राजा निमि ने नवयोगेन्द्रो से पूछे ये प्रश्न | SB 11.2.14 | Oct9, 2021 | Kharghar| #GopālKṛṣṇaGoswāmī

In this devotional session recorded on October 9, 2021 in Kharghar, Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī fields a wide‑ranging set of questions from the audience about spiritual practice, mind‑control, the influence of maya, and the role of education in devotional life. Participants raise concerns about maintaining consistency in chanting, overcoming mental crises, and understanding the guru‑disciple relationship. The teacher responds with scriptural references (Bhagavata‑Purana, Bhagavad‑Gītā), practical instructions on chanting, meditation, and the importance of trusting the guru’s guidance. He emphasizes that diligent study (śravaṇa‑manana‑nididhyāsana) sharpens the intellect, that maya can be subdued through bhakti, and that a disciple must align with the guru’s purpose. The dialogue is interspersed with chants (Hare Ram, Hare Krishna) and brief affirmations, creating a devotional‑instructional atmosphere that blends philosophical exposition with concrete practice advice.
Chapters
ग
रा बन का रा बन का राजमा
ा
वाला
का श्री राधा
स
dasaa हाय राब रामा रामा रामा
हरे
हरे हरे रामा रामा रामा रामा रे
ह
हर हर आय रामा रामा रामा रामा रे ह ले रामारम
हर केनारे हरे हरे राम
हरे राम रामा रामा
हरे हरे हरे हरे रा
रामा
रामा
रामा रे हा रे हाय रामा रामा लागा रे आ राम राम र
ा ह ह
is a o gon
gon
o
o n o a
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home dewasa
के शो पर चर्चा करेंगे
2
पी
रदनnzazमतनmरशबनम आमिर हारमशियामपुजकीहम शाम पूजा नाम या नम
sia ms has
बान
से बदन
हापुर आज बना जा रे हसियमहतमना
हल्का सा
टेडा बेटे टेड़ा
हो कर बैठे
ा हा हा हा सब
हस
ये हस
ा
ये हस्या हस्या
हवा या सुरा दनमबियासमपुरा
संवाद
संवाद वा
माला जी सहाा
शब्द अत्रे
इस
मामले में इस भगवा धर्म का वर्णन करने में उदाहरण दे उदाहरण दिया जाता है। बीमा यह इतिहास ऐतिहासिक वृतांत पुरा तनम प्राचीन आशमान रिश पुत्रों का च तथा संवाद वार्ता विदेश हस्या विधे के राजा जनक से महात्मना विशाल हृदय वाला आत्मा अनुवाद जवान ने सी सी भक्ति विराम स्वामी श्रपरोकवादमाराज श्रोप्रोकवाद महाराज की अनुवाद भगवान की भक्ति में सीमा की व्याख्या करने के लिए मुनियों ने महात्मा राजा विजय तसदीशोपुत्रों के मध्य हुई वार्ता का प्राचीन इतिहास सुनाया है। तार वां श्राद महाराज की राय
यहाँ
पर इतिहास पुराना प्राचीन ऐतिहासिक वृतावनशब्दमहपूर्ण है। श्रीमद भागवत निगम कल्पतरु गलेतमकलमअर्थात वैदिक यान रूपी कल्पेश का प हुआ। फल भागवत के पृष्ठों में हमें भगवान तथा पद जीवों के मुख् संबंधित वास्तविक ऐतिहासिक कथाएं मिलती हैं। ये ऐतिहासिक विवरण न तो गलत है, न पुरानी कथाएं। अपितु भगवान तथा उनके भक्तों के अद्भुत कार्यकलापों का वर्णन करते हैं, जो इस निम्न युग के आगमन के पूर्ववर्ती योगो में गठित हुई। यतवीसंसारीविदवानों ने भागवत को वाणी अथातृतयाफरवाषिकृति के रूप में अंकित करने का प्रयास किया है। लेकिन वास्तविक तथ्य यह है कि श्रीमद भागवत पूर्ण दिव्य वाण में है, जिसमें भौतिक एवं दिव्य लोकों में न केवल इस ब्रह्माण्ड की समूची स्थिति का मुंडन हुआ है, अभी तो इस ब्रह्मांड से परे स्थित ब्रह्माण का भी वर्णन हुआ है। यदि कोई व्यक्ति श्रीमद भागवत गंभीरता पूर्वक अध्ययन करेगा तो अत्यंत विद्वान आध्यात्म वेता बन सकता है। श्री क्षेत्र मापन चाहते हैं कि सारे पुण्य आत्मा सुमन भाग सुनकर उच्चकोटि के विद्वान बने और तब सारे विश्व में भगवान की महिमा का वैज्ञानिक गण से प्रचार करे। यह अनिवार्य है कि हम 9 योगेंद्र तथा राजा विदेह के मध्य वार्ता जैसी ऐतिहासिक कथाएं पूर्ण श्रद्धा, तब विनय पूर्वक सुने तब, जैसा कि इस अध्याय के श्लोक द्वारा में कहा गया है, यदि हमारा पूर्व जन्म वणित कार्यों से फूल भी रहा हो तो हम सीमत भागवत के सवन मात्र से भगवान तथा उनके शुध भक्तों जैसे दिव्य पत्तो प्राप्त हो सके। ये भागवत इतिहास की अधिक शक्ति है, जो उन व्यर्थ के संसारी ऐतिहासिक विवरणों के सर्वथा विपरित है, जिनसे अंतर तक कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। यंत्री संसारी इतिहास का अपने कार्य के औचित्य पुष्टि इस दलील से कहते हैं कि हमें इतिहास से शिक्षा मिलती है किन्तु हम स्पर्श देख सकते हैं कि आज संसार की स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ रही है कि असहाय, संघर्ष तथा अव्यवस्था फैली हुई है और तथा कथित इतिहास का विवश होकर देख रहे हैं किन्तु जिन भागवत इतिहास कारों, ने कीमत भागवत का श्रद्धा पूर्वक श्रवण किया कया है, वे शांत था। आनंद में संसार की पुन प्राप्ति के लिए समय तथा जीवन उद्देश्य दे सकते हैं। इसलिए जो लोग इतिहास के द्वारा अपने बौद्धिक जीवन को संपन्न बनाना चाहते हैं, उन्हें श्रीमद भागवत की ऐतिहासिक कथाएं पढ़नी चाहिए। इससे उनके बौद्धिक एवं आध्यातिक जीवन में पन्ना प्राप्त हो सकेगी। rbामaराजकीhmga
नंजनशकयाधचतनबन में ना बन्दे हम श्री गुरु का
राधा कृष्णा कृष्णा करा सिनधूहीलबंदूजबदे
गोबर
साचा गो राधे बंदा,
े रिया का गा गा रे, गिशनाएशाग सारे हरे राम रा रा रा रे है।
अनुवाद भगवान की भक्ति में सेवा की व्याख्या करने के लिए नियो ने महात्मा, राजा विलय तथा रिश् पुस्तों के मध्य हुई वार्ता का प्राचीन इतिहास सुनाया है।
sadahrntmtiatihasam purana hai to is e e o किसकी कथा
महाराज ने में ही
कथा, श्रीमद भाव में शुरू से अंत अनेक कथाएं हैं। इन सब का उद्देश्य क्या है? आपके हिले में लिया, भाग जागरूक करना और जो प्रश्न है सब का विषय क्या? ध्यान नही। जैसे कि ध्याय में यह कहा जा
रहा है,
भक्तियों के विश्व में जानना चाहे, उसे क्या पढ़ना चाहे लेकर था। वो भी बीसीसी भगवान के मोह। तो आप शास कि स्वयं मनु उनके पुत्र का नाम था
और उनके पुत्र
का नाम क्या था?
आग के का नाम क्या था?
या जाने और नाम का नाम था? तो ने स्वामी से पूछा कि हमें हमने हा पढते,
सब का विषय क्या है?
बंगला सो मान ना भी तपस्या कर थ की इच्छा थी। भगवान जैसे भूत से प्राप्त हो और भगवान उनके
भगवान को करना चाहे।
क्या है?
माध्यम क्या है? 34 में यहाँ पढ़ते या या कपल से परम जोती भागवत भगवान रहते तो समझना बहुत कठिन है। र सेवा के माध्यम से आप उन्हें संत है और तपस्या के पास है
तो
संतों का यह भाव रहता है। फिर वो किसी और संघ को मिले उनसे उनका स्वागत करते हैं। उनसे ध्यान, वे, ज्ञान, विश्पर। तो 2 भगवान भारत धादीकेज्ञसभगवान ने कहा
तुम्हारी इच्छा है कि मेरे जैसे पोत से प्राप्त हो तो मैं ही तुम्हारा
पोत से बन जाऊँगा। रूप महान विष्णु देव, भगवान विष्णु, देव के शो आप सुने।
आप कहा यह कैसे संभव हो सकता है?
वहा का नाम है। उनके लिए कोई भी कार्य संभव नहीं। सो। देव हुए शो पुत्र। शो पुत्र में सबसे बड़े बेटे का नाम था भारत। और उस समय समाज में भारत महान
के द्वारा इतना सुंदर शासन था कि
किसी को भी किसी प्रकार का कशनी भुगतना पड़ा और कोई कमी नही जैसे पढते हो। भगवान नाम के राज्य के समय समाज
में कोई कशनी था और मृत्य के
समय भी खुद चुन सकते थे तो उसी प्रकार भारत राज के राज्य में वो कितने सुखी थे कि पूरी पृथ्वी का नाम बदल दिया। क्या बन के नाम भारत भारत वर्ष, भारत वर्ष। आज जब भारत अब देखते छोड़ा धानी
है तो
बंगाल विशदेव अपनी राज कर दी। वे सबसे बड़े बेटे हो। उसका नाम था भारत और भारत भारत। राज पीसागन से प्रजा बड़ी
9 जो और बेटे थे
ने खास ज्ञान दिया जिसके द्वारा उन्होंने अलग अलग राज्य और उनकी खूबी क्या थी। अध्यानमिज्ञानहै 2 भाई थे जिन्हें कहते हैं, क्या कहते हैं। 2 भाइयों को, लकर के भाई को न बनाया जा रहा है। ये जो 9 भाई थे वो नंगे घूमते थे क्योंकि उनका शरीर से कोई सम्बन्ध नहीं था वो स्त्रियों के प्रति आके होते थे। खुशी के 9 सो नो भाइयों का
नाम का
और वो
1 भाव था।
हर जगह ज्यादा ज्ञान है 90 भाई हे बाके नाइन, उनको मान ने बड़ी घेरे संदेश दिया, शुद्ध ब्राह्मण बना दिया वही जो 90 आए थे वो ऊंचे समाज में और ऊँचे को लेकर ब्राह्मण और इस पर इस प्रकार मां ने अपने बेटे को जिम्मेदारी दी वो वो चल पड़े जंगल में जाने से तो भारत बनाए,
उनके राज्य लोग सु
भगवान का
क्या करो।
क्या करो को भगवान
ब्रह्माजी ने कहा
भगवान है पर समझना है तो क्या
है माध्यम
पसिया ो भगवान भारत मनाने को जिम्मेदारी भी भारत बना ने पढ़ा और समय पर उन्होंने भी राज घर छोड़ कर जंगल में, जंगल में, तपस्या का, पानी के जंगल में बड़ी तपस्या कर रहे थे। पर आखिरी शत हो गए। प्रति
1 दिन क्या हो गया,
यह
में वापस पहना जा, तुम्हारा मन होगा।
मृतक समेत प्रकार तो हमें इस प्रकार की योजना नीचे या भगवान का मनन करो। सो भारत महाराज को उस पर शुद्ध रूप में जन्म लेना पड़ा। पर ज्यादा देर नहीं रहे सेवा के लिए क और भारत मराज।
तो भारत मराज ने
आप लोग धान लिया और ये गेंद से वो क्या कर रहे थे, जा रहे थे sale ban
e
a
a, a a vi
a roma और तो ये 9 किनके नाम थे 9 भाइयों के, 9 भाइयों का क्या था उद्देश्य केवल लोगों को
जात में ध्यान देना और लेने का
दिखाना नहीं था उसे और केवल हाल में जान
का।
वेतन तो
न थे उनके, वो आ
गए मन जिमी के महल में, महान जीमी के महल में आये है जी
ने उनका स्वागत किया, चलन हो कहा
कि क्या सौभाग्य है क्या मेरे
आप भगवान के जो भक्त है, जिनके पास
हर प्रकार का ज्ञान है, ज्ञान के विषय में जाना चाहते है। महाराज
cmitisrखुदहमे
प्रणाम क्या पूछा हमें आप शिक्षा 2 उन्होने अनेक प्रशन पूछे की हम चर्चा करेंगे। to kumar kumar प्रीतम घर पहुँचे, बैल में कुमार का स्वागत किया और क्या
कहा आप आये हो मेरा उद्धार करने के लिए।
हमें शिक्षा दीजिये कि जीवन का क्या।
तो हम सबको ये पूछते रहना चाहिए क्या जीवन का?
उस समय के प्रसिद्ध राजा के प्रधानमंत्री
े
मिले
ये बताइए कि क्या होना चाहिए जीवन?
मैं कौन हूँ।
तो ये बात ये है संतों की विनम्रता हम
पूछते हैं, वो कहते हैं वह कोई ज्ञान नहीं है।
अब हमें ज्ञान नहीं है। तो ने प्रश्न पूछे,
भाई
अगर दिया उसी प्रश्न के ऊपर। 9 भाइयों ने अपने आप में विचार दिए। तो कि क्या? या उनके प्रश्न कि सबसे उत्तम, क्या कया है?
what is the his good?
दुनिया में आप हर कई प्रकार के कार्य कर सकते हो, पर सबसे उcawhatiatopbost work in the his good?
तो
हाय गुड का उत्तर क्या था? हाय गुड है धार्मिक ज्ञान, ज्ञापन
कहते
थे, आज विश्व में किसी चीज की कमी है,
कमी है ध्यान में ज्ञान,
ध्यान में जान।
बहुत ही ज्ञान के 21 बार की कमी, ध्यान कौन दे रहा है? आप बताइए मुझे।
what is the his? गुड? सबसे ऊँचा महत्वपूर्ण
n kamana? पrशnपui किसमाज में सबसे महत्वपूर्ण क्या सेवा है?
आगे उन्होंने क्या पूछा? उन्होंने ये कहा कि
धर्म के नियम क्या है?
धर्म का है।
भगवान की वार्ड धमामीसक्षाक।
आज हम देखते हैं कि अनेक प्रचारक
कहते हैं, ये धर्म है। पर सास से देश नहीं मिला। पहले उन्होंने पूछा दी हास गुड, फिर उन्होंने पूछा क्या कि आपने धर्म के क्या गुण है? धर्म किसे कहते हैं? तो धर्म कहते हैं भगवान की माली और धर्म में
कोई फूलता,
वस्ती वो सनातन है। जैसे हम सब जो विधिक सहिता का पालन करते हैं, हम क्या कहते हैं, वे सहायता करते हैं। दूसरा नाम क्या है?
क्या है?
सुना,
जो कल सभी था, आज है
और कल है सो मन?
lo
is good
age,
what is real? dharma se to se?
धरम, wo ga he is in?
कोई पता नहीं। वह गीता का उदाहरण ही भगवान ने
हजारों साल पूर्व दी। वही संदेश
भगवान ने दिया कैसे? तो बार जिमी ने पहले पूछा मोदीजी हाइकु वो क्या कार्य है? वो कौन सा कार्य है, जो कि सबसे महत्वपूर्ण है और धरम गया है। और आगे उनका हम माया से
कैसे जुदा हो सकते हैं?
ये बड़े महत्वपूर्ण प्रश्न है। god, what i iligan nd? how can you a
social?
या तो आप सब की क्या इच्छा है? माया से चाहती हूँ बचना चाहते है।
please tel me how i can, जिस सोशित
ये प्रश्न हम सबके लिए, महत्वपूर
अक्सर जो प्रेशर 5 साल में पूछते
हैं, वह किसके लिए मन बनाए गए हैं? जैसे, उदाहरण के लिए प्रेशर बनाए थे। प्याज के पानी खोज में, कुटिया में पहुँच गए, देखा संत महात्मा
ये
बिल्कुल
भगवान के चिंतन में, तो असल में a sagt
शत्रु भी आप के घर आये है।
a a a a
a
beta beta
cat
का ा पानी 2 पीने के
लिए पानी पी नहीं दे सकते, पानी
महंगा हो
क्या करो
का स्वागत प्लीज डागर, आप बीते सब से स्वागत नहीं करते थे, तो कम से कम उन्हें बिचाव
कुछ तो करना चाहिए। तो यहाँ हमने देखा कि परेश मना है, राज विशि, राजा
का स्वागत है, चाहिए। अखबार महसूस किया और कहा कुछ का चुरा लिया, हाय मैं। तो जब शिंगी उसने क्या किया, क्य होना चाहिए?
तुरंत ही पूरे राज्य में सूचना पहुंच गई। सब मिलाकर क्या कहा ये बताइए कि
लो
जो
संत ने प्रशन पूछा, सुना रोसन महात्मा है,
रुस
प्रसन्न होते है। ये वो देखते हैं कि अध्यात्मिक विषय की चर्चा हो रही है तो हम भंग अनेक मिला पर, सो
मी
पर ज्ञान था, वो कैसा व्यवहार कर रहे थे कि कोई ख्याल नहीं है।
क्या प्रश्न था माया से? हम कैसे जिस शो कैसे
माया से?
अगर हम जुदा होना चाहते हैं,
माय से दूर होने जाने तो क्या उपाय है?
भगवान जैसे गीता में खुद कहते हैं
माया का विरोध करना और जो मेरी
शरण में आएगा, वो तो भगवान की
शरण में आने का क्या हर है।
जो प्रश्न पूछा,
बड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा। अब माया से कैसे दूर? पहुंचे माया को हम कैसे हथियार है? उतर है भाकियों। ये जो उपदेश हमें आचार्यों ने दिया है, उसका उद्देश्य क्या है? हमें यह शिक्षा प्राप्त हो कि मै कैसे सुविधाओं में जाते हैं। और इसके लिए साधु संघ बड़ा महत्व साधु संग हमें पसंद है। वहाँ सहयोग दे सकता है। जैसे पिछले 7 महीने के साल आपको मिल रहा था, नहीं मिलना था। 7 महीने लगभग सारे बंदर बनते है और भक्तों को मिला जो करे है
वी आर मिसिंग spice
लेगा कि भरत की snकfisicalikatin o p, s को
dok
हा या ना सूचना मिली कि स तारीख का मंदिर खुल जायेंगे, सब खुल जाना है तो
आप सब ने अनुभव कर के देख लिया है।
इस साल के बिना ध्यान दें कि जीवन बहुत कठिन है। इसके लिए छेदन क्या कहते हैं साल संघ
में सालगसंगकेद्वारा हमारा ध्यान जीवन आरंभ होता है।
आप भक्ति में। कैसे आप देखोगे कि 2 साल या किसी भाग से है। आपको मंसन दिया राम में
या किसी
ने आपको क्या दिया ग?
हमारे चाय ने पूछा के कार को बहुत बल दिया है।
सब भक्तों में सबसे प्रिय कौन है? कौन है यहाँ पर जाना और विचार के 1 साल जैसे की 7 महीने का लॉन्ग डाउन था, कई जो एक्टिव भक्त थे उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया उन्होंने ऑनलाइन प्रोग्राम देना शुरू कर। वे कई भक्त अभी ऑनलाइन बहुत अच्छी तरह स्टैब्लिश हो। हम सोचे क्या करें हम छोड़े या नहीं ऑनलाइन पीचिंग शुरू ऑनलाइन पीचिंग का 1 गुण है। आप हर जगह पहुँच सकते हैं। कई भक्तों पहुँच गया मेरिका और मुझे 2 दिन टेलीफोन और प्रेजिडेंट कह रहा
था आपके भक्त हमारे एरिया में प्रचार
कर रहे है, मैंने उसे में पता लगाता हूँ तो उसने वो मेंबर से उसके शेयर में रहता है नाम और नंबर दिया तो फिर उसे प्रचार करने नहीं आये थे ऑनलाइन प्रचार करे आपका नंबर मिल तो प्रचार के कई साधन
है और जो भक्त है कुछ सोचते रहता है। आप क्या क्या उपाय जैसे की हर साल
सबसे पहले आपको क्या लगता है
हमने सब जगा कर लिया बाहर मे आप किधर बाटेंगे
हम सोचत है, मैनतननहींकरसकते
फिर जवाब बुदी लगाते हो तो क्या
देखते है की कोई न कोई साधन जैसे कि पिछले कई सालों से हम बद्ध पूर्णिमा के संभाल बांगो। आप जानते हो तो ये जो शुरू हुआ था कोई 45 साल का, जो
पहली बार शुरू हुआ था, कोई 3, 400 बांगतमशरबादेथे पिछले साल भक्तों ने मिलकर
बढ़ते थे, लगभग 5000 से नहीं।
ये सब भक्तों ने इतना परिश्रम किया
कि उन्होंने लगभग 25 हजार के five is final इंडिया की बात कर, इंडिया में, इंडिया में 25 हजार से।
किसी ने सोचा था कि आप 25 हजार से बाट सकोगे
सोचा
या और
क्या परिणाम हुआ कि शायद भारत के भक्त
से उन लोगों के घर में बुझा लिया
पद से la a, i wadevshimlhous to have a o भारत के हर घर आने में क्या हो? और ऑनलाइन प्रचार के द्वारा भारत ऐसी जगह पहुंचे जहाँ कोई स्कुल का केंद्र नहीं था।
और उन्होंने परचे किया। और 4 किया। तो केले साथ, प्रिय यह है कि अगर हम भाई बुद्धि लगाये कि पर यह भगवान का प्रचार करना चाहते हैं, भगवान हमें सुविधा देते हैं, कौन है?
22
हमारे दिल का सहयोग करते जो
आलसी भक्त हैं, आलसी भक्त के कहते है, खुद प्रयास करते हैं।
तो साधु संघ के द्वारा हमें ज्ञान मिलता है। तो माया जी का प्रश्न क्या है?
माया जम दूर कैसे भागे?
हा माया या
माया से दूर भाग
ले के
कई साल से कहते हैं।
अगर आपके हृदय में श्रद्धा है की
आप भगवान के शरणागत होना चाहते तो क्या लाभ होगा? अब को साधु की संगत मिलेगी, शादू की संगत मिलेगी। तो ऐसे ज्ञान मिलेगा, ज्ञान का पालन अनेक क्वेश्शन पूछे जो थे टू
नो
भाइयों ने आंसर दिया। हर प्रश्न का उतर इन भाइयों ने लिया जो।
यह है
माया की संघ से जुदा होने का और उनका
भगवान के प्रमाणिक अवतार कौन?
भगवान के प्रमाणिक विला का वर्णन सो भागवतम के स्कल में आप पढ़ते हो किस विष
mani puta pre, describe verisngnations
of the lot, भगवान की मिला का का pr भागवत के
दसवें स्कंध पर
शुगर स्वामी आरम्भ करते हैं, क्या करते हैं ध्यान, गाने, बगान का वर्णन करना
और
आप जादातर so
i
am
an
s स्वामी को बुलाया क्वेश्चन पूछा, क्या होना चाहिए जीवन का उद्देश्य पूरा वर्त 7 दिन के लिए
उन्होंने
1 बूंद
पानी का प ऑपरेशन। राज ने कहा,
मुझे आपकी लीला, सुनने में इतना आनंद आ रहा है की मेरी भूख जो थी, प्यास जो थी,
क्या हो गया है प्याज जैसे आप मान लो, कोई पौधे खिलाड़ी क्रिकेट का मैच देख हो, उनका यह बोल रहा है। जो भक्त नहीं है, उसी खिलाड़ी के साथ जुड जाते हैं।
पता भी लगा क्या हो।
भूख को भूल जाते हैं
आपके कमर मूके द्वारा, जो या क्या
प्यास तो भगवान के उपदेश में उनकी में क्या है? और ठाकुर भक्ति ने महान सन से शूल रूप से भक्त ठाकुर कहते हैं। उन्हें भगवान के ने
वीरा का वर्णन
किया, जहाँ के जो सर उनका बद्ध हुआ, किसके द्वारा
लो भाइयों ने क्या
किया अलग ये लीला मैं अब ज्ञान सुरो तुझे हमारे आजरथसहैकोबहुति आकर्षण है, क्या होगा? क्या होगा
अंत में?
इसलिए ये अवश्य है। जिला को सुने श्रवण
माया से जुदा होना चाहते हो तो क्या है?
उपाय है
आप भगवान
क्या में लेक दोष है।
a
आज हेमिन की कथा पढ़े आज मन की कथा में
किस प्रकार आज हम जिस ब्राहमण का जन्म हुआ था, जो गया था, वो जार में फूल
लाने के लिए, पूजा के लिए फ
घटना देखी। 1 प्लेन
इस घटना का चिंतन जिसके द्वारा क्या हुआ उसका ध्यान तो इसलिए हमें क्या कहना है मन को श्रीमद भगवत। आज suvाrimunisुबाड़i muniriशiमुनi
और उनके पास बड़ी
गहरी शक्ति थी, सो वो भगवान का चिंतन कर रहे थे, कहाँ बैठकर,
अंडरवॉटर काने अंडरवॉटर
स्मेलिंग जहाज होते हैं, सुना
सबमेरिन
स्मेलिंग शिप क्या करते हैं, वो
पहले के निचे जाते और अब ऐसे झाग आ गए हैं जो 3 लेवल पर
हुई है।
तो ये सुभारीभूनी बहुत ऊँचे कोडी योगी
थे, ऐसी शकी थी कि बिल्कुल गिराई में तक जा सकते थे, और वो क्या चिंतन कर रहे थे। भगवान
ने देखा
12 और इस के प्रति, और इसका तो क्या हुआ? उनकी जो बुद्धि थी, वो सोचने लगे, बहुत भक्ति दिया चलो दुनियादारी में, उसी
राजा के महल में राजा के 50
बेटिया थे, और सारे ले जाकर वो
राजा मुझे आप अपनी कोई भी बेटी चुनकर।
2 पत्नी के रूप में राजा ने
देखा, जरूर लंबेबाद लंबे नाखून बदसूरत
और राजा ने मैं तो जबर्दस्ती नहीं कर सकता, आप कोई जाकर देखो अगर मिट्टी में किसी बेटी की इच्छा है तो तुम
सब बेटियों ने ठुकरा दिया था, वो समझ गए, क्या है का?
वो समझ गए।
मैं इतना बदसूरत हूँ, अगली हूं, कोई तो योगिक सिधियो द्वारा ही बिकम वेरी
हैंडसरमैन, इतना हंस जा नी कर।
हमने इसे पहले देखा था, तो हमारा
पति बनेगा में गया। 50 सौ बैलों को मना
क्या नवाब
मे
चले। तो हमारे शास्त्र में इस प्रकार की अनेक लीलाएं हैं, क्यूँ?
क्यूंकि ये बहुत ही आकर्षण हमारा सबसे बड़ा शत्रु है। इसलिए अब हमें उपदेश दे रहे हैं, क्या? क्या उपदेश दे रहे हैं की आप
बरबस हो, ऐसे कायर में आप
आप को क्या भगवान प्यार? तो इस भागवत के दूसरे अध्याय में
वर्धा बर्तलाव का उद्देश्य क्या है?
क्या है?
हम
साधन क्या है?
य तो भात में हमें यह ज्ञान दिया जा रहा है।
सबसे उत्तम ज्ञान ज्ञान, गरी ज्ञान है।
यह क्या है सबसे। इसलिए श्रीमा क्लास में आना जिन जो घर रहते है। अभी आप सब ने सौ में अनेक सेल बातें हैं।
आपके कितने
जैसे टू, फिफ्टी, प्रेस से, कार्य में अपने भक्तों को तो आप भागवत लुलैनिया।
पर भी आप को पढना भी है।
यह देखे के सुझाने के लिए, राह,
सुझाने के लिए, रखोगे, भागवत में इतनी शक्ति है कि आपका ध्यान लाभ पढ़ोगे
तो और भी शासन को पढना चाहिए। इसलिए ज्ञान को शो की बड़ी सुंदर कथा है। बड़े सुंदर रूप से देखते हो कि जून गेंद हैं। उन्होंने टर्न उनके हर प्रश्न को दी। और हमें इन प्रश्नों का उत्तर पढ़ना चाहिए, शिक्षा का लाभ उठाना चाहिए। इसलिए भगवान के े शुरू से अंत क्या है? भगवान की लीला और भगवान के उन। वेरी इम्पॉर्टेंट पापाजी योजना बना रहे थे। वे जाने और खबर को यह नहीं पता था।
i can go there widout weapon
भगत
प्रथम भाग,
जो तीसरा पार्ट, छपा भगवत
इंग्लिश में ने क्या सोचा?
now we have the emminisionto।
अमेरिका में, तो ये सीमा भागोतम का ज्ञान सबसे उत्तम ज्ञान है। उसके
पालन से
पढ़ना चाहिए और बढ़ना चाहिए। और उद्देश्य क्या होना चाहिए? शिक्षा का लाभ उठा तो पढोगे ज्ञान
बढ़ेगा, पढ़ोगे तो बुद्धि तेज हो जाएगी। तेज बुद्धि का अर्थ है ये ज्ञान,
जिसके द्वारा आप समझ हो क्या? ki marsaaonamoancoi we should i is no and practis? is
hey girsaeyesgisha, thank you so much for your one of my session, is you have a consistent as, what is a secret to the consistent in a duties chanting in the section is okay
i become stedi is not difficult
this
ad satta baki sadabctymeans, we follow rus regulation and just like you advise getaperlyinthe morning mangati। if you do do i o level a temple।
and then chanting so we do the practice
a, you re a stable, and you will make future the advancement ma me as in a se dur e
a to
actually yuro
all of the world get quesion पूछे en
sa control
the mine कंt्rोling in so arjun, said
this and crisi give the reply still,
how you can do it?
and is a question it we all
us how you control the mind crisis on istracligwithamin in the sense sunrse is
everybody hai, so a problems to fight
maya
hundred person it india in america india, they all of the same problem
krishna, or that how is going compare the nusinfolactivity and is last one e
all dealing in me living is going
fine a, this is also comment everyone
voinso yeyemstsemuslsdis
and like to some services,
so much,
but i am so that
we can t even compet
salana a
change in to hit chine slow, what
is the wise slow thats your get to the money on teaching apecet in the fourth candle and now the munis
some times of patient things। i have recovered a becomes slow and
taking the menison in what happen?
क्या होता है?
तो कई बार सोचते है, अब हमने
कर लिया, अब आप ढीले हो जाते
हैं, सर धीरे हो जाते हो। आप बोयबलीसटेशनमें खड़े हो सुर्केजकेसाथएक मिनट दूसरी
तरफ देखोगे
तो 1 सेकेंड के
स्थान
में
ो
so in this cites, we
have complete information or pressin?
प्रश्न पूछे ये जो प्रश्न पढ़े is god
maya
से उत्तम, क्या?
आपकी भलाई के लिए
केन
देने के
जो प्रश्न पूछे जाते हैं, आपके मन में है
yes
मोर कवन हरीशज गुरुवार
जैसे आपने जैसे आपने बताया कि 2 उधारण एग्जाम्पल्स दिए, आजीवन जीका, और जो हमारे नोयवेंदवीकापतन हुआ। तो आज हम देखते हैं कि समाज में ऐसी स्थिति हमें हर जगह देखने को मिलती है और बहुत ही मुश्किल हो पाता है कि अपने आप को माया से बचाने के लिए है। तो इस प्रकार से हम अपने साधना भक्ति, अपनी भक्ति को करते हुए माया से बच सकते हैं।
महाराज अगर आप भारतीयों के वीडियो का पालन करोगे।
तो पापाजी ने कहा अनेक समय बिना शंका के
पोगेसकरोगएक्पेरीमेंट करने की जरुरत, अगर आप बदियों का पालन करोगे। vidoutdoutoजब कोई कोई पानी आपको कहता है
माँ ले, अच्छा नहीं लगे तो 30 दिन में वापस कर देना,
विश्वास का है आपकी जेब में सौ डॉलर का नोट आता है, आपको पूरा विश्वास रहता है। ये डॉलर का नोट लेकर किसी दुकान में जाओ।
तो जो भगवान कहते हैं मेरे हो,
मैं तुम्हे रक्षा करूँगा, मैं विश्वास और
साधु से मेर होगे तो ये ज्यादा सरल हो जायेगा।
जैसे आप सब ने अनमोल किया,
बंद
था
मंदिर खोल one
e कार में थोड़ा आगे जाओगे, मिडाया तो हमारे पास
पूरा साधन है माया विरोधक
here krishna marg this is the online question by aditya ragpagufromjo so he asking silver you wont said disible should always feel that spiritual master is always visit sem। i sometimes really i grade separation from you 2 आई हैव beautiful find picture of yours houten, ib always video from the first line is you मेंशन डिसाइपल शुड ऑलवेज feel दैट रिजन मास्टर is
ऑलवेज डेसाइट प्रॉपर ी कहते थे मुझे
कभी ऐसा महसूस नहीं होता कि मेरा
गुरु मेरे साथ नहीं है, क्योंकि प्रॉपर
फुरसकैंटकोडिरिकेट करते हैं पने गुरु को कहते
है esoreverbydovin instruction and follow to guru है, जी है उनकी वाणी के जैसे
जब भगवान प्रकट अप्रकट हुए थे, अर्जुन
के साधन शादी बहुत दुखी थे कि जब भगवान प्रकट हो गए हैं, वे
अर्जुन ने गीता के श्लोकों का मान किया। जब गीता के लोगों क स्मरण किया, तुम्हे ऐसा लगा कि भगवान उनके साथ
खड़े हैं, उनके रोग पीड़ा थी वो समाप्त। तो उसी प्रकार अगर आप गुरु की बाणी का स्मरण कर रहे हो, पालन करे तो आपको भी ऐसा महसूस होगा कि गुरु के साथ है। yes
hregushnaggo, my creston is mutiltenspretlik five and al saintist together always what ever on that particular matter, but on the other hand in spriturlimethat spricurthingsspret, very slow is this reason at in spritrlikeinamen the people। सो मच डिफरेंस सो डोंट support is at so, then it reduse speed of spending words the
may to
krishna
hi
colmar टीवी स्टेशन में
शक्ति धन हमारे पास नहीं है, जितना हो सकता है प्रयास करते है और भगवान गीता में
क्या कहते हैं लाखों में 1 व्यक्ति
है
मुझे समझने का प्रयास करेगा 1 समय in press confrence in australia और jones ने पूछा if your cricn conton
is so perfect hall fully pact आम समझिये प्रश्न ने पूछा कि अगर आपकी कृष्णा पक्ति इतनी मजबूत है, ये हॉल
भरावा क्यों नहीं है?
a selling dimens when if you will
by selling imitation dimond that so cont he real dimond to ye her
victi
yes।
भक्ति साधन के लिए हम कैसे माया से दिन भर करे भक्ती में आगे बढ़े। माया का प्रभाव मन में आता है। वो कैसे पीछे रहेगा, हम इस प्रकार
की आगे रहे,
बाद में बात करने,
गे
भक्ति से आगे बढ़ रहा है।
वय का प्रभाव किसी है भक्ति में आगे बढ़ने के लिए
बस साधन दिया है। कृष्णा और पूजा करते हो। कई सालों से
से पढ़ो
हरे कृष्ण
महाराज, सुन्दर प्रणाम महाराज, आपने, उद्दंधनदियापरीक्षित महाराज और उनका परीषमाहाजने उनके गले में साफ दारा। वो गली तो ध्यान में थे उनको पता नहीं था कि अतिथि आए हुए
है
वो स्वागत नहीं कर पाए क वो पता नहीं था उनको तो हो सकता है हमले से भी ऐसे कुछ गेस्ट का या अतीदीकाअनजाने में अपमान हो सकता है। तो हमें क्या करना चाहिए
जान बूझकर अपमान नहीं करना चाहिए अगर ज्ञान से हो जाए तो हम जानते है
त
आया है हम जान बिल्कुल बेचती करे
wording
को अpmानहोजाए
हमारा मेरा कोश है जो हम जब तब है जब सब से पहले मैं जो कुछ कार्य करता है तो कुछ पहले लेकिन जब हम जब में बढ़ते है तो अलग अलग विचार हम मना रहे है और जब तक में बहुत सारे बताया है इसका कारण क्या है
खारी है वह मनछनचलराहैहमे भर्ती के माध्यम से शेर बनाया है तो इसे बहार कहते हैं दे to gas becr नको intan mt o gnoretshandinlgea
okay, there is the last question maharaj so the question is it is said that a guru sofort om disises? when this ipl do not follow property? or a break principles? how should one repent if he had some thing cons,
i want to
so?
कितने प्रकार के सबसे उत्तम मोदी का
शिष्य है जो जानता है गुरू का क्या उदेश्य है बोले भिगर पालन करता है साधना करो यह करो दूसरी श्रीनी
का है इसे कहा जाता है कि
1 करोड़ हो करता है और तीसरी श्रेनी का शिष्य है चाहे गुरु कुछ भी बोले करेगा वही में आता तो हमारे ऊपर इंडिपेंडेंट है
कैटगरी
कॉनिंग
सो थैंक यू।
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