हरिनाम द्वारा अजामिल की नरक से रक्षा | SB 6.6.32| ISKCON Baroda| Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja explains how Ajamila escaped hell by remembering his son's name, Hari, at death. Chanting God's names destroys sin and impurity, leading to liberation. The lecture draws on Srimad Bhagavatam 6.6.32 and answers common doubts about the power of divine names.
Chapters
स्री चेतान्या मनोग्रिष्टं आग्यां देना भूतले सर्ज्ञानुभाग्राभ्यां तभाति स्वापडांधिकं बान्देरं श्री गुरु श्रीवता पदगंदं श्री गुरु श्रीवता पदगंदं श्री गुरु سیدھا श्रीवता سیدھا سادھا पदगंदं श्री गुरु श्रीवता पद سیدھا سیدھا سیدھا سیدھا سیدھا सेने विश्णा परवाँ सिंदो विरिणमन्दो जगपते भोगे सरोभिका खांचा प्रादा खांचा नमस्वस्वस्वे सत्वकांच गोड़ाई नाथे लिंदावनेश्वरि तिसकवानुस्ति एदेवी नर्यामी खरिभी بہت چاہتے ہیں شمتم کرتم بریانی ازا منی ارے محمد ازا سے جہاں تیابہ کیا جو دین ناظرہ بتا دیتی مہدود مرشوک کا اتحان ملے کے سامنے ہوگئے ہیں اور ایسے نہائے میں آپ پڑھتے ہو کہ عام راج نے اپنے سیوکوں کو بڑی سندھر سکھشہ دی آہل وی قطعہ میں آپ کیا آپ بھائیناں کی مہیوانہ داریاں بات کر دیو آجمیل کا جلم ہوا تھا بھرامن کول میں اس کی پتی تھی بچے تھے اور ایک دن آجمیل جنگل گیا تھا کیا کرنے بھگواہن کی پوجا کے لئے پھول آرہے تھے کوئی फिलम देखने नहीं गए था। यहनाई क्लब। वहाँ की पूज़ा के लिए पूल आने के लिए लॉट्टे समे उन्हें देखा एक वैश्यव को अपने प्रेमी के साथ और इस घटना के प्रती वो आकृशित हो गई। इस घटना का پہلے جو انہوں نے چنتن آرم کیا پھر اتنے ہیلائی سے سوچ سے گئے کہ انہوں نے وہ سوائشہ کو موکرانی کی روپ میں پہلے رکھا بعد میں ان سے بیوار کریا تو اسے ہمیں کیا سکھ شرمندی ہے اسے ہمیں یہ سکھ شرمندی ہے کہ منگ کو ہمیں بندو بنانا ہے منگ کا اگر آپ ضرور بھیو کروگے यह मन आपका द्यादें जीवन चक्तिन मना देगा। मन को अगर वश्में रखोगें तो यही मन आपका सीयोग देगा अबूल प्राप्ति के पार में। इसलिए शास्तम में अनेक स्टोक हैं जिनके दोड़ा निरीक संजीश होता हैं। और घीता में क्या कहते तो आजमेन का पतन कैसे शुरुबा उसने मंद वाला ओस इन्जातित की गढ़ना का स्मालना अरब कर दिया और आजमेन ने इस वाक्षते में भी विवा भी चल लिया अबनी पत्ती को छोड़ दिया माँबाव को छोड़ दिया जो समभती रात हुई थी पिता के द्वारा उसको खर्च दिया और अदनी और पच्चों को खुश करने के लिए अलेक बतार के बुले काम करने पर एक गुन ये था कि आज ये मेंने अदने सबसे चोड़े बेले का नाम क्या रखा था अच्छी समय में रिवाज था कि आप बच्चों को भगवान के नाम देते हैं ये रिवाज आज भी है खा सके भगतों के खादाने में पर मौते मौते नाम हैं आज पर आप भगवान के नाम नहीं देना चाहते हैं कही बात लोग आते हैं स्वाभी जी नाम देजी हमारे � ये नहीं तो ये समझने आता है वो कोई अधोनिक नाम है स्पीटी, बॉबी, लॉब्ली ये निवाज ये पच्छों को भगवान के नाम में दिये जाएं या जादी नाम ये निवाज भी अस्ते अस्ते खतम हो रहा है तो आज भी है तो बड़ा घहरा आकेशन था छोड़े बेटे के पती और छोड़ा बेटा अगर ना जोसे एक मिले में दूर होता था वो धोड़ा जाता था आशिमिल का पाक का बोजा बड़ गया था और याम्रा जी जो की मिर्दे के दिकरता है वो जोने ने नहीं किया اب آجی بیل کو نلک میں لانے جائے سجاد بھگڑنے کے لئے تو انہوں نے تین پتی دینوں کو بھیجا آجی بیل کو نلک میں لانے کے لئے تین پتی دینوں کیوں بھیجے کیوں بھیجے کسے پتا کیونکہ تین سانن ہیں جن کے دوارہ آپ بھاگوان کی سیوہ کرسکتے ہیں اور یہی تین سال کی طور پر بھاگوان کو پھول سکتے ہیں منگ اور یہی تین سال کی طور پر آپ سیوہ کرسکتے ہیں بھاگوان کو پھول سکتے ہیں جب آج ہی میل نے ان یہاں موجودوں کو دیکھا اگر آپ نے یہاں موجودوں کی تصویر دیکھی ہے देखिये एक देवी भी होगते जाओगे हम धंके हम भी चचचचन हैं तो हाँच मेंने जैसे ये नियावदि में वो देखा उन्हें अपने छोड़े बेटे के लिए पुकारा विद्धी शदा से पुकारा विद्धी जोर से कि भगवान विश्ण के पती निदी विश्ण द� وہاں سرند پہنچ گئے اور विश्णदूतों ने यामदूतों को रोग दिया अन्जमिन की आत्मा का नरग मेंने जाने थे और दोनों का वर्तलाब हुआ था यामदूतों का और विश्णदूतों का जो यामदूत थे यामदूत केसे कहते हैं जो बंगान विश्णदूत के दूत है या प्रति निली और विश्णदूत महार विश्णदूत हैं। तो जब यहाँ दूतनें देखा कि हमारे स्वामी ने हमें भेजा था आज मेरे को लड़ग में लाने के लिए सजब होके थे के लिए और ये विश्णदूत तो ने रोक दिया वो आश्ठरिय हो गए। پہلی بار ایسی قطعہ پیتی تو جامو نوز گئے کس کے پاس جامو نوز جی کے پاس اور انہوں نے جامو نوز سے پوچھا کیا قانون ہے آپ نے جب ہمیں بھیجا تھا اس کاریے پر لبھانے کے لئے تو انہوں نے ہمیں روک دیا کیا आप से उपर भी कोई शक्ती है क्या? तो यामन ने कहा हाँ, मेरे से उपर भी शक्ती है और इस अधिहाई में यामन ने ये स्थापित किया है कि देवतां के उपर परम भगवान है और परम भगवान है सुपीम पिंट्रोलर और اگر کسی نے بھگوان کا نام لیا ہے جھان سے جھان سے اس کی سرکشہ ہو گیا ہے تو اس قطعہ میں اوہی نام کی مہمہ سنتے ہو چھٹے سکند کے آرہ میں چگلے گو سوامی سے پریکشر مہد نے ایک پرشن پوچھا تھا پریکشر مہد نے کہا یہ سکھشہ دیجیے جس کے دوارہ یہ جو پاک کی اچھا ہے ہدے میں یہ سماتھ ہو جائے۔ پریشان مہد نے کہا انہوں نے ایک ادھارن دیا ایک ہاتھی جل میں سنان کرتا ہے تلاب میں پھر تلاب کے باہر نکلتا ہے اور پھر مٹھی میں بیٹھ جاتا ہے तो वो ही साख शरीर गंदा बन हो जाता है फिर वो स्नाँ करता है फिर मिर्ची में बैठ चाहें श्रीर गंदा हो जाता है तो परिश्री महान ने कहा ये धरव का क्या लाग जिसमें आप एक दिन पस्तावा करते हो फिर पाप फिर पस्तावा مجھے ایسا ابدیش دو جس کے دوارہ یہ جو پاک کی اچھا ہے ہردے میں وہ سماف ہو جائے اور اسر میں پھر ایک کو سمجھا کہ یہ چیز کے ورے بھاگتی ہے بھاگتی ایک ماڈیم ہے جس کے دوارہ ہردے کی جو محل ہے دور ہو سکتی ہے اور اس کے پچھل ہمارے پراچین شاستکل میں اس پرکار کی قطعہ ہے پھر انہوں نے آجیمن کی قطعہ سنائی تو اندازے سے یہ جو آجیمن کی گھٹنا گیتی ہے یہ کم سے کم 6-7000 سال پڑھا نہیں ہے 5000 سال پورے تو शुलेविद उस्वामी ने कहा प्राचीन शास्तों वे तो आप अन्दाजा लगा सकते हो यह बहुत प्राचीन ख़दवा है तो आज ये श्लोक में शुलेविद उस्वामी क्या उपतेर दे रहे हैं कह रहे हैं भ्यक्ति जो सदा निरंतर भगवान के नाम लेते हैं और भग� शुद भक्तियों को प्राप्ट कर सकते हैं हम इसकान संसा में क्यों जुड़े हैं शुद भक्ति के मारण का पालन करने के लिए बुरुवियास देवने अनेक शास्तों की रचना की थी पर जब ही वो बेचैन थे और जब वो वियास विद्नारण मुदी से मिले शास्तों � तो उन्होंने पूछा क्या कारण है कि मैंने सब शासों की रच्चा की जब भी मुझे लगता है मैंने कार्य में कम ही लागई है। जिसके उत्तम हुँनोंने हमें ये सबसे उत्तम ज्ञान भावतका का ज्ञान दिया। तो शुक्रिया कुछ सभी कह रहे हैं जो भी भी निरंतर भगवाण के नाम से हैं। कहीं बार भौतिक वाली व्यक्ति पूछते हैं। तुम लोग रोजे की नाम का जाप करते हो। ठकते नहीं हो। बोर नहीं हो जाते। क्योंकि भौतिक समाज में अब एक धून आज सुनते हो। एक बिर सुनते हो। अभी धून � یہ تھوڑی کے لیے ریویسیشن میں ایک ہی گانا بار بار بجاتے ہیں. ہوں؟ یہ لوگ تک جاتے ہیں. تو بہت ہی بہت ہی پوچھتے ہیں. تو اگر ایک ہی نام پر جاب کرتے ہو، تکتے نہیں. تو کیا ہے اس کا اُتر؟ نہیں ہم نہیں تکتے. یہ بھگوان کے جو نام ہیں، بھگوان سے اپنے ہیں. تو ہمارے شاستر میں، انیں ستھالوں میں یہ کہا گیا ہے ہمیں بھگوان کے نام ننانتل لینے جائے تو بھگوان کے نام لوگے اور بھگوان کی لیلہوں کے پیچھے میں سنوگے تو اس کے دوالہ شن بھکتی کا ماغ میں سہوتہ پراب کرسکو گئے ساتھ اس گھن میں بہت زیادہ بھکتی کا گیانہ پر پراب ہوتا ہے جب ماتا کے گھر میں سے جنات مولی نے اُن کی ماتا کا شرن دی، اِنہاں نے کہا جھپو، پھربت میں گئے تھے کسی پیسے اُٹھانے کے لئے اور اُن کی پتی کو گھر میں چھوڑ گئے تھے۔ دیدھوں کو پتا تھا کہ اِنہاں نے کہا جھپو، तो पर्शे उठा रहे हैं। उनके भाव असुम हैं। और उनसे वो तग आ चुके थे। वो समय अब्दुलाध अपने माता के घर में थे। तो देवतों ने ये उजना मनाई थी कि अब्दुलाध की माँ को खसीन कर ले जाएंगे, अपने स्थान में लगेंगे। जब बच्चा पैदा होगा तो मान नहीं है। क्योंकि उन्हें नहीं सोचा। जैसे बाग, एसे बेड़ा। बेड़ा भी बाग जैसे नहीं है। ना न मुनी का एक और न मैं सीख लगया। मुनी जा ठीक सुस्तान में पहुंच जाते हैं। यहाँ न मुनी नहीं कहा। इस और پاپی نہیں سندھ ہے اور جہاں تو مجھ نے پلاد کی ماں کو اپنے آشار میں شہران دی اور اُبدیش دیا جو کہ پلاد نے آنڈا کے گھر میں پتاب کیا تھا جہاں کے پتا کبھی سمجھ نہیں پائے کون میرے بیٹے کو یہ دنیا کیا دے رہا ہے تو پلاد کے پتا त्रोदे थे अध्यापों के लाद के अध्यापों के लाद अध्यापों के नाम क्या थे? सबना हमारा मारा ढाता है। एक दिन पिता ने ढाता है। तुम साथा नहीं रहते। मुझे लगता है वैस्ट में वैस्ट बढल कर आ रहे हैं। इन्हें बेटी की दिमान को बदल रहे सन्नरमणकने जाते हैं हमें दोश मत दो ब्रामिन हैं हमें खोई सबद नहीं आता कौन उनको यह घ्यान दे रहा हैं यह घ्यान उनको प्राप्त किया आता कहा ना माता के तो नहीं सन्नरमणकने प्रदार को राजिनिक सिक्षा दी ये सिक्षा दी तुम्हारे प सर्वसेश थें, उनका कुछ नाम किया चड़ता हैं। तो उन्हें लगा कि राज का दिमान उन्हें पदल दिया है। इंगलीश में कहते हैं ब्रेन वोशिक। तो सर्वसेश नमा करने का शुरू करा था। अब तो पड़िक्षा ले ले आपने बेड़े की। वो � تو پیدا نے فلاد کو بلایا بڑے پریم کے ساتھ اُنہیں سر کو ہاں لگایا اور کہا بیٹا سکول میں کیا ہے سب سے مہتم انبیشی ہے تم نے سیکھا ہے بلانے کیا ہوتا ہے تم نے سیکھا ہے شم نم کتن امیشنس فرن نم پانتن آشنا ون نم دس نم سکھیم آدم نم उन्हें नवता भगती का ज्ञान दे लिया तो नवता भगती का ज्ञान शुरू किसे होता है श्रावनम और किर्तनम श्रावनम का अर्थ क्या है किर्तनम का उचान है तो श्रावनम और किर्तनम सबसे महतबूर कारिया है अगर आप अन्यादमे को नदी करना चाहते हो और इस विशे पर हमारे शास्त्र में अनेग स्लोक है और अगर आप तात्रिय पढ़ते हो तो कब सकंग 90% तात्रिय में प्राभा जी लिखते हैं सखनो कितनम की आवश्यत्र क्यूंकि इस है पूरिशल लाइव पूरिशल लाइव निर्बन हैती है کتنے دھیان سے آپ جاب کر رہے ہو کتنے دھیان سے آپ سمجھ رہے ہو اگر بھی پرابا جی امریکہ گئے ہائی نام کے مادیم سے انہوں نے دھرموں کو آج تک کارکریت کیا چیترے مہاکوں نے بیسے تو اپنے صیشوں کو ادیش دیا تھا بکتی سمبند گرمتوں کی رجلہ کرنے کے لئے पर सोयों के वधा आठ सोंचों चोड़े। तो सिक्षासर के पहले एक स्लोग भी ही इस मिर्षे के उपर सेधने मारे लोग कहते हैं। चेह गुदर पर ये हारे कृष्णा मंत्र दोगे, बघवान के लाम दोगे। हिर्दे में जो मैल है। हमारे हिर्दे में मैल है या नहीं आप गरुदा मेल है नहीं है। सब आप जैसे नहीं हैं। तो हमारे हिदे नहीं है। तो आपज़े कहते थे, हमारे हिदे कोले से भी ज्यादा खाला है। इन्दी मेल है। खांग, क्रोड, दोग, गोग। मजब से जाएगे। और अगर आपने ये मेल तो निकालना हैं, तो क् आपका अनुभव होगा जिन निना आप जब्मलां अच्छी तरह करते हो आपका निहात्मिक उच्छा रहता है और माया का आकशन घट जाता है जब आप सादना अच्छी ना रखो सणों के तरह नहीं करो तो फिर क्या परिणाम होता है माया खर्षूरत हो जाती है भगती बच्षूरत सच हो जाते हैं जब ध्यान से जाप करते हैं भगती खर्षूरत बन जाती हैं माया बच्षूरत हो जाते हैं यह है हम सब करने भाव और यह हैं शासन नहीं नहीं तो शुक्रण क्यों सभी कहने हैं निन अंत یہ نہیں سوڑا مانا کر دیا بس دو گھنٹے لگے سوڑا مانا بھئی بھائی گھنٹے ہمارا پیچار ہوگا بہت ہی خوش ہوں گا یہاں کہا جا رہے ہیں نرندر جان کرو تو بے شک مانا پر مت کرو تربانی دوارہ حینام کر دیا چھتنے مہا پھر ہو جاؤ اپنے ساتھیوں کے ساتھ पुरीचा मंदर सफाई कर रहे थे साले भग तैरों से और हातों से काम कर रहे थे पर सब जब कर रहे थे हर किषन हर किषन कारी कर रहे थे तो हमारा प्रियास रहना चाहें या मिरंतर जैसे कि यहां उपदेश दिया जा रहा है भगवान के नाम लें और स उनकी लीनां का भी उनकी लीनां का वर्णन है भागवातम के डसरसकन में प्रापा जी की च्छा देगी उनके भागवातम के लीनां को भी ध्यान से समझें इसलिए प्रापा जी ने डसरसकन गनवाद गुछे सकनों से पहले कर दिया जो चात दे जो वो प्रम भगवान के नाम और भगवान के इनाम हम भगवान के नाम सुनते हैं नहीं तक आते हैं क्योंकि ये तो नाम हैं कहां से आ रहा हैं अमेरिका से कहां से आ रहा हैं मेरे प्रदाल में दिखाते हैं ना मेरे निंज्या करो यहाँ ही नाम आ रहा हैं भगवान के देवे नाम और साथ में अपना की नीनां का भी श्राह में उनके नाम करवा हैं। अब गीता को रोज पढ़ते हो, रोज सुनते हो तो आपको क्या लगता है अब गीता आपने बहुत पढ़ लिए, आप नहीं पढ़ने करते हैं। रमायन, महाभारत की कताएं, रोज सुनते हो, श्रीमत भ اگر ایسے لگتا ہے تو اندوش آتا ہے. یہاں کہا جا رہا ہے شکریہ کو سوامی کے دوارہ کہ ہمیں نیرانتر بھگوان کے نام لینے چاہئے اور سننے چاہئے اور ساتھ میں بھگوان کی کیا لیلہ ہے آپ گوڑا لیلہ روز سنتے ہوں بھگوان کے بچپن کی لیلہ سنتے ہوں कि आपको ऐसे लगता है कि इसे हम सुन बैठे हैं। नहीं। उसका थाज़ा पन्द हमेशा मसूस होते रहते हैं। एवर फ्रेश। आगे। प्रिविदे कुछ समय कहते हैं। शर्यम कितन का कारण पालन करोगे तो भाक्ती योग प्राप्त होगा। भाक्ती योग चाहिए। � اور جیسے مہا پھرمولی کا ایک لاکھ بھکتیوں کا ہے ایک لاکھ سوگھم کتنوں کا ہے ہندے کی مہینہ دور ہوگی اور جیسے ہندے کی مہینہ دور ہوتی ہے آگے کیا لاب ہوگا؟ کون بتائے گا؟ سکھ شاستک میں کیا کہا کیا ہے؟ کسی سے نہیں پڑھا अनन्द बूदी वर्धना हम जाप करेंगे दियान पूर तो इसके द्वाला अनन्द आएगा नकली नहीं अच्ली आनन्द जो की केवल बरते ही जाएगा बहुत एक आनन्द शुरुबात होती है और समाफ्री होती है महां दुआ के पास इन्या दित्ति का निक सुविदाएं हैं धन की कोई कभी नहीं है हर परकार की सुविदा है पर एक दिन एक दिन तो इसने समाफ्त होना है बुढापा बनाएगा विमानी अनुभव होगी किने बड़े बड़े फिल्मी कलकार थे सब चले गई की हैं सब किने बड़े बड़े � یہ ہمیں سمجھنا چاہے کہ ہر چیز ایسا ہے۔ تو شکریہ قصور میں کہہ رہے ہیں، شہنوں کے طرف کرنے سے بھکتی پرابت ہوگا اور ہندے کی جرمیل ہے یہ دور ہوگی۔ آگے کہتے ہیں یہ جو لاب ہے آپ ने एक परकार के वेडियों का पानन करो उससे भी पाप होगा प्रापजी तात्वर में कहते हैं कुनिया कार्य करोगे तो उपर के लोगों तक पहुंच जाओगे ब्रह्मान लोग तक भी पहुंच सकते हो पर क्या हम हमेशा वहाँ हैं रह पाएगे अलिका वीज़ा मिलेगा � کیا ہے اُتھر؟ ہاں نا کیوں؟ اگر مہاں بھومن آنکھل کا نعرہ بچنے میں رکھنے کا آپ اُن سانہ میں کیوئے اتنی دیر رہ سکتے ہو جتنا آپ پونیوں کے پہلے محبت ہے جیسے آپ دیش میں جاتے ہو میں نے کہا کہ وہ اتنی سمیر رہ سکتے ہو جتنا دیتا ہو تو یہ کوئی اصلی حل نہیں ہے. اصلی یہ حل ہے جب آپ بہوان کے دیوی دھام میں لوٹو جہاں کی کسی بگاہ کا کلیج نہیں ہے. آگے ساتھ پہلے میں کہاں پا جی کہہ رہے ہیں کہ اگر آپ افراد بھی کروگے अगर आप हारी नाम करते जाओगे तो इसे आप बच पाओगे। दूसरे शब्स में अपराद होता है अग्यानता के कारण तो अगर आप हारी नाम लेते जाओगे तो हिदे की मैल दूर होते जाएगी और आप समझ पाओगे असी सिदान क्या है और उस मुद्धी के साथ آپ अपराज़ों से बजबाओगे। तो दूसरे शब्दों में, तुम्हेरे गुस्टों में कह रहे हैं, किसी भी हालत में हाईनाम को नहीं छोड़ो। आप समझे रहे हैं? किसी भी हालत में शास्तों का श्रव्रम कितन मनसूर। तो प्रावाजित थात्मने में, यही इस और हरे नाम के उचारण के दोरा इन्देश्वत बनता है। कई बार भग पूछते हैं इन छड़िस गुन चेति दिवा को गुने सनाधन को सोने बदिये यह हमारे में कैसे प्रात होगे। विद्धम्रता का भाव कैसे हमारे में प्रकट होगा। पर इन सब का उपाय क्या ह ध्यान पुरुवग ध्यानतर हर किस मंद का क्या करना सवर्भ करना। आप ये करोगे तो एक नदीजा आएगा। मांद आप कहो कि हमारे लिए बड़ा कठेन हम नहीं कर सकते। तो क्या परिजाम होगा? क्या परिजाम होगा? अध्याने मुनती नहीं करता होगा। तो आजिवेल के तथा में हरी नाम की महेमा के विश्व ज्ञान थात कर रहे हैं। पर हमें ये नहीं सोचना चाहिए अभी। आजिवेल प्रामिर कारणान में जनन लिया, भिगर गया, बुरी संगल में आ गया, हर प्रकार का पाप गया, फिर भी भगवान ने बचा लिया। वो भी नाम ले रहा था, ननयन का नाम ले रहा था. तो हम मिर्ख की नखल करेंगे, हमें आज ही मिल बनेंगे, हमें थोड़ी देख के लिए दुन्यादारी में चुड़ेंगे, और फिर मिलते से पहले पक्का, पक्का ननयन का नाम ले रहेंगे, गोबिन का नाम ले रहेंगे यह आपका साथ्वा अपराद मन जाएगा साथ्वा अपराद क्या है नाम के जाव के बाद पर पाप करना ये सोचना की हम अभी दिक्षित हैं हम हरी नाम लेते हैं भवान का माँफ करना ही पड़ेगा ये सबसे बड़ा अपराद है पापजी कहते थे ये सबसे बड़ा अपर विश्वनाथ चक्रवदी ठाकों ने कहा है कि आज मुझे नरेन का नाम ले रहा था अज जानो पार दिन में प्रेश दिश्वी से नहीं तो मेरे पाप मिर जाएंगे। इसलिए भवान्यम की स्वराचा लिए पर हम ये सोच कर चले कि हम है नाम ले रहे हैं हम ब्रामिल बन � تو ہم سب کا پریاس رہنا چاہئے کہ ہم ہرینامی روچی بڑھائیں اور ہمارا یہ اوہ دیش ہونا چاہئے جس میں آپ مچھلی کو آپ جھل کے باہر نہیں رکھ سکتے ہم ہرینام سے بالکل جدا نہیں ہوں یہ ہونا چاہے ہمارا بھاگ اور اگر آپ پریاس کرو گے تو بھگوان سری کرو گے ہرینامی اصلی دھن ہے ये हरी नाम दिविया धाम से यहाँ आ रहा है और ठाक्र भक्तिनों जी कहते हैं क्रिये थागो वानरी थागो सदारे पोरे थागो चाहिए तो क्रियास्तव हो ये सन्यानी ये हरी नाम करो सिर्फाच हो तो हरी नाम जी की बड़ाई है ये शात होने नेरने हैं हाई क्रिष्णा بہترین بہترین
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