यमराज नहीं आते उनके पास जो रहते है साधु संग में | SB 6.3.28 | 11 Sep 2022 | Delhi

Two speakers discuss Srimad Bhagavatam recitation marathons and spiritual practice. They claim that those living in the company of saints are protected from Yamaraj, the god of death. Over 35,000 people have participated in previous marathons, with the goal of distributing free Bhagavatam books to every household.
Chapters
दादा दवनवायबहारजाहरा दादा राव ये वाला मा याला वाला भा जायेगा रहेगा जब जमललिराचाजमललेन
जाएगा जब
ह रेताजा बेटा बेटा हरे राम राम राम म
रमा
बार
बार
बार हरे राधे
हरे हे
राम
रा
रा र red
l
सब सुनाई दे
रहा है
ओम नमो भगते वासेयाहमनमभगते
से,
ओम नमो भगवते वास वाजेया आप सब भक्तों का उस कोने में आपको सुनाई दे रहा है को बीच पर सुनाई नहीं दे रहा है तो इशारा कर लो so des gn teton रे
अरे अरे आवाजारी तो तुरंत राज श्री गोतम इसके 6 अध्याय 3 अध्याय कादामीजमराजद्ारा अपने
को संख्या 28
मकन मकर
श
नानयद्धुमसको बिंद मतराज सेकुलर जजतागहमरमनीपदकरृष्णा
ा
आ
ज ग जा
जा जा
जा हाल
हाय हाय हम
ले ले ले
हे
हेहेहे जसगेबंतेजीह जो लेह से जगे sesbdsहसकातनको न थ
मेरे सामने ला आशा भक्त जिन्होंने कृष्ण भावनामृत नहीं स्वीकार किया मुख जो प्रमुख है पूर्ण पुरसोत्तम भगवान नुपंदकेनमाधन
चरण
कमलों के स्वाद से राजस्व निरंतर पूर्ण दया द्वारा, हंस परम सम्मानित मंचों द्वारा, आशखेसेरहेदुस्ट जो भोगा जाता है
हो ची
वनमेरालरमनीनड़क ले जाने का रास्ता कृष्ण जिंदगी च्छाद माननी जिन कोई रुचि नहीं है, जो भगवान के कमल मेरे सिर को मेरे पास ऐसी चितियों की किए जाने के लिए लाउड, जो उन पदों के सदन से मुख्य जो बड़ा सा की संगति नहीं करते तथा जो व्यस्त जीवन सांसारिक भोग। क्योंकि यह हर जाने वाली राष्ट्र
आपका साल बहुत हल्का है, जी नमिता साहुल बहुत हलका है, साल था दी सौं हल्का है, ठीक है, सौ कम है
आवाज आज टिकारी
थोड़ी
यमभकोंको ये चेतावनी देने के बाद फिर भक्ति को नहीं जान। क्या बात है, ठीक है,
वे खोले थोड़ा लो हवाई यमदूतों को यह चेतावनी
देने के बाद कि वे भगवन के पास नहीं जाएं। अब यमराज ये बताते हैं कि किन लोगों को उनके समक्ष लाया जाए। वे यमदूतों को विशेष रूप से सलाह देते हैं कि वे ऐसे भौतिकता वादी व्यक्तियों को लाएं जो मात्र संभोग के लिए ग्रस्त जीवन में लिप्त है। जैसा श्रीमद भागवत में कहा गया है। यह मै तो न दिखे कि लोग केवल संभोग के लिए गृह जी में लिप्त रहते हैं। वे अपने भौतिक कार्यकलाप, भौतिक कार्यकलापों द्वारा अनेक प्रकार से सदैव सताए जाते हैं और उनका 1 मात्र सुख सारे दिन कठिन, श्रम करने, रात में सोने तथा संभोग करने में निहित रहता है। नित्य ही दे नक। जब ये सभा भोतिकता मादी रात में या तो सोते हैं या सम भोग में रत रहते हैं। देवा 4 थे राजन तुम भरणा दिन के समय वे धन की खोज में रहते हैं और यदि धन मिल गया तो उसे अपने परिवारों के भरण कोश में खर्च करते हैं। यमराज अपने सेवकों को विशेष रूप से मंत्रणा देते हैं। वे उन भक्तों को नहीं लाए जो सदैव भगवान के चरण कमलों का मधुपान करते रहते हैं, जो समदर्शी है और सारे जीवों पर सहानुभूति के कारण कृष्ण भावनामृत का प्रचार करने क सीलेते है। भक्तगण यमराज द्वारा दंड लिए नहीं है, किन्तु भक्तगण यमराज द्वारा दंड लिए नहीं है, किन्तु दिल लोगों को इस संभावना की कोई जानकारी नहीं रहती। उन्हें उनके तथा पारिवारिक भूत के भवन जी से नहीं बचाया जा सकता। इसके आवाज ठीक है। श्री भाग 214 में कहा गया है लेलामगलतकारीस्व साम प्रमत्तों में ध्यान भी। आज ऐसे लोग विश्वास करते हैं कि उनके राष्ट्र, समुदाय या परिवार उन्हें बचा लेंगे। वे इस बात से देख रहे हैं कि ऐसी गलती करने वाले सैनिकों को हाल में भास् कर दिया जाएगा। इस व्यक्ति को चाहिए कि ऐसे लोगों की संगति करें जो चौबीसों घंटे धरती में लगे,
अनुवाद पर सम्मान लिए पुरुष
होते हैं, जो भोग में कोई उचित नहीं है तथा लोग भगवान के सेवन करना का मान करते हैं। मेरे सिर को, मेरे पास ऐसे देवियों को ही द किए जाने के लिए, जो सधूकेआजसालतऐसी लोग हैं, जो प्रथम नहीं करते, जो जीवन एवं सासारिक हो गए, देते हैं, क्यूँकि ले जाने वाले रहते है।
मै गया किमेनदसिया रंजन ska की चेतना मे न भूत ने स्वयं पर बने हम शीगरीताप 2 बस सिर पाम सगर सजेवमसदवेतम समधूतमपिजसइनम
धा ा
हे कि
चाचा
गौर राधे बिना वनु lanca किचे आये हाये रे। तो ये शो का उछाल है, कौन कर रहा है? यार रामराज्य अपने भक्त को सूचना दे रहे हैं। उनके जो यावल थे, उन्हें भेजा था यह किसने को सजा में, नरक में जाने के जीमेल के। n ta m ra cholis to amend a आजमी को सजा के लिए जाने और आजमी ने देखा। यामदुतुकोबराले उन्होंने बड़े इमोशनल रूप से अपने बेटे को घुमाया, जिसका नाम है। जैसे उन्होंने दाम डांसर, पुकारा कौन पहुँच गए, पहुंचे उन्होंने रोका। उन्होंने कहा, आप इसे ले जा सकते हैं। या थे। उन्हें ऐसी घटना कभी नहीं भी। जब भी उनके स्वामी भेजते थे, उन्हें किसी का के लिए लौट जाते थे। सफलता के साथ यह पहली बार है कि आम दूत ने देखा कि आजमी ने उन्हें कोई से सेवा दिए। वो जो निभाने गए। तो आज जमीन का कुल क्या था? वो भगवान का नाम ले, बेटे का नाम, बेटे को भगवान का नाम लिया गया था, न इशारे करने का ना और लोगों में आप पढते हो, पर पान के नाम है, वो भगवान है। और भगवान के नामों का चारण। कोई भी करे या ज्ञान से, ज्ञान से, उससे उतना लाभ मिलेगा। तो आज इस लोक में क्या कहा जा रहा है? बिहार राज्य कहते हैं, आज के राज क्या कह रहे हैं? वो कहते हैं कि मेरे पास उन्ही को लाओ सजा में है, जो रूचि बहुत में है, उनकी रूचि केवल इन कार में है। उन को लाओ मेरे पास, जो भगवान का नाम लेता है, भगवान की सेवा करता है सेबल लाओ मेरे पास नाव, किसे इसके कोई रूची नहीं है। आध्यात्मिक जिसकी रूचि केवल किसमें बहुत दिखाया व्यस्त रहता है बहुत कायों में। और वो कभी भी पामा हंसा की संजय नहीं लेते पापा। हंस से अर्थ है। उस व्यक्ति ने पूरे, मन बुद्धि हिंदियों पर वर्ष किया हो। और उसके मन में तुमको भाव है। क्या? कि भवाली से होने लगे। जो व्यक्ति फार्मा हंसा के निकट नहीं, जो व्यक्ति फार्मा हंसा की संगत नहीं चाहता, उसे क्या करो पूछे ना मेरे जो व्यक्ति संदोगीससंदोगी संगत में रहता है, जो व्यक्ति भगवान के भक्तों के साथ रहता है, उसे बदला न आगे कोई
वक्ति
की, केवल संगे किन की वादियों की है और काटने में दुसरे स्तन का जिसमें कहते हैं ये पौधे वाले व्यक्ति है, पौधे वाले व्यक्ति है, इसका क्या लक्ष्य है? मुझे पौधेवालीवाली व्यक्ति है। a a a a term is me धन नही ने सिप्री हन चाहिए। जो भौतिक व्यक्ति है सारा दिन उसका, इसमें उसका जिसमें बहुत धन, कमा औrrाजकोक्या लाभ मिलता है, इन सिप्ला लाभ मिलता है क्योंकि वो यह नाम इसमें ये सीखा जाता है। तो दूसरे शब्दों में मारे संषेप जिन व्यक्तियों की वाणी से, जिन भक्तों की, भक्तों की वाणी से, भगवान का नाम निकला है, जो कि साधु संग में रहते हैं, उनको मच्छू, उनको तो इन श्लोकों में आप परते इनाम की महिमा और भगवान के परम पारस यह नही कि केवल सन्यासी पारासर भी परमा कहते है जो व्यक्ति में जुड़ा जो व्यक्ति जुड़ा है किसमें जिसके मन में सदा 24 घंटे 1 बाबा। इसलिए शाम शालू शालू भगत जो चाहते हैं भक्तों की, जो भक्तों की संगत में रहते हैं, उनकी संगत हमें लेनी चाही भगवान मे विशेष कर में। देती ने अपने पोते से पूछा पूछा कि ये बचाओगे किस प्रकार हम बौद्धिक जगह से मुक्त हो सकते हैं? तो फिर उन्होंने कहा कि तुम जो हो ये नेचर हो, वो मुझे ध्यान दे देते हो। ये जो आपकी इच्छा है कि आप के बंद से मुक्त जा। बड़ी अच्छी है। और संत ने कहा है कि हमें किसके संग रखनी चाहिए, हमें भक्तों की संगत चाहिए। शालु और शालू। तो क्या प्राप्त होता था धनविज्ञान प्राप्त शालू से कहते हैं जो कि धनबंधन से क्या कह रहे हैं की सेवा। तो जो व्यक्ति भक्ति योग में जुड़े हैं, भाग्य योग जो है शासन निर्णय है, भाव की तरह का है। भागवतम कया क्या है? कल आप भरतपुर निमा मनाया था याद किया था तो वरजापुरनिमामें श्रीमल भागवत की महिमा का, श्रीमल भाग मे क्या अनेक गुन है। श्रीमल भगुतनमें बारा हजार लोक है और बार और श्रीमद भगवत विज्ञान के किस लिया था ज्ञान प्राप्त हुआ था। श्री भगत जो ज्ञान है सबसे सारे सासों की रचना की थी। और ये भी उन्हें लग रहा था कि उनकी उनके कान में कुछ कमी रह हो गए के पास क्या था तुमने केवल शुद्ध भक्ति पर बल है क्योंकि जो दूसरे वेनिक साइकिल है उसमें अपने करमाकर का वर्णन भी किया है। जब तक व्यक्ति शुद्ध भक्ति में नहीं जुड़े वो अपने आप को मृत के बदन से मुह नहीं कर सकेगा। तो ये है सोवेपुसपरधर्मो श्रीमत भगवत है सबसे उत्तम ज्ञान, तो ये ज्ञान है, सबसे उत्तम ज्ञान लाभ सब उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए जो प्रापर भगवत है, इसका निरभार विश्व के लगभग हर भाषा में हो और लोग पढ़ रहे हैं। क्यों? क्योंकि इसमें तो साधु संग में रहेंगे हुमारे हमें शुद्ध ज्ञान प्राप्त होगा और इस ज्ञान का पालन करेंगे जीवन के लगभग अर्थात हम जा जीवन प्राप्त हुआ है को क्या करना जाए हमे फिल्म। आज सवाल की स्थिति ऐसी है कि बोलो कि क्या परिणाम भरना पड़ेगा। बोल पुरुषों को खाओगे वो आपको भूक खायेंगे, खाना खाने व प्रकार की बुद्धि हो। तो तो आज श्रीमद भगत की बिहार की भूमि श्रीमद भगत में शुरू से अंत तक क्या है शुक्ति आप पढ़ते हो अनेक कथाएं जिसमें आप हो कि अगर हम हिंदिया कार्य में जुड़ेंगे कभी भी संतोष होंगे इसका भी वर्णन है। क्यूंकि ये है हमारा सबसे बड़ा शादी से तैयार माया का विरोध करना बहुत कठिन है। जो मेरी शरर में आता है वो इसका विरोध कर सकता है। श्रम में आने का अर्थ है भगवान कि का पालन करना है और अगर हम उसका पालन करेंगे, जीवन का लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे तो यह कहा जा रहा है कि शुद्ध भक्ति 1 माध्यम है और हमें किसी समय का मातम के दूसरे स् में अब महाराज खवंगेमहाराजखकापड महाराज धार्मिक भाव के राजा थे और उन्होंने देवता सहयोग दिया। क्या क्या है ये बताओ कि अभी जिंदगी में 1 पल के मुझे लौटने 2 क्यों वहां के तो भाग को यह सोचना चाहिए में ज्यादा समय नहीं और इसे में गंभीरता से भक्ति का लाभ उठा। इन लोगों में लिए यकीन लाया जा रहा है कि अगर आप भक्तों के संग में रहोगे, अगर आप भक्तियों के नियमों का पालन कर रहे हो तो फिर जो यहां मौजूद है उन्हें कोई अधिकार नहीं रहेगा। आपके जिन शब्दों में कहा जा रहा है कि शालू की संग संग धकोक्याक्यासंगध है या शिक्षा का लाभ उठाओ। अगर हम हमारी शिक्षा का लाभ नहीं उठायेंगे, फिर साली से मिलकर कुल कुल आप जब है। जब हम इस विषय में लाभ उठायेंगे तो हमें प्रयास करना चाहिए कि हम भक्तों के संग में, भक्तों के संग में होगे तो आपको असली ज्ञान मिलेगा। असली का क्या है क्या इस कलयुग में क्या उपाय करे दोषी ने राजन से कलियुग में दोष ही दोष है, ब्रेक गुन है। इस कलयुग में चाहे वो कुमार के नाम। तो भगवान के नाम के विषय में आप पापा के नामों की महिमा सुनते है। और बाबा के नाम में इतनी शक्ति है कि कोई ज्ञान सभी उसको लाभ मिलेगा में यह उपाय जो लाभ सत्ययुग में भगवान का चिंतन करके मिलता था, जो लाभ सीधे युग में, भगवान के, बड़े के, जो लाभ भगवान के आलस सेवा में मिलता था, वही लाभ आपको मिल किस माध्यम से? तो ये है सबसे महत्वपूर्ण सेवा। चेतने बात सब ने हमें योदासलोगभीहजिसमें हई नाम की महिमा का पढ़ते हो। ये भी पढ़ते हो कि अगर आप भगवान के नामों का उच्चारण करना चाहते हो, क्या है upi, क्या है और शिक्षा देते हैं? agwaloj अनेक अनेक योनियों में गुजरने के पश्चात भाग्यशाली व्यक्ति है, इससे क्या मिलता है? भक्ति लता बीज, भक्ति लादा बींस का मतलब है भकतीलाताबिन पर जिले भर बीच का अर्थ है ये ज्ञान जिसके पालन से अब जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर गया। तो ये जो ज्ञान है, इसको प्राप्त करेंगे। 2 धन साल 1 है। भक्त दूसरा है रेंद्र भा। जैसे कि हम इस पर बल देते हैं। तो क्यों गंध द्वारा क्या प्राप्त होता है दिव्य ज्ञान और इस ज्ञान का हम पालन करेंगे। जीवन के दक्ष को पाप। तो इसलिए सादस वा बनेगा ने मृत के पश्चात। ये भक्ति का बीज को प्राप्त होता, कहते थे i you can come to dorsal। अच्छे संस्कार हो भक्ति के मार्ग में, जूड सकत भक्ति का बीज, तो मिल गया आपको। ये ज्ञान से जीवन को सफल बनाना है भगवान के नाम का उचारण। पर इसका फायदा कैसे उठायेंगे? भक्त बीच उ ेगा ऐसे पानी पिलाओगे। what ring, अच्छा बगीचा पास बीज है, पानी नहीं पाओगे, बीज हूगेगाभागतेगा बीज उगेगा, हम क्या करेंगे? श्रमऔर यह सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। आज उनकी सुरक्षा कैसे हुई, क्यों हो? क्या कर रहे थे? तो बाकी जादा बीज गेगा। अगर आप नाम को कोई नियम अब किसी समय कर स तो बचा बीज रगेगा। अगर आप है नाम का उचारण गे तो बीज गो। हमें क्या करना चाहिए? हमें अपने आप को जो बीज बगीचा है, उनके चारों तरफ क्या कहना चाहिए? पेंसिल लेने, सब देखते। आपके मन के हर तरफ उचित दीवार है। कोई गलथाभीनहींआजाए, किसी प्रकार से कुछ दुर्घटना ने मिल जाए तो उसी प्रकार हमें भक्तों संघ में रहना। ये इस बेची की चर्चा शुरू से है। हमें भक्तों की संग में, बालों के संग में रहोगे। तो आपको ऐसे ज्ञान मेरा। आज धर्म के अनेक प्रचारक है। पर अगर आप ध्यान से देखो, उनके उदेश्य को, तब देखोगे। शास धार नहीं है। आप देखोगे कि जो असली संदेश है कूल की चर्चा, क्योंकि वो डर रहता है। अगर हम असली ज्ञान की चर्चा करेंगे तो वो आएंगे शो की चर्चा करेंगे। तो बाकी लता बीज गेगा। पर साथ में हमे ध्यान रखना चाहिए। तुम अपराध हम अपराधों से बचे ये योहालरामहै, इसका उच्चारण में 3 स्टेज होती है, 3 स्टेज होते है। पहले से क्या है चैट। तो साथ में क्या कर रहे हो? अपराध इस को जोड़ते हो भक्ति में, तो आप पहले तो यही कहते हैं, जस्ट पहले सुनाओगे तो होता जाएगा। आप शुरू में क्या महिमा की चर्चा करे और कल ही कल ही कल दावा आप भी का वर्णन करते हो। r, ws तो सेकंड से क्या है indina यह कि आप प्रयास करते हो। जैसे हम अपराधों से बचने। जब आपका ज्ञान है कि जो अपराध है, उनसे बचते है, आप प्रयास करते हो, वैसे अपराध से बचने। और तीसरा स्टेज क्या है? शुद्ध नावाज क्यू। chanting is beneficial in all situation more benfit सो चेतन बाप होंने का भक्ति, उसका भी झुकेगा, अगर तुम उसे पानी पानी बुला के, और हमें अपने आप को भक्तों के संग में रखने, भक्तों के ही संघ में में रखोगे, तो अपने आप को बचा सकोगे पाउडर। भक्ति के मार्ग में। आपका मित्र कौन है? आप जी, ये है जो आपको सहयोग देता है आपकी कमजोरियों को पहचानने में, जो की केवल तुम वेरी गुड होप के तार वो आपका असली असली मित्र कौन है? तू देखता है यह कमी है, इसे सुधारना चाहिए। चेते मा ने कहा, पहले स्टेज में आप गुरु की शरण लो, फिर देश 2, फिर सेवा करो, फिर पूछा कि मुझे क्या त्यागना चाहिए? त्यागना, पड़े त्यागना। जैसे वो बीमारी हो जाती है। अब उस का इलाज करने के लिए आपको कुछ भी त्याग न पड़े। आप या तो इसलिए कहा गया है कि आप और सालुसंगमेंोगेधयािक ज्ञान प्राप्त हो जाए। भगत के विषय में भी कहा गया है 10 अप्रेल बुददेश भगवत से है भक्ति भाव नहीं, हमें रोज जैसे रोज राम का उचारण करना पड़ता है। रोज हमें भगवन का अध्यन करना चाहे। रोज पढ़ेंगे भगवत हम को क्या क्या लाभ होगा? ये देखिये। राम के उच्चारन से क्षेत्र प्रमाण जनम होता है। इसी प्रकार भागोतम के पढ़ने से भी यह बहुत आकर्षण है। वो समाप्त हो जाता है से भागवतम निरसो रिपोर्ट। तो भागवतम की महिमा में आप यह पढ़ते हैं कि भागवत में क्या है विज्ञान जिसके पालन से मोदी का सवा। अगर हमने भागदान सुनना है तो उनके द्वारा सुनना चाहिए। क्योंकि आपको असली से दे दे कोई प्रोफेशन का और अगर आप भक्तों द्वारा सुन उसका असर पड़ेगा तो इस चेतन आप। भक्ति में तो यह कहा गया है। बोध बोध वाले के वर्णन क्या इस में सलूमूवीवोहैजोकी सारा दिन कर लेते हैं। धन के मन में दिन के मन में 1 ही भाव है। वह मनी का जो बहुत बड़े व्यक्ति हैं, उनके सुबह से रात तक यही रुचि रहती है। व आने को आपके कीमती समय का दुरुपयोग हो रहा है। उनको कोई वैल्यू नही है। वो बिलकुल अज्ञानता में है। वो मगियानतमज्ञानता में जन्म लिया था और साल संग प्राप्त कर के ज्ञान प्राप्त हुआ है। मैं ज्ञान चंद से ज्ञान अंजन वार जन्म हुआ था। अज्ञानता में पर गुरु सालू की संख्या से ज्ञान प्राप्त हुआ है। जिसके द्वारा हम समझ पा रहे हैं कि जीवन का लक्ष्य। तो यह अध्यात्मिक ज्ञान को अनुकूल करना खुद वश्यक है। और ये संभव हो सकता कैसे भागवतम का ज्ञान से भागवत है। पोस्ट केजिएजुकेशनतो श्रीमद भागवतम का ज्ञान है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी संस्था ने पिछले 5 सालों से ये योजना की है। की वदपुरम के साथ क्या करते हैं। मेरा मतलब खास प्रयास करते हैं कि भंगुधमकोलोग पढे और पढेंगे कैसे आप दोगे पढेंगे तो हम हम क्या करते हैं? दवा जब ये मैराथन शुरू हुआ था शुरू शुरू में तो शायद 1000 मसलबाने से बढ़ने रहे। पिछले साल में भारत में कितने भाग 35 हजार, इसे आप देख सकते हो। पापाजी की 1 और इच्छा थी। प्रभाजी ने 1 पत्र में कहा कि मेरी इच्छा है कि हर घर भारत में उनके पास फ्रीमलभगहो और गेंद को बार। श्री भगत में इतनी शक्ति है कि आप के गे उसी से भी आपका और अगर 1 शो भी पढ़ोगे वो अपना होगा जीवन। तो शीमलभगैगमाकलपगलि राइपफrूdऑविक विधिक नॉलेज फोर नॉलेज। a to b पड़ेंगे ै और आप देख रहे हो भक्तों में उठता रहता है। उर्सा को देखकर दूसरे लोग भी प्रभावित होते हैं। तो ये जो मैराथन है आप जुड़े सब आप में से कितने भक्त हों जिन्होंने पिछले साल ये भगोतमकेमैरथमें सहयो a,
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और कौन कौन है जिनके घर में गुम है, इसे हमें पढना और इसके बाद गीता को कई लोग कहते है, पर इसका मैं बहुत मैराधन। मेरा धन, मेरा धन से भगवान की कृपा है, क्योंकि मेरा धन रहेगा और सोचोगे घर बन को मैं कैसे भाटू किस के पास जाओ। पिछले साल और द सिटी, द मदर मेंशन कोई रास्ता निकल आता है, तो वेस्ट का भाव क्या रहता है, लोगों को सुख दिया जाए और विश्वास दिलाया जाता है। इंडियन जी, ये छात्र में इंडियन लिफ्ट की सुविधा पोषियों को भी प्राप्त होती है। इसलिए कहा गया है अभी जीवन प्राप्त हो, इसके द्वारा क्या करो। सब भक्त जुड़ना। और अगर आपको लगता है। सब के बाद हम पहुँच चुके हैं। और आप सोचोगे तो उन्हें उपाय भी नहीं लगा। श्री भगत, वेरीक्रीनॉलेज तो यहाँ इन श्लोकों में ये आम राज्य स्थापित कर रहे हैं कि तुम भविष्य में उनके पास मत जाना। जिन्हे, जो कि साधु संगत रखते हैं, साधु संग रखते हैं। तो फिर नाम का उनके पास मत जाना। और जो भगवान के भक्तों की संख्या में रहते हैं, वो भगवान का नाम भगवान के नाम में इतनी शक्ति है। ज्ञान से, ज्ञान से जो भी रहेगा, लाभ उठाएगा। तो हमें बहुत संघ है। और सत संगत छा ये st n, nglish me a man is done by the company is so man is on the company is। जो भक्त हैं, उनकी क्या इच्छा रहती है, भक्तों के स मिल रहे हैं और जो बोले वाली, मौत वाली व्यक्ति हैं, उनकी इच्छा क्या रहती है। अब देखते है कई बार आप लोगों को मिनिमम बदल ने के लिए आपके इस प्रोग्राम में आने के लिए औ जवाब में रूची नही है और ये रूचि प्रगट हो जाता है कैसे? जैसे की अगर आप से पूछा जाए आप सब कैसे जुड़े पहली बार होगे, किसी ने हमे दिया, इसी ने ज्ञान दिया, इस निमंत्रन दिया आओ मंदर आओ हम प्रभावित हो, ये है 4 इसे क्या कहा जाये दर जिससे क्या करो और हमें यह नही सोचा है देश में किसी की रूचि नहीं, हम किसी की रूचि नहीं होती, सारे मंजर खाली होते है। आप देखते होंगे भक्तियों की संख्या बढ़ रही है तो उसका कारण क्या है जी ने अपने गंधों में शुद्ध संदेश पर अगर हम 4 और आज स्वामी रोज जाते थे, आयदा ठाकुर का आयदा ठाकुर जन्म हुआ था सलमान कर में, वो कभी जगह पुरी मंदिर के अंदर नहीं, भारत से ही वहां बैठकर सुना कहा जो मिले कई 4 है और प्रचार नहीं है, कई प्रचार करते हैं। 4 में रात में दोनो गन प्राप छा तो वो होना चाहे, हमारा चाय भी परचार we should be example एगेलरखेगेाक्या चाय भी होना चाहिए और पुचामेचाहपचा 4 भी प्रचार के प्रचार का असर तो हमारा भाव क्या होना चाहिए? वैसे में क्या पढ़ते हो बड़ा दुख पड़ा दुख दुख। 10 को दुखी कर दुखी हो जाता है तो 1 भक्त है शिव उन्हें कोड की जिमेवारी के पूरा शरीर भरा हुआ था। चीटियों के साथ, वो इतने दयालु थे, कोई gira कर वापस जोर देते थे ऐसा ऊंचा तो उन्हें पता लगा कि छेधेनवापआएथेऔर चल पड़े सी धे ि भारत की यात्रा कर के किसी का तो बाप को भगवान ने पता था कि हम दुखी है। तो आप आये और उन्होंने वास्ते वेपरा गले लगाया, गले लगाया तो वास्तव का जो शरीर था, जिसे इतनी बदबू आती थी कि लोग सड़क के दूसरी तरफ हो जाते थे उन्हें देख कर। और ये जो से विप्र है उ क क्या बन गया कि सुंदर ने ही पहले मैं इतना बदसूर था कि मेरे पास छाता था और मैं इतना मुझे बताइए कैसे? on to a can, hrekrisnanpes glory, krishna red bagam please a glory महिमा का पचान और शास् पड़ो और पास्ता को बांटो और तुम ऐसा करोगे तो हमेशा मेरे साथ ही रहोगे, तुम सदन में सदा तुम्हारे साथ रहूँगा, तुम सदा मेरे साथ रहोगे। तो ये है में कहते है उपदेश सब भक्तों के लिए तुम्हें क्या करना चाहिए? शैtपीs read pistol पढना पढना to a o याद है, उनको शिक्षा दे रहे हैं, वो ट्रेनिंग दे रहे, क्योंकि वो चाहते नहीं, इस प्रकार का अपराध है। जो यावराज जी थे, उन्होंने कहा तुमने गलती की है ना, मुझे भी भुगतना पड़ेगा, मैं ये ज्ञान दे रहा हूँ। तुम भविष्य मे i think a o, nam leta झा, band chaning the holy name the रास्ता से अच्छा रहता है। भगवान। तो ये इस अध्याय में आप पढ़ रहे हो कि इस प्रकार हर ना, इतनी शक्ति, ज्ञान, ज्ञान से जो भी लेगा उसका लाभ मिलाएगा। नाम धामनी, कृष्ण चीरे मुक्त जो नाम है पर चिंता है, उनके द्वारा असली है। वो हर चीज से पूरे हैं। पर आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि हरेरा में इतनी शक्ति नहीं है। वनाम लेंगे हमें साथ में दूसरे मंत्रों को मिल रहा है। हर नाम की छू 2 इसमें सारी पवित्रता है। हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि ये नाम के अलावा हमें और किसी मंत्र को साथ जोड़ना है। को मुक्ति दिला भाग पड़े और ने क्या कहा? पर साल में रहोगे तो दूसरा का नाम की, महिमा का ज्ञान मिलेगा, नाम की, महिमा का ज्ञान मिलेगा और भगत, भगत, गीता, संदेश का ज्ञान मिलेगा और भगवान की आचयविगराहकी पूजा श्रद्धा करना चाहे। भगवान आपको प्रगट करते हैं, आज के वीडाकेरूपमआपदेखते हैं, कितने भाग आते हैं। रोज भगवान पर होते है। तो इस प्रकार में वे जान को अनुकूल करना चाहिए और प्रयास करना चाहिए कि ज्ञान पहुंचे हर कोण में। तो भगवान से क्या में बसर कौन है। पर दुखी जो चाहता है कि सब को ज्ञान दिया जाय, जिसके द्वारा सुधार लगे। यह साल हमारी योजना है, ये जितने लाइब्रेरीज है उन सबको भगवत और इसका की योजना है कि जितने कृष्ण के भारत में हर जगह भगवन का हम जुड़िये। इसमें आप में से कई योग भगवत प्र प्राप्त होगा। आप पढोगे उसे भी लाभ। कई कहेंगे मे पढ़ने का टाइम नहीं हम स्पोंसर कर रहे है तो आप स्पोंसर कर। 2 वो भी आगे बांटे जाते है तो जो ज्ञान दे रहा है उसे लाभ मिलेगा और जो ज्ञान जिसे मिल रहा है उसे भी ज्ञान हो ा ज्ञान को सुनेगा सो। everything to gain in आप से जुड़े इस सेवा में और प्रयास करेंगे कि पिछले साल से भी ज्यादा ग्रंथ कृ eriqessionauebaik thank you to a o। ह है i think this topic, can you discussion a mana group nedbroacs a en travel on every body in questions to a kis से बोलना पड़ेगा कि मेरे होने का प्रयास करता है तो है जो इंस्टेंट कांटे शुरू कर देते है और भी करता है और टाइम बाद आप ने भी बताया कि नाम की में तो वाले नहीं है तो आपको यू योर इंटेलिजेंस एंड कोई फिक्स बनता नहीं है कि इतनी बार आपको प्रचार करना चाहिए कहीं आपको देखेंगे तो प्रचार में जुड़ सकते हैं और यू हैव टू डिसाइड कि दूसरा वयक्ति कितना कॉर्परेट रहेगा इसका कोई फिक्स आंसर नही है आप लोगों को मिलते हो जल्दी प्रभावित हो जाते को मिलते ह ho नशे me he you question who is a question? she okay you keep sending and reading practicing the formula is prepared by krishna imselhistoberin and we see or the some woly join game to the bay garanty have at r और जितने dhan se kroge so many people will desteihowicandig the life said yeah बोलो
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m sorry every yes। मैं कटनी आफ्टर सो कम
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सो
कर दे हैव ब i
यू हैव नो पाय अच्छे संस्कार हो हम भकिोकेजुडेभिम जुड़ भी जाए हमेशा खास रहता है राम सावधानीसे सेवा नहीं करेंगे माया के प्रभाव में आ tforusegaशionalसo भर सकेंगे और कार संस्कार साधु संग में आते उस साल संगर में जब आ गए तो भी हमें सावधान रहना पड़ेगा और 1 रुप से आज तक सावधान और यह बड़े अच्छा है। वो भी उदाहरण देते हैं बाबा जी england me an puja on an the fran gotha dvansa है भागो की सेवा कोई हरीदास उन्होंनने कहा कि लेकर जॉब तो मां ने कहा आयददतुमनेबहुत जॉब कर लिया है तुम को कमजोर हो हम dans jodi, there also very चांस are
man
in how isod we try to follow this person we found in a with esas so? how can be be
you have so, but
i not so how can be so why they don t get the same? अनास अनास हमेशा हमें विश करने का या अनाज को चेक करने का उपाय है क्या है वो कहते हैं में 2 साधु संगत में आते हो आपके ध्यान श्रद्धा शादी में आते आप को क्या कहते है? भज चैंटिंग चेंग पर करते क्या लाता nasa in u p a i this is anti result aata the isai practis bukti able to control भक्ति वीडियो का पालन india ला edeuestionoka जा बार तो जब हम पीसी करते हैं सारे है वो सुने के तैयारी के बारे में बात करते हैं और के बारे में बात ना तो उस में जरुरी बा जी article सॉरी नो टाइम ये था आंका नाम लिखे प्रसिद व्यक्ति को मिले और उन्होंने संदेश दिया, in a sorry, you dont now have bis sorry, do so in a हमारे साथ दुर्घटना नहीं आए a a a
बहुत बहुत धन्यवाद। इतने सुन्दर लगते हुए मारे से हमारे
लिए काफी आते हैं, लेकिन किसी भी धन से परिवार के कारण हमसे दूर
होते है उन की क से मदद करेंगे उनको हमेशा साथी बना
है। 4 के कई बिजली दोगे कई स्तर हो, नहीं सोचो कि सभी आपके साथ देंगे। हम मिलाएंगे कई बार क्या होता है अमेज भाग से जाते हैं, हर व्यक्ति से मिलेंगे रूचि वैसे नहीं होगा भगवान ठाकुर घर घर प्रचार कर causes
a
no हमें भी चाहिए हर प्रकार के lona,
हरीश
राजी है की जब हम
किसी मानक बड़े मुसेवली को ऐसा होता कि सारा गोल कम फोकस कर पाता,
सोने के टाइम उठने का टाइम थोडा ले जाता है और जब हम जान है तो
बात के बारे में, कैसे बारे को बड़ी तैयारी के
कोशिश के साथ कोई घर के साथ ज्यादा थोड़ी फैट बोली है केवल धोने हम सब मजेंसीैयामबीचा गाव अधिक मात्र में ज but did we are to much on a love god?
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