घोर पापी व्यक्ति भी शुद्ध हो सकता है | ŚB 6.1.16 | 24 Jan 2022 | Gurugram | Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

In this segment of a live satsang, Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī and participants discuss the challenges of living a devotional life in the modern world. The speaker emphasizes that true purification comes through selfless service (seva) rather than staying in a comfort zone, and likens ignorance to a disease that can be healed by bhakti, chanting the Lord’s name, and studying the scriptures. He stresses the importance of following an authentic guru and associating with sincere devotees, warning against superficial preaching without practice. Practical advice is offered on how to cultivate interest in scriptural study, maintain regular chanting, balance material duties (such as education and work) with spiritual practice, and address personal obstacles like laziness or doubt. Audience members ask questions about personal struggles, health issues, and how to integrate devotion with daily responsibilities, and the speaker responds with examples from scripture and personal anecdotes, reinforcing that sincere effort, humility, and consistent practice lead to purification even for those who have committed grave sins.
Chapters
was ओम भगते वासुवा बक्सों का हार्दिक स्वागत तो आज मानस का सिरा है तो करेंगे शरीक बाबा गा कल हमने इस विषय पर चर्चा की थी की अभिभवगल्तहैमा पहले बंगाल के राजा थे मैं मोबाइल में न करे धार्मिक राजा होते
थे
सो लक्ष्मण, सेना और सके बहुत ही सादा जीवन में रहे हैं दिन रात के मन में 1 ही भाव गंदकी तो वो इधर गुरवीन को भगवान घराने हैं के वो वे लोग को je क्या करे और उस में भगवान ने क्या क्या को भगवान आगे अपनी कविता को भगवान
जल्दी आ गए
थे और इतनी जल्दी कैसे आ गये तो a a a a
o
o भगवान राजा रानी के प्रति गेरा भगवान भगवान है तो यह विचार तो आया था पर उनमें हिम्मत भी थी कोई भाई था के लोग कल समझ तो मुझे आने।
2
उनके घर छोड़ते ही भगवान ने स्वामी का रूप बन कर लिया भगवान ने जो नहीं थे भगवान वही शो उसी स्थान पर जल्दी कैसे आ गए तो जय वामी के वह लिखने वाला था मैंने नहीं देखा जिसे लिख लिया है हो रही है मेरे जैसे जो भगवान लौटे थे ने उनसे परशादीखा भगवान हो गए वो लोग भगवान ये किसकी लीला है देखो तुम कितने भाई हो तुम्हारे हाथों से खाया और उन के की होती है और धार्मिक कार्य कम होता है से किया जा रहा तो हो जाते थे गंगा में लेकिन वो नहीं गए गंगा नदी खुद उनके गाँव के घर पहुँच भक्त बहुत सारे घर में रहते है जब उस तार के राजा को पता लगा की भी रचना बड़े प्रभावित है वो रहते हैं छोटी कुटी या जब आप न हो। a o chapter one exsevnt okay
ये था बंगाल दे जरा कृष्ण
दे
10
का है यदि पापी व्यक्ति श्री भगवान के प्रमाणिक व की सेवा में सता है और इस प्रकार यह सूस लेता है अपना जीवन इस प्रकार चित करना चाहिए। 2 समस्या प्या मेरे द्वारा पूर्व तब पुरुष देरतक है कि संबंधी आली इस का पाई हमारी बुरी ऐसा कौन है इसका माया के फाईफाइ टू में खा गया है। महज सेवा तो उसे मैं
वहाँ
वो
वो बहुत मन है
आज के
मालपुर आप लोगो को इस को जागर बचपन की सेवा करनी चाहिए। यह महात्मा सेवा का संदेश यदि कोई तो उसके बाद में पापों के कुछ देर आवश्यकता पापों के करने हमारे जिस
पर
उसी प्रकार की सेवा उसके 5 नष्ट हो जाता ै इसके लिए किसी भक्त का है जो अपना जीवन न की अपने आप को नारी जीवन के 1 वक्त नारायण परायण यह वार परायण होता है जिसका अर्थ यह है की वासुदेव वक्त का जीवन एवं परा नारायण परास ऐसा ही 1 हो जाने का उच्च लोगों का मार्ग है और दूसरा लोगों के यहाँ भी भेड़िया गया वह है वह जहाँ भी रहे 1 मार्च को नगर की सेवा करने में ही करता है। जब हम को नारकीय दशा में डाल दिया जाता है तो उसे संतुष्ट की के रूप में देखा जाता है। टेड प्वाइंट या विरोध नहीं करता। वो में मुझे इस प्रश्न में, सेवा में अपने आप को लगता है
प कृष्ण से है इस अध्याय के हार की इच्छा थी ऐसा ध्यान प्राप्त हो इसके द्वारा परदे में जो है इसलिए हम और परेशान इसलिए लड़कों के विषय में ज्ञान प्राप्त कर किस प्रकार प्रकार के अपराधों और भगवान भक्त हैं सबको सुखी देखने जा रहे हैं। भक्तों की इच्छा रहती है कैसे रुके जो सेवा हम लोग इसका मूल उद्देश् है किया है लोगो को तो पर और पर राज 1 तरफ से जो है पर होता है जो पसंद है उसने भक्ति मार को अपना लिया। वो भी माग में जुड़ा है
के
अनुसार वो प्रसंद होता है और साथ में दुखी भी होता है दुखी होता है जब वो देखता है किस प्रकार जी प्रयास कर रहे हैं को दुखी से बदलने के लिए। so happy e happy deosiosituwsjaन जिसके पालन wo तो इस जीवन की सवा पहले
रहे थे।
दूसरे शब्दों में हमें कल काम किया है उनसे उसके प्रभाव से? उन्होंने आगे यह भी कहा जिस प्रकार 1 हाथी स्नान करता है तालाब में जो ऊपर आता है तो ही
जाता
और कहा की पेड़ जल जाए उसके रूट्स हैं। फिर कूलर ने कहा की मेरी इसमें कोई रुचि नहीं है। पाप करो जिसके द्वारा जो पाप की भावना, उसेह यह पाप की जो इच्छा
है,
जो भक्त है उसी भक्ति में से जुड़ना चाहते है उनकी रुचि नहीं है। पाप करे पाप के शु यह देश है किस प्रकार आप इन पापों के काम से बच सकते हो?
वो
कोई व्यक्ति रोमानि गुरु की जो उससे बचना तो की तो क्या
उनका
े पूजा के लिए
और
के साथ idea आज मेल आज, मेल ने तो आज में देखते हो वो अपमान के द्वारा और उनके कितने बेटे थे, शहर में गिर गए थे, और पाप में जुड़े थे, और इतना पाप किया
ा
आज मिलना चाहिए और 3 या मजदूरों को भेजा इसके बाद मिला आज वे पूरे काम में जुड़ गए थे। 1 अच्छा का किया था छोटे बेटे का नाम बच्चों को नाम दे दे दे भगवान के नाम।
और
तो ने देखा यमराज की बात सबका हिसाब किताब रहता है ये इतना जुडिया है पापिका। तो यमराज ने हम भक्ति करते हैं, और बहुत ही कार में जुड़ते हैं मन द्वारा, वाणी द्वारा और इन मन के द्वारा। आप वहाँ की सेवा कर सकते हो, भगवान को भूल भी सकते हो, वही के द्वारा। आप बहुत चर्चा करते हो, और और के द्वारा इंडियन के द्वारा प्यार करते हो, आप भगवान की सेवा कर सकते
हो,
भूल भी सकते हो। तो हम क्या करते हैं? माँ घबरा गए, घबराकर बड़े घेरे स्नेह के साथ, उन्होंने क्या पुकारा, और जैसे ही उन्होंने सब को पुकारा, इतने गहरे स्नेह से पुकारा था, वहाँ पहुँच गए और ह रोक दिया। वो आश्चर्य हो गए। उन्होंने इस प्रकार की घटना कभी नहीं दी। इसमें beta और आप से महान कोई शक्ति है,
और
हम आपके आदेश के अनुसार गए थे में उनको जिन्होंने भक्ति नहीं की है। जो भगवान के नामों का उच्चारण किया। तो इस कथा पर हम देखते हैं मय नाम महिमा के विषय में तो भगवान के नाम के विषय में ज्ञान हमें कैसे प्राप्त होता है।
व्यक्ति
भक्ति हो तो वो अपने में जुड़ सकता है और आपकी कार से बच और तातप्रेममें शाकों की रचना का वणन करसकते है से की प्रमाणिक गुरु और भक्त की सेवा से क्या हो सकता है। आपको ज्ञान प्राप्त हो। और यहाँ महात्मा शब्द का मान है महात्मा किसे कहते है जो की 24 घंटे भगवान की सेवा में है। पढते हो की महिमा हो साधु महात्मा भक्ति में रहेंगे। तो क्या भक्ति और याद मिलेगा तुझे दे इस प्रकार की संगत करता है ये है की जो कि भक्ति में आपसे उत्तम है है उनकी भक्ति में आपके बराबर है है उनकी संगत का ये है भक्त तो बड़ा प्रसन्न होता है क्यूँ? क्यूँ आपको क्या प्राप्त होगा?
1
अगर आपको फायदा उठाना तो यहाँ कहा गया है महात्मा जो महात्मा हैं वो सदा जुड़े रहते है। कहते थे गाँधी जी को महात्मा गाँधी शास्त्र के अनुसार महात्मा शब्द का
जुड़ा
हुआ है और हमारा सौभाग्य होगा ऐसे भक्त से मिले। तो हम तो आप इस विषय के बीच में अनेक के ज्ञान को प्राप्त होता है और भक्त सदा के प्रयास है की वैसा संगत में रहे और क्या प्राप्त होगा। तो आज समाज में किस चीज की कमी है। धान विज्ञान बड़े बड़े पर चला है, मा विद्यालय है विज्ञान प्राप्त हो तो ज्ञान ज्ञान था ज्ञान चाहते हैं जिसके द्वारा यह ज्ञान कैसे प्राप्त होगा। तो साधु संत आप पढ़ते हो बार बार और अगर रखोगे आप असली ज्ञान प्राप्त करोगे सो। साधु संत की अनेक उदाहरण देखते हो
गए
और थोड़ी सर के द्वारा लोगो को जोड़ देते हैं। तो आपको क्या प्राप्त होगा। तो 7 साल की इस हाई में हो ये जो लीला बीती थी यह लीला कम से कम 6 7000 साल पुरानी है जो और 5000 साल पहले हमारे शास्रों में पुराणों में आप कथा पढते हो, क्या पढ़ते हो। और उन्होंने कहा प्राची पुराणों में यह शिक्षा प्राप्त की है और साल पहले वो कह रहे हैं क्या पर प्राची पुराणों में मतलब की 1 घटना बीती हुई 6 साल तो है भगवान की लाभ उठा दे ा का, ज्ञान का पालन करे तो काली काली दाम पा में भगवान प्रकट होते हैं कैसे? तो नाम की महिमा को बार बार सुना और नाम की महिमा वादन करके अपने को सो को स्वामी उद्देश दे रहे है की किस प्रकार आप अपने भेजे को कृष्ण भगवान के जो नाम
है
जैसे है जो भी इन नामों का उच्चारण करेगा उससे क्या होगा। इस कलयुग में भगवान के नामों का उच्चारण करके आप को ये है और नाम का प्रचार कर। उधार करने तो जो भक्त हैं वो चाहता हैं ध्यान में ज्ञान भी प्राप्त हो और यह ज्ञान सातवे अध्याय के रूप में या जो भक्त है वो जाने से भी के बने हो ये सुन हो हमारी 1 ही भाव है किस स्थिति में है पर क्यूँकी जुड़े रहते हैं भगवान के विलम। कैश भूलना पड़े अपने में कहते हैं और क्या होता है? भगवान की कृपा है तो साल में देने का प्रयास करना चाहिए। उत्तम भक्तों की संगत में प्यार करना चाहे। शरीर भगत में 10 में कहा गया है जिस प्रकार 1 बोल जब बादल को देखता है, पहली बार तो बारिश के मौसम में वो खुशी में नाचता है, उसी प्रकार अगर सौभाग्य हो हमे मिले तो हमें तो आपको असली संदेश मिला। तो भक्त जो है वो क्या चाहता है। वो चाहता है कि हमारे को सो कथा में आप पढ़ते हो। इस प्रकार का रामापुर सो कलयुग में ये है साधन और जो जुड़े 10 प्राध ऐसी बहु जरे करे दि कृष्ण भगवत प्रेम प्राप् सो नाम का उच्चार तो आप किसी स्थिति में से उसका लाभ होगा। जब पापा जी भारत में आये थे, पहली बार विदेशी सि सो पुरे भारत में लोग इसी विषय की चर्चा कर रहे थे। और 1 फिल्म जिसने 1 फिल्म बनाई और वो फिल्म को मिली थी भारत
में
उस फिल्म का असली लाभ गया था की हाक और गलत भाव क्या दिखाया कि लोग भाग लेते हैं तो भगोने शुड फाइल को गलत संदेश दिया है। लो नाम सुनेंगे हमारे 1 भक्त है अमेरिका में जो भक्त बने मैंने उनसे पूछा कैसे बने? मैं छोटा था, झूठा था मैं ये धुन सुनने का मुझे अमेरिका आया, मेरा परिचय हुआ क्या हम राम को सुन रहा था। राम इतनी शक्ति है की तो माई नाम इज़ आस्ट्रेलिया तो इस रिहाई में बढ़ते हो जो पाप की इच्छाएँ हैं, इन को जला सकते हो कैसे के माध्यम से। और ये है तो यहाँ कहा जाता है अगर कोई व्यक्ति तुम्हारे बाग की सेवा में रहे तो समझ जाएगा की ज्ञान होगा जिसके द्वारा वो अपने जीवन को सुधार और तपस्या और द्वारा और तपस्या व्यक्ति वो लाभ नहीं प्राप्त करेगा जो उसे प्राप्त होता है। भक्तों की हो गई। तो भक्तों की सेवा करना हमारा है। और भक्तों की में पूरी की। शो का यह भाव रहता है कि हम क्या बंसुरी। तो इस में क्या है भगवान के बंगसुल्की और और जो आज भी कथा के माध्यम से, विषय में,
और
के विषय में जान से या ज्ञान से, राम ने या लाभ होगा तो नाम का पूरा लाभ उठाना है। हमें अपराधों से बच जाए। तो यह कहा जा रहा है की प्रमानिक गुरु शालू के सेवा और पढ़ते
हो
ा प्रबंधन पश्चात हमें ज्ञान भक्ति। और जब आप इसका पालन करोगे भक्ति का जो बीज और महात्मा के विषय में वे उदार बने है। भाई सदर को भेजा था और क्या आदेश दिया था हमारा प्रयास है महात्मा के भर में रहे और भक्तों में रहोगे तो आपको देश प्राप्त होगा। तो तपस्या भगवान को सेवा पर भागवत
भगवान को
उसके द्वारा। इसे हमें तपस्या उठानी चाहिए किसके लिए के बदले में क्या प्राप्त होता है, खुशी प्राप्त होती है। और अगर हम शिक्षा के चले तो फिर क्या लाभ होगा। हम ध्यान से भगत पड़ेंगे। इसके लिए बाजी ने पैदा स्कूल का केंद्र खोला था। उन्होंने अपने हाथों से लिखा भग को papa this is the devoslsanvage pece, papa morning bgvutamclas gas and the day time sawathaevotsani to pration धान से सुना जाए अगर आप बंद में नहीं आ सकते जब आप रूप से ये निर्णय कर सकते हैं और भगवान कैसे प्रभावित होते हैं। भगवान। अब देखते हैं की मेरे भाग इन गंध को पढ़ रहे हैं, इस विषय से जानना चाहते हैं भगवान विज्ञान। भगवान भी आपको बुधि देते हैं जिसके द्वारा में तो भक्तों के संग में रहना बहुत महत्वपूर्ण है। और ठाकुर ने महात्मा का यह हमें भगवान के भक्तों की सेवा में जुड़ना चाहिए और उसके द्वारा जो बहुत वो और हमारे भक्तों की सेवा में रहोगे, असली संदेश प्राप्त कर रहे और असली संदेश का मतलब है। बाबा जी की भूमिका में कई बार लोग पूछते हैं रैली कॉलेज एलटिस
आप
गीता को, आपके गीत को, दूसरी गीता में क्या है? पापाजी भूमिका पर क्या समझाते हैं? गीता में से प्रस्तुत हुआ है जो भगवान ने दिया बिना किसी बनावटी बन के और भगवत गीता या रूप के द्वारा हजार लाखों लोग जुड़े हमारे राष्ट से दे दिया जायेगा तो उसका परदा होगा। तो इन ग्रंथों का अध्ययन बहुत ही महत्वपूर्ण है। और आज अगर आप डिस्को में देखते हो देर मेरी एजुकेशन कोर्स और मकते रुची है गधो को पढ़ने में भगवान बने क्यो? वो देखते हैं की ये भी मुझे समझने का प्रयास तो श्रीमद भाग को सबसे ज्ञान प्राप्त होता है। व्यास ने आयर्वेदिक शासन की रचना की। मुझे लग रहा था मेरे हो जिनका यही सन्देश है। और अगर हम का लाभ उठाएं अपने तो श्री राइफल स्कूल ऑफ ये जो पका फल है ये हमें पहुँचाया जा रहा है कैसे अलग अलग भक्तों के द्वारा नीचे पाओगे तो वो वैसे ही प्रकट होगा। ऊपर ऐसी फेंकोगे पहुचने पर टूट जाए। तो इसका अर्थ यह है की अगर हमें 500 भाग्य हो किसी मालिक परंपरा द्वारा प्राप्त है तो इसका बड़ा गहरा प्रभाव ह माया के प्रभाव से बचना चाहते हैं। तुम्हें क्या करना चाहिए? भक्तों की उनकी सेवा में जुड़ना चाहिए, भक्तों की सेवा करना बड़ा गहरा लाभ है। और मौका मिले सेवा करना सेवा में करना चाहे और भक्तों की सेवा करे। गे आप क्या सुनोगे? तो आज समाज में कृष्णा की आवश्यक है और वर्णन किया जाता है उसके द्वारा क्या है दिव्य मैं क्या करूँ? और भगवान के नामों के विषय में जाँच है। ज्ञान से
लाभ।
तो बाबा जी ने हमें असली सन्देश दिया है का तो परीक्षा जब सुना लोग घबरा गए, अगर आप के विषय में पड़ो आप पढोगे कितनी भयंकर श्या मिलती है, उदाहरण के लिए कल काम करते हैं तो क्या सजा मिली है उस स्थान में आ जाओगे जहाँ की पुरुष को जब रोड लाइक फॉर, वुमेन आपको डब्लूसी गले लगाना पड़ता है। और गलत काम भी मंत्री बन जाते हो। और यहाँ समाज में ऊँचा पद प्राप्त कर लेते हो। और आप अपने ध्यान बाद क्या परिणाम होगा? आपको ऐसे ऐसे सुझाव होंगे को मशीन में निकालते हैं। वैसे आपको पीटा जाएगा तो अमेरिका में प्रकाशित हुआ था। तो भक्तों ने देखा हो पढ़ते डर जाते थे किताब को वाइन छोड़ देते है। तो शुक्गुस्वामी उच्चारण किया तो ने क्या सोचा मुझे बचाने 2 लोगों को इस दिव्य ज्ञान की बहुत आवश्यकता है और इन लोकों में आप क्या देखते है की ये वर्णन किया जा रहा है। शूल भक्तों की संग में रहोगे तो भक्तों की शंकर में रहोगे तो आप शास्त्र के विभिन कार्यो से से सो लेवल सो। 1 भक्त भगवान के आपको असली संदेश देंगे वो ऐसी संदेश के आये हैं जुड़ने के लिए, तो इस अध्याय में आप भी देखते हो की शिविर में ब्रेक दे रहे हैं कैसे व्यक्ति बच सकता है और जो वैश्णव भक्त है यह प्रयास रहता है ज्ञान व्यक्तियों को जोड़ा जाए और भक्ति का जो मार्ग है उसे हर व्यक्ति स्वीकार कर सकता है। और यह सेवा मन बुद्धि दियों को भगवान सेवा में लगाने और है वो भगवान से है और नामों में है और कोई व्यक्ति भी उच्चारण कर ता है कोई नियम नहीं है और खास जलता है, आपके पाप जल सकते हैं, पकती हो। तो यहाँ आज का द्वारा परिणाम की महिमा को बराबर है तो लोग बड़ा महत्वपूर्ण है ध्यान से देखा जाए और कोई का हर श्लोक महत्वपूण है। राज ने कहा की अगर आप 1 श्लोक को भी पढ़ कर अपने जीवन में उतारोगे तो क्या अब जीवन के पाप करे हमें पूरा विश्वास होना चाहिए क्या है और शादी सो भक्तों के घर में रहना ये मत बोल रहे बुलाकर घर घर जाओ और क्या क्या करो बुदू कृष्णा तो उनके आदेश के अनुसार घर जा रहे थे, कई घर में गए, लोगों ने उनका बड़े आदर
से
आ गए, कई किसान में गए, वो लोगों ने दरवाजा भी नहीं खुला क्यूँ किया था तो हमारे लोग थे बड़े क्रोधित हो गये थे, हम गए थे मां के दिया क्या हमें दिया देंगे और ने इतना भी ह लगता है ये जासूस है जासूस आये हैं देखने के लिए घर में क्या है? तो इस प्रकार का स्वागत से हुआ
था
प्रचार के लिए जाते है आप सब का भ्यास होगा। कई लोग तो बड़े उत्साह से आपका स्वागत करते हैं और कई लोग आपकी बेचनी करते हैं। कई लोग आपको क्रूर रूप से आपकी जिद करते हैं भाग जो है उसे लेना चाहिए है। 1 भाव है क्या जाने हमारा क्या कहते है सहित भगवान के प्रचार में ज्यादा सफलता जो अध्यात्मिक गुस्सा है। 1 बड़ा प्रसिद्ध बुक आउस है वन के प्रबंध किया था बाबा जी को और डिस्प्ले में 1 महीने के बाद भक्तों ने देखा ज्यादा किताबें नहीं बेच पाए तो बाबा जी से कहा की उन्हें डिस्प्ले किया था को ज्यादा लोग प्रभावित नहीं हो। पापा ने कहा माई बुक से बड ी का उत्साह होता है तो उसके प्रभाव से लोग हो रहे थे तो हमें भक्ति के मार्ग में उत्साहित हो जाए, चाहे कुछ भी सेवा हो में चु सेवा की भी बड़ी इम्पॉर्टेंट है और चु सेवा करोगे दूसरी के रहेगा और यही कहेंगे? कंफर्ट जोन में रहना चाहते हैं? सबसे कंफर्ट जोन क्या है काम्फोर, सेवा करेंगे इस शर्त पर। और ये तो मिलनी चाहिए। वैसे योजना बनाओगे तो आपको ज्यादा नहीं मिलेगा। अगर आपके मन में यह भाव है, सेवा करना है। चाहे कठिन हो, जो हो और आवश्यकता के आधार पर सेवा पर ना तो कम्फर्ट जोन से हमें निकलना है। पर जो में रहोगे तो क्या, पर रहोगे तो कम्फर बचना है। तो हमें उपदेश दे रहे हैं की कैसे हमे बौधिक आकर्षण से बचना है। और यहाँ कहा जा रहा है शुद्ध भक्त हो, उनकी सेवा करो, सेवा करोगे, सेवा के माध्यम से कोई श्लोक भी
आप
गले को ऊपर से काटो, बीच से काटो। वो मीठा जाएगा में लोग जो है, मीठा है, चीनी जैसे कहते है, भगवान के जो नाम है, वो चीनी जैसे मीठे है, लाये हैं, वो चीनी जैसे मीठे है। पर हमें कौन सी बीमारी है? मृदा की बीमारी है की बिमारी के कारण हम की महिमा नहीं समझ सकते। तो क्या है उपाय मीठा चीज पसंद आती है, हरियाणा में रूची ले नहीं लेते, विजय का प्रभाव करता है तो इसका कोई उपाय है क्या उपाय। पर अगर हम विज्ञान के आधार पर करे करे, विद्या की बिमारी का क्या होगा? इलाज जाएगा तो हम सब के पास क्या है या बीमारी है? हम सब रोगी है, क्या है उपाय भक्ति, भक्ति, भक्ति, मुझे, भक्ति मार्ग से। तो भगवान के नाम में रूचि बढ़ानी है, भगवान की कथा में रूचि बढ़ानी है। रूचि कैसे बढ़ेगी? कैसे 4 करोगे? तो नहीं करोगे? तो ग्रंथो में, ग्रंथो के अध्ययन में रूचि कैसे? बुलाए के अध्यन में रूचि बढ़ा सकते हो? कैसे पढ़ने की आदत को पढ़ोगे ही नहीं जी। कैसे कहते हैं की उनका नाम, उनका रूप, सब मिठा बीमारी है। सच नहीं करते। तो क्या है उपाय जान जाना और से। तो ये भाव हमें स्वीकार करना होगा में जुड़ोगे मुझे क्या उदाहरण देते है उस पक्षी का, पक्षी के बच्चों को सागर से और बच्चों को वापस करो सागर नहीं मिलेंगे, वापस सुख होगा तो बड़े सागर को सुखाना। 1 चैलेंज ने ग बाबा जी उदाहरण देते है जिस प्रकार उसी प्रकार हम भर्ती में जुड़ते हैं। डिट्रेब्यमेंटदहोग सेवा में जुड़ेगा तो क्या लाभ होगा? व अविद्या की बीमारी से न दे। ट्रेब् उत्साह सा भी होना चाहिए। दीर्ध ोकर सेवा में जुड़ना चाहे और सील होना चाहिए। तो शास्त्र में पूरा ज्ञान है, जिसका लाभ उठा सकते हैं। अगर आप इन शासक पढ़ो, हर प्रश्न का उत्तर है और हर समस्या का हल हमें केवल को पढना चाहिए, नियमित रूप से श्रम के प्रभाव से भक्ति मार्ग में आगे। तो ये हमारा प्रयास we keep some time for question yeah yeah
थैंक यू महाराज फॉर से
2
और उनकी सेवा
करने का तो
बहुत ही कम है। लोगों में उनकी सेवा करने को प्राप्त करने का तो बहुत ही रेयर भी मिलता है। तुम कैसे उनकी सेवा कर सकते हैं?
उनके शिक्षा जो है गंध में पढते हो का लाभ उठा।
और
को तो मिलती है भरे प्रचार कर रहे हैं। सी बनते है, जो इसके असली केवल कोई गुरु हो जो आपको असली संदेश दे रहा है और जो आपको
दे
रहा है और जो की प्रैक्टिस कर रहा है, जो वो कर रहा है। स्वामी ने ऐसी क्या कहा कई हैं जो प्रचार करते हैं, जिनका अचार नहीं
है।
रात में 2 है प्रचार, अगर कोई शिक्षा का पालन कर रहा है, कोई रहा है तो अगर कोई केबल उदेश्य दे रहा है और प्रैक्टिस नहीं कर रहा। बेटे 1 मार के बेटे को की बीमारी थी वो चीनी तो बार बार मिली जी, ये मत गाओ शेर के लिए खराब है, वो नहीं छोड़ा माँ से ले गई गुरु के पास गुरूजी मैं कहना नहीं मानता उसको इतनी गहरी बीमारी है गुरुजी। 2 हफ्ते बाद, फिर 2 हफ्ते बाद आये माँ बेटे grugioordrकरो no eating sweet बैल फॉर हेल्थ लड़के ओके थैंक यू मिटाना तो माँ आश्चर्य हो गयी थी, मैं दिन रात खेती है, मेरा कहना नहीं माना गुरु ने, 1 माँ ने गुरु ऐसी ने यही कहा था ना मिटा खाना बंद करो 2 हफ्ते पहले कह देते, 2 हफ्ते बाद, मुझे क्यों बुलाए? तो गुरुजी ने कहा 2 हफ्ते पहले खुद और कैसे बोला मैंने मा खाना बंद कर दिया है प्रचार
थैंक यू पर अध्ययन करने के मैं
नहीं पढ़
पाता हूँ और कभी पता नहीं माइंडीमै अभी ये आ गया आ गया
जैसे की जो तैयारी करते हो आई टी में पढने के लिए, तो आई आई टी में मि काफी कठिन है। तो आप क्या करते हो दिन रात पढ़ते हो, अगर हम भक्ति की मांग में हिस्सा बोलना चाहते है तो होना पड़ेगा और अनेक लोग हैं के द्वारा को
e
on you, know the story of pari uni। कुछ समझा भगवान की ी आज
और
भगवान ने इस लीडर के द्वारा यह उपदेश दिया है की तुमहाकेनाम ज्ञान जय ज्ञान से लोग है का लाभ मिले ठाकुर कहते हैं अपने का नाम ले रहा था था मेरे पापों का ा वो को सुबह से शाम तक 1 चालन कर रहा था, तो ये है इस भावना से नहीं कर रहा था की में नाम का चलन करूँगा और कल का ये है सातवा नाम अपराध प्रापा जी हमेशा कहते थे सातवा नाम अपराध नाम के बल के
थैंक्यू सो
और दूसरे के शूल की आपने भी बताया था पोस्ट किया की
हम लोगो
को के बारे खुशी प्रजन उठाओगे, क्या
आनंद
चाहे आप रिया हो या बम के साथ में फैमिली लाइफ से जो वसा है कैसे विषय पर 7 अध्याय
के
पूछा था ये बताओ हम गयासाल शास्त्र पर पूछे थे कैसे तो कमाई करनी चाहिए, बैठे कमाई करनी चाहिए और कमाई का हिस्सा का भगवान में, और ये ज्ञान कैसे सेवा में जुड़े भक्तों की संगत ऐसी by st question to be anser you see about the ci mo moving in the room of the mother को कष्ट भोगना पड़ता है मोर्निं हमें क्या करना चाहिए? note the port e question polling instruction abadeyga was going to to grunysaeliswtever by divide instruction and the follows avertin we fall this price falling instruction। सा बैठे रहोगे प्रॉपर के लिए गुरु को मिले पूरी जिंदगी में 5 या 6 बार 56 बार प्रॉपर जी मिले और उन्होंने उनके आदेश है। sco sachin ka palan karna soflcasenanaso you please the guru by falling the instruction and the instruction is the same for everyone a co special instruction milega to sare instructions a in the books on the instruction
at मां
संसार में बहुत कम लोड और महिमा को बार reet advance sa ped over the word, yeh to the s fate or on the word, anybody fainal the work and we save the instruction and we try to full from that that is there more pay more questions so much for you will be fosotiatian specially wites fixontheperrpat
social।
जब हम जुड़ते हैं, इस के साथ, आपको हर भक्त दिखता है से आ रहा है, थोड़ी देर बाद आप शुरू कर दे हमारे की जो हमारे तो पापा जी हमें we should be what the divinaly ben to clean enwrmentefli to dood। कोई अवगुन आपको नजर आती है तो आप विनम्र भाव से सुना सकते हो। कहते हैं बहुत संघ में 6 प्रकार के सम्मान होने का सम्मान किया है vedio to do more in one, but meting mind is helpful only if you would for the instruction, you can go to a doctor in say and this problem this problem this problem and doctor give you minite why one that so you should for the instruction and then a porter cisions technical data
set bodys
find a to parsi so what is born or mind is your mind in our beautify change, and when you listen to the i, if you follow the beautify mind baso, then you as per we fall to purify mind। we have agent para a, then that we also help you advance given a para toni do min
min।
कैद करेंगे
in?
जैसे की जैसे में गंदा लगता है मोर ब्लैक दैन कोल
है
तो
कुल से भी ज्यादा का उसको आप भक्तों के द्वारा क्या कर रहे हो कुछ
हो
so ready
and so
so is tma and i ne ten thous। सोल के विषय में चर्चा के सो आप सारे विश्व के दल को प्राप्त कर लोगे, पर आपकी आत्मा खो दिया आपने क्या? so this is the vivo में सोल का जो map है, उसके वश में कुछ ज्ञान नहीं है।
ton
of the hare ऑफ हैर maa
थैंक यू सो सो न,
जब हम
तो मैं बहुत बहुत, लेकिन सर के बा 5 साल बाद ऐसा होता है
क्या इस विषय की चर्चा न बुरी करते है भागो दुर चौदस पढ़ते है मन की शिक्षा मुन्नी ने कहा कई बार हम अपना इलाज करा करते हैं पर हो तो क्या होता है नियमों का पालन बंद कर देते हैं आप बुरी लैप्स हो जाती है उदाहरण देते हैं वो कहते हैं इस प्रकार में जुड़ते हैं और नियमों के पालन में ढीले हो जाते हैं में क्या परिणाम हो रहा है कोई बढ़ जाता है से बचने का क्या उपाय है you completely डोंट बिकम रेजी प्रेगनेट जो नियम हैं उनका पालन करते जाओ असल में प्राबकेगरंथोंमे हर प्रश्न का बडा है you you need to go anwar पर का
कर ना
ka
मैंने काफी है की इस व्यक्ति का 42 से मैच नहीं करता तो हमें उसके साथ ऐसा करना चाहिए हम
तीनों को नहीं देखना है
तो दोनो चीजों को कैसे साफ़ ा
क्या आपने हमें सबको आदर देना है सबके साथ ये व्यक्ति इसका 4 कमजोर है जिसको या प्रणाम नहीं करूँगा देना जो की आप अगर आपको अगर आपको
लगता है कि
हम अपनी तरफ से
थैंक यू हो
to do what is right i
की हम अपनी जो करुशणाकेप उसमे कभी कभी उनको एक्टिविटी की तरह क्यूँकि हमें के प्रति जो बार प्रेम भाव होना चाहिए उसमे स्थिरता कैसे ना दे है क्यूँकी बहुत बार हम सेवा करते हैं भाव के साथ कभी कभी कभी वो 1 बस एक्टिविटी करनी है इसलिए हम
why chanting in mechanical go tas mecanica chaning mechanical ू हम अपनी तरफ से जाओ चाहे मैकेनिकल लगे मैकेनिकल नहीं है आपको चाहे लगे भी क्या नहीं करते जाओगे न बोली
जैसे प्रचार करते हैं तो कहीं स्टूडेंट्स भी होते हैं कुछ बहुत बड़े एग्जाम की तैयारी
कर रहे है तो काफी सुना देखा
होता है तो केवल सोने वाला नहीं कर पाएंगे बोलना पड़ता की आप
तो
जो परचा मुझे भी बुद्धि का उपयोग करना जाए है की श्रद्धा या
तो
उनको थोड़ी देर में छूट ले सकते अगर आप देखे तो प्रोमिस किया है छूट नहीं मांगी नए व्यक्ति को प्रचार
कर
कोई न कोई नहीं करते फॉलोज a rating
प्रणाम गुरु राज आपका बहुत लगा आपने पूरा भीतर साल या महाराज के छायालयहोतेहैहम
रहे है।
हम अपनी चेतना को शुरू करने का प्रयास करते हैं परन्तु जब हम के परिस्थतियो में जाते हैं तो हर समय चेतना शुद्ध नहीं रह पाती और उसका बहुत अफसोस होता है की हमें सिर्फ सोना पूरा टेंट रहना है और पिषनाकांशेसकरना है डेली अपनी चेतना को हमेशा कैसे शूट करें
मन को पर विटनी मत 2 हम सब ने मन को, हम सब ने मन को पार विटनी दी हुई है जो मन कहेगा हम करेंगे तो कंट्रोल माइन कंट्रोल करो
का stand
for over enderstanding for in the sincs सो सो the hattibroismd सी मैनेजमेट also
use
you यू रही।
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Lord Jagannātha's Appearance Pastime | 21.07.2019 | ISKCON Calgary | Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī

The Ācārya Teaches by His Own ExampleGuṇḍicā Mārjana by Guru Mahārāja #shorts

Guṇḍicā Mārjana – Lord Jagannātha's Pastime | 21.7.2019 | ISKCON Calgary |Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī

H.H. Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī Mahārāja - Exemplary Sādhana and Deity Worship # shorts

भगवान की कृपा कैसे प्राप्त होगी ? | 11 Jan 2014 | Punjabi Bagh | Srila Gopal Krishna Goswami

Material Education vs Spiritual Education | Srila Gopal Krishna Goswami #shorts

