क्यों , श्री चैतन्य महाप्रभु भगवान हैं | SB 11.5.32 | 01 Mar 2018 | Pune | Gopāla Kṛṣṇa Goswāmī

Gopāla Kṛṣṇa Goswāmī explains why Śrī Chaitanya Mahāprabhu is the Supreme God, using Srimad-Bhāgavatam 11.5.32 to show how Chaitanya embodies the Lord's consciousness itself. The lecture traces how the Lord appears in different forms across ages, each suited to its time, with Chaitanya's arrival marking the culmination of this divine plan.
Chapters
موسیقی ترجمہ प्रस्माईशी ग्रवेन दिखे कान्या मलव वेष्टां आपिदं वेन अजुद्धले प्रस्माईशी ग्रवेन दिखे कान्या मलव वेष्टां आपिदं वेन अजुद्धले प्रस्माईशी ग्रवेन दिखे कान्या मलव वेष्टां आपिदं वेन अजुद्धले प्रस्मा सत्क्रेतं स्वभूतं प्रेनासितं विष्णज़ने खिरादा विष्णदा समनार्वासिता वान्चा प्रस्तुर्वश्च भासिन्दोग्रेवश्च प्रस्तुर्वश्च भासिन्दोग्रेवश्च प्रस्तुर्वश्च भासिन्दोग्रेवश्च प्रस्तुर्वश्च भासिन्दोग्रेवश्च प्रस्तुर्वश्च भासिन्दोग्रेवश्च प्रस्तुर्वश्च भासिन ये श्रीवन भगोतम का बड़ा प्रसेद ये श्लोप श्रीमाद भवधम का बहुत प्रतेश श्लोप है आप ऐसे किते भक्तों ने श्लोप को कंटर्स किया बात है तो महराज दिम्मी ने करभजन से पूछा ये बताईए की आलग आलग युग में भगवान किस रूप में प्रकरप होते हैं और कौन से रंग में प्रकरप होते हैं। तो महारा जिम्मे के प्रशन के उतर में सरपर्जन हमें एक घ्यान दे रहे हैं। तो सरपर्जन ने क्या कहा। इस करियगा में जो बुदिमान व्यक्ति है तो इस स्लोग द्वारा ये स्थापित किया जाता है कि आप सब जो यहां अपस्तेत हो आप सब भुदिमान हो हाँ हो या नहीं क्योंकि आप स्विकार कर रहे हो कि चेतिनमाप्र कौन हैं तो केवल जो भुदिमान व्यक्ति हैं वो ही पचान पाएंगे कि चेतिनमाप्र कौन है भगवस्तम में भगवान के अवतारों का वडन हैं। भगवान के अनीक अवतार हैं। जैसे मैं तो बता रहा था हमेरे हॉलिंबॉर्ड के प्रतुरूजने एक फिलम भी बनाये दिया हो था। प्रतुरूजने अवतार का कोई सब मन नहीं था असली अवतार के था। कब देख तो भवान के लिए प्रसेद अवतार हैं उनका वर्णन हैं श्रीमन भगवतार में. तो भवान क्यों पकट होते हैं प्रित्वी पर? क्यों? धरण के स्थापना करने के लिए. जीतने महाबगुब स्वयम भगवान हैं जो की पकट होए थे सुनारे रंग के साथ और जो की अपने साथियों के साथ क्या कर रहे थे भर्मान की नामों का तो कई बार जब आप प्रचार करते हो लोग पुछते हैं कहाँ हैं चेतिने मापरोग का वड़न ये स्लोग है जहांकी स्पश्ट स्थावित होता है कि चेतिने मापरोग कौन है स्वयम भर्मान है और जो सदा भगवान के नामों का पुचारण कर रहे थे। वहाँ तो वो प्रगट हो गए थे ये हरी नाम को पुचार करने के लिए। भगवतम के साथ वे इस कर्में पुलान मराज को अपदेश प्राप्त होता है। और पुलान मराज साथ वे इस कर्में कहते हैं ए भगवा गुर्धनों पे प्रकट हो गए। चुपेवे अवतार। आप हों भगवान पर आप ये होंगे नहीं। आप अपने आपको भज़ बुला होगे। तो जे जिने भाज़ प्रभोग स्वयम भगवान हैं पर वो प्रकट होगे थे भज़ के लूप में वो हमें सिक्षा देना च कि आम कली लोग में कैसे भगत पापती की मार्ग में सफगत प्राख कर सकते हैं। हाजव पाँच नर्जदात पुर्मोर भगतों की सभाव हो रही थी नमश्वरान्यम। और संतों ने पूछा सुत्र कुस्वमी से कि कली लोग की क्या लक्षन होगी। क्योंकि जो स وہ اپنے سوات کا نہیں سوچتے سدھارت صحیح میں ہم سب یہیں سوچتے ہیں ہمیں کیا ملے گا؟ سچ بات ہے آپ کو جوستی بناتے ہو تو دیکھتے ہو ہاں اس جوستی پر کچھ لاحب ہوئے گا میں آپ اپنے مندر آتے ہو اور خیال کر کے جب آپ نے آنا شروع کیا ہوگا अपने लोगोंने लोगोंने पूछवाया इसकार मंदल में जाते कोई मिलता है क्या हुआ पूछा लोगोंने सधारन स्थिति में हम सभी यही सोचते रहते हैं हमें क्या मिलगा है इस लिस्ते में तो अगर किसी लिस्ते में कुछ नहीं मिलेगा तो तलाक हो जाता है हम जदा हो उनके मन में एक ही भाव रहता है कि पतीदों का उधार कैसे होगा? तो जो सद्व महात्म से उनने पूछा कि कलियों के क्या लक्षन होगे? क्योंकि उनकी इच्छा ही थी ये घ्यान प्राप करे कि लोगों का उधार में कैसे होगा कलियों तो चेतिरे महाप्रभु को अच्छन द्यादु अवतार मान जा रहा है। नर्दन्दा साकुर स्वया में एक राज कमार्थ थे, पड़े धनी खांदान के, वो ने सब कुछ दियागा, वो महाप्रभु कृष्ण नर्द को है। चेतिरे महाप्रभु को नर्दन्दा साकुर ए श्री कृष्ण चेतने प्रभू धया गळा मोरे सोभा भेना किये दयालू चेतने महार प्रभू अब आँ हमार पर कृपा कीजिये आँ जो हो सब अवतारों में सबसे दयालू अवतार हो आप पूछोगे कैसे दे आगों हैं इन चेतने महा परुभुव हैं जिहाद एक उनटी का मार्ण पूर्ष कर उतना जाया पतीं कमाल ही थो था वो बता चेतने महा परुभुव प्रकट गए पती को महा उठान करना जाया चेतने महा परुभुव पिता का नाम था भगवान जब पकड़ होते हैं प्रिज़्वी पर उनके पकड़ होने से पहले उनके सिरादन साथी पकड़ हो जाते हैं. भगवान श्री किशन के पकड़ होने से पहले उनके माता, पिता, बड़े भाई पकड़ हो चुके थे और चेत्र माहा, पुपु के प्रिज� इश्र पूरी मानन पूरी अभेदचार्या एला शाकुर नेक साथी प्रगन होगे उन्ही माता कर नाम था सची माता पिदादा कर नाम था पिदादा कर नाम था पिदादा कर नाम था पिदादा कर नाम था पिदादा कर नाम था पिदादा कर नाम था पिदादा उन्हें अनेक नाम कर नाम था पि दिये गए। एक दाव गोवर रङ्गा सुदार रङ्गे थे। गोवर हरी तुम्हें सबसे हरी का नाम दिये। जब वो छोड़े थे प्रोहना मान कर दे थे जब माता और परोषी और पिछा चुना थी थी माई के लिए हमारा मान कर दे। एक नाम था निमाई जो ने दिया था सीधा जी ने अलवेडर चाया के पदमे महाद्रोगों के पकट होने से पहले उनके खाना में आठ मैनें पकट हुई थी उनका प्यालाईशी पड़े हुआ रही हुआ तो सीधा था को आने की इच्छा थी कोई लाज़ा नहीं लग जा� तो उदें निमाई नाम दिया तो भगवान की अनेक नाम हैं और छुरू से ही उनका उदेशे ये था जो लोगों को जोड़ा जाये या नाम के साथ और छोड़ी आय हुई उस संत्य से बड़े विद्वान मन गये थे उन्होंने एक समय दीला पकड़ती थे کہ उनने अपने शांफ नदर रूप एक ब्रामन को दिखाया जो उनके घर में अतीती के रूप में पकड़ हुआ था और उसने कहा कि ये किसी को नहीं कहना छोड़ा आये थे उनके घर में जो भगवान को उठा कर देखा रहे थे स चोटी आयों में ही उन्होंने संस्यल का महाविज्यारा खोला और आज से 500 साल पूर्व आपको जो नवद्व स्थान है भारत का इंटिलेक्शल कैपिटल था आज बड़े विजवान थे महाविजवान थे एक संस्यल की विजवान थे केछो किश्मीली जिनने भारत के लगवक साफ पत्रितों को हरा दिया था और उन्होंने सूच्णा भेडी नावदेब में कि मैं आना चाहता हूँ आपके शहर के सबसे प्रसेद प्रसिदीवी से संस्क्रित भाषा का डिपेर करना जैसे आज तो आप लोग किकेट मैच वज़ाया होते हैं उन दिन में विद्वानों के डिपेट हो देते हैं जिसमें की अनेक लोग आप देखे देखते हैं तो जो जमदित विद्वान थे उन्होंने एक सभाव को लाई और पूछा चर्चा की आप केशे किश्मीन हमारे शहर माईशा आरका कौन पंदित उसके सामने कड़ा करगा, कौन उसके डिबेट करगा, इन्दे पंदित हैं सब जब आ गया, सब देका हमारे में इस शक्ति नहीं है, उसके लाग सुनते ही लोग डर जाते हैं, फिर उन्होंने ये दिर्ण किया हमारे शहर के सबसे اور انہوں نے یہ سوچا کہ اگر کسی پرکار ہمارے پندر نے انہیں ہرا دیا تو ہم کہیں گے اگر ہمارے شہر کا بچہ اسے ہرا سکتا ہے ہماری زبان ہی چھوڑو اور اگر اس نے ہماری شہر کے بچے کو ہرا دیا تاں ہم کہیں گے پچھے کھڑا ہے ہمیں کھڑا ہے کیشے کشمیری نے ایک ڈھنٹے کے اندر سوں سوں کی رشنہ کر دی جن کے دوارہ گنگا ندی کی رشنہ کر دی اور اس کے پساڑھ میں نے پوچھا تو تمہیں کیسے لگی مینی رشنہ मुझे बहुत अच्छा है पर इन स्लोकों में यही एक कवी मुझे दिखी है पर सबसे पहले तो एशा केश्मी जी आश्ट्रे हो गए थे मैंने तो वायू की तीजी परी स्लोक सुना आए तुमने एक बार सुनने से कैसे कंटर्स कर लिया جو بیاکتی ایک بات سننے سے کسی ادھاڑی ہمیشہ کو کنڈرس کرلے اسے کیا کہتے ہیں؟ کنڈرس کہ ایسے ادھارن کے لیے جب پھرکشن مران کو اپنے ہی سے رہے تھے پھرکشن مران بشور کے سمران تھے उन्हें ब्राह्में लड़ के लिए श्ट्राप हिया तुम्हार साथ जन के पश्चार तुम्हारें पित्ये हो जाएगे तुम्हारें स्विर्माल जा क्या था तो राज रिशी थे राजर भी और रिशी भी आज को किनेंदा राज रिशी थे हैं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं राजा में थे गर्जा को अपनी मुला जैसे मांते थे और सांत में थे शंगल में थे क्यास लगी थी पाने की खोज में एक सांत की कुटिया में पहुंचे ये कहा जाता है शास्वर में कि अगर कोई शास्वर भी आपके घर में आए आपको इसका बड़े आदर से स्वागत कर سب سے بہتر ہے اگر آپ عتیدی کو مٹھا کر پرشاہد کھلاو پرشاہد دیجئے اور اگر آپ پرشاہد نہیں کھلا سکتے تو جل دیجئے جل بھی نہیں دے سکتے تو پہنچنے کا ستھان دیجئے چٹائی یہ بھی نہیں دے سکتے اکرام صاحب میٹھے شہبانوں سے تصویر کرو صاحب باجی کی اچھا دیں گی جو بھی عطیتی اسکون کے کینڈر میں آئیں انہیں بٹھا کر پرشاہ کھلا جائے کہ آپ کو معلوم ہوا کہ سکوں کے دورے میں ایسا ریوانہ ہے ننگل کھلاتے ہیں پڑھے جن مراج نے پروبیش کیا اس سن کی کٹیاں میں اس سن نے ان کی طرف دیکھا بھی اس سن پڑھے جن مراج نے بڑا افراد محسوس کیا اور اتنے پتے سمیں کٹیاں کے باہر ایک ماناواد سانگ تھا اسے ہاتھ کے روٹ میں چھڑا دیا تھا اس بیشی کے گلے میں اس کے بیٹا شرنگی कुच्या के भार खेल रहा था बेटा ने देखा कि पिता कि राजा वड़े खुदे सोते वे थीड़ी से चल के जा रहा है उसके मन में भार जिग्यासा थी क्या वड़ता बीता मेरे पिता और राजा के बीच में जब उसने देखा कि एक मनवा साम हार के लूप में छुराया है तो उसने कहा ये राजा की ये हेमर प्रेशिरमा की अगर प्रेशिरमा चाहिए तो बड़ी स्वलावदा से इसका अविरोध कर पाते थे ताके प्रेशिरमा की सुरक्षा भगवाने की भी जो वो माता उत्सानी धर्मे से तो प्रेशिरमा ने सोचा की सुस्कार संसासे प کیا اچھا موقع ہے انہوں نے ہزاروں سنتوں کو پڑھا ہے ہمیں کوئی پروگرام ہو تو ہم ایس ایم ایس کرتے ہیں نا ہم دو کرتے ہیں پروگرام ایس ہوں بھی نہیں آ رہے ہیں ایس ایم ایس ہو گیا ایک ساتھ دس ہزار ہو گئے ہیں پھر لگتا ہے کہ اُن دنوں میں ایس ایم ایس سے زیادہ تیز کو اس کو دی رہتے ہیں کیونکہ جب پریشان امراض نے سوشنہ بھی سنتوں کو نماز کر دیا منٹوں میں سارے ساتھ پہنچ گئے और SMS से ज़्यादा फेल्ड कोई सुविदा हो गई और जब शुक्रे कोसामी में प्रेश दे रहे थे शुक्रे कोसामी में सुन रहे थे और एक बाद सुनने भे ही उन्होंने अन्धारा नार्ष्टो को हस्ट रहे थे तो केशे किश्मेनी ये देखकर की एक चोटे से निमाई पंदत में एक बार सुनने सही इतने सोपों को सौ सोपों को पंदत के लिए और जब निमाई ने कमचोडियां सुना या नक्स सुना है उनकी रच्चा में तो उत्सर नहीं देपा रहे थे और निमाई की जो जुध्यारती थे वो हस्ते लगे हसी उड़ाने लगे मैंने ने डोग दिया तो कहा आज केशा किश्मीन थके होई हैं कल उतर देंगे केशा किश्मीने घर गए उठे सारा सदी देवी के पास सारा सदी देवी से कहा आपे हमेशा میں ہی سرکشک ہی ہے پھر آج جب میں بولنا چاہتا تھا مجھے یہ ہی نہیں پتا کیا بولوں یہ جو بالک ہے کون ہے سویم کے بڑھوان ہے پھر کیسے کس میری پوڈیشن ہے प्रिज्वर्गा चेतने महा प्रभो की नेक अनेक लिलाइं हैं चेतने महा प्रभो के विशेबे तीन पसिद ग्रंथ हैं जिनके माद्यम से आप ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं एक है चेतने चाता बृता जिनकी रचना किषनाथ का विराजने की एक है चेतने भगवर ये चेतन्य महाग्वत पहले प्रकाशित हुई थी चेतन्य मंगल की नाम कर वो भिर्विदांगल सागर को पद़ा लगा चेतन्य मंगल नाम का एक रख प्रकाशित हो गया है वो उसके नाम क्या पदल दिया चेतन्य महाग्वत नहीं कर चेतन्य मंगल तो चेतन्य महाग्वत सन जगनाथ पूरी मंदल में गए और जगनाथ जिगा दर्शन लेते ही जगर जगर जगर कहते हैं भिरूष हो गए परती भाव समय था जिवान को बंद करने के लिए जिवान मानों भोग लगने वाद जिवान पुजारी था اسی یہ نہیں پڑھا کیا کریں بہت کبھیوڑ سنائے رنگ کا لمبا سنیاسی وہاں کے علاوہ ہے تو سروں پر چاہیا اس وقت ان کی عائیوں لگوک 80 سال کی تھی بہت پرسید ماہ والی سنیاسی تھے وہ بھی اسی وقت وہاں کھڑے تھے انہوں نے کہا کہ نہیں جاؤ اس سنیاسی کو اٹھا کر मेरے कहलमें जगन पूरी मंदर के जगन पूरी मंदर के जगन पूरी मंदर के जगन पूरी मंदर के जगन पूरी मंदर के जगन पूरी मंदर के जगन पूरी म बहुत सुन्दर चुनाय रंग सर्याजी आया था जगराजी वो देखते ही ये हो जो गया तो वो समझ गहें सुनाय रंग सर्याजी था वो भी कौन था तो गए उस खान पर यहां की गए होट चलेगे कर बग्बान जीति दुनने को तो पढ़ा था कि महाग्रव को हो� पिदाईजी में किर्टन के बादें जो रोना बंद कर देते हैं तो उझ सर्म को बुलचारिया ये देखे बड़ा आश्टरी हो गया था। उनकी एक रिस्तिता थे जेना नाम था धोपीनाल अचारिया। गोबीनाल अचारिया के मन में पुरा यही भाव था चेतिने मारा भूँ स्वयां भगवान है। शी कृष्णा चेतर यहां राना किष्णा है। तो कही बार सर्वभूर्ण चाया को कह देते हैं ये स्वयां भगवान हैं सर्वभूर्ण चाया कह देते हैं नहीं भगवान तो नहीं है और प्रसे सन्यासी है तो सर्वभूर् نے کہا इपना सुन्दर सन्यासी है लंभी हाथ, लंबा वकक, सुना लंगा कहिए माया में नहीं करता है माया नहीं करता है, कशित नहीं करता है तो नहीं कहा कि मैं सबे विदास्तु पर उपनेश देना शाहता ह तो महापभू रहे हैं आठ धिन रात रात बड़े ध्यान से सानते हैं उन्हों गाना घणा सुनते हैं और गड़ी देखे रहते हैं सच बात है आज उन्हों गड़ी देखते हैं बानने की कोड़िस्ट करते हैं आज दो मिनें लुटर रहे बोलता है आप काटने पर क्यार हो ज جس طرح پتہ چیلے نے پوچھا آپ کو سمجھ آنا ہے کہ کیا کہہ رہا ہوں؟ تو پھر مہاں پبھو نے کہا میں پتہ چیلے ڈالوں گے بیان سمجھا کے یہ سمجھ ہے بہت ہی کلیر یہ دستوریا کا پتہ کیوں پھر آپ نے اس میں اپنے بھاووں کو جھون دیا ہے اس لیے جلدہ دسوں تک ہستی سنتیش ہے وہ پرسکت نہیں ہوئے پھر آگے جا کر بھاو کا اندھویہ ایک اتمران شلوک ہے جس پر چل چل ہوئی ہے جو مہا پھر ملی امتی شلوک کی بیاکیاں چوہر سج ادھر کریکوں سے کی جو سب ہمارے چہائے سمجھ گئے ये स्वया भगवान हैं। और क्या हो गया है? वर्गिष्वन महा प्रभुर। स्वया भगवान हैं जो प्रगट हुए हैं कली उगा में पतीतों के उदहार के लिए और उनके प्रचार के माद्यम से चिगाए मदाई जैसे पतीत ब्याग्डियों के उदहार हुआ जागर जागर में जो पश्यू थे उन से तो उन्हें केटल करवाया और उन्हें धंकरों को पढ़ा आद आठ नौ घंटे लगदा केतन करने के प्रस्चार पानी की खोज में थे तो कहा गये पला वर्ज श्रीदा के काम में मैं पानी काव किया और बच्चों को बड़ा आदे दे ले थे महारोग बड़े द्यालू हैं महारोग कलियेगा मैं भगत भाक्ति कमाई बड़ा सर्र बना दि है नाव भणे नाव भणे नाव में वो केवला भणो नस्तेव। आप सब भक्तों को महा प्रभुव का उध्हार प्रग़त करना चाहिए कि महा प्रभुव पलिदों के उध्हार के लिए प्रग़त होए हम सब पतीद हैं और हमें उनकी सिक्षा का पालन करना और प्रचार करते हैं जाने जानता है कहो पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्नो पदीश। पुरिश्न سالسنگ میں رہو گے تو کیا سمدیش میں رہ گا؟ اصلی سمدیش ڈھاما کرتا ہے ہری نام کو اچھا رہتا ہے کلی کالے ڈھاما روپا کشنی آواتار اس کلی اوقع میں بھگوان پکڑ ہوتے ہیں کس معنیوں سے؟ ہری نام کے معنیوں سے ہری نام کو اپنا भाई नाम के द्वारा के लिए शुद मलता हैं। आप मुझे अपने सिश्यों को तो कहा, भाई की समझें गंतों की रशनार करने के लिए। पर स्वयमो केवल आठ सोंग छोड़ गए। जिन्द हम किस नाम से जानते हैं। पहले सोंग में क्या कहते हैं। पेड़ो दर्बर मा तो हम सबके हेलावें भोल घेरी मेल हैं। भारत के प्रदाल्मांदी का एका योजना है स्वच भारत। हम कहते हैं अच्छी योजना है। तो हम कहते हैं हमाई योजना है स्वच हिर्दे। स्वच हिर्दे। हिर्दे साफ होगा तो सब वो साफ होगा। हिर्दे गंदा होगा स स्वच हिर्दे की यूजना को सपल बनाने के लिए हैं नाम को जाप करना चाहिए और हैं नाम की महिमान का पच्चार करना चाहिए महाप्रभुबू ने कहा चेन्ट हरे कृष्ण वीद श्रीमन भागवता विरांतों को पड़ाओ नस्तप्र एशो भजएशु नेतियं भगव جس پکا ہائی نام سننے سے ہیلنے کی بیان ضرور ہوتی ہے اُسی پکا بھاگو دھیان پھروک سننے سے اگیانتہ ضرور ہوتی ہے. بھاگو تن پھروک آپ میں کتنے بھاگو تن پھروک پڑھتے ہو؟ پھر بھمان जि آرچہ वजा की वफ़ास نہ کرو शरला के साथ नाम है राव। एक मुझे पूना पी नाम है। पूना चाहें में प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा जी आये थे। प्रापा اِنہاں ज کے جاپ کیجئے ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ اِس مادے پہیں سلوکشنہ دی طرح ہوئی ہے۔
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