कौन है महात्मा ? || SB 5.5.2 || 29.02.2020 || ISKCON Kharghar || Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

The video records a devotional discourse delivered at ISKCON Kharghar, featuring multiple speakers who explore the concept of a "Mahātmā" (great soul) within the Gaudiya Vaishnava tradition. The speakers define a Mahātmā as a person who is free from ego, anger, and selfish desire, wholly devoted to serving the divine and the saintly community. They emphasize that true liberation (moksha) is attained through selfless service (sevā) to saints, constant bhakti (devotional worship), and association (sanga) with spiritually advanced persons. Throughout the talk, the participants chant repetitive mantras, intersperse Sanskrit, Hindi, Urdu, and occasional English phrases, and invoke the name of Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja as an exemplar of Mahātmā. The discourse repeatedly stresses that serving saints opens the door to spiritual awakening, that a Mahātmā does not discriminate among beings, and that sincere devotion leads to the ultimate goal of divine communion. The later portion of the transcript contains heavily garbled, repetitive utterances that appear to be chant fillers without substantive doctrinal content. The talk concludes with a call for listeners to engage in service, maintain devotion, and seek the company of saints to progress toward liberation.
Chapters
سیدھے سیدھے سیدھے سیدھے سیدھے
हुम नमवत देवा सुद्वायवा हुम नमवत देवा सुद्वायवा हुम नमवत देवा सुद्वायवा हुम नमवत देवा सुद्वायवा हुम नमवत देवा सुद्वायवा हुम नमवत देवा सुद्वायवा हुम नमवत दे�
مہت سیواں دواراں آہوں مکتے سمت دواراں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں ڈھونٹاں जिवन्विया सुर्भिता आध्वा महत्स्के माँत्वा पामुरेद भुम्यत्ता तमोभारं योशिता चंगी संभा महान्तस्ते समझिता पशान्ता مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت مہت سے بڑھ گا مہت سے بڑھ گا مہت سیون دوار مہور مرتے سموح بارہ موشیدہ سموھی سنگھ سموح بارہ موشیدہ سموھی سنگھ مہاڑ دستے سمجھتا پشاندہ مہاڑ دستے سمجھتا پشاندہ حیمن میں سوردہ ساتھ ہوئے حیمن میں
سوردہ ساتھ ہوئے مہاڑ سیوان بارہ مہاڑ ہوئے مکتے مہاڑ سیوان بارہ مہاڑ ہوئے
مکتے مہت
سیوہ دوار ہمہ ہوں پر
مکتے
مہا
تیلو آدھو آر ماہوں کو بھی مکتے
مہارت
سے سمجھتا پرشانتا بھی
بڑھ میں گے مہارت
سے مہارت سے
مہارت سے مہارت سے مہارت سے
مہاں
دستے سمجھتا
مہتماؤں
کی سیوہ دوارم آہو کہتے ہیں مکتی کا ہمہ دوارم کارکیا جیون کا مار योशिता प्रियोखी संगी साथियोखी संग संगती साथ महात्मा ए प्रे समजिता सब खानियों को सब भाव से दिखने वाले प्रशान्ता अत्यत्य शान भर्मय भवान के धी भिर्वन्वया लोध ही सूरिदा प्रते कानी के शुक्षित साद्वा अनिका आजनन्के योगे भगत या जोग अन्वाध जिवन्टर सेशी भक्योगी लाइन
प्रस्वाल श्रापरुभाद महाराज की अन्वाध महात्माओं की सेवा करके ही मरुष्य भवानन्स से मुक्ति का मार्थ काप कर सकता है यह बुरुष परुपकाई कता भगत होगे हैं इश्वों से जदाका होने अथ्वा स्री भगवान का सद्ध प्राप्त करने के एज़्यों अर्थेन मुनुष्यों को महात्माओं की सेवा थके जाएं। जो ऐसे कर्मों में लुटी नहीं रखते हैं। जो स्पीत अथा मैतों क्रेमी वेट्तियों की सब्दती करते हैं।
उनक
महात्मा संभाव वाले होते हैं, वे जीवात्मा तो तुसरे में कोई अंतर नहीं मांते हैं. वे पर्मशान, भख्ति प्रत्त्व, क्रोध रहिन तता परमार्थ्यी होते हैं. वे कोई नेक आचरन नहीं करते हैं. ऐसे व्यक्ति महात्मा कहाते हैं. माणवशरी चौराहे के समार्थ हैं चाहे तो कोई मुद्धी का मार्ध नहीं करें या नर्भ जाने वाले मार्ध का अशार्थ करें. यहाँ यह पताया जाया है कोई किस पता का मार्ध नहीं करें. मुद्धी मार्ध में महात्माओं के संगति लती है और तब बंधन मार्
महात्मा दो
प्रताक्य होते हैं जिरुशेश्वादी अतापात्म। यत्य भी उनका परवनक्ष्य भिड़ भिड़ रहता है किन्दो उत्धार की लिधी एक सी हैं। दोरों भी शास्त्व सुख की कामणा करते हैं। एक इनाका तरहवाव यत्य सुख खोचता है और दूसरा उ पतल सुनोग पे ब्रह्म सौप के संवत आया है ब्रह्म का आत शाश्वत है निर्विशेषनु आत तक भक्त दोनों भी जीवन के शाश्वत आत की प्रोश्व करते हैं पर किन दस्सा में पूर्ण बनने का भुदेश है सेथरा जिर्दान के मंध्य अग्रिला 22 अज्� 87 में स्लोग सम्दों में असत सम्गत्याकात्वि विश्णवाचास् टी सौम्डि एक असादो तुष्ण वध्वार। गुडों से भिरत रहने के लिए असत खरता भाविवाधी लोगों की संगति से भस्टाशी हैं। दो प्रकार के भाविवाधी असत हैं। एक जो स्वी तदारियों से त्रिफ्ती में आ सकते हैं दूसरे मौन प्रत होती हैं सही दिशा है महाकमाव की संगति और उड्डी दिशा है आवाव तो पता कामी होती है स्वी संग्रियों से दून रहना होती हैं श्रृतुनपारां पी जाया।
ओम ज्यान तिरालास्या ओम ज्
प्रस्णेश्री तुर्वेनमा पीछि चर्ण्यावलोमिष्टम् स्वापितं देन भूतले स्वयं दूपक्षतामय्यं तत्वारी सापतांथिकं त्यारिच्छी कृष्णा चैतन्या करोणि जानन्दा स्विगर्वेगदगादर स्वभाचारी ओरपत्तरिंदा अभे कृष प्रिश्टान प्रिश्टा अए अए अए रामों अए रामों रामों
रामों रामों अए अए मस्ते यों दोय महोग्रमों से वो द्वारंग विजंग संगी सान्गा महांता से समाचीत पस्तिर्ण समाय वा सूर्ज अधाय होई विश्व करता है भगवान रिशल देव कर रहे हैं और ये बहुत परसिप शलोक है भगवान उनका और में कितने बका हैं शलोको फिर देती आते हैं तो रिशल देव भगवान उतही से रहे हैं रिशल देव कैसे आतांते हो स्वर्म भगवान हैं कि पुला का ना وہاں نامِ ویڑھو دیوی بہت یقین کر رہے تھے، تپسہ کر رہے تھے۔ کیوں؟ اُن کی ہیدھے میں ہی چاہتی تھی کہ یہ بھگوان اُن کی پستہ بنائے۔ بھگوان کی تپسہ سے اتنے پسند تھے، بھگوان پھلے چھوڑے نیشتہ دیکھ رہے تھے विश्व शुद्गारत है। विश्व सबसे अच्छा है। विश्व भर्मान के सौप उत्ते हैं। सौप उत्ते कैसे पसमल हैं। हम भी जा बला पिला हैं। हमारे लिए सौप उत्ते हैं। भर्मान के सौप उत्ते हैं। एक ब्राह्मान की सबा में थे। اور رشد بھبھا نہاں پہنچے انہوں نے ہمیں لفظ دے دیا. ایسے دھائی کی پہلے وہ لوگوں کو کہتے ہیں सपर्श्या का पारण करने गरें. सपर्श्या किस लें? भवान की खुशी के लिए. देवियों अलग की अल्यादरी सुथार्च को प्राप करने गरें. कहाँ कई वलोग पूछते हैं, कि हम सपर्श्या करने के लिए हमें बर्देवे क्या मिलेंगा? किसी मिलेंगा جو کے وقت بڑھتے ہی جائے گا۔ اصلی آنکھ مطابق ہوتا ہے، ہم آنکھ کیسے جواب کرتے ہیں؟ راز مراج کرتے ہیں، جہاں تے مجھے سوٹے کرتے ہیں مجھے بھی سوٹے کرتے ہیں، مجھے بھی سوٹے کرتے ہیں مجھے بھی سوٹے کرتے ہیں مجھے بھی سوٹے کرتے ہیں مجھے بھی سوٹے ये आदन जैसे विश्वित भगवान ने कहा है केवल کرتے बढ़ते ہیں ही चाहते हैं। तो आज ये सुर्फ क्या कहे रहे हैं। आज ये सुर्फ कहे रहे हैं कि जो की मुक्ति के मान पर हैं वो सबों तर प्रास पर सकते हैं। उत्थम भगतों की सेवा करके और ये उत्थम भग् دو پرکار کے ہوتے ہیں ایک مایہ وادی اور ایک بھکریشن و بھکریشن اور چاہے آپ مایہ وادی کی سیوار کرو یا بھکریشن و بھکریشن ہمیں مہتران کی سیوار کرنے سے ہیں اور جو بھی ایسی جن کی کوئی روجی نہیں ہے महात्मा आपके सेवा करने में जो बहुत एक वाले उसके जुणना चाते हैं वो बेटी के आप पहुंचेंगे, वो पहुंचेंगे सर्व के प्राथ। और जो महात्मा हैं, वो सब के परती समानता के साथ देखते हैं, वो भेज़बाल नहीं करते हैं इसे कोई राज्यतिक पार्टी अलग गल बना रहते हैं. महात्मा जो है, भेज़ाल नहीं करता. बग़बाण कुछ पिकल देव करते हैं. महात्मां के कानें कुनमें कुनिये हैं। सूजा सर्वाद नहीं हैं। सब के पसी मिर्चुसता का भववभाव होता है। और ये महात्म और मत्ति में जुड़े जाते हैं। जो बहुत एक क्रोध है उससे वो पच्चोए हैं। और उनका आच्छन है आपसे पर भरत होता है। तो ये विश्ये हमें वो सबमंगो की संगर्ण करनी चाहिए है। अनेक साल में इस चर्ष की जाती हैं। उध्हारने के बहुत हुंगे पीछलेस कर्में आप पिरे देख बग़बान के सिख्षा पास करते हैं। पिरे देख बग़बान भी बग़बान के अवतार हैं। पिरे देख मैंने कहा अभी मातर मातर ने पूछा था मातर को पता था
म
एक घ्यान दीजिये इसके दुआरा मैं करेशों से करता प्रतू हूँ। पप्य अपने बहुबा ने कोई संदेज है जो घ्यान दिया चाहता है। उन्होंने कहाना है कि आपको संतों की सेवा में जुड़ना चाहते हैं। संत्य की सेव में जुड़ोगे तो क्या हाता है मुक्ती का द्वार खोज जाएगा। और अगर हम भोड़ी भोड़ियों के संगत में रहें तो नर्ण का द्वार खोज जाएगा। इसलिए मुर्वाल के पिले में मैं कहा हमें आसक्ती रखनी जाएगे असक्ति किसीने किसी बिश्ची किसम होगी आसक्ति विश्णा एक लुप से कोई नहीं पीछ रहता है क्वैश्यन है पॉल से पॉटने के लिए क्वैश्यन है आसक्ति विश्णा विश्णा विश्णा विश्णा विश्णा विश्णा विश्णा विश्णा तो आसाकी तो हो रहे गई। बहुत हमारे पेज़े देते हैं यह आसाकी रखो किसके पती संतों के पती. संतों के पती आसाकी रखने का अर्थ क्या है? जब यहां भी आप कहा रहे हो महातों की सेवा करो, तो इसका अर्थ क्या है? उसका अर्थी अर्थ है महातों की सिख्� यह नहीं, एक बाद हाथ चुड़ा थो और प्रिष्टने मुचा बाग चुड़ा थो. प्रिष्टने मुचा बाग चुड़ा थो. प्रिष्टने मुचा बाग चुड़ा थो. प्रिष्टने मुचा बाग चुड़ा थो. प्रिष्टने मुचा बाग चुड़ा थो. मानी प्रिष् का अर्थार्थ हैं जी सिख्षा कर पाड़े मिला। प्रभागी ने कहा मानी एक मोड़ मोड़ने नभाव। उध्हाने के लिए प्रभाव पाड़ अबने गुरू होना तो खुल उई जिनी में दस पाड़ से कम बिलाएगी। केवल दस पाड़ प्रभ رول نے اُن کی مانی مجھے جنرل اٹھا لیا وہ پربا جی کہتے تھے مجھے کبھی ایسے نہیں لگا کہ میں ہمیں گروہ سے دور ہوں وہ سلام کا سندھر کر رہے تھے تو مہتوں کی سیوہ کا ارض ہے اُن کی سکھشہ کا پالن کرنا اور اگر ہم مہتوں کی سیوہ کو سکھشہ حلال کریں گے
موکش کے
دوار کھول جائیں گے جنہیں کی بھگ کہتا ہے میں موکش شریف بھگت ہیں وہ جانے سے ہی جانے کو سیار ہیں بھگت کی سیوات کرنے کے لئے بھگت ہمیں स्विला देते हैं मुष्पी, अगाम, संतनी सिख्षा, पाड़ातिरण. तो आसती रहेंगी, अब बहुत एक समाध में आप क्या देखते होँ? अब बहुत एक समाध में देखते हों, जब हम सब आसती होंगे थक चाते हैं, तो अंत में आसती के पती रहते हैं, अच्छा आप दिन्दावाने में भी जाओ। तो मैं बुपता रखना चुछ रही हूँ। अच्छा आप दिन्दावाने में भी जाओ। और विदेश्यों में पीति मानव अबादी हैं। उसके बराबर की बुच्चे बुच्चों की अबादी हैं। और कई बात में धन आपको डॉलर छोड़ जाते हैं सुपते भी क्योंकि ना एक एक वाड़ा से सी आया जाते हैं इसलिए में बिल में तानी संपधी की बिली में छोड़ जाते हैं जो कुछ बीज़ों के डॉक्टर हैं बेचान से डॉक्टर हैं के वो दूसरी डॉक्टरों से भी लाधा मह अभी देश में मांदा और मेरे गारे हैं हमें इन्सॉर्ण्स करी ना हो हमें इन्सॉर्ण्स करेंके जन करेंगा हमें पैकेज़ करेंगा होगे हमें इन्सॉर्ण्स के साथ पैकेज़ लेकिन बसाना होगे हमें इन्सॉर्ण्स करेंके साथ पैकेज़ लेकिन बसाना होगे भात्मा के संगत रखोगे जिजस्वेद में भेदर भवान वे जिजस्वेद यागरें पांश को बोलते हैं जिन्में सालु संगत पर बोल दिया जाते हैं भात्मा के सेवा करोगे भात्मा के संगत रहोगे اس کا آپ کو اصلی کیاں جائے گا. اصلی مہتا کون ہے؟ اصلی مہتا وہ ہے جو کی بھگوان کے سندےش کو جتاروپ رسول کرتا ہے. جیسے چیز پرابا جی نے کبھی درم پرکار کی کیا تھا بھگوان کی جہارت ہے. اصلی مہتما ہے وہ بھگوان کے سندےش کو نہیں پڑتا ہے. बरुहारे शदे कह रहे हैं कि जो करती संतों की सेवा करते हैं उनको अति ज्ञान प्राप्त रहे हैं वो ये अति ज्ञान के पारण से जीविंदरिश को प्राप्त रहे हैं तो बासा के क्या पेचान तो तुम्हेरे जद बगाने का वानन सरते हैं पायन देश में आब अगर कैसे चेव के सारे जाओ, तो नहीं, मन्दुं के सामने देखोगे, महात्मा सुनस्य, महात्मा सुनस्य, महात्मा वो है, जो की भगवान नामों का उचान करता है, जो की भगवान सिख्षा का इतार्ण करता है, जो की भगवान सेव में जुरता है, اُن کے آدھے سے وہ ایسی بات کسی حال میں بھی بھگوانی سندھیش دینے پر ہوتا ہے جب کہ بھائی جیہاں مڑگاہ گئے تھے ایسی بات کیوں تو کئی سنیاسیوں نے کہا سوامی جی آدھا دھوری کرتا میں پہلوں آپ جو سندھیش دینے ہو کوئی نہیں مانے گا آپ بھی ہمارے جھوٹے ہو अंग्रेई के प्रावाज्ञे कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे महान कोंप्रमारी के प्रावाज्ञे कोंप्रमा महान भातों के लिए क्या था? पहले पूर जनमे में अभी मादःयी की पुत्व था वो भी मादा सेवा करती थी किन्गेडर मादों के पास में अगर मादःयी की मादा भातों भी जानती थी कि मादःयी अच्छे यासा करते रहते हैं उड़सा में चार महीने जासा नहीं करती दान मुनी की मां वो चार महीने संदविर घर में सेवा करती थी और दान मुनी को महीं की बेड़े देमार में मौका मिला उनका च्वड़ा पर परशार देने कर लेंगे और उनकी सिक्षा
और
इसके भी द्वारा क्या परिणा हो अगे जीवन में नहां जुन। तो जब हम संतों के सेवा करते हैं संतों के सिख्षा का पालन करते हैं उनकी सिख्षा के धाल पर कारे करते हैं तो जब आपको साथ में हमानी लोगे तो आपको देखा हैं और ज مہدوں کے سنگ میں نہیں آئینا چاہتے ہیں. کئی لوگ ہیں. ڈیکھ کر کیوں کہ مہدوں کے سنگ میں نہیں آئینا چاہتے ہیں. مہدوں کے سنگ میں جاتا ہوں گے, آئینا چاہتے ہیں. ڈیکھ کہ وہ ڈڑک ہے. ڈڑک ڈڑک ڈڑک ڈڑک ڈڑک ڈڑک ڈڑک
ڈڑک ڈڑک ڈڑک ڈڑ
बहुत कोड़ी के संगल में रहते हैं। खास करके उनकी जोकी इन्यतिति के कायों में चुरे हैं। उनके परती आसक्य रखोगे। उनकी संगल रखोगे। क्या पेडाम हुआ। सादु संगल सादु संगल तरवशास काया। धावा बातर सारु संगर्ण सर्वसिती है धावा बातर एक सक्र का चौदवा हिस्सा एक पल के लिए भी आपको जमास्मा की संगर्ण मिले हैं अर्वादी हूँ सब होते हैं प्रावाजी की उधार से हम देखते होगी थूड एक दो में की संगर्ण कोड़े जिनल्बे संगर् لوگوں کو ایسا نیت دیتا ہے کہ آپ آج گئے تھے روس میں فاندھ دن کے ویزا کے اوپر पाँजें के अंदर उन्हें एक रश्यमन बनाया। सब सिख्ष देगी। भोदी कैसे बना, पीले कैसे लगाना, पुरशात कैसे बनाना। उन्हें आदरी के उक्ष्टार करो। उस रश्यमन में قبض کی آدش کے نظر پر چاہتے ہیں ہزاروں پر چاہتے ہیں تو مہاتمہ جو رہتا ہے اس کے پرنے ایک ہی بھاہ رہتا ہے سب جانت بھاہ رہتا ہے شاہ کے پرنی سمانتہ کا بھاہ رہتا ہے کلان نام کے پتہ راجہ دی اُن کی جھنی میں بیٹا بھی راجل شہید راجہ والے تُو نوں نے اب فلاک کے ادھاپوں کو بہت سارا میرے بیٹے کو راجلی سکھشہ دی راجلی سکھشہ کارتے ہیں یہ میرا شتو ہے یہ میرا بیتر ہے فلاک سے سکھشہ لینے آتا ہوں گیا فلاک نے کہا میری سے کوئی روچی نہیں ہے سبھی میرے نصرے ہیں کوئی میں نے شکستہ نہیں کیا کہا تھا کہ کوئی آل عبوشتہ بھی کہہ رہے ہیں مانو سے کہہ رہے ہیں کہہ رہے تو جیسا نہیں کرتا تو جو باطنہیں ہیں سب کی بڑی سمانتہ کا بھاگ رکھتے ہیں کوئی بھیت دھوک نہیں کرتے یہ ہمارے دھبکے ہیں یہ ستو کی دھبکے ہیں اور کوئی ستا ہر بیوڈنی کی اچھا ہے کہ منش آدھ بھئی سجدہ بھئی اور اگر آپ سب سے پوچھا جائے ایک confidential survey میں کوئی survey میں آمینے کتنے بڑے شہارت ہو شاید بہت کم لوگ ہوتے ہیں کیوں کہ ہم کیوں مشان نہیں ہیں ہمارے مند یہ سمیں سنگلش ہو رہا ہے کیا ہے سنگل ہمیں ازاد پر گیوڑ دے گا اس آدمی ہمیں بہت ہی گیوڑ دے گا ایک پاہ میں ایک نام میں دوسرا پاہ دوسری نام میں اتنے نام میں اس آدمی پر گیوڑ دے گا پھر ہمیں یہ نشت کردے گا کہ ہمیں کیوڑ جو حقیقی طول ہے وہ کاریو کرنا ہے اگر آپ ڈھیل ہو کر ایک ماندر بھاہ کو اجوبت کرو ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ भजवा मुझे लोके की आगी हैं। महापरभू की शर्णगत हो रहे हैं। तुम हाथो मुझे जाना हैं। भवान की शर्णगत हैं। शर्णगत तुम्हारे का क्या आर्थ हैं। पुरेंदर। इस वकिलाम शर्णगत हैं किस के माया करें। हम जो पर नाम हैं माया जात, मा ایک عورت تھی اس کے نام تھا سلوکی داس اس کے نام تھا سلوکی داس مہدود نے اسے پڑھایا اور کہا آس اتوال نام ہے سلوکی داس کی کیونکہ تم بھگوان کے سیوہ میں جڑے ہو جو بھگوان کے سیوہ میں جڑے ہیں وہ ہیں سلوکی داس अब मैंने प्रशाथ केवल लगवती भी घहन में खाला हैं। और किसे और के घहन में नहीं हैं। चीतने मांगो एक बर्जाप आ गया है। हम तो लगवती नहीं हैं। मतलब मांगो मारे घहन नहीं हैंगे। जो लाज बाहरें जाख है तो अगर हम एक मांच भाव रहें से वागा तो फिर प्रदासुत्ति नहीं है। जो भात्वाई हैं उनका मन शांत रहता है। पुछे थीने मान पुपले कहा, भर्मान के गेशे नहीं है तो मैं करते हूँ। सबसे पहला पॉइंट क्या है, जो अनुपूल है, वो स्विकार करता है। क्या है अनुपूल शास्मों का अध्यान करना, केवल प्रिशान करना, दूसरे शब्दों में सब्दिधन्ते हैं। बकी शुरुकारी में चुड़े जाना हैं। अगर आपकी आस्ता हो, आपकी करते हो, तो भी आप इसका पालन कर सकते हो। और दूसरा पॉइंट है, जो प्रती जुप्रती कु अच्छा करता रहा हैं, आप गए तो बते हैं। आप गए टिके डेड़े चाइना जाने के लिए जाओ गए। जाओ गए। क्यों? मुझे बुड़ा एबिडेमिक खर गया है। सब भाग गयें बगते हैं। पर कोई आपको फ्री टिके डेड़े के लिए जाओ चेहाँ जाना अब वो क्या मोहल की प्रीटी के लिए हैं। आप उत्तरों को आगे हैं चाहिए की नहीं कि वो मोहल की प्रीटी के लिए हैं। तो जो प्रतिकुल है वो एक समाद में हम जिन्दू रहते हैं। प्रतिकुल क्या है भॉली गॉलेंगी संगल में रहता हैं। प्रशिरपा पे प् آگے جیسے کا کہنا ہے کہ پرماں گوھرمانی ہار چیز کے سول میں سے اور ہمارے مجھے ہارا پاک ہے، ہمارے مجھے ہارا پاک ہے، ہمارے مجھے ہارا پاک ہے، ہمارے مجھے ہارا پاک ہے، ہمارے مجھے ہارا پاک ہے۔ پربان کی اچھا ہماری اچھا نہیں نہیں ہماری اچھا پربان کی اچھا ہم سمجھتے ہیں کہ ہماری اچھا ہے پھر پربان کی اچھا ہماری اچھا ہے بھگ کا بھاگ ہے نہیں جو پربان کی اچھا ہے وہ ہم رکھیں گے ہماری قادش کیا ہے اوہ دماغ پڑھ جا جمعہ میں کھوں ہم سمجھتے ہیں کہ ربوں کی امان ہے सब सनकोड चोड के मेडिशन में आप इस प्राया की कवितां पनाओ, अप सद्मनदन से वहाँ किस्ते और कर सके. तो जो भात्मा हैं, वो शानत रहते हैं, भेद बाहुन करते हैं, और पूरे लूप्स के भवाईं किस्ते हों में प्रते हैं. यह ہم گل کاموں میں چڑھتے ہیں. جو مہاتمہ ہیں وہ چوبیس گھنٹے ایسا کاریاں کرتے ہیں. کے اشتاق سے ہوتا ہے. یہ نہیں کہ مہاتمہ ہونے کے لیے آپ کو کیوں سنیاسی ہونا چاہتے ہیں.
نہیں.
شاید اسلیب ہو یا پرورش ہو، رمجائی ہو یا دیگرستہ ہو. آپ اگر ہماری کسی جگہ پاس ہو کر رہے ہو पुछा भी जोने जुड़े को सिर्म हैं, आप क्या हो, महाद्मा हो. तो यहां कहा गया है, महाद्मा जो हैं, परकि वहाँ में जुड़े रहे हैं. वो लो जो महाद्मा हैं, क्रोज से रहे हैं. पर वहाँ की तरह क्या कहते हैं, नहीं नहीं कि कितनें दुबार हैं, क्या तो ग्रोध वो चलने में बच्चा है। जो बगाई ही ग्रोध होते हैं। एक है ग्रोध हमें जो आदन मिलना चाहिए, वो नहीं मिलता है। हमें एक उच्छा पद मिलना चाहिए। हम बग्गी पर जुड़े हैं। नौकर बनने थोड़ी है। वो गुल्सा पद है। एक है ग پاکستان کے پچھلانے میں ہر چند آدھی جا رہے ہیں مہا پاکستان میں کیا سچتا رہی انہاں نے کسی انسینہ روح پیچھتا رہی ہم آئیں ہمارے انہاں پیردنی ہمارے انسینہ شروع کر رہے ہیں جب مہا پاکستان کو سوچنا ملی کہ مدھائی نے پسر پھیک کر نتی نتی کے مادے سے خون پیرا تو مہا پاکستان کو روزے دو کر پہنچتے ہوا उपने लशिन चक्र से पात। तो ग्रोग का भी स्थान है, वो स्थान है जब कोई मैशा नहीं ना करें और बगुबाण के लिए स्थिक्षा अग्रियोर करें, बगुबाण के स्थिक्षा में हर चन्दा देते हैं। तो अगर हमें बादर में नज़ नहीं मिलें, तो हम पोरे وہ صلاح کالیا کرتے ہیں سماج کے ادھار کے لئے جنہیں کہ مہدوان صاحب بیٹھ رہتے ہیں صلاح کرتے ہیں بجن کرتے ہیں بجن بھی کرتے ہیں اور سیواں بھی کرتے ہیں اُن کی سیواں رہتی ہے سماج کے ادھار کے لئے جیسے آپ باکروں نے ویڈیو میں نے سمجھ گیا کتنی گیتہ باٹھ گئی؟ 71,000 گیتہ باٹھ گئی۔ اسے بات کیسے ہم کرتے ہیں؟ سمجھ کی وضاحت ہے، ہائی امیری تو یہ رہتی ہے کہ ہم نے 70,000 گیتہ باٹھ گئی، اگر وہ ہی نے 70,000 نئے بھگاہ جا لیتے ہیں، پھول جو پڑھا چھائے پیسے ہو گئے ہیں، پھر ہم پرچار کیوں کرتے ہیں؟ तो ग्रंद को पढ़े में बहुत प्रभाविस हो गए। जीवन को सुखाने हैं। माने जे एक महस्ते जिनान का गंगा एक काम था श्रांक प्रिपेर करने का। तो किसी ने वो एक श्रांक किया प्रिपेर करने तो। इसके अनने गंदी से तो 3-4 किता� विएस्या के लिए जाएँ, काम खोड़ा रिपेर करने को उस दिन देखा तीन चार किताओं हैं, छोड़ी आकी लिए देशोर के दौस, उस दिन किताओं को पढ़ना इश्चुन, फिर मंदर जायां, तो वो भी यहाँ क्या जा जा जा रहा है। तो महत्मा है वो समाज के सुख के लिए पुछाता है। नाम नाम क्या कह रहे थे। कह रहे थे जो मैं सोचता हूँ। इस परकार बहुत क्या रहे थे। सुप दुख की सिथी को सुप बनाने के प्रयास करने मुझे अच्छेन दुख होता है। बहुत इस स्वाल में क्या प्रयास कर जा रहे हैं। जो खर्ष हैं उसे हम होते हैं। अब यदि चैना में एक प्रेमग आ जा रहे हैं। तो इदे बाहरे स्वाल कर जा रहे हैं। � بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہت بہ मुझे महान आजव का पुड़ी किया है इस पर्सर की एले महीने पुड़ी किया आजव का पुड़ी किया आजव का पुड़ी इस पर्सर की एले महीने आजव का पुड़ी किया आजव पुड़ी किया आजव का पुड़ी किया आजव का पु इसे बुआ हमाई क्रा क्या है, इन बाड़े में और द्रोग में आज हैं, इन देड्में एक बाड़ा, पर चेसे में बुचा, पर ब्राड़े में एक बाड़ा क्या हैं, यो त्मादी, कुछ में उर्गित पर से उड़ा हैं, कुछ बाड़ा कुछ बाड़ा हैं, उर्गित पर तो भगवान देखा धुवा मेरे लिए सबने इति सबस्ये का पालत किया भागवान मेरे से क्या बोलते हैं तो धुवान देखा अगर आप मेरे से कुपालत देना चाहते हो तो यह सबस्ये जीजी है कि मैं उन्यत भक्तों की संगलत में लगूँ پھر وہاں سے موڑی کی سمجھنے دو کیونکہ اُن کی سمجھ میں رہوں گا تو سدا یہ سنوں گا کیا اس پرکار جنہوں نے ملے گوھروں سے شرکار ہوتا گیا یہ ہیں بڑھ کے چاہتے ہیں حالان نہنے موڑی سے پچھے گئی وہ بہاری چھوڑی سے پکا گیا تھا جنہوں نے لوگ سام کو لگے رائے کیا نہیں تو وہاں نے کہا पलाथ क्या हम हमें से क्या बड़ जाये ताने ताने के आप मुझे आप से कुछ नहीं चाहिए तो एक आपको देना चाहते हो मुझे ये बड़ दीजे एमें हमेशा अत्म सेंगी तो विश्व मिलाई कर देवा करते हो ये है आपी महात्मान पीछा कि हम उत्म उत्मी संग क्योंकि उत्तमां पित्तं की संग्रत में रहोगे, सदा क्या सुनोगे, श्रावनाव। तो इस लोग में वर्णन किया जा रहा है, विश्व दे बग्वान, विश्व दे रहें, आत्मां की संग्रत में लोगे. कई बार हम दरते हैं, आत्मां की संग्रत में आत्मां की सं� अगर आप वो जाने के लिए उद्धिक करना था तो महात्मा की समय उसका ताहूरी है। महात्मा के मन में ये भाव रहता है कि मैं प्रैकर्जाता हूँ। महात्मा के मन में ये क्या रहे है इसाथ। कुरू के लिए आदिश्चा पाला जाना। कुरू की क्या इसाथ ये दिन महापभूरतीन हो विश्वन निती निते विध्याशि चतनरगा दिका तो बद्ध पृछार है विश्वन निती ये दुन्दे के कोने कोने में ही थे या ही ना कोड़ी पेड़ी की चोड़ी से नीचे प्रेका जाएगा। तो नीचे पहुंचेगा तुक्रे तुक्रे में होगा। वो ही पल आरागाल बेक्तियन द्वारा उपर ते नीचे पहुंचा जाया जाएगा। तो ऐसे रूप में जाएगा। उसी पकार हम सब को सभाग्या है कि हमें भग ایسے ہم ایسا پھر آتا ہوں کے لئے. ہاں سے پریشان کے لئے ایسے ہوں. کے ساتھ بھاگواں کے لئے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں بھاگواں سے بھاگواں بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں سے بھاگواں प्राभा سے بھاگواں سے بھاگ जी दस विस्कन के साथ पहले में कहते हैं क्रतों को पढ़ना ये समाधी हैं क्रतों को बाटना ये भी समाधी हैं कुछ देशतों में क्रतों को पढ़ना ये पूछी पोटी की सेवार हैं पर बाटना ये भी पूछी पोटी की सेवार हैं جیسے بھگمان کہتے ہیں کی طرح بھی جو پرشاہ کرتا ہے وہ سب سے کریر ہے، جیسے زیادہ کریر نہ ہوا ہے نہ ہوں گا۔ تو آج اس کو بڑا محلت ملتے ہوئے سے آپ اٹھائیے اور اپنے زیادہ کو سکی بناویں۔ अगर सन्यासी जो उद्धव भग थें माया वाड़ी वे भी सेवा करना चाहते हैं तो माई वाड़ी वे भी सेवा करना चाहते हैं तो माई वाड़ी वे भी सेवा करना चाहते हैं तो माई वाड़ी वे भी सेवा करना चाहते हैं तो माई वाड़ी वे भी सेवा तो करना चाहते हैं मैं वरी मात जो हैं उनको भी अजर उसको कोड़ते हैं तो उनकी जो सन्द हैं उनकी सेवा करें। उनकी सेवा करें। उनकी सेवा करें। उनकी सेवा करें। उनकी सेवा करें।
उनकी सेवा करें।
उनकी सेवा करें।
करें।
उनकी सेवा करें। जो मायावदी पुछे आके हैं उन वो भी अगर मायावदी संत्यों की सेवा करें संत्यों हैं मायावदी भी जब चे जिन महां पुरू को ले करे थे तो मुग्धनन सातत्वाती एक समा में एक पूष्ठी के लिए आप इतने बड़े विद्वालों मायावदी सातत्वाती क पुर्माया प्रेश्या साइना जाने के लिए पुर्माया प्रेश्या साइना जाने के लिए पुर्माया प्रेश्या साइना जाने के लिए पुर्माया प्रेश्या साइना जाने के लिए पुर्माया प्रेश्या साइना जाने के लिए पुर्माया प्रेश्या साइना
जाने के � मैं आपकि नहीं चाहिए था कि हम नहीं चाहिए भी बेश्ट और अप्राद बताते हैं कि इसके भारत का निन्दा हैं कि इसके भारत से होते हैं. पर बेश्ट और अप्राद से हम क्या सकते हैं?
उद्भेश्य अप्राद करें जो पूर्चान परते हैं. एक बार परि� ہمیں سامنہ لینا چاہتے ہیں کہ شادوی سے بچنا چاہیے اور بچنا چاہتے ہوئے بچوں بھوک میں بچنا پڑا سے بچنا جتنا کشیر نہیں ہے بچنا پڑا سے کیسے ہوتا ہے ہم اِس کی نندہ کرتے ہیں اور علوشنا کرتے ہیں اُن سے بچوں سے، اُنہوں نے کہا کہ میں اگر میں کے ساتھ کھلائیں، مدد مکی جیسے رہو، میں ساتھ سامنے رہتی ہوں، مکی جیسے نہیں۔ پیار کرو، پیار کرنے کے سمجھ ہے شاہی انگریز میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز
میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز انگریز
میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز میں کہتے ہیں
نا شاہی انگریز میں کہتے ہیں نا
شاہی انگریز میں کہتے ہیں نا شاہی انگریز अगर میں کہتے ہیں نا شاہی
से सेवा انگریز میں کہتے की वारे में सुनते हैं तो अच्छा लगता हैं जो सेवा की वारे में उससे अच्छा लगता हैं और तुम की वारे में जब आप पालों के लिए प्रयास करते हैं तो मन कुछ बहाना लगता है یہ سہبہ ہے یہ کچھ کام تھا تو پھر ہمیں اس سے اپنے جوسے کریں گے.
بھگت
نے سمجھے سننے کو اچھا لگتا ہے جس سے زیادہ اچھا لگتا ہے
دوسرے کو بھلنے کو اچھا لگتا ہے۔
आपने बारे आता है कुछ आपने जीवन में लगाने का तभी मन कुछ पहाना
बना जाता है कि तो कोई हम कभी ऐसे प्रचार में नहीं मरचत होगे स्थाधिन को स्वामिन हर्यारतों साथ कईयों का अचार है आप प्रचार नहीं कईयों प्रचार करते हैं अचार नही हाँ सक्तर है यह पीशादू है महने मुनों की पुछ करवी पुछ होते हैं ये भी दूसरों से दूसरों की सादू होते हैं महमों महमों लुक से जाने में तो आनना आता है अभने थोड़ा भी लुक से हो जाता है तो अगर
भक्ति में अधिक साल हो गया है और उमर में अधिक साल हो गया है तो
नियान भक्त भी अगर अच्छा विवार रखे और भक्ती की विवार मुफ़ान करें तो इसके प्यांस के साले देते हैं। अगर भी देखो कौन विगुन सिख्षा के लाथ पर परव्या कर रहा है। अगर आप कौन लगे, आते प्रिचान सकते कौन है उत्तम्पर, तो इन्हें पर दोड़ा से रुप दो। सेवा
में अरुची कैसे बढ़ा हैं आप?
سیوہ میں روچی کیسے بڑھائی جائے، ہرینا میں روچی کیسے بڑھائی جائے، یہ بڑھتے ہیں، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا मारा میں روچی بڑھتی ہے، ہرینا میں روچی بڑھتی ہے،
ہرینا میں روچی بڑھ जी बनाया के लिए देता है कि सेफरें कबड़े में कोई मात्मा मारा जेता है। अच्छा रहे हैं, मेरे चंगल में तो भी वो गन चाही है, उनको भी बच्चे की यही मात्मा है, बाकी भाई सप्रे वाले पात्मां भी मात्मां हैं।
यो ये कहे, ये गल्ड जाना है, मात्मां ہماری کپڑے میں لے پہنڈ پہنڈ کرتے ہو، کیوں کہ کپڑے میں لے پہنڈ کرتے ہو ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔
प्रशादा
मौल अलागे प्रमचारी का प्रशादा मौल अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा मौल
अलागे प्रसादा मौल अलागे प्रसादा म अभी भी सोती हैं अगर भ्राम्चारी आश्रम होती है तो वो जब नहीं होता है तो वो जब नहीं होता है तो
वो जब नहीं होता है तो वो
जब नहीं होता है तो वो जब
नहीं होता है तो वो जब नहीं होता है तो वो जब नहीं होता है तो वो जब नहीं होता है तो वो जब �
मारात प्रिश्ट के
दिल सबको एक सान बुला जाते हैं।
मारात प्रिश्ट के दिल सबको एक सान बुला जाते हैं।
मारात प्रिश्ट के दिल सबको एक सान बुला जाते हैं।
मारात प्रिश्ट के दिल सबको एक सान बुला जाते हैं।
मारात प्रिश्ट के दिल सबको एक सान پھر ایسی واطن میں رکھنا چاہتے ہیں کہ چاند کی گھنٹ لوگ جائے گیوں گھنٹ پہاڑا جا رہا ہوں گے۔ یہ حالت پرشانت بیش باپی رشی سے نہیں کیا جاتا ہے۔ हरे किषनवारज, वारे लाज भूग्डिसिविश्ट के समय में भी आफी बार ऐसा हुआ जो हम जाते हैं, हम बहुत-बहुत भूग्डिसिविश्ट के समय में बताने के लिए, कई ऐसा लोग जो मी खाते हैं या उनके नशा करते हैं, तो नशा और हाथी जो सेंख और जीवनते होता है तो हम उस उद्दिये को जब बगवाणे से हमें भोग लगाते हैं, वो जब लूग जाहर हो जाता हैं. अगर हम किवल बिज्जे नहीं जानते हैं, भोग नहीं जगाएं, तो हम दुर्शी हैं. अगर हम भोग लगाते हैं, तो हम भोग लगाते हैं, तो हम प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन।
प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन।
प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन।
प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन।
प्रास्टिक्षिन। प्रास्टिक्षिन। प्रास्� اُس کا مطلب ہے اور جب آپ بھی بننا چاہتے ہو اچھے پتہ بھی بننا چاہتے ہو۔ ہم ہو گئے ہیں اور ہمارے بھی یہی ہے ایسا ہے اور جب آپ بھی بننا چاہتے ہو اچھے پتہ بھی بننا چاہتے ہو۔ آپ کسی انجر باقی کام سے نہیں دیکھ سکتے ہو۔ आप अपने साथ बहुत अपने साथ बहुत
अपने साथ बहुत अपने साथ बहुत अपने
साथ बहुत अपने साथ बहुत अपने साथ बहुत अपने साथ बहुत अपने साथ बहुत अपने साथ बहुत अपन مجھے کہتا ہے کہ مجھے کسی کے ساتھ کے ساتھ श्रायके کے ساتھ ساتھ पाले से शे कोबल को मेरे में गेर हैं। ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دیتے ہیں کہ ہمیں چھوڑ دی
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