श्री बलराम कथा | SB 10.8.12 | ISKCON Vrindavan | 03.08.2020 | Srila Gopal Krishna Goswami

The video presents a devotional lecture delivered in Hindi, interspersed with Sanskrit terms, focusing on the divine figure Balarama (Balaji) and his relationship with Krishna and Rama. The speaker weaves together narratives from the Srimad‑Bhagavatam and other scriptures, describing Balarama’s leelas, his role as an embodiment of divine service, and his appearance as Lakshmi in certain contexts. Throughout the talk, the speaker emphasizes the importance of heart purification, bhakti (devotional service), and the practice of self‑sacrifice, urging listeners to cleanse their hearts through spiritual discipline and to emulate the selfless service exemplified by the deities. The discourse also includes moral anecdotes, symbolic interpretations of mythic events, and practical guidance for devotees on how to conduct worship, maintain devotion, and understand the deeper meanings behind the stories. The overall tone is reverent, instructional, and enthusiastic, aiming to inspire listeners to deepen their devotion and align their lives with the teachings of the scriptures.
Chapters
होम नमो भवसेवासुेवमभवसे, वासुदेवा भसेवास जैसे जानते हो। ये खास है 2 फल, देंगे मै पुरी देर के लिए बोलूंगा पूजा अभिषेक से पहले महाराज देंगे। shrimad bagwatamtancapt ो महम सूरो गोलेक्ाससेरामा क्या महरम वधुयलराअप्रसाद श्याम उशायघगवजारपुसरो यान सू ने राम से क्या परम सुनकरश cil
शुरू
की तार करेंगे अच्छा
नही बना
2
आय में
से ही
यह
शब्द से
श्री म संगोली सारे ली। 2 से राम से इस तरह का है साल से बाल नाम से होगा ये, बना ये व्यवस्था आप
व आप
से सर शांति से
वार को ले जाना,
उस शांति
मिलेगा
गर्भ लिए कहा ये रोगी अपने से अपने सम्बंध सभी रहेगा सो राज लेगा ये आम और आसान सा मलका गर्भी जेल जाएगा 2 परमाणु बनते है। रोगी ने पहली सी विडियो को भी हर के और मार प्रदर्शन करने पर बताए। ये हरामी जा चुकी है जो सदेव परवान है। आप ज बंदे को देवी के से नहीं किया गया था के तुम सौरमास या गर्मी को सामने कर दिया था। नाम क्यूँ न जोड़े है जिसमे से उनका वैसे दोनों के परिवारों के वे
1 है
और बाग करने और मसल जाते है। इस तरह 1 ही साथ से
रिया
है।
ठीक ऐसे ही srila है चेतना विश्व हम बोले हम गुनातरदसुनेवम सद बेशम सवधूतम परिजना सयतम कृष्णा प्रधान का हे कृष्णा करना सिर धो कला राधे बंदावदेश्वे विश भान
ा
बचा है किसने िश्णाकेशाजैसे मैंने कहा था आगे बोले े कयास है 13 मई से भाव जैसे आप जानते हो आज बहुत ही शुभ्र है। क्या है भला भला? कौन है? भगवान के भगवान प्रकट होते हैं, सनातन साथी भी साथ में प्रकट होते हैं। भगवान ने देव देव की, अपने माता पिता के रूप में, भगवान को पुत्र के रूप में करने की कल्पना भी नहीं कर सकते। वह हजार देवता के वर्षों के लिए कुछ खाया ले, केवल ऊपर से गिरते हैं। वो थी उनकी खुराक। अगर आपको ये खराद मिल जाए, ज्यादा लेते तो 12 हजार देवता हमारे पृथ्वी 6 महीने के और उनका
हमे
दुसरो के, तो भी भगवान के भाई हैं। जब भगवान प्रकट होते हैं, वो भी प्रकट होते हैं, कई बार प्रकट होते हैं बड़े भाई के रूप में, कई बार छोटे भाई के होते है उनके साथ। तो वह से देवकी का जब विवाह हुआ तो कम अभी अपने घर छोड़ने जा रहा था। देवी के पिता देव का तोरा सुने सा उसकी बेटी के प्रति। उन्होंने शादी में इतना बड़ा दिया है। जारो सोने के बने हुए र सेवा करने के लिए, रुपया सेवा करने के लिए।
और
सयाली। और कल? उसने कहा को घरमे तो भाव अच्छा था। शादी हुई है तो रास्ते में जीने वाली द्वारा उन्हें सूचना मिली क्या
ये
मोर तुम तुम्हारी बहन को लजा रहे हो? उसे तुम जानती नहीं किसी का आठवा, पुत्र का, आठवा मार का कारण बोलेगा के थे। जब हमने सुना कि जान को खतरा
है,
उस देवी के प्रेम से छोड़ने जा रहे हैं। बुद्धि एकदम नष्ट हो गई, तलवार निकाले गए और जान बचाने के लिए करना पड़े। तो वा्चूलेरनेदेखा की देवर जी की जान खतरे में थी वाले ने कहा घबराते क्यों हो जैसे बच्चा पैदा होगा बच्चे को लगे इससे खतरा है जो है को पता था की बुद्धी का कोई भरोसा नहीं है बनी वहाँ पहुँच गए ने कहा कम जादू खनाल के सारे सदस्य जन्म ले लिया है चाहते थे कमजोर अपराध करे कारण भगवान जल्दी हो तो जब कम्स को ये सूचना मिली ने कहा अब तो जैसे प्रकट होने थे तुरंत ही उनको बाद हो जाता मै ये जो छे बेटे मारे गए पहले उन्हें उनके द्वारा ये सन्देश मिलता है जब तक हम काम रोज हो भगवान के दादाह में गलत समय में ऑपसारितहोताहूँ इसलिए हमारे संसद पदार्थ आया ी में अलग अलग समय में पकड़ उठा हूँ धर्म के नियमों का पालन करे। भगवान जो है बिल्कुल शुद्ध है और उन्हें समझने के लिए हमें हमारे हृदय को भी शुद्ध बनाना पड़ेगा जो हम वेद भक्ती का पालन करते हैं जिसके कारण हम मंगला में आते हैं सुनते हैं। इन सबका उद्देश्य क्या है की आपके हृदय को शुद्ध बनाया जाए जिसके द्वारा भगवान तो काम को ये है छे शत्रु चाय ने यह उपदेश दिया है कि अगर आप भगवान को समझना चाहते हो। ये जो शूल थे जिनका वध हुआ था उसके द्वारा हमें भगवान को समझना चाहते हो। ये जो अन्तर है उनसे हमें बचना ने पूछा क्या कारण है जानते हुए भी हम बस काम करते हैं जाने कार्य भगवान ने क्या कहा का है भगवान ने कहा इसे बी में आगे कहा कैसे आप इन्हें न कर सकते हो ध्यान की तलवार से तो
6
बच्चों का तो बंद हो गया जब 7 प्रेग्नेंसी थी भगवान ने द्वारा वो जो बच्चा था वो चला गया था मैं बाल जो है हमेशा इच्छा रहती है भाई की सेवा और पाना भी प्रकट हुए है इसलिए भगवान की लीला को सफल बनाने के और भगवान बाल जी ट्रांसफर हुए थे महीने के म में भगवान में बलराम जो बैल थे कानपुर लोग उसको साफ़ कर दिया फिर पढ़ा तो बलराम वीडियो है पहले गुरु भी है अनेक नाम है 1 नाम है धुईनंदनक्यूँकी वो मिनी माता के दर से जनम ले या था क्यूँकी उन्होंने माता को माता के रूप में गया है। और जो व्यक्ति भगवान रा भगवान शरण ले अपना जीवन शांति से विवाह कर है तो बाला जी के नाम
है
पास करने के लिए को करने के ज दवा की प्राप्त होती है बहुत शक्ति नहीं पहलवान बनना चाहते हो भगवान के लिए। 6 लोग बस हम बाल है बाला जी बाला जी जो है उनके द्वारा हम समझते है जो गुरु है वो उनके पसीने है बलम जी के हाथ में क्या रहता है है लोग गदा हमसे क्या करते हैं हल से तो खेती को साफ करना है साफ़ करते हो फिर तो उसी प्रकार गुरू जो
है
भला यात्मिक शिक्षा के द्वारा जो हृदय की मैल है उसे दूर करता और अगर न उठा और वो क्या करते हैं अपनी परंपरा के द्वारा हृदय को साफ़ तो बलराम जी लक्ष्मी के रूप में प्रकट हुए थे। जब भगवान राम पृथ्वी परायण थे, आप पढ़ते हो की लक्ष्मी के रूप में प्रकट हुए थे। बरामदे तो उनके मन में 1 ही भाव था। चौबिस क्या था वो भाव, हम की सेवा, उनके। उनके मन में 1 भाव था। धाम की सेवा, रामचन्द्र जी का विवाह हुआ। सीता ने देखा उनके लिए और काम है इन्हें जो काम वो करने जाते हैं, ले कर दिया होगा और सेवा करे, उन्हें पसंद नहीं आता है। सेवा मुझे करना चाहिए तो क्या किया जाए? सीता कहती हैं जब से मेरा विवाह हुआ है, मुझे कोई सेवा है, सेवा में करने जाती हूँ। लक्षण पहले वहाँ पहुँच जाता है। लक्ष्मण ने कहा मैंने तो जन्म चाहिए, मैंने राम की सेवा कर। राम जी के साले समझते थे, किसको किस का सहयोग दे। राम जी ने कहा चलो जी ने क्या कहा ने। राम जी के घर का कार्य है। राम जी भर जाये, यूज करने, शासन करने। कुछ उदाहरण है। जब कोई समस्या आती है, गुरु की शिक्षा।
ना।
लक्ष्मी जी के रूप में गये। भाव सेवा तो यही लैक्शवलमप्रकट हुए। और यहाँ से वो बड़े बड़े भाई थे। और यही प्रकट हुए थे। भगवान प्रकट होते हैं धर्म की स्थापना के लिए। और राम जी, राम जी का नाम है जी बड़े भाई। उनका क्या भाव था, केवल भाई के उनकी बचपन की लीला। लगभग 2 भाइयों ने 1 शादी की थी। और ये जो स्कूलों का वर्त किया भगवान उनके भाई ने। इसका असली सुदेश। भक्ति विरोध ठाकुर ने, गर्द ने समझाया है कि जो स्कूलों का वध हुआ है, अगर हम ये कथा ध्यान से सुने तो हमारे हृदय से
है।
अलग अलग प्रकार के भौतिक आकर्षण है। वो और भगवान के अनेक व किया। केवल 23 असूनोगावजदिया जै से धन को का मोर, उनके भाई जंगल में आये थे और स्कूलों को किया पहुँचे। मित्रो ने कहा कहा सर, यहाँ 1 गधा है, किसी को और डराने नहीं देता। इस बगीचे में इतने अच्छे फूल हैं, हमें अन्दर आने नहीं देता। आपके इसमें क्या कठिनाई? एकदम आसानी से कर में गये, पेड़ को हिलाया और नीचे गिरे। और क्या क्या हो गया है? उन्होंने भी प्रयास किया भगवान को मानने, व बचपन से ही अपनी देवी लीला करते हैं। जन्म कर्म च मे भगवान अनेक दीजे लीलाएँ। और 1 और सूर था, सुरासुर आया था जहाँ भगवान और उनके भाई सब खेल रहे थे, जो बच्चे अभी भी करते हैं। 2 बन गए थे घोड़े उनके ऊपर बैठे थे। जो हार गया, उसको अपने पीठ में उठाना पड़ा था। भगवान आ गये और सेना में थे। क उसने उठाया, उनका भाग था, ऊपर जाके फेंक देंगे, ऊपर उठते गये, बाधा में क्या किया, भारी बन गये, इतने भारी बन छोड़। 2 तो भगवान के लिए कोई कार्य असंभव नहीं पढ़ते हो की जैसे बाली मे जब 1 दिन भगवान घर आये थे, माता ने कहा तुमने क्या मिट्टी खाई है, हमारे घर में क्या किसी चीज की कमी है? राज के 9 लाख गायें थी, सजी हुई थी, न चाहते थे की भी माँ भाई को डाले क्या सूचना दे दी। और जब भगवान घर लौटे लगा, मुँह खोलो मुँह खोल देगा पूरे विश्व का, दर्शन का, तो ये मेरा सपना है या असली है। और अगर आप ये कथा इस बिकवाली को समझाओ वो क्या कहेगा? यह तो कल्पना है, ये कैसे सम्भव हो सकता है? तो इसलिए भगवान की नीद आप भगवत पढ़ते हो। कहा में आकर पहले क्यूँ क्यूँ? जब तक व्यक्ति 10 वी स्क पहुँचेगा, उसके हृदय में किसी प्रकार का बेचारी होगा ये स्वीकार कर सकता है। पर भगवान के लिए कोई कहा यह सब नहीं। इसी श्रीमत ने कहा मैं रखा हूँ पानी से। जब से मैं स्वामी के भगवत संदेश सुन रहा हूँ, मेरी भूख भी चली गयी। और लीलाम जब ब्रिज पास ही गो लाल परबल को उठाते थे, सब के सब भगवान के चेहरे को ध्यान से देख रहे थे। और उस समय के लिए प्याज करके रेल मे कहते है अगर हम ्यात्मिक विश्व में रूची लेंगे तो हमारे हृदय में ऐसा बन जाएगा कि बोती भूग भोतिक प्यास से बच्चो। मे बहुत ही घूकऔरसौफभोतिकप्याज के कारण हम अनेक प्रकार के भौतिक में जुड़ते है। और क्या है उपाय? और जो व्यक्ति कृष्ण कथा सुने और सुनाएं सुनने वाले भी लाल है, सुनाने वाले भी लाभ है, दुसरे व्यक्ति सुन रहे हैं। उनका विलाल युद्ध हो रहा था। युद्ध होने से पहले बहन ने कहा कि युद्ध नहीं होना चाहिए। उन्होंने बहुत प्रयास की ये रुक जाए किसी प्रकार से पर छोड़कर मालव क्या करेंगे की सान भारत के सारे फिर किसान के नियासा करते करते कहाँ पहुँच गए। नमेश संदूकी सभा चल रही थी, हजारों साल से पे थे। और उनका निर्णय यह था कि ये हजारों सालों के लिए चलेगा। और उन्होंने आशीर्वाद ा निर्देशन करने के लिए। जब पाला पहुँचे, सारे सद महात्मा के खड़े हो गए। उन्हें आनंद देने 1 संत नहीं। उठा ने सोचा कि मैगी के को ठीक नहीं देखा। बालाजी ने आगे 1 घास से
छुआ
उनको और क्या हो गया। उनको फोर्टी सेवन की, 1 खास को लगाया से हुई। सब भक्त हो। क्या हो गया। हमने खास वर दिया था को हज़ारो साल जियेगा। अब हमारा यज्ञ सफल हो। भगवान ने कहा अगर तुम्हे लगता है वहाँ जीवन बना देना चाहिए, मे बना देता हूँ। क्या सम्भव है नई आपकी इच्छा थी की इस जगती का बल हो, क्यूँ उसने आपका आदर नहीं दिया तो हम उसका विरोध भी नहीं करना चाहते। हम करें क्या भी यह यह की जम कर रे है। इसकी आयु हजारों साल है। टीजर के बिना कैसे करे भगवान नो प्रॉब्लम प्रॉब्लम, नो प्रॉब्लम भगवान। उनके बेटे को चुना बेटा बाप का प्रतिनिधि माना जाता है। भगवान ने वही जिम्मेदारी उनके बेटे को जो महात्मा से मुझे कुछ करना चाहिए। और क्या? सुझा ने कहा का है जंगल में सूर भाव के ब्याते जब हम यज्ञ करने जाते हैं, ऊपर से आकर मल विशा यज्ञ कर पाते हैं। नाव पेड़ो का फल लगता है कि उन में अनेक बिठा पल में लगता है। कोई सूलथाबारेगा रात की दावा कोई भी इस शो का बंद नहीं करता। 10 2 प्रॉब्लम न जोर से पेड़ को हिलाया पेड़ हिला, ये है कौन है? वह कौन है? कौन है? कौन है? कौन है जो ये पेड़ को हिला रहा है? इसकी हिम्मत पड़ी है। बगीचे में मेरे से पूछे अंदर आ गया देखा जो वर को पीछे से आकर ले कोई जोर पकड़ कर पैरो से घुमा कर या गया भी जोर से जो पेड़ो में गिरे जब संतो ने देखा ने की राम ने अपनी शक्ति से उसे सुर का वध कर दिया है जंगल में जा पायेंगे और आ सके ने क्या किया राम को आशीर्वाद दे तो जब बाकी 3 किसानों की यात्रा कर रहे थे उन्हें यह भी सूचना मिली समाप्त हो गया है और अनेक सब मृत्य हो गई है में। तो बार ने सोचा चलो जा के मैं देखता हूँ कुल क्षेत्र में ी बहन ने कहा मैं चलता हूँ देखेंगे क्या वह भी उस युद्ध के मैदान में पहुँच गए यहाँ की दुर्योधन ने गधे से युधकरा दुर्योजन ने इस कला को सीखा था किस से ले के जादा आदमी को पता था किसी का भी नहीं होगा पहुँचे जहाँ अपने गढ़े वहाँ पहुँचे खुदा घबरा मुझे लगा की क्योंकि धन सीखे थे उनसे होने का की कला सीखी थी। ये है देखा तुमने किसी की विजय हो बंद करो 1 ज्यादा तेज है है बाला ने देखा इतना जोश था बाला की राय को बालाजी भगवान के भाई के रूप में बल के 1 ही है। और वो क्या है भाग रहता है भगवान की सेवा और अगर हम कृष्ण बाहर की शरण ले तो हमारे भक्ति के मन में जो कठिनाई है उनसे भी मुक्त हो सकते हैं। जब अमेरिका आये का प्रभा जी ने पता नहीं उनकी आय रहे प्रभाजी में प्रस्तुत किया है प्र चाहते के ग्रंथ प्रकाशित हो जाए नए अमेरिका और सना के पास धन नहीं उस ग्रंथ को छापने के लिए अपने भक्तों को इंग्लैंड भेजा था प्रचार शुरू करने व प्रचार शुरू कर रहे थे तो उनका परिचय हुआ 20 के साथ 1 मीटर जी को पता था शांत सरकार की नई दोस्ती है में श्याम सुंदर शाम सुंदर व दि गो जॉर्ज टू पे तुम जॉर्ज को पूछो वो छाप दे 1 किताब मैं चाहता है किताब और 1 सूरत रूप से छपे शान को बाल यो तो नया भक्त है उससे मैं ऐसे मांगूंगा भाग जाए तो मारी दोस्ती खराब हो रही है ब देगा नो जस्ट बोनस देखा ये टॉप पर टमेंट है उनसे पूछने के लिए किताब छापने को तैयार है तो शाम वापस इंग्लैंड आया तो माई गुरु टोल मी। तो आज कुछ पूछे कितना खर्च आएगा एकदम चेक बनाया है इसमें 2 या 1 पेज में, ये तो भगवान के लिए कोई कार्य समान नहीं है। तो उनका भाग गया था बलराम को क्या बुलाते हैं मेरी कहानी सुनी है पता नहीं कितने है 1 से बाल जो बोर है केवल भगवान कृष्ण अपने गले में लगाते है।
तो
बाला ने कहा मुझे काल का है नो प्रॉब्लम 1 दिन दिन में दिखने लगे। 1 के बाद 1 भ भाइयो उनका वर्क कर रही है। चलने लगा लूँगा कैसे 1 ही व्यक्ति औ जिसने वो पीकॉक पैदा हो वो बड़ी जोर से पहुँच है। मान वापस ने बड़ा खराब सा देवी आ ग वापस मिला है और हमें रूखी देनी चाहिए। लोग बहोत प्यार और आये बोलेंगे मलमली दाऊजी की हाई क्रिष्णा हाई, क्रिश िाकिश्णहलेहहहर राम हा।
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