परम भगवान को कैसे समझे || SB 7.6.24 || SKCON Punjabi Bagh || Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

The transcript captures a multilingual devotional lecture delivered by Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja at SKCON Punjabi Bagh, interwoven with chants and responses from the audience. The speaker expounds on the nature of the Supreme Lord (Parama Bhagavān) as transcending material perception, urging listeners to cultivate universal compassion for all beings. Emphasis is placed on the guru‑disciple relationship as essential for spiritual progress, with repeated calls to follow the teachings of Krishna and the scriptures (Bhagavata Purana, Bhagavad‑Gītā). The lecture offers practical devotional guidance—chanting the holy names, selfless service, and meditation—to awaken bhakti (devotion) and attain liberation (moksha). Interspersed are reflections on inter‑faith dynamics, critiques of materialism and ego, and anecdotes illustrating the challenges faced by devotees. The overall tone is reverent, instructional, and passionately devotional, aiming to inspire listeners to understand and experience the Supreme Lord through bhakti and compassionate action.
Chapters
प्रश्मात تربیشو بھوتیشو دایاں بھروتاں سورداں آواں آسوراں ملموچیاں جداں تشوشیاں ادھوکشجاں تسمع تربیشو بھوتیشو दायां कुरूतसोर्धां भावां असुरां उन्मुच्यां यायां त्यूशर्यदोख्षजां तस्मासर्वेशु भूतेशु दायां कुरूतसोर्धां ہاں ہاں ہاں ہاں ہاں ہاں ہاں دشمان
سرویش
کو پیچھو ڈیاں کرتا سوڑتا تس ماہ
سرگیشو گھنٹیشو تس ماہ سرگیشو گھنٹیشو شیعہ
بڑا ہے اسلام भूतेशु जीवों पर दयां खुरुद दिखलाओ सोहेगं मैक्री भावं घवर्ती आसुरं अस्रो का जो मित्रोद वश्वत्रों को प्रिकार करते हैं अदोख्षजा अदोख्षजा अदोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अधोख्षजा अ� आश्री सभाव त्याग दो और श्रदुता या द्वाई प्रहित होकर कर्म करो। सभी जीवों में मक्ति जगा कर उनकर दया पढशित करो। और इस प्रकार उनके दिधैशी पढ़ो। अतय भे असुनों से उत्पन मेरे प्यारे करुण वित्रों। ये परण भगवान जो भौतिक ज्यान की धारणा से परे हैं ये तुम पर प्रसन हो, तुम अपनी आस्री सभाव हो। त्याप दो और शत्रुदा त्याग्वैत रहित होकर कर्प करो सभी जीवों में आपकी जराकर उपर दया परशित करो और इस प्रकार उनके हितैशी बनों। भगवागीता अठारा पश्पर में भवान कहते हैं अप्त्यामां विजानती यामरिष्चास्मित तत्वता मुणुशे कवर भखती से तबनिश्वन को एधा रूम से समझ सकता है। कैंडात माराज ने अंगता अपने असूल से पाठ्यों को शिक्षा दी कि वे प्रदेख व्यक्ती को कृष्ण महानम्रित विज्ञान का उपदेश देखर भखती की विदी स्विकार करें। उ नाचतस्मान्मुर्शेष्यु कष्चिन्न लिकुत्नमा। इस अत्सार में ना तो उस से बड़कर प्रियव्या दास हैं, ना भविष्य में कभी इस से बड़कर प्रिये होगा। यनी कोई भगवान के यश तता उनकी स्वेष्टा का उपदेश करके कृष्णभानावित को � तो भले ही मैं अपूर ब्रूप से शिक्षिक क्यों न हो मैं पूर पुर्शन्द भगवान का सरवप्रिये दास बन जाता है। यह है धख्पी है। जो ही शत्रू तदा बेट्र का भेवभाव किये पिना मानव्ता के लिए मैं सेवा करता है जो ही भगवान प्रसंद होते
हैं
प्रते व्यक्ति को उपदेश दिया कि वे गुरु भक बने और पिश्ण भानवनित का प्रचार करें। जारे देख दारे कहें क्रिष्ण उपदेश। पूर्पुर्श्वता गम्वान की अनुभूदी करने का यह सरंताप उपाय है। ऐसे उपदेश कारे से उपदेश भोगतारां यव्यतप्सा सर्व लोक महेश्वर सुरिदं सर्व भूताना याक्वा मां शांति विर्चति। प्रते प्यक्ति वो चाहिए कि वे पर्मेश्वर समंदी ज्ञान के इन तीन सुत्रों को समझे कि वे परब्भोगता हैं, कि वे प्रते पस्तु के स्वामी हैं, तद तब सारी विष्वों में शांती रहेगी। इस लोग में सुरिणव शब अध्यत नहत्वपूर्ण है। सामारत्या लोग पिष्ण भारतित से अन्जार हैं। अत्याईं उनका हितेशी बनने के लिए मनुष्यों को चाहिए कि वेह उन्हें बिना किसी भेध्वाव के पिष्� प्रतेख अत्याँ प्रतेख शरीद विष्णु का मंदिन हैं। मुरुष्यों को चाहे कि इस ग्यान का दुरूप्योग दरेद्र नारायन कैसे शब्दों के पहाने से ना करें। यदि नारायन दरेद्र अर्था करीद मुणिशे के घर्डे बास करते हैं तो इसका यह आर्थ वे सरवत्र रहते हैं दरिद्र के खर में और धनी के खर में नहीं हैं. किर्तु सभी परिस्थित्यों में वे नारायन बले रहते हैं. यह सोचना कि वे दिर्णन या धनी हो जाते हैं भौतिक अनुमान हैं. यह सदे वे सदे शर एश्वाय पूर्थ अथा वे सदे सभी �
ہم جانتے
ہیں کہ ہم جانتے ہیں کہ ہم جانتے ہیں کہ बन्देहं श्रीगरुष्रीदाव्यवनं श्रीगुर्वश्णमाश्चः श्रीवां सरदान सर्वधानान्योतत्तिवं साध्वेतां साधुवं तर्णं सर्वभिष्णजेवन्येवं श्टिरिया कृष्णता सभगन गविता शुरुशा कारुना अच्छा। हे कृष्णा कर्मा सिंदु ये नमन्तु जगत पड़े। ओ वेश्वो भिगाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखाराखार
मांच्या करपा जरंद्यश्या कि
परासिंदू रहे पचा अधिकानामुपावनेव्यो प्रेष्णवेव्यो नमोना जाय स्री कृष्ण चेतन्या प्रभू नित्यानन्दा श्ठी अध्यक्रवादा शिवास्तविकोर ہری کرشنا ہری کرشنا کرشنا کرشنا ہری ہری ہری ہری رامہ ہری رامہ رامہ رامہ رامہ ہری ہری ہری ہری
ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہری ہ پلاڈ مہاج کر رہے ہیں پلاڈ مہاج سے سب پڑھیں چھو اور پلاڈ مہاج سکھشا کس کو دے رہے ہیں؟ ہمیں ملیں گوپ سے کہہ سکتے ہو اپنے اسورک مصور کے دوارہ ہم سب کو دے رہے ہیں ہم عجیبوں کو چکے نا تو پلاڈ مہاج سورک سے ہاتھ مجانی تھے جو ماتا کے گھر میں سے اُنہوں نے دِبِ گیان پھرابت کیا تھا اور بھگوتوں میں آپ کیا پڑھتے ہیں؟ بھگوان اور اُن کے بھکتوں کا اُبدیش کھی بار بھگوان اُبدیش دے رہے ہیں جیسے گیتہ میں بھگوان اُبدیش دے رہے ہیں بھگوان ہوا چاہتے ہیں اور یہ اُبدیش بھی بھگوان دے رہے ہیں عجن کے مادیم سے وہ امان سمجھتے ہو اور بھگوتوں میں بھی بھگوان یہ بھگوتوں کا اُبریش ہے یہاں بھگوان کے بھکت اُبریش دے رہے ہیں سلال ملائی سری مولانا دستان کو ہمارا قبولہ منہوں کو ہمارا روح جنگوں پر اس کو بلی روائے 12 مہاجن ہیں جن میں ایک ہے کئی بار بھگوان کے جو بھکت ہیں उन्हें भी भगवान बलाया जाता है। बड़ा महत्र पुर्ण संदेश दिया है। पहले शलोकों में तुलाद मनन ने इस्थापित किया है कौमर आच्छत कर गयो। कि हमें अधिःत्वि ज्ञान पान साल के आयों से पनकूल करना आराम कर देना चाहें। यह हमें भ� अगर हमें बनावटी सिख्षा चाहिए तो भी भगवत का दिखना नहीं चाहिए। वियासु देव ने अनेक शास्मों की रचना की थी और जब हम सोच रहे थे उन्हें लग रहा था कि उनकी रचना में कुछ कमी नाई गई है। जब विचार कर रहे थे कौन पौँच तुम्हारी रचना में एक कमील है कि वो शुद्ध भक्ति पर बाद ले लिया। इसे ग्रंजों में करमकरक प्रुभाव आ जाता है। जिसके प्रचाथ उन्होंने भगवतों को किया हुँगे। ये हमें भूना नहीं चाहिए, भगवतों में शुद अगर हमें ऐसा उपदेश है ये इंजिया दिप्टी करो, क्रिकेट करो, ये करो तो भगवतम में पढ़ना जायें। भगवतम में परिशक्ति इतनी है इन ग्रंथों में कि चाहें कितना भी भौतीक आकरशन हो अगर हमें पढ़ते जाएंगे, सुनते जाएंगे तो क्या परि नहस्तप्रहिश्यो वुदेशुनित्यां भगवसेवया भगवति उत्मस्थोके भक्ति भावति नईस्थी कोई विक्रिक का दिहान थे भगवतम सुननेगा पढ़ागा इसके भोते का कर्षन नहस्य जाएगे विश्व में कई उदहारण हैं जहां लोगों के लिए भगवतम अनेक प्रकार के कठनाईयों का सामना करना पड़ा हैं क्यों नहीं? उनका केबले एक ही दोज़ था उनका कृषिनाप्तर भगवाण के प्रतीज़। भगवाण के भक्तों को अनेक प्रकार के परिशानियों का सामना करना पड़ता हैं जैसे आप हरिदाज साकुर के � ایک ہی بھاو تھا دین ڈال ہری نام کرنا دین ڈال بعد جاپ سمات کرنے بھینا کچھ کھاتے بھی نہیں تھے پر مسلمانوں کا راجہ تھا اس وقت اور ان کے پرتیدی دچان کا بھی اور جب راجہ کو سوچنا ملی کہ ان کے راجہ میں ایک مسلمان खृश्णा का नाम ले रहा है। जो उनके दुश्वन हैं। तो मैंने बड़ा क्रोज आया। राजा दे दिमंजन दिया। लाओ हरी राज को मेरे सामने। हरी राज आये। तुम हिंदों का नाम हैते हो। हम लोग तो कोई चाहुल की धाने को हिंदू खात भी लगा दे तो हम और तुम उनका नाम ले रहे हो। तुमारा इतना उच्छा जनम है। ये चेतुने भगवत में हैं। तुमारा इतना उच्छा जनम है। और तुम ये नीच लोगों का नाम ले रहे हो। बंध करो ये सब। भाईराज ने उतर में कहा भवान के अनेक नाम है, किसी नाम को भी आप ले लो जिस नाम के द्वारा अनन्दा रहे है, लेक्श्व दो रहे है अन्त में चैनकादी ने कहा आजा थे ये हरी राज सुद्रेगा नहीं इनको सुधाने के लिए एकी उपाय है क्या? पीड़ो منجاروں میں جب پیٹیں گے خود ہی ہوش میں آ جائے گا ہم مہر کھائے گا تو انہوں نے اپنے سپاہیوں کو کہا لے جاؤ اسے الگ الگ بزار میں گسیتے ہوئے اور اُن دن میں سجا کا ایک سادن تھا یہاں کسی آدمیوں کو گھسیتے تھے بجار میں اور کئی لوگوں کو مارتے تھے اسے یہ اکثر انباؤ تھا کہ جب تک بیرکتی دوسرے بجار تک پہنچتا تھا وہ چمٹی ہو جاتے تھے تو انہوں نے ہری داس کو پہلے بجار میں پیٹا ہری داس جب ہی ہری رام بول دے گئے مہا بھگوئی میں نے چھوٹ لگنے نہیں دی دوسرے بجارے میں پیدا اس وقت بائیس بجاروں میں پہنچ گئے پیٹے وہ جنہوں نے پیٹا جا رہا تھا وہ ہڑکے ہڑکے سے بول رہے تھے جنہوں نے پیٹ رہے تھے وہ حیران تھے انہوں نے کہا ہمارا انباو ہے دوسرے بجارے پہنچ گئے تھا کہ بھگتی کی مرتی ہو جائے گی وہ جاتی ہے یہ تو بائد بجار میں ہم نے پیدا ہے اور اسے کوئی چوٹ ہی نہیں لگی یہاں ہی نام لیتے جا رہا ہے یہ آدمی کی شکلی کہاں سے آئی ہے؟ اور اب ہمیں راجہ جندہ نہیں چھوڑے گا اپنی چاند کاردی جندہ نہیں چھوڑے گا کیونکہ وہ کہے گا تم سفر نہیں ہوئے اس کارے میں ابھی تم کو سجا دی جائے گا تو جو پیٹ رہے تھے وہ ایسے کہہ رہے تھے ایک دوسرے سے وہ ہائی ناظ نے سن لیا کہ جو پیٹ رہے ہیں انہیں ابھی چندہ ہے کہ اگر انکی امید نہیں ہوگی تو امید سے جاں پہنچنے پڑھنے پڑے گی انہوں نے پانچی لگ جائے گی تو ہائی ناظ نے کتنے دیالو تھے یہ ہے بہشنا کا سدا اور انہوں نے ایسا ویوان کیا سانس لینا بند کر دیا جیسے سانس لینا بند کیا ان کو پیٹ رہے تھے سپاہی خوش ہو گئے اور تو مر گئے آنٹھ میں وہ ناچنے لگے اور انہوں نے راجہ کو سوچنا دی آنٹھ میں یہ پاپی کی مرتے ہو گئے تو جہاں جہاں لگا مسلم مدیوں کے انسار ان کا انتم سنسکار کیا جائے۔ پچھل کازی لگا نہیں اسے نے مسلمان دھارم کا برہوت کیا تھا اسے تو ہمارے مسلمان مدیوں کے انسار انتم سنسکار نہیں دےنا چاہے۔ پھیک دو اسے گنگا میں انہوں کے نام کو اپنایا تھا اس نے تو انہوں نے پھیک دیا گنگا میں اور پھر ہریداز سیار کر گنگا کے پار سیار گئے اور پیڑ کے نیچے بیٹھ کر بھائی نام کرنا پھر سے شروع کر لیا جب راجہ کو سوچنا ملی کہ وہ ہی ہریداز جس سے انہوں نے سوچا کہ مر گیا ہے आइनाम कर रहा है। राजा समझ गया ये तो कोई बहुत उच्छे कुड़ी का संथ होता है। राजा जना करें उसके माफ़ि मान। तो भगवान के भक्तों को भी भगवान के प्रचार के दुराद कई बार कठिनाईयों का सामना करना पड़ता हैं और कठेन परिस्थितियों کوئی کھٹین ستھی آتی ہے تو ہم کہتے ہیں ہمیں یہ گھڑنا کی امید نہیں پڑی ہمیں تو دکھشہ لے لی ہم تو اب تک کوئی کشت آرہا نہیں آنا ہی نہیں چاہیے ہم تو پودے کی اچھاں کو پورا ہوتے جانا چاہے تو بھگوان کے بھگتوں کے جیون میں آپ دیکھتے ہو کھٹین پڑی ستھیوں کا سامنا کرتے ہوئے بھی وہ بھگتی میں پیچھے نہیں کرتے فنان مہران آج کیا کہہ رہے ہیں اس فکر کا کاریاں کر رہو جس کی دورت میں پرم بھگواں کو سنتوش کر سکو اور جو کی بھوتک دھانا کے پار ہے یہ ہونا چاہیے ہم سب کا لکھش کیا ہونا چاہے لکھش کلال مہر کیا کہہ رہے ہیں بھول گئے کیا کہہ رہے ہیں ایسا کاریہ کرو جس کی دورہ بنا بھگوان سنتوش ہو سکے تو بھکتوں کا بھاو یہ ہے بھگوان کی سنتوشتہ میں ہماری سنتوشتہ چیتن مہا پبو نے شرنگ اتھونے کے بشے میں کہا بھکتی کے لئے قلعہ سکار کرو پتی قلعہ سے سیاغ ہو بھگوان کی اچھوں کی آدھار پر کاریا کرو تو بھکت کا یہ بھاو ہوتا ہے کہ ہر کاریا کا یہ بھاو ہونا چاہے پرمبھگوان کی سنتوشتہ اور پرمبھگوان کی سنتوشتہ کا کیسے پرابت ہوتی ہے؟ کیسے؟ اُن کی آدھےش کا پانن کرتے ہیں کڑی بار ہم کہتے ہیں گروہ کی پرسنسہ دھیان سے دیکھا جائے اصل میں وہ ہے بھگوان کی پرسنسہ کیونکہ جو پرمانک گروہ ہے وہ آپ کو یہ ہی کہتا ہے جو بھگوان کہتے ہیں یہاں بھگوان کا آدھے ہے وہ ہی نہیں کہتا میرا منزل گاؤ وہ کہتا ہے کونسا منزل گاؤ प्रापा ने अने ग्रंत लिखे, काम उनने लिखा है? मेरा नाम का उचाने कर। सब जग़ा क्या लिखा है? हर करिशाने के लिए. प्रापा जी अमेरिका गए, तो वो भगवत कीता की मैनिस्कृप साथ ले गए था। जैसे मुझे एक दबा पहले भी कहा था आपक तो प्रावाभाजी की इच्छा देखे गीता को च्छापा जाये अमेरिका पुंच तो प्रावाभाजी याने हैं हमने भक्त ब्रह्मनन्दा होने रेरामदात को गहा फाइंड अ पब्लेशर कोई पब्लेशर ढूंडो जो गीता को च्छापेगा तो वो कई पब्लेशर के पा स्रेंदे तु क्रिश्ना, स्रेंदे तु क्रिश्ना, चैन हर कृष्णा, चैन हर कृष्णा। तो उन्होंने कहा, ये तुम्हारी स्वाभीजी की गीता पे बहुत जादा बखती है। कोई नहीं पढ़ेगा। हर लाइन में लिखा है, हर कृष्णा, हर कृष्णा। तो उन् तो प्राप में कहरा यह था, प्रापा ने था हमें यही कहा, हम कहते थे प्रापा की ग्राण, प्रापा की प्रसंद हैं, असल में कृष्ण की प्रसंद हैं, कि प्रापा शुरू थे अपने था क्या कह रहे हैं, कृष्ण की शननगत हो, कृष्ण का नाम � और चार्यों के लेखोगों में बहुत पस रूप से हमें घ्यान प्रात होता है कैसे भवान को प्रसंद कर सकते हैं कैसे आप प्रसंद कर सकते हैं हाई बहुत ये सब गंतों में लिखा हैं तो ये होना चाहिए हम सब का टेस्ट पूछते हैं नहीं करेगा क्या टेस् ہوں یا کہیں بار بھگ پوچھتے ہیں ہم کیسے پرچانے کی ہم بھکتی میں آگے بڑھ رہے ہیں ہے نہیں آپ اپنے آپ سے پوچھتے ہوئے یہ پرشن یہ ہے یہاں ہوتا ہے آپ یہ دیکھیں کہ آپ جو کاریاں کر رہے ہو بھگواں کو سنتوش کر رہے ہوگی اگر آپ سکھشا کے دھار پر کر رہے ہو تو آپ سنتوش کر رہے ہو اور اگر آپ مندمانی کاریہ کر لے ہو تو نہیں کر پاؤں گے. روپا کو سامنے بھی کہتے ہیں اتیارا پہہشہ شہ پرشل پنیامگا جھنسنگھشلولیمچہ سدویت بھکتیت پھرنشتری بھکتی کیسے کھرا ہو جاتی ہے؟ اور وہ کہتے ہیں بھکتی کیسے بند کی ہے؟ مجھ سے ہاں نشتہ ساری تو شاستہ میں ہمیں ایسے بیشے کا پورا گیاں دے دیں आगे ये भी कहा गया है परम भगवान बोतिक धानना के पार है ये समझना आज के वातान में भोगती महेतपून है परम भगवान जैसे प्लावना करें उनके सबसे समझना बोतिक बुदी के पार है जैसे की अगर आप भवान की लीलाओं के विश्च को पढ़ो डस्वस्कंद में जनका वर्णन है। और प्यास देने डस्वस्कंद में ये लीलाओं का वर्णन क्यूं किया। क्यूंकि जब तक आप वहाँ तक पहुँचोगे आपके मान में कोई शंका नहीं रहेगी कि परम भवान कौन है। प وہ کیا بیشواز کرے گا؟ بھگواں نے موں کھولا پورے موں میں پیشو کا درشن دیا۔ لوگ کیا کہیں گے؟ They are brainwashed. ان کے لئے بدھی دھل گئی ہے۔ کبھی سمبھ ہے چھوڑا بچہ موں کھولے اور پورے برمان کا سمبھ ہے۔ سمبھ ہے ایک چھوڑا بچہ एक असूरी पुतना के गवाद कर रहे हैं। स्थान में दूद पीने के बानें गवाद हो जायें। आप अगर भगान की गोर्णा लीला पर सुनते हो। महत्र बाती व्यक्ति के आगे हैं। کیسے سامہ ہے؟ یہ تو ملک ہیں یہ لوگ ملک ہیں یہ کہہ رہے ہیں چاند ساٹھ کی بالک نے اتنا بڑا پہاڑ اٹھایا ایک ہفتے کھلے ایک ہفتے کھلے ایک منٹ میں یہ سامہ گوھردن پہاڑ کی اچھائی आकाश तक थी। आज आप गोनन परिगम करते हो बहुत छोटा हो जाये। उचाई आप देख सकते हो। पर जब भगवान ने उठाई थी उचाई थी आकाश तक। और उस स्थिती में उन्होंने सरलता के साथ ऐसे तो कई पर आपको भजन उठाना पड़ता हैं। अगर शेहद खितामों के बॉक्सेल भी उठाते हों। खितामों के बॉक्सेल उठाने में भारी बोजा था तो एक हाथ में उठाते हों। फिर दूसरे हाथ में डालते हों। दाए हाथ से बाए हाथ। जो भजन उठा रह بہت ستیر ہو گئے تھے۔ بھیج بازی میں میں ڈھڑ لگ رہا تھا۔ شاید وہ پہاڑ گیر نہیں جائے گا میری چھوڑے بچے کے آدھے۔ گھڑاواں مات، وہ نہیں گیرے گا۔ تو جب آپ بھگوان کی انگوز نیلاؤں کو پڑھتے ہو، بہت ایک رشتے سے آپ کہہ سکتے ہیں کہ یہ میتھولوجی ہے۔ یہ کلپنا ہے۔ یہ وہاں سے تاں میں سمبھب نہیں ہے. جیسے ایک سال میں وہاں کوٹ کیس ہو رہا تھا امریکہ میں. تو سامنے کی پانٹی نے, نرسنگھ نے بھگوان کی تصویر لیا کوٹ میں. وہ کہتے ہیں کہ, دیکھو میرے لوڑ یہ اِن کا بھگوان ہے. آدھا پروش, آدھا پشو. یہ سمبھب ہے کیا? ملکوں نے کہا, نہیں ہاں یہ سب کو نہیں. तो इसी लिए अनेक स्थान में कहा गया है कि अब भावतिक इंदियों के द्वारा नहीं समझ सकते हैं। तैसे भारत में भी, बिरेश्यों के भाद ही छोड़ो मायावादियों की कमी हैं क्या भारत में? हाँ? कमी हैं? आया समाज्जेस की कमी हैं। आया समाज्जेस मुझे बड़े मायवदी समय हैं, इसके लिए बात छोड़ो। मुझे कहा आओ भगवान की मूर्थी का दर्शन लो। मूर्थी का दर्शन। वो तो पत्थर है। तो इसलिए ये कहा गया है शास्र में। अताश्य केशनमादिना भवेर क्रेहमें दिया है। सेवो मके ही जीव اگر آپ اپنے بھوتک اندھیوں کے دوارہ فرم بھگوان کو سمجھنے کا پریاز کرو گے تو سمجھ پاؤ گے؟ بھکتی کے مانیم سے سمجھ پاؤ گے جیسے کہ بھارت میں انیک سنسکت کے ودوان ہیں جو اپنی بودھی کا اپیوک کرتے ہیں اپنے بیچاروں کو جڑنے کے لئے और कई भक्त हैं विदेशी जो संस्कृत का एक शब नहीं जानते उन्हें पता है कृष्णा थी वो भगवाण से है कृष्णा भगवाण परम भगवाण है तो यह जादा उत्तम है इसलिए कहा गया है भक्तियों के माद्यम से ही हर परम भगवाण की देवियर हिलाओं को سمجھ سکتے ہو۔ کیوں؟ کیونکہ بھکتی کے معنیم سے ہمارا اشد ہیدر کیا ہوتا ہے؟ اشد ہو جاتا ہے۔ اور اگر اشد سنگت ہو تو اس کا ہم لاب اٹھا سکیں۔ تو پلان مہر کہہ رہے ہیں اِس بگاہ کارے کرو جس کے دوارہ پرماں گوھن سنتوشت ہوں اور جن کے دوارہ اور بھگوان کو بہت گیان سے نہیں سمجھ سکتے اور کیسے سمجھ سکتے ہو بھگوان کو؟ بھکتیوں کے معلوم سے آگے آپ کیا آگے کہیں اپنے عسورک بھاووں کو چھوڑو ہم سب میں اینے ایک پرگاہ کے عسورک بھاو ہوتے ہیں ہیں نہیں بھگو دیتا کے سورویں ادھہائے میں بھگوان سگشیپ میں اسوئی بھاو بیچاروں کا مدھاراں دیتے ہیں اسوئی بھاو کے بھیبتیوں کیا سوچتے ہیں کیا ہے میں؟ ایسے آج کا سنساہ میں سب سے بڑا دھندا ہے ہتیاروں کا دھندا آپ دو کو چھوٹے دھندے کر رہے ہو بڑا دھندہ کرنے تو ہتھیاروں کا دھندہ یہ تو چھوٹے دھندہ بنے گی دکان ہتھیاروں کے دھندے میں کیا جہاز بیچنا پانی کا جہاز بیچنا ہتھیار بیچنا تو جو اصول لوگ ہیں جو ہتھیاروں کو بناتے ہیں وہ یوں شروع کروا دیتے ہیں کہ زیادہ ہتھیار دکھیں گے میں نے یہ چھتا نہیں کہ یون میں کتنے آدمی مارے جاتے ہیں یہ میڈیلیٹ میں جو یون وغیرہ ہوتے رہتا ہے اُن کے پیچھے ہتھیاروں مولان کا بڑا ہاتھ رہتا ہے تو سوریق بھاو کے جو بیقسی ہے اُن کے مند میں یہی بھاو رہتا ہے اتنا ہے میرے پاس اتنا ہو رہا ہونا چاہیے اور اپنے سکھ کے لئے اپنے سمیدہوں کے لئے کچھ بھی کرنے کا اتحار ہے یہ بھگو گیتہ کے سولوے دھیائے میں سب بند ہے یہاں دو اسورک لکھشنوں کا ورنن کیا گیا ہے انوار میں کہاں ہیں یہ دو اسورک لکھشن
भूल गई?
शत्रुता वो द्वेत रहे है शत्रुता बहुत एक समाज में शत्रुता रहती है इर्शा द्वेश रहता है हम देखना नहीं चाहते کوئی آگے بڑھے، ہمارے سے آگے کسی کو نہیں جانا جائے۔ تو شتوطہ رہتی ہے۔ پر ادحاد بھی جیون میں یہ شتوطہ کا الگ لوگ ہوتا ہے۔ ادحاد بھی جیون میں شتوطہ کا بھاو نہیں رکھنا جائے۔ اور جویلٹی سے بچو۔ یہ نہیں کہ کہو کچھ کرو کچھ کہو بڑا بڑا اُبدیش دو اور کھانے کرو کچھ ہو تو پلان ہاں کہہ رہے ہیں ان اسوریک لکھوں سے بچو آپ ان اسوریک لکھوں سے کیسے بچ سکتے ہو کیسے؟ کیونکہ اگر آپ شدہ دماغ پر جڑے رہو یہ جو اسوریک بھاو ہیں विचार हैं, लक्षन हैं, जिनका वर्णना आप घीता के 16 दिहारे में पढ़ते हो, इनसे आप बच सकते हो, केवल अगर हम भक्ती योग में जुलेंगे। इसलिए कापातात्परे 11 में कहते हैं, भक्त्यमामा विजरनती, ये घीता का प्रसिद स्लोक है, जिसमें � بھاگتی ایک مادیم ہے جس کے دورا کیا؟ آپ مجھے نہیں جان سکتے بھاگتیوں کی مادیم سے جب آپ بھاگتیوں کی مادیم میں جڑتے ہو تو اس کے دورا یہی یوگت آتی ہے بھگوان کا سمجھنے کے لئے آگے اس کے پچھلات پردام دماغ کیا کہہ رہے ہیں؟ کس کو یاد رہا ہے؟ پردام دماغ میں کیا رکھا ہے؟ دیا دکھاؤ سب جیو آتماں کے اوپر۔ کیسے دیا دکھاؤ گے؟ آسانے میں بکھاری ملتے ہیں۔ کہتے ہیں چندہ دو۔ ہم چندہ دے دیں۔ یہ ہے دیا۔ کلاد ماہر کہتے ہیں دیا۔ جیو آتماں پر دیا کی لشکی उनको कृष्णा भक्ति का घ्यान दे कर। आपने पर ये पढ़ा हैं। भगवान कह रहे हैं। सभी जीवों में भक्ति जगा कर उन पर दया प्रदर्शन करो और इस पकार अनेक के हितायसी बनो। तो क्या करो। भक्ति का घ्यान दो। اور کیوں کہ भक्ति के ज्यान के माद्यम से हम बच सकते हैं गल्ड कामों से क्यूंकि भक्तियों के द्वाला आप केवल ये नहीं कहते हैं गल्ड कार्यों से बचना हैं अब मन पुदिन्यों का उप्यो करते हों किन कामों में भक्ति समंदित कार्यों में तो प्रावापाजी तातपरय में एस विशे के उपर क्या कह रहे हैं। आपने सुना था प्रावपा का तातपरय भी एक घंड़े पहले। भूल सुने गए। तातपरय में प्रावपा दे क्या कह रहे हैं। कि एक जो फिर से स्थापित कर रहे हैं कि आप भगवान को समझ सकते हो केवल किस माध्य کیوں؟ کیونکہ بھکتی کے معنیم سے اور مند مددینیوں کو پیو کرتے ہو بھگوان کی سہوں میں اور اس کے دوالہ جو گند ہے کھانک لو وہ مند مددینیوں کی روپے جو میں نے کیا ہوتی ہے، دور جاتی ہے۔ یہ آپ کا اپنا عبیاس ہے۔ اس کو ہمیں جڑنے سے پہلے، انہیں پرکار کی کل کاریاں کی ہوں گے۔ جب سے آپ نے بھکتیوں کی ویڈیوں کا پالن کرنا آرام کیا، تو آپ ان بھونکا کرشن سے بچ پائے ہوئے ہیں۔
نہیں!
آپ خود دیکھ سکتے ہوئے ہیں۔ یہ کوئی اندر، کئی پار لوگ کہتے ہیں یہ لوگوں کو اندھا بیشواظ کر رہے ہیں، ہم اندھا بیشواظ نہیں کر رہے ہیں۔ آپ خود ابھی انبھاؤ کر سکتے ہیں کہ جیسے آپ نے جاک کیا ہے اور گرندوں کو پڑھا ہے، آپ کا اُچھا بڑا اُچھا رہتا ہے۔ اور جیسے آپ نہیں کرو، تو بھوتک آکشن پھر سے پڑھ جاتا ہے۔ پرداد مہاج اپنے مددوں کو جوبدیر سے رہے ہیں بڑا مہتر پون ہے اور پاپا جی اٹھار کے دہائی میں کیا کہتے ہیں سب بھکتوں میں سب سے پیار کون ہے جو میں پرچار کرتا ہے تو آپ یہ پہلے بھی ہزار بار سن بیٹھے ہوں، چھے لاکھ بار کہ آپ گندی کرو کتنی بار سن بیٹھے ہو آپ گندی بھی نہیں کر پا ہوگیا ہے گے نہیں अगर रोजी सुनते हो, क्या? सब भगदों में सबसे प्रिया कौन है? तो ये जो प्रचार की सेवा जो है असल में अगर आप धियान से देखो जो संदेश आपने आच स्लोक में पढ़ा है सुनना है ये स्लोक अनेक और ये संदेश और स्लोकों में भी आप सुन बेटे हो ये नहीं कि पहली बर आपनें सुना हैं कि भक्ति योग सबसे उत्तमार्ग हैं। आप से पहले देन से सुनते आ रहे हों। तो भार-भार क्यूं इन विश्वों का वड़न किया जा रहा हैं। इसी लिए क्यूंकि जैसे प्रापा जी ने कहा, reputation is necessary to drive the point home. भार-भार सुनोगे, تو بار بار آپ کو یاد دلائے جائے گا کیا نکول ہے کیا پھردل ہے اس لیے شہرنام کرتنام بھکتوں کی سنگت میں بہت ہی عاوشک ہے تو یہ جو پرچار کی سیوہ ہے یہ ایک پرکار سے لوگوں کو ادھار کی سیوہ ہے اور جیسے کی آپ سب گیتہ کا محرطن کرتے آ رہے ہو کر رہے ہو کہ سماغ سو گیا ہے۔ میں تو بھکتوں سے پوچھتا ہوں، مایا کا پیاریسان کتنے دنوں کا ہوتا ہے؟ ہاں؟ تین سو پیسے دیں، تین سو پیسے دیں چوبیس گھنٹے۔ دکانیں تو، کئی دکانیں چوبیس گھنٹے کھولی رہتی ہیں، کئی۔ مایا کا پیاریسان چوبیس گھنٹے، تین سو پیسے دیں۔ بھکتوں کا بھی مریثنہ ایسے ہی ہونا چاہے۔ اصل میں دیکھا جائے، واست وقت میں پرچار کا اُجسا ہمارے میں ہمیشہ ہونا چاہیے۔ کیونکہ ہمیشہ بجیو آپ کو ملیں گے جو اتیان دکھی ہیں۔ آپ یہ ہی نہیں کہہ سکتے ہیں۔ آگے اُن کو فیبرل میں ملیں گے، ہم کہیں گے کہ ہم جس ہمارے میں پرچار کریں گے۔ 11 مہین کی چھوٹ ہے، 2 مہینے پرچار کے۔ پرچار کا اُجسا تھا ہمیشہ رہنا پڑے۔ تو فلان مہا نے اس سلوک میں کہا ہے بہت جیموں پر دیا کیجئے بھکتی کا گیان دے کر بھکتی کا گیان دینا کا ارد کیا ہے بھکتی کی بہیمان کا اُبدیش دینا ہے آپ کہو گے ہم جبانی بھی اُبدیش مہیمان کا اُبدیش کی چرچہ کر سکتے ہیں جبانی آپ کو بھی اُبدیش ہوگے لوگ بھول جائیں گے पर जब ग्रंथ उनके सामने होंगे, तो क्या? पढ़ते हैं। कभी-कभी बात पूछते हैं। आजकल तो e-books का जमाना आ गया है। हम तो कंप्यूटर में सब डाउनोड कर सकते हैं। जब आप लोग शयद Book Distribution में जाते हो, तो आपको कई लोग मिलते भी होंगे, जो कहते हैं अगर नहीं, कुम्प्यूटर में उनको मोस्में मिल जाती हैं। कुम्प्यूटर में लोग ज़्यादा देर नहीं पढ़ सकते हैं। स्टाड़ी से निकला है, जब ये ए-बुक्स शुरू ही थी, कोई 15-20 साल पहले, लोग किताबें चापते हैं, बुक पब्रिशर, پہلے گھبرا گئے تھے ہمارا دھنڈا ختم ہو جائے گا۔ سبھی کمپیوٹر میں جن کی کتابوں کے دکان ہے وہ بھی گھبرا گئے تھے سارے بیشوں میں۔ اب کوئی کتاب خریدے گا نہیں، سب کمپیوٹر میں پڑھیں گے تو کتاب کوئی کیوں خریدے ہے کی نہیں؟ آپ سمجھ رہے ہو؟ تو کئیوں میں ایسا بھائی تھا کہ کوئی کتاب خریدے گا ہی نہیں۔ پھر آستہ ایسے بھائی دور ہو گیا کیوں؟ उन्हें देखा कि लोग ज्यादा कंप्यूटर में ज्यादा देर नहीं पढ़ सकते हैं। कंप्यूटर में पढ़ते हैं, तो आँकें भी कमजोर हो जाती हैं, पीट भी, पीट की विवारी भी बढ़ जाती हैं। इसलिए किताबों की तकान हैं, आप अभी भी देखते ह अगर हम इस संदेश का पालन करेंगे, क्या लाब होगा? अग्यान्दा होईं, दूर। तो आप सब इस सेवा में जुड़े हों। हाई सारा आपका मेनेटोने बड़े उच्छा से जुड़ते हों। मैं पूछा था रुकमी कृष्ण से, मेनेटोन कैसे चल रहा है? وہ کہہ رہے تھے، کئی بھاگ تو بہت کر رہے ہیں، کئی اتنے انسائی نہیں ہو رہے ہیں۔ فیآس کرو تو، اسمبب کریں بھی اسمبب ہو جاتا ہے۔ کریشن ڈال کامی راج کہتے ہیں، چھین دنیا مہار پربھو کی کرپا سے، اندھا بیاگت یہ دیکھ سکتا ہے، زنہ بیاگت یہ پہاڑوں کے پہاڑ جا سکتا ہے۔ गुंगा व्यक्ति बोल सकता है भेरा व्यक्ति और चेतिन महा पभुक के बारे से कठिन कारिया सगल बन जाता है सगल कारिया कठिन बन जाता है मैं दो भक्तों से बात कर रहा था जो उत्सरकारन के छोटी शेहर में गए थे एक आपसे पहले उस शेहर में केवल दो लाख हबादी थी। एक ही कारखाना है और दो लाख हबादी थी। वो एक स्कूल में गए। स्कूल के प्रिंसिपल में गए। ओ, मैं ये भगवागीता ढून रहा था। तो उसने बच्चों को कहा, आज एक लेक्शर दीजिये। और पिर उसने 500 गीता ले दी। پیسے دے کر کیش روکڑا میں نے کہا ، سب بچوں کو ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ हर सान میں हर सान होता है. अभी तो कोई जान-विचान बच्ची नहीं है. पर इस विश्व में, भारत में कई ही स्थान हैं, जो बच्ची होई हैं अभी भी. भारत में क्या आपके दिली में? आपके बंजाबी बाग में कही लोग बच्चे हैं. हमने जो गीता बाग � हمارے جو ब्रह्मचारी ट्रैवल कर रहे हैं सान नगर के, उन्हें मैं कहा से एक लाग से ज़्यादा गीता वान टुवन बाती हैं। और सान नगर मंदल ने मिलकर अभी तक डो लाग पुझे तरह जार गीता बात दिये हैं। चुटा सा निवेरियन था, आप सब हरी नाम की मह آپ سب جانتے ہو یہ شلوک جس میں بھگوان کہہ رہے ہیں، سب بھگتوں میں سب سے پریہ کون ہے؟ کون ہے؟ اور آپ سب پریہ بننا چاہتے ہو گی نہیں؟ تو یہ ہے short cut. تو تھوڑا پریاز کیجے گا، یہ مجھ سے سوچے گا کہ کوئی لے گا نہیں. میں نے آپ کو پہلے بار بھی کہا تھا، عیسائین لوگ لوگ گھر گھر جا رہے ہیں بائبل بادنے کے لئے اور اگر ہم پریاج کریں گے تو بھگوان آپ کو آپ کا صحبہ دیں گے۔ بھگوان نے کہا ہے کہ جو پریاج کرتے ہیں اس میں کچھ کمی بھی ہوتا ہے، میں کیا کرتا ہوں؟ دور سے لے لوں۔ یہ نہیں پہنچا تھا کہ تروڑا پریاج کیجئے۔ پندہ تاکہ چلے گئے۔ प्रयाज करोगे की महतन खतम कर देना चाहें? प्रयाज करोगे तो टार्गेट क्रॉस भी कर सकते हो। हर साल तो आप टार्गेट क्रॉस करते आयों। है ना? इच्छे साल कितने की लगी थी? इच्छे साल दो लाग तीसा गिताब भकतों नहीं बाटा था। अगर पिछले साल कर सकते तो यह साल क्यों नहीं। ठीक है न? सेव पयास को बढ़ा। और अगर आप देली की अबादी देखो, कितनी हैं देली की अबादी? दो क्रोर। दो क्रोर खिताबें नहीं बाटे। تو چھوٹا تھا نہیں بھی نہیں تھا، پھر پریاست کیجئے گا. اگر آپ جیسے میں کہہ چکا ہوں پہلے، اگر آپ دیکھ لیں کہ بھکتوں کی سنکھیہ بڑھ لی ہے، تو اسے ایک کارن ہے، یہ گھنٹوں کا پرباہ. اور انیک ادھارن ہے کہ جب آپ پریاست کرو، پھر سمبھو جگتی بھی سمبھو ہو جاتا ہے. तो आप प्रियास कीज़ेगा क्यारे दागता है कहो जिसमों परेश आप कहोगे लोग भूल जाएंगे पर वो घीता पढ़ेंगे वो भूलेंगे प्रापा जी ने कहा पूरी घीता क्या ایک شلوک ہی کوئی سمجھ لے اور اپنا لے اس کے جیون سفر ہو سکتا ہے۔ تو میرا یہی نمیدن تھا، آپ سب پیارت کیجئے اور کم سے کم جو آپ کا target ہے وہ پرات کرنے کا پیارت ہے۔ پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے پوچھے دھویش پوچھے ارشا یہ سب ہماری کمیاں ہیں یہ دھویش سے آپ بچ سکتے ہو گیان کی ادھار پر جب آپ دھویش رکھتے ہو پند میں نقصان آپ کا ہی ہے آپ کہو کہ کیسے آپ کے مند میں آپ اُس بھیگدی کی بڑھائی سوچتے رہتے ہو دیکھو اتنا نکام بھگت ہے یہ ہے और दुसरों की बड़ाई की सोचते रहोगे तो नुखसान आपकी हैं। इसलिए प्रयास कर रखना चाहिए उस दुसरों की गुनों के वच्चे में। हाले कृष्णा हाले कृष्णा پریشنا پریشنا ہارے ہارے
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