काम वासना पर विजय | SB 6.3.31 | 9 Feb 2022 | ISKCON Mira Road | Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī explains how chanting the holy name, especially
Chapters
हरे कृश्ण सब बातों का हार्दिक स्वागत। ओम नम भगवते वासुदेव, ओम नम भगवते वासुदेव, ओम नम भगवते वास। देवा तीसरा समान समकेतनमविश्नोनेगन मंगलम भासमhधmभiकoविधि तिका बने ा s के जगल मंगल सम या मिकान sm शब्द संकेतन
तविंद्र नाम का सामाजिक कीर्तन विश्णु भगवान श्री विश्णु के जगत मनगादाममइस बॉभिक जगत के अंदर सर्वाधिक शुभ का यह हम हस पाप करमों के लिए माता आप महान होते हुए भी और प्यार या हे गुरु। वंश के मकसद smitprmisricmrst करि्nकपांतीवेदा स्वामी। प्रभु पाचीकेदा शीलसुदेवगोस्वामी ने कहा हे राजा भगवान नाम पा किस्तान बड़े से बड़े पापों को, बड़े से बड़े पापों के पलों को भी सम्मिलित करने में सक्षम है। इसलिए संकीर्तन आंदोलन का चेतन सम्पूर्ण प्रमाण में सबसे शुरू का कृपया इसे समझने का प्रयास करें, जिससे अन्य लोग इसे गंभीरता पूर्वक ग्रहण कर सके। ताप रही। हमें ध्यान देना चाहिए कि यद्यपि अजामिल ने श्री नारायण के नाम का अधूरे रूप में उचारण किया था, किन्तु उसका सारे पाप पदों से कहा हो गया। नाम का दिन इतना मंगलप्रद है कि यह हर 1 को पाप करणों के पदों से मुक्त कर सकता है। किन्तु इससे यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि कोई व्यक्ति पाप के पदों का निराकरण करने हेतु हरे कृष्ण कीर्तन करके पाप बर्ताव रह सकता है। उसे समस्त पापों से रहित होने के लिए सावधान रहना चाहिए और श्री कृष्ण मंत्र के किंदम द्वारा पाप कर्मों का निवारण हो जाएगा। यह कभी सोचना भी नहीं चाहिए क्योंकि वह 1 अन्य अपराध है। यदि सहयोग दिवस किसी वक्त से कोई काम कर्म हो जाता है तो श्री भगवान उसे क्षमा कर देंगे किन्तु मनुष्यों को जान बूझकर पाप करने में नहीं, मनुष्यों को जान बूझ कर पाप करना नहीं करना चाहिए।
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धनबाद सब लोग कृपा करके मेरे बाद संवाद रा। शिरसुपदेवगोस्वामी ने कहा हे राजन। भगवान नाम का कीर्तन बड़े से बड़े पापों के फलों को भी उम्मित करने में सक्षम है। इसलिए संकीर्तन आंदोलन का कीर्तन संपूर्ण ब्रह्मांड में सबसे शुद्ध कार्य है। कृपया इसे समझने का प्रयास करें, जिससे अन्य लोग इसे करता पूर्वक न कर सके।
home ga a a jana catania e swym rupak ram ravind श्री रुप सगजतमगरतसदवेतम सवधुतम siradakishnaalta कृश्ना करुणा
ा
बता ही नारे शरेन जय श्री कृष्णा चेतना pro रह रह हे हैं। हम पढ़ते हैं कि यावराज ने अपने प्रतिनिधि को क्या कहा? शिव भागवत के छतीसगढ़ हरीराम की महिमा के पढ़ते हैं और से तो पूछा। उन्होंने कहा कि ये बताइए किस प्रकार हम अपने ही कजन को छोड़ सकते हैं। और उन्होंने कहा कि केवल प्रयश्चित होने से नहीं में क्या करना है को दूर करना। तो स्वामी ने उन्हें शिक्षा का प्रश्न था किस प्रकार से हम पौधे आकर्शन से बन सकते हैं और उन्होंने का ये बताइए इस प्रकार हम जिंदगी को दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा जिस प्रकार 1 हाथी हाथी तालाब में जाता है, स्नान करता है, स्नान करके जब बाहर निकलता है, क्या करता है, फिर उसका शरीर गंदा हो जाता है, ये बताइए कि किस प्रकार हम ये बौधिक आकर्शन से बच सकता है। उन्होंने 1 और उदाहरण दिया 1 पेड़ के जड़ है मिटटी के नीचे, तो आप ऊपर से काटोगे भी वो फिर से उग जाएगा। तो उन्होंने हा के चिर भगतिया केवल हम शुदभगतेद्वारा, ये जो भौतिक आकर्षण है उसे मुख और फिर आगे जाकर उन्होंने कहा प्राचीन पुराणों में इस प्रकार की 1 कथा है जिसके द्वारा नाम की महिमा के विषय में सुनते हैं। तो फिर आगे बढकर शुदेगुस्वामी ने क्या किया उन्हें आज ही मनी का सुना, आप सब इस कथा से परिचित हो। तो jnmhoबराहमीणखान में शुरू बचपन से माँ बाप ने उन्हें दिव्य ज्ञान दिया था और 1 दिन आज जहा था बाजार में, इसलिए बाल की पूजा के लिए फूल और लौटते समय उन्होंने देखा 1 वैश्या अपने गिरा के साथ, प्रेमी के साथ गले लगाया है और नशे में हो आज इस घटना के प्रति आर्गेजित हो गए थे और उन्होंने इसका स्मललआरमकरले और इस वैश्या की कसूरी थे पर इतने थे की उन्होंने अपनी पत्नी, पिता सब कुछ छोड़कर इस वैश्य को रखा घर में पहले रखा रानी रूप में, वे बाल में स से विवाह किया और आज मिल के 10 बच्चे थे तो सबसे छोटे बेटे का नाम क्या
था
ये प्राचीन संस्कृति में बच्चों को नाम देते थे भगवान के नाम के पीछे, और ये रेव लगभग सारा से कि बच्चों को और पॉल मुसलमानों में है। तो ये रिवाज है प्राचीन रिवाज कि बच्चों को आप जब भगवान के नाम 2 तो उनके उच्चारण से मिलेगा तो आज बुरी संगत में आ गए थे। संगत का बड़ा गहरा प्रभाव पड़ता है आपके ऊपर, अगर आप भक्तों की संगत में रहोगे तो शुभ विचार प्राप्त होंगे। अगर आप भक्तों के संग में रहोगे तो बौद्धिक आकर्षण बढ़ेगा। इसलिए कहा गया है स संज्या, ये भक्तों की संघ से दूर रहोगे। तो आज मे पाप के कार्य में जुड़े हुए थे और अपनी पत्नी को संतुष्ट करने के लिए उन्हें हर प्रकार का गलत काम कराना पड़ा। और यामराजयामराज कौन है yamraj हर vati भक्त यमराज ने buri प्रकार के पाप के खाये में जुड़ गये हैं जो धन पिता से प्राप्त हुआ था। उन्होंने नलकामोमेइस्तेमाल किया तो पाप पाप के खाए में जुड़ा हुआ था। a sua then a तुझे बाहर से मिले खा 3 यामोदूdअबोयामदूध की तस्वीर देखिये लम्बे बाल लंबे घबराकर उन्होंने मराल नाम को पुकारा रै, नाम था a a a a a jiskekrnoहo उन्होंने आजम को नेयामदुताकोरोका आजमिरकोमेंले जाने थे, तो जो या मजूद थे वो आश्चर्य चकित हो गए थे। उन्हें पहले कभी ऐसा देखा नहीं था जब उनके स्वामी ने ने भेजा है किसी कार्य को निभा ले। road jam a यामल दूध गए उसके पास और वो गए उन्होंने पूछा आप से भी बहन शक्ती है उन्होंने पूरी खंदासुनाईककैसे आप के आदेश के पालन के लिए हम गए थे। तो इस प्रश्न के उत्तर में यामा ने क्या
ा
किसी नाम की महिमा की प्रशंसा करते। तो यमराज जब प्रशंसा की और इन शोबों कि नए नाम की महिमा का वर्णन किया जा रहा है। तो चुरेगुसवामीकहते है भगवान के नामों का जो उच्चारन है उससे हम अपने पापों से मुक्त हो सकते है। अगर हम श्रदा के साथ रवा के नामों का प्रचालन करें। कलयुग में भगवान ने क्या किया अभी पूरी शक्ति डाली किसमें करें स युग में क्या है दोशी दोष है 1 रूप से इधर भी आप देखो की क्या देखते हो कि इंडिया सिप्री के कार्य के लिए तो में जाएगा क्या है दोषी दोष ब्रेक गुन है क्या वो 1 गुन नाम तो इनाम के माध्यम से हम अपने हृदय को हम शुद बना सकते हैं को भूल अपने शिष्य को आदेश दिया था भक्ति सम्बंधित ग्रंथों की रजिशनाकरने स्वयं केवल 800 होगे जिसे हम जानते हैं के नाम से और बिल्कुल पहले क्या कहते है छेतदरपनभगवान के नामों का उचारण के द्वारा जो हमारा भौतिक आकर्षित है उसे आप और ये जो है उनका नाम क्या है? नाम तो भगवान का नाम है प्रेस पत्र जैसे है ज्ञान या ज्ञान से यूवी रामा का चालन करेगा, उसको से क्या मिलेगा पूर्ण वो हर रूप से पूरे है। दूसरे शब्दों में, नाम के अलावा आपको किसी और मंत्र की आवश्यकता नहीं है। केवल name to a much to seo के आप उन व्यक्ति को छूरा जिन्होंने जीप से क्या किया है। कुमार के नामों का उच्चारण भी उन व्यक्ति को ही छूना थोड़ा अधिकार है। कौन जी कभी अरे का नाम लेले, कभी अरे के मंदिर में आकर नाम लेकर वैसे लोगो की महिमा का वर्णन किया है। तो यहाँ हम शुकदेव स्वामी कह रहे हैं पर उपदेश क्यों दे रहे हैं? पर ने पूछा ये बताए कि किस प्रकार हम असली धर्म के प्रति आकर्षित हो, किस प्रकार हमें ज्ञान मिल सकता है? परीक्षा कराकर मे रूची नही थी की रूची थी किस में कृष्ण भक्त कामा, अत मुक्ति, मुक्ति, सीदिकमेकालीअशंदा भगवान के भक्त जो है जो निष्काम भाव से जुड़ते हैं वो सदा शांत रहते हैं। इसकी तुलना में जो दूसरे मुक्ति मुक्ति दी, सीधी, कामी यही चाहे वो सरदार आशान रहते हैं। तो अहराम जो है यह सबसे mhtvpूr्णrasia मन के पश्चात भाग्यशाली व्यक्ति है, उसे क्या मिलता है? भक्ति का पेट जिससे ये ज्ञान प्राप्त होता है कि भक्ति योग जो है, सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। यह ज्ञान हमें देख परेशान प्राप्त होता है। तो जैसे आप लोग प्रचार, उसके द्वारा लोगो को क्या शिक्षण दिए, उनका क्या करती? तो यह ज्ञान बहुत तो भी हो गया। इसका अर्थ है ये ज्ञान जिससे आप यह समझते हो कि भक्ति होगी रियल थे, पर केवल 1 ज्ञान प्राप्त करने से समस्या हल न हो। आपको क्या करना है? इस बीज को क्या करना है? पानी देना है को बीज उगेगा उसके इस प्रकार हमें का आधार में या जैसे हम ग्रंथों को मारते हैं। आप उपदेश हो तो आपने भक्ति का ज्ञान दे दिया। पर ये इस दिवार को अगर आप चाहते हो, ये पेड़ उगे क्या आवश्यक है? यह आवश्यक है कि हम बीच को पानी पिलाया और पानी पिलाने का अर्थ क्या है? हम भगवान के नामों का उच्चारण करे। जो भक्त जो भक्त भगवान के नाम का उच्चारण करते हैं, उनका क्या होता है में dos dos, he, clash
जो
भक्ति का big है। ये उगेगा कैसे wa होगा जब तुम ही राम का उच्चारण करता है। जब हम हरी राम का उच्चारण करते हैं तो उसके द्वारा और भौतिक आकर्षण बढ़ता है और आध्यात्मिक आकर्षण और बौधिक आकर्षण करता है और आध्यात्मिक आकर्षण बढ़ता है। तो इस कलियुग में ये है नाम जो है सबसे महत्वपूर्ण सेवा है हम सब की है। और सासों में अनेक उदाहरण है जिसमें इस विषय की चर्चा की की गई है। तो हर नाम है सबसे महत्वपूर्ण का है। चेतन माप भक्ती कभी झुकेगा जवा भाई राम कहुचापरागेउन्होंने कहा पर ये भक्ति का बीज है। ये भक्ति द्वारा जो सुन्दर बगीचा बना है, ये नश भी हो सकता है, हो सकता है कैसे पागल हाथी का वर्णन किया है। दूसरे शब्दों में ये न्यूज शब्दों में जो भक्ति का सुंदर बगीचा है लाभ आपको प्राप्त हो रहा है भक्तियों के द्वारा, यह न भी हो सकता है। और उदाहरण दिया अगर आप किसी पागल हाथी को सुन्दर बगीचे में आने दोगे क्या नतीजा होगा पूरा बगीचा तो इसके द्वारा ये शिक्षा मिलती है कि हमें अपराधों से बचना चाहिए। हमें भक्ति के साथ जो प्राण है उनसे हमने और ये बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ दिन पहले आप भक्तों ने बनाई थी वदवीदचजायाकिलीला में पढ़ते हो कि भanबडेdयaluhfर ब्रिज भगवान है पर दया कर ते है। तो भक्त कहते थे अब सब पर दया कर रहे, अपनी माँ पर दया क्यों नहीं कर रहे? मा ने अपराध का क्या उनके मन में था गे बड़ा बेटा घर छोड़कर चला गया है, सन्यास ने छोटा बेटा भी संगत में रहता है। तो इसलिए बाकी दीदी यह द्वेता नहीं है, यह द्वैत है। तो माँ को कहते थे बेमार ने अपराध किया है जब तक वो इस अपराध का माफी नहीं मांगेगे उसे जब भगवान अपना रूप अर्पण करे थे। a इतना गंभीर उदाहरण दिया यह बताने कि हमे कैसे बचना है बादल से बचना चाह, अगर अज्ञानता से करने वाला और जान बुझ कर नहीं करना चाहिए। तो yamraj क्या का छूना to, he से और हर नाम के द्वारा आप अनुभव कर सकते हो। असली आनंद को यह परवाज पहला मंदर खोला न्यूयॉक में उन्होंने उस समय केवल कुछ 10 पंद्रह अमेरिका प्रोबा ने उनको केवल कहा चेड जो महामंत्र ये महा मंत्र का उचारण कर रहे थे। 2 हफ्ते बाद उन्होंने पूछा स्वामी जी, अब चाहते थे हम लोग नियम नियम का पालन करे सर। तुम खुद आगे पूछोगे कि क्या नियम body तो ये कैसे संभव हुआ? नाम को आराम कर रहे थे। भाई नाम करने का क्या लाभ होता है? आप अपने बनके और आपका अपना अनुभव है। जब जिस दिन आप अच्छी साधना रखते हो, परिणाम करते हो ध्यान से, उस दिन आप क्या अनुभव करते हो? आपका ध्यान उत्सव ध्यान से उसे ऊंचा रहा। जब या सादा आप क्या अनुभव करते हो? क्या आपका पौधा बढ़ जाता है? तो हमारे अचारिoले नाम की महिमा की है। और चेतन माहपुर प्रगट हो किस लिए इधर नाम के प्रचार का चेत्र बहु राधाकृ चेत माहपुर क्यू प्रगट प्रगट हुए है रामकपर? तो आप चाहे कितना भी पापी पाप किया हो, आपने ये जो भगवान के नाम है वे सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। यह सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। अगर आप भगवान करना चाह होना चाहते है तो यामराज के यामराजका उपदेश्य किया था उन व्यक्ति को मत छूना जिनकी वाणी से क्या निकला है। स्वामी ने अनेक गण दिए हैं, जिनमें 2 ग्रंथ हैं, जो बड़े प्रसिद्ध हैं। और जिनका नहान पापाजी ने किया। क्या है देश में दौड़ तो देश में सभी कहते है भगवान के जो नाम है वो चीनी जैसे मीठे है। भगवान की जो लीलाएं है वो भी क्या है, बीमारी के लिए गुन है, वो भी मीट पर हमारी जीप में अवेध्य की बीमारी है और इस कारण हमें नाम की महिमा महसूस नहीं होती। उदाहरण के लिए अगर आपको कोई पीड़ा बीमारी हो चाहे कितना भी अच्छा प्रसाद बनाये, आपको टेस्ट आएगा जाएगा। तो जब तक ये विद्या का प्रभाव और विद्या से क्या काम, क्रोध लोग मदमसरयाके प्रभाव में जब तक विजय का प्रभाव होगा, आप ही हरी राम की महिमा अनुभव नहीं कर सकते। जो मीठा पन होना चाहे तो प्रश्न है। आगे कोई उम्मीद है, कोई उपाय है, उपाय है या आपका क्या विचार है, क्या है up, ये विद्या का प्रभाव है। the th, apko, meta, mus, e, emdrup name, a
l
और ध्यान बढ़ेगा जब आप नियमित रूप से हर नाम करोगे तो क्या लाभ प्राप्त होगा हर नाम के पति, ये सबसे महत्व पूर्ण क्या सेवा है हर नाम का तो रूपा के नाम अत्यंत मीठे हैं, जिले में मीठे है। इसका अर्थ है कि भगवान के नाम आप कभी भी ले सकते हो। और अगर आप लोगो को बकायदा तो क्या होगा बौधिक आकर्शन दूर होगा उम्मीद की बीमारी से आप। तो भाई राम सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। देवी से गुना मा माया, इस माया का विरोध करना बहुत कठिन है। हे भगवान, खुद कहते हैं कठिन है क्या का कोई मेरी शरल मे a प्रयास करेगा वो तो आप यह नहीं सोच सकते आराम हमें की बीमारी है तो हरी नाम में रूची है। अगर आप नियमित रूप से हरी नाम करोगे तो फिर क्या लाभ होगा? बीमारी है ये हो जाएगी तो भाग आपको ही नाम की महिमा का क्या मिलता है और ये हरी राम जो है ये ये इसको कोई भी अपना सकता है। और जितना प्रयास करेंगे उसके उसके द्वारा उदूत मिलेगा। तो चीतनमआपलोगको क्या कहा जाता है pati se do a visa cole कृपा से विश्व के लगभग हर कोने में आप हर के भक्तों को मिलते है। तो ये जो हरी राम है, ये है हम सब के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेवा और ये हरी नाम पर ध्यान से करेंगे उसका पूरा लाभ मिलेगा। तो इस आज की कथा में आप देखते हो कि hina था उसने और 1 राय के साथ नाम को पुकारा था जिसके कारण रिशलू पहुंच गए उनकी सुरक्षा के लिए। तो हम सब को इस सेवा को सबसे महत्वपूर्ण मानना चाहिये और बजनिया करोगे तो क्या होगा? इस बार भागवत में शुद्ध भक्ति का है सारे शासुन रजिस्टर की थी, शाह को प्रस्तुत किया और हो गए क्या कहा में 1 कमी रह गई है। या केवल शुद्ध भक्ति का ज्ञान नहीं। या पिछली बार गोद में शुरू से अंत तक शुद्ध भक्ति का ज्ञान दिया जा रहा है। और भागोतम के संदेश में ये देखते हो कि इंडिया चिपटी द्वारा आप असली सुख प्राप्त नहीं कर सकते हैं। प्लान में आज क्या दे दे कितने लोग ये नहीं जानते कि असली आनंद कैसे प्राप्त होगा तो ये प्राप्त होगा ज्ञान साल के द्वारा। तो ये हरीराम कहाँ से आ रहा
है,
हरी राम मे है, हरी राम आ रहा है कहाँ से भगवान भक्ति ठाकुर कहते हैं चाहे तुम गेहसताआश्रममें हो ब्रह्म जनी आश्रम आपको क्या करना चाहिए नाम को में किया और नाम जो है वो है सी साल इसके द्वारा आप क्या की महक दूर तो आपहररामकी महिमा हमे रोज सुना और आप नाम का पूरा लाभ उठाना है तो किससे बच रहे हमें अपराध है इसका मतलब है रोज सुबह आप दाम अपराधों का उचारण सुनते हो क्यों क्यूंकि अगर हम इनाम का पूरा लाभ उठाना चाहे हमें क्या करना चाहिए रहित इनाम का कोच करना चाहे तो ocanholnamisamot pecilacuvity सबसे लाभधारी और ये है असली धर्म 1 समय चेतना कहा कि meslखपतकrekाऊगa खाये भक्त थे के धनी नहीं थे। भक्तों ने कहा हमने सुना कि अभी केवल गपतियो के घर में खाओगे तो आप हमारे घर में नहीं खाओगे लखपती से रस लाख बार जॉब करना असली लगपती कौन है तुम गाड़ी चला दे दे असली मर्ज लगभतीहैयोगी हरी राम को अपनाना है और जिसने हरी राम को स्वीकार किया वो है असली लगभदिछेदिनबा नाम का प्रचार किया था तो जनपद में उन्होंने हर नाम संगत किया तो कई ने उनका विरोध किया जो हमारे sारab्रhमणथेउन्होने विरोध किया वो भी गए काजी के बाद ये संदेश लेकर ये जो महा प्रभु जो धर्म का प्रचार कर रहा है हमारा धर्म नहीं है नहीं है यह बलाउटीधर्महउेक्या दुख था क्यूंकि हरिराम के द्वारा को की नही रहती आमदनी समाप्त हो री थी तो जो मस्वारा ब्राहमण थे उन्होंने विरोध किया मुसलमान थे उन्होंने भी का विरोध किया उन्होंने कहा कि अगर हम ये निवार कि समकित को नहीं रोकेंगे तो सारे मुसलमान हिंदू बन जायेंगे तो उन्होंने भी किया तो 1 मोहरा था जो बार बार जाता था काजी के पास ये ले निवेदन लेगा। रोको ने बाइकों नहीं तो तुम बार बार कहते है रोको रोको रोको जब मैं देखता हूँ देखता हूँ कि तुम नाम ले रहे हो। ये बात सच है जब से मेरा परिचय हुआ है राम नाम से निकलता है। मैं तो चेसेबुे नाम के द्वारा अनेक प्रकार के लोगों को आकर्षित किया देर बाद पूजा दक्षिण भारत की यात्रा में थे तो जहाँ भी जाते थे हजारों की संख्या में लोग जुड़ जाते थे और महा पर को क्या करते थे जो दूसरे लोग हैं ही देखते थे और क्या करते थे। इस पर मापने पूरे दक्षिण भारत के आये बालिका क्या बना दिया भाग बना दिया तो चित्र मा प्रभु गए। 1 ब्राहमण कुरमा ब्राहमण जो था और 1 भागीशलीथा कि उन्होंने भगवान को अपने घर में सेवा के लिए बुलाया था और उनके चरण में घर में रह कर निराश हो, मुझे अपने साथ ले जाओ। आप ने देखा भी हँसता है, पत्नी है बच्चे वाह को बोले नहीं यार तुम हो वहीं रहो और क्या करो वही नाम का उच्चारण करो, बाई नाम की महिमा का प्रचारण करो, गीता का ध्यान करो और गीता का जो संदेश है उसका प्रचार करो। इस प्रकार तुम हमेशा मेरे साथ रहोगे तो मैं तुम्हारे साथ तो प्रभि। कहते हैं ये उपदेश के कि क्या करें चैन उसकी महिमा का प्रचार करें और गीता पढ़ें और उसका प्रचार करे। हम लोग जैसे ग्रंथों को बांटते हैं, बांटना बहुत ठीक है पर हमें ये प्रयास कर, हम लोगो को ये ज्ञान दे। इस इन गंधों को पढे और पढ़ेंगे। तो फिर पूरा साहब उन तो है नाम की महिमा आप कहाँ पढते हो, सास में पढते हो। उचित दिन महाप्रभु ने हर प्रकार के व्यक्ति को कुशलिया 1 से महाप्रभु के चर्चा हुई थी बुदिस्ध भक्त के साथ, तो माँ बापू ने बेड में गुरु जी के गुरु थे, उनको हरा दिया था। तो बुद्ध भक्तों ने सोचा अब हमें बदला लेना चाहिए, वो ले गए हैं। sarva जाकर कहने लगे ये महा प्रेत आपके लिए वो सरवा और जैसे वो प्ले देर से 1 बाज बाज आई ऊपर बाहर सा खाना तो अपने मुँह में पकड़ कर जो पीतल की थाली थी वो गिर गई कहा गिरी उनके गुरु के सिर पर जिसके कारण गुरूजी बेहोश हो गये। तो उनके शिष्य थे, परस्तारे थे। और उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी गलती थी। तो उन्होंने कहा आप हमे
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बुद्ध क्या का उन के कान में जाकर भरे नाम का उच्चारण तो इस प्रकार जैसे उच्चारण किया क्या हुआ सारे बुद्धि बन गए क्या इस बुल हर प्रकार के प्रजा को बनाया। 1 में सभा चल रही थी जिसमें हजारों मावली भाव के व्यक्ति थे, उपस्थित बने, मायावाद का वो विरोध किया। और कहा जाता है कि भक्ति श्रीदादाजी प्रचार करते थे, कोई मायावनी होता था तो उनको उनसे दूर भाग जाता था। सड़क के दूसरी तरफ चलते थे उनको, इतना डर था भक्ति श्री दादाजी के उपदेश। तो परासी में आये उनके भक्तों ने हम आपकी बीसी सैल नहीं सकते। भक्त जो है नहीं बर्दाश्त कर सकता। भगवान की निंदा हो या उनके भक्तों के लि, या तो भक्तों के कहने पर गए। उस काल में यहाँ के मायावी सभा चल रही थी। और माँ और कहाँ बैठे बैठे जहाँ के ap jute shusen, e de la, उनके चेहरे se itna prkspraktुआ maयovatybagथे को समझ पाई। कोई साधारण साल नहीं है। तो चर्चा हुई थी और प्रकाश सासवाद इन मायावती सन्यासियों के led वो आये, माँ प्रभू को पकड़कर ऊपर मंच में बिठाने प्रेशर था।
आप
जैसे गईराम करते है, आपने तो हमारी संप्रदा में दीक्षा ली है और आपको तो hmare बैठकर क्या करना चाह? साबित किया कि इस कलियुग में या इसके द्वारा मायावी वो क्या बन गए। शो बन गए तो चेतन हुए थे हरी नाम के प्रचार के लिए, प्रचार के द्वारा, हर प्रकार का व्यक्ति किस से जुड़ गया। यह हरी नाम है। तो ये हरिनाम है, सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। और ये है असली धन। और ये हाई राम को हमें सावधानी से करना चाहिए और न इसका हमने किससे बचना चाहिए। बहु जल में करे। आप अनेक जन्म में ये आराम करते जाओ। अगर आप अपराध करोगे तो क्या होगा? का पूरा लाभ रहेगा। तो हमें क्या करना चाहिए? सबसे महत्वपूर्ण सेवा उसको ध्यान से करना चाहे। ऐसे तो नाम का उच्चारण हर स्थिति में, पर अगर आप ध्यान पूर्वक लोगे तो उसका पूरा लाभ मिलेगा। ध्यान पूर्वक का क्या अर्थ भक्त कहते हैं बग भरा चंचल है, मन भटकता है। तो हम कैसे ध्यान पर जा है। ध्यान पूर्वक जाप का अर्थ है कि आप जब जॉब करने बैठते हो, खास के सोलाना आप, उस हमे केवल को जैसे प्रसाद खाते हो। सबका क्या भाव रहता है, क्या भाव है, प्रसाद खरे हो बाबर के। अब क्या बोलते हो ने शादी में खाने 2 बाद में आये तो हमारा नियम होना चाहिए कि हम शांति में जाप करें। मन भटकता है भटकने पर, हमें करना चाहिए ध्यान से और अगर हम ध्यान से करेंगे, क्या नाम होगा, क्या लाभ होगा? चेतन पर आपकी जो भौतिक आकर्शन है, उससे बच पाओगे देखते हैं। सारे विश्व में, जिन देशों में, जिन समाजों में, कभी किसी ने कृष्ण का नाम मिल गया था, आज वहाँ में ये क्या है किसने से आप कोई जादू कर सकते हो। सभी जादू तो नहीं कर का जादू मैंने या मैंने गो बराबर बनाने लोगों को बराबर कैसे बनाया महामंत्र के द्वारा, सो महामंत्री हम सब के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेवा और नाम शक्ति है। गाय नाम के उच्चारण से हे की मैल दूर होती है। और क्या आप देवरति कहते हैं के बाद क्या होगा? देती। तो इस अध्याय नाम की महिमाओं का गुणगान है। और कहा गया है कि चाहे आप ध्यान से, यह आगे हरीराम का लाभ, सबको मिलेगा ध्यान से देंगे तो पूरा लाभ। तो हम सब का परिचय तो हो गया हरिराम से हर व्यक्ति जो सकल जुड़े हैं। e, a, e mahima का ज्ञान तो है पर इसका पूरा लाभ उठा। so sherin the holy name is a most important bakiarpa। संदेश को क्या क्या? और ये संदेश में क्या मिलता है भाई नाम की महिमा का, या तो आप सबको हम सबको है नाम पर ध्यान देना और ये हैना में इतनी शक्ति है। अज्ञानता से मिलोगे भारत में आए थे, पहली बार अपने विदेशी शो के साथ जो लोग आखिर और जैसे की बॉम्बे में क्रॉस मिला में लगभग 30 हजार लोग आये थे। ऐसे तो उन दिनों में फिल्म का ने 1 फिल्म बनाई थी जिसके गुण उसमें ये था, यही नाम सुनाई देना था। शुरू से राम गुन किया था। वो दिखा रहे थे कि लोग भंग लेते हैं। फिर यह नाम लेते। तो भक्तों ने सोचा ये फिल्म तो हमारा नाम खराब कर देगी। उन्हें कोर्ट में जाना चाहिए। तो उन्होंने प्रॉपर से चर्चा की this movie विल कोयल रेपुटेशन। he could cas, no not thing, will be as people will holy। मिलेगा सो भाई नाम का जाप की दाल और कुछ साल पहले मैंने कहा मैं दिक्षा ली थी, तो मैंने उनसे पूछा या ब कैसे बने? उसने कहा जब मैं छोटा था 5 साल का, तो 1 फिल्म बनी थी हरी रामाह r s film में rich मैं बारबार जाता था, बड़ा हुआ तो अमेरिका पढने, मे बंद हो गया, तो उसको याद आया, यह हरी राम बचपन से करता। तो ऐसे उदाहरण है कि हरी राम इतनी शक्ति है जो व्यक्ति से चालन करेगा लाभ। मिलेगा तो हमें हिरदे की मैल को दूर करना है, हमें क्या करना है, मया के प्रभाव से बचना है। तो क्या है हथियार मोस्ट iporttmedimसो हमें गनजदेनाजध्यान से और हरी राम है। असली दयालु है कि उन्होंने इस हरी नाम का यह नाम दिया और हमारे जो चाय है उन्होंने इसका प्रचार किया तभी हरी राम नाम का प्रचार जारी करो और हाय राम का उचारन करेंगे सो। अब भक्ति के विषय में आगे तो भक्ति का ज्ञान बढेगा। ham most important activity for everyone and hi, now is lily perish made to glalyfygooiuchan holy name and please go to a an and it we do that you so। जैसे आप भक्तों ने बुक मेरा धन किया था, बुक मेराथन किया था कितने कितने गीता भक्तों ने मिलकर कितने कितने गीता बाली ptiszाrीबातहवार भक्त को हम देखते हैं कि गीता जयंती के उपलक्ष भक्तों का ऊँचा आ जाता है, बाकी 10, 11 महीने हम कुछ नहीं कर, ते सच बात है या करते है और बड़े तो माया का माथरकिलेलेरहता है, माया का बस रहता है 300 पैसे माया के ल, क कोई छुट्टी नहीं होती, माया का पूरे साल चलता है और भक्त में पूरे साल होना चाहिए तो हम सबको हम सबको प्रयास करने जाना चाहिए। और जो भक्त इस पचार की सेवा में जुड़े उसके लिए भगवान क्या करते हैं से हुआ है न होगा हमारा भाव होना चाहिए कि हम सारा साल गंधों को मारेंगे और गंध में है क्या की महिमा अब चाहे बारात ले लो गंध में क्या पढ़ते हो, नाम की महिमा और नाम की महिमा का फल गंध में है, गंध में है क्या, हम कहते हैं प्रापदकीकिताबे फिल्म गंध में है क्या किशन का उपदेश रिणाम महिमा का या तो हमें पढ़ना भी चाहिए और बाटना भी जाए। और जब आप गंध को बांटो ऐसा वात करो या आप इनसे टच में रह सको जिसके द्वारा फॉलो खोलेगा तो आप उनको प्रभावित कर सकते किस में बंद के ध्यान में तो ये जो है ये पूरे समाज के सुधार के लिए पापाजी ने कहा था जैसे आजकल वायरस बड़ी गहरी जागा तो बचना चाह to क्या holi name name is a best mhimाकaprcाr jureगeseाiा logo ke man me a b e a e and and please go ter everyone s questions yes pucy
तो का करेगा
जैसे कलियुग में
2 सागर है तो मैं जमसहूंगीनराेहहर वर्ष फिल में दोष हूँ इस दुष् देखने
कैसे बज प्रशन है। दोष देखने से कैसे बच सकते हो। प्रभा जी कहते थे हमे दूसरों के गुणों को देखना चाहिए, हमारा ज्यादा ध्यान देना चाहिए उनके गुणों को देखने के लिए और अब गुणों को नहीं मार। समस्या क्या है अब सबसे पहले अब गन को देखते हैं। अगर हम सुनते हैं किसी के वुषक्रीवैशणाके विषय में गलत खबर हम खुश होते हैं तो हमें 1 दूसरे के गुणों को देखना चाहिए और गुणों को देखोगे तो आपका आदर भी बढ़ेगा और आप हैं कि प्लस पॉइंट्स को देखोगे तो फिर उसके प्रति आपका आदर का भाव भी रहेगा आप केवल दोषों को देख रहे हो तो क्या परिणाम होगा आदत की वजह आपके मन में उनके विषय में और थोड़ा a ea so we should be like be the fly make, जो है केवल गंदे सामने poni made make, जो है साफ और
मेरा
स्वामी
ने
है कि किसके नाम भी गायब है मतलब इस डाक के द्वारा
इस
को सेवा में लगा तो हम भगवान के नाम को अपने की माने की। हम कभी भी सुबह भगवान ना कर
करते हैं
सेवा है तो उस समय में इस अपराध में घटना से भगवान के नामों के उच्चारण का भी समय है जैसे कि अक्सर खास कर के जो मंदिर के वर्तन में रहते हैं, सुबह के समय जॉब करते हैं। पर अगर कोई महत्वपूर्ण सेवा हो जैसे कि सुबह के समय पूजा को भगवान का श्रृंगार करना पड़ता है, मन को भगवान के लिए पुशाल बनाना पड़ता है। तो ये जो आवश्यक सेवा है वो भी करना चाहिए। तो भाई नाम जाप तो करते है पर कभी कभी महत्वपूर्ण सेवा हो वो भी हमें करना पड़ता है।
आज के आपने बहुत से ना का मौका बताया हम लोग
ते वबकसवीकावरrहै तो
ये कैसे घूम सकते हैं अभी बहुत
सा
वाले लोग
इसके बारे में लास्ट टाइम क्या था, लास्ट टाइम क्या था,
काफी कम लोग ही बदलाव किया है, पूछे क्या कैसे उपाय घर वाले देखते
होंगे की आप घर में चलाते ये बात सच है आप ध्यान से महामंत्र करोगे और उचारन तो फिर आप इन नार्थ से बच पाओगे। आप देखते हो की सारे विश्व में जिन्होंने कभी कृष्ण का नाम भी नहीं सुना था, भगवत गीता का नाम भी नहीं सुना था। आज बड़े ब्राहमण के संभव हो तो हरिराम करते तो भौतिक कशनजरूरघटेगा और हमारा प्रयास चाहिए यह ध्यान से करे।
1 प्रश्न था चेतन ने माप सरल वाणी थे, इसके बारे में बहुत सी कमाए मतलब जो जो मान देता वो महान योगी ही वो सब सकते है उसे बड़े मान या चिकन के मान इशू होने के सबसे सही प्रमाण परचा जो अभाव के नाम ही कर सकता।
श्रीभाल भगवत में है बगौतमेंहैकिभगवान प्रगट होंगे चितेमाप्रबूके रूप में और क्या करेंगे सदा इनाम का प्रचार करेंगे। फिर शास्त्र में है वर्णन माँ बुर i yessi गुरु जी का तो हरिराम हरिराम जो है सब भक्तों के लिए सबसे बेहत्वपूर्ण सेवा है। केवल लोग पू क्या सेवा हम कर सकते हैं? हम कहते हैं सबसे पहले भारी नाम के। जाप में रूची बढ़ाओ तो अगर आप परिणाम करोगे तो गुरु, साधु सबकी कृपा हो गए क्योंकि हमारे सारे चर्या क्या कह रहे हैं, मा का वर्णन कर रहे है जो आज की करता है जहा साल पुरानी है 5000 साल पूर्व जब गूगल मे की चर्चा कर रहे थे हमारे प्राचीन शास्त्रों में ये कथा है तो अंदाजा ये का कम से कम 7000 साल पुरानी होगी सो
नाम
जो है सबसे सरल साधन है भगवत प्राप्ति सतयुग में भगवत प्राप्ति के लिए भ भगवान के चिंतन लोग करते थे और 60 70 हजार साल तक सीधे युग में क्या बड़े बड़े यज्ञ करते है द्वापर युग में भगवान को मैगी भेज ते है वो ही लपके प्राप्त हो कैसे हम सब का प्रयास होना चाहिए कि हेरा में रुचि बढ़ाई वह रूचि बौधिक आकर्षण बुदेकार्योमें है और हमें उसको बदलना है। okay okay yes im sorry to repeat करोगे करना बहुत डिफिकल्ट होता है तो
इसको कैसे मेहनत कर सकते हैं some time to chant om is very dificult
is dificult chai, because of fall sego, no you visit and you should see some association of some senior visnoantaegite, no will break up all you go namgocasa। जो आकार है वह टूटेगा और हर नाम का भाव क्या होना चाहिए मा ने बड़े सुंदर शब्द का है सिधारी जरूर पी सी वाले बना देना कितना अगर आप चाहते हो की है राम सदा ले देराओ क्या करे संशील और pad se sata sim okay to men करोगे sरasaimsous मेरा
है की आप जो करते तो अगर ऑनलाइन बोलते हैं
ये लिखाते तो गले में भगवान कहते हैं भगवान कहते हैं न प्रकार की जगह है वे है जपा करो share slok अनेक slok केवल नाम की महिमा ज्ञान प्राप्त ह हमको मे ने
आग्रह किया, आग्रह किया के
सा ताकि महिलाओं को
अच्छी तरह से
तैयार करे।
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