क्या सच में होते है भगवान् || SB 10.12.05 || ISKCON Raipur || Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja explains Krishna's six divine qualities—wealth, beauty, strength, knowledge, renunciation, and fame—through stories from the Bhagavatam's tenth canto. He teaches that remembering Krishna through chanting and meditation brings lasting joy, while material pleasures are temporary illusions.
Chapters
मार आज क्लास मुझे थोडा जल्दी लास करना पड़ेगा। a program to is om deva gatewasuevahoge srimad bagan लोग 45 बोर्ड, 4 और 5 पर ा mosnantononiaigan at a putadajabuna duranunaadunonas in a una dur पुन दू musnnonasiाden dura जन पुनाद
musnonmusntomus
माताजी शब्दा us
1 दूसरे से सिर्फ
कलेवा सके
असली मालिक द्वारा जान लिए जाने आ जो
जो
सुना दूंगा हसन बना हंसते फिर से मालिक को बोला गया। धन्यवाद सारे बारबार 1 दूसरे की कलेवा की कोटरी चुराने। जब कोई बालक जान जाता कि उसकी कोठरी जुरानी, तो दूसरे लड़के उस से दूर फेंक देते और वहाँ पर खड़े वाले उसे और फेंक देते। जब पोटली का मालिक ना हो जाता तो उसके बाल हंस पड़ते और मालिक रो देता। तब वह वो ठीक से लगा दी। इस तरह का खेल और चोरी अब भी भतीजे पाने आते हैं। क्योंकि इस प्रकार का मंगल आध्यात्मिक जगत मे विधमान है, जहां से आने का भाव पस्चुहोताहैजनमा, देश से विदा नहीं। यही भाव आध्यात्मिक जगह में विषोपथाउनकेसदियो द्वारा प्रदर्शित किया जाता है कि किंतु वहाँ का यह उल्लास सास है, जबकि बहुत ही जगत में वही शनि होता है, वहाँ का उल्लास ब्रह्म होता है और यहाँ का जल कषनभावनाजआंदोलन को यह शिक्षा देने के लिए कि वह किसी तरह अपने को जड से ब्रह्म, मेसान फल सकता है। क्योंकि मनुष्य में इसी के आधार किया जा, कृष्णा है। यह होते हैं कि हम किस तरह आधादोगतनकेबास साथ आधार पर थाना न पा सकते हैं। वे न केवल आते हैं। अभी तो वंदावन में लेनाएक लोगो,
ओमेगा शीचेतानियामनमै बनाना। one atasauasnab to इस दसवें स्कल में भगवान की अद्भुत लीलाओं के विषय में पढ़ते हो। भगवान की लीलाएं हैं, वो अद्भुत हैं। आज के वाद में कई व्यक्ति दावा करते हैं, भगवान के आमदार है, उनसे पूछो आप ही लीलाओं की तुलना कर सकते हो। तो कहते हैं आज नहीं कल करेंगे। 1 सवाल में था, जिसमें 1 सजन कह रहा था, वो मी था। वो तुम् हारे कृष्ण वाले कहते है क्रिष्ण सुप्रीम कृष्ण हैं, सुप्रीम तुम कृष्ण, हम कृष्ण, हम सब कृष्ण बन सकते। मैंने कहा भगवान ने अद्भुत ली लाइन पकड़ ली थी। आप किसी 1 लीला की नकल कर सकते हो। मैंने कहा आप को छूट देते हैं। आप 2 हाथों से उठा लो। भगवान की छोटी उर्मी के ना पर के बाल। तो कहते, आज भी कर सकते। तो यह मत कली कर सकेंगे? मैंने पूछा तो आपको कितने साल से तैयारी करने के लिए दे पाया? तो भगवान जब पकड़ होते हैं, अदभुत लीला पकड़ करते हैं, जिसकी तुलना कोई कर नहीं सकता। हमारे वेस्टन स्कॉलर्स का ये निर्णय था l this philospीइnहिंदू स्किपर is mythology। जब मुसलमानों का राज्य था, so they were more brutal, उन्हें तो मंदिर ही सब नष्ट कर दिया, पर जब अंग्रेजों का राज्य शुरू हुआ, वो जो न ज्यादा डिप्लोमेटिक थे, उन्होंने मंदिर तो नहीं तोड़े उुलतमनेतोनारुकवा लिया। और इसके लिए बाकी उन्होन ठाकुर ने उनका आभार प्रकट किया और उन्होंने उनके कई ब्रिटिश कॉलेज, भारत में आए संस्कृत भाषा सीखी और ग्रंथों का अनुवाद किया, और अंत में यह निर्णय स्थापित किया, this is all imagination। यह सब कल्पना है? so, this is not ainain। पर हम भगवान के लिए कोई कार्य असंभव नहीं है। आधवेतामचूतामनानी रू, अधवेता, उनके दे आत्मा में कोई अंतर नहीं है। अछूता और छूता कर कभी गलती नहीं करते। आज भी उनकी गीता पढ़ते हैं, जिसका वर्णन लाखों साल पहले हुआ था। अछूता, अनंत रूप। हम भगवान अपने आपको अनेक रूपों में प्रगट करते हैं। और इनकी कोई गिनती नहीं संख्या। उदाहरण के लिए, भगवान ने आपने आप को प्रगट किया, आधे पुरुष, आने पर्चियों के रूप में। और भौतिकवादी वकदिेंगेयतकल्पना 1 समय हमारा कोर्ड के थोड़ा था, अमेरिका में सामने की पार्टी, और ये प्रयास करती बताने के लिए इनका, ये धर नकली धरम। to nsg gan, foto, la corte kahne lagi, my lord, this is their god apmanagliisisposible in the american juri imagination। तो उनको कहा ये का भगवान है, आधा पुरुष, आधा प, तुम विश्वास कर के हो, american lpa, lpa, sok, t, se, jivadoाा, बोधि इंद्रियों के द्वारा,
आप
परम भगवान को नहीं समझ सकते। अगर आप भगवान पर समझना चाहते हो तो सेवा के माध्यम से हमारे भारत में भी कई संस्कृत महाविद्यालय है, जहाँ विद्यार्थियों ने ग्रंथों को कंटस् किया हुआ है। क्योंकि सेवा माध्यम में नहीं जुड़ रहे, भगवान की असीम शक्तियों में विश्वास नहीं करते। तो व्यास देव जी ने दसवें में गहराई के साथ भगवान की बाल लीला का वर्णन किया है। पहले 9 स्कंधों में संक्षेप रूप में भगवान के अवतारों का वर्णन है। पर दसवेस्कंदमें भगवान की लीलाओं का वर्णन है। और 10 स्कंद में लीलाओं के वर्णन के पश्चात आगे जाकर रास लीला का वर्णन है। क्यूँ जब तक व्यक्ति रासिला तक पहुँचेगा, उसके मन में कोई शंका नहीं रहेगी कि परम भगवान कौन है? कृष्ण भगवान कौन है? तो अलवेदमुजूदाबनानी है। अनंत, अध्यम पुराना पुरुष है। वो सबसे पुराने पुरुष पुरुष है। बाइबल में भी कहा गया है मैन इज मेल न गॉजमजबायबलमेकहा गया है, मैन इज मेल। इन गाल व्यक्तिक रूप भगवान के रूप के पीछे है। अंतर यह है भगवान का रूप दीवियोंहमारादिवियम नहीं है। इसलिए भगवान गीता में कहा गया है जन्म कर्म च मे दिव्यं में, वहाँ में जो व्यक्ति है, समाज मेरा प्रकट होना, प्रकट होना दोनों दिव्य है। वो भगवान के धाम लौटने का योग्य है। तो परम भगवान श्री कृष्ण जब पृथ्वी पर प्रकट होते हैं, सुधारण बच्चे समान व्यवहार करते हैं। भगवान पकड़ क्यों होते हैं? पणितनायासाधुना बिना दुष्काम धरमासपराथायाधर्म की स्थापना के लि। तो ये हमें समझ जाना चाहिए। अध्ययन पुराना पुरुष है। वह सबसे पुराने पुरुष now you name और देखते है कैसे है सबसे पुराने पुरुष? पर देखते हैं। कैसे? 1 युवक के समान भगवान सबसे पुराने पुरुष है या या? दूसरे शब्दों में आप कह सकते हो, सबसे ज्यादा बुरे हैं, पर देखते हैं कैसे? सारा विदेशों में पूछो। what in your conception of god to log kate a o he in all man with a witberdsendaclas? worn you know? what is sendaclassandclos witbeardindia? इंडिया? दिखाना चाहते हैं कि हम बड़े वेस्टनाईज है, सब एयरपोर्ट में सेंड की मूर्तियां ही है, तो वहाँ हमारे शास्त्र का है। पुराना prism सबसे पुराने पुरुष देखते हैं। कैसे? यह है भगवान? भगवान शब्द किसके लिए इस्तेमाल करते
हो?
सबसे धनी, सबसे खूबसूरत, सबसे बल बलवान, सबसे ज्यादा ज्ञानी, और सबसे ज्यादा त्याग, और सबसे प्रसिद्ध? जिस युक्ति में ये 6 प्रकार के गुणों असीम मात्रा में उन्हें हम भगवान बुला सकते हैं। आज कल भारत, हार, जाओ या किसी तीर्थ के स्थान और आश्रम के सामने गुरु के नाम के साथ भगवान जोड़ा जाता है? भगवान सुनोएक बार प्रापा से 1 रिपोर्टर ने पूछा you god props any gadd, do god, we serve god? तो श्रीमद भागवतम द्वारा यह साबित होता है कि बाल प्रमाण अगर आप ध्यान से देखो। किसी देवता, देवी किसी में 6 गुण 1 प्रकार नहीं है। जैसे बौद्धिक जगत में बिल गेटस। मान लो सबसे धनी व्यक्ति है। यह कहो कि वो सबसे यादा ज्ञान ही है, वो तो नहीं होगा। तो पर कृष्ण भगवान। तो यहां 10 में अब भगवान की लीलाओं के विशे पड़ रहे, जो लीलायें अनुभूत हैं। जैसे ही समय आम 10 के बारे अभियाई आप पढ़ चुके हो केदार भगवान प्रकट हुए। जब वो प्रकट हुए, क्रम्स के जेल खाने में प्रकट हुए थे, अपने देवी रूप में, माता को भय था। उनके अनेक पुत्र का बंद हो गया था। भगवान प्रकट हुए अपने देवी रूप में। 4 हाथों, पूरा श्री सजा वादा, घेरो के साथ हीरो के साथ दूरिया mani, क्योंकि हर पंक अपना रंग बनाता है। आपके मन के सामने psomjulrsकाbord को पूछो, many but सा नहीं खरीद सकते। केवल में खरीद सकत हर सेकेंड अलग रहता है। भगवान सजे थे। यही ने मोदियों के साथ भगवान यकीन लाना चाहते थे। माता को मैं हो गया। हूँ। घबराओं मत जो माता पिता, माता पिता ने कहा साधारण बच्चे का रूप ग्रहण कर लो, कम से कम सूचना मिल जाएगी। तुरंत उन्होंने साधारण बच्चे का रूप ग्रहण कर लिया। यह कोई कर सकता है। साधारण ग्रहण। और वहां झील खाने में थे, और बड़े प्रसन्न हुए कि पुत्र भगवान प्रकट हो चुके हैं। आखिर वासले और देवकी ने 12 हजार देवताओं के वर्षों के लिए इतनी गहरी तपस्या उठाई। उनका निरंतर चिंता ने 1 विषय का था। हमें परम भगवान प्राप्त हो। पुस्तक के रूप में। तो 12 हजार देवताओं के वर्षों के लिए कुछ खाया नहीं। पिया ने केवल पत्ते जब पेड़ से गिरते थे, और ताजी हवा। अगर आपको ये खुरालमीजाएातो भाग जाओगे, पेड़ के पत्ते दी जाए, तो केवल ये देखो, तो दा बाहर जा। देवताओं के वर्षों के लिए चिंतन किया। भगवान पुत्र प्राप्त हो। तुम बड़े प्रसन्न हुए ह भगवान के दर्शन किया। तो उन्होंने मनि मन में 10 हजार गायें धार्मिक दीदी ब्राहमणों को मन मन में। अगर आप कभी ऐसी स्थिति में हो जहाँ की आप वासिक रूप से सेवा नहीं कर सकते, मनी मन में कर सकते। पर यह नहीं कि जब योग्यता है, आपको हम मन मन में करेंगे। कल आपने मनी मन में 10 हजार गीता बाली रैली में 1 और आई थी। पापा जी को मिलने पापाजी मालचा तो बाबा जी तो हरी को कहते ही स्वामी जी में मनी मन में 24 घंटे जॉब करनी है। जैसे कहते है। पावा ने कहा कि यह भूख लगती मन मन में खाते हो या एक् का ने, मन मन में क्यों नहीं खा लेते है। वो समझ तो मन में आप सेवा कर सकते हो, ऐसी स्थिति में हो कि शरीर से नहीं कर सकते। 1 गरीब ब्राह्मण था जिसने ये सुना कि मनी मन भी आप सेवा कर सकते हो। grivbrमntsचgreb तो इसने many man 1 बहुत बड़ा मंदिर बना दिया और मनी man में कृष में रोज नियमित, रूप, आरतीका और गंगा जमना इनसान नंदियों में ज्यादा था। जल ला। निकले भगवान का स्नान कर। निकले भगवान को सबसे उत्तम प्रकार की भोग लगाता था। और इस प्रकार कई साल भगवान की सेवा करते है। फिर 1 दिन उसने मन ही मन ने खीर बनाई थी, वह देख रहा था। खीर ठंडी हुई कि नहीं, क्योंकि पहले गरम बनती है, पर ठंडा होता। जब उंगली अंदर डाली तो ऊंगली जल गई। तो? तो वो हैरान हो यार कैसे जल गई। वो। तो मनी भगवान ये नीला को देख रहे थे। भगवान हंसने लगे। बोले ब्राह्मण आश्चर्य हो गया। उमली क्यूं जल गई? और भगवान लक्ष्मी जी ने पूछा आप क्यों हँस रहे हो? भगवान ने उत्तर नहीं दिया। भगवान ने अपना वाइकुंटाएलाइसका हवाईजाज भेजा। इस ब्राह्मण को अपने धाम में लाने के लिए मैं इस धाम में सेवा कर रहा था। मन मन में मनी वन में सेवा कीजिये। पर यह नहीं कि मन ही मन में हम सेवा करेंगे। और शरीरिक शरीर के दौर तो भगवान की अदभूत लीलायें हैं। जैसे कि पूतना राक्षसी कम से भेजा था, भगवान ने बड़ी सरलता के साथ उसका बाद कर दिया। कardतीनावrतa वर्ल्ड को हिंदी में क्या कहते हैं? ना भगवान को उठाकर ऊपर ले गए। ये इरादा लगे फेंक देंगे भभगवान ने अपना विस्तार किया तो इस पर भगवान ने अनेक असुरों का वध किया। ब्रजवासी सोचने लगे ये लड़का कहीं नारायण तो नहीं है? गंगा मुनि की भविष्यवानी थी कि यह अद्भुत बालक है तो नहीं है। इसके ऊपर लगता है नरेन की खास कृपा है? और गोल छोड़कर ब्रज में आगे रहने के लिए। और आपने पढ़ा बाल नाम 1 दिन सदा बाता ने बेटे से कहा सुना है कि तुमने मिट्टी खाई है। क्या कारण हैं हमारे घर में कोई दूध किसी भी कमी है। रोजकी गोपियां कहती थी मान में? यशोदा माता से आपका बेटा हमारे घर में आता है, मक्खन चुराने के लिए भी, चुराने के लिए, यशोदा माता के दीदी, मेरा बेटा, तुम्हारे घर में क्यों आएगा? चुराने के लिए मेरे घर में क्या कमी है किसी चीज की? मेरे पति के पास 9 लाख गायें हैं। मेरा बेटा, क्यों आए तुम्हारे घर में? पर मन में सदा ोत, शेयर पड़ोस के घरों में ज्यादा अच्छा दूध नहीं है, शायद सच भी हो इनकी बातों में। हालांकि बाहर नहीं जो। माता ने सुना तो मिट्टी खाई है, माँ ने क्या गा मिटटी नहीं खाई है, तो झूठी शिकैत है। अगर आपको विश्वास नहीं तो मैं मुँह खोल कर दिखा देता हूँ। मुझे मुंह खोल कर दिखाया। तो क्या देखा माँ ने पुरे ब्रह्मण का दर्शन, आप डॉक्टर के आते मुंह खोलते हो तो क्या दिखता है बलगम भगवान, जब मुंह खोलते हैं, पूरे विश्व का दर्शन किस प्रकार सारे? देवताओं का दर्शन अंदाजा लगाओ, ये कल्पना नहीं है कोई कल्पना यह वास लिखता है। ये है भगवान और सोना माता। जब शिकायत भी आ रही थी, वो बड़े ध्यान से दही का मर्थन कर रहे थे, भगवान के किलाओं का वर्णन कर रहे थे और उनके मन में 1 ही भाव था कि इतना अच्छा मक्खन और दूध न म। र के 9 लाख गायें थी, उनमें कई गाय थीं जिनसे सुगंधी दूध निकलता था। आज हमें दूध में आज अगर आपको दूध सुगंधित दूध चाहिए तो ऊपर से फ्लेवर डालना पड़ता है, है कि नहीं? दिन में गायों को संबंधित घास खिलाया जाता था, बदले में सम्बंधित दूध भी निकलता था। तो यशोदा माता किस प्रकार बांधा प्रयास किया, बेटे को पकड़ा और बांधने का प्रयास किया, सब राज्यों को जोड़ा, जब भी रसिया होंगी छोटी निकली। और फिर जब भगवान ने देखा कि मेरी मां इतना प्रयास कर रही है और पड़ोस की गोपियाँ हसली है, तो भगवान ने बांध ने दिया 2 छोटे का 1 बड़ा गहरा संदेश है हम प्रयास करेंगे तो भगवान की कृपा से उन्हें समझ सकेंगे और प्रयास का अर्थ है रूची लेना। शास्त्र में शास्त्र को पढ़ेंगे तो भगवान की कृपा से उनके दिव्य रूप को हम समझ पायेंगे, नहीं तो हम भगवान को समझ नहीं पायेंगे। भगवान के खोखल के साथ बांधा हुआ था, उन्होंने 2 पेडों को खींचा, क्योंकि नारद बुरी ने मन को क्या वचन दिया था। क्या क्या दवा चंदिया था, देवताओं के सौ वर्षों के पश्चात तुम्हें क्या प्राप्त होगा, भगवान का दर्शन प्राप्त होगा। जब 2 पेड खींचे पेड़, गिरे गिरे बिल्कुल पड़ोस में भगवान भाग भागे आये, ये पेड़ कैसे गिरे मेरा बेटा बच गया, भगवान की कृपा और वालो ने हा हमने अपनी आँखों से देखा के बेटे ने 22 पेड़ों को आपके, बेटे ने गिरा सोना माता, कहने लगी नहीं यह संभव कैसे हो सकता है, पति ने मदद किया होगा और यह छोटा आंधी आई होगी, कैसे छोटा बेटा बेटा इतने बड़े पेड़ों को गिरा सकता है तो सुधार में नहीं गिरा सकता, पर भगवान के लिए कोई का समा नहीं। तो भगवान की अदभुत लीला। pirmकsूरापuतभाई उसको भी कम नहीं भेजा था, उसका भी बंद हुआ 1 और फल बेची थी fl kredeganrivasta matter matr कुछ वस्तु 2 वस्तु के badleme और ये विवाद कई देशों में में था, मैं नाइनटीन सेवंटी सिक्स में रचा गया था, प्रॉपाजीकेगरंतों को लाइब्रेरीज में डालने के तो सारे लाइब्रेरि को बड़ी अच्छी लगी प्रॉपाजी की किताबें वो कह रहे थे और में पैसा नहीं है हम तुमको हमारी रशियन साइंड बुक देंगे, तुम उनको इंडिया में बेच कर पैसे ले लेना और किताबें जो मैंने प्रावाका लिखा और पूछा क्या करे वो आपकी किताब लेने को तैयार है, उनके बाद पैसा भी है तो हमें रशियन किताबें देने को तैयार ने साइंस के ऊपर बात का, उनको मुस्मि बाटा का रिवाज अभी तक है। तो ये औरत फलपेजुड़ीथी भगवान थोड़ा सा न अपनी उंगलियों में दान कर तेजी के साथ जाने थे फल देने के लिए, पर सब लगभग गिर गया था। जब भी इस औरत ने भगवान की खबसूरती के प्रति आरक्षित होकर दे दिया। जब उसने मुड़ के देखा तो क्या देखा टोकरी में क्या था कोसोने भगवान की सेवा करके कभी गरीब नहीं बन रहे। 1 rbुसनयासलेरजारहे थे तो उन्हें प्यास लगी, प्यास लगी, 1 व्यक्ति मड़के में लसी बेच रहा था, तुम ने पूरी मटका खाली कर दिया, पूरी सी पीली ने कहा पैसा निमाई ने कहा मेरे पास तो पैसे नहीं है, मेरे साथ ही आने वो पैसा देंगे। जब भगवान ने पहुंचे तो स व्यक्ति ने कहा और तुम्हारे 1 सन्यासी मेरे साई ली गई है। और कम पैसा पैसा। भगवान नितिन ने कहा मेरे पास भी पैसे नहीं है। उस व्यक्ति ने कहा ठीक है कह देता उस सन्यासी को मैंने दान के रूप में दिया। मैं घर चलता हूँ। तुझे वो मटका उठाने गया था, उठ नहीं पाया तो वो आश्चर्य हो गया तो खाली चाहिए। उसने खोल कर अन्दर देखा तो पूरा मडका हीरे मोदियों से भर गया था। मैंने थोड़ा सा ग्लासी दिया, माँ ने क्या दिया हीरे मोदी ये मत सोचना हम भी 1 मरकालसीदेगेहाभी भर हे हीरे मोदी। इस पर भगवान की अद्भुत भी लाये हैं। तो इस बारहवें अध्याय में आप आगाज सूरा की लीला पढ़ते हो पर अगर सुरा बद होने से पहले आप पढे 1 दिन भगवान सुबह गूगल बजाया s galo lecr को lekrpiklikme में जाते हो तो पिकनिक भगवान लंचबैगकलंचबैक चुरा लेते थ है और चुरा लिया फेंका, फिर दूर फेंका, दूर फेंका और जिसका रेंज दुखी होता था। तो प्रॉपर जी तातरी में कहते हैं कि बौद्धिक आध्यात्मिक जगह देवी आनंद है, वो है असली आनंद। और यह बौद्धिक जगत में जो आनंद है, ये है नकली आनंद। तो बौद्धिक जगत में हम वहां से गिरना करते हैं। तो अगर हमें असली आनंद चाहिए तो क्या करना चाहिए? हमें अध्याधिक मार्ग को स्वीकार करना चाहिए। जैसे ki hi केवल 8 लोक हमें दिए, इन्हे हम किस नाम से जानते हैं? और पर 8 श्लोकों में उन्होंने पूरे 1 वैदिक साहित्य का प्रस्तुत कर दिया है। बिल्कुल पहले श्लोक में क्या कहते हैं आनंद बूदी वर्दन हर नाम के उच्चारण का 1 लाभ है। क्योंकि उच्चारन से आपको आनंद मिलेगा। ये जो आनंद है, ये केवल बढ़ते जाएगा, घटे का नहीं वो अधिक संस्थान में अगर आपको आनंद चाहिए। थोड़ी देर के बाद आप तंग जाते है, भूख लगी है चपाती खाते हो, पहली चपाती में आनंद आता है, दूसरी में कम, तीसरी और चौथी नाम कहते हैं। और परंतु आर्थिक जीवन में जितना जॉब करोगे, उतना ही जाना आनंद आएगा। तो भगवान रिशु देव। पांचवे स्कल में सौ पुत्रों को उपदेश देते है। रिशु देव भगवान के अवतार है। उन्होंने पुत्र को कहा। तब देवी पुत्र का ये न सत्व है। मेरे प्रिय पुत्र, तुम सब तपस्या का पालन करो किसलिए दीवimदीवीयमका क्या अर्थ है भगवान की खुशी के लिए। इसके बदले में हमें क्या मिलेगा? जीप की क्या तपस्या है? जीप की? 1 तपस्या है भगवान के नाम का उच्चारन करना, जीप की और तपस्या है सत्या का उच्चालनकरना, जी की और तपस्या है कृष्णा कथा की चर्चा करना की क र तपस्या है मिठास के साथ चर्चा करना, मिठास के साथ ये बुक बड़ी कठिन है? हमें आदत है कठोलशब्दों में बात करने की, मन की। क्या तपस्या है? हंदवारा भगवान का चंदन करना और श्री की तपस्या क्या है शरीर के अंगों को भगवान के से लगाना, भगवान रिशा देव। कहते हैं देवी। 7 he mेpreयपुत्र, तुम सब तपस्या का पालन करो। तो आप पूछोगे आप क्या तो कितने नियम है। और कई बार हमें दोष लेते हैं। तुम्हारे सकल में तो बहुत बंधन है के बहुत से नियम है। लेखा हमारे गुरु कितने म्मीदवार है, दयालु है पूरी छूट दी हुई। यह नहीं करोगी, न करो, ये नहीं कर तो लोग पूछते हैं हमें इसके बदले में क्या मिलेगा? आनंद जोकि केवल बढ़ता ही जाएगा तो आप असली संतोष प्राप्त कर सकते हो। दिव्य मार्ग में जुड़कर बाबा जी कई बार रूपरसनातनरगणदास का उदाहरण देते थे। रगणदासयासबजानती है उस समय के सबसे रईस खानदान के इकलौते पुत्र थे। sab prakar boti bred in job ke e seva समाज में इतना ऊँचा पद था और ब्रा मधुकरी करे थे और संतुष्ट थे। तो जब हम आध्यात्मिक भविष्य के लिए तपस्या करते हैं तो उसके बदले में आपको असली सुख प्राप्त होता है। असली आनंद भौतिक भौत्य प्रयास रहता है। कि हमें ये विश्वास दिलाएं कि बहुत सी कारियों में असली आनंद है। यह नकली आनंद प्रापा जी कहते हैं। इसी इलाके में वालिक संस्थान में हर चीज अस्थायी है। हम इस विषय की 44 कल भी करे। आपका खबसूरत आज का खुबसूरत नही रहेगा। आज बलवान हो, कमजोर भी हो जाओगे। आज प्रसिद्ध और गल बेसी हो सकती है। तो भौतिक संस्थान में हर चीज स्थायी है और हर चीज के साथ क्लेश है। अगर हमें असली सुख चाहिए। हमें आध्यान्िकमार्ग में जोड़ना चाह तो संक्षेप में यहां भगवान की 1 और लीला का वर्णन पढ़ रहे हो। अब आगे जाकर पढ़ोगे किस प्रकार अगस्त कुरा का वध किया, यहां पढ़ रहे हो। भगवान ने सुबह के समय दुगल, बजाकर, सारे, गोवालों वन को बुलाया और ये जो वाले थे असंख्य हैं को आप गिनती नहीं कर सकते। लाखों की संख्या में, जब नंद मराज के 9 लाख गायें थी, भगवान के गवाले मित्र संख्या है। वो अपने बच्चों को लेकर सब गए 1 साथ और यहाँ किस प्रकार वाले 1 दूसरे से खेल देते, 1 दूसरे का लंच पक्ष उठाकर, आप लोग बीज स्कूल में खेलते होगे, लंच बग उठाकर फेंकना। वह आगे फेंकता है, वह आगे फेंकता है, जिसका लंच बॉक्स है, वो दुखी हो जाता है। तो ये है भगवान की अदभूत लीलाएं और हमें इन लीलाओं में रूचि लेनी चाही। कई बार व्यक्ति पूछते हैं, भगवान प्रकट होते हैं पृथ्वी पर सुरों का आवाज करने के लिए और सूर का आवाज तो उनकी प्रकृति कर सकती है। जैसे आज की मात्रा में भी सुनामी आ जाती है, भूकम्प हो जाता है, कोई न कोई दुर्ग बहार आ जाती है, तो उसमें भी हजारों लोगों का बाद जाता है। भगवान प्रकट होते हैं धनमकरियमकीस्थापना के लिए, पर कृष्ण कथा की स्थापना करने के लिए और भक्तों के साथ दिव्य लीला प्रकट करने के लिए। तो भौतिक समाज है, वहीं रूची रहती है। भौतिक लीलाओं में कोई भी भौतिक मैगजीन पढ़ो, फिल्म सास की लीला पढ़ोगे पॉलिटिशन के लिए लाओ पढ़ोगे। पर इसमें हमारी कोई रूचि नहीं, वहीं रूची है। कृष्ण कथा में, कृष्ण कथा में रूचि लेनी चाहिए, कृष्ण कथा की चर्चा करनी चाहिए, कृष्ण कथा का चिंतन करना चाहिए। और कृष्ण कथा में जुड़ोगे तो किस विषय से बचोगे? जलपा से पर जल पानी माग रहा, पर जलपा द्वारा भक्ति भक्ति का जीवन नष्ट हो जाता है। और कृष्ण कथा द्वारा आगे बढ़ता है। तो इन लीलाओं के द्वारा हमें कृष्ण कथा में गहराई से डूबना चाहिए। कृष्ण का ताकि स्मरण, इस प्रकार आप अपने जीवन को spl बना। skogehainadoten ho ok any questions yes quick ask question in english in the any language wa, समय और सेवा sadana is more important, because if we have got sadana, you build a strong foundation, if you have a strong foundation, then the building will stand in the foundation on the building is week in the building in collabs in any time, it so we need a strong foundation। but the i mean we do so much satna ape sava sara, then job karne me laga tete sava do much jaa we have to e practical let me chand hai krishna repay to the lot please engagement service my lot peas and gage mean servis now backing okay more the important, my sadhna is more important and right। okay more questions quick quick quick have you that to all my plan for a go go cansol did ben pepole to tell fifty so i really a yes cristi भगवान अपने आप को अनेक ग्रुपों में प्रकट करते हैं, जिनमें 1 है संगे भगवान भगवान का ओरिजनल फॉर्म है कृष्णा का krishna aur hindu lok krishna in the original form of cold prakat na rup the original form is krishna to right okay ditlyanywalहरी
महाराज जो प्रभुपाल जी की पुस्तकें और उन्होंने बहुत सारे प्रवचन और पत्र भी लिखे हैं, तो आपको कई बार ऐसा लगता है कि परिवेश के साथ ही उन्होंने अलग लगलगतोंकोअललग उप देश दिए हैं या न इंस्ट्रक्शन इस लिए है उसे फिलॉसिफिकल पैक्टिकल के बीच अलग कई बार होता है तो हमे कैसे समझ में आ सकता है क्योंकि उसी हिसाब से लगभग भगभीकेबरकोअलगसला हैं। तो कैसे समा जाएगा कि हमको हुसा करना चाहिए
काउंसलर और बंदर के अधिकारियों का सहयोग ले सकते हैं। ये बात सच है कि अलग अलग basic elements a proper instructor of the same अकॉरडिंग तो टाइम अलग देश है i me lage lg g e why not what confusion take the help of senior divoti okay yes im sorry i just at five minutes a question to we the ki factor teschendingwith a holy name in we can the holy names regularly all spices qualities will dive one of wichseganeslyhere and if we dont chand and this quality des not a per i i often deldeoris ittentivchanding is a solution to all problems and an tented chanting is a call of oploblmwhnmenisin cur you won menisintomamilcan cur you mind gives your bag samot melicantheform of yoga cearsebatstove its a good question how do we increase at eganistryhere by chandig okay any question yes
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