गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारी | SB 7.14.1-2 | वृन्दावन | Oct 31, 2021 | श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी

Shri Gopal Krishna Goswami discusses how householders can balance family duties with spiritual practice. He addresses concerns about children's education and emphasizes that sincere bhakti coexists with responsible family life, advising focused effort, virtuous company, and honest self-assessment over comparing yourself to others.
Chapters
hesaeazehaygesa
program,
यह सब है
और
ये
प्रोग्राम जो है
उसमें यह आश्रम क्योंकि
आज जारी बनती है, उसके वश में थोडी चर्चा
सुनाई दे रहा है पीछे। हम आपको श्िमलनिधमकेसाजिसखन के चौधरी जाय के 2, श्लोक पढकर, सुनाए
pro,
श्लोक नंबर 1 और श्लोक नंबर 2
shree jadevanmatis महाराज जी
से पूछा
फेशnफेजममसी कृपा करके ये बुद्धाय कि जीवन लक्ष्य के ज्ञान से रहे। भारत पर रहने वाले हम लोग इस तरह लोगों के आदेश अनुसार सरलता से मंदी प्राप्त कर सकते हैं। आप वात की पिछले नागनमेपतलातेेहै कर्मचारी। वन पर सत स इस किस तरह करना चाहिए? शदपरकलोेपरपिशान बाद वर्ष कर। सन्यासी के आगे ने किया। एम 3 आज यह देश पूरे लिए। अली अबे हाल में लचलिपीीनोआरसमे विश खानेकी बनी, जबकि विरंज में मैं। इसलिए लाज वाल संध्या करे। क्यूंकि ये बतादे कि मै ले की आवश्यकता नहीं है। हिंदू, जो बैठी छु इच्छुक हो, उसे किरोन के लिए साथ ही सदा पाया। यह सब से थे। इसलिए उन्होंने अपने आपको ग्रिड ग्रीली। अर्थात जीवन लक्ष्य के निचे ने पूर्व नया जान बनकर दूर किया। वेस्ट जीवन बिताने वाला ले की निश्चित रूप से जीवन के वृक्ष के बारे में अनजान रहता है। उसकी बुद्धि बहुत बड़ी चर्च है। अब 1 जितनी जल्दी हो सके मनुष्य को चाहिए कि घर के सवजासंफलदजीवनको छोड़ दे और हज्या तैयारी रे। बुध का, विसरतेिअपनेपतो को देश उनके अनुसार
हमें
कर दे, तपस्या करनी चाहिए। मनुष्य के इसी तरह से जीवन का चरम बच्चे पूरा करने के लिए जीवित रहना चाहे। अनुवाद सर महरा मनु ने नाना से पूछा हे स्वामी। हे सी। पार करके बताए कि जीवन कब छि? जान से नही। भारत पर भर्ती वाले लोग इस सनबदेलोकेआदेश के अनुसार सरलता से प्राप कर सकते है। दूसरे श्रोता नारपुकोनेउत्तर दिया, हे राहुल। जो लोग घर पर हस कर कर रहे हैं, उन्हें अपनी जीविका आगे करने
के लिए
काले करना चाहिए। औ और अपने कारकों का फर्म स्वयं होने का प्रयास कर के इन घरों को वजदेवश्नकोअरनकरना चाहिए। इस जीवन में वासवेलकोइसतरह किया जाए। इससे भगवत भक्तों की सुलझे माध्यम से भी सीखा जासकता है।
ध्यान से सुना भक्तों ने श्रीमद भगवत में हर विषय का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और साथ में नंद मुनि शिक्षा देते हैं कि ब्रह्मचारी की क्या जिम्मेदारी होनी चाहिए, वन की क्या होनी चाहिए, सन्यासी क्या हो रही है और
उनकी क्या होनी है।
इस अध्याय के प्रथम श्लोक में युतिश उन्होंने कहा कि हम सब अंधकार में हैं, अज्ञात में है और आप शिक्षा दीजिये, खास करके उन व्यक्तियों के लिए जो कि सुनाई दे रहा है, जो कि शासन के आधार पर जीना चाहते हैं। ये हमें ध्यान से देखना चाह। शमा ने स्पष्ट कहा कि हम जैसे ज्ञान लोग जो घर में रहते हैं, वो कैसे जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। तो आप कहोगे देश माज के पास क्या ये ज्ञान नहीं था? युदिश्रमाराज ने 1 प्रश्न पूछा की। इसलिए आप सब भक्त होंगे। आप सब भक्तों के सुधार के लिए। यदि महाराज, यदि महाराज का, जो यह
प्रश्न है, बड़ा महत्वपूर्ण है, खास करके उन भक्तों के लिए जो कि वीसा में घर में रहते हैं तो शास् में
शार वर्ना और 4 आशयों का
वर्णन किया जाता है और ब्रामण
to gas
आश्रम जब करता है जब हम सास के आधार पर करते है और मा पूछे थे शास्त्र के आधार पर
हम कैसे जी सकते हैं? तो हम सब का आज कल के
है उनका भाव क्या होना चाहिए कि
शास्त्र पर आधारित क्या शिक्षा है किसके लिए?
to vati
में परछाई का पालन होने
से भगवान क्या कहते है?
3 चीजों को kveetagaयाwten तपस्या तो ना
दमुनीेशमनाजके प्रश्नों का उत्तर देते
क्या? सबसे पहले तो उन्होंने कहा जो गिासताआश्रममे उन्हें कमाई
कानी आश्रम में है, कुछ काम नहीं करें, उन्हें नोटिफिकेट चाहिए और
उन्हें ये सफलता चाहिए कि ये जो सफलता प्राप्त हो रही है ये किसकी हार के है और आप हमे ये ज्ञान देगा कौन कि हमारा क्या कर्तव्य
बनता है तो क्या कहा, क्या कहा ये ज्ञान तो भगवत प्राप्ति और अगर
आपका यह लक्ष है आप ज्ञान शिक्षा
प्राप्त कर सकते हो बगुली शंगर से। तो
अगर हम शालुनी संगर में रहेंगे तो क्या
हमेशा फिर याद
क्या बात
है तो हमें शासन शिक्षा के आधार
पर हर का और शासन में हर
प्रश्न का उत्तर है। तो
आवाज लीया
के प्रभु भारत की यात्रा में थे और चेतन में अपने
प्रचार से पूरी प्रजा को वैश्व बनाने
सीधे प्रभु दक्षिण भारत की यात्रा में
थे तो 1 ब्राह्मण कुरमा के घर
में उनका स्वागत हो कुरमा था वे बड़े उत्साह से उनकी सेवा की
और कहा कि मैं गेस चाहता छोड़ना चाहता
हूँ, मुझे अपने साथ ले जा। a
a a chethrekrisnajd hari
and we gori
is prakar to hamesha mere sath
e, मैं सदा
तो हमे
में ज्ञान प्राप्त होता का शासन शासन के द्वारा और जामुनी ने कहा कि साधु संत द्वारा, आरबी शिक्षा को प्राप्त क तो हम सब का
ये उद्देश्य है, इस साल में है।
तो आप जैसे जानते हो ये
खाते का महीना इसकी क्या खूबी है, क्या है सब महीनों में सबसे
है और कार्ती के महीने में कहा जाता है
कि अगर कोई तपस्या करें और
सेवा
करें उसे क्या हजार गुना लाभ प्राप्त
होता है और राज्य के महिने में
दाम रश्
चारण के जो बवाल की अनेक ले लाए हैं जिनमें 1 लीला
है, कौन सी दाल पड़ोस की जो गोपियां हैं। बकैदा
शिकार करती थी, इस माई क्या
क्या तुम का बेटा हमारे घर में आकर मक्खन चुरा लेता है। साधारण समाज में अगर कोई आपको चोर
बुलाए आपको अच्छा लगता है,
कोई कहे राजा चोर अच्छा लगेगा नहीं पर भगवान को हम कहे मक्खन?
चोर भर बड़ा है
तो बकायदा गोपिया थी, शिकार करनी थी
या वो बेटा क्या करे,
मेरा बेटा आपके घर में
क्यों जाए चोरी मेरे घर में क्या
कमी के पास कितनी no la no अाज
बड़ा
तो 9 लाख गाय थी और
उनमें से
20 गायें ऐसी थीं
जिनके द्वारा सुगंधे दूध प्राप्त होता था
और सुगंधी दूध किसके लिए रखा था। bhagwan to somata शेर परोसे गोपियों का mखनमेरेम्खनसे ज्यादा टेस्टी है।
तो यह था उनके घर में बैठ।
तो गोपिया शिकायत करती थी कि आपका बेटा हमारे घर में मन को
माता
की थी तो आप इन मक्खन को छुपा 2 इतनी ऊँचाई पर वो पहुंच नही सकेंगे। उन्होंने कहा हम ऊपर पे छुपाते हैं, पहुंच जाते हैं, क्यूंकि उनके घने पैने
थे
रोशनी से बचा लेते हैं का तो इस प्रकार जो गोपिया हैं। और शिकायत कर रही थी सूरहमादासेतोसोरहमादा मन ने, क्या सोच रही थी शेयर रोज
की गोपियों के घर में ज्यादा अच्छा मकान है और जब गोपियां शिकायत करती
थी तो क्या कहते थे और कोई प्रबल है क्या कोई प्रूफ है कि मेरा बेटा तुम्हारे घर से तो रोज की 1 गोपी थी जिसके घर में
बकैदा भगवान उनके मित्र जाते थे
मकन
चुराने के लिए, तो ये गोपी गई
थी स्नान करने के लिए और समय
से पहले लौट आई sme pale loda
pakda
bagan code to fir
no i have the pro तुहार ma कहती है प्रभाल नाओ प्रभाल नाव हमरे पास सुबूत है तो उसने भगवान के हाथ को अपने जहाज से पकड़ा और भगवान को
हाथ को किसने पकड़ा था इस गोपी
के बेटे ने जब जारी थी बड़े उत्साहित हो के अब मैंने प्रूफ है मेरे पास, अब मैंने पकड़ लिया तो
भगवान या गया अपने हाथ को
उस
गोपी के हाथ से चुपचाप निकाल दिया और
वो गोपी का जो बेटा था
उसके हाथ को उसकी माँ के साथ
जोड़ दिया
ये गोपी पहुंची में क्या
कहा तुम कहते हो कोई प्रशा प्रमु प्रूफ लाओ ये है देखो तुम्हारा बेटा
उसके हाथ को पकड़ के लाई हूं। भगवान ने
मेरा बेटा मेरा बेटा तो
अंदर मक्खन खा रहा, गोपी ने देखा
सच मुच मकर तो के दे सब के हैं।
तो सुनो mata 1 दिन
जल्दी उठ
गई और उनके घर में बल में
हजारों नौकर थे और सारे व्यस्त जुड़े
अपने
का का कहा कि मुझे अपने हाथों से मक्खन बनाना, क्या कारण है मेरा बेटा पड़ोस के घर में जाकर न जरूर जो मन है वो जाल। तो सवादा ने क्या किया अगवान सोये
थे पर वादा मर्केटर और भगवान उड़
और भगवान की राज राज भगवान ने बता दे निस्तान में दूध लाया और भगवान को क्या किया 1 कि
पेकर
टूल और जब ना माता यह दूध
का मक्खन की तैयारी कर ही थी
तो उन्होंने 1 गीत बनाया था वो गीत में क्या था भगवान की लीलाओं का वर्णन, पर भगवान जब प्रगट होते हैं अदभुत लीला प्रगट करते हैं, जन्म
मेरा प्रगट होना, प्रगट होना, दोनों ही बिल्कुल दिव्य।
जो व्यक्ति यह समझ जाए वो तो परम भगवान हमेशा अद्भुत लीला पड़े तो क्या करे थे। वादा ने 1 गीत बनाया था जिसमें उन्होंने भगवान की लिये हैं, उनका मन था सबसे पहले भगवान ने कौनसे स्कूल
का व किया,
कौनसे कौनसे
कौ कौन
से सुर का तो सारे हुआ उन सब को लेकर उस
गीत बना लिया।
तो जी कहते हैं कि हम सब का भाव क्या होना चाहिए, क्या हमेशा भगवान के दावों का उचारण करें, कलयुग में क्या है। उपाय है हमें गीत बनाने की आवश्यकता नहीं। हमें यह महामंदाईउचारनकरना शुक्र गोस्वामी से परिषरभारनेपूछा ye बताओ i r case gun का krishna आग धन धन किसी साल को
दे दिया तो भगवान को प्राप्त कर।
रोगी, अगर भगवान उनकी प्रतिनिधि प्रसन्न है। देखते हैं कि तुम हम प्रयास करने
हैं शासन के आधार पर। फिर वो हमें
god दोज दोज क्या करते हैं? तो आप प्रयास करोगे। तुम्हें भगवान के
pryas
तो भगवान रहे
थे
mata in peas,
e
o
a
a e
a me ma ke best he, उन्होंने क्या माँ को क्या करने दिया? मान लिया माँ ने उसे, तो धमलीनामेंअंतमे उनकी माँ उन्हें बांध पाई। कैसे भगवान की कृपा से हम हमारा फर्ज है, हम भक्ति के नियमों का पालन कर रहे हैं और उन्हें शास्त्र में उद्देश्य प्राप्त होता है कि कैसे
हम जीवन बना सकते।
तो आज हम देख रहे थे आप
ने पढ़ा कि विदेश था।
जो गया में रहते हैं, वो कैसे
अपने जीवन को सफल बना सकते हैं? शा दार मोली ने क्या कहा?
ज्ञान क्या सुझाते हैं कि ये सब लता प्राप्त हुई? हमारे प्रयास है तो हमें
इसका लाभ उठाना चाहिए।
और जो भक्त है वो क्या सोचता है? भगवान की कृपा से ये सफलता प्राप्त हुई है। इसलिए हमे क्या करना चाहिए? इस सुविधा का उपयोग करना चाहिए।
इसलिए भगवान की सेवा में।
तो नागमनी कहते हैं साधु संग के
द्वारा ये ज्ञान प्राप्त होगा।
साधु संग, साधु संग,
शासन, क्या, साधु
की संगत, चेतन, मा, पर, भूले, आध्यात्मिक, जीवन और सफलता। ुtsराकेतमातेपर भेजा था किस देश के साथ बंधों की स्थापना करना और उन स्थानों
को खोजना जहाँ भगवान अपनी नीला पकड़ी
थी और भर्ती संबंधित भक्ति के विषय
पर गंधों की रचना करना।
तो आप देखते हैं कि जिसे आप
सिमंदरवृंदावन में इन सब ये सब बने थे, कैसे प्रेरणा प्राप्त हुई थी? इन
साधु संग में रहे होगे तो आपको
ज्ञान प्राप्त होगा।
सो विया और दियामेरी विया मेदी। उसे कहते हैं शासक।
वे पृत कार्य करता है और से कहते हैं शासन के आधार पर अपने जीवन को सफल बना।
तो शासक अर्थ है भगवान की वाणी। तो भगवान की वाणी कहा प्राप्त होती है?
साधु संग के।
तो हमारा प्रयास
साधु की संगत प्राप्त हुआ। और वे बहुत ने अपने बेटे से
पूछा था कि वह कैसे किस पुरा से,
बंधन से छुटकारा पा है?
मीडिया ने क्या कहा साधु संग के द्वारा? फिर उन्होंने आगे जाकर पूछा, साधु के क्या लक्ष्य हैं?
और उसके उत्तर में क्या क्या
है?
सुधा सर्वदा साला साधु का।
तो शुसाधसमे आपको 80 ज्ञान प्राप्त हुआ। तो हमें वियासा शास पर आधारित जीवन बिताना चाहिए। और अगर हम शासथपरधारिजीवनबिताएंगे वियासा में रह सकोगे, उनके दोषों से बचते हुए कमल का फूल जल मैन होता है और जल्द छूता नहीं, उसी प्रकार ऐसा
तो
हम उनके रूस उन से बच सकते हैं।
अगर हम क्या करें?
अगर हम वेदों की शिक्षा का लाभ उठा है तो शिव भागवत में आप अनेक विषय में पर है।
और हमें क्या करना चाहिए?
मन द्वारा इन लीलाओं का स्मरण करना चाहे। तो ये जो दाल लीला है यह भगवान के अनेक जिलो में से प्रसिद्ध है। और आप देखते हैं यह भगवान क्या हो रहे हैं? की मीमा बांध सकती है। जब उन्होंने देखा कि मां इतना प्रयास कर है। इसी प्रकार अगर हम प्रयास करें भगवान को पसंद करने के लिए, तो फिर
आप अपने जीवन को बना सकते हैं।
शुक्रिया सा कर हमें यह स्कूल चाहिए कि परम भगवान है हर चीज के स्वामी और हमें सांस शिक्षक का नाम उठाना चाहे। फिर आप इसके रूस चेतकाकाशाधुसन।
शादुसमग।
तो आपको असली ज्ञान प्राप्त हुआ।
वो है
हमारे 4 है। उन्होंने क्या लिखा, हरिराम बल दिया। और तीसरा क्या था भागवत का जीवन भागवत में सबसे उत्तम गा और हमें भागवत को का पढना बहुत सरल बन गया है।
दिन मा पर बुकी तो हमें इसका
लाभ उठाना चाहिए और
यह निश्चित करना चाहिए कि हमने
ये गयासाम उपयोग करना है। इसलिए भागवत प्राप्ति के लिए ये हमारा देश है और ये जो अनेक नियम है इनका पालन करना चाहिए। क्यों की आवश्यकता है।
आध्यात्मिक वृद्धि करने के लिए सो
गया सा। हमें सांसद ने शिक्षा का लाभ उठाना चाहिए। और जैसे विदेश महाराज ने
भगवान के साथ साथी है, उनके पास पूरा ज्ञान था।
ऐसी स्थिति में उन्होंने पशुपुछेमाभला अर्जुन भगवान
के सनातन साथी है।
पर वो अज्ञानता में आ गए थे।
क्यों मौका मिले भी।
तो इस प्रकार इस अध्याय में
नारद
मुनि और स्पर्श लोगों के द्वारा शिक्षा
दे रहे हैं कि कैसे संभव हो सकते हो।
और आध्यात्मिक उन्नति करने के लिए यह आवश्यक है। की में शासक में साधु साल मिल
रहे हैं और इसके माध्यम से आप
जीवन लक्ष्य को पा है। तो आप सबसे निवेदन है इसका लाभ उठाओ। और कार्तिक के महीने में सब ने कहा चूत सेवा, कभी
हजार करना लाभ
मिलता है, पर मै पुरा में हजा
का पुरा में कथा पढ़ते हो।
1 चुआ था
जो 1 मंडल में
वो चुआ जब दीपक
का
सवाल से
ज्यादा था जाकर उस लैंड से वे
ही को तो 1 दिन
जब वो
दिया जल था, और
उसने उस लैब
को को चखने की कोशिश की वो चखने roi उसके दांतों में फंस बहुत प्रयास किया उस रूई को दातों से
निकालने के लिए पर का निकला, और अंत में जल गया।
और भगवान ने क्या स्वीकार किया नशा था मेरी खुशी के लिए का गया,
भगवान के धाम गया।
तो सब महीनों में कार्ती का महीना सबसे शुभ है। और वह प्रयास रहना चाहिए इनाम को उचारन बढ़ाएं, सास ले, ध्यान बढ़ाएं, तपस्या
बढ़ाएं और कार्य के महीने में हमें रहना चाहिए और कर्जे के महीने में
कोई ध्यान दें, ब्रेज दें कुछ योजना बनाये जा, लाभ बना है तो आप सब का भाग्य है यह आप काजी के महीने में विननामनधामआयेआपमे कितने भक्त हो लोग विननामिनधाम। कार्तिक के महीने में पहली बार हार खाती के महीने में कई विदेशी बकरी आते थे ये साल मुबई के कारण
कोई विदेशी भी और सारे भक्तों का ये भाग लेता है कात्य के महीने में, नाव में
भगवान का शरणमकितरमकरे,
हमें
इसका लाभ उठाना चाहिए और दामन जिला का समर्थन करना चाहिए। ये आप देख सकते हो कि किस प्रकार शोला माता के मन में सदा 1 ही भाव था। क्या अपने बेटे की सुरक्षा उसी प्रकार हमें भगवान का समर्थन करना चाहिए। c आप सफलता से आश के विषय में चर्चा कि भगवत प्राप्ति के लिए ब्रह्मचर्य आश्रम में सबसे सरल है और अगर कई भक्त जुड़ते हैं जो आगे से शुरू में तो उन्हें भगवत दम की शिक्षा लाभ उठाना चाहिए। अगर हम शिक्षा के आधार पर ऐसा जीवन सफल हो। और आप ये श्री भगत में चारों आशमकेमृेमे maa jana gana amir
कितने मिनट
हो रहे है 1 कितने मिनट का
im sorry please repeat i got it
i repeat the question
bit, bot ps
apk
अरे
मेरे पास में बहुत सारे
कार
सारे गोल का, दोनों को है कि ला कर दी व्यर्थ और वही रफ्तार से बोलने वाली बजता तो दोनों को बैलेंस कैसे किया जाता है
1 दिन में कितने घंटे होते हैं 24 घंटे तो आई नाम लेने के लिए ज्यादा से ज्यादा 2 घंटे और 4 घंटे के अंदर आप सारा ध्यान में कराया कर सकते हो आप प्रयास करना चाहो तो अवश्य कर हम नही कहते है 24 घंटे सा सोला
भर्ती में जुड़ने के पश्चात
आप car lाifajaनa simple jata hai judneseple hm, clbsmeंjate, te, sinema,
te,
ऑfiसअमंद और
1 और खुशखबरी है। वो कहते हैं जब हम भगत बने, मेरे घर का खर्चा याद हो गया
है,
घर का खर्चा कम हो गया है, क्योंकि गुमला वगैरह बंद कर दिया है। सो कल वो ही समय जो ज्यादातर गलत कामों में, वो ही समय आप
लगा सकते हो भगवान की सेवा में।
और आज सारे विश्व में हर जान भी अस्त भक्त है जो कि उस
आश्रम में रहने और भक्ति भी कर रहे है। और जो हम कमाई करते हैं वह
भाव क्या होना चाहिए।
कमाई का थोड़ा ऐसा भगवान की सेवा में भी उपयोग करे और
करेंगे भगवान की कृपा आपको। rujikmanihp mt soc la यह सोचो कि
यह प्राप्त हो रही है सफलता भगवान के। yeh
babes
maveli
अरे शो
मे न
शो
तो बेटा कहीं के
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आम सौरी
1 समय दिल्ली में प्रा पा जी इसके घर में थे, तो 1 और भाई पापा को मिला तो पापा ने उनसे कहा प्लीज चें, उसने कहा मैं करती हूँ 24 घंटे
40 कैसे
मनी मन में, पराहआनेउनसेहाजब आपको भूक लगती है, तुम मन में खाना खाते है। sikar
man man,
man me e to pas श्रम के और से से बड़ा पर, मन में शणकेचाहनकरो for i
ek he
next question
fit
दसना अपराध में विदा जितना अपराध बताया गया, उसमें 1 अपराध है कि सांसारिक कार्यों से दूर रहे, ग्रस्तों के लिए संसारी कर्म से दूर रहे, जो का आंदोलन तो वो कैसे संचार कर व्यस्त है जी, सर आए हैं तो क्या वो क्या मतलब है, उस संसार का क्या मतलब तरफ हो जाए, उसके बताए की कैसे कैसे
दूर रहे और क्या जनमखानहैऔरजंसाब्रार क्या है और
उन गायों के साथ जुड़ना
जिनका शासन में विरोध किया जा रहा है।
कहा में हम रोज सुनते हैं, मंदर में ये नाम अपराध है। और जो प्रतिकूल कार्य है उसे क्या दूर रहना चाहिए। हमें धाम में आकर भी जो प्रतिकूल कार्य है उसे क्या करना चाहिए, उससे दूर रहना चाहिए। और अगर आप भक्ति की विधियों का पालन करो और ध्यान से सावधान रहो तो आप इनसे बच सकोगे। अगर आप प्रयास करो तो हर प्रकार के प्रतिकुल कार से बच सकते हो। nothing is imposiबl।
हरे हरे विश्, हरे विशा, हमारे जीवन का खबर प्राप्त होना चाहिए। बट जी इसको भूल जाता तो क्या करे? माया की हम इसे किसी भी सन दिमाग से निकालना आईने वाले जीवन को दे और उसी के बदले हम अपनी
गाड़ी भी बने इसीलिए भगवान करे है साल में हो सालिरसामेंरहोगे और न हीं भूल गए। अगर आप काल में रहोगे तो भूल जाओगे शासन खा गया है।
10
भगवान से भगवा की
रोज हमें क्या करना चाहिए?
अगर आप भक्तों के संग में हो और शव कितन ठीक से करो नहीं,
बबुलीदाद्यापबुटकी से कैसे बचा जा सकता है।
मगर देाककीबुद्धी से कैसे बचा जाता?
भक्तों के संग में रहो और शणंकितनमगलाबउठाओ भक्तों के संग में रहना है बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप अनेक अपराधों से बच सकते हो। अगर आप भक्तों के संघ में रहोगे। इसलिए मारा प्रयास होना चाहिए। भक्तों के संघ में रहे और इस विषय पर ध्यान मुनी। कहते हैं कि हम 3 प्रकार की संगत प्राप कर सकते हैं। 1 उनके साथ जो आपसे ज्यादा उत्तम है, दूसरा उनके साथ गांव के बराबर के हैं और तीसरा उनके साथ गाव से कम ज्ञान रखते हैं। जब हमें मौका मिले, उनकी संगत का वाण से आगे हमें क्या होना चाहिए, प्रश्न होना चाहिए हैप्पी और अपनी समानता के भक्तों मिला क्या भाव होना चाहिए।
क्या भाव, क्या मित्रता का भाव और
आप से कम याने व्यक्ति को मिला क्या भाव होना चाहिए?
दया का भाव जैसे जल्द आप सब
जुड़ोगे भगवन में पिछले साल आप मे किस ने भाग गीता मरजान किया था। बात सिर सादा पिछले साल में आप में कौन किस किस ने प्रयास किया
था,
पिछले साल का मेसन किया था। आपने यह सा आप सो ग्रंथ बाटोगे
पका
पुजाय के कार्य में जुडोगे
भगवान
क्या कहते हैं सब भक्त में सबसे प्रिय कौन है, पर भगवान के प्रिय बनना चाहते हो। कहते हैं आपकी संस्था में कोई शोर्टकट नहीं है तो शाल्के है अब भगवान के संदेश का प्रचार ok
जी मेरा प्रश्न ये है की जो अचानक महाराज से उन्होंने केवल 1 ऐसा देश देखा जिसकी वजसे वो डेस्क हो गए और हम 10 पद है उनका उधार कैसे
होगा मारा आज मीन की समस्या यह थी। 1 तो उन्होंने देखा उसके पश्चात उस विचार, उस नीला को बडे अट्रेक्ट हो गये और दिन रात उस वैश्या का स्मरन कर रहे थे और क्योंकि दिन रात उस बैशा का स्मरन कर रहे थे फिर वो बुरी से इससे बचने के लिए भगवान क्या कहते है मन मन भावा, मन भक्त हो मन के द्वारा मेरा जनम तो आम लोग चलते हो, सड़क में किधर जाते हो? आप गंदी तस्वीर को भी देखते हो। और गरम है।
हमें कोई गंदी तस्वीर नहीं करनी चाहिए।
वो हमारे हाथ में नहीं है। पर इसलिए यह हमें तस्वीरों गंदी बनी तस्वीरों को देखते हैं। हमें इनका चिंतन नहीं करना चाहिए। हमें तुरंत चिंतन करना चाहे किसका भगवान का, उनकी लीलाओं का, उनके उदेश्य को, उनके रूप का। फिर आप बचोगे। itr right
agla psn
माना, ये बच्चों की एजुकेशन को लेकर बहुत से प्रश्न पूछते हैं। बोल एजुकेशन में होते है, सुनते हैं,
स्कूल
इंटरेस्ट है है, सो बैलेट्स पूछते है, कैसे क्या करना चाहिए, एजुकेशन को इंटर करना चाहिए।
अगर हम हर शहर में स्कूल खोल, पाई, वन्डरफुर खुल, पाये पर सम्भव नहीं दिखता। अभी जो स्कूल है, इस कौन के जितने होने चाहिए, उतने नहीं है। वा माबाप क्या कर सकते हैं, घर में शिक्षा 2 थोड़ा होम, स्कूलिंग में करोगे, बच्चों को आजाद में ज्ञान, 2 माता जी और आज हम देखते हैं। कई शहरों में हमारे ग्यास भक्तों में एंडरप्राइनिंग भाव है। कई शहरों में ग्यास ने मिलकर 1 छोटा स्कूल खोल लिया। टोंटो, कैनडा जैसे देश में 45 के स्तर थे। इनके बच्चे थे, उन्होंने 2 अपार्टमेंट क्रायपनलिया और अपने बच्चों के लिए स्कूल खोल दिया। और कई सालों से मावा masik make the best news a bad margin।
ग्रस्त बच्चों के
हरे कृष्ण मारा लगभग बना मेरा आपसे जैसे ही आप से ज्ञान का, का, हम रहे, साधु का, हम साधु सब करते हैं तो अपने जीवन का लक्ष्य काम कर सकते है। परन्तु मैं अपने फैमलिससपोर्टकाफिले साधू के 70 ही जाना है। तो इस स्थिति में हम क्या करें?
आप देर होकर साल रंग में आते हो, घर वाले विरोध करेंगे, घरवालो को
गाव मैं बजे जाऊंगी।
मुझे 1 लाख बोनस मिलेगा कहेंगे ठीक है जाओ, कोई आर्थिक लाभ नहीं है। तो हमें wuसानरुभागसमेकैते हैं। अगर आप आध्यात्मिक जीवन में सफलता चाहते है। anymusweditermen without determination youcan succeed anywere it right। आपको अच्छे नंबर चाहिए, आईआईटी में दाखला के ले आपको प्रयास करना पड़ता है। वे पार में सा बोलता चाहिए, प्रयास करना पड़ता है। सिमिली क्रूसीन इमोशन है।
माँ बाप को खुश होना चाहिए।
मान बैठे हैं। बुरी संगत की वजह अच्छी संगत में है। हम देखते आये हैं, हम देखते हैं
कि
वो क्या कहते हैं।
तुम तो पहले ठीक से क्लबों में जाते थे।
आप के आप के state
भक्तों का
कम और निश्चय के साथ लगती अधिका पक्ष रोजी की।
कृष्ण
महाराज जी, मेरा यह प्रश्न है की भक्ति के डीएम का 5 बजे निमारे। जैसे जब पर संख्या ज्यादा तब, जब तक उसको का फोकस नहीं है।
मैं कई बार कैसा हूं क् में
हमें ध्यान पुर्वक जॉब करना है। ध्यान प्रवक, अध्ययन करना चाहे तो दिहान पुर्वक अर्थ क्या? इसका ये अर्थ नहीं कि आपका मन कभी भटकेगा नहीं। इसका मेन अर्थ यह है कि आप जॉब करने बैठते 1 कार्य पर दिमाग लगाओ चैंटिंग ही करे हैं। वन भटकता है प्रॉपर के वॉर्नर और यू बी डिटरमिन कानसेन। ये निंग मोटर भी चला रहे हैं और ड्राइविंग भी करने हैं। और चैटिंग भी कर रहे हैं। हम लोग चैटिंग करने बैठते हो 2 घंटे के वो ही काम की जो आप प्रसाद खाते हो और कोई आकर को बार बार टो टा के करे।
अब क्या कहते हो मुझे शांति में
खाने कहते हो न।
dont let me it in peas।
लोगन बनाओ लेट मी चैndinpeस make sending your one point gen and then the will improve quality of java भगवान, उनके नाम हम भिन्न हैं। जब हम परावन का नाम ले, हमें ध्यान से लेना चाह आप किसी बड़े व्यक्ति को मिलते हो, उसके सामने सावधान होते हो, होते हो कि नहीं, उसी प्रकार वह भगवान का नाम ले रहे हो वहीं rिs्पेc्twोओके ज more a और
कोई मार कर
और
किसी के प्रति जज करने की गरज से मना कैसे
अक्सर हमारे में ये भाव रहता है हम दूसरों की कमियों को निकाले दूध के 2 शो को देखें हमें इससे
बचना चाहिए हमें भक्तों के गुणों को
देखना चाहिए अब गुणों को नहीं हम क्या करते हैं।
अक्सर हमारे गुणों को
मल्टीप्लाई कर देते और दूसरे के गुणों को डिवाइड कर देते हैं। वो छोटे बन जाते हैं, आप बड़े बन जाते है। पापाजी कहते थे विशु बी लाइक बी note फलाई फ्लाई जो है हमेशा बंदेसानमेंरहती है है कि नहीं साहब यूज गुणों को देखो
तो दूसरों के गुरों को देखे। अब आखिरी बरचुलेंगेअबलास कोश्चन माताजी लास हरी
किशन सब्जी भगत प्रणाम महाराज मेरे मन
में संशय है कि अगर हम घर की जिम्मेदारी को पूरा कर लेते है और हम भक्ति में बढ़ना चाहते हैं और हम भर्ती कर्तव्यों को अगर पार नहीं करते तो क्या वो अपराध होता है।
फिर से बोली है
महाराज जिस घर में अपने कर्तव्यों को जब हम भर्ती करे है तो अपने घर में जो कर्तव्य होते हैं के प्रति परिवार क्या को भी अपराध होता है।
प्रभु जी ने न समझ गया अपनी
जिमेदार कर ली है और उसके बाद हम भक्ति के आगे बढ़ना चाहते हैं और हम भर्ती कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं तो क्या होगा
हमारा प्रयास रहना चाहिए यह आवश्यक सेवाएं हैं उन पर भी हम ध्यान दें और अगर आपने की जिम्मेदारियों का पालन कर लिया और भक्ति कर। अगर कोई बहुत से कर छूट भी जाए तो प पराध नहीं है ये
नहीं कह रहा जाकर बोल सब को। अब हमने आज ये सुना है कि
घर के छूट छूट भी जाए अपराध
नहीं है
बहुत बहुत धन्यवाद महाराज के
लिए
पेशेंस के साथ महाराज के लिए जोर से वा महाराज गर्भवती महाराज से बने और मैं रिक्वेस्ट कर इस्तेमाल सुंदर मान रामबतपुरहिसेमे मंच में आए और महाराज पर सम्मानित कर तालियाँ बची रहनी चाहिए।
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