Pushkar Dham Yatra (Morning Session) || Day - 2 || HH Gopal Krishna Goswami Maharaj || 2025

HH Gopal Krishna Goswami Maharaj leads the second day morning session of Pushkar Dham Yatra with chanting and devotional verses. The teaching covers ten offenses to avoid in devotion, including disrespect to the divine name and disobedience to the guru. The day includes chanting at 7 am, guru puja at 7:30 am, and discourse at 8:15 am.
Chapters
भा जय जय प्रभु पाद जय प्रभु प्रभु जय प्रभु
शिला
ज प्रभुपाद प्रभुपाद जय प्रभु पा जैशला भुप्पा प्रभु
प्रभु
प्रभु
प्रभु पा
्रभुपाuasंsardab लो ka trnyकaरुnयाघना घना तो सर दबा लो का तराना या कारुन गनगनाता प्राप्तस्य कल्याण गुणानबाश्यबनदे गुरु श्री चरण प्राप्तस्य कल्याण गुण न बास्या वंदे गुरौश्रीचरनारविन्दा महा प्रभु के तन त्यागता वादित्र माध्यम मन से महा प्रभु के तनन जगता वादित्र मा ध्यान मन सुरसेना रोमांचक पा श्रुत रंग भाजो वंदे गुरु श्री चरण रोमांच कम पा श्रुत रंग भाज वंदे गुरु श्री चर नर विदा श्री विग्रह राधन नित्य नाना श्रिंगार तानमादिरमरजनाद श्री विग्रह रा धन नित्य नाना श्रंगार तन मन दिर मर जना 2 जुकतस्यभक्ताचनी ऊंज तोपी बन्दे गुरु श्री चरण बिना तोपी वनडे गुरु श्री चरन र बिंदा चतुर विधा श्री भगवत प्रसाद स्वाधननत्रीतान हरि भक्त संग चतुर विधा श्री भगवत प्रसाद सदन त्रेता हरि भक्त संग श्रीराधिका माधवयोरपरो मधुर जल गुण रुप नाम नाम श्रीराधिका मा द र पर मधुर लीला गुन रूप नाम नाम प्रति ना स्वादन लोलो पाश्य वंदे गुरु श्री चरण रविना प्रतिक्षण स्वाद लो लो पाशा वन्दे गुरूश्री चरन रविनदामनिकुंजायो रतिकेलि सीधी यायालीभिरुनिया अति भाशा बन्दे गुरुश्री चरण सत्र पिराचा अतिबला भा वंदे गुरौ श्री चरना रविन्द सख्या धरीतेनaसमस्त सास्त्रे उकसा धरना समस्त सास्त हुकतताथाभातेबशादी किन्तु प्रभु या प्रिय बताश्यहवनदेगुरु श्री चरण बिन्द प्रभु प्रिय बता श्या वन्दे गुर श्री चरना जिंदा जश्या प्रसाद भगवत प्रसाद जश्या प्रसादन नगतीकुतोपीजश प्रसाद भगवत प्रसाद जश्या प्रसाद नगतिकुतोपीध्यायंगस्तु बंतश्याजसतिसंध्यांग वंदे गुरु सी चरन र बिन्द तस् य त्रि संध्या वंदे गुरौशीचरनारबिनदा धयायंस्तुपतश्या जसत संध्या बंदे गुरु श्री चरन बिन्दा तस्य यस्यस््रिसंध्यम वंदे गुरु श्री जरनरबिनदानमाउगिश पदाया कृष्ण प्रस्ठायाभुतले श्रीमती भक्ति बेदांत स्वामी इतिनानीमेनमा विष्णु पदाया krishna prs्taभutl्रीमत ता स्वामी नीति नाम ना मस्ते सौर स्वत देवे गौरव वाणी प्रचार ने निरबिसेसहशुन्यबादी पाश्चात्य देसतारीनेमस्ते सरस्वती देदे गौरव ही प्रचार ने मेरा विशेष शून्यवादी पास त्या देश सार ने नया श्री कृष्णा 4 कन्या प्रभु ने त्या नन्दा श्री अदवाइतागदाधासे भाषा दी गौरव भक्त कृष्ण केतना prभoनit्यaनanda द ध स गौर भक्त खब्रेदaजयाश्रीकृष्णा चाह कन्या प्रभु ने त्या नन्दा श्ीअदवातागदाधर सी भाषा दी गौर भक्त कृष्ण के तान्या prabhu nityananda raja god brinda jlasrekusnactana praभुnitयananदa श्रीतबइतागदाधर सी बासा दी गौरा भक्त श्री कृष्ण जो कन्या प्रभु नितनndaश्रियकइता गददा श्री वाजादी गौरा भक्ता वृंदा गया गौरा भक्ता ब्रिंदा या गौ
भक्त
विदा हरे कृष्ण हरे कृषना कृष्णा कृष्णा रे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्ण हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा रे हरे हरे कृष्णा हरे कृषणा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा रे हरि रे क्रिष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा र हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा रे हरे हरे कृष्णा हरे कृषणा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे रामा रे रामा रामा रामा हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृषणा कृष्णा कृष्णा रे हो रे हरे रामा रे रामा रामा रामा रे हरे हरे कृष्णा रे कृष्णा कृष्णा kृsणarharे हरे राम रे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृषणा रे कृष्णा कृष्णा कृष्णा रे हरे हरे रामा रे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्ण कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा रे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृषणा हरे कृष्ण कृष्ण कृष्णा हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा जन्म नृत्य के सभी शे र हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा ष्ण कृष्णा हरे hare hare rama hare rama रामा रामा हरे हरे हरे कृष्ण हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम राम राम राम हरे हरे हरे रामा कृष्णा जार राय नाम हरिहर नाम कृष्णा याद ना गोपाल गो बिंदा राम से मधु सुदा गोपाल गो बिंदा राम श्री मधु सुदा हरि हराय न मा कृष्णा यादव भाय न मा हरी हराय न मा कृष्णा या द न ह गोपाल गो बिंदा राम से मधु सुदा गोपाल गो बिंदा राम श्री मधु सुदा हरी हराय न कृष्ण व हर नाम हर हर नाम कृष्णा यादव गोपाल गोविंद राम से मधु सुदा गोपाल गोविंद राम श्री मधु सदा हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा रे कृष्णा कृष्णा कृष्णा रे हरे हरे रामा रे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृषणा कृष्णा कृष्णा रे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा रे कृष्णा का हरे हरे हरे रामा रे रामा रामा रामा हरे हरे जय प्रभु पादा जया प्रभुपादा प्रभु पाद सील प्रभु पादा प्रभु पदा प्रभुपादा हिल हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बो visnpatasa अभय जरणारवंदभतवैदात mi maharaj prad confer the holder पति विष्णु पाद पर मानस राजकार्य स्टोर मत भक्ति सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी महाराज प्रभुपाद के prem se o shri krishna chetna gorrndkapuskara ke bol premananda hare hare bol gloristomblbltis na goris ग्लोरिsटोश्रीगुरु श्री गौरंग ग्लोरिशशिलपउपाद जगत गुरु शीला प्रभुपाद की ना मस्ते नरसिघा
या
मस्त
न मस्ते न र सि गा या prlaधलदुदाइनेहरन्या काशी पूर्वक्षा शिलटँकानकालाये
तो
नसिंग पर तो नजिंगा तो यतो यामी ततो नजिंगा हे नसिंग रिय नसिंगा नरसिंग मधिम शारनमप्रपदेतबकार क म र ब र ना काम अदभुत श्रग दालिता रिरन्याकश्ुपु तोनुबंगयेशाबधिता मरारिरुपा ज जग दि शा र
ज
ज दिशा रि जा जगदी शु हरे गया नरसिं गाते नरसिं गा दे नरसिंह देव जय नरसिंह देव जया प्रहलाद महराज प्रलज महराज प्रहलाद महराज जया प्रहलाज महाराज प्रभुपाद प्रभु पाठ प्रभुपाद जय प्रभु पा भगवान की जय भक्त प्रहलाद की ज पतित पावन जगत गुरु selaprpdकiधn्वad rihरक
तुलसी महारानी की विंदायतulसिdev्या प्रियाय केशवसच विष्णु भक्ति प्रद देवि सत्वतेनमोनमहा windayatulsidevaya pryayakeshuvsca wishnuभktipdivi stbtenmonmhविंदाय तुलसि देव्याय प्रियाय केशुवसचa विष्णु भक्ति प्रति देवी सत्वतेनमोनमहा देवी तुलसी महारानी के तुलसी कृष्ण प्रेयसी नमो नम राधाकृष्ण सेवा बाबू अभilasीराधाजेतमार शरन लये तरबान छापुर ना हय ्रपा करी कौर तारे वृंदावन व से
मरा
भी लाज विलास कुंज दियवा नाया ने हरि बो सदा युगल रुप राशि निवेदन धर सखीरनुगातकोरौनवे
सेवा धी का र
दिये कर ले जदा से
बिना कृष्ण
दा से कहे न मोरा। हे श्रीराधा गोविंद प्रेमे सदायनभासे
श्रीराधा गोविंद
प्रेमे सदाय न भासी यानि कानि चंपा पानी प्रम हत्यादि कानि चा तानी तानी प्रण शते प्रदक्षिना पदे पदे आनिकानी यानि कानी चपा पानी ब्रह्म हत्या दि का नीचा तानी तानी प्रना शंति प्रदक्षणा पदे पदे
न कानी
हो यानि गानी जापा पानी ब्रह्त्यादीकानी जा तानी तानी प्रानशंतिप्रद्श न दे यनि गने हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे हरे
कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा जाया तुलसी महारानी तुलसी महारानी तुलसी महारानी जय तुलसी महारानी वृंदायतुलसिदेवयाय विष्णु भक्ति पद देव वते नमो नमा दाय तुलस दिव्याय प्रिया यकेशवस्यचा विष्णु भक्ति पद देवि सतवत नमो नमहaविंदायतुल्स देव्याय प्रियाय के शुवस्यचाविष्णुभक्ति देव सतबतेनmonamaha। vind devi tulsi maharani cejhrswichtsisas k चेतोडरिपणमरजनम
भवमहदवागिनिर्वापणम श्रेय कर वचन रिका वितरण विध्या वधुरिवनम आनन दाम बुधिवरधनमप्रतिपदम पुरणामरदास्वादनम सर्वात्म स्नपनम परम विजयते श्रीकृष्ण संकेतन नाम ना मकारी बहुधा निज सर्वशतेतत्रारपिता नियमित स्मरणे न काल हा इताद्रिषितवकृपा भगवन म मापी धुरदईवमिधृषमिहा जनिनानुरागहा तृणा दबिसुनिचेनाधरोरपि सहिष्णुना अमानना मान देना कीर्तनिया सदा हरि ही न धन न जनम न सुंदरी कवित बाजगरी शक मह ममजनमनिजनबनिश्वरे भवता भक्ति रहयतुकित्वही आई नं द नुज किं करम भादितम मां विषमे भव ब ध क्रपयातवपादपंकज स्तित धूलि सद्रशंबिचिंतया न यनंगलदशरुधारया वदनम गदगद्रुद्धयगिरा पुल करनिचितंबपुकदाता बना म ग्रहणि भविष्यती युगायतमनिमेशेणा चक्षुषा प्रावषायतम छुन्याइतमझगतसरवम गोविंद विरहेणमे अsलिशयवaपादरताम पिनष्टुमामअदरशनान मर महतम करोतु बा यथा तथा बा विद धातु लंपटो मत प्राणना स्तु सई बना परहा हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे श्लोक संख्या 1 श्री कृष्ण संकीर्तन की परम विजय हो, जो वर्षों से संचित मल से चित्त का मार्जन करने वाला तथा बारंबार जन्म मृत्यु रूपी महा दावानल को शांत करने वाला है। यह संगीत यज्ञ मानवता का परम कल्याण कार्य है, क्योंकि मंगल रूपी चंद्रिका का वितरण करता है। समस्त अप्राकृत विद्या रूपी वधु का यही जीवन है। यह आनंद के समुद्र की वृद्धि करने वाला है और श्री कृष्ण नाम हमारे द्वारा नीति मानचित पूर्णामृत का आस्वादन कराने वाला है। जय श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु की स्वी स्वी चैतन्य शिक्षा की। 10 अपराध भगवान नाम के जब में होने वाले जिन से हम सबको बचना चाहिए। मेरे साथ बोले। पहला, भगवान नाम के प्रचार में जीवन को समर्पित करने वाले भक्तों की निंदा करना, दूसरा, शिव, ब्रह्मा आदि देवों के नाम को भगवा नाम के समान अथवा उसे स्वतंत्र, समझना, तीसरा गुरु की अवज्ञा करना अथवा उन्हें साधारण, मनुष्य, समझना, चौथा, वैदिक, शास्त्रों अथवा परमाणुओं का खंडन करना, पांचवा हरे कृष्ण महामंत्र के जप की महिमा को काल्पनिक समझना छठा, पवित्र, भगवन नाम में अर्थवाद का आरोप करना, सातवां नाम के बल पर पाप करना। 8 वा हरेकृष्ण मंत्र की जब जब को वेदों में वर्णित, 1 शुभ सकाम कर्म अथवा कर्मकांड के समान समझना नवा अश्रद्धालु को कृष्ण नाम की महिमा का उपदेश करना। 10 व भगवान नाम के जप में पूर्ण विश्वास न होना और इसकी इतनी आगात महिमा श्रवण करने पर भी भुतिकासशक्ति बनाए रखना। भगवान नाम का जप करते समय पूर्ण रूप से सावधान न रहना भी अपराध है। प्रत्येक भक्त जो अपने को वैष्ण समझता है, उसे चाहिए कि न 10 प्रकार के अपराधों से सदा बच कर रहे। ताकि, स्वी, कृष्ण, चरण कमलों में प्रति शीग्दशीग्रप्राप्त हो, जो मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य है। हम उन सभी वैष्ण भक्तों के चरण कमलों की बंदना करते हैं, जो वाचा को पूर्ण करने के लिए कल्पवृक्ष के समान है। कृपा के समुद्र हैं, पतितों का उद्धार करने वाले हैं। वांचाकलपतरुभ्यश कृपा, सिंधु, भ्ययबचपथितानाम, प, व, ने, ज्यो, वैश्णविभ्योनमोनम, अनंत, गोडी, वश्णमवृंदकीरगत, गुरुशीलाप्रउपाद की सुरीला, गोपाल कृष्ण, गोस्वामी, गुरु महाराज, वार्षिक यात्रा, महा महोत्सव की पुष्कर, धान की नेता, निताई, गौर, सीतानाथ, प्रेम, आनंद,
रे,
कृष्णा सब का हार्दिक स्वागत है। पुना, आज के प्रात कालीन कार्यक्रम और आगे आने वाले जितने भी कार्यक्रम हैं, उनमें वैसे तो मैं कल आया नहीं था। आप लोग भी मुझे स्वागत कर सकते हैं। इसलिए क्योंकि यह वार्षिक यात्रा है। गुरु महाराज पहले भी हमारे साथ आते थे, अभी भी हमारे साथ आ रहे हैं। गोपाल कृष्ण को स्वामी गुरु महाराज की जगह गरशिलापादक तो हमारे बीच कई सारे वरिष्ठ वैशणपदआरेहैउनसबका हार्दिक स्वागत करना चाहेंगे। सर्वप्रथम परमपूज्य गुरु प्रसाद स्वामी गुरु महाराज उपस्थित नहीं है। गुरु प्रसाद स्वामी महाराज की, तो गुरु प्रसाद स्वामी गुरु महाराज ने विशेष भार संभाला है। गोपाल स्वामी गुरु महाराज की जितनी भी जोन्स हैं, भारत में उन सबकी जिम्मेदारी महाराज ने संभाली है। विशेष करके ग्रेटर डेली में। जितने भी क्षेत्र हैं, उनमें किसी भी प्रकार की समस्या के बिना अब सब कुछ चल रहा है। इसका 1 प्रमुख कारण तो यह है कि गुरु महाराज का गुरु महाराज की दीर्घ दृष्टि दी, जिससे उन्होंने सब कुछ संभाला है, उनका संचालन का विजन है। साथ साथ उन्होंने पहले ही गुरु प्रसाद महाराज को भी चुना था, चयन किया था। इस सेवा के लिए तो बहुत सुचार रूप से निभा रहे हैं। और आज गुरु महाराज का 1 प्रिय दिवस भी है। भाद्र पुर्णिमा महा मौत सब की। तो इस महोत्सव के उपलक्ष में गुरु प्रसाद महाराज कुछ विशेष संदेश भी देंगे और सबसे कुछ विशेष भेंट भी। मांगेंगे। आज का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है। अभी इसके उपरांत सब मिलकर हरे, कृष्ण, हरे, कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण, हरे, हरे, हरे, राम, हरे, राम, राम, राम हरे हरे इस जब इस जब का ध्यान पूर्वक ध्यान पूर्वक जप करेंगे। इस महामंत्र का और उसके उपरांत सवा 7 बजे गुरु पूजा होगी और पौने 8 बजे ठीक आज का प्रवचन होगा। प्रातकालीन प्रवचन परमपूज्य प्रबोधन सरस्वती स्वामी गुरु महाराज की ओर से ही शो प्रदान, सरस गुरुमाराज की। और विषय होगा ग्लोरी ग्लोरियस सर्विस ऑफ। ब्रह्मा जी। ब्रह्मा जी का। ये शो गान और उनकी दिव्य सेवाएं। ब्रह्मा जी की। ब। ब्रह्मा जी हमारे संस्थापक आचार्य है, हमारे संप्रदाय के प्रमुख आचार्य हैं, हमारा परम सौभाग्य के। हम सब यहाँ आये है। और सवा 9 बजे गोरांग गुरुकुल की ओर से ग्रैजिट्यूटऔर गुरु परंपरा गुरु परंपरा के प्रति कृतज्ञता कैसे व्यक्त कर सकते हैं, इसके बारे में विशेष नाटिका होगी। लघु नाटिका गोरांग गुरुकुल की ओर से जो कि घाजियाबाद धाम में है अब कुछ विशेष वैष्णों का मैं पुनः स्वागत करना चाहूँगा। जिनकी कृपा से यह यात्रा गुरु महाराज का स्मरण करने में हमें योग्य बना रही है, उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए तैयार कर रही है। सर्व प्रथम हम सब के प्रिय सग्रह श्रीराम प्रभु श्रीराम प्रविधि गुरु महाराज के अतिशेप्रियथे कई सेवाओं में दिल्ली प्रदेश में जितनी भी सेवाएं थे उनमें श्रीधाम प्रभु को गुरु महाराज ने इन्क्लूड किया था। अब आप सब को जानकर हर्ष होगा की पिछले ही महीने हिसग्रेश्रीधाम प्रभु शेलापरपातकीप्रसननता के लिए गुरु परंपरा की प्रसन्नता के लिए दीक्षा गुरु बन गए हैं। अरे गुरु महराज की विशेष इक्षा थी उनके इच्छा पत्र में व्यक्त किया था की समय आने पर कई वरिष्ठ वरिष्ठों को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी उन्होंने अपने शिष्यों को बोला था लेकिन साथ में उनके प्रिय गुरु भाई उन्होंने भी यह भार संभाला है तो इसे श्रीदाम पर का पुन स्वागत है और साथ में प्री के धर्म पत्नी भी है। माता जी उपस्थित माता जी का भी स्वागत करें माता जी ने श्री माताजी, श्री देवी, माता जी, माता जी का नाम से माताजी भी बोलते हैं लेकिन श्रीदेवी माता जी का भी स्वागत है उसके अतिरिक्त हमारे बीच परमसौभाग्य पर प्रो mराजगeमहाराजजी वैसे तो हर साल यात्रा में हमारा नेतृत्व देते हैं इस साल से उनको ज्यादा ज्यादा नेतृत्व निभाना पड़ेगा और हमारा परंतु स्वभाग यह भी है कि महाराज जी ने भी गुरु महाराज के इच्छा पत्र के अनुसार अब दीक्षा गुरु की सेवा संभाली है और इसके अतिरिक्त यहाँ पर उपस्थित है कुछ समय पहले परपोज भक्तियां श्रे वैष्णा स्वामी गुरु महाराज की उन्होंने भी इसी प्रकार सेल गुरु महाराज के इच्छा अनुसार भार संभाला है दीक्षा गुरु का और हाल ही में आपको जानकर हर्ष गा कि परमपूजय भक्तियां नुग्रह जनार्दन स्वामी गुरु महाराज ने भी दिक्षा गुरु का भार संभाला है तो ये पूरी सभा में बताना आवश्यक है। तो आप आप सब यथा रूप यथेच्छा जिन जिन वैष्णों का शरण ग्रहण कर सक। अच्छी बात है उसके अतर और भी कई वरिष्ठ वैषोंमैंउनका स्वागत करना चाहूँगा। ग्रेज मुरली कृष्ण प्रभु जो की पंच पर है पहले सब 1 दूसरे को हाथ मत दिखाए जब मैं से बोल रहा हूँ बोलने दे आम मास्टर ऑफ़ सेरमनी तो मुरली कृष्ण प्रभु पंजाब विभाग मंदिर के अध्यक्ष हैं और वो ही खुद माला पहना दे कैसे प्रभु जो कि रोहिणी मंदिर के अध्यक्ष हैं और सभा में हम देख सकते हैं इस ग्रेस बलभद्र प्रभु है जो कि हम सब के आनंददाता हैं पर राज की ओर से फुटफोलाइफनामाहटा कुछ अनेक सैकड़ों सेवाएं करते रहते हैं। गुरु मारा जी बोलते थे बलभद्रा इक्वल टू टेन ब्रह्माचार और हमारे लिए विशेष बात यह है की बलभद्र प्रभु ने ही वो बुक दी थी। ग्रेस मोहन रूप प्रभु को से वो भक्त बने आगे से और और भी वरिष्ठ वैष्णों है ग्रेस राधा के शो प्रभु है करण छंद प्रभु सोमन किसी का नाम नहीं लिया तो बाद में मार देना भी मॉर्निंग पर जा के बाद चेतना सब सुधर जाएगी। तब मेरे से बात कर लेना। सो प्लीज वेलकम यू आल वन्स एगेन अभी हम सब ध्यानपूर्वक जब करेंगे और ठीक सवा 7 बजे गुरु पूजा होगी। सब ध्यानपूर्वक जब करे। उसमे भाग ले। प्लीज स्विच ऑफ योर मोबाइल गुरु मेरा ने बोला था ध्यान, पूरक जब का मतलब है यू चैंट ओनली हर क्रिश नथिंग यू डू ओनली चैटिंग। उस समय मोबाइल का प्रयोग बिल्कुल न करें। ध्यान रहे शिव गुरु महराज की शिला प्रभुपाद और 1 अंतिम शब्द विशेष धन्यवाद इस ग्रेस प्रदुमन प्रभुका, इस ग्रेस गुरिज प्रभुका एंड मेनी आदर डिवोटीज फ्रॉम अक्रॉस ग्रेटर डेली हो हैव कॉंट्रीब्यूटe दिस वन्डरफुल सर्विस ऑर्गेनाइजिंग दिस एनुल यात्रा। अब सब चाहेंगे हर साल ये यात्रा चलती रहे या शीला गुरु रा आज
की
है यहाँ पर, पंचदीप किसी ने कब्जा कर लिया है, वापस दे दे उसके लिए उचित भेंट स्वरुप हम थैंक यू बोलेंगे तो प्लीज उनको भेज दे, क्योंकि भगवान की अगली सेवा के लिए आवश्यक है। पंच दीप किसी के पास पहुँचा दीप मतलब, जो दीप आपकी भक्ति, बहुत दीप है, जान ता, फिर भी पहुँचा दीजिये। चलो ब्रहबादगीहमस्वागत करते हैं इसके रषिकुमार और आज 4 मुख्य ओकेशन चातुर मसल का तीसरा महीना है दूध से पास, साथ ही साथ विश्व रूप महोत्सव और भद्र पूर्णिमा जैसे बताया और आज के दिन शीला प्रभुपाद ने भी संन्यास ग्रहण किया था तो ये चारो तिथि आज शीला प्रभुपाद की जा।
he, hee, geet, he,
he,
he, gee, he।
More from PRASAD

Rare Pastimes & Timeless Lessons of Guru Mahārāja | Stories Every Disciple Should Hear

ISKCON Legends- pure devotees meet-HH Jayapataka Swami, HH Gopal Krishna Goswami, HH Radhanath Swami

Jagannātha Ratha-yātrā Through Śrīla Prabhupāda's Mercy | 29 April 2006 | Nairobi, Kenya

Lord Jagannātha's Appearance Pastime | 21.07.2019 | ISKCON Calgary | Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī

The Ācārya Teaches by His Own ExampleGuṇḍicā Mārjana by Guru Mahārāja #shorts

Guṇḍicā Mārjana – Lord Jagannātha's Pastime | 21.7.2019 | ISKCON Calgary |Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī

H.H. Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī Mahārāja - Exemplary Sādhana and Deity Worship # shorts

भगवान की कृपा कैसे प्राप्त होगी ? | 11 Jan 2014 | Punjabi Bagh | Srila Gopal Krishna Goswami

Material Education vs Spiritual Education | Srila Gopal Krishna Goswami #shorts

