परम सत्य की प्राप्ति करने के लिए क्या करना जरूरी है? | SB 1.2.14 | 03 Oct 2022 | Gopal krsna Goswami

In this devotional discourse, the speaker emphasizes that attaining the ultimate truth (परम सत्य) requires dedicated bhakti practices—listening to the divine (śravaṇa), remembering the Lord (smaraṇa), and worship (pūjana). The talk weaves together scriptural references, stories of saints and miraculous events, and observations about societal distractions such as media and politics that can pull devotees away from the path. It underscores the importance of collective worship, pilgrimages, and chanting, urging listeners to maintain steadfast devotion despite life’s challenges. The speaker also offers practical guidance on how to integrate these practices into daily life, presenting them as the essential means to protect the soul and achieve spiritual realization.
Chapters
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10 माली रमशा असमा रमा भगवान सब दीवान सह रमता राम भगवान पद 11 आगत मरजा मनके भगवान भगवान जाता शो या के जल तथा यह मन के पूछने के लिए पूजने, अनवारी धनवार अति मनुष्यों को काग से पूर्ण पुरुषोतम भगवान के विषय में श्रवण, मरण तथा पूजन करना चाहिए, जो भक्तों के रक्षक हैं। पर यदि परम सत्य का, साक्षातकार की जीवन का चलन रक्षे है है तो इसे हर संभव साधन से अवश्य करना चाहे। उपरयोग, वर्णों तथा आश्रमों में हर 1 में भुवन, शवन, स्मरण तथा पूजा ये 4 दिया सामान्य हित इन जीवन सिद्धांतों के बिना कोई नहीं नहीं सकता। जीवों के काले बना जीवन के इन 4 विविध सिद्धांतों में व्यस्त रहे हैं। विशेष रूप से आम समाज में है। मुख्यतया सारे कार्यक्रम शवनहथकीफिल्पर आधारित है, चाहे उसकी सामाजिक हैसियत, ऐसी ही क्यों न हो, वह कुछ भी, कुछ भी कार्ड में विख्यात हो जाता है। यदि ले समाचार पत्र उसका गुणगान करते हों, चाहे गुणगान विदेही हो या सच, कभी कभी किसी विशेष राजनीतिक नेताओं का विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रसारित होता है और ऐसे गुणगान की विधि से 1 नगमे व्यक्ति भी अंत समय में महत्वपूर्ण बन जाता है। हेल्दी और यू के व्यक्ति के ऐसे जूते प्रचार से न तो उस व्यक्ति को ना होता है, न समाज। भले ही ऐसे प्रचार से सने ा हो, किन्तु इसका प्रभाव स्थाई नहीं होता। अत ऐसे कार समय, व्यक् योधानको हम उन पुरुषोतम भगवान का करना चाहिए, जिन्होंने हमारे काम में प्रकट होने वाली प्रति हम इसकी यात्रा भाप के जनवादुसेनेतावाले शू के आरंभ में ही करते। अन्यवभुगदानकरने या अन्य विषय में मिलने की प्रवृति हो। गुणगान के वास्ते में नक्शे, परवेश्वर और होना चाहिए। इससे सुख अनुवाद रहे। अत मनुष्यों को काबे से उन पुरुष कुन कुन पुरुषों से भगवान को 1 विषय में निरंतर, श, त तथा जल करना चाहे। जो भक्तों के
gantesaaka a a a a a i m a s h हे कृष्णा करना 2 e a bitana ये बड़ा महत्वपूर्ण शो का आपने इस शो को पहले सुना कितने भक्तों ने इस शो को कंट्रेट किया तो इस में हर शो बड़ा मीठा है और श्रीवन भगत लेकर सारे लोग जो हैं अत्यंत नीचे है फिर से भी कोई शोक पड़ा गैर। आज तो यहाँ में उद्देश है किसे संतों को उपस्थित हैं कहा? nasa s हम यहाँ है, क्या कहते हैं? वो 4 विषय पर बल दे। क्या कहते है से पहले dusra thisra cota द्वारा क्या शिक्षक होती है? शो इतना बहुत महत्वपूर्ण सेवा है। हम सब के आप सब यहाँ उपस्थित हो। क्यों? क्योंकि आपकी अध्याय में कर भी हमने निर्णय करे या हमें जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने। कैसे मोवाइल शिक्षा दे रहा हूँ? sonam s, n m le का वा के साथ लेना शास्त्र हम का आदेश दे रहे कि हमें संग के रूची ले के दिल का ज्ञान सबसे पहले आप सोआ था किसे और श्रम ज्ञान है। यह सबसे महत्वपूर्ण गया है। पर कबरी के जनम होना चाहिए किसका ध्यान तो श्रम के जो लोग उसे अच्छा लगे तो श्मकेुनम सबक सुने। तो भगवान उनके नाम तो भगवान की लीला में क्ली भारत मे नीला थोड़ी सुनना चाहते कौन है कि चेतन भोग और बोले है। sare े duniya ki to a man is a by prs, mayawati mawali bhothencygudie wali
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a a a to a jana ho। हूँ जा है मैं और मा और 5 दिन बाद आगे बढ़ना चाहता है। बिल्कुल शोक में थे, उन्होंने कहा कि थोड़े दिन और रुक तो उनहोंने सौदा किया थोड़े रुकोगे बाद आपको आशीर्वाद देना है कि मैं क्या तो में समय आ गया। मह्बलेकावाव और उनके भक्तों ने कहा और अकेले नहीं जा सके साथ में 2 बजे गए चेतना की, इसमें उन्होंने चमत्कार दिखाया। जब चेशनमाबपैसे तो समझ नहीं दिखा कर वो दक्षिण भारत में आये। फिर उन्होंने सबको बाबर कर लिया किस से भारत मे तो उनका क्या देश चाहे दादतायेकहोजिसे से क्या कहो हम तो वहापबूनेजबदभारत की यात्रा शुरू की। दूर दूर तक 1 सूचना कर गई कि वा पभु आए हैं और दूर दूर से लोग आने लगे। इसलिए आप का दर्शन लेने। और उनका ऐसा प्रभाव था कि उन्हें देखते ही दूसरे व्यक्ति क्या हो जाते थे, शाम हो जाते है, वो नाम का जाप करते थे। तो इस प्रकार गांव से लोग आए, शहरों से लोग आए और बुध प्रभाव प्रभावित हो जाते थे। जब वो लौटते थे अपने स्थान में दूसरे व्यक्ति, उनके प्रभाव में आकर भी जब परेड शुरू कर देते थे, खुद बदले थे उनके सम्बन्ध में, तो दूसरे या देते वो भी भाग्य बन जाते, उनकी वाणी से भी इनाम निकल रहा था। वो इस प्रकार कैसे है दक्षिण भारत की puri prजाकoक्याकया rao cover कोविल भूल गया a t a उसके आप बड़े सावधान थे और जो व्यक्ति लौटे थे उनसे दूसरे को भी बीमारी हो जाती है। तो इस प्रकार यह महाप्रभु के अनाम सुनकर लोग भी न प्रभावित हो जाते थे। फिर वो कहते थे अपने स्थान में लौटे थे, वो क्या बने? क्या को कोने में जो बंधन है, पर वो 1 साल से दूसरे पर जा कर करते जा रहे थे, क्या करते करते कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण पूरी यात्रा में 4 सब को दिया तो 1 ग्रामीण था जिसका नाम था kurmabramणकुरमा ब्रामण था, रियासाश्मयथेपति बचे थे, पर वो अपने आप को बरेप्रीयभगतमानते थे। a man man to a a
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a change, na chale suभाgहै। उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा है क्या मैं आपके साथ चलूँ, पूछा आगे आप भाग मिलते हैं, को यही कहते हैं हम घर छोड़ना, चाहते ने कहा हम घर में नहीं लेना चाहते है, आपके साथ चलना चाहे, भगवान क्या उतर दिया? क्या मेरे साथ चलने की आवश्यकता नहीं है? और यहाँ आकर क्या करो? महिमा का पार और उपदेश पर उपदेश, क्या करो तुम को को करोगे तुम हमेशा मेरे साथ, हमेशा मेरे साथ। तो इस प्रकार वहाँ लोगों ने ब्राहमण को प्रचार किया और जो भी थे उनके पास सबको 1 सो चा पर गया था और कई परिसेबंदलभीहै पर गए थे। पर ब्रह्मण समय देने के बाद आप लोग क्या क्या में आगे बढ़ना था राम आगे बढ़े यात्रा को मै सो 1 ब्राहमण थे 1 से में भग था बहुत ऊँची पुरी a por कीरो के साथ तो पूरा शरीर के साथ और इतना ध्यान था कि जब कोई कीड़ा उनके शरीर से गिरता था क्या करते थे उसे उठा कर हमें श्री में जो दयालु भाव है देरी से पता लगा इंग्लिश में आये है तो रोज गांव में जाते थे so as गए माँ बहू को मिलने व माँ मिलने गए इनके घर में, में लगा लगा माँ से निकल चुके है क्या और है भगवान है पता था कि वॉज मुझे नहीं मिल पाया lode वहाँ वाले मिले तो वहाँ उन्होंने गले लगाया और जैसे उनका pura bdsuरtsriabn बदसूरत है इतनी बदबू आती थी उनके शरीर से सर कि वाही तरफ से सदा बाप के गले लगाने थे क्या हुआ बिल्कुल सुंदर इतनी सुन्दर खुशबू कि को डर था की मैं धमन्नेनीबनजाऊ अक्सर है आपके पास धूल ती है बड़ी डिग्री है ताले में व्यक्ति मानने से ज्यादा या so as a की sthiti i को उनके yog भागते है वो भी क्या प्रयास करते हैं वे नहीं हो हमारे गुरु बहाली गुरु के गुरु की इसमें है ma psa let psa ऊपर से बाज से फिसल की का प्लेट था उसे गिरा दिया का गुड से ही हो गए वो तो शीशे को पता था हमारे 2 का परिणाम है जाे गुरु अगर हम are jagea ma am to तो raman sriti विदेश आज धनी vcतihasकेmne केवल है प्रति है जो कि लंबे ट्रेन में आते है भगवान का नाम लेते हैं वो ma में जीव का नाम ने पूछा की हमें क्या हो ा मैं 1 सबसे इसके द्वारा क्या मिलता है सबसे का पीड़ा और पीड़ा को आप a pure art a तो दक्षिण भारत के पंजाब बड़े भाग्यशाली थे पर आज आप क्या देखते हो कि नमकतीकाप्रचारछा हो रहा है और आप यह देखते हैं कि ा इतना होना चाहिए पूरी प्रजा को रोल दिया दक्षिण भारत में बड़ा भाग्य था भगवान इधर चेतना में भगवान और उनका उन्होंने वैक्सीन बार में सबको वैक्स बनाया और और स्लो भगवान अपने भक्तों को क्या करे क्या करे मे भक्तों की सुरक्षा का क्या तुम पूरे विश्व में सूचना दे। 2 या जो भक्त है तभी तो हमारे में पूरा विश्वास बन जाए अगर हम भक्ति करेंगे और हम हमारी सुरक्षा की है और वह खुद कह सकते थे उन्हे तो ये जो उत्सव हो रहा है, जो हो रहा है इसका मूल भाव क्या है मूल भाग का भी है या भंोंकोश्नमकिरतनम में जुड़ने का मौका है।
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