आध्यात्मिक सुख के लिए तपस्या आवश्यक है | SB 7.1 1.3-4 | 5 Jun 2023 | Gaziabad |Gopal Krishna Goswami

Gopal Krishna Goswami teaches that tapasya, or ascetic practice, is essential for spiritual happiness. He draws on Vedic figures like Narada and Krishna to show how devotion and compassion express tapasya in daily life, and answers questions on meditation, attachment, and building a regular practice.
Chapters
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शांत जीवन तथा दया में आपके श्रेष्ठ कोई नहीं और आप से बढ़कर कोई यह नहीं जान की भक्ति किस तरह की जाए या इस प्रकार ग्राम के सवश्रेष्ठ बनाई है। अत आप गुण हादमिजीवंकेसमस्त धांतों जानने वाले हैं और आप से बढ़कर उन्हें अन्य कोई नही
लोग स्लो
ही ब्रा से आप प्रजापति। ब्रह्मा के साथ साथ आप अपनी तपस्या, जो तथा समाधि के कारण ब्रह्मा के समस्तों में सर्वशेष्ट महाराज निसिजानतेथेकिनारत ने मानो समाज के गुरु जो आधार्मिक दिति के मार्ग की शिक्षा दे सकते है जिससे भगवान का ध्यान किया जा सकता है। वस्तुत इसी प्रयोजन से नायक में भी सू सत्र का सर्जन किया और नारद पर जलाने के उद्देश के लिए भारतीय नियम तथा जीवन की सिद्धि के विषय में सीखने के लिए मनुष्य के नारदजनेकीशिसपरंभरा से देश ग्रहण करने चाहिए। हमारा इस महामना ब्रह्म सम्प्रदाय के ही में है। नारद ने में ब्रम्हा से जो देश खराब किया था उसे ही उन्होंने ब्याज दे दिया। ब्याज दे ने अपने पुत्र सुखदेव को स्वामी को देश दिया। जिन्होंने शिव भारत का कस्बा श्रीमत भागत सी भगुहरापरआधारित है। क्यूंकि श्रीमत भागवत शुद्धदेवकोस्वामी द्वारा तथा कृष्ण द्वारा दी गई है अति
है।
यदि हम परंपरा के सिधांत का दृढ़ता से पालन करे तो जिससे की हम आध्यात्मिक म se ma
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बड़ा आनंद को आनंद अनुभव हुआ, जबकि पला खबर सुने। तो उसी प्रकार हमें भी ध्यान विश्व में रुची। हमें भी अनुभव करना चाहिए। तुम हम इन संतों के विषय में सुनते हैं। क्या पर हो और हमें क्या करना चाहिए? इन में रूची लेने चाहिए। छूट में रूचि नहीं होती है। नाम के विषय में पवार के नाम कैसे है? आपके जो नाम है, मिला है वो क्या है और सबको सो नाम है, जिला है, वो भी मिली है और क्यूंकि हमारी वाली में भी 1 बीमारी है इसलिए हम पर हो। कहा जा रहा है शायद का so on an bag set bed। क्यूँकि में मिले की बीमारी है इसलिए
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दूर नहीं कर सकते। तो क्या है उपाय हमें न लाना क्या करा? जाए है गर करोगे या की बीमारी और आध्यामिक का है। आप में कई बार सो सो जाते है। जब हम भगवान हमको so he, इस विषय में prasas हमें रोज क्या करना चाहिए? शो बढ़ेगा और मैं यहाँ बहुत भाव है। सो हमें से स्पेशल रुचि ली है। सो यतिशमरायनेकहाहै हमें बहुत ही आनंद आया। राज लाल के आगे उन्होंने कहा कि नालाबुनीका गुनगान कर कहते हैं put the best of you a भाग है। तो यहां वो कह रहे हैं नाथबुलीजोहै वो तपस्या गेल तपस्या ने तपस्या की है। इसलिए आपको जीव ज्ञान प्राप्त हुआ है। सो ध्यान में परिवर्तन के लिए पलिया आवश्यक है। चपल्सिया के विषय में लगभग हर गाय भगवान से कौन, कौन से भगवान के of the is a best to
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सो कहते हैं आम जो ये जो ब्लू जीवन प्राप्त हुआ है, इसके द्वारा आपने क्या करना चाहिए? या आपको क्या करना चाहिए? a r b e cis milega सो भगवान कहते हैं हम सपस्या करो कुछ सपस्या होना चाहिए। ये बहुत सपस्या करो पर केवल विश्णु आप आगे आप पूछोगे सो हमे क्या मिलेगा इसके है कोई क्या करे आपको आनंद मिलेगा जो की केवल बढ़ते बहुत क्षेत्र में अगर आपको सुख प्राप्त हो रहा है। शुरू में थोड़ा सुख प्राप्त हो रहा, फिर से से कम होता जा रहा है। भूख और पहली पारी खाते हो ज्यादा आदर by i इच्छा हो। आप का आनंद भगवान तपस्या करोगे। भगवान की प्रशंसा के लिए के बल्ले में क्या मिलेगा चाहिए? कोई सीमा नहीं है। लहरों के प खड़े रहो। लहरों की सीमा है, जिसे पूरी हार मार्ग में जो आनंद प्राप्त होता है, कोई सीमा नहीं है। वो बढ़ते बढे आपको कभी यह नहीं अनुभव करना चाहिए कि वह भी और आनंद नहीं मिलेगा। सो न से ही आप जो हो, सब आपने बोल उठा। इसलिए आपको बाद या सो र्यानमिक। जीवन में तपस्या का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। सेवा पर हम जो है भागवत तपस्या के द्वारा, हम भगवान जो उन्हें समझ पाएंगे। भाग भगवान प्रकार के प्रतिशत का वर्णन करे। उदाहरण के लिए वो कहते हैं
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द्वारा क्या ही पाएगा नाम भगवान के मेरा वर्ण है शब्द वाणी के द्वारा। हमें ध्यान में विषयों की चर्चा करे। और जब आप ध्यान में मुझे की चर्चा नहीं करते तो आप किस का में जुड़ जाते हो? जब भागा करोगे तो क्या होगा? और हमें बचना चाहिए। डीपी 1 से किया 1 भगवान के नाम भगवान कृष्ण का,
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मन के द्वारा मन की तपस्या क्या है? मन जो है आपका शु बन सकता है। जिस व्यक्ति ने मन को वश में कर लिया, उसके लिए का वयक्ति manas तो इस गीता में कहा गया है कि हमें इस प्रकार से जीवन को चलाना चाह। ते नारायण के अंतिम शब्द में आप विश्व का तुम्हारी की सफलता क्या है? भगवान लीलावतारी का चिंतन करना, इस विषय की चर्चा, वे की तपस्या, क्या वे की समस्या है। sidaawrbramnwea katvanga अरेराज की का उदाहरण दिया किस प्रकार से आप अपने देह का उपयोग किस लिए? ने से क्या क्या? joneभगाnकेसुन नहीं उनके लिए from so as a os कई value को भगवान का रूप धारण का का आप अपने अनेक नया उपयोग कर सकते हो मूल है और ज्ञान दे इतना ज्ञान प्राप्त करो कम है, ऐसा नहीं सोचना चाहिए। हम ने मैक्लम पहुँच गए। as
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o के ने पुरो में कौन से तो आगे ये है आपकी आपमें जो यादी गुन है उनकी तुलना कोई नहीं कर सकता हो। आप जानते हो की भर्तियों का पालन कैसे करना चाहिए? तो भर्तियों का पालन हम कैसे करते हैं? हमें ज्ञान प्रात करते हैं। गुरु सारू शास् जो संदेश को प्राप्त हो रहा है वो क्या गुरु को, साधु साधु को वही कहना चाहिए? क्यूंकि शार गुरु है, वही कहना चाह सुधार लिए पापा जी ने क्यूँ शिक्षा में दी है सौ प्रतिशत डरपरथीकिसपर mere vichar se an s का वो कहते है भगवान के बाल को आगे gurus में अच्छे साधू से गुरु हम जो शालू है वो क्या करता है प्रॉपर्टी होने को लेकर उसी रूप में प्रस्तुत करता है से a o या fasropraseabopu who हम उसको फॉर्म में स्वीकार करें। अवश्य प्रभाव पड़ेगा हमें यह नहीं सोचना चाहिए। ये कोई गुल नहीं है। आप में कोई गुण नहीं हो पर बाई के सिक्के धार पर चल रहे हो। so just pet ke par sa r line सो यहां कह रहे हैं कि आपका jevnhasanipesful like morsi is very morsiful भक्तों के गुणों का उसे धीरे ज्ञान दीजिये जिसके द्वारा मैं
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an saलirा साल के क्या लक्षण हो है साधु आप मान लो किसी इंजीनियर को देखोगे क्या तो इसके उत्तर में उन्हें सूरज है सं 10 साल और साधु
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गुन होली तो यहाँ कहा जा? हा है इस लोक में कि जो मर्द मूली अत्यंत दयालु है और आप देख न मुली हर 1 का उधार करने को क्या है। जंगल में जा रहे थे, वहाँ उन्होंने देखा अनेक घायल पशु, तो कौन पापी व्यक्ति है जिसके कारण ये पशु चर रहे हैं मरने वाले मैं हूँ mega मुझे जाने के सब इन जान को por zila mar a
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so, i, gi, i, den, i और दयालु यह भाव होना चाहिए। भक्तों में दया की भावना होने चाहे। दया की भावना का है। हर व्यक्ति को जोड़े किसमें तुम सी दया, 2 प्रकार की दया, 1 भोज अध्यातम क्या हॉस्पिटल बना दे, हॉस्पिटल बना
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मुफ्त इलाज कर और उसका परिणाम क्या है? आपने उस व्यक्ति को papkrearprinamoa plea to a e o o spr is prakar se, tera is dar
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लोग कहते है तुम लोग बंदर खोल रहे है, बंदर खोल कर क्या है, बंदर खोलते है। इसलिए कि लोगों को ज्ञान प्राप्त और इस ज्ञान की प्राप्ति से क्या परिणाम होता है? पापा जुड़े भाग्य है इज वेरी म्ोसिफुल us r use strongly leone pro full
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some scale pucha god, we have a boil on hand at persons like repress the boil to or the boiled, we have to rise from culierelbusiis asli da ga। सो यदि आज कह रहे हैं आप आप से उत्तम भाग है। यू आर बेस्ट वो कह रहे हैं कि आप से ज्यादा ज्ञान परंपरा द्वारा
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a a a a a rachna, कुछ कमी उन्होंने क्या कहा शुद्ध भक्ति पर बदले लिया। इसके पश्चात उन्होंने सारे वैदिक शास्त्र इन फलों में सबसे फॉलसकॉटनेसपुराना, इसमें किसी प्रकार का दोष दे प्रकार की कमी है। सो यूलिस कह रहे हैं apcezadauprno to you i was best और आप से हम सीख सकते हैं। बत्ती वारल कर देंगे तो b 11 कैसे प्राप्त करना चाहिए? a nem का पालन करना पड़ता है, बहुत
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rope, is sin, is a guy और हमारे परम भर में या तो भक्ति किस प्रकार से हम एक्सीक्यूट कर सकते है। ये ज्ञान कहाँ मिलेगा कहाँ मिलेगा? सो भगवान के जो भक्त हैं, वो ज्ञान देते हैं, ज्ञान देते हैं। पर शानालमूरिको भगवान भी बुलाया जाता है। भूल को भगवान भी बुलाते हैं। क्यों? क्यूंकि नादुभूनी हमें सौ प्रतिशत संदेश दे रहे हैं है भगवान और भुनी भगवान उड़ाया जाता है। सो यहाँ कहा जा रहा है कि हमें जान पाप का दर्जा किसे न भोले सो हमें इस प्रकार से जीवन चलाना जाए। हम के मे रुची बढ़ा शरणम सबसे महत्वपूर्ण है। प्राण बना है के पिता जब क्रोधित थे तो अमेरिका ने कहा था घबराओ मच, हम आपके बेटे का दिमाग बेकु भढरहेहैबढरहेसको इंग्लिश भी कहते है। तो सरसा की स्थापना हुई थी सो सेवेटीफाइवअमेरिका में बहुत बड़ा केस हुआ था जिसमें वे 2 जा रहा था कि हर भले लोगों के दिमाग को बदल दे। तो न्यू हाईकोर्ट में कहा हम ब्रेनवॉश थोड़ी कर रहे हैं। वो लोग ब्रेनवाश करने की कोशिश करते हैं जैसे उसका क्या लक्ष्य है यह उद्देश्य रहा है कि आप उनका जो माग बनाते हैं उसको खरीदो वो पापा ने कहा कि 1 समय 1 बहरा पति था, वो अपनी पत्नी को बुला रहा था कि पत्नी the finish booking so we dont दुनिया के जो नियम है उसका ज्ञान बx्ोवाा के पिता ने गोद में पूछा ये बताओ कि क्या मजबूत संदेश है? कौन सा लगा और है या हो क्या न भक्ति का ज्ञान ले जैसे ही न भक्ति का ज्ञान सुना सो जो भक्ति का ज्ञान है यह हमें प्राप्त होता है क्या प्रधान बनाया जा के बाद और प्रधान बनाने के
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भक्त का गया इज वेरी इम्पोर्ट ने वदावा महिमा तो यह कहा जा रहा है कि लाल मुनी की प्रशंसा की जा रही है और बाबा जी कह रहे है हमारा हमारी है जेटली कनेक्टेड नारदमुनी to lermreligiosprisisipl es and the perfection al live my s taking instruction from है के अगर हम भक्ति में आगे बढ़ना चाहते हैं तो में क्या करना चाहिए? the vegan report not a a
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a sami बड़ी सभा को परे जो के समरा थे brahman de sa, a
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sa de smapt tumhara pre to be e prices so सभा का मूल क्या था? जिस व्यक्ति का दाने वाला है? क्या कर जब स्वामी ने सुना जाते हो पर करने को कोई पूछता है भागों के लिए रूप है khushi me क्या desh se kar सुना ब्रेक जानना चाहते हैं क्या होना का भाव की वृत्ति आने वाली है वो बडे पूछी खुश हो गए मन की mata ke ruchi to सब संतों को लगता है। में आज e mal r whatsapp सब संत a to me
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bra efficient का वही सन्देश जो की उन्हें प्राप्त हुआ था के द्वारा। और उस सभा में हजारों साल से से मिश्रा ने सर 1 सभा चल रहे थे।
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e cca a va पूरे भगवदम को 1 बार सुनने से, जो व्यक्ति 1 बार सुनने से किसी विषय को कैंडेस कर ले, उन्हें क्या बात है? तो स्वामी 1 बार सुनने से कहा it s bast hundred percent on to ke log me kya what is how करेंगे क्या? क्या परिणाम होगा आगे बढ़ोगे इसलिए में शव के करोगे न हो पाएगा सो मैंने कोई पढाई नहीं कर दी तो हमें श्रम किस द्वारा भगवान के नामों का उच्चारण करना चाहे तुम्हारे के लिए रुची ले जाए। अगर हम शोर करेंगे ये रूप से, तो क्या होगा फिर सम्भव हो भारत की यात्रा कर रहे थे सो वो मिले उढागेनदीकेतपर fir se rajpal te पूछे भगवान के जो भक्त हैं वो पैसे पूछते है। जैसे देव श्री को त्यागने वाले को, पर भगवान सायर देवता और जि। and
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r n e a o o बताना चाहते गान की buddi a कल के अंतिम स्टे पर डेब्यू ट्रांस कर रहे थे। बड़े कमजोर थे, पर भक्तों के सहयोग थे। सो भगवान के जो भाग वो आंसर रहता है। सो भगवान भक्तों की महिमा बढ़ाते हैं और क्या करते हैं। भगवान की महिमा बढ़ाते है। भगवान ने कहा पूछो क्या होना चा? a a a a a a
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हमे किस विषय का चिंतन करना चाहिए? कौन उत्तर देगा किस विषय का कोई semaहैआ हजार बार सुन लो दिल। क्या हमारा क्या होता है। अब यही नाम का उचार थकते नहीं हो। मा उतर क्या है?
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buy पड़ोगे bagan ruchi अनेक मिला है। और आप प्रधान लीला। सुनो अमरीश सुनो और क्या परिणाम हो है जितना सुनोगे और सु जो कई बार भाग पूछते है, हाँ, वही हमारी रूचि बढ रही है। भगवान ने तो क्या है अगर आपकी रूची बढ़ रही है हरि नाम लेने में और किसी को आपका पीछा नहीं करना पड़ता, तो जाप करो जाप कर। ki job a
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o ruchi e हम हो जाते हैं क्लास के होगा। वो अच्छा लक्षण नहीं है हमें जो न उनका क्या करना चाहिए, क्या करना चाह, उनको तोड़ना चाहिए, उनको नश करदिया जाए। i हो चाहे सा हो nirmhasbkeliy ruchi such, but you take step krishna the ten seo a तनमनधन से होना चाहिए और सर्वदा पर कम आम जन सब लोगों को छोड़कर
a a a a आपने अपने सरक्षण में भर्ती सिरोली प्रधान। महाराज के विषय में बताया तो वो ही है इस संदेह वाले लिए। लेकिन वो हर लाये तो अगर आज के परेश देखा जाए। जैसे गुरु अपने रज बोला कि ये जो नियम है कर्मचारी ल। लेकिन अगर कोई गिस ज्यादातर अवस्था करने लगे और नियमों को बड़े अच्छे से पालन करने लगे, उसके आस पास के सगे सम्बंधी सोचते हैं कि ये तो
आदमी हाथ से गया और पागल हो गया।
पागल
तो उस संबंध मिठाई जाती है। हससे जीवन में उन नियमों को पालन कर। तब मन में यह आता है कि डिस्काउंट में जाए थोड़ा सा। तो अच्छा आपने बताया कि डिस्काउंट नहीं होता, लेकिन ग्रेस के लिए थोड़ा सा अच्छा कुछ हो जाता है। तो आपके आपके क्या है?
आप राज कर रे हो भगवान होने के लिए। और कई बार हम पागल हो गये है आपकी भलाई किसी खाना में। 1 युग पिता sog a
यार प्रश्न a के के सी समझ में आया। प्रश्न कुछ प्रश्न
प्रश्न है कि मेरे साथ किसी आकंशिहोजाटैश सबकी कृश्णा कृश्ना सी। ऐसे नहीं होता किशासअटैचमेंमी उसके
भौतिक वस्तुओं से अटैचमेंट हो जाता है, बहुत जल्दी आकर्षित हो जाते हैं, लेकिन क्रिशन से नहीं हो रहा तो उसके लिए क्या किया?
tridha a विशवास होना चाहिए। pryas kree
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e a bt confidence help bar बड़ी कान, उसके साथ बड़ी कान का है समाज, फिर भी वापस हो vishwas vishwas garanty work, yes
mera pishee जैसे परतुमारजीबोलरेहै की नर्स होनी चाहिए। तो वो तो है और भक्ति से पहले भी थी थोड़ी बहुत फोलतीहूँकहमारे मंदिर में हो किसी रिलेशनशिप में सर्कल में आप मंदिर आओ तो मुझे लगता है की मेरे अंदर में पॉवर नहीं की मगर मंदिर में बुलाता और वो 8 भी नहीं है। मुझे तो सोच बहुत लोग
क्या ऐसे
दिखाना चाहिए या
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का mar o वैसे आपका ब्लड प्रेशन बढ़ते blades
मेरा पैशन, जैसे मैं मस्त में रहती हूँ, वह आती है तो यहाँ के बहुत अच्छे भाव आते हैं। ऐसा लगता है भगवान के लिए थोड़ा ाज भी किन यहाँ के लास्ट रहते
है,
जिसमें धान लगा उसमे नहीं लगता की इधर उधर ज्यादा ध्यान लगता है।
जब होस्टल में होस्टल में रहती है, में रहती है तो बहुत याद आती है, व बहुत मन होता है कि भगवान के पास ही रहे। लेकिन यहाँ आने के बाद
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1 परपरा परपरा है। सुसूधभक्तहोतेहै वो भी प्ररास पूछते हैं।
जैसे
वो भी सुसूधभकतहैऔरसुधसूध भक्त है तो को भी, परंरपरा जो सुसुदसूधभक्तहोते है उनके स सारे डाउट्स की और जाता तो शुद शुद्धभक्त को भी प्रश्न है क्या नारद मुनी शुद्ध भक्त थे महाराज महाराज के दिमाग में केन क्यूँ है नारदमुनी शुक्त का मतलब है कि सारा कांसेप्ट के लिए फिर प्रश्न कहाँ से उठा?
हमारे भाई और प्रशन पूछे आपके लिए हमारे
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puja pulis har mor quesion
bol भाई on boy
hlisumarfistmy question is related to, then that to offer teaching elections, which is that of comfort zone? so you accept that dewotisholdget should not gedit comfort zone and be rate to rate on as of services, but for the social logical point of view। we observed that as a fit expinthatasans rganizationexpin स्पेशलाइजेश labrteklasiceac ty doing a specific at speciali as to my posenisgiving parmertiscondes
expanded, hell can be apply the principles of not beningorss। हकोम्पोजोन समझते हो कॉम्पोरिजोनका मतलब है, हम भगवान की सेवा करेंगे, वह हमारे केश है, हमें यह सुविधा है। अगर इन सुविधा नहीं मिलती, हमें सेवा नहीं चाहे। 1 भाव है हमने कहा है यह भाग ने देश का, हमें देश का भाग से, उसका भाव क्या है? चाहे आप हो सूखपरेयादुखे आप सेवा में जुड़े रहोगे। तो comfort okay
monit कुछ नहीं है। सो स्टूडेंट लाइफ के मॉर्निग
आज बताते हैं कि मॉर्निंग सा मॉर्निंग को अच्छी होनी चाहिए और कुछ दिन होता है फिर उसके बाद नींद आ जाती है, फिर सो जाती नहीं पाते ऊपर से स्टूडेंट लाइफ में या लाइफ में तो और जिम्मेदारी म 12 बजे सुनेंगे तो सुबह 3 बजे कैसे उठेगा तो कैसे क्या ऐसा गोली है जो खाए जो मॉर्निंग पोामहo
आप।
आप मेल में जॉब घंटे 24 घंटे का जरूर बनाओ। आप बड़े आराम से
सुन
मेरा मन है उनको भेजे वहां पर रिपोर्ट बना लेगा। 24 घंटे में हाईमेकलीदोतीन 4 घंटे पैदा कर सकता है, चाहे आप कितने में हो। a
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माताजी बहुत देर से हाथ को दे 2 बोलो जल्दी बोलो
हमारे खुद के लिए
वेब सिटी के लिए जाते है, इस प्रकार कुछ पैसा 2 मंदिर
मेरे ख्याल से वे कोई है इस बार खाने को मिले जो पहले न खाने लिए बोल रहा है बोल
समझ ही समझ में आ आप गुरु महाराज बोल रहे हैं कि वेब सिटी में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है। इस संसार में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है। गाजा मिसमिसी जो जिसको खाने के पैसे नहीं है, झूठ बोल रहे हैं, उसको बोले की आप धर दीजिये। हम आपके लि व्यवस्था करने मंदि और
और और कोई व्यक्ति नहीं है जो कि आर्थिक रूप से सहयोग नहीं दे सकता।
आप कोई भी ऐसा व्यक्ति भी है जो आर्थिक रूप से सहयोग न कर सके। ओके, इस मोबाइल को थोड़ा साल कर दीजिये। मेरा यह प्रश्न है की मै की ट्रेनिंग लगा तो हमें काफी चीजे सिखाई जा रही है और इसमें कई बार करे करते है तो डांटते है तो
कई बार मैं अगर अपनी बात करूँ तो मुझे डांट थोड़ी ज्यादा लग जाती है जिसकी वजह से में सुबह शाम
उसी चीज पर मेडिकेशन से
प्रयास करता हूँ कि उससे बाहर निकालो और घटना को करे करो लेकिन मतलब उसी मेडिटेटर
से बाहर नहीं कर पाते। मैं कोशिश करता हूँ
दाल पर हमको खुश हो या प्रयास कर अपनी कमियों को सुधारने के लिए और कमियों को सुधार नहीं मिले a
है
धन्यवाद थैंक
यू सो
ap ko thank media last question michel
महाराज जी आपने कई स्टोरी को बताया था क तो उसने आपने बताया बताया कि बार बार राजा और प्रयास करते थे और फिर जब परेशान हो जाते थे उसके बाद भगवान को इतना भगवान पहले पता बार परेशान 1 विजन है और इनका कहना है
क्वेश्चन है कि इन्दु महाराज भगवान को प्राप्त करने के लिए बार बार प्रयास करते थे और फैल होते थे तो परेशान हो जाते थे जैसे दुखी होते थे आकाशमानीहोजाते तो भगवान इतना क्यूँ परेशान 1 ही बार परेशान करके क्यों ब सुखी सुखी क्यों नहीं बोल रहे
दूमराजन
भगवान
ने भगरुपकेसाथगीला बहुत बुद्धि सम
थैंक यू,
आप भी परेशान होने से
थैंक यू हरे कृष्णा।
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