शरणागति का अर्थ है भगवान के आदेश का पालन करना | SB 7.9.22 | Dec 10, 2021 | Gopal Krishna Goswami

The video is a devotional discourse led by Gopal Krishna Goswami, interspersed with chants of Hare Krishna, Rama and other mantras. The central teaching is the meaning of śaraṇāgati — surrendering to God and obeying His divine instructions. Goswami explains that true refuge in the Supreme eliminates material suffering, describes the nature of the Lord as the protector and source of all, and urges listeners to adopt surrender as a practical, daily practice. The talk mixes scriptural references, philosophical reflections on the material world versus spiritual reality, and concrete guidance on how to cultivate surrender through chanting, remembrance, and devotion. Throughout, the tone remains devotional, persuasive and instructional, encouraging the audience to take refuge in the Lord for liberation.
Chapters
कमरे में को टैप उडाएगा उस कैमरे में
जूम कर। 2 थोडा
see
reset a a a का
जायरा दमा व कजबhaजयरा दमा
गोपी
जलवा ला भा
द
la राजा वा उुयबिहादोदानगन बजे जाना र ज र
सौदान
जाना न जाना जमनकीरा मन चाहा जन पीरा मन चा गाय
ने
गाया जब जलवा हा 24 गम जमदमेका नर
ग सर गो
जागे प्रबल रहा
निवा कृष्णा
कृष्णा कृष्णा हरे हरे रामा रामा रामा ह आगे के नारे के
बेटा के काहे
आये रामा रे रामा रामा रामा रे
हर र
सा रे राम
राम
राम मारे हर हरे के हरे राम रे राम राम राम रे
ह
मारे रामा रामा रहा हमारा मरना राम
रामा
रामा रे रे रे रे हरे राम रहा हरे राम हरे राम राम हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे
बोल गा
गा गा o
hykृsणaसभक्तों का हार्दिक स्वागत
होम भरे राशि
भरे
बासे हाय हो घर से गाय रशेवयनहरेजयनहहरे राशिवायाश्िम घागवरनसीपाठ संद 7 अध्याय 9 स
स
सर पिरियविकानधहा सुखाना लो बशिकगविसीजविशहशपी
जी
जब मजएस्वरशोढसरे
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ा सपमपीतियविषापउनहा सधना आलु वषीवसजवशकी हे जभे रिषिशमरएस्छोड़ सा इस कर सभी को अन्य
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दकमहीरकविताहगुनहा स हना लो वशी जे जे विशिष स्वर छोड़ सारे के सारे विश्व ज्नमशघुरअनमशमा
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के या कम हो
या निरिामहोकपमाताजी
हमे
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सके
जमदलविताु हम ना रे की रे
से
छोड शाहे शब्द जाताहै सभा सा वह परम स्तंत्र व्यक्ति ने अपनी बढ़ियंगाशकती
से
होली मनती शिशि को जो इस होली जल के सांसदो का आलम है तुम तुम हो ही
नेत स्व रूप से
बीज का आगम जीता गया गुनाह जिस बुद्धि हुनणस्वधावना अपनी निजी आध्यात्मिक शती
सी
आर
भारत जो सीजन तथा संहार कता है वशीकर आप ही आती है विशेज जिससे से सारी हरभाविसर्गर तथा साल हार की चक्कर में जनरल नृत्य का
चक्र
व शिक्षण भिकागजाकर अजया या आपकी अधियंता शक्ति कम मन से ईश्वर निंदा शोरसहरिसोलहतीियों भाई 5 ही करता 10 इंडिया तथा इन सब का नाम मान निसीजानमविलले पढिए दीजिये ओर उपर्शकयामसेले अपने शरण लो की शरण में देखो। हानिया प्रबंधन। आपकी शरण में आया है अनुवाद तथा आप का जरवाल। धन्यवाद हेगरहूहेपरमपुरुष आपके 16 वैरों से इस भौतिक जगत की रचना की है कि किंतु आप उनके भौतिक गुरों से रहे हैं। तुमसे शर्तों में ये पौधे कौन पूर्ण गया। आप के वर्ष मे है और आप कभी भी होंगे द्वारा चीजें नहीं रहे। अगर आज लगभग आपका गतिविधि करता है। हे रहु। हे बरमेश्वर। आपको कोई नहीं जीत स किन्तु जहाँ तक दिल बात है, मैं तो आज तक द्वारा पीसा जा रहा हूँ। अगर मैं आपको पूर्ण आत्म समाधान करता हूँ। अब आप मुझे अपने बाल पदों में संरक्षण कर करें। तार भौतिक दुखों का शक भी पूर्ण पुरुषोत भगवान की ही शीषी है, किंतु वे स्वयं भौतिक शक्ति के न्ययंदननहीं है। वे भौतिक शक्ति के न्ययंदाहैजबकि अंसारी जीव उनके वर्ष में हैं। जब हम अपनी स्वाभाविक स्थिति त्याग देते हैं। जिले सौरुहाईविषेनिकरास तो पूर्ण उर्षो का मकान इस होली शक्ति को गुर्दा रहते हैं। जिसके वर्ष में सारे जी वे कर्म हैं। और वे की बद्धता को भौतिक प्रकृति के संघात से उबार रहे। मामी माय निकाम कर। बढिया का शक्ति अर्थात माया भक्त जीवों पर 3 प्रभा के लाभों को थोपी है। अगर पिछले शो में रजा महाराज ने भगवान से प्रार्थना की है। आपके अपने अन्य कई मेरी रक्षा नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे के अक्षर उसके माता पिता न तो उसे जन्ममिति के संकट से बता सकते हैं, न ही औसकी तथा वे उसे मृत्यु से बचा सकते हैं। इसी तरह नाव या अन्य ऐसे साधन भी जल में डूब रहे व्यक्ति को नहीं जा सकते, क्योंकि प्रत्येक वस्तु के नियम भगवान है। अगर संकट मानता को चाहिए कि कृष्ण शहर में जाए क्यूंकि भगवत। विकार के अंतिम परेश 18 छिरसठ में कृष्ण स्वयं म काम करते हैं। सर्व धर्मान करिकेचर मामएनशरदजअहमकाम, सर्व वेदियों। मोखशहश्यामीका। तुम सारे धर्मों को त्याग कर। मेरी शरण में आओ। मैं सारे कामों से तुम्हारा उद्धार कर दूंगा। तुम डरो मत सारे। समाज को चाहिए कि इस घोषणा का लाभ उठाएं और भूत, वर्तमान तथा वरिष् आलटेफ्टरद्वारा उचरेकानीकीहई से फरृष्णद्वारा रक्षित हो जाए। ने वीडिय मानव पीछा जाकर शब्द अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक जीव वस्तुतः इस होती जगत में पुन पुन पीता रहता है और इस दशा से बचने के लिए उसे पूर्ण पुरुषोतम भगवान की शरण ग्रहण रहने जाती है, तभी वह सुखी हो सकेगा। प्रवण सत्र भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्यूंकि भगवान की शरण में पूर्ण बिना कोई बच नहीं सकता। सरकार अपराधी को आररारमेंआलकरगंडर देती है कितु वही सरकार यही चाहे तो उसे अभी जीवन से मुख कर सकती है। इसी प्रकार हमें यह अंतिम रूप से जान लेना चाहिए कि हमारी यह दुपाहरी अवस्था पूर्ण परुषोतम भगवान द्वारा नियत की गई है और यदि हम इस सर्च से बचना चाहते हैं तो हमें उसी नियंता से निवेदन करना चाहिए। इस तरह मनुष्य इस भौतिक अवस्था से बच सकता है।
शिरवभादकीजाओमईगान ा
shri shri chetana ne hum she s at shri radha kृsणaपदानसहग कृष्णा करुणा सिंधु दीन बंधू राधे व श्वर srinacha
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is somebody translating for the russian mataji selling her we call them there java
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is to o charan plan mahajan he may verica mahajan। महाजन और तुम्हें 1 है धार क्षेत्र में हम चर्चा करते हैं, भगवान के भक्तों के मा में करते थे ब्लाम sony the a। अब सुन कूल में सुनाई दे 1 महाजन है, और महतवपूर्ण री इसे ध्यान में आप पढ़ते हो। किस प्रकार राजा ने भगवान को आने दिया और किस प्रकार माल क्रोध था उन्हें कम किया। इसने रानमालने पदारमहाजभाग्य था। कि जब वो माता के घर में थे, पूरा ज्ञान प्राप्त हो गया था। और घर में थे। उस समय हिलाने का शक बहुत गहरी, सबसे करते थे। पहाड़ों में और देवता जो थे, दुखी
थे,
देवता राज की मां को सील करने जा रहे थे। इस उद्देश्य के साथ जो बच्चा पैदा हा, उसको उसी समय नारगोल नाररभूलहक्या कर रहे हो। तो ने कहा, हम इस औरत के घर में man राक्षस, हमारे जा तुम कब से वार गेऔर ऊँची कोटी का पक्ष है। सो प्रधान का या प्राप्त हुआ था। हर मौके का लाभ उठा ले थे। भगवान की सेवा करने के लिए नहीं था। कौन दे रहा है? शिक्षा मेरे पुत्र को और उन्हें 2 ध्यापक है। तुम लोग सावधानी से काम नहीं कर रहे थे, अपना खूब बदल कर आ रहे हैं। मेरे बेटे
और
co ने आता कौन ले रहा और गाल के तुम्हारे भगवान कहाँ है? ये कहाँ से आया है? रे रे है की छोटी सी उसमें किराया खिलाए कभी किसी चीज का। ऐसा नहीं होता। मेरी शक्ति का कारण हो जो आप की शक्ति का। अब सुन यहां मुझे san क्या सोचा अच्छा मौका है के भगवान है जोर से बड़े क्यूँ? h so so hot code so कोई as on so भगवान के को कम करने के lxijमेशााकचरनमे शक्ति प्राश तुम जाओ मैं पिता के विषय को काम कर में सुधिया जिसका राज किया था और पिता के i o उत्तर प्र में अनेक महत्वपूर्ण की चर्चा की जाती है। कृष्ण is in सो ज्ञान हम क्या सोचते हैं? सब भगवान की किसी राज्य को स्वीकार करो। मुबोला हमारे शास में क्या बोल रहे हैं? सब 1 ही है। और जिस प्रकार पेड़ के पेड़ पेड़ को जल्द पिलाते हो, पुरी में सागर जाते, उसी प्रकार
आप 33
क्या कहा है? भगवान? ये पूरी सृष्टि जो है, इसका कारण कौन है? पूरी शष्केनिरमाणभ पर आप जो हो आपके पास कोई वहाँ
होता है।
यहाँ पालना है।
पराला
में भगवान का गुण है। शिव भगत को ध्यान से पढ़ो तो देखोगे पूरे भगवत में सुन्दर सुधियों का, जैसे कि भगवान के पूजा के में आप देखते हो इन कि जब हार हो गई तो
हार हो।
इंद्र ने स्वीकार किया कि भगवान कौन है? उन्होंने बड़े सुंदर द्वारा पर भगवान का गुणगान किया। भगवान गुणगान mata बेटा आखिर हमारे में क्यों किसी से no
a
ser to an an vidaoi कहते हैं हम भगवान का नाम हर स्थिति में ले सकते हैं। आप मान रसोई, रसोई करते, घर से भी भगवान का नाम लेंगे। आप कुछ सेवा कर, साथ में नाम ले। अपने आज में गुडी किया। मंदर गिल ऊखी सफाई कर रहे थे और कई बार जुड़े सारे भाग कुछ चर्चा नहीं कर रहे थे। वो अपने हाथों से साफ कर रहे थे। मंदिर को और वाणी से की तो पूछते हैं कि में क्या किया जाए? हाँ भर है। आपने पूरी सृष्टि का निर्माण किया है। आप जो हो इन बोध बुरे लोग क्या? e o n bo janm
मेरा
और प्रगट होना क्या है? दिव्य बना, अगर श्राधा व्यक्ति हो। भगवान के 4 हाथों के साथ पूरा शरीर उनका सजा था। क my talodi भगवान कोई कार्य की? तो उन्होंने कहा bunibagवanकesपूछना हमें कितना मुझे आपके 2 भाग। मिले कहा कि आपसे poco modi बहन ने मुंशी को तो क्या देना के जीवन की समाप्ति पर ब्राह्मण है। उसे खेला, उसको कई कई जनम और प्राप्त करने पड़ेगे और पूछे मैं क्या कह रहा था? जब तुमने प्रश्न पूछे तो क्या देना
बड़े hali
ने क्यों ले late but i began उन्होंने कहा, तुम्हे कई और सहना पड़ेगा जन्म स्वीकार करना, पड़ेगा मुझे रुके और जीवन स्वीकार करना पड़ेगा। ब्राहमण आदि के सुई के चेक कोए शेख से, सुई के छे से कोई हाथी को दिखा। brain mobas mode सुना भगवान हाथी से, सुई के चेक से बड़े हाथी को दिखाते थे तो मौजूद हो भगवान। तो जो व्यक्ति यह कहते हैं भगवान भौतिक कारण से जुड़े कान का क्या है में, तो इस रोग में कहा जा रहा है हे स्वपूर्व भगवान, आप जो हो आप ने यह पूरी सृष्टि का निर्माण किया है। और वो वो आपके आधीन हैं, आप उनके अधीन नहीं है और आप के अधीन है। और आप कभी भी किसी से जीतने जा है कोई नही भगवान को या krise उनके life तो आपसे कोई जीत नहीं सकता। भगवान किसे कहते है? जिस व्यक्ति में 6 प्रकार के गुण हों, क्या तू सबसे धनी हो, सबसे वीर हो, सबसे खूबसूरत हो, सबसे ज्यादा त्यागी हो और सबसे ज्यादा ज्ञान है बार शासन में भगवान का, तो लालमन आपने पूरी शृष्टि का निर्माण किया है। आप को कोई हरा नहीं सकता। यहाँ फोन है आप जिम हो आगे
आगे,
समय जो है, आपका प्रतिनिधि है गीता तू समय क्या करता है, क्या करता है हर चीज को न में जो है भगवान और ये कल भी खुबसूरत रहे बहुत। masur, क भी हर चीज नष्ट हो जाती है। बड़ा मकान बनाया है, पर समय के साथ पुराना हो जाएगा। समय क्या है? ma इस मुल्क इस समय के आवश्यक नहीं समझा। भगवान के जो भक्त हैं, मृत का भाव होता है और वो सोचते है। मेरे में कोई गुट नहीं है और बाकी गुण है दूसरों में, जैसे कि कृष्णराज का वाद, उन्होंने हमें किस गल्दकाजयानदियावो कहते हैं। मेरा नाम ही मत लो, मेरा नाम लोगे, तुम्हारे सारे भक्त का भाव है मैं सब्सिडी का यहाँ पाल समय जो है आपका प्रतिनिधि है और मैं जो हूँ इस समय के से दबा जा रहा हूँ गर। और आगे कहते है जो हो बखतोरकीक्याकरते कृष्ण मारे के क्यों भगवान बचाना जाय और बचा सकते तुझे से बचाना चाय। और मैं जो हूँ आपकी शरणगत भग है, भगवान की शणलगतहोताहै भक्त है। जानता है कि अगर हमें सुख चाहिए तो 1 ही उपाय है। वो क्या है भगवान में पापा जी अनेक महत्वपूर्ण विश्व की चर्चा करते हैं, उसे भगवान ही कहते है। बाल के जो बौद्धिक हिस्ट्री है, इसकी निर्माण किसने किया है? हम भगवान ने किया है। और जो बुद्धिमान व्यक्ति है, वो जानता है कि पर हम भगवान के शरण अगर होगे तो ही असीसो्षेगे। तो का सोने का क्या या जैसे की इस युग में a o,
e,
o तो फिलहाल कह रहे हैं आप जो हो आप भी किसी भगती सुरक्षा, dot हवाई, सुरक्षा को हम बचा देगा सरकार, हमारा इस भौतिक समाज में यहाँ कहा जा रहा है, कष्ट? कष्ट, कष्ट कष्ट है समाज में या मार कह रहे हैं कि जब तक हम आप नहीं ले, हम कभी भी संतुषाह brahma जो व्यक्ति झारखण्ड क्षेत्र में भगवान है, तो बॉजितइसानमेक्या चाहे आप कितना भी प्रयास कर लो। आप अपने आप को कष्टों से बचा सकते है। जैसे की पिछले 2 साल से आप सब को कोविडउधानहाशुरू हुआ था ढाई साल पहले। और हमने problm linaशonweलोgo सका 1 समस्या होती है, अगली समस्या आम हो जाती है ये है तो दुख वोदिखनसानमें क्या है? और इससे बचने के लिए क्या है उपाय। तो जीवन भगत में राज कहते हैं, वो कह रहे हैं कि
अब
konsa prasishlogha तक तो पर आपको। असली। तो हमें इस शो को 7 के द्वारा ये ज्ञान मिल रहा है कि भौतिक सा clacलेsवआजकेवातर में आप क्या देख रहे हो जो करते जा रहा है और बढ़ते जा रहा है। क्या कहना चाहे कि हमें ये सुविधा का चाहे कितना भी प्रयास करे, आप को को दूर नहीं े। और प्रधान ना क्या लोग यह नहीं जानते कि अजी कैसे प्राप्त होगा और प्राप्त होगा, कैसे होगा? तो प्रधान इन लोगो के द्वारा परम भगवान का गुणगान कर रहे हैं। और अगर हम भगवान का गुणगान करना चाहते हैं तो वे क्या कहना चाहे? तो पुरा माने सुंदर को द्वारा भगवान को तो प्रदान प्रदान लान के मन
में
तो इस अध्याय में पढ़े हो प्रदान बना। किस प्रकार भगवान के भगवान की प्रशंसा करे? भगवान ने साल मा से पूछा प्रलाद मेरे कारण तुम्हें इतना कस चलना? बांगो क्या है? मुझे कोई बल देना चाहते हो तो ऐसा वर दीजिए कि मेरे हृदय से सा भौतिक आकर जो है वो दूर हो जाए। अगर मुझे बर्थ देना चाहते हो तो ऐसा वर दीजिए कि हमारे हृदय में किसी प्रकार का बौद्धिक आकर्षण नहीं हो। काम मेरी कितनी के हृदय में किसी प्रकार के मान नहीं हो। सो प्लान मनाज परम भगवान का गुणगान कर रहे हैं और क्या कह रहे है? अगर आप को क्या करना चाहिए? भगवान? इश्रनाकयाथे, उनकी शिक्षा का पालन, उनकी शिक्षा क्या है के वह उन्हें सरल भाषा में 5 महचपूर्ण सबसे पहले गया दूसरा था।
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और ये कहा जाता है कि इस गंध में क्या है मारे विवाह हमारे चारों ने इस विषय पर बोल दिया। चेती हा था जाय को, to प्रयास करते है a को, you won you please me। 2 को तो कई बार लोग पूछते हैं क्या कार है बाने पर इतना बंद किया जाता। क्योकि में इस शीमरबबमका 1 श्लोक पढ़ लो, उसको उधार या उस का पालन? और क्या? तो बाकी से क्या कह रहा? अगर भगवान में सुविधा दे। 2 क्या करो, गंध को प्रकाशित करो। और आप जानते हो कि प्रभाजी ने प्रयास किया प्रकाशित करने के लिए। अनेक प्रॉपर का। तो क्या सारे विश्व में क्या करते हैं, क्या करते है?
गंध में है
गंध में, तो प्रोपज ने बड़ी कठिनाई से प्रकाशित और ये प्रशन प्रकाशित हो गया था। 3 भागों में, तो प्रॉपर ने सोचा, अब मेरा हथियार है पश्चिमी देशों में प्रचार करने के लिए। प्रॉपर जी अमेरिका पहुंचे forscैntoजिसे उन्होंने इन भागों में प्रकाशित किया और बाबा जी और पश्चिम देखने पहुंचे हों disini इन भक्तों का कोई अभ्यास ही था क्षेत्र में आगे अमेरिका में ज्ञान है। और भक्तों ने कहा प्रॉपर हमारे गुरु रोज के किताबों को बाट पर कैसे बढ़ कौन लेगा इन किताबों को ये प्रसाद में 1 छोझतेरतेथेकिहमे स्ट्राई करना है 1 दिन 1 भक्त केशरा संकलन करके मंद लौट लेथे। petrol as pesa krishna i उनसे पूछा can give you a you in this book ka? तो पहली किताब को पढ़ गया प्रयास करे न तो आज पूरे विश्व में पापा जी गंध का अध्ययन होगा और भक्त इस मारता के महीने में बहुत प्रयास। तो पापा जी ने गंधकविसनकी सेवा पर इतना बल दिया क्योंकि भगवान का आदेश है वह गीता के थावे क्या कहते हैं यह परम हुए जो व्यक्ति यहाँ पर 4 है तो भारत में भी भक्तों में बड़ा उत्सा है और इस समय सारे विश्व में भक्त प्रयास करने हैं अधिक मात्रा में तो हम सबको इस सबसे ज्यादा कृपा सेवा आपकी संस्था में कोई शॉटकट नहीं है भगवान की कृपा हम क्या के शॉटकट है क्या प्रचार का ये प्रचार की सेवा भगवान को अत्यंत प्रिय है के माप को क्या कहा जा और संदेश लो क्या बोलो कृष्णा बोलो कृष्णा krsna का नाम लoboकृsणaशिाकहा है तू दास हर घर जा रहे थे इस सन्देश के उसी प्रकार इसका संता विश्व में जा रहे हैं। कई साल में जाते हैं लोगों का स्वागत आ गए उपदेश क्या है कैसे का उपदेश है जरुर करें हर कहीं हैं कब जाते हो दरवाजा नहीं हो में महिला सा जार थे सब ने उनको आदर नहीं लिया ने दिया और कहा क्या है आपका ब्रेश देश सुनने का yes we will do to a हो तो पागल तुम्हे bag क अंदर तो हम तुम्हें आना नहीं देगे तो जब आप प्रचार करते हो आपको यह सोचना चाहिए कि हर व्यक्ति आगे पहुंचने पर तो कितनी किताबें आपको संघर्ष करना बोल रहा है। इस कलियुग स्थिति ऐसी है कि सरकार जैसे दिल्ली में शराब लेकर बहुत बहुत चिंता सरकार की जब 1 साल पहले लॉकडाउन हुआ था और इन रोज जब पैसा मिला सब से पहले क्या गया मॉडल और कई साल में झगड़ा हो गया था इतनी भीड़ होती थी खड़ा हो गया क्या बेचारे खड़ा घरमें डिलीवरी कर उन्होंने होम डिलीवरी कर दी शराब तो हम सोचते कई बार अगर जैसे अब जाए लोग लड़े हमें गिरा दिया हमारा मस्सा बड़ेगा और हम कई घंटों के लिए जाते हैं और कोई साथ नहीं दे रहा तो परम भगवान को हमेशा में जाते है और मान लो आपने 6 साल घंटे पर 4 किया है ज्यादा किताबों को नहीं पता भगवान आपको पेरेज देंगे इसके लिए कोई चेन नहीं है तो ये जो सेवा है सबसे महत्वपूर्ण सेवा है और भविष्य के 10 हजार सालो तक ऐसे बोलेगी उसके बाद इतना धर्म होगा पृथीपरकिधानमे इसकी रूची नहीं होगे तो ये जो गंतकेवीचकीसेवा है तंभ को जूड़ा पापाजी के नेक है। पापाजी ने कहा अगर कोई खुदा भला करे और चाय का पालन करे और माई नाम गुजरात बिना चल कर के कहा जाएगा। हमारे तो कई बार हम डरते हैं,
जाएंगे
सोचते है हमारे इसमें ब्याज भी। गीता में कहते है ये प्रेम से मेरी सेवा करते हैं। कुछ की मैं क्या करता तो ो हजारों भक्त जुड़े हैं। ऐसे में हिंदुस्तान में ग्लिकेशन पीछे बहुत तेजी के साथ बढ़ रही है। और वो भी आप सबसे निवेदन है। आप प्रयास करो और प्रयास करोगे। गॉड हज 22 लू, कुछ स्वयं प्रयास करते हैं। हवा के फेवर में, तो सारे विश्व में मान है। 1 महीने पहले भक्तों ने 23 महीने के लिए श्रीमत भगवत बाटने का मैराथन किया था। आपको पता है तो उस मैराथन में हिंदुस्तान में भक्तों ने मेरा कितने शेर बा रे, sa re die और भक्तों ने प्रयास किया और मरते न शुरू हुआ था। पहले साल का भक्तों उरसा बढते गया। हमारी इच्छा होनी चाहिए कि हर घर में 1 भगत हो, पायेगा अगर प्रयास करे। तो मैं भक्तों से, भक्तों से विनती करना चला गया कि आप सब जी, सब प्रयास के लिए रोज, सबको प्रयास करना चाहिए। तो आप जानते हो ये साल जो है, स्पेशल साल क्या है? स्पेशल तो आप सब प्रयास कीजिए, प्रभाजी के न बदले और हम प्रशन करना चाहते। तो क्या करना चाहिए? तो 52 पर जितना कर सकते हैं, वो हम नहीं कर। कईआंसेना makan seva, e, seva, jor, आप सब से निवेदन है या जू आप मत सर जा सकते हो, प्रयास करोगे, बोली देंगे, कैसे करोगे, पर प्रयास करोगे न सोचोगे नहीं, हमारा नहीं होता। सामान बा जी कहते थे न वो चेक, नो फॉर। आंसर कभी न बोलो, क्या मैं नहीं कर सकते। भगवान के पास है। और काया तो ये था कि आप सब प्रयास कीजिए और प्रयास करोगे तो किसके लावे? किसका हा भक्त होगा। और नहीं करोगे। तो इस लोक में प्लाजमा क्या कहने हैं? समय जो है, भगवान का पति और समय तेजी के साथ बीत रहा है। तो आप भ लगा में देखा, भारत का जो आर्मी चीफ था, उन्हे में मर गए। तो किसने सोचा था? या किसने सोचा था, नई था। वह या तो कदर पदम पर खतरा है। हमें क्या करना चाहिए? समय का रुपया क्या करना चाहिए? सेवा। तो आप में से कितने भक्त सभा में हो? जो कि विधान मंडल से सम्बंधित हो, कितने बरस हो? ठाकुर और बाकी जो भक्त हैं, वो मेरे खयाल से दूसरे शहरों से ना। तो चाहे आप किसी शहर में हो, विश्व के किसी कुल में हो। आप क्या कर सकते हो, 2 बार सकते हो। तो ये आप भक्तों से मिल, मेरा में जुड़े और जुड़ने से क्या लाभ होगा? भगवान देश भरेगा अत्यंत, अगर आप भक्तों से पूछो, आप कृष्ण भक्ति से कैसे जुड़े? आप देखोगे कि मैक्स भक्त जुड़े हैं, कैसे आप सब में जाइए जो वृंदावन के भरत मूवी वाले आपका प्रयास तो सब जुड़िए मेराथन में अभी भी चांस है, कोई मेरा था, चले प्रयास करेंगे, आपको भी क्या प्राप्त होगा? तो आप त्यार मेरा सान से जुड़ने
के लिए
आपका as
as
an सन ठाकुर, जो बोलना चाहते हो, बोलो प्रेज किसका जल्द, वह क्लास खत्म नहीं हुई। लोग यार
पुलिस के
तो वो धाम में वास करना चाहिए धाम में वास
तो
और शहर बसा हुआ है और
उसके मन मे 4 धाम के पास करना है तो उसे क्या करना चाहिए
जिधर भी आप नाम लोगे वो सान धाम बन जाता है अगर आप छोड़कर दावन में आओगे ना में आगे मेन की कीमत बहुत बढ़ रही है आओगे तो और भी बढ़ जाए और जहाँ भी आप हर काम कर रहे हो, अगर ठाकुर हमारे
पर्स में मान लीजियेगा जिगर सावन।
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