भगवान की सेवा कौन कर सकता हैं ? | SB 7.11.1-2 | 10 Jun 2023 | Faridabad | Gopal Krishna Goswami

Gopal Krishna Goswami discusses who can serve God, emphasizing that sincere seekers of any status can practice devotion through a guru's guidance. The talk covers chanting mantras, temple service, and sustaining spiritual enthusiasm when motivation fades, linking personal practice to community welfare.
Chapters
हरे रा रा रा रा हरे हरे
हरे देश का, हर देश का, देश
का, हरे हरे हरे राह।
तो
हो ग।
पर हमें क्या पता की भगवान श्री
हुए है
इसलिए श्री भगवान 1 और सबसे विशेष होते हैं श्री रूप। तो फिर हमें शिक्षा देते हैं डॉक्टर दे कोल एंड हाइनर स्टोन इस ट्रोल इतने काले ये को शील गुलाकर दर्शन देते हैं दर्शन दर्शन करे ही मारा करे कर दर्शन देते हैं उनके दर्शन करने से, उनके साथ ना से, उनके पीछे हमारे हो
करते हैं।
वि स विश्
बहुत विशेष है की सारे सवाल कर सकते है। जैसे गुरु का पता आज माने आशा लिए अपनी आशाओं को, शाम को, भाषाओं को कुछ कर भगवान चाहते हैं तो श्री गुरु, श्री गुरु करना क्या गुरु उसका पता इसे बहुत ध्यान से समझिये। मोबाइल मोबाइल फोन्स को निकाल कर दीजिये, कुछ भी कर दीजिए, दीजिये ऑफ़ कर ध्यान से हर 1 हमें इस संस्था बहुत ध्यान से सुन
हे ce दहगाह उलबहााालहा जा गोला लगा मल देराबगापेरावगा लाल रामरमा
चाहे
ले
के जाले ले राम आज के जाले
हमारे
हाहे kisan is अरे का आपको पीछे जनार colgate many sintesa so
seven seo lavnsersoknmb for to
भगवान atm मी नम मम नाथ न न शाम चाय चा तम मन न दे
शुरुवाता महाराज मिस्टी ने कहा सोरी खाना शोक संख्या सका श्री शुक उबाजाशीवरशुकदेव कोसानी ने कहा शुकवा सुन कर। इधिकमतथाब्रितंत, साधू सभा, सभाजकमजोपरवाजी तथा शिरडी जैसे महान परतों की सभा में चर्चित होता है। वह तब अफगनयाणसरीपुरुषों में सविशेष
निश्चित पूर्व
क्रम आज बनाना पूर्व पुरषोतम भगवान ने सदर अपना मन लगाए रखने वाले भक्त पदार्थ राज का, जो सदर और साधारण विधि से कार्य करते हैं। िस्टीरराजायनिस्ट्ी ने जै के पटेले और शुरू के स्वामी का दुगां प्रसन्न पुकराने पर्चा पछाजुयाकुनपनयम से स्वयं गोरा रामा जी के धनवाद
शु,
शिव सुपरेकोसाने आगे कहा भक्त, काला, महाराज, जिते कार्यकला तथा चरित्र की पूजा तथा चर्चा, ना, भी तथा जिनती
जैसे
महान भर करते हैं, उनके विषय में उसे पश्चात महापुरुषों में सर्वाधिक आदरनीय जदिष्टिपराजनेश्री नारदपुरी से अत्यंत पसंद मुद्रा में तुनमोपूछाशोसंख्या 2 शो संख्या 2 सरदार और वाद श्री मिनिस्ट्री भाषा महाराज मिस्ट्री ने पूछा भगवन के प्रभु सुनने हे 2 शाम छा है। या मानव सम भरवमवृतिपरतकारों को सनातलमसामानेतथा हेतु मिलते। वर्ण, आश्रम, आचारिक समाज तथा आध्यात्मिक प्रगति के 4 विभागों के समारकों पर आधारित, जिससे उमानलसामान्यजनददे शांति पूर्वक हो, कर सकते हैं, परम परमयाजिससेभप्ति प्राप्त जा सकती है। वाद जौगामारजविशय ने कहा ये प्रभु ने आपसे धन के इन धांतों के विषय में सुनने इक्षुकोजैसे मनुष्य जीवन के पर लक्ष्य भक्ति को प्राप्त कर सकता है। वे मानव समाज के सामान्य विधि, परण, कर्तव्यों तथा वर्णाशलधर्म के नाम से विख्या, सामाजिक तथा आध्यात्मिक पति की पाली के विषय में सुनना चाहता हूँ। सनातन धर्म का अर्थ है भीमाय सेवा। सनातन शब्द का अर्थ है वह जो शासक है, जो कभी बता भरोसा नहीं। अभी सभी परिस्थितियों में अपरिवर्तित रहकर चलता रहता है। हम अनेक बार वेचना कर चुके हैं कि जीत कर शासन वृति पर करते सनातन धर्म क्या है। इसकी व्याख्या जगह महत्वों द्वारा की गई है। जीवेलरस्वरुपवली रण के दास जीत का वास्तविक वृति कर्तव्य पूर्व पुरुषोतम भगवान की सेवा करता है। यदि कोई इस श्रद्धान से विपक्ष भी होना चाहे तो भी वह दास बना रहता है। क्योंकि यह उसकी शासन स्थिति है किन्तु मनुष्य माया भौतिक शक्ति की सेवा करता है। अत कृष्ण भावना में आंदोलन का उद्देश्य भौतिक की व्यर्थ में सेवा न करते पूर्व पुरुषोतम भगवान की सेवा करने हेतु मानव समाज को मार्ग दिखलाने का प्रयास करना है। हमारा वास्तविक अनुभव है कि प्रत्येक व्यक्ति, पशु, पक्षी यहाँ तक कि प्रत्येक ही सेवा करने का लगा है। भले ही मनुष्य का शरीर या उसका भारी फल बदल जाए, किन्तु प्रत्येक जीन किसी न किसी की सेवा लगा रहता है। अभी सेवा करने की प्रवृत्ति शाश्वत बिल्ली पारण करते धर फैलाती है। यह शाश्वत बिल्ली का कर्तव्य वनाशक संस्थान द्वारा व्यवस्थित किया जा सकता है, क्योंकि इसमें 4 व ब्राह्मण, क्षेत्रीय वशतथशूदनएवमचार आश्रम ब्रह्मचार ग्रस्त वाद का सन्यास होते हैं। इस प्रकार युदिशीमारायके बाला समाज के लाभ हेतु श्री दारतवणीसे सराकर के सिद्धांतों के में प्रश्न किए।
मे ज्ञान
मैं
बंदे हम शीर लिगंग
सारे गम का गम
किया। विश्व सर देश
से
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रे जो
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हे कृष्ण नारे हरे हरे राम रा रा रे
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ठीक समझे a प्लान बना है लीला को सुनकर जो ब्रह्मण जी, शिव जी है, अत्यंत है, भगवान भरखाहैरामफ हैं। महाजन बारा महाजन है प्रधान और प्रधान मान के लिए लॉग का गया और काम प्राप्त करते हो। हम लेते यह हे कि प्रधान राज के सुनकर भगवान ब्रह्मा जी, शिव मारे भर है, वो रुचि ली है, लेते हैं ध्यान में पॉपर्टी जैसे की जैसे पृथ्वी पर के सारे इस विषय की चर्चा करते हैं। हमे इन बातों के लिए
हम रुचि
जो मा भर से उरटी भक्तों के जिला उंका मन करे तो हम देश हम भजन के साथ करते हैं। और कुछ लोग उसे मन में जो व्यक्ति ध्यान से यह भगवान की सुनेगा उनके सारे तो पान और प्रधान हमें भी ना पड़े और सी का तो शुक्र यह कहा कि आप के ना है कि जा के विषय में दिया क्या कहे? मैं सुनना चाहता हूँ कि के नियम क्या हैं? जीवन का क्या लक्षना? what s कौन सर लेगा? यहाँ कहा जा रहा है कि मै। तो आप बताइए कि जीवन का जो लक्ष्य पंक्ति शिव भगत में इसी विषय के का वर्णन है। मुनि ने सारे मेरी खास की, जब भी उनने लगा था मेरे मैं कभी मिलेने गुरु से तुम्हे क्या का में केवल शुरभंजीकबदलेलया के बड़े ये पका के द्वारा सो गुनी से पूछते हैं। आप बताइए क्या है? जीवन धरा सो प्रभपाल कहते हैं
वे
रुपए दे रहा है। ये शो का उचारण से किया जा।
ै
काले सर माने के भगवान की सेवा ही है। इन प्रकार की परेशानियां है। सच बोले कुशन बढ़ती जा रही है, घने जाने बढ़ती जा। ट्रेस बढ़ते जा रहा ह। आज कल
गरमी
भी थी, उसे आप क्या देख? मे ने बढ़ते का देखो, वही बढ़ता जा रहा है। पृथ्वी पर फोलेफाफोलफाो या खुद ही पैदा हो जा रही है। पेड़ गिरते दूसरे पर तो देखा जाए। पौधे के लिए जो है बढ़ते जा रहा है। तो श्ीमनभगलनभमेंलेश मिलता है कि बना सकते है। देश मरा विदेश मा पूरा ज्ञान है। विदेश मराज को पूछने कोई प्रशन पूछने की आवश्यक शासन पढ़ते है कि परेशन पर पूछते हैं। भगवान ने इंगलैंड पर छात्र शोर डिलीस, प्रश्न पूछते हैं। तो अर्जुन आज भगवान के सनाधासाीेऔरकोई स्पेशल ही नहीं था मैं पर भगवान ने क्यों? क्योंकि भगवान तेरे वीजा या है किसी के पुरे भगवान ने अर्जुन बने से मातम मनाया जा रे प्रेशर ग्राम की सुरक्षा बहाने के लिए ये वो मादा गरम है। माधुरी घरमे क्या किया और क्या कहते थे? और यह प्रेशर जंगली थे औ ब्यास पर को base राज मे और आज के बदल में ऐसे नेता परा
ब्राज
विशे और संत को स्वागत जाता है कि अगर पेशा क्यू भी आय के घर में आपको क्या करने है? प्रसार प्रचार पानी pani shatru eric पीछे वाले को समझ में पीछे ज्यादा समझ में नहीं आ रहा,
पीछे रिपीट कर देते है
तो पीछे से कर देते हैं कि
है क्या?
आप क्लियर बोल रहे है
यहाँ पर?
सब के समझ में ही ना सत्या
मदिजसा आप को बार की आवाज की हवा कर रही
है।
सुन ने 1 मैं शाम को देखा, वो लू में था उन्हें शाम को लेकर चला के और किसी ने देखा विकेट क्या है भा देश हमारे भाई ज्ञान है, विज्ञान है। तो क्या साधन उद्देश है कि हर व्यक्ति को जोड़ना चाहिए किसने मारे
आल यू शोर करे को 50 साल से ना समा रिपीट करने देखिये, महाराज के
सोम सबसे इपोर्ट सेवन करना है।
अगर नहीं आता तो रिपीट कर सकते हैं। प्लीज बताइए
तो यहा पूछ रहे हैं क्या शिक्षा दीजिये, क्या है?
हमें शिक्षा दीजिये। इस जीवन का क्या है?
शास्त्रों के द्वारा, हमें हम में भयानक करता है कि क्या हो।
शास्त्रों के द्वारा हमें ध्यान प्राप्त होता है कि जीवन का लक्ष्य क्या होना है।
जी हा में कहते है
सिंह के समाज का भी भारत होना चाहिए। 4 और 4 r
तो
और ब्राह्मण
का समाय में होना है। mतपurहछबमसिसटम गुरू के आधार पर ये जिनमे किया जाता है कि कौन है ग्रामीण, कौन शक्ति, कौन व।
ग्रामीणों का समाज में होना बहुत महत्वपूर्ण है। और ये गनों के आधार पर किया जाता है कि राम ने कौन की
तो रामीण बनता है। गुलों
बराबर बार, दुखो के आधार है।
बाकी धान पर पहले महान चाहिए थे, जिन्होंने ये स्थापित किया। व्यक्ति ब्रामण बनता है। गुणों के आधार पर।
पर ने भर्ती सदानससुचिहमारे पहले माने जा रहे थे, जिन्होंने साबित किया कि व्यक्ति काम, मदार गुणों के आधार पर, जन्म के आधार पर नहीं।
नोट। विदेश से विदेशी, शिष्यों के साथ कई ग्रामीण थे। तो असली सोमीना सपदा चो को ब्राह्मण बना है।
रोकाजीजबविदेश से लोटे के साथ कई उनके विदेशी शिष्य बरामद थे। तो यहां के ल। उन्होंने कहा कि भर्ती ने हमारे जो संप्रदाय है, उसको लें को ग्राम बना लिया और कर दिया
है कि आप लोग जागरूक कर सकते हो
1 बार ऐसी
किसी ने पूछा अभी जादू कर सकते हो। 1 जादू करने किया है क्या हो 1 जादू उन्होंने क्या है हजारों मिर्चों को बल्कि गली में हजारो मिर्चों को उन्होंने देखा की जो भगवान की सेवा करना चाहता है ban तो समाज विभाजन 44 शुरू में होने से यहाँ राय पूछ रहे हैं ये बताइए उनका लैष कैसे पाप होता? हम सबको पूछना चाहिए यवन का लक्ष कैसे पाप हो? सबको के बड़े बड़े मा विद्यालय हैं और भारत में हर कोने में पासवाला लिखा है। और कहा भी यह शिक्षा दी जा रही है। जीवन का क्या है तो ये शिक्षा कहाँ से? वेद मंत्र रमी ले। वह भाग्यशाली व्यक्ति से क्या मिलता है? पर कह रहे हैं कृष्ण भक्ति की स्थापना की गई है। इस उद्देश्य के साथ ही लोगों को धर्म का ज्ञान तो वही गुजरने के पश्चात गेशी। इसे भी अब भी प्राप्त होता है। बीज है ये ज्ञान की भक्ति ही तो ये ज्ञान प्राप्त होता है। कैसे है हम प्रचार करते है। इसे आप विधवा भक्त आप में बड़ा सा है। मैं बहुत अच्छा ज्ञान ज्ञान ज्ञान की भी
ो।
जैसे माहौल ने कहा विज्ञान प्राप्त होता है। प्रॉपर ने कहा कि कि भक्ति में जुड़ते हैं उन्होंने उनका संस्कार बड़े ऊंचे हैं। तो आप सब जो हो आपके अच्छे संस्कार से आप कृष्णा पर क्यों जुड़े
हो
में कोई व्यक्ति जुडता है कुछ अच्छे संस्कार सो उभागेशरीखेजैसे भक्ति योग का ज्ञान पर। और ये भी ज्ञान का हो गया। पर ये ज्ञान और लाख कैसे उठा ओगे उधार लेते हैं। बीच का अभी बोते हो भी है। कब लागू से क्या करते हो? पानी तो पानी पर है पानी यानी की तुलना कैसे की? आप पानी पिलाओगे भी जुड़ेगा। तो भक्ति का भी अगले का ज्ञान आपने प्राप्त कर लिया। और इस ज्ञान का को आगे बढ़ने के बार में आगे जुड़ने के उन क क्या आवश्यक है? शरण के इतना सबसे महत्वपूर्ण है सब आप श्रीमन अनेक लोग क्या है, वह क्या है संदेश भगवान के नामों का उचारण करोगे तो क्या भौतिक आकश हो तो हम सब का प्रयास ना चाहिए। यह बहुत आकर्षक जगह है। वो स्मार्ट कर कि प्रधान राय ने भगवान के प्रसंता के लिए तो भगवान ने उन्हें कहा कर में इतनी कठिनाएं के वर्ड से बढाने का अगर मुझे वर्ड देना चाहते हो तो यह वर दीजिए कि भोत बिल्कुल समान हो जाए, बिल्कुल जमा हो जाए। तो हम सब को तो बाकी शबनम के लिए। पर पिता ने पूछा क्या सीखा तुमने सो? वे भी यह सबसे महत्वपू कई बार भाई पूरे क्या सेवा हम कर सकते हैं? हम के मत्पूलसेवा ruchi कैसे है? भगवान के नाम है अत भगवान जिला। वो भी पर जी या है विला की विवाह और विलय की उधवा बहुत आकर्षक। जैसे कि आपको बुखार होना है लिया जा में आपको टेस्ट जा नहीं। और जिस बुखार जैसे कम होता है इसे पेश करते उसी प्रकार हमें क्या करना है में ध्यान में केस को बढ़ाए रूप में कहते हैं। वह नाम नीचे है पर विद्या की बीमारी है उनको मिला इसका कोई उपाय है। उपाय मोदी समाज में आप समझ जाने पर उपाय का ज्ञान है। धर्म क्षेत्र में मां चाय ने, प्रभा ने समस्या इसका वर्णन किया है हो पाएगा भगवान करे अगर ध्यान से सुने क्या नाम होगा ये की बिमारी है तो हम सब पले हैं। भाई भी की मार से जुड़े है और भरी के मान में जुड़ने का मतलब है। ये ज्ञान है भरती योग ही पाये है। फिर आगे उन्होंने कहा कि इस प्रकार थे मंदिर, ये मंदिर की सुरक्षा के मांडी बॉल भी है और कोठी बनाते हैं बड़ी दीवार बनाते है। हमे अपने आप को सारी सन में रखना सारे से में होगे ये भर्ती, अब भी उगेगा ज्यादा छाने पीछे सुनाई दे रहा है तो बच्ची बीज गाले ये देखना कि वो सुरक्षित रहे को क्या करना चाहिए दीवार बनाने का और दीवार बनाने का है को रखना चाहिए। किस में सारे में रहना जी में 1 कहावत है मैंने जून में कंपलीट व्यक्ति का पहचान किया। कैसे के सागर के द्वारा तो संगत का असर पड़ता है पर अगर हम हार्दिक क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। क्या है मेलपूल सारुं शारुन में कठिन नहीं है। कई बार बार ऐसी नौकरी बिल होते है ज्यादा भाग रही है और आप शारुख प्राप्त कर सकते हो। आप ने के बाद सो सारी स में रहोगे तो आपका याद नहीं जान पड़े तो वहां 3 प्रकार की संगत हो सकती है। 1 है उनकी बच्ची में आपसे क्या है आगे दूसरे हैं बच्ची में आपके से कम तो सन सन भी हो महत्वपूर्ण है और न उनका क्या भाव मे और आज प्राबागेकेपरधे आपके देवी शहर में हो रहे हैं। 1 समय था पापा जी ना धलबंदरमेनवास, दिल्ली और जाल को प्रात से पहले टाइप करते है और प्रॉपर के पास टूटा वाला टाइप और करते कई बार कहते हैं मैं कहता हूँ कि पर अब भाई, अब गंध मो बाट रहे थे। उसमें ज्यादा वक्त नहीं है। वन मैन, वन वन मैन अनुवार करते थे, बाटते थे और वे आगे मदद भाव था की सारे पहुंच बाकिसीदादाजी ने बाइक तुम पढ़े लिखे युवक हो ले जा वहाँ पर देश का और ना करने के पश्चाद भी प्री पीछे तो प्रॉपर जी के साथ में कृष्ण भावना संस्था का फूल देश्य है। मानव समाज को ये देश देना क्या जीवन आप सब से पूछा जा है। आप कैसे जुड़े कृष्ण में क्या मिला है, कैसे जुड़े करेंगे, किसी ने आपको निमंशनलिया, किसी ने आपको घर बुलाया, किसी ने आपको गन को पढ़ा। इस भर की संगत मिली। आपने जीवन तो इसी प्रकार बह गई में चोल और लगभग साल क्या कितने से छाल, उनमें देर भाव। उसी प्रकार हम सबको देर भाव होना है। वहीं से देश को जैसे अपना भाई गया हुआ है, दूसरे को पर्चुर तो न संग में रहोगे तो में कुश की चर्चा होगी। साली संग में रहोगे तो विज्ञान पर जरूर। कई बार हम देखते हैं कि भग हैं साली से कई बार झूठ जाते है लगता है कि वह रुको कोई व्यक्ति आपके को निकालना है, वो आपका नाश मिलता है।
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उनकी से, समय के वल चाहते या आप को अपनी तारीफ खुश। ये कमी है हम उसका बुरा मान हमें या मिले कभी तो चाहे उनके समान जो आपके समान देते है। सान को। 1 साथ जोड़ दिया होगा, जहाँ गंगा ने 1 साथ से तो। इसी प्रकार इस संस्थान में अनेक भाग से, अनेक बैकग्राउंड के भाग से, और में हमें क्या करना है। 1 न कर भगवान का शान है। आप चौथी पुछी परची सेल से मणानरीरे और उन्हें भगवान बड़े प्रसन्न हुए थे, क्योंकि उन्होंने तपस्या की थी। तो भगवान ने कहा मैं तुम भाइयों से संतोष क्यों? क्योंकि तुम सब में 1 ही भाव है, क्या है? इसलिए मांगो क्या होना चाहिए? तुम भगवान में 1 जो तो है प्रयास कर रहे हैं। सेवा में जुड़ने के लिए। हमारा क्या भाव होना चाहिए भ? dont try to see krishna
so my god।
भगवान, तुम इस प्रकार का क वार में देखने चाहिए। श्रद्धा से सजे सेवा करें भगवान सो अपने आप को। रानी ने कहा कि ये जो भक्ति का बगीचा है, सुन्दर बगीचा ये नाश हो जाएगा। अगर आप क्या करोगे। 1 पागल हाथी अंदर आया किसे तो अपराध निक प्रकार से पल में सावधान रहे और अपराध से बच सकते हैं। कैसे ज्ञानी में लेकउधहरनहै इस ने अपराध विषय में सुधार 1 बग से श पिछली बार से में रोज के दे तो खायेगा इतना आदर मिल रहा है। तो मुझे कुछ करना चाहिए। उसकी। तो मुझे क्या क्या पूजा का सारा सामान रख लिया था श्रीवास सोशी दरवाजा के शराब भी देखो पडोसी। मैं क्या हूँ मैं हूं दुर्गा का हूँ। तो इस ब्राहमण को क्या पहना हो? माँ प्रभु को मिलते थे तुमने शिवा जैसे प्योर भाई अंत में शिव जी को भगत है वतन दयालु और 1 पछेजिलचेदेनाहो जब यम तन कर रहे थे तो शिव में के प्रिय भर थे, उन्हें ही अंदर आने का अधिकार
देना हो।
अपने दिवेदी तो को रोक दिया था अंदर आने से तो झाएथलान कल में आया था हमारे भक्तों ने। मुझे ले की तुम्हें किसी प्रकार की poतिसु वो खुश होता है तो हमें अपराधों से बचना चाहिए और हम सुबह में जैसा अपराधों के का उचारण करते तो हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि जो अपराध है केवल नए बग, नए पुराने, बॉस, लोग, पुराधा, प्रभाव सब बहुत जने के दिन जाना कि हम अनेक जरूर है अगर हम अपराध से नहीं बचेंगे तो क्या इसलिए हम उन्हें राजन से वनडे बोझने nam हर स्थिति में नाम आप शराबी हो उचा पूरा लाभ उठाना चाहे होना चाहिए अपराध और ध्यान को। और क तो हमारा प्रयास है और अपराध और अपराध प्राधन रिणाम होता है हमें परसे मेरा नाम दमजंपुरपुरीेरिका पुरे जग पूरी फ पुषा सन्यासी में देखो सन्या धर्म दिया है।
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बढे 1 दिन वो कमरे में कमी का मौसम था मौसम और मौसम में चीटिया है वो भी क्या ऊपर आ जाती है तो uri गए हाँ बहु के कमरे में, उन्हें देखो सन्यासी इतनी ले। ये चीजें, जल्द ही हैं इससे, क्योंकि आंखों में मिटा मां, मां बाबू पर गंभीर भक्त है और उनका बड़ा ऊंचा स्टैले। कभू ने कहा कि सनाजेकेचिमे किसी पर किसी 1 से फ्री चादर में 1 काला दाल अब दूर से देख रहे थे, इसलिए फ्रिलांस पूरे किए। लोन को गंभीरता से लिया। न खाना न तो ये पढ़ उनके गुरु का नाम था। रामपुर। गुरु के थे। मैं प्रेम प्रार्थना किया की वे गया वो क्या। जब उनके गुरु रचना कर रहे थे, वो कहने लगे देखो मन का। अब मन का चिंतन कर। हमने तो उसकी तुलना में को, मुंबई से नाम था। उनमें क्या था, वो बड़ी दिन से उनकी मदद की और गुल में क्या करोगे सो। हमें प अपराधों से बचना चाहे और अपराध में आप। अनेक सातवें में पर बड़ा बयान है। आजसे हम ऐसा करते हैं, करते हैं, हम देखते हैं कि उसके घर कुचलते पढ़ते हैं। पर हमें भगवान से फर्मों के अनुसार सब बुर सुख प्राप्त होता है। पलारमाजकहतेहैंए मोर, ग्रेटली, तुम्हे 1 बून ज्यादा तुम उपयोग कर ही होना पोधे। जुड़ जाते हैं और ध्यान लगाने के लिए मैं तुम्हें उतना ही सुख। मिलेगा न तुम्हारे को इस से क्या हमें जुड़ना चाहिए ध्यान। और यही बहुते का में बहुत काम है। असली सोच चाहिए, क्या है? क्या है? लोग यह जानते कि असली इसको कैसे प्रात है तो हम सब बड़े भाई शाली हैं, कि प्रावार से जुड़े हैं। मारा कि हम इस भक्ति योग में सफलता पा हते हैं। भरने पड़े पर कृष्ण भक्ति को स उस भक्ति के मार्ग में सफलता चाहते हो। हम सुनाएंगे रानी, गुरु, उत्साह, बगली जुड़े हो। आपको उत्साहित होना चाहिए। युवा सच है। कई के हमे सेवा करनी है। ऊँचा पद व सेवा में। भगवान की सेवा में। सफर ने जो भी सेवा मिले वो सेवा चाहे। छोटी सेवा, बड़ी सेवा, चाहे भंगी की सेवा। आपको जो बी में हमें साइज होना चाहिए। और यह देखना चाहिए। चाहे तुझ से भी हो। भगवान देखते हैं कि मेरा भाई क्या कर रहे? भगवान देखते हैं। मेरी खुशी में हर प्रकार का से आ रहा है, बाल से प्रसन्न होते है। आपने देखा होगा कि उमीदवारों में लो कर ले। शादी सेवा ने के जुदा
होगी। द
बगली के मा बकरी 1 प्रकार के चैलेंज 1 प्रकार है। कुश्ती आ रही है? जो भक्त हैं वो हमारी सिटी में प्रचार करने का प्रयास करे, वो हमें दर्द हो जाए। धन और आय। कृष्णबोल जुड़े और कली वो 52 तो रूप ग्रंथों में आप ज्ञान रात करते है। क्या? किस प्रकार से अपने आप को जाने में, जीवन में सफल बना? सो? विदेश बनाने का प्रेशर क्या था? क्या था फर्जी? वो चाहते थे कि जीवन का लक्ष्य क्या है? वो ज्ञान, दीजिये और ज्ञान? कृष्ण कृष्ण का मूल उद्देश्य क्या है? सारे विश्व को भागी सिधा थे। अगर इस विश्व में किसी चीज की कमी है, किसी की कमी है। विज्ञान ही दिर विज्ञान और कमी कैसे? ताओगेतोहै पूजा में काफी उत्साह है। आपके के भर प्रयास करते हैं। हर साल लेकिन में और न क्या कहते हैं सब भक्तों में सबसे कौन है और के यहां से जो है सर जब हम का मंदिर बनाए, हमारा भाव क्या बना जाए अभाव होना कि भगवान इस घर में रहे है और जब आप अपनी कोठी बनाते हो आपके सुंदर कोठी बना भगवान, मंदिर व भाव भी प्यार होना। कई बार लोग कहते हैं हिंदू लोग इसे मंदिर बनाने की क्या आवश्यक, मन की बहुत आवश्यक। आज भारत में कोने कोने में आपको म और मंदिर लिखेंगे बोले सो आज बहुत आवश्यक है ये मेरी की तो इसको है लुकेशन इंस्टीट्यूशन इसको सरसा क्या करे, ज्ञान का प्रचार करे, भगवान की शिक्षा जो ज्ञान है लाना चाह। हमने आर में कहा था जो भगवान के भक् हैं, रुचि लेते हैं। दूसरे भक्सउनकीडिलाओ में सो भगवान के जो भक् है उनकी बिना को दिन रात सुनोगे तो भी रोग भागों की पड़ती आप आपको लगता है। तो रोगी ना। तो हम हमें बॉस आकर्शन घटाना है और ध्यान कई बार लोग भक्तपुर से हैं हम रूची कैसे बढ़ाए हर नाम में, हर ना में, रूची कैसे बढ़ेगी कैसे बढ़ेगी हर इने ध्यान चालन करोगे उन्हें तेजी के साथ नाम में भौतिक आकर्शन कैसे कहलाओगे और धार्मिक आकर्षण बढाता है सो हमारे अच्छा ने हमें पूरी शिक्षा दी है। इसके उपयोग से आप बार में सब हमें करना चाहिए। इस उद्देश्य को सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य मन बनाना है। और प्रॉपर्ली कहते थे आप 1 कदम दोगे भगवान गोल है 2 दोस्तों के मदद करते या हम सब को ये भाव यहाँ प्रयास करें। इसलिए अलग क्षेत्र में आगे बढ़ने जिस प्रकार बालि क्षेत्र में अब नौकरी करते हो आप आगे बढ़े ruchi shastri प्रयास
करेंगे
so में शिक्षा की मांगे हैं के इस प्रकार से हम भक्त जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और शादी संग में रहोगे तो ज्यादा सरल हो जाएगा साल संग में रहोगे तो आप गुणों को तेजी से अनुकूल कर सकते है। शादी संग में रहोगे तो ब बुरे विचारों से और या
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patio ये है sim pascoe समय फिक्शनों के लिए छोड़ रहा है आपको पीले सुनाई दे रहा था
थोडा प्रशनों के लिए तो
अभी तक पर
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hi kasa
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ये की हम लोगो को वचलीमेंउत्साह रहना
चाहिए तो मैं अपने विशेष सवाल करूंगा
कि कभी तो उत्साह रहता है कभी नहीं रहता है तो इसको किस तरीके
से हम हमेशा उत्साहित हमेशा पत्नी में
उत्साह
कई बार देखते हैं तो नए भग होते हो, पर होते हो और समय साथ उल्टा कम हो जाता है तो नान मुनी कहते है कि कभी जिस प्रकार 1 बीमार व्यक्ति है वो इलाज करता है वो दवाई लेना बंद कर देता है तो क्या होता है कोई बीमार का लैप्स हो जाता है तो हम शुरू में साइज होते हैं साधना के वक्ष में सालना सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है अगर आप भी सा हो तो भी साधना i m जो नियम है जो हमारा चाय है उन्होंने अभी मन से कुछ ज्ञान पैदा लिया उन्होंने रूप या तो अगर आप जैसे कि कहा जाता है। सुबह के समय नाम का जाप कर। लो का बड़ा प्रभाव पड़ता है। तो अगर आप नियमों का पालन करते जाओगे हमेशा उत्साहित होगा अगर शुरू में उसे बाद के बाद में जिले हो जाओ तो क्या होगा। उत्सा होजाएगा सो उत्साहित रहने के लिए ये अवश्य है तो अपनी माला का जाप करो। माला का जाप सबसे महत्वपूर्ण है और साल घर में रहते हो तो भी कोई आप जभी भी नियम बना सकते हो। जाप करना ना। salt ale okay बहुत बहुत धन्यवाद आपका
नाराज।
मेरा प्रश्न यह है कि जी पूछा की उत्साह निश्चय।
जैसे जैसे हम 1 पुराने होते हैं
तो वो धरने जो है वो कहीं
कभी कभी उत्साह को रखने की पर
इंटिपेंडेंट है तो धारे रखो तो पता
नहीं चलता हूँ धरे रह साहो बनकर रहे।
तो कैसे इस चीज को समझे की भगवान की कृपा भी के ऊपर सब
कुछ आधारित है और प्रयास की करते
रहे है तो कुछ समझ नहीं आता कि उसको क्या समझ सकते हैं। आप अपने प्रयास कीजिये और फिर आपके कर्मो के अनुसार सु का कोटा है। प्रयास के मकान मे कर्मो का क्या
है
ना बड़े कोटे से ही प्रयास करो डों ओवर लेवल इतना प्रयास मत करो भर्ती की विधियों का पालन करने के लिए कई बार भरते सोचते हैं। हम 4 साल 5 साल प्रीमन पैसा कमा लेंगे, रिपरेट करेंगे हो जाएंगे और इससे में भक्ती कमजोर हो तो a banensprogram
माताजी का पर माताजी को दे इधर इधर
जैसे को किया तो उसके 1 बार अगर हम नदी बनते है और प्रसाद में अगर हम अपना कंट्रीब्यूशन नहीं सकते हैं तो 1 अच्छा तो है दादाजी मैं आपके सुनना चाहती हूँ हूँ की छल जी,
अगर हम केवल भजनानंदी बनते है यू डोंट प्रीच तो ये है
पाजी को भजना नंदी बनता है तो चाल नहीं करता कोई 1
प्रकार का छल है in log
में
कई बार जाएं पर उनमें कोई रुचि नहीं है। वो
हरी करशणाहरेशराजआके जब मैं प्रेशर से अपने क्लास में बताया कि आज के प्रवचन में कि हम देखते हैं, समाज में क्रेज बढ़ता जा रहा है, सफ्र्स बढ़ती जा रही है तो हम यूपी पढ़ते हैं, कहीं पर हो रही है, स्कैरिंग हो रही है, लोग लूट रहे हैं तो जो समाज की स्थिति है, बहुत क्रियेट करती है, दिख रहे हैं, मैं भी कम तो नो दिस सो ऐसे की वोटिंग हम साधना भी करते हैं, लेकिन व देखते हैं कि वो साधना को सीज कर लेता है। कई बार तो हम कैसे अपने आप को स्ट्रॉंग करें व कृष्णा गुरुमाराज
घटनाएं आपको दे। nicl yha se come back in is no preach क्लेश को भी भी हो जाता है श्रद्धा पर, जो मंथन 2 भारती में है और प्रधान घामे
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question is right for for mikhselffomly, the beans lotofermhadwaen about such things happening तो मन में भी भरे की हमारे साथ कुछ दुगा हो गए, स्टे कैसे दिखाए
ये बात सच है, जो दुर्घना देख रहे हो, हम उसको हुई। you get shakti y चिंता से भरे हुए ा अगर तुम मां फिर ठाकुर
मेरा बात की मुझे आज आपके सामने
बैठ कर के इस नेचर को सुने
का
जी की बहुत बहुत।
2 मैं आज आपसे पूछना चाहती हूँ की इस भौतिक जगत मे हमारे साथ में बहुत सारी परेशानिया आती है, चाहते हैं। कभी कभी हमें बहुत ट्रॉंग डिसिजन लेने पड़ते है उसके बाद हमारे साथ जो परिस्थितियां होती हैं वो काफी अच्छी होती है तो फिर होती है लेकिन हमारे अंदर दिन में 1 पेशफामबंमेंआकरके रहता है 1 अंदर से अंदर ज्ञान के जो कुछ भी हो है वो प्रभु की अच्छा से होगा उनको हमेशा होना चाहिए हे इस वजह से वन वे कभी बहुत ज्यादा उदार जवाब नहीं आते हैं लेकिन कई में 1 ब्राउंड भी डेवलप होने लगता है कि हम तो भगवान की शरण मे भगवान, हमेशा तो ये ग्राउंड जो डेवलप हो जाता है उसको
कैसे कंट्रोल करते हैं हमें यह सोचना चाहिए भगवान जुड़े हैं हो गए है वो किसी प्रकार की सुमन से नहीं आएगी पूछा में दीक्षा ले भी लेते हैं। जुड़ते हैं इस बात से क्रमों के अनुसार सुन का कोटा का वो हमें खुशी दे, हमें मी करने चाहे, हम बर्फी में जुड़े हैं बिना ये दुखा
सबसे पहले तो कॉल कर। प्रथम बात ऐसा 2 दिन बाद मैंने सुना तो 2 दिन बाद में शो मे महाराज वायु और प्रश्न हमारा जी बस यह है कि जैसे हम देखते है मारी द्वापर में विपदा चुकी हो के शुरू है और मै में जैसे की विश है वो भी शुरु तो जैसे को एहसास होता है कि जो है राल के साथ नहीं है, हॉस्टल के साथ है तो वो सबकी प्यार देते है और खुला करोगे तो ऐसा क्यों हुआ कि चूँकि वो भाग में ने काफी धन पाने है और वो शराब है कहीं कहीं तो ये डिफ्रेंस क्यों साल यूशन अलग अलग
give up
a man in to sal, but isn is a margin still in die
for islam and go for a beta,
you
deut is a comes and were very metoo and see the benedaction
movement of
pi
बोल
भावा के योग से विश्व का किशन करने के लिए बाबा ने ट्वीट किया कि महाराज
सोम।
एसोसिएशन ने नेचर के दौरान बताया था कि हमने अपनी भक्ति को भक्तों के संडे
पर
जैसे आते है उसे सुनते है करते है और जैसे ही बाहर गया तो जो पुरानी आदत का पैशन होता है कि वो हावी हो जाती है, जो कि हमने सुना है उसपर वन करने की कोशिश कर रहे है उस समझ उसको जीवन करना बड़ा मुश्किल आदतों के कारण हैविंग, गुरिया था उस
इंप्रेशन को कैसे पता कर रवि मल
दे
मगर के पर कहते है जब भारती के मान जुड़ते हो निकाले तो उस पर गुस्सा तो purane buri
थैंक
यू
आपने पा की भरते संग में फैंसी भक्तों के संग में रहते है तो वैश्य जा बात कर रहा बच्चों भूल जाता है तो फिर भर्ती में डील दोनों चीजों में बैलेंस
श क्यू
होता है
हमें काम को लोग बढ़े और जब भक्तों के संग में है हमें। पबाजीकेले सर के गुणों को देखा। जो भी भक्त में देखो भने क्या, गुन वो हर भर में कुछ न कुछ गुल नहीं है। भाव क्या है उसकी कमी देखो कोई
2
कि मोगा के कैसा पढ़ते हो। मोगा प्रयास था कि माँ बबू की कोई कोई कमी निकाल तो अंदर मां बबू परशान रहे थे। 4 प्रति खिला रहे है। हम लोग दीवार के साथ गानों को जोड़ कर ध्यान से देखा कोई गलत चीज निकल जाए मा के मूह से तो हम कई बार बक्सों की कमियों को देखने में है और गुरु को हम देख ले। said we like a be and other
question
in
marg, thank you very much
for asian
ass fifty rss ऑफ फोर वीगन्स अभी मैं ग्रस्त, हूँ और वानबरसपचाससीतैयारी
कलयुग में one on freset
गुरुवार का सोना चानी
सन्यास लेने की आज आवाजसे
है कम्प्लीट सरटेकोरशक्याहोता है की हम हमेशा शंकाके ये क्या होता सभी कम्प्लीट सेंट्रल
के ये अब घर छोड़ 2,
वे
को छोड़ 2 और अगर आप में हो। अब में रहो मेरे विधायकों का पालन करो और
साधु बने।
विधा अध्याय में हम के श लेकर किस प्रकार युवके को प्राप्त कर सकते लाबुनीनेीदियाेकादा की वी एसर को कमाई करने को वो कमाई करनी चाहिए। उस सालू की सेवा में योग विशास
धन्यवाद दे
रहे थे। बतीस बकतीसंे बोलते है की हमारा भाव होना चाहिए की मतलब भगवान को देखने में भी होना चाहिए, हमारा होना चाहिए ऐसी सेवा की भगवान है तो मैं सेवा करने का प्रयास करता हूँ। नाराज पूजा पूरी तरह से जन पूजा
हो सकते है।
हमें ये नही होना चाहिए भक्ति में जुड़ते ही।
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