क्या धनी बनने से समस्याएं खत्म हो जाएगी? | SB 1.1.10 | Dec 22, 2021 | Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī argues that wealth does not solve life's problems. He describes Kali Yuga as marked by shortened lifespans, addiction to entertainment and social media, and loss of devotion. True relief comes only through bhakti and self-realisation, not money.
Chapters
hi krshna स्वागत ज्यादा आने में ओम लूभसेवसुिामरूभ
तो छोटा।
तो आज हम आपको सुनाएंगे और क mahan san
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to a bag
us
माता जी,
श्रद्धा दरबार की बात करे, इस दुविधा सूचना को बाजी के दश्कोवा की रायन राय। अलग आयुषवाइईजीवनअबधि संख्या विद्वत, समाज का सदस्य, कल कलियुग अश्विन। यहाँ पर। युग युग में जन लोग, जनता, मंदा, आलसी, ममद्यामध्यप्रेी, मंद, भाग्य, भागे, भी औरतो गुद्रत विचलित ये विद्वान। कली के इस 2 युग में लोगों की आयु न्यून है। वे झगनालुआलसीीपथप्रष्ट अभागे होते हैं। आप के साथ सदैव विचलित रहते हैं। लोगों की आयु लोगों आयु न्यू है। वे झगड़ालू, ड़ाल, आलुसीआन्सीवातव्रष्ट, अभागे होते हैं। भागे साथ ही साथ सदय विजित रहते हैं। रेभगभरभकसामान्यजलों की अध्यात्मिक ति के लिए सदय केंत्रित रहते हैं। जब नेमीशारण के सनियों ने इस कलियुग में लोगों की अवस्था का विश्लेषण किया तो उन्होंने देखा कि उनकी आयु कम होगी। कलियुग में आयु कम होने के कारण प्रयास आहार नहीं, अपितु अनियमित आदते हैं। आदतों को नियमित करके, ज्यादा भोजन करके कोई भी व्यक्ति अपना स्वास्थ्य बनाए रख सकता है। अधिक भोजन करना अधिक दूसरों की दया पर अत्यधिक आज देना हम रहे। सेन के क्रिपरिटमानक मनुष्यों की प्राण को चूस लेते हैं। फलस्वरूप जीवन की अवधि क कट जाती है। इस युग के लोग, ना कि भॉरमिकदृष्टिसे, अपितु, आत्म साक्षात्कार के मामले में भी अत्यंत पालिसी है। यह मनुष्य जीवन विशेष रूप से आती साक्षातकार के लिए मिला है। अर्थात मनुष्यों को जानना चाहिए। मै क्या संसार का है और परम सत्य क्या है। नुष्य जीवन का वह मनुष्य जीवन रह साधन है, जिससे जीव इस पौती जगत में कठिन जीवन संघर्ष के कष्टों को मिटा सकता है और अपने सनातन पर धाम लौट सकता है। किन्तु भ्रष्ट, शिक्षा, प्रति के कारण लोगों ने आत्म साक्षातकार की इच्छा ही नहीं उतरी। यदि वे इसके विषय में जानते भी है तो दुर्भाग्य वर के पथ भ्रष्ट शिक्षकों के शिकार बन जाते हैं। इस युग में लोग न केवल विभिन्न राजनीतिक वर्गों तथा दलों के शिकार है, अपितु विभिन्न प्रकार के इंदर करने वाले विपथनों से भी ग्रस्त हैं। जैसे कि सिनेमा, खेल, जुआ, क्लब, संसारी, पुस्तकालय, पूरी, संगंधीधूबरमाल, मदिराबादछरावा, चोरी, मन, टूटा आदि आदि। अनेक नेक ग्रस्ताव के कारण उनके मन सतेकवचलितएवंचनेताओं से ग्रस्त। इस युग में अनेक दूध लोग अपने अपने धार्मिक पर ना खड़े कर देते हैं, जो किसी शास्त्रों पर आधारित नहीं होते। प्राय ऐसे लोग ही जो इनदरकतीकेवनीहै ऐसी संस्थाओं के प्रति आकृष्ट होते रहे। फलस्वरूप धर्म के नाम पर अनेक पाप कर दिए जाते हैं, जिसके कारण लोगों को न तो मानसिक शांति मिल पाती है, न स्वास्थ्य लाभ है। अब छात्र ब्रह्मचारी, बल का पालन नहीं किया जाता और ग्रस्त लोग ग्रस्त के विधानों का पालन नहीं करते। बलसरतथाकेवग्रस्त तो संन्यास जैसे वह सन्यासी जो ऐसे ग्रस्त से आते है, अपने कठोर पथ से, आसानी से विचलित हो जाते हैं। कलयुग में सारा परिवेश श्रद्धा विनीता से है। लोग अपदार्थिक पुरियों में रूचि नहीं दिखाते। अब तो भौतिक ती ही सभ्यता का मानदंड बनी है। ऐसी भौतिक सभ्यता को बनाए रखने के लिए मनुष्य ने जटिल स् के राष्ट्र समुदायों का निर्माण किया है और विभिन्न गुटों में निरंतर प्रत्यक्ष तथा शील की आशंका बनी रहती है। अत वाज मानव समाज के विकृत मानदंडों के कारण अध्यात्मिक स्तर को उठा पाना अत्यंत कठिन हो गया है। नमेठारनेकेरशेमनी पति आत्माओं को मुक्त करने के लिए उत्सुक है। अत वे शिविसुधगोस्वामी से
home anjana sanam a ce मे पास रारा हाँ भक्त के ध्यान से सुना बड़ा matवapूr्slok do shala to so a na sn now china san थोड़ी dure थोडी दूरी है, वहा नारी काल से संदलिसवाहोतीथी आपको पीछे सुनाई दे रहा है। तब नारी काल से अध्यात्मिक चर्चा होती थी। कई मैदान है विडियो की चर्चा की जाती है। तो ये जो शं थे गाना सं का विषय क्या था? हर सभा का विषय होना चाहिए उनका विषय क्या सब मान समाज को दान देकर उनको भगवान के धाम हो जाना तो वह रूप से शूतागुस्वामीसे शिक्षा गेन करना चाहते हैं। शूतागुस्वामीहहमने कहा था कि वो शूतगुसवामीशूतगुसमी उन्होंने सोना वरना जामो, मार्ग दर्शन big man to उनका ऐसे उद्देश्य क्या है द्वारा ज्ञान प्राप्त हो। और मेरा तो उनसे यह निवेदन की और हमें ज्ञान चाहिए कि ज्ञान कैसे प्राप्त करना है। a a vegan se le sikar vidvan ये जो कल युग है, उसमें लोगों की छोटी आयु हो जाती है। आज दिन के बीतने के साथ छोटी हो जाती है। ऐसे तो सती में लगी थी लगभग 1 लाख साल थी ज्यादा से ज्यादा कहा इस करी में छोड़ी है, हम समझते हैं बड़ी छोटी are locates data every ikesfanlgone वो कहते है आपके दिल छोटी maras कागजों में क्या नहीं गिनते हैं? यह नही गिनते कितने जीवाताकोकावदिया जाता है माता घर में उनको देख वो भी कैलकुलेट कर लाइफ वेरी बरीस गिनने का तरीका है तो कल में क्या कहते है बचे दिन छोटी होती और आज आप क्या देखते हो बचपन से ही बीमारी। आजकल बच्चों को ऐसी बीमारी हो रही है जो प्राचीन समय में गोलों को होती थी। बैंगलोर में 1 बहुत बड़ा हॉल में केवल बच्चे पैदा हुए हैं नुघ्सकेसाथ उन के अंदाजा लगा कि ते हासल 600 बैठक तो हमेशा फुल रहता है, तो छोटी सी बजे पैदा हुए हैं। पहले कभी होता था लोग आगे क्या
कहते हैं
हमेशा युद्ध जो प्रजा है वो लड़ती रहती है। 1 दूसरे से यह के सच है, जिंदर लड़ते यहाँ के संत किया गया है। he have talakdusaina लोग इसी कोर्ट में तो देखोगे, इतने बड़े बड़े 36 हजार से ज्यादा केस बारन के कोर्ट में पेंडिंग है। तो क्यूं vakilo खुश होता झगड़ा पड़ जाए तो क्या छोटी छोटी बातों में झगड़ा हो जाता है, छोटी छोटी बातों
में
दल दल भी
lagi
सुत आज के लोग ध्यान में क्षेत्र में है, बुध क्षेत्र में ै मजार क्षेत्र में कोई रूचि नहीं, बौद्धिक लाभ प्राप्त करने की तपस्या कर ज्ञान के ग्या पीपल आम जब लोगों को विमंतलमिलतेहोकिी, धार्मिक लोग सबके साथ लेते हैं। 10 को बुलाओगे तो 1 शैल, मानेगा और राम उनको शराब की पार्टी के लिए बुलाओ, वे को बुलाओगे, 10 को बुलाने जा बुला बुलाओगे w o ci
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काnha, अमेरिका में सरकार, लोगों को तुमारा, डॉलर महीने, का बोन काम में नहीं जा सकते। हमें खुद कवि तो लोगों को 2000 मा था सरकार से और नई काम करे तो नौकरी बन कर घर बैठे बैठे साढे $3000 में अपना तो लोग हैं ले ले। अगर आपको आमदन आ जाए खुश तो कलयुगी गालियो उनके आयु छोटे और वो हमेशा झगड़े आगे में गाइड उनको ठीक मार्ग दर्शन आप नहीं हो रहा। अगर आप अंधे हो, अब ले जा रहे हो तो क्या परिणाम होगा? सभी खेल। यह कई साल पहल है को चालीसा js vet bak 1 पेंटिंग छपी थी, पेंटिंग की थी, 1 फ्रेंच आर्टिस ने, जो कि आज भी आउल का दर्शन ले हो the lule lule french asan musim, i wish manawa rum to us penting he, अंदर आगे व पीछे और
अंधे है
तो ये रे के
नेता
ते है, प्रजा आती है और दोनो प्रधान बनाने का वर्ण है तो
रहे
हैं कि में क्या होगा, कोई व्यक्ति, कोई थी को, magnise jean cole me कोई ऐसा केत्र कि आपको stan uनivery on to get the show to a bar a program, hamara, you have any department s, तो हम हमें ठीक मांगने नहीं देगा। हमारे जो नेता हैं, उनकी वो सुबह से रात तक व्यस्त रहते हैं। इसमें
बहुत
उनका चरित्र नहीं है, उनका आदर नहीं है। पर 1 समय था जो हम देखते थे, कई नेता तो उसको कभी वोट नहीं बनता था। आज के बात तो ये हमारी स्थिति, तो ये यहां का कहा जा रहा है लोग मार्श नहीं प्राप्त, गाइड और दुर्भाग्यशाली है दुर्भाग्यशाली भाग्य। अगर हम भगवान के शिर को स्वीकार
करें,
दुम कहते हैं, भाग्यशाली है age कर, ने के करे, यूनियन पापा मनुष्य जीवन प्राप्त होता है, तो हमें मनुष्य जीवन प्राप्त हुआ है। जो कठिन है, हम सोचते हैं, मनुष्य जीवन बार कहते हैं। अगर किसी का शो हो जाए के लिए जीवन त्याग है तो हम क्या करे? भगवान उनको अपने पास ले गए। भगवान सोरागसवरगिराने के लिए आपने आपकी तैयारी होनी सोरागिजातेहै तो
जा।
और हमेशा विचलित रहते हैं, चिंता में रहते है। जैसे कि गोविंद दास का विराध। क्या कहते हैं, वाजरे, गोद, मैंने, वाजबी। और जो मन है, चिंता से भरा हुआ है। और ये सब हम सोचते हैं। धनी बन जाएंगे, सारी चिंता समाप्त हो जायेंगे, नहीं तो धनी बन जाओगे। और कैसे चिंता धनी बनना चाहते हो को चिंता रहती है, नौकरी मिल जाए, डिग्री मिल जाए, वगैरह। पर जब आप सब सुविधा बात कर लेते और मान लो, बहुत धनी हो, चिंता देता है। धनी व्यक्ति की चिंता रहती है। कोई चोरी नहीं करे मेरे में, तो क्या कहता है, सिक्यूरिटी गार्ड की है, विदेशी कुत्तों को रखता है तो पान लगाता है। और इसलिए कि कोई कुछ चुरा और अगर वो भाग जाता है अपने साथ। 2 घंटे मे हमारे मित्र थे, संस्था के, जो जाते थे, उनके चेन बॉमसरहोते थे, बॉमसरबुलातेबम बाउंसर, बिल्कुल पहलवान होते, पैमानों ने मंगाते हैं। बमसरक्यूंरतेसा कोई बदमाश गया तो न। तो यह यहाँ कहा जाता है कि कलयुग में जो प्रजा है अत्यंत विचलित रहेगा, तुम माँ नंदा के पुतकीशरहोगेतो इस भाई से रहे। सो पापा जी को क्या नाम दिया था अमेशापापाजीके, पिताजी की इच्छा थी मेरा बेटा उचेउठीकरसंदबने khushi se क्या name, la t e i body ke sica
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one i ga ga a co astrologis जाते हो जाना होगा। और ये जो आध्यात्मिक से है वो देख सकते हैं आगे के 10 हजार वर्षों के लिए क्या है। ये थी उनकी शक्ति। तो संतों ने, संतो ने इस शोक में क्या किया, इस शोक में कलयुगी प्रजा का लक्ष्मण का वर्ड किया और उन्होंने कहा वो चाहते क्या हैं, वो चाहते हैं कि शूतरगुस्वामी उन्हें शिक्षा दे कि अगर इस प्रकार के जल है। यह उपाय है। तो प्रापर जी और गहराई के साथ कलयुग के लक्षणों का वर्णन करते हैं। और हम कहते है मानव जीवन जो है उसका उपयोग होना चाहिए। इसलिए होगा। तो प्रथम सकर्मक, लगभग हर शो बहुत ही महत्वपूर्ण है। और हम क्या देखें महत्वपूर्ण है। पर जो और छूसूतकउसमे पूछा आप बताओ क्या है हुआ भागवत उपाय दिया। तो भगवद हमें फुल फेस सीकार। कई बार हम भगत की चर्चा पढ़कर किसी बोली वाली व्यक्ति सुना इन पॉसिबल 5000 साल पहले लोगों को जाना था या जो कि भगवत दिया गया है वही बीत रहा है भगवत देश लोग तो दवा की रचना 5000 साल पहले हुई, कल नहीं आपको दिखेगा यह कल ही हुआ था। तो ये है भगत की शक्ति। तो प्रभाजित तात्पर इसी बीच की चर्चा कर रहे हैं किस विषय की कलयुग
में
रुचि नहीं है। कम होते आप हमें मार्ग दर्शन कीजिये जिसके द्वारा कलयुग में log फाइनल में probate sat airport jana code in the first to cant man to baki tak m prbuea उनके पिता वकील ठाकुर उनके प्रगट होने से पहले प्रगट हुए थे। उन्होंने देखा समाज में कि वैशनाधकलव्यक्तिके हाथ में आ गया है। तो भक्तिन ठाकुर ने लगभग सौ ग्रंथो की रचना की। अंग्रेजी भाषा में ओड़िया बंगाली में उन्होंने शिक्षा है, उसे ठीक रूप में परसो किया और वक्सिन ठाकुर ने प्राथना की थी भगवान से या जलन के पास है स्थापित तो कर दिया है वैसे चलाने के लिए आगे आप को भेजा। basant 5 साल की उम्र में उन्होंने पूरे भगुतमकोपडाजीता को और उनकी खेले खुदने में कोई उल्टी नहीं थी। उनके पिता ने देखा के के इस बेटे में शुरू से धार्मिक लक्षण व माता के घर में निकले थे। वो मलिक कॉल कैसे जुड़ी हुई थी श्री के साथ, यह देखो आप जरूर हो। और उनकी मां अब में बेटे को ले रही थी जी के चरणों में रखने
और मां
बेटे भगवान के चरणो में रखने 1 फूल गिर गया उनके ऊपर तो इन लक्षों द्वारा पक्ष ठाकुर समझ पाए, ये जो बालक है प्राथना के हुआ है और ये सुधार 11 बजे। तो भक्ति सिधांत जी ने बहुत बहुत ध्यान से पाला, उन्हें ध्यान शिक्षा दी और छोटी सी आयु में 1 share 1 आम खा लिया था। भगवान को भोग लाए भक्ीधानछोड़ेथे में बिमला प्रसाद। उन्होंने 1 आम खा लिया था। भगवान को भोग लगाया तो क्या खाऊगा। जो मुझे भोग लगाये बिना खाना खाते हैं वो क्या कर खाए क्या कहना चाहिए। सो 3 साल के बच्चे बड़ा पाप हो गया बेटा यह ठीक बताया था में लोग और गाड़ी खाना तो इतनी गंभीरता से। इसको उनके अपराध को स्वीकार किया। मेरे पूरी जिंदगी आम खाना है तो फूड माना जाता है। जिंदगी भर ने आम उन्हें आम देते थे तो क्या कहते थे मैंने अपराध किया नहीं तो छोटी उम्र में उन्हें पूरे गीता और उनकी जअंगेजीथीवोभीइतनी तेज है। अगर आप उनके गलत को पढने जाओ तो आप उनको हर शब्द का आपको लिकर देखना पड़ा जो videsi
वो
वाणी को कमी पहले dise o ये भवन कैसे चलता है की चिंता और उन्होने कई इनोवेशन किए जैसे अगर आप सीधे जाते हो तो वहा andr में जाओ तो देखो 1 छोटा musim यू तो ये कॉन्सेप्ट का म्यूजियम के द्वारा प्रचार करें उन्होंने इनोवेशन को यूज किया, संदेश को आगे बढाने में बक्सी सांदा पहले kisi visa or उन्होंने का वाद किया और अपने 4 को भेजे। इसलिए printing press खासकरके ककरा madras का प्रेस से खुली किताब छा और उन्होंने इस सेवा को बंद।
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सारा सदा गंगा को बजाते हो तो उसकी आवाज ज्यादा दूर नहीं जा सकी। जब आप ग्रंधो बाटते ाोगेलंदमेउ dna sm no magzin magzin da nanda is
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si आप अखबार शुरू hapur go ke bas इतना masala इंग्लैंड में कोई 1 ही अखबार के 4 एडिशन आते हैं, 1 में वो क्या करते है, उर्जा हेडलाइन होती है तो दूसरे ने इंग्लैंड बदल देते सो। जबकि साधारण समाज में लोग सो गो। सुधा जी ने पुछा शुरू किया और उन्होंने अपने सन्यासी को विदेश भी भेजा। क्योंकि भक्तियों ठाकुर और भक्ति सिधारी। पूरा विश्वास था कि वाली भागती सिधांत के पूरा विश्वास था कि
और उन्होंने
कई संन्यासी शिष्य को भेजा था। इन में, इंग्लैंड में, भारत में कोई भी चीज लोग सिर्फ इंग्लैंड वाला और इंग्लैंड में जाएंगे पढ़ने वाला। जो है वो महंगे जूते वहां चलाएंगे महंगे कपड़े लाएंगे और कैन में आजा देवू का खाना। अब कपड़ों के लो हम बात तो बागी कई सन्या भेजा बिना सफलता के है। सो वहाँ प्रभु की भविष्यवाणी तो है, लगता है पूरी क्यूँ है तो 1922 में प्रभा। हा, यहां 1 बहुत प्रसिद्ध संत है। तुम चलो उससे मिलने के ले, मैं तो हूँ, किसी से भी प्रभावित नहीं। सन्यास सेवा कर a my father is not discute। ये असली साधु दिखता है कुल की सेवा करो सेवा का। और ये भी साधु
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beta को ashirvad बॉस्टन के बार को देखा तो सोचा कौन स्वीकार करेगा न की राजधानी जी कि सी का हो है। हालांकि हमें दिखता है अमेरिका में कौन स्वीकार करेगा इस सिक्षा को। राधारानी जी की कृपा हो तो यह संभव हो सकता है। राधाजी तो ले। उन्होंने यह भी साबित किया कि व्यक्ति साल व्यक्ति ब्रामण बनता है, गुणों के आधार पर, जन्म के आधार पर नहीं। और उन्होंने प्रापा जी को आदेश दिया था तुम पड़े लिखे युवक को अच्छी अंगरेजी जानते हो न संदेश को, पश्चिम देशों में पापा के काम हमारा देश गुलाम देश है। कौन स्वीकार करेगा हमारी शिक्षा को? to a h, what in real indepent को बता real independent independent स्वतंत्रता का के बंधन से ग्राम देश होता है, तो हम इसके लिए, इंडिपेंडेंस के लिए और असली इंडिपिडेंस किया है। बंधन से तो भक्ति से ली, चौथे का सामना किया था, कई उसे बड़े थे। कैंकर से वाइस रॉय अंग्रेज आदाता उनके उनको मिलने और न की रचना की और उन्हें बाजी को आदेश दिया। ने क्षेत्र में देश को
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जो बैठे थे, सीधे बैठते थे कि पीठ को भी, पिट भी, चुके हुए और सीलन भी लगाते थे। आईने में देखे हुए।
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बोले, ऊँचे, कुल जिनकी कृपा से प्रामिक, जो हमें और प्रार्थना करने में शिक्षा दे, ज्ञान दें, इसके द्वारा रा अपने जीवन को सफल बना। हमने केवल संक्षेप में आपको कहा है?
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fisker लो क्वे
हर कश्मार मारी मेरा प्रश्न है। जैसे हम भक्ति जीवन में आते हैं, तो भक्ति जीवन में आने के साथ क्या हम जो हमारा सांसारिक जीवन है, जो भौतिक जीवन है, क्या हम जब दी करे हैं तो यहाँ पे अपना वो बेशूषाहोाकुछलेकिन। जब हम अपने सांसारिक जीवन में जाते है तो ग्लैमराइज, तो क्या हमारे उसमें डसना चाहिए? या कैसे उसे हैड करना चाहिए?
भगवग अपार उदाहरण दे रहे हैं। कमल का फूल जल में है, जल को छूता नहीं। उसी प्रकार हमे बहुत समान में रहते हुए दोषों से बचना है। तो अगर आप बरसा कर के जब से जाते हो, ठीक रहेंगे। अगर आप सुबह के समय अगर नौकरी करते हो तो ये मेरे बड़े कौन सी नौकरी करते हो, पर आपको रागों से मिलना पड़ता है, कभी कभी बाहर भी जाना पड़ा हो। अधयानमेतयानीकरो फिर आप बुजसवनरहतेहुए उसके प्रभाव से बच हे आज के विषय में पूछ। re
पकिस्तान सुशील ठाकुर के बारे में सुना। तो जब हम अपने सम्प्रदाय में ऐसे आचार्य देखते हैं, पकता ठाकुर, ठाकुर, जी और बाकी सब्सिडी आचरे उनके अचीवमेंट्स देखते हैं। हमें इन्सपीरेशन को मिलते मिलते, हमारा सम टाइम उनको देखते लगता है कि पास
to long, to to hai, to hai so, how to a में हम जैसा भी नही बन, जया कभी नहीं बन सकते e des po क्योंकि सजवा कि हम उनकी तुलना नहीं कर सकते, यह उन्हें भगवान का प्रयास करो शिक्षा दी गई है। प्रॉपर के द्वारा। प्रॉपर जी और चाहिए थे, शक्ति थी you otorissaकमोगस्त की स्थापना, उन्हों भक्तों को जिस चैंट or कुछ ne bola a nem job swami wants follow me lo 2 से जॉब के था, जिसके द्वारा वो समझ पाए कि कोई nem so we should follow। यो प्रोसेस wo question was that your question, so we should take? हमें चाहिए इतना इतना ऊँचा नही पहुँच के ही पहुँच प्रापर का है, sol करो chana and i, and then you will go back to one। तो जो हमारे चriयaहैउन्होंने प्रॉपर को थोराइज किया था, जाओ साबित करो a sand in to swami final अगर हम छोड़ से मना नहीं कर, मना कर सारे नियमो का पालन तो फिर वही राग मगादाजथाकुर जॉब करते थे। माया देवी आई थी, उनको विचलित करने तो हुई मैंने तो नाम की शक्ति आज भी उतनी है। जितनी 5 या 500 साल से साथ नाम की शक्ति बहुत ही जा रही है। holy name is as proble today is one hundred of like, living like own
थैंक यू सो मच मरगनदेटकीपतिदिन कलयुग का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया का मान कल्युग बड़ी तेजी से फैल है, अंदर सेम टाइम ये भी कहा जाता है कि जो कलयुग का गोल्डन री। लेकिन हम देख रहे हैं कि संगीत की सी की कमी तो प्रभा
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संगीत जितने देर से इतना भी फैल पा। कलयुग माया का और इस देश को कलयुग गोल्ड कोडलेजपो
कल देखते हो? मां का प्रभाव तेजी से दौड़ा चलता नहीं है।
दौड़
यह रोज न कोई नई सुविधा दी है। as i smartphone, bad smartphon, a smartphone, heitsaplesingin crs, multi s,
all the books
on the smartphone, cm s phone, doropyogsoiuse everything in the service, what
हरेकशणमनमारीशलभकत कि जैसे उनके जीने का सुनी, उसमें देखा जाता है कि बाबाजी बच्चो से पहले भारी भेजा तो जैसे कार्तिक मास आता है, 4 मास आता तो उसमें क्या कई भक्त क्या करते हैं कि गाड़ी रख लेते हैं, जैसे इसमें नहीं, ऐसा करना चाहिए तो एग्जाम्पल उनके साथ, तो उस पर स्थिति को मार कैसे लेना चाहिए? यह स्कोर में हमारे में क्या न
बोलो
दाढ़ी रखना चाहते हो ये सोचकर दादाजी तो आप भी बगधीदादाजीजैसे। वो तो खिचड़ी को खाते थे और वो पर हम जारी रखेंगे उनकी नकल करते हुए वो फैशन आएगा यह फैशन बन गया है आप को,
तो
हमें उनकी नकल करनी है। soha ka re
लास्ट बस में कवि टूर्नामेंट तो इस को बैंगलोर की तरफ से कार्तिक पब्लिश किया गया। उन्होंने सो किया the slap of, जैसे बोले हर फिक्स जाता है govin, तो जी राजी राजी जैसे last 2020 में तो इस कॉलबबंगलोरकीतरफ से उन्होंने गाडी कल ब्लिश किया और उसको रील सलैpऑफमाया लोग बहुत जादा मायावादी से है, पर कलियुग का प्रभाव बढ़ा बाद
पूछा गया था, मैं समझ गया आपने सुना था। इससे पहले के प्रबु ने कहा माया तेजी से बढ़ रही है, भक्ति शायद तेजी से बढ़े, भक्ति भी तेजी से जा रही है। आप उधार के लिए यह पुल के द्वारा क्या नहीं कर सकते। पहले किसने सोचा था आप सीम भगत के पूरे बरस के सब ने सोचा था। अगर इन किताबों को आप उठाना चाह फिजिकली तो आपको खुली रखने पड़ेंगे 2 दिन और आप सब को बिठा सकते
1
तो 1 रूप से वो टेलेभेबिठासे भगवान, तुम कहाँ भी पढ सकते हो, बस में जा रहे हो, वहाँ जा रहे पढ़ सकते हो। तो भगवान ने आसान बना दिया, तो भगवान ने क्या कहा है ना ना ना ल। ye itna simple prapti, satan hot cutin, you get a heavy discount
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रेटुसा
महाराज जी, जैसे आपने देखा कि बैंगलो बंग्लादेश में जो स्कॉट के साथ जो भी हुआ तो स्थिति में किसी भी ऐसी स्थिति आ जाए। या भक्त को किसी इस तरह की स्थिति में अहिंसक होना चाहिए कि उस समय भी विनबरीरहनाचाहिए
हम मंदूर, वैसे ये जो किया, ये पापी भाव के व्यक्ति थे और आप अगर हमे नही जाए, वो गोली चला चलाया रहा आपका to me savdhan an prayas mulk si का upogsomihै proves corti okay, should we sonam okay
gorumara like we here get be sold to had to be is care, when we pay to the lord, the situations, trevling मी, and i can get out the situation, i can do, but the better or in a situation, ice to bat। शुड बी prades और that is just
get a la man or jodi protect प्राथना कर सकते हो, जो भक्त हैं, उनकी सुरक्षा हो, ऐसे वास में, और ये जो दुर्घटना मिलती है, हम यह नहीं कह सकते। यह bagवanकीचछatी maya so thank यू very much so।
आप
पोर्ट रैपो।
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