्रुप में तो 1 ही ब्राह्मण तो हैं और बहुरा को बेच कर भावना से मुझे कटवा रहा है तो से ब्रह्म हत्या का दोष ने डर नहीं लगता मुझे तो और भगवान कहते बंदर से बैठे बोले अरे बंदर हो क्या गया को आपको भूख नहीं लग रहा है क्या अरे सब कहने लगा कर छिन के ले लो कई कई बच्चे जान बूझ करके बोले ओह क्या मजा आ गया पकोड़ा आज इतनी सुंदर हैं करके कुछ पकोड़े के अंदर नीम नीम के पत्ते नीम के ऐसे डाल करके खिला दे कितना कड़ा है इतना मीठ बोल रहा था इस प्रकार से जब लीला करते है तो सी सीमा गुरु प्रसाद स्वामी महाराज की महाराज का टाइम हो रहा का gora hoga marg tora said
he s got prasad marg so we would request maarg he man come on stage ही can except the answer here xusnamharaglet⁇s welcome his wolds guru prasad maharaj by chanting hare, krishna hare krsna कृण हरि हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे very fortune to have maharaj amongst maharaj has especially come from south america just to give his devine asociation to all of us so you very heartily welcome heswonsgoruprsad maharaj by chanting hare krishna hare krishna krishna krishna हरे हरे hare rama hare ram ram ram hare hare his worlds grow prasad say maharaj ki jai so after hafinarkatamritm by his wrnesbuctiasvasha maharaj we would be hearing from his warnes guru prasad maharaj reo and maarte would be inspiring us about the glories of श्री मधु भागवत पुराण की जाय
अब कथा में थोड़ा ब्रेक में 1 हम ये समय को लेते हैं सूचना देने के लिए महत्वपूर्ण सूचना कि जैसे हर साल गुरु महाराज का यात्रा स्मृति में हम लोग कहीं न कहीं जगह में जाते हैं, इतनी बहुत संख्या में तो अगले साल के लिए जो डेट और स्थान में घोषणा करने जा रहा हूँ, ताकि आप इस ब्रह्म तीर्थ से, आज के इस पवित्र दिन से, आज से ही संकल्प बना लो प्लानिंग करो की अगली यात्रा को जाएंगे तो अगली यात्रा का जो स्थान है वो है सर्व भक्ति विगम विनाशक सी नरसि देव का स्थान हो, ओहो विल हो, विल बिल मतलब 1 होल होता है। ओह, मतलब हो वि। 1 होल के अन्दर भगवान प्रकट हुए स्वयंभू उग्र। तो ये हो विलम्ब। खेत्र आंध्र प्रदेश में है, जहां से श्री शयलंबी लगभग 200 किलोमीटर और सौ सवा सौ किलोमीटर तिरुपति भी है। जो चाहे अपना जा सकते हैं। स्थान है यहाँ, नव नरसिंह है, वहाँ जाकर दर्शन किए थे। 9 नरसिंह है स्वयं विग्रह। लेकिन थोड़ा चलना पड़ेगा जंगल में, पहाड में कीर्तन के साथ अगर चलके जाएं। क्या आनंद दिव्य आनंद है? और स्थान तो हुई है, लेकिन डेट है। 1 अक्टूबर से लेकर 6 अक्टूबर तक बारिश नहीं होगा, इसलिए बारिश की चिंता मत करो। वाटर प्रूफ की जरूरत नहीं। ओके। तो इसलिए आप जितने हैं अभी मनाए और आपके जितने भी फ्रेंड सर्कल, जो भी यहां से है सभी को लीजिये, क्योंकि आप चाहते हैं कि सभी का विघ्न विनाश हो जाए। कष्ट निवारण हो जाए। तो 1 नरसिंह नहीं 99 नरसिंह सव स्वयंभू है। और जिनके दर्शन करने के लिए भगवान राम गए थे, भगवान शिचतनमहाप्रव गए थे। और कितने? तो हां, पदचिन्ह प्रस्थान पर जाएंगे उनके दर्शन करने के लिए। ओके। तो अभी आते हैं हमारे टॉपिक पर। तो इस प्रकार भगवान की भोजन लीला। जमुना पुलिन में जब चल रहा था और ब्रह्मा जी जिसको देख कर के आश्चर्य हो गए। तो इस प्रकार भोजन लीला में चल रहा था जब, तो लीला शक्ति से चलो प्रभु। अगर चाहते हैं भोजन में, इसे कुछ करने के लिए। तो हम ब्रह्मा को ले आये। भगवान ने साइलेंस में के कर लो। तो ब्रह्मा जी खड़े थे। तो ब्रह्मा जी को लाने के लिए व्यवस्था किया गया। ब्रह्मा जी, आकर देखे कि इस प्रकार लगे हुए जो बछड़े जमुना के पुलिन पर जो हरी हरी घास था, वहाँ चलते चलते थोड़ा इधर से। तो बोले किसी का ध्यान नहीं, बड़ के प्रति, मैं उनको छिपा देता हूँ। देखता हूँ क्या करते हैं रोएंगे धोयेंगे या समझ करके मुझे बोलेंगे तू क्यों लेगा? बुला के लाओ या खुद ले ले आयेंगे। क्या करते हैं देखने के लिए? इस प्रकार के मन में उत्साह ला कर के उन्होंने बछड़े को आपने क्या सोचे विचारे बोले। मेरी माया से मैं टेस्ट करूँगा, इनको मैं टेस्ट करूँगा, मेरी माया शक्ति से लगा कर के उनको मोहित करके टेस्ट करना चाहता हूँ। किनको टेस्ट करना चाहते हैं जिनके अचिंत महामाया के बल से अनंत कोटि ब्रह्मा निकलते और मिटते उनको टेस्ट करने के लिए साहस किया ही उनकी गडबड़ी हो इसमें फंस गए। बाद में सोचेंगे यहाँ मेरी माया काम नहीं कर सकता। लेकिन वो गए और जा कर के वो बछड़ों को लेकर कहीं सुला दे छुपा दिए। और जब लड़के ने देखे बचड़े नहीं, खड़े हो गए, बोले अरे बड़े का डर गए, उनको लगा कि 1 तो अन्दर घुस गए थे, आग जलाए नहीं, फिर जी गया। क्या? शाम सुने थे बोले हम उसको जलाए नहीं, फिर जीवित हो गया। बछड़े को क्या, अब क्या करें? सब डर गए, बोले गाँव घर में जाएंगे पापा क्या कहेंगे? तो कृष्ण को बोले कृष्ण बोले सब जानते हैं कृष्ण को किसी भी कुछ भी कर सकते हैं। कृष्ण बोले रेकसछोडिएमतरहिये में जा कर बुला कर लाता हूँ। बोले ठीक है, आप हमारे लिए ओट करते हैं। तो कृष्ण हाथ में दही भात लिए हुए खाते खाते गये। बोले टाइम क्यों, वेस्ट करूँ, खाते भी रहूँगा और ढूंढते भी रहूँगा। मुँह में 11 दही भात कर डालते थे और बच्चों के थे और जाते थे। बड़े तो थे नहीं, इधर उधर घूमते थे, देखते थे। ब्रह्मा जी देखे बोले ढूंढ रहे हैं। मैं जानता हूँ भगवान सर्वज्ञ शिरोमणी है, सर्वसमर्थ है, इसे ढूंढ रहे हैं, रो रहे हैं। बोले ये कैसे पता चला? तो भगवान इसे ढूंढ रहे थे।
जो
उनको भी उठा कर। भगवान ने रोते चिल्लाते, पुकारते पुकारते आये, देखे कि लड़के भी नहीं है। अब तो लड़कों को पुकारने लगे, ढूंढे लड़के भी नहीं है, बछडे नहीं है। भगवान जब लड़के नहीं थे, बड़े नहीं थे। ब्रह्मा जी देखे की। तो बिल्कुल बोले अभी क्या करूँ? मेरा ऑफिस बहुत बिजी दोपहर हो गया था। ध्यान न बोले कर के थोड़ा इविनिंग टाइम आता हूँ, देखता हूँ विनिंग की क्या करते हैं। घर वापस कैसे जायेंगे? अकेले जायेंगे क्या करतेहैं? देखूंगा मुझे बुलाएंगे मैं ले आऊंगा, या खुद ले आयेंगे। या अकेले जायेंगे क्या करेंगे? शाम को देखूंगा शाम तक टाइम क्यों खराब करो? मुझे ऑफिस आता हूँ। कुछ काम करे तो रमा ऑफिस चले गए। भगवान वहाँ कर खड़े रहे। खड़े रहकर के चिंता में पड़ गए। तब क्या करूँ? 1 बछड़ा भी नहीं है, बालक भी नहीं है। क्या करूँ चिंतित हो गए। उनके बड़े बड़े साला आँख से आंसू भर आया। तिल तंदुलदरसानाक में घनस्वास चलने लगा, आँख से आंसू टपकने लगा। बिल्कुल चिंता में रह गए। जब इस प्रकार चिंतित खड़े को खड़े रह गए तो जो उनकी सर्वज्ञता शक्ति, सर्वसमर्थता शक्ति आदि जो सोये हुए थे, काम वो प्रकट हो गए। बोले हम हेल्प करे, क्या तुरंत पता चल गया? 1 ब्रह्मा जी के खेले गान को पता चल गया। उनके ज्ञान, उनकी बता दिए, कि से सब कुछ पता चला। तो भगवान बोले चलो जो ब्रह्मा संग विधि है, मैं इसको अभी नहीं करना चाहता हूँ। करने। 2 उनको छिपाया। कोई बात नहीं। तो भगवान को याद आया। लीला में बोले ब्रह्मा को कुछ लीला देखना। उनको देखने। 2 छिपाने 2 उनको ब्रज में केवल भगवान सदा के पुत्र प्रकट हुए थे। ब्रज में जसुदा की उम्र वाले जीत मातृ स्थानीय गोपी थी। उन्हें जब कृष्ण के पास जाते थे, कृष्ण को गाड़ आलिंगन करते थे, आत्मा से मिला लेने के लिए चाहते थे। कृष्ण समझ रहे थे कि कितने मेरे पति प्रेम है, मुझे अपने पुत्र करके चाहते हैं। लेकिन मैं 1 ही मां के बैठा हूँ। लेकिन सारे मात्र स्थानीय गोपी चाहते हैं। कि मुझे अपने पुत तरह स्नेह करने के लिए। भगवान सोचते थे की आपके इच्छा पूरा करेंगे। केवल इतना नहीं जितने गाये थे। सारे गाय कृष्ण को चाटते थे, कृष्ण को भी जाते दूने लिए चाहते थे, वो चाहते थे। कृष्ण हमारा बड़ा हो जाते। कितना अच्छा नही होता तो ब्रज के सारे माताओं के, गोपमतरसनेगोपियों के सारे गायों की इच्छा पूरा करने कर। भगवान की इच्छा बोले अभी तो अच्छा ही होगा, बड़ा भी नहीं है मैं सारे बन जाऊंगा। चिंता महाशक्ति भगवान जितने कई सैकड़ो संख्या में बालक थे, अलग अलग नाम था, अलग अलग रूप था, अलग अलग डिजाइन था, गढ़न था और उनका अलग अलग छिका वेणु लकुट जो भी था सब भगवान बने, उनके कपड़ा भी बने, उनके लाठी भी बने, उनके सिंगा भी बने, उनके सुभाव रूप गुण हो।
बहु।
1 उनके माता पिता के साथ जैसा उनका निगम जिस प्रकार व्यवहार 1 ज ब भगवान बन गए इसे इतने हु बहु बने दूसरे की क्या कहें। अभिन्न कृष्ण सी बलदेव 1 साल तक पता नहीं करता क्योंकि केवल 1 दिन बलराम नहीं थे। जिस दिन अगर बलराम साथ में जाते थे एव्री डे साथ में जाते थे। लेकिन ये पता नहीं लगा पाये कि जितने बचे हैं। ये सारे कृष्ण कृष्ण को लेकर जाते थे चलवाने के लिए क्यू कृष्ण थे, सारे बांसुरी कृष्ण थे, सारे लाठी कृष्ण थे, सारे गमछा कृष्ण थे, सारे पटुके कृष्ण थे। ये सारे कृष्ण कृष्ण को लेकर कृष्ण के आते थे, सारे जगत कर्ण में था ये अद्भुत लीला को ब्रज में कोई भी नहीं अरे साक्षात बरदेव नहीं जान पाए। दूसरे क्या कोई समझे भी प्रश्न उठता है कि ब्रह्मा जी कैसे उनको भगवान के परिकर ब्रह्माजी के पोस्ट हैं। इस माइक ब्रांड के चीफ है वो उन्होंने प्रधान माइक सुष्टि में उसको मेंटेन करते रहते हैं। भगवान के जो ग्वाल बाल और उनके जो बछड़े सो माइक ब्रह्मंड के प्रोडक्ट है। नहीं यह तो भगवान के नित्य परिकर भगवान के साथ सानिध्य में रहते हैं। तो हाँ ब्रह्मा जी तब हां कहते हैं। 7 आप लोग नहीं जानते हो की जान लीजिये ब्रह्मा उन लोगो को मोहित करने का सख्त ही नहीं। ब्रह्मा जी के पास महा मैं उनके पास नहीं जा सकता। उनके पास जहाँ कृष्ण है या माया का अधिकार नहीं होता तो ब्रह्मा जी क्या उनको मुगदा करेंगे। ब्रह्माजी उनको टेस्ट करने थे, स्वयंग टेस्ट में फंस गए थे उनको पता नहीं था उनको पता नहीं था कि स्वंग टेस्टेड हो रहे है पता नहीं था। ब्रह्मा जी जिनको जिन बछड़े को भगवान ने ब्रह्माजी ने चोरी किए वो सचमुच वो बछड़े नहीं थे। भगवान जब चाहे कि ब्रह्मा जी को करने। 2 तो भगवान के लीला शक्ति जोगमाया एक्टिव होकर के ई जो असली बछड़े थे भगवान के साथ उनको ढक कर के 1 सेट असंख्य इतने सेम सेम बछड़े तैयार करके रेडी कर दिया जिनको ब्रह्मा जी आकर लेकर जाएंगे। ब्रह्मा जी आने से पहले रेडी ब्रह्मा जी उन्हीं को लेकर सुला सेम बालक भी जो भगवान के साथी बालक उनको ब्रम्हाजी नहीं कर सका जो माया ने उनको ढंक दिया और नया सेट कर दिया जिनको माया में डिपलिकेटसेटजनकोमाया प्राड कर सकता तो उनके ब्रह्मा जी रोहित लिए थे। अब मोहित कर के लिए उनको जो गमाया ढाका ढाका था ये बात किसी को नहीं पता चला। ब्रज में जब भगवान स्वयं जितने बचे थे सारे भगवान जितने ग्वाले थे, सारे भगवान ब्रज में जाकर शाम को जब ब्रज प्रवेश करते हैं। जितनी गोपियां थीं, अब अपने बच्चे के पास आते हैं। उठाते बच्चे गुम कर आया, पास लड़का। आज उनको लगा कि ऐसे चिपकते रहते हैं, आलिंगन किए। अभी तक अपने बच्चे को इतना प्रेम नहीं करते थे। शाखा कृष्ण ने सुदानंदनआनेसेदिन आज वही प्रेम कर रहे हैं, तब भी उनको समझ नहीं आया। बोले आज हमारा लड़का इतने प्यारा कैसे बन गया, इतना प्यारा कैसे बन गया। उनको भी समझ नहीं रहा। और इतने गढ, डे टूडे और सारे गाय भी इतने प्रेम करने लगे बछड़े को। और 1 साल में तो गाय दूसरे बछड़ा भी दे देते हैं जो पुरे ने बछड़े थे। यह बात देवी जी को तो पता चला। 1 साल के बाद 5 दिन बाकी था, 1 साल के लिए 1 दिन गोवर्धन तलहटी में और 1 कदम के नीचे राम कृष्ण दोनों छाया पर बैठे हैं और बछड़ा चर रहे हैं। और बड़े गाय को लेकर के बड़े बड़े गोप गोवर्धन ऊपर में गए हैं। गायों ने जब देखे बछड़े को दौड़े बड़े बड़े गोप ने उनको रोकना चाहे, रोकना, चाहे लाठी, फेंक करके चिल्ला कर के रोक, पूरी प्रयास लगाए, रोक नहीं पाये। गायों को। गाया तो छलांग लगा कर के कूद करके बिहड बन में। अब दिखता नहीं क्या गड़बड़ हुआ, फ्रैक्चर हुए कोई भाग कर आये। तो जब गोप असमर्थ हो गया, उनको रोकने के लिए गुस्सा आया, बोले लड़के को पास में क्यूँ ले कर आये, बड़े को बड़े को क्यों पास में लेकर आये। आउट कंट्रोल होते हैं गाय लड़के को गुस्सा कर मारने के लिए दौड़े जो गाय को रोक नहीं पाए, गुस्से में अपने लड़के को मारने के लिए दौड़ कर आये। गाली देकर आते थे जैसे लड़के के पास जाते हैं। न जाने कहाँ क्रोध गुम हो गया। पास जाते ही क्रोध छू मंतर है ही नहीं। लड़के को उठा कर चुम्बन करने लगे। जो गाली दे रहे थे, लाठी उठा रहे थे, चुम्बन करने लगे। बलदेव जी कदम के नीचे खड़े होकर देख रहे थे। व इस गोइंग, यह कैसे हो रहा
है,
यह कैसे संभव हो सकता है। उनको आश्चर्य किया क्योंकि यहाँ छोटे सेट भी बछड़े भी थे और बड़े सेट जो पुराना 1 साल के पुराने बछड़े थे। और नए अभी 1 हफ्ता से पहले जो अभी सर्दी बछड़ा थे, वो जो गाय वो अभी नए 4 दिन पहले से बड़ा दी थी, उसके पास जा कर के साल भर पुराने बछड़े के पास जाते हैं, उनको दूध पिलाने के लिए ऐसे होता है, उसको देख कर दे यह कैसी बात है। और ये बड़े बड़े इतने गुस्से में आते है। उनको सब गुस्सा चला गया। बोले ये क्या है? मुझे तो कोई राक्षस, कोई असुर किसी का स्पर्श नहीं कर सकता, ये अद्भुतता कैसे है। वरदेव थोड़ा सोचने लगे, फिर कृष्ण को देखने लगे, कृष्ण हंस रहे थे, फिर उनको देखने लगे, फिर इधर देखने लगे, 24 बार इधर उधर देख देख के समझ गए कि ये सारे सेट ही कनु हैं। फिर बोले कनू ये मैं क्या देख रहा हूँ? भैया जो देख रहे हैं, है इस फेक नहीं सीडी फैक्ट ये कब से न साल भर हो गया। जब से अघासुर मरा तब से बोले क्यों मैं आपको इसलिए नहीं बताना चाहा क्योंकि जो असली आपका फ्रेंड सिदाम सुबल, जो अर्जुन सखा, जो आपके प्यारे सखा है, आप से दुख होगा उनके विरह। इसलिए मैं आपको नहीं बताना चाह रहा था। अभी साल भर भी कर लेंगे तो आ जाएंगे तो इस विरह के रात में आपको नहीं बना। अभी इसलिए बताने लगे कल फाइव डेस बीफोर। तो इस प्रकार से ब्रह्मा जिसको चाहते थे क्योंकि ब्रह्मा सोचते थे कि उनके सृष्टि में जितने भी प्राणी हैं सब उन्होंने बनाये सृष्टि किए। जबकि मेटल भगवान का था बनाये उन्होंने। लेकिन उनको नहीं पता था उनके सृष्टि में ब्रज में 1 सेट प्रोडक्शन व है जो उनके सृष्टि से बाहर आउट ऑफ हिज रिशिक्षउनकेप्रडक्षन से अलग है। ये प्रोडक् उनके मैटरेल से लगा ही नहीं कि ना उनके डिजाइन लगा है ये नहीं पता था। अब उन्होंने ये सभी टीकाकार ने कुछ टीकाकार तो यहां तक लिखा है कि जब ब्रह्मा जी 2 मध्यान्न हो गया बोले अब शाम तक मैं आता हूँ। ऑफिस में जाकर जो चले गए ब्रह्म लोक ब्रह्म लोक में गए तो ब्रह्म गेट की पर्ते उनको रोक दिए जाने नहीं दिया। ब्रह्मा जी बोले हे सिक्यूरिटी को डांटे सिक्यूरिटी उनका कॉलर पकड़ लिया। ब्रह्मा जी किस को कंप्लेन करेंगे उन्हीं के स्टाफ हैं उन्हीं को, उन्हीं को उनके स्टॉफ पकड़ कर मारने लगे। मा जी बोले मुझे क्यों से कर रहे हैं। क्या बात है मैं तो आपको मालिक हो, आप का है के मालिक है हमारा मालिक तो आप से बैठे बैठे और क्या ब्रह्मा जी बैठे सनक सनातन के साथ हैं, उनका मीटिंग चल रहा है ब्रह्मा जी और क्या ब्रह्मा मेरा पोस्ट भी गया तो रिक्वेस्ट केवल देख सकता हूँ। क्या? तो कोने में ले गए। खड़े देखा ब्रह्माजी ने देखे चतुर्मुख मा देखे और 1 चतुर मुख्य ब्रह्मा उनके सीट पर। बैठे सनक सनातन सनंदन चतुर कर बैठे सदर रहा है। ब्रह्मा जी देख समझ गए। बाप रे वा। ब्रह्मा जी चोरी किए थे उनके मन में थोड़ा डर तो था कि बछड़े कुछ राय थे, चुराए थे। जो चोरी करते है उनके मन में थोड़ा रहता पर बोलते है कुछ गड़बड़ हो गया, लगता है मेरा पोस्ट भी गया तो जैसे देख आश्चर्य होकर कौन है मेरे पोस्ट में आ गया तो जो ब्रह्मा ऑफिस में बैठे सिक्यूरिटी को खड़ा करे गेट पर क्यों छोड़ कर आये न सार 1 डुप्लीकेट आया था इसलिए रिक्वेस्ट किया थोड़ा देखने के लिए आपको दूर से है हटाओ उसको डुप्लीकेट कैसे आ गया उसको। कुछ ही दे से उसको रमहजीअकननेसेखुजला कर के वापस आया। नीचे नीचे आकर देख रहे हैं एग्जैक्ट ली कृष्णा। बीच में बैठे हैं, चारो तरफ बालक बैठे हैं जिसे देख कर पहले ऐसी दही भात खा रहे हैं। ऐसी मजाक चल रहा है आज इट सेम। अम्मा जी सोचे कि शायद तो सर्व साथ बुला लिए, उनको मैं चला गया के बुला लिए होंगे। और इतने समय होगा कोई बाधा बिगन नहीं बुला ले लड़के को देखे बोले सही में बुला ले, मुझे नहीं पता चला तो चले गए। जहाँ छिपा ले, वो लोग है की नहीं देखने के लिए कब उठे जाकर। देखे वो सोये हुए बोले अरे वो लोग सोए हुए, फिर इधर कौन से, फिर इधर आये, इधर देखे यहाँ खा रहे है, इधर सो रहे हैं। 2 बार अपन डाउन किए, ऑटो के होंगे, पता नहीं तो तो 2 बार अप डाउन करने, बार पहचानने पर हुई सेट डुप्लिकेट हुई सेट, इस अरिजनल दोनों सेम 1 सेट सोने वाले, 1 सेट खाने वाले तो उनका तो 4 मुक था ही, 2 सर बोले यहाँ तो नजर डालूंगा पोक्स, 2 सर इधर देखूंगा, 1 साथ मैं देखूंगा, दोनो को, 1 साथ देखूंगा क्या है? उनको लगा कि शायद कृष्ण ने अपने जो शक्ति से मैं जो यहाँ जाता हूँ उनको ले जाते है, मेरे यहाँ तो उनको ले जाते हैं। ऐसे करते बोले खड़े होकर 22 मुख, 4 आँख इधर, 4 आँख इधर करूंगा, 1 जगह में खड़े हो कर के, 4 आँख इधर के, 4 आँख इधर के देखे, दोनों जगह में दोनों 1 से होने वाले से, खाने वाले से और कंफ्यूज ज्यादा हो गए। और कनफूजकुशसमझेबुद्धि काम ही किया करके ध्यान देकर देखने लगे। जब ज्यादा ध्यान दे तब फिर बह्मा जी बोले भगवान ने सोचा चलो बहुत हो गया वृद्ध व्यक्ति। अब तो फिर उनको देखने लगा। जितने बच्चे थे सब चतुर्भुज विष्णु हो गए सब ब्रह्मा जी के इष्टदेव उनके पिता से चतुरभुज बोले, इतने सारे पापा आ गए, इतने देखते देखते जितने बछड़े थे, ओ भी सबचत्रकुछहोगए वाह रे वाह। अब तो समझ नहीं आया उनको बोले की अब समझ गए की मिस्टेक कर लिया, मैं टेस्ट करने दया था म गेटिंग टेस्टेड हर। तो इस प्रकार से स्वयं विधि स्वयं ब्रह्मा जी भगवान की ब्रज लीला के मधुरता को और बढ़ाने के लिए जो भगवान किला के सहायक बने। इसको मैं बोला न जो विलियन रोल, अच्छे जो रोल प्लेयर है वो ही उनको रोल देते हैं। तो ब्रह्मा जी को भगवान ने सिलेक्ट किए थे। इसके द्वारा भगवान के अचिंत शक्ति का परिचय अंक प्राप्त हो कि इस ब्रह्मा के सर्वशेष्ट अधिकारी चतुर वेद ज्ञाता चतुरमुख सुष्टि करता ब्रह्मा भी जिन बाल कृष्ण के सामने इतने विमोहित हो सकते हैं तो हमारी स्थिति क्या है? हम अंदाज लगा सकते हैं। ये था कारण तो इस प्रकार से ब्रह्मा जी भी गौरव मानते थे। आज फीलिंग प्राउड के कम से कम इन प्रभु के सामने मुझे ये रोल करना पड़ता है। तो इस प्रकार से इस मुह में फंस कर के जब उनकी समझ में आया, सारे विष्णुरूप जब देखे तब उन्हें प्रणाम करने के लिए प्रयास किए। भूल हो गया। मुझे माफ कर दीजिये जब प्रणाम करने के लिए गए आप और हमको ईजी प्रणाम करना कि 1 सर है दंड मत करो, अष्टांग सर से लेकर पैर तक सब गिर जाओ। लेकिन महाजी के 4 सर है। सारे सर लगाना पड़ेगा जमीन में तो 1 पॉलिटी किए, दूसरा सर और 1 पॉलिटी किए तीसरा और 1 पाल्टी, 4 बार लोट पोट होना पड़ा, 4 सिर लगन पूरे थ्री हंड्रेड सिक्स्टी डिग्री। तब जाकर कम्पलीट उनका प्रणाम हुआ। तब फिर उन्होंने स्तुति आरंभ किए। अब इस प्रकार ब्रह्मा के विमोहन ब्रह्मा की स्तुति भी बहुत लंबा स्थिति है, जिसमें अनेक ज्ञान भरा हुआ है। ब्रह्म स्तुति श्रीमद भागवत में 1 बहुत गंभीर विषय है। ब्रह्माजी की स्तुति, जिसमें ब्रह्म स्तुति को जो ठीक से समझ लिया, उसको भगवत ज्ञान के दर्शन पूर्ण रूप प्राप्त हो जाएगा। संस्थापक आचार्य भक्ति विदान सिंह प्रभुपाद जी ने पूरी प्रयास लगे थे। भागवत को ट्रांसफेशनकरने। अंतिम समय तक उन्होंने इस ब्रह्म स्थिति का कुछ पाठ आई थिंक। इट समथिंग तक उन्होंने कर पाए थे टेन फोर्टीन तक। उसके बाद मैं, फिर उनके अनुजा गण किए, लेकिन यह तक गए थे। तो अतिसार गर्भ ब्रह्मा स्वयं साक्षात भगवान को देख कर समझ कर के अपनी स्थिति को समझ करके ब्रज रज में पूरे लोटपोट। होकर के अनुग्रह से जो गान को प्रार्थना किए, उस प्रार्थना हम सभी के लिए बारंबार पठनीय, मननीय, चिंतनीय और याद रखने के लायक है। आज भागवत का पूर्णिमा है। आज की तिथि में सुखदेव गोस्वामी जो परिचित को भागवत कथा सुनाते थे, पूर्ण हुआ, पूर्ण होती। आजी हुआ था। राधा स्टंप के दिन शुरू हुआ था और आज की पुर्णता था। इसलिए आज के दिन भाग दान की महिमा है। आज केवल भागवत पुण्या नहीं और 1 विशेष तिथि है। आप ध्यान कर, सुनिए, टुडे, इज, दी, दिशा, पेरसडेफसीपरीखित, महाराज, ओके परिखितमहाराज जो अपने जीवन को बलिदान देकर के इस धरती पर भागवत को लेकर आए तभी हम भगवत देखते हैं तो उनकी दिशा प्रिंस को भूल जाते हैं। आज उनकी तिरोभाव तिथि, भगवत प्राप्ति की तिथि आज है। यह बदरपुर निमा तिथि। तो आज की तिथि बहुत पुण्य तिथि में सम्मिलित विश्वरूप संन्यास प्रहुपाजी के संन्यास और सुखदेव परिचित का जो भागवत शीटिंग था, पूरा हुआ और परिचित महाराज का आपने भगवत प्राप्ति। तो इस प्रकार के अनेक शुभ घटनाओं से सम्मिलित आज की तिथि। तो आज आप इतनी संख्या में शी गुरु महाराज की कृपा पा से, इस अति प्राचीन तीर्थ से पुरुष कर तीर्थ में एकत्रित हुए हैं। अधिकांश पुष्कर स्नान भी किये हैं। अभी ग्रहण तिथि और मैं तो यही कहूँगा कि आप भोजन भोजन नहीं बैठ कर के भोजन आदि कीजिए काल ग्रहण मुख्य सर्व मुख्य स्नान बंगलातिसमयशुव करना चाहिए। तब इस यात्रा का परिपूर्णता हो जाएगा और आज स्नान करके शो प्लानिंग करना चाहिए कि अगले यात्रा को अवश्य हम जाएंगे। जो कुछ बचे कुचे बिघन बाधा हैं, सबको नवरिंह कृपा से पूरा समूल विनाश करके तब भक्ति में आगे बढेंगे जा। अक्टूबर हो, विल
हो, विलम यात्रा की जाए।
अब हम समय ज्यादा नहीं लेंगे की पूजा महाराज आ चुके हैं। अब महाराज के मुखार जाहिल, भक्ति आश्रय
वैष्णव स्वयं महाराज की जाए। किस हुआ की लीला पूरी प्रकट कर दी स्ट। eceneverydilog haribo सो भौतिक जगत में रहते हुए भी आप आध्यात्मिक जगत में प्रवेश कर जाते हैं कथाओं के माध्यम से। और वो शक्ति हैं। हिस होलनेस भक्ति, आश्रय, वैशनवसयमाराजीमे, सो, वोट, स, वेरी, इम्पोर्टेंट अनाउंसमेंट। हम सबको फर्स्ट नवंबर को पुरानी, दिल्ली लाल के लिये सामने पहुंचना है। फॉर रथ यात्रा, महामहोजसहव कौन कौन आयेगा रथयात्रा में जी हैज टू कम कम परसरी जो नहीं आयेगा, सोच उसके साथ क्या होने वाला है, सबको आना है सो प्लीज, डू, कम, ऑन फर्स्ट ऑफ नवंबर और साथ ही श्रीमत भारत के लिए इंस्पायर करने के लिए। हमारे बीच में आ चुके हैं। हिज होलिनेस guru prsad swami maharaj
or se re।
हमारा बड़ा शुभाg्यहैwehare। ey very fortunate that his holes gopal krishna gosaimharag as given as a shelter of his holiness guru prsad swami maharaj the maharaj is now he is blessing all a first as जी बी सी for many of the zones of his holds gopal krishna gosain marg maharaj is allredy serving of the gbc in south america latin america preaching there and traveling all across the globe preaching vigresly the message of sri krishna chitenamahaprand srila prbupadandtoday maharage is present a monsters to bless with very special katha on the glories of sremadभaगवत श्रीमद भागत की जाए and very important formation हर grasrधiकaकृpा has न थoउseitशीमदभागतm sets
alredy
as an ofringgusलनजगोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज तो 1000 8 श्रीमद भागोतम सेट का वितरण कर चुकी है radika kpa mataji हम सबको कर करना है course, but yes to give us that very special inspiration and powermentallsima bagotanwehave his olnesguruprsas marg marasti is a glorious disciple of his diving gracila beloved mharाgeisalसो इनिशियेटिंग स्प्रिशलमास्टर and he also acting as a g c and blessing so many million sordewothis all across the globe and as a toll you marge has especially he s come from south america to this yatra to bless with his devine, apliftingputifing and powering sentifingassociation his holinesguruprsad saimarajikija। जगत गुरु श्रील प्रभुपाद की जाय सो महाराज उड भी स्पीकिंग इन इंग्लिश और मैं उसको हिंदी में अनुवाद करूँगा। हरेक ओके जो उठ के जा रहे हैं, जो उठ के जाएगा, कथा के बीच में, उसके जीवन में जो होने वाला है।
न,
मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता। उसको मतलब उसको इतना पछतावा हुआ कि वो कथा के बीच में 22 महाजनों के को छोड़ कर जो गया है। वो अगर आपको आपातकाल स्थिति लगी है, लघु शंका दीर्घ शंका तो शंका निवारण के लिए आप जा सकते हैं, लेकिन आप से इसलिए चले है। अगर किसी ने इसलिए किया तो अच्छा नहीं है। हमे शृषणाचाकापालन करना चाहिए। जब गुरुजन हमारे बीच में उपस्थित हैं, हम सबको कथा में बैठना चाहिए। हम किस के लिए, आए पुष्कर धाम में, हम शुद्ध भक्तों का संग करने के लिए आये हैं। तो इसलिए कथा की बीच से उठ कर के न जाएं। इस टिकेट वी शुड सिट इन क्लास वी शुड, ऑनर स्पीकर्स हु आर रिप्रेजेंटेटिव शूल यास देव सो प्लीज काली कॉन्टिन्यू टू सिट अगर आपको थोड़ा टच करना खड़े हो जा, थोड़ा टच कर लो यू कैन डू। लेकिन कथा छोड़ कर के आपको जाना नहीं चाहिए। आपको नींद आ रही हो, कुछ एक्यू प्रेशर पॉइंट दबा लीजिये, पानी की 24 बोतले पी लीजिये, दैट्स अंडरस्टूड लेकिन उठना नहीं है। और अगेन नो बडी शुड ओपन देर फोन अगर किसी ने फोन खोला। उसके जीवन में इतनी मनूसियत आएगी your life i become utterly inosficiers if you touch your mobile phone, doing the kata only notebook and ben that it sites, my humble request, please kindly lion very attentively these grad devoties have especially comes to bless so please kindly continue to sit and lion attentively each every word, which is going to be blessing for all of you so। धान से सुनेगे जी, कोई उठ न जी धnvadhiswons। guru prasad, same marg की जाए okay so, there is one video of his ones guru prasad maharaj, the how maharaj is preaching to top notch people in this in the world special india her is maharaj and maharaj venvidhisgreas pradumnapreaprabu, who is our yatra chairman as a s h s vice president ispondwarka and he met with adani, we could do to five cror plates of the sad of
course, i ve her to your your name for many years now, i have to prev to meeting you this is according to our shastris, this is the most wonderful thing that one can do with one says artrpirartdicha that with our live with or energy with or welthon with our words, we should serve the supreme and for all part of that
supreme me have a wonderful experience and at it menwithisqanan even when we are musically thinking it, what we can do for kumbomilupstampoint of you? and when it is come about the prasadam point of you, then immigetelyatthe first point, what basically is an anyinstititute can basically do it in the best man
that is is on marge is blessing gotomadanije with is very special silver elifenterywol। और इसलिए कुम मेला में इस बार टू प्वाइंट फाइव करोड़ प्लेट्स माटी स कौन है इस बार और साथ ही में 1 करोड़ प्लेट बांटी गई व जूस को वा गौतम जी गुरु प्रसाद स्वामी महारा।
ji
so im very happy to be here today, and with sing somebody visnoversunited to glorify there spetolmaster and to glorify on this very pics।
श्री मत भागो डाउन महाराज बताया महाराज को बहुत ही आनंद हो रहा है यहां पर आकर के और इतने भक्तों को देख कर के किस प्रकार से आप की सामूहिक एकता को देख कर के आप सब यहाँ इकट्ठा हुए हैं। पर पूछे गोपाल कृष्ण से महाराज श्री गुरुदेव का का गुणगान करने के लिए और विशेष रूप से श्रीमत भागवतों का गुणगान करने के लिए।
im sorry, i can only be her one day। because i did know about this event, and i are already made other plans
चाहते थे और दिन रुके, लेकिन फिलहाल 1 दिन रुक रहे, महाराज को पहले पता नहीं था, लेकिन महाराज यहाँ और दिन रुकना चाहते थे, क्योंकि महाराज भी और योजनाएं भी है
so today i would like to speak something about the glories of shrimad bagwat।
तो आज महाराष्ट हमें शिव भाग की महिमा के बारे में बताएंगे।
but first i have a question for
all of you पर 1 प्रश्न है, उससे पहले आप सभी के लिए home
distribute set of bagowithomtoday किस किस ने
हाथ खड़ा करे ha zor se kala kre
okay, so this as we know she mod, buggwitomtwolp canto thirteen chapter thirteen, bus it says that if we give the shimatbagowith on this day, there s a very special blessing।
तो शिव भगतों ने बताया गया है कि अगर को शिव भगतों को बता है तो उसे बहुत ही विशेष आशीर्वाद मिलता है so
we have about little listen for hours in this day।
तो अभी आज के दिन पूरा होने में करीब 4 घंटे और बाकी है
and by beti calculation, we still have about all bowand about ten और अभी
दिन के करीब 10 घंटे अभी बीत चुके हैं braamurब्रमुहरत तक देखा जाए तो और 10 घंटे बाकी है कुल मिलाकर
के so i wanted to propose that everyone if you think of someone, you can distribute a set of baga with him to,
तो आप चाहें तो जिसको भी आप योग्य समझे तो उसको बाट
सकते है and you make the pledge today with the next few hours और
आने वाले कुछ समय में आप ये प्रतिज्ञा ले सकते हैं then you get a gr i आप bot vise ha, nke
may its around eight
re at hazar spas a ha srimoddagtmand, what do you get? क्या milega apko entre golok गोलोक वो
for eight thousand rupees, we can verily fly to mumbai 8000 रुपए में तो
आप मुंबई तक ही उड़ पाएंगे fit
to and here she not bagawat tom itself is offering itself for only eight
rupees और यहाँ शीमकभागोतोआपको मात्र ₹8000 में
हो हा who would e for that ticket।
तो भला ऐसी टिकट के लिए कौन पैसे खर्च नहीं करना चाहेगा।
so there with like all, but think deeply, if you can commit on this very special day to give someone think about family member friend anyone।
तो आज हाराज करना चाह रहे हैं कि आज आप सोचिए किसको दे सकते हैं? आपका कोई परिवार जन हो, कोई आपका संबंधी जन हो, जिसको आप भाग ले सकते हैं।
because there are two possibility, क्योंकि इसमें आप 2 viकlphaoneisthat we gift the bogettomandwe on a golden tron, which means with great respect।
तो 1 तो है कि श्रीमद भागवतम को आय स्वर्ण सिंह भासन वि राजमान
करें, it means that we know what
the value of this bag with him is to viman? हमको mahima क्या है?
so couldve goswami was not going to
come out of the room to sugosवamiतोmaता के अपने घर के बाहर, ने से
के this is the bramavodyconception, तो ये
तो ब्रह्मवादी वालों की का cnsbsinhैwoldwe don⁇twantanything
to do with it?
हमे तो संसार से la he ne
me to, but the isaver sees that the material world belongs to krishna।
लेकिन जो भक्त मानते हैं कि वहां से बहुत जगह, तो भगवान कृsnकाहैthebrmabady things
that the material world is something that i avoid।
तो जो ब्रह्मवादी वो मानते हैं कि जो संसार है, जिसको मुझे अवॉइड करना
चाहिए and the visnathethinks, the materia world is something i offer to krishna।
और जो भक्त हैं, वो मानते हैं कि वहाँ जगत मुझे भगवान कृष्ण को अर्पित करना है।
so how can we ffer this world to krishna?
तो किस प्रकार से जगत भगवान कृष्ण को अर्पित कर सकते हैं?
by in with shilpa book हम श्रीमद
भागवतम के जो पाजी बुक्स हैं, इसको 4 और फैला करके सेवा कर सकते हैं।
and especially the seat, विशेष रूप से srीmtभagतmnthis particular day, also sanyas।
और आज के दिन शिल्पा ने संन्यास भी ग्रहण किया था revo
and when he took in? as what was he doing?
तो उनके संन्यास लिया, तो वो क्या कर रहे थे?
he was translating bagawat, now, she was
a translat kr, rhe, e and the
next week meaning not the same year, but the next next week on the same month, shelprbtlet for the west।
और फिर उसके अगले हफ्ते आने वाले साल में परपाजीपचतजगतकीआर चल पड़े and what did you take with him to a क्या लेके गए? bagwtmwenshebwoud do a pundoprogramजप्रप जी पंडाल प्रोग्राम
करते थे, he would have his book,
तो हमेशा बुक्स को बगल में रखते थे।
and one program i was actually, there
a program, जहा sit they had big beautiful radar krishna to same के veg
te bgl probed said, where my book
prop la का books कहा?
he so probed would not start speaking on till the book of rivedतोजबतो?
बुक्स नहीं आया, प्रहपाजीने बोलना शुरू नहीं किया।
probe saw that this bogoittamis the main
dt prop देखते थे कि वहाँ भागवतम ही विशेष विग्रह हैं भगanकeprsonaldty of krishna
or chatani mahaprabu, we offer some service।
तो अगर भगवान कृष्ण के भवन महाप्रभु के अगर विग्रह हो, तो हम कोई सेवा ने अर्पित करते हैं।
when we offer service that the baguattumbyhering
it, लेकिन भागवत की हम सेवा करते हैं उसको सुन करके।
then we get immediate recipracation।
और हमें तुरंत आदान प्रदान होता है।
you may offer something to the it, but you may not feel the recipracation।
कभी कभी आप विग्रह को कुछ अर्पित करते हैं, लेकिन आपको आधार महसूस नहीं होता।
but is sunos, you interact with bagoettom, you get such a wonder for return।
लेकिन शिव भागवतम के साथ आप तुरंत आदान प्रदान को अनुभव कर पाते हैं।
but there s another way to gift
the bagian और भी तरीका भागवतम को गिफ्ट करने का।
it means you tell others about the bagwat।
आप औरों को भागवतों के बारे बता,
but the best way to tell me about the bagwat, is you give it to them, and then you explain it to them।
तो सबसे बढ़िया है, या उनको भागवतम दीजिये और फिर भागवत को समझाइए। this was she probes, program और prowpaजaprogram
ta hot, she mutbaggwithhum, he had is deciples distribute them। and then he would explain।
तो ये प्रोपाजचातेथेकि उनके जो डिसाइपल हैं, फॉलोवर्स हैं, वो भगवती, भागवत को बांटे भी और बांट करके उसको समझाए भी।
so i m s requesting all the view to search with in your heart
to mars agra कर अपने hrd के
nder ttoलिaand also with in your pocket
paket ko to
commit today no to give a bag with him to someone
कि आप किसी न किसी को शरीक भाग अवश्य देंगे i am personally going
to purcious five sets महाराष्ट्री खुद हैं
5 सेटस, खरीद रहे हैं batna i
will give one set to different temple presidents and they can give it to the dbodywhotheythink most deserves it और महाराज
जो हैं उन 5 सेट्स को टेंपल प्रेजिडेंट को देंगे की आगे किसी भत को देंगे जिनको लगता है की वो
योग्य हैं उसके so i m inviting all a view। this is called sancurtunyuga, और यही वास्तव
में है, संकीnygyuga means sacrifiseयg्ञ का मtlहtाहैbridan
its not such a big sacrifice to
chant the holy name, तो harinam
i
saw everybody chanting and dancing singing very nicely।
सब लोग यहाँ पर, महाराज ने देखा कि सब नाच रहे थे, कर हे
थे, but its a big sacrifice to fully concentrate on the holy name in wet chanted।
सोनी शुद से बहुत ही महत्वपूर्ण है कि जब हरी नाम लें, तो पूरे ध्यान से हरिनाम को सुने।
so this is such a wonderful opportunity। and we shouldnt think matej distributed over
one tusan sets mate hzाrsetsकरदि, because in
gologorvrindaven, where we all want to go।
तो गोल वृंदावन जहाँ जाना चाह रहे
हैं, when somebody does something for krishna? what do the other debodyes do?
तो वहाँ पर गर कोई भक्त सेवा करता है, तो दूसरे भक्त भला क्या सोचते है उस भक्त के बारे में?
the think, this goi or this cell herd boy did so much, i must do more।
तो वह यह सोचते हैं उस gopi ने, उस गोपी ने कितनी अच्छी सेवा की, मुझे भी और अच्छे से सेवा करनी है।
so that means everyone, here should be thinking, how can i just tribut ne।
यहाँ सबको सोचना चाहिए कि मैं किस प्रकार से 1060 भाग स् बाँट सकूँ
न so the robert said my disease is that i cannot think small prova।
मेरे को rog ha a cota ne
soc, because as shripad said that it cripenanbimamukaco that even to these cripenusthese materialistic, people are very foolish।
तो प्लान बोलरहे भले जो कृपाण लोग हैं, ये बहुत ही मूर्ख है।
i can not a band in them,
लेकिन फिर मैं को त्याग नहीं सकता।
only think of my home pleasure मैं
और सिर्फ अपने बारे में नहीं सोच सकता।
he had already suffered।
सो much उनको खुद को कितनी परत?
and he was only thinking let me stop suffering a others।
लेकिन वो यही सोचते थे, मैं और दुःख को कैसे दूर कर सकू?
when we suffered something we think i hope krishna punishes, the source of my suffering।
वैसे अगर कष्ट पहुंचा है? तो हम सोचते हैं, जिससे मुझे कष्ट पहुँचाए, कृष्ण उसको बहुत कष्ट पहुंचाए।
but she padmaharastaras how we give up this go।
प्रलाद महाराज बताते हैं कि इस प्रकार से हम अहंकार को त्याग सके।
and we think। what did he think? oh my dear lord please save my father।
लेकिन उस सूत की आप प्रार्थना कर रहे है की हे प्रभु, आप मेरे जो पिताजी है, उनकी रक्षा करें। he tortidमी, उन्होंने भले मुझे टार्चर किया,
he tried to kill me उनहों मुझे
मारने का प्रयास किया, please save him, लेकिन आप उनकी रक्षा करें।
do we have that cॉnशeसनeस?
या वैसी च्वेतन हमारे पास है।
so, this is the consiousness that the
bagowathum delivers to us to ye bana hamare। andr ate he j m bag pre,
he in the very first verse of the shrimad bagatamfirstit, describes bagawat it describes krishna in his relationship, t the material energy।
तो जो पहला श्लोक है, शिव भाग से, भगवान कृष्ण का, उनकी बहुत ही शक्ति के साथ क्या सम्बंध है, इसको बहुत विस्तृत रूप से बताते हैं।
how he is ishwar the control of material energy।
कृष्ण किस प्रकार से माया के नियंत्रक है और उसके परे हैं।
and then i am a, how krishna gives this knowledge to the heart of the purdabotig?
और किस प्रकार से शुद्ध भक्त के ह्रदय में वो इस श्रीमत भागत के ज्ञान को प्रकाशित करते हैं।
and even demigods, who was so powerful can not understand i।
यहां तक कि जो देवी देवता है, जो की वात शक्तिशाली हैं, वो भी इसको नहीं समझ पाते हैं।
and then it explains how compared to krishna this material world is just a combination of elements।
किस प्रकार से बहुत ही जगह तो है, ये बहुत ही पदार्थों का ही
सम्मिलित रूप है, constantly building and breaking।
और और ये नियमित रूप से परिवर्तन शील है, ा है, बिगड़ता है।
she the said, this is the nature of this world building and breaking।
और बाज बोलते हैं, वास में यही जगत को सुभाव है, बनता है, बिगड़ता
है this body building and to were thirty forty years, all the then is breaking।
तो जो 30, 40 साल के होते हैं, तब तक बनता है, और सा फिर बिगड़ता भी है।
great civilizations roman greek vedic the rose up d came down to मे कैसे
कई सारी ऐसी सभ्यताएं हुई, चाहे रोमन हों या कैट या ग्रीक सभ्यता हो, ये बड़ी, और फिर बिखर, but the
jul of the vedic situation always increases more and more।
लेकिन हम देखते हैं कि जो जो वेदिक सभ्यता है, वो सिर्फ लती फूलती
ही है, but that jul विच, इज personified and cound by the trimadbagowitom।
लेकिन ये जो गहना है, वैदिक सभ्यता का यह प्रतिरूपित होता है श्रीमद भगत
rop me is giving us the opportunity to carry his lotus feet on our head।
तो हमें ये सौभाग्य मिलता है कि हम भगवान के चरण कमल अपने शिष्य प धारण कर सके।
today is also the begining of the we dedicated to setting the holy name।
तो अब से शुरू हो रहा है, बल्कि वो सप्ताह, इसमें की हरी नाम का प्रचार प्रसार होता है।
and we should all be doing this,
हम सबको करना चाहिए।
so so we care the holy name in our heart, when we go out on harinam sanger ton, and we dont just enjoy the certin, we want to give it to everyone s।
तो हमें निश्चित रूप से उत्साह पूर्व इसमें भाग लेना चाहिए, हृदय में उसका स्वागत करना चाहिए, हरि नाम प्रभु का, और फिर इस प्रकार से हरी नाम में इंजॉय करने के बजाय, इसको बाटने का प्रयास करना चाहिए।
this is the nature।
the isnavaऔरयहवेसं का स्वभाव होता है crimbudiprdukduki
that they feel so much compassion। when they see the suffering of all a living entity।
तो जो भक्त होता है, सो, ये सुभाव होता है कि और कष्ट को देख कर के वो दुखी होता है।
so, this is are opportunity on this day to became to spread the holy name by the manifestation of the holy name in its most wonderful form of shrimad bagoittham।
तो हमें चाहिए कि हम हरि नाम का प्रचार प्रसार करें, विशेष रूप से हरि नाम, जो कि 1 बहुत ही विशेष अवतार में उपस्थित है, जो कि
है sीmtभgtmsonthe beganingabogwith explains the glories of krishna, and then it states that krishna is stm param dima, we should meditate on him, being be on all of this material। nature।
तो भागता हमें प्रेरणा देता है कि हम भौतिक प्रकृति के पूर्ण रुपेन परे देखें।
ban, srीkrsnकoandthe the next vrsofthebagtam explains। how we can capture krishna into or heart?
और फिर अगले शुल्क में बता रहे हैं किस प्रकार से कृष्ण को, यही जो परम भगवान हैं, इनको हृदय में किस प्रकार से स हाय कर सकते हैं?
how this bag with him, will enter into our consesus, and into our heart।
किस प्रकार श्रीमत हमारे क्षेत्र में हमारे हृदय में प्रवेश करेंगे?
of course lord copilot, he also explained this theme, sungmmamavivirsom vido conresianakata that when you associate with the votes, then the message case into the ears and penetrates to the heart।
तो जिस प्रकार से कपिल गीता केंद्र भगवान को बता रहे हैं कि जो श्रीमत भाग की जो कथा है, भगवान की कथाएं हैं, कर्ण से प्रवेश करके, और फिर हृदय में प्रवेश करती है।
and there for the bag witamsasthatthis bag, so powerful, shiva, dam, caption, mulanumthtitwllke will extract from the heart, all unessrythiऔर।
साथ ही शिविद है ये परम मंगलकारी, और साथ ही जो भी उन्मूलन करता है, जो कि अभद्र है, हृदय के अंदर, उसको उन्मूलित भी करता है। it सो powerful बहुत शक्तिशाली है।
शीशीमदभगवते महामुने could the kim rahi, what it so powerful given by shilofveasedave।
what is the use of any other little kim pरेरीश्वरaभला? और किसी ग्रंथ की भला क्या ही आवश्यकता है, जो वेदाज भागोतम दिया है
ये srवottmhabecauit is the literary man of
a station of krishna, क्योंकि वास्तव में grnt avatar ho bagan srीkrshnaकाther for we
should see this baggowitom is not just some a book with some things, we
save book distribution, हमे kitab ke man ka he to book distribution, but this
is not actually book distrib।
पर वास्तव में ये बुक डिस्टीब्यूशन नहीं।
this is krishna distribution।
krishna distribution,
were giving people, krishna।
वास्तव में कृष्ण देते हैं we give
them krishna in the form of the holy name, and there is a get to secret। there is some purification।
तो जब हम हरि नाम देते हैं तो उनको अज्ञात सुकृति प्राप्त होती है, जिससे कि निश्चित रूप से कुश्ती दा
होती है i stated in the third cant, this is like fishing।
तो ये तीसरे स्कंद में दिया गया है, जैसे मछली पकड़ना होता है।
when there is a get sukriti, the hook of krishna canteens goes into the heart।
तो जब ज्ञान सुकृति होती है, तो ये जो हुक है, ये हमारे ह्रदय में आता है।
but the duty of the debotyistocelerate that process।
लेकिन भक्त का ये उसको प्रतिबद्ध होना चाहिए कि उसको इस प्रक्रिया को तीव्र करना है।
and then in the very beginning of the bag widtomitcontinues to glorify the bogwodomऔरशदभागतम।
आगे भी भागोतम की महिमा को और बताता है।
by explaining the sweetness of the bॉgdकीशदभागतम
की भला मधुरता क्या है?
first ball, it is nigmakptororglitm film, it is the highest manifestation of all, very tut।
तो निगम कलपतरोरगलितमफलम यानि पूरे, जितने भी वेदिक वृक्ष हैं, वेदों का उसका पका
हुआ फल है शीमkभgtmbutsoco go swamy shukar, muchal goswami has coded in the form of his speaking।
सो शुक देखो, स्वामी जी ने इसको बोल करके और अधिक मीठा बना दिया है।
i to dravamsomyoutum, and is made very
soft, and तो बहुत ही इसको मधुर बना दिया है, बड़ा कोमल बना दिया है, और pack बना दिया है।
just like a mother, feeding, a child, first day feed with breast milk, and then what every they feed, they have to mashed up, so is very soft and easy to take।
जैसे बच्चा छोटा होता है, तो मां बच्चे को जो खिलाती हैं, तो बहुत ही जो द्रव्य होता है, उसको सॉफ्ट बना देती है।
so she could has prepared the bagowithhumand, such away that we can assimilated।
तो सीमक भागवतों को शुग्धकोस्वामी ने इस प्रकार से कर दिया है कि हम आसानी से दि्विज्ञान को समझ सकते हैं, पचा सकते हैं अपने हृदय में।
and then he said, the un bagobatamrsmalam, when it in the sweet liquid form, it is we can drink it to
be both ke bat to pea ja
sct, he the bag should we should struggle some things, it you eat something very dry, very difficult to very difficult to follow।
जैसे भी अगर आप को सूखी चीज खा लेते हैं, तो आपको उसको चबाने में, निकलने में बड़ी muscle and there
for we have to learn to taste the bagota।
इसलिए हमे aswad and the way to
tas first ball is to understand its
origin चहिए कि वासा शिव भगत का मूल क्या है? where is it come from, उसका उद्गम स्थान क्या है?
it comes from the holy name, ये
हर name prakat हुआ है।
the holy name is the origin of
all nextrtohrina re mit srot
in golobrndvannoon is reading bagotamतोगुरू?
तो कोई भाग नहीं पड़ता everyone is living bagatmवासवमेंवो। लिविंग भागवत है, जीते हैं श्िमकभागतमकोवो, so
we also have to learn to live bagota।
तो हमें भी सीखना चाहिए, भागवतों को भला जी कैसे and there for but,
who can who can really live this,
तो भला कौन है, जो कि इसको जी सकता है?
muhurarasicmovi that those who are very thogtforandvery pure at heart।
ऐसे लोग जो कि अंतर्मुखी हैं और बड़े विचारशील हैं, रसिक भक्त हैं, वो इसका बार बार आस्वादन करते हैं।
so this is what shell given us।
और यही शुलभुबाजी ने हमको दिया है
the opportunity to transform ourself, ताकि हम
भी अपने आप को परिवर्तित कर सकें।
and this giving of the bag with them with a spirit। not even thinking। i can go to go lok vrindavan,
if i give the bagam to is se de a o visas goloamjagaecause in
that verst says, you will go, but a doesnt say win to।
इसमे आ गए है उसमे जाओगे ऐसा
that when depends on us।
तो अब ये जो कब हो पाएगा, ये गोलुक जाना, ये हमारे पर निर्भर करता है।
well i become a servant of the sea।
लेकिन हम जो श्री भगत के सेवक बन जाएंगे, तब ये संभव होगा।
actually se first idea was that he would distribute।
bgadgitaपप्रपजिका की योजना थी कि भगु गीता का प्रचार प्रसार किया जाए, but krishna
range that some her another his manuscript
disappeared, lekin aa ki bahu deta ke to many script mol prt core ho
and there for he translated the bagota and that was the first thing he distributed।
फिर उसके बाद कुश भगत को ट्रांसलेट किया और फिर वो पहली बुक थी जो की प्राजी ने बांटी how you
can imagine property was distributing the sets first cam to people who did even know, who they were to so poupa,
e os, he ha con bala, how
much cold they understand ca sm, one time nine in seventy eight, i had to re open a temple that had been close down by bad management।
तो नाइनटीन सेवेंटी it में मंदिर था, जो कि बंद हो गया था उसको महाराज 1 समय खोलने के लिए वापिस पहुंचे उस मंदिर में it was eight
month in det and there was no money।
तो 8 महीने हो गए थे वो उधार में था or bad manेजeटकीवजसे mndir
so i tall to the bodies, i said, i have a surprise for you।
सुमहारा बोला मेरे पास 1 सरप्राइज है
ap logo के लिए were closing a temple and going on traveling secret।
मंदिर बंद तो कर रहे हैं, लेकिन हम निकल रहे है ट्रैvलिgसंकnmeं i tall
the owner of the building that i promise i will pay in six month।
और फिर महाराज ने कहा कि हम वचन देते हैं, 6 महीने में आपको सारा जो है uk he said, how
do you not how do i n con trest?
तो उनहोंने बोला महाराज बोला ऐसे कैसे सम्भव हैं महाराज हम कैसे विश्वास करे?
i said what would you lose, लेकिन
आपके पास खोने को है क्या राज?
m giving you back the house and i m promising you something बोला, ये
जो घर है आपने दिया है इसको वापस कर रहा हूँ, मैं और को वचन दे रहा हूँ।
if you kick is out you wont
get anything agra nicl doge to apko
कुछ milaa, if you accept my offer,
you make it something hamare offer o सवीकार करे o se कुछ milega and
the only book that was available was
nectrovdivosion kit nectrodivotion here i am in
a country for a very very simple
people और यहाँ पर 1 ऐसे स्थान पर हैं जहाँ पर लोग बहुत ही सरल है।
most the people live in villages and
very simple to an zadat wiligesme, ganv me and were distribtingnetrov devotion, neto divosionwithi,
but somehow another people took that book
lekin हुआ महाराज की बतरा से कि
वहाँ buske vitrit हुई when she was printing chatndctitaeverytime, new vayam would come out thats what we would distribute am sorry evrtimenvmwould come out we would distribute that
पब्लिश हो रहा था, जैसे से 1 सेट आता था तो उ a vitran
हुआ kra one day, i was distributing
untelilafor, तो 1 समय अंतलिलाpाठफॉर था nicl
airport to business man, तो उसको bat
mharाषtr port make buisnssmanko so i gave
one untelilato one man, big business man, he sat down i was tried to give it to someone that was just getting on the plain, so they couldn⁇t give it back।
सो महाराज ने ऐसा किया कि वो बिजनेस मैन को उस व्यक्ति को दिया जो कि बिल्कुल प्लेन में घुस ही रहा था ताकि बुक ले के अन्दर चला जाए और उसको बुक वापस न
करनी पड़े this man sat down start
reading और उसमे वो बैठा और उसने किताब को टटोलना शुरू किया, पढ़ना शुरू
किया and any got up and started working।
और वो उठा और उसने महाराज श्री
कदम बढ़ाए i how this man understand
until lila म्हारा सोच रहे थे कि भला ये बिजनेस man क्या ही smझेaantelila understand any lila, किसी भी l क्या
ही समझ he only knows many lila
मनी लीला समझ so and he came
over, and he said, i have a question।
तो वो उक्ति महाराष्ट्र के पास आया, उसने बोला कि मेरे पास 1 प्रश्न
है आपके लिए he said this man
on
says that aficimandcarthim and thordhewasagost।
सो, उसने बोला कि ये चेतनय व्यक्ति है, इसको 1 मछवारे ने पकड़ लिया था और बोल रहा था कि मानो उसने किसी भूत को पकड़ लिया है।
and said, so is a gost, or is a man।
सो वो भूत है या vi कौन है?
i said, i decided to go all the way is now he s god।
s ने कहा, नई, दोनों ही नहीं है, वास्तव में पर ban है thank
you thank you he gave me another
donation marasti,
the point, this is the power of shilpa books to बात समझने
की है कि ये है sci books
me this bag tam was transform india
and the whole world, ये शिव भगतों भारत, पूरे विश्व को परिवर्तित करने के लिए, उसका उत्थान करने के, they have
any planet, they also have bogota।
यहाँ तक कि स्वर्ग के जो ग्रह है, वहा पर भी, but it has millions of rss, लाखों श्लोक होते हैं
हाँ पर bagwithomonly has eighteen
हमारे भाग में सिर्फ 18 हजार लोग हैं, small odin to so,
then again a bag with or फाइं is very self it। says krishna s s s s putisbrsinthe begining of every biom of the bag।
तो ये जो बड़ा विशेष शोक भागता पहले स्कंद में आता कि जब भगवान कृष्ण अपने धाम चले गए, तो धर्म में शरण ली, तो श्रीमद भागवतम की शरण ली और प्रोप जी हर 1 बुक भागवतम की शुरुआत में इस लोक को लिखते थे।
krishna has left this world।
सवा से कृष्ण विश्व को उठा कर
रखा है and he is taking with him religion and darma religion noleg everything।
तो जब कृष्ण गाय तो अपने साथ ज्ञान की अनेक पद्धतियों को भी चले
gay, how we the people be safe from the ravages of kali uga।
कृष्ण के साथ चले जायेंगे तो भला फिर कलयुग प्रभाव? ऐसे लोग कैसे बच पाएंगे?
by the billion son of the srimad bagi?
क्यूंकि बहुत ही दdिपयमानसूर्है श्रीमद भागवतम, उसी कृपा ऐसी सब बच पाएंगे?
according to the bagotomisevthis is the only hope for homaniti।
तो पूरी मनुष्य सभ्यता के लिए, यही मात्र हमारी उम्मीद है, आशा है।
no we make think, i dont even understand bag bag, and i m working all they। and doing so many things, how all i read all this bag।
तो हम पूरी की मेहनत करते हैं, भला कहाँ हम समय निकाल पाएंगे भागवतम भरने के।
and when i read it the next
day, i can remember it age भी लेते है, तो अगले दिन उसको भूल जते हैं।
but there s a very special formula for understanding bagwat।
बहुत ही विशिष्ट फॉर्मुला है शम भाग समझने के लिए।
because as says take the three panish that you can never understand krishna by any luctrsतत्रप्रिशो।
लिखा है कि आप किसी प्रवोचन को सुन कर के शास्त्र को नहीं समझ सकते हैं।
medanabahunasuena you can understand in by great intelligence, or by reading many books।
तो अपनी बुद्धि से, या बहुत सारे ग्रंथों पढके किताबो को पढ़ कर के आप भगवान को नहीं समझ सकते हैं,
but you can understand him when he be veals himself।
आप उनको तब समझ सकते हैं जब वो स्वयं अपने आप को प्रकाशित करते हैं।
so when you distribute this bag with him, then christian were reveal himself।
तो हम जो शिव भगत पढेंगे, तो कृष्ण हो कर के स्वयं को प्रकाशित करेंगे।
because when you distributed i have a holl idea of how all of you can be book distributes everyone।
here। सो महाराज वाज के बहुत ही विशेष योजना है कि आप सब मिल कर के 11 व्यक्ति, जो है श्रीमद भागवत
को बाट सकता है, even a children, बच्चे भी यहां no when an scape
कोई भाग नहीं सकता।
because the only hope for us to understand the bagowitham is the sangita movement।
तो संगीत जो मूवमेंट हैं, ये ही वास्तव, इसका आधार ही है श्रीमत भग
and we all have to participate और
इसे में भाग लेना है just like
in england one time, many years ago nineteen seventy tree। the devotees were getting arested everyday distributing
book in chanting सो niet सेवेंटी थ्री की बात है, uk में कई बार डिबूट बुक डिस्ट्रिबयूशन करते थे हर रोज
कोई पकडा, i also got a rested
eighteen times maharaj bok distiuionkrte tarहbारpulic के,
even i knew the police on first
name, base marg, पुलिस वालों के नाम भी हो कौन पकड़ है?
so the devoties had an idea the sand all the matijeswithther children the matigiswenout on sangretime with her children।
तो माता ने बच्चों को लेकर के संकेतन में बाहर जाया करती थी, so
the children little for your old five, your they were giving out the book
या 45 साल के बच्चे भी किताब लेकर जाते थे बाटने के लिए, so
the police came so what we do?
पुलिस वाले बोलते थे, अरे, अब हम क्या करें?
we can arest the five year old child?
अब 5 साल के बच्चे को कैसे अरेस्ट कर ले?
stat there in watch cheldmrtibkतो।
यहाँ इस प्रकार से बच्चे भी थे, वो भी जाते थे गलियों में और
and this way krishna gives intelligence lord chatun gives us the intelligence, how to satisfy the desire of shilpa।
भगवान कृष्ण हमें ये बुद्धि देते हैं कि हम किस प्रकार शिल्पाजी को संतुष्ट कर सके।
so by this new method of sancertonwhich, i dont have time to describe here, but i can gurrenty all of you would become first class preachers।
सो, महाराज जानते हैं वैसे बहुत विस्तृत प्लान भी हमारे पास समय बड़ा कम है, लेकिन हाँ, लेकिन आप सब के साथ बहुत ही दक्ष प्रचारक बन सकते है।
because the sons of this distribution is you have to get the contact of the person।
सो आप जब डिस्ट्रिब्यूशन करते है तो उसमे बहुत मुख्य बात है कि जो व्यक्ति है जिसने लिया है उसका कॉंटेक्ट डे अपने पास ले and then you have to culte और फिर उसको कल्टीवेट करे उस वक्त में आगे बढ़ाए and
they will as question और फिर होता से प्रश्न पूछे and you have to now the anser।
पता होना हि and there you will
be for to remember the bag।
और इस प्रकार से आप बाध्य हो जाएंगे शिव भाग समझे और याद रख।
and gita gudia otherwise you appeared to
be a fool to a be mulk
gave me something i m asking you bata you dont know to be a
gr i क्या ces one time she
propnwasteodes for going out on sencreton and on dbody came up to site i⁇mdusttribiting this book that just came out out
the press था अभी book डिस्टरिuशion मैंने अभी इस book को bantne जा ह भी p्रेsसे र निकली he thought to
probe with say a very nice poet have you read it।
ने बोला, क्या तुमने इसको पढ़ा है?
no
ने बोला नही ne he said,
how you convince someone to take it, if you have not taken।
राज ने बोला तुम भला सामने वाले को कैसे मना पाओगे? तुमने खुद ही इसको नहीं पढ़ा हुआ।
you can give something you do not have।
जो चीज आपके बास नहीं होती, भला
उसको कैसे बांट पाओगे वी आल have to be part of the sengertonmovement of schaan।
इससे हम सब को शीत संगीत न आंदोलन, इसका भाग बनना है।
this will focus to become more more krishna contes।
ये हमें बात भी करेगा कि हम और अधिक कृष्ण भावना भावित बने।
and the bag with gosonrbagtage and so could swami sa i was completely realized
to sugest porn rupan sacar hand।
but when i her this bagoataniwanted more।
जितने शhवकभaगतकोjaa pas janu it was so sweet and so, ये कितना अस्वादन है,
रसीला है i had to enter into
the bagwomकिशीवभागत में अंदर जाने के लिए
prerna mile, and then he says this boggwittamis, the literary carnation of the lore,
in carnation of the lore oषणaकीwasebuan srekinakaegrnta
and f course, all through the bogwidtamthe, bogwidtamitselt is being glorify।
तो भागवतम बाकी ग्रंथो में भी, और इसमे भी भागवत की महिमा भागवतम में ही मिलती है।
nd
coding visanacatitakur said that chatnmahaprabu himself approve the bagotomसोशलपाजी।
विश्वा वर को कोर्ट के महापुर खुद,
इसको prove किया श्रीमद भगtmकoshemadbagatam prmanmamalmthat, this is the purest form। f spertlundersटanding।
तो आध्यात्मिक सोच का, आध्यात्मिक, साक्षात्कार का सर्वश्रेष्ठ जो स्थान है, वो है श्रीमद।
this is the highest spiritual। uthority।
ये सबसे ज्यादा उन्नत भक्ति की की सूझबूझ है।
and if you accept the athourity this bag tam।
और यदि आप शोर भागत की सत्ता
को स्वीकार करते हैं, pramopumartomahan you will be garanti to get love of god
head, तो ऐसे में आपको निश्चित रूप से भगत प्रेम की प्राप्ति होगी।
and visa सै। this is my opinion
bol, was the
e ha chatnmahapormatmi dum। this is the conclusion of shri chetanya maha।
prabuyewasnscrsa sri chatni mahaprabuonyou understand radio bagan,
that this supreme personality gordhan is toner that he is playing like a young boy in vrindavan।
तो आप जो इस बात को स्वीकार करते हैं कि वहां से परम भवानी ब्रज इश ब्रज के राजकुमार के रूप में प्रकट हुए है।
and vrindavan is the highest bot, और
जो वृंदावन है ये सर्वश्रेष्ठ diviयstanhै, here
we are in the holly abode of pushkar।
अभी, आज हम लोग यहाँ पुष्कर नाम के दिviधममेंआये हुए हैं, but about pusa is se vindavandampuskr dham ke pr है
srivindavnhamand the best way to worship according to chatanymahapau is the move of the gopis।
तो चंद्र मaापुकेअनुसार जो सबसे बेहतरीन तरीका है, जिस भाव में इसको स्वीकार करने चाहिए, gopio।
this is the opinion of mahapraboऔर।
ये महाप्रभु का मत है।
and so when we get to the tweltcentoof the bag।
तो हम जो भागवत के बारस कंदों
को पढते हैं, many glorification, but the twelpcanto in the twelth chapter, this one very beautiful s, which i wanted to read the translation so sima।
bras बहुत ही सुंदर slok आता है, जिसका अनुवाद mars पढके बताएगे a, this
is well fifty nine to ye he
barason unstwaslookone, who with deviating attention। सो, ऐसा व्यक्ति जो कि के महाराज, तो ये है बारहवें संघका, बारवे विधायक का उनसठवांछलोक, और ये इस प्रकार से है जो व्यक्ति अवजल ध्यान से इस ग्रंथ को प्रत्येक घंटे के प्रत्येक क्षण निरंतर सुनाता है तथा जो व्यक्ति 1 अथवा आधा श्लोक अथवा 1 या आधी पंक्ति श्रद्धा भाव से सुनता है, वह अपने को पवित्र बना लेता है।
so just like krishna in bagavargita, he gives her first explains that surendra inter krishna is best।
तो जिस प्रकार से शिव धोगतितमेंआताहै की भगवान श्री कृष्ण के प्रति शरणागति सर्वश्रेष्ठ
है, but if you can do that you follow the rules and regulation, लेकिन
अगर आप पूर्ण रूप में शरणागति नहीं कर पाते, तो कम से कम आप नियमों का पालन करिए हैं।
इफ यू कैन डू, यू यू स्टडी lidrsमिgsperitl।
तो विधि विधान का पालन न कर पाए, तो कम सेकम कुछ आध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त करें।
and if you can even do that you do something pius, and that were create and atmasfere for advancement, तो अगर
आप पढ़ भी नहीं पा रहे, ज्ञान अर्जित नहीं कर पा रहे, तो कुछ पुण्य कार्य करे, ताकि आपको ऐसा वातावरण मिले कि आप आगे बढ़ सके।
so here the bag with home, says better to reside the bag with home twenty four hours today सो सबसे बड़ी
तो ये है भागवत कहता है कि आप 24 घंटे ही श्रीमत भागवत का पाठ करें। social media बजाय कि सोशल मीडिया में अपने मन को रमाने के, or in some other book बजा के कुछ और बुक पढ़ने के, but if you can
do that read one line, अगर आप
ये नहीं कर सकते, कम से कम 1 पंक्ति पढ़िए i have of the line, आधी लाइन आधी पंक्ति पढ़िए or one word, sbd priy and you will become purify और निश्चित रूप से आप शुद्ध बनेंगे बनेंगे।
she said that he was speaking about
spiritual initiation पा जी, आध्यात्मिक दिक्षा के बारे मे बात कर रहे थे।
robert said, this initiation sir, money is
not so important, ये जो दीक्षा समारोह है, बोला इतना महत्वपूर्ण नहीं है।
he said, this is the way, i am touching you।
यही तरीका है कि मैं सबको स्पर्ष
करता हूँ, but real advance benin krishna contiesnesdepends on your determination।
लेकिन आपकी कृष्ण भक्ति में जो प्रगति है, वो इस बात से निर्भर करते हैं कि आप कितने दृढ़ प्रतिज्ञ हैं।
so, what will give us that determination।
तो क्या चीज है, जो कि हमें वो दृढ़ प्रतिता देगी?
rusungnamkhertun bag we associat with the bodies, we can the holy name and we here the seat।
हम किस परकार से भक्तों के संघ में, आए भक्तों के संग में बैठ कर के श्रवण कीर्तन करें और भागवत का श्रवण करें।
we purify or place of presidents and we will ship the deity with great faith and devotion।
तो किस प्रकार जहाँ पर भी है, हम विग्रह की सेवा करें और शिव भागवतम का श्रवण करे।
but vishwnatcakabati says। even if you dont have any faf,
तो इस बोल, अगर आपको अगर श्रद्धा
नहीं है, if you just here the bogwithom, then you eventually go to crिsnalokaतोलेकिन।
अगर आप श्ीमक भागवतम पढेंगे, तो निश्चित रूप से आप गो लोक वंदावन जायेंगे, भगवान के धाम जायेंगे, कृष्ण लोग जायेंगे,
because her the bag with m, if you here the bag with you can avoid develoपiंgसमe।
भागत ऐसा है वास्तव में कि अगर आप उस के संपर्क में आते हैं, तो निश्चित रूप से आपकी श्रद्धा तो बढ़ेगी बढ़ेगी।
so, this is the power of shrimad।
तो ये शक्ति है श्रीमद भागवतम की
originally। when she was going to come to the west, he was not planning to
come to the us तो प्रभा है शुरू में यू एस ए आने का, उनकी योजना नहीं थी।
he was planing to go to trinidad tobago which is little island in the middle of the karibian।
तो करीबन ओशियन जो है उसमें नाम का स्थान है, वहाँ पर बस जाने का प्रहपाजीकीयोजna थी, but he didn⁇t go
there, because the hindu society thought, he could become prominent and from there, he would go and preach and us england setra।
और फिर उस थान से जो है वो अन्य अन्य जो स्थान है लंदन इत्यादि, वहां प्रचार प्रसार कर सकते हैं।
i didn⁇tgoesthey wanted to control me, i didn⁇tgobecause wanted to control me?
तो प्रऊपाजीवहां नहीं जाना चाहते थे, बिकाज वो चाह रहे थे, वहाँ के सोसाइटीज हैं, प्रहपाजीको नियंत्रित करना चाह रहे थे।
proved said, only krishna can control me।
pro ने कहा सिर्फ कृष्ण है, जो मुझे नियंत्रित कर सकते हैं।
when i was young all of my friends, they would follow me।
युवा थे प्रभाज बोला, तब सारे जने दोस्त थे, वो उनको उनके पीछे पीछे
रहते थे probe said, but i am not requesting you to follow me।
ोबाज बोला, लेकिन मैं आप सब को नहीं कह रहा है की आप सब म मेरा अनुगमन करें i request you
to follow my guru maharaj।
मैं चाहता हूँ की आप सब मेरे गुरु महाराज का अनुगमन करे।
this is the mode of parmpra।
तो यही वास्तव में गुरु परंपरा का भाव है।
once we accept initiation, or even once we accept, someone is guru, we have entered into the parmpara। if you have once we accept, someone is guru, we have eंटरडिंटदतोअगर।
आपने किसी प्रमाणिक गुरु को स्वीकार किया है, तो इस प्रकार से गुरु परंपरा के संपर्क में आ जाते हैं।
and then you have a big respon।
फिर आपकी बहुत बड़ी 1 आपके पास रिस्पांसिबिलिटी आती है, कर्तव्य आता है, otherwise
what is the benefit of this initiation।
तो भला फिर दीक्षा का अन्यथा क्या ही उपयोग है।
we have to take a very seriously।
हमको बहुत ही गंभीरता से इसको जीना चाहिए। we have to surender, हमको समर्पित होना है।
as she said, it is not a social custom।
बोले ये कोई सामाजिक क्रिया नहीं, it
is not clisclisiastico institution of activity।
ये कोई सामाजिक, बौद्धिक या फिर बौद्धिक क्रिया नहीं है।
it is the opportunity to surender to krishna।
ये वास्तव में 1 अवसर है कृष्ण के प्रति समर्पित होने का, and there
for that act, promising to surender, must be followed by surendr।
तो इसलिए ये जो सिलेंडर का भाव है, इसके प्रति हमें समर्पित होना चाहि
when you take initiation you have a det to pay।
अगर आपकी दीक्षा होती है तो आपके ऊपर ऋण है चुकाने के लिए and
the nature of that is i could never part birth after birth।
और ऋण ऐसा है कि हम जन्मो जन्म तक उसको चुका नहीं सकते who
when you surrender to krishna
से अगर आप कृष्ण के शरणागत हो जाते हैं
then krishna paise the dead for us।
तो कृष्ण जो है हमारा चुका देते हैं।
he gives us। krishna pram।
हमें कृष्ण प्रेम प्रदान करते हैं।
so this is the point is all, this becomes a reality, very quickly when we take these books of shilpa and chanting with the holy name very very seriously।
तो ये इस प्रकार से प्रपा जी कहते हैं कि ये कृष्ण कृपा है? बहुत ही जल्दी फलीभूत होती है इसको हम आत्मसात भी करते हैं और इसको बांटते भी हैं।
we dont chant the holy name to be happy।
हम हरी नाम इसलिए लेते हैं कि हम लोग खुश रहे।
we chant the holy name to make
krishna happy, हम हरि नाम लेते हैं कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए।
and kristin we automatically make us happy।
और कृष्ण स्वाभाविक रूप से हमें प्रसन्न कर देंगे।
but what is it meet to serve krishna in the mode of the gopis।
लेकिन भला किस प्रकार से कृष्ण हम प्रसन्न करे गोपियों के भाव में, they
were never expecting anything in return।
गोपियाँ कुछ भी कृष्ण से कुछ भी अपेक्षा नहीं करती थी।
the surbingcrishina to become happy बस कs prसnknaचाहती there reserving krishna, because he so wonderful so beautiful।
तो कृष करते हैं? कृष्ण? इतने सुंदर है, इतने अdbuthaandthis is what
we have to learn?
और यही हमें समझना है। and the bagwitamwodhecus कला सिखाए।
so this press give the bogawitamhas been given to us। by the mercy of seguro and gouranga।
तो गुरु गोरांग की विभा से हमको ये श्रीमा भाग हमारे जीवन में प्राप्त हुआ है।
and how can we pay?
और किस प्रकार चुका पाएंगे?
give it to everyone। we now।
जिसको भी आप जानते हैं उसको आप इसको बांटिए family friends privar dot a quentensganyon we meet, जिससे मिली यही चितन
आदेश in we all most guru।
तो इसलिए जिसको देखिये उसको कृष्ण की का संदेश फैलाए और इस प्रकार से आप गुरु की सेवा स्वीकार कर।
course first you have to become।
सबसे पहले गुरु बनने से पहले आप बहुत अच्छा शिष्य बनना है।
हम some people like to be guru without being the siple that s no
कई है जिनको गुरु बनने का बड़ा शौक होता है लेकिन अच्छा शिष्य नहीं बनना चाहते। very good formula, यह बहुत ही अच्छा formula है।
so this is the order chatni।
तो ये कषेतनेवहावका आदेश है।
you can t a void it, आप
इससे बच नहीं सकते।
otherwise it would be very difficult to
advance inspir life, a dati brain spirit
life is not capsul that we take a twoovoursitwil work to a ne a
i krishna capsule ka bah gnt me iska asar ho ya sa ne, but
you can become fully immerstincrishna pram in less than one second।
लेकिन आपको कृष्ण प्रेम की के लिए तैयार हो जाते हैं। 1 क्षण के अंदर अंदर how much
time it takes ऑनली डेफेंस on arditermination,
तो आप कितना प्रगति कर पाएंगे?
आपके दिल प्रति होने पर कrtahecrishnasays bgentyeduda
kisna
you serve in worship krishna with great determination? and then he will manifest himself with in our hearts in his original form।
तो हम जो जल प्रतिग्य रहेंगे, तो फिर कृष्ण अपने मूलभूत रूप में अपने हमारे ह्रदय में प्रकट होंगे।
so this is such a wonderful opportunity।
तो ये बहुत ही महान सौभाग्य हमें मिला है।
so again, i beg all of you please t think about it think about we have a few ours left।
तो महाराज सबसे आग्रह कर हे हैं सोचिए सोचिए इस बारे में।
about seven hafhoursuntill the eight of september
8 सितम्बर को अभी शुरू होने में करीब 7 घंटे और बाकी b्rहurकoustill have
time sm, he and i would request isaver maharaj and probotion the maharaj and any other maharaj and myself, if its have any help that we will happily, if you do it today we will sind your bag with on with nice
not for you, तो ये बहुत ही विशेष ऑफर दि महाराष्ट्र के द्वारा, अगर कोई आश युवक भाग लेता है तो ही गुरु प्रसाद स्वामी महाराज ही भक्ति महाराज और साथ ही प्रबंधन महाराज जी के हाथों से सिग्नेचर और 1 बहुत ही विशेष संदेश के साथ यम भागत दिया जाएगा।
so this offer expires in seven hours
and has, तो साढ़े 7 घंटे है प्रेरणा का जितना, आप लेना चाहे ले
सकते हैं परेrnaplease all of you think about let surprise the world and show how this wonderful gathering on this wonderful day। glorifying that person who i personly was inspired to work with, because it is dedication to book distribution is holi gopाकृष्णaमहाराज।
सो पूरे जगत को पता लगना चाहिए कि यहाँ पर ऐसा क्रांतिकारी कार्य हुआ है? क्योंकि यहाँ पर जो महाराज चिली प्रेरणा के स्रोत रहे हैं, गोपाल कृष्ण गोसाई महाराज उनके जो भक्तगण है वो श्रीमद भागवतम की कितनी अद्भुत सेवा कर सकते हैं ल।
g b c is senior to bodies sanyasis that i know i never saw anyone that spoke as much xpfrmabebyshisica praboabout book distribution।
तो जीबी, सी और अन्य जो मेंबर्स हैं तालियतलल सो महाराज बता रहे हैं कि जी, बी, सी और गुरु जनों में देखा है वे शिव प्रूव होंगे और उसके बाद फिर महाराज श्री गोपाल कृष्ण सा महाराज रहे है जो न्ंकीप्रपाजकी बुक के बारे में बहुत ही प्रखरता से प्रचार प्रसार किया है।
so this is your inherits।
तो इसलिए आपको ये पुष्तैनी की कृपा मिल रही है।
you want to accept you want to live for someone s।
तो ये पुष्तैनी कृपा आप लेना चाहते हैं या कुछ?
we have that?
चोइस हमारे पास विकल्प हमेशा रहता है,
but if we accept, then that is a ticket to go back home back to।
लेकिन कृपा अगर आप स्वीकार करेंगे तो हमें गोलोक धाम, जाने कंफर्म टिकट प्राप्त हो जाएगी।
grant silagोपाकश महाराज की jai tigor nnt koti
हे सोलन गुरु प्रसाद स्वामी महाराज ही की जाय। तो जैसा कि महाराज ने कहा बैठ जाइए। बैठिये अगर जो अभी उठा, महाराज के उठने से पहले इतनी मनूसियत आएगी, आपके जीवन में बैर जो तुरंत शिष्टाचार गुरुजन बैठे हुए हैं, हम लोग बीच में कैसे उठे जा सकते हैं। पर अपराध है, व्यास देव जी के प्रति अपराध है, महाराष्ट्र के प्रति अपराध है। सीमा प्रति ट्रिप अपराध 1 शॉट में ऐसा कैसे कैसे? तो इसे अगर बीच में उठ कर गया। बहुत बद्दुआएँ मिलेंगी आपको बैठे रहिए, जब तक महाराज नहीं उठेंगे, तब तक हम लोग उठेंगे नहीं। ठीक है जी, अगर बात और है। लेकिन वैसे चलो बहुत हो गया है।
टाइम तो हो गया है।
99 बज गए, नहीं बैठे रहिए प्लीज। अच्छा तो आप में भाग लेना चाहता है। अगर सो चाहें तो अभी भी आ सकते हैं, महाराष्ट्र भी यहीं पर ही है। भागवतम ले सकते हैं आप। और फिर महाराज के हाथों से उसको नोट भी देंगे। महाराज के हस्ताक्षर भी होंगे तो कोई आना चाहे हाथ लगा सकता है। तो आइए तो साइड में वालेंटियर्स भी हैं, उनसे भी संपर्क कर सकते हैं।
आप
ओके गोपेश रूज ने अभी अभी बताया कि 1 भक्त ने 11 श्रीमद भागवतम सेट स्पांसर की तो महाराज जी का मैसेज उसने सुना और महाराज से उसको प्रेरणा मिली और उस भक्त ने 11 श्रीमद भागवतम सेट स्पोंसर की। तो इससे 9, 2, 11 नहीं होना है। 11 भागत सेट स्पांसर करने है आपको तो और कोई आना चाहेगा तो आगे आ सकता है। टू श्रीमत भाग सेट क्या माताजी का नाम क्या है? माता जी, क्या नाम कमला सिंह माता जी की जय हो। 2 श्रीमत भाग तम सेट भाई कमला सिंह माता जी, ओके करुणा चंद्र बू तो करुणा चंद्र बू जो है महाराष्ट्र असिस्ट कर रहे हैं श्िमकभागुदमका प्रोपगंडा करने के लिए। ओके तो वालेंटियर्स ऑलरेडी तैयार हैं। उनसे सम्पन वोलिंटियर्स कहाँ कहाँ पर हैं। खड़े हो जाएं। ऐसे घूम के दिखाए घूम घूम रो घूम रो साडो भक्त घूम घूम रो घूम रो रो थोड़ो देखिये तो सही कौन कौन है, भाई वालंटियर है। देखिये, जो घूमते नजर आ रहे हैं। ये ये जन्म चक्कर से निकल चुके हैं। इनको आपको संपर्क करना है, अपना नाम लिखवाना है। इन भक्तों का नाम लेकर के महाराज के हस्ताक्षर के साथ और साथ ही भक्ति आश्रव्याशमहाराज के हस्ताक्षर के साथ उनको श्रीमद भागवतम दिया जायेगा। 1 बार फिर से बताना चाहूंगा मैं आपको राधिका कृपा माता जी ने 1000 8 श्रीमद भागवतम सेट स्पांसर किए हैं। सोरी वन जीरो, फाइव जीरो, शिव भागवतम। वो बात चुकी है और यह श्रृंखला बढे जा रही है। सो कौन है जो माता जी से प्रेरणा लेकर के माता जी आगे निकलना चाहेगा। ओ हो हो हो भक्तों का उत्साह अमेजिंग सो करण ने हाथ बढ़ाया है
तो वो
1000 8 के बजाय करेंगे। 2016 श्रीमद set here सो प्लीज काली कॉन्टैक करना 1 बार डिवोटीज वॉलेंटियर्स 1 बार हाथ खड़ा करके घूम रो घूमर घूमर घूमर माता जी घूमर घूमर सो काली कॉन्टैक्ट आर walentirspleasok गुरु प्रसाद महाराज जी की जाए ट्वेंटी वोल डिस कल सुबह आपको मंगल आरती के लिए आना कितने बजे 5 बजे फिर यहीं बैठे हो जा भी करेंगी, यहाँ गुरु पूजा भी होगी और मॉर्निंग क्लास होगी बाय हिसओल्डेनेस प्रबोध सरस्वती महाराज दुखियारी आत्मा जोर ऐसे कुछ कर 2 और महाराज आपको बताएंगे ग्लोरी ऑफ़ हरिदास ठाकुर तो सा ब्रेक का समय भी रहेगा आफ कोर्स पर काली बी देयर फॉर मंगल आरती five a m और साथ ही शाम का सत्र रहेगा जिसमें गुणगान होगा हिसहोलनेsgोपाल कृष्ण गोसायराजकाso p्lesknly be there as well शांति लाल वेगड़ वे घर प्रियंका बेघर प्रियंका बेघर सोचिए वो कोई व्यक्ति बेघर भी होने को तैयार है, लेकिन भागवतों को बाटने के लिए तैयार है। ये होती है वास्तव में प्रेरणा के वालेंटियर्स को नाम लिखवाइए, वाल्डेज नाम यहाँ लेकर आयेंगे उनका नाम हम अनाउंस करेंगी और हरे कृष्ण महामंत्र से उनको विश आशीर्वाद प्रदान करेंगे। सो हाथ खड़ा करे कौन है जी जो सीवन भागत लेगा या बाटेगा यस हमें भागना नहीं है भागत की सेवा में इसमें भाग लेना है हमको यस दिव्या श्रु कितने भागत सेट ओके हम 2 हमारे 22 श्रीमत भाग सेट हरि इस राजीव कोहली प्रभु जो की मार कर चं्रपुकेपिताजी हैं उन्होंने श्रीमत भाग सेट कितने 11 11 श्रीमत भागम सेट हरि और और कोई वैकोणचन्द्रबहु ने प्रतिज्ञा ली है 100 8 शीमतभागदमसैdhरिल अमेजिंग यह है वास्तव में सवा शेर भगत और और कोई और कोई भक्त अपना नाम बताना चाहे ओके देवेंद्र तिवारी प्रभु 1 शीत भागत set hरiबolआलरइटयहाँ वालिंटिया जहाँ नाम दे हमें ऊपर यहाँ पर इसके लावा कमल नेत्र प्रभु ने स्पांसर किया न श्रीमत भागोतम सेट, हरि बोल और साथ ही दिव्यांशु गुप्ता प्रभु 2 श्रीमद भागवतम सेट, रिवोलइसकेअलावा राम रंजन प्रभु कुल मिला कर के 16 श्रीमत भागत और कथा वाचन में बहुत ही दक्ष ग्रेज प्रसाद मुगुल प्रभु पंद्रह श्रीमद भागोतम सेट, हरि बोल मथुरेश प्रभु ने 21 से श्रीमद भागवतम के लिए प्रतिकिया ली है रि बोल आइए आइए आशीर्वाद दीजिये महाराट्र इसके अलावा अमृता गोपिका माताजी वन श्रीमद भागवतम सेट और इसके अलावा रामानंद प्रभु फ्रॉम डेली हरी बोल 1 श्रीमद भागवतम सेट, अनिल कुमार पटनी प्रभु और अनrपitcrimcirtk 2 शिमत भागम sad खुशबू माता जी एंड खुशबू पटानी खुशबू माताजी 1 शिमत भाग दम
से
राजकुमार प्रभु सोरी रोहिणी सुत राम प्रभु कितने 11 भागोतम सेट हरि बोल 1 और 1 हो गए 11 हो
गए
और कोई प्रभु जी माता जी इसके अलावा कृष्ण ग्रोवर माता जी
1
श्रीमद भागवतम से, hrivoलइसकेअलावा सिद्ध गोपिका माताजी फ्रॉम एन बी सी सी पूने न श्रीमद भागवतम सेट इसके अलावा संकर्षण विष्णु प्रभु ने श्रीमद भागवतम सेट, ओके अर पिता करुणा अनल पिता करुणा माताजी ने शी भागतमसdहरीबोभागतम हमारे पास है अब संपर्क करिए आपके घर में डिलीवरी की जाएगी उसके सिर के 7 और अगर सिग्नेजर उसमे नहीं मिला तो आपको हम साउथ अमेरिका की टिकट देंगे की आप वहाँ जाए भारत से साइन कराए और थोड़ा घूमा घामी करके बनारसी साड़ी खरीद कर वापस दिल्ली आए
पर
ओके परम भक्त प्रभु वन श्रीमद भाग दम सेट revo कौन कौन जाना चाहता साउथ अमेरिका घूमि घूमि करने के लिए है भागोतम सेट कर आइए ओके ब्रिजवासन से अर्चित बू ने 21 श्रीमत भागोतम सेठ रिवोल रसिक नंदर गौर प्रभु 1 शिव भागोतम सेट hरiबoलकमला सिंह माता जी 1 शिव भागोतम सेठ हरिबोल बोलो हरि बोलो रंगा देवी तारिणी माता जी फ्रॉम कुरु क्षेत्र वंश भाग सेट अशोक बंसल पर वंश भाग सेट हरि बोल इसके अलावा सती साध्वी माता जी वंश भाग धम से रास मोहिनी माता जी वंश ही भाग दम सेट अचिन्त किशोरी माताजी वंश भागम सेट rival कमलाक्षी के कमला सिंह माता जी 2 सी धागदmसेइसकेअलावा राधा की कृपा माता जी अच्छा राधीका ओके और कोई है श्री भगत यस अनंत दिल्ली से गब्बर सिंह प्रभु शिव भगत से हरी बोल अनिल अग्नि हो त्री प्रभु वन भागत सैड हरि बोल इसके अलावा केवल किशोर प्रभु वन श िव भागोतम सेट हरिबोल इसके अलावा रामदास प्रभु वन शिव भागतन सेट रोहिणी सुत राम प्रभु वंश हिम भागम सेट रिंकू माता जी एन रिंकल माता जी 2 भाग तम सेट इसके अलावा हितेश प्रभु वन श्रीमद भागवतम से हरि बोल इसके अलावा मयाल देव प्रभु मंगल देव प्रभु मथुरेश प्रभु साक्षी चंद्र प्रभु विशाल प्रभु एंड नवनीत हरी प्रभु ये कुल मिलाकर के है के मंगल प्रभु 1 भागवत सेठ मथुरेश प्रभु 21 भागवतम सेठ रि बोल साक्षी चंद्र प्रभु 11 भागोतम सेठ विशाल प्रभु 2 हिंदी भागवतम सेट और नवनीत हरि प्रभु 2 भागोतम सेठ हरी बोल नत्थूलाल गुप्ता प्रभु दिल्ली ऐसी 1 भागोतम सेठ हरी बोल हो गया अर्चित प्रभु फ्रॉम बिजवासन 21 भागतmsेtribol अतुल शुक्ला प्रभु वन शीमा भागोतम सेट अमर गौर प्रभु गौर फरमाइए 1 भागवतम सेट साइन करके साइन नहीं होगा आपको साइट पकाएंगे बिल्कुल 1 नवम्बर को आप सबको रथयात्र लाल किले के पास शियो भागतों को बांटना भी है आप सभी को और कल सुबह आना है 5 बजे मंगल आरती के लिए इसी स्थान पर सो प्लीज काइली कम फॉर मंगल आरती टुमोरो तो कल वार भी है मंगलवार सोमवार कल सोमवार है संडे सवारी कल है सोमवार लेकिन आती होगी
मंगल
श्री पाद की जाए, हि गुरु प्रसाद स्वयं महाराज की जाए, हिज भक्त महाराज की जाए, समस्त भक्त की जाए, पुष्कर धाम की जाए आप सब को पुश करना है भागोतम के लिए आज बहुत ही विशेष दिन है और क्योंकि आज चंद्रग्रहण भी है तो आज दान करने की बहुत महिमा है स्कैन करिए दान करिए हरे कृष्ण जगत गुरु श्री प्रबाद की चाय कल सुबह मंगल आरती में 5 बजे यहाँ इकठ्ठा होने की
जाए हेजर्स कमल नेत्रप्रहुजी आप अपना नंबर नहीं दिये तो यहाँ पर आ करके अपना कॉन्टेक्ट नंबर दे दे
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