Sri Krishna Janmashtami Special Lecture | Srila Gopal Krishna Goswami

In this Janmashtami special lecture, Srila Gopal Krishna Goswami expounds on the divine appearance of Lord Krishna, describing how the Lord manifested to assure his parents and the world of his purpose. He narrates the sacred act of donating ten thousand cows, linking it to the spiritual merit of Go‑dāna and the responsibilities of Brahmins in society. The discourse weaves through various leelas of Krishna—especially the butter‑thief episodes—illustrating moral lessons about humility, devotion, and the power of inner bhakti over external ritual. Goswami also connects these stories to broader theological concepts such as karma, the cycles of rain, and cosmic balance, emphasizing that divine actions reflect the moral state of humanity. Throughout, the lecture intersperses chants, scriptural citations, and reflections on how sincere devotion can transform personal and societal conditions.
Chapters
जमा
जमा
कजहा गोपी जाना वाला गोपी जाना वाला भा गया जब
हा रा
जमा हवा रिहा न रन
सोलन
मनतेरा मनचाानमनदेरा बन चा
रा
जरा हा
से
nana
ganaजtaरधaवाकलगो लेगा case हरे हरे रामा रामा रामा रामा हरे ह कार हर हाय रामा रामा रामा रामा हरे
हाल
ग्रिशणाहग सारे ले आये रे i core सबका स्वागत आज बहुत शुभ दिन है भगवान शीकृशnकी cm stay a a a a a a smartphone s
भोतमबरबुे श्री मान से गरशोभिकोजतभो हताममसंजबदसभगम हर उन पर स्वत से कुंदज तुम बस हम मजे मैया जी
सी
गरशोबिकोजदो सं सु
कु
रही
कुंदन
चंद
बना दि जाम भजन श्री वत्स सं भगवान है कुंग राम चंदर दंगली जमा बाल मदुर भुजमशंघदजुधायुदधम
लक्ष्मन
गलशोभीकस्तुभमिवस लक्ष्मन गलशशभमनमरमसरपयो गम
कुंडल
आप न
दिया जाएगा
रोमानम बसते
रोज मा
हम कुछ अदभुत म म हम मदर
जैसी
वाले वाले शंकर आदि हदों में लिए हुए आयोग श्री वत्स श्री वत्स से अलंक्रित बालों का वशिष्ट प्रकार स्रीवत से हा है। और यह भगवान ने अच्छा पहीनही शो भी
है।
ता
वहाँ पर जी
बड़े वे बड़े बड़े बालों के द्वारा चंद माता
जी
में चमकी बेटी कानों में सुन्दर ढंग
से
वह कुछ ने प्रश्न देव
से सुबह
जो की अद्भुत आंखें
और जो
अपने आँखों में धारण की उनके सर न था और उनके गले में पीला और बनी है अमर धारण किए थे उनका शरीर क्या है बादल दिया उनके बिखरे बाल बड़े बड़े का वे राजधानी रंग होने के कारण अंत अद्भुत लग रहे। अदभुतमसब्दके समर्थन में नवजात से चूके अलंकरण तथा नश्वर है। सिंह 5 एस में पुष्टि हुई है और हम सिशिामुसि भगवान का सुंदर श्याम रंग के धन्यवाद, श्याम तथा
है।
ऐसी स्पष्ट है की हे भगवान कृष्ण। मानव समाज में कोई भी सामान्य सी सू 4 हाथ वाला नहीं हुआ और क्या पूरी तरह बड़े बालों से कहीं कोई शिशु भगवान का कण समान के जन्म से सर्वधारी है। दूर कहीं गिरा कहीं पीला तो कभी
नाम
भगवान इसी विशेष ही ऐसी कुछ और जो ल अपने भागों में जमीला बी दी अब भारत लिएहेह शरीर श्याम धनपाल चमकते
भ o jai srikrishna re थोड़ी देर बाद बोल न पाऊँगा तो यहां पर भागे और भगवान क्या है भगवान सब उनके लिए ही होता है कि जिसके 6 प्रकार के गोलों सीमात में
सबका सुना,
जो की सबसे बलवान हो, स्टूडट्स को सबसे सबसे ज्यादा ज्ञानी हो, आगे हो, हो भी ज्यादा धनी हो ये 6 गुण जो कि पारस मूरे ने कहा है भगवान में होने गए असली मार्च में केवल पर भगवान ने प्राथना कर। आज कल हम किसी सुधार चमतकार करता है? भ मिलाते हैं भगवान श, दुरुपयोग सो कृष्ण भगवान कृष्ण गीता में अनेक श्लोक है, भगवान साबित करते हैं, उनका प्रकट होना 22 दिव्य है। दिव्यम भौतिक गुणों के पार क्या कहते हैं रोप में जर्माकमचामें पुराना निर्मा म वार पगड़हनापगडहोना क्या है। और जो व्यक्ति समझा हवा का पग होना, पगड़ होना, दिव्य व्यक्ति क्या लाभ मिलने से खोजा। दूसरे शब्दों में भगवान प्रकट होते हैं, अभी विवि रूप में प्रकट करते हैं और उसे समझने के लिए हमें पवित्र ने की है या भगवान की? अलबूवीधापसमस् भगवान में अनेक गुण है। बनानी रूप अदि पुराना पुरुष वान के अनेक गुणों में 1 गुण है। नहर का। यह दिया है अरे वो, रात में बयान करे और वो अपने आप को नेक रूपों में क है। शेर और पुरुष के रूप में। पर भगवान के रूप। मछली रूप भगवान के है। कोई फायर, किसी से, किसी और अंक कार्य कर लेते हैं। जैसे कि आप हो गादिया भगवान को। आप कैसे भोग? भगवान के लिए भगवान ने खा लिया। हम प्लेन को उठाते हैं। थोड़ी देर के बाद भगवान ने खाए बौतिकडिष्टीसे का प्लेन पहले भरा हुआ, अब कैसे कहते हैं कि भान ने खाए हान खाते हैं अपने नेत्रों से और हाँ मगर देश खानों में, खान में क? परवान के अनेक रूप क्या है? और गीता मे क्या करे? इदादा अल में हूँ और किसलिए पवन पकड़ है? अनेक जन में पकड़ किसलिए इस पुरे लोक में भगवान क्या कह रहे हैं? किसलिए प्रकट होता किसलिए है? धरम की स्थापना के लिए धन की थापना स्थापित किया जाता तो भगवान धर्म के फिर धर्म सावन करते हैं। हमें भगत तो कृष्ण कुमार कौन है, पर भगवान हमें ये नहीं सोचना चाहिए। ये सब भगवान है। समान संभावाएं 1 सवाल नहीं है ईश्वर, पर यह नेक शवरहैमीयाकंट्रोलर सब में सब से पुसिस कौन है। सू। तो ये सारे शास्त्रों का निर्णय है। क्या? किसी भगवान कौन है? हम भगवान और वान होते हैं। अदभुत लीला को करते हैं। किसी प्रसिद्ध ह में। कैसा रहा तुम? इस पर मा ने कहा क्या कहते हो? केवल कृष्ण ही सुप्रीम है और भागे देखा है। हम सब भगवान हैं। मैंने कहा अगर आप अपने आप को भगवान बुलाना चाहते हो तो ये लिवयलीलापकड़़कर भगवान हो। गोला पर मुझ को उठाया था, वहां की छोटी के बल पर आप उठा। आज नए पर, कल सब हो? तो यह ढोंगी भगवान है भगवान। आज भक्ति योग का अर्थ है कृष्ण। तो भगवान कृष्ण प्रकट होते है बिजली पर। इसलिए हम साधना के जैसे की परम वान प्रगट हुए कि जय मां के रूप भगवान प्रगट, राम के रूप में भी भगवान के भगवान, भगवान पर ते है साधना के लिए। और हम की चर्चा करते हैं। तो वे पर भगवान का दोना भगवान क्या पकड़ हो? आपने सुना भक्तों के साथ पकड़ हो गए हैं। जैसे कि उनकी माता वासुले। वाचले देव के भगवान के माता पिता थे। और भगवान के माता पिता कैसे बनते हैं। और वाले देव के। उनकी बड़ी गहरी भावना थी कि हम भगवान को अपने पुत्र के रूप में प्राप्त हैं। यही वासदेव ले भगवान के मां बाप से पेशी पृष भगवान के पिता सदा पेशी के रूप में, भगवान के रूप में। फिर ये प्रकट हुए हैं, अधिक प्रकट हुए हैं के वासुदेव और वाजदेवदेवकेहमार के माता पिता है। और उन्होंने यह भगवान को पूरा के रूप में कैसे प्राप्त की की 1 ही इच्छा थी कि हमें परम भगवान पोस्ट के रूप में प्राप्त हो और भगवान उनकी इच्छा को पूरा किया, वकील है कितने समय के लिए 12 हज़ार। देवताओं के देवता के इस बरफी में और दूसरे लोगों में मेकांग 6 महीना उनका 12 घंटे के बराबर है देव के 12 सालों के लिए कुछ दे या आप 1 दिन देवी ने ट्वेल्व थाउजंड सेलिस्ट तपस्या की लगातार सोचे थे भगवान के भगवान और खाने की आती, उनके खुरा बतते, जोकि पेड़ों से गिरे kunal, हवा, हवा सा बार देव होंगे वर्षों के लिए दिन रात चिंतन किया लिए। भगवान सो अगर, हम और हार्दिक मार्ग में कर सफलता चाहते हैं। क्योंकि आवश्यक है प्या तबरसकासेसं्शेप में उन चीजों को त्यागना योगी भक्ति के लिए प्रतिकूल है और उनको स्वीकार करना अनुकूल है। और आजकल अनेक धर्म के प्रचारक हैं। तपस्या शब का उपयोग नहीं करते है, भय रहता है तपस्या बोले अचर्चा करेंगे आएगा। पर देवकी के उदाहरण हम देख सकते हैं कि वे तपस्या किसी ने कम वर्ष के लिए तो परवान पर होते हैं और उनके भाई और रिश्तेदार वो भी प्रकट होते हैं। बड़े भाई बाला वानजी को जबजी बुलाया जाता है। दाब जी का मतलब है बड़े भगवान। बलराम के मन में 1 ही भाव रहता है। क्या? कि भगवान की सेवा भगवान। और यह बाला राम किस रूप में रमन के रूप में भगवान की सनातन साल हाथी है। उनके मन में सदा 1 ही भाग भगवान के राम सेवा कर। पहला, मेन के मन में 1 ही भावना सेवा। और हम देखते हैं। भगवान का विवाह हुआ है सीसा के साथ। तो सीधा आई। सी बार दुखी हो गई। उसने देखा कि उसके लिए कोई सेवा ही नहीं है। क्यों? जो भी सेवा करने जाती है तो लक्ष्मरपहलेकहलेता है भाया है क्या? तो सीता ने कहा नाम से आप मुझे लाए हो, पर कोई मेरी तो कोई सेवा नहीं है। सेवा में ले जाती हूं। भगवान ने कहा, यह बड़ा करे सी है। सीता के पक्ष में बोलो लखन के बचे बोलूंगा तो सीधा। उन्होंने कहा चलो गुरु जी के अपनी समस्या का 1 सा हा, राम सेवा की सेवाएं हैं, महल के बाहर है, उसकी तैयारी कर। ना लखन से खुश नहीं थे। और यह दमन प्रगट हो, भगवान प्रगट हो। और ये भाई भाना। दुश्मन ने कहा मैं भी छोटा भाई नहीं बना, छोटा भाई ने। मुझे हर कार्य करना पड़ता है। मैं बड़े भाई के रूप में आरा वो प्रकट हुए, बड़े बालना पर प्रकट हुए। भगवान ने। तो भगवान क्या प्रकट होते हैं, साफ उनके साथ प्रकट होते हैं। और बाल के भगवान के बड़े भाई थे। उनके मन में क्या था शराब कृष्णा सेवा और कृष्णा की सेवा के भाव। वहां कोई इच्छा नहीं थी। तो परम तुमाजवरदेवकीकोभवा से यह कम है सूर भाव का और वासदेव और देवकी के भाई से, तो मां देवकी का। जब देवकी के पिता व जाली बहुत बड़ी 400 हाथी सजीव खाए। तो कम जो का भाई था, उसने बैंक का विवाह हुआ है। भैं को हमने नए घर मैच, छोड़कर, आऊंगा सवार रतले जाए। और वो पहली रात कोई शादी जाए। रास्ते में 1 वानी द्वारा कम्स को देश हे कंस तुम मुर्ख हो, अपनी बैन को छोड़ते हो, नए घर में छोड़ने जा रहे हो। पर बैन के आठवे पुस द्वारा वा वाद होगा ने ये सुना कि वाणी में वानी में पूरा विश्वास कर लिया। ये बड़ा भयंकर संदेश है। इस बैंड जिसको जा रहा हूँ नए घर में उसका बेटा वद करेगा तो उसे तो अच्छा है। मैं अपनी बहन के वाद कर बार निकाले का पाना है। वो समझ गए, वो समझ गए कि यह खान मेरी बहन है, उसकी उदाहत द्वारा नया वाला जो सुभाव के वक्री होते है, वो कुछ भी करे अपने के लिए मृत्यु ही है जैसे कि आँखे वाला में क्या देखते हो, पीछे सुनाई दे रहा है। so what कुशाई से सर को ये विश्वास तुम मेरे बैन को मत मारो। खर्चा तो तुम्हे है किस इसके 8 सो कोई चिंता की बात नहीं है। तुम्हारा बच्चा पैदा होगा, हाँ मुझे लगे और इससे तुम ले जाओगे बेटे को वापस शो देगी बड़ी खुश हुई मुझे मारने का सोचा था और बेटे को घर ले जा manti भगवान हो गए। हमें तो पता कौन है वो फील वाला उनके जीवन को खतरा हो। तो हमें तो सब बच्चों को मारना
ना
सुरक्षा के लिए उन्होंने क्या किया सब बच्चों को मारना शुरू ा। तो कंस जो है से भागा था और भगवान पकड़ कैसे भगवान पकड़ हो? उनसे पहले भाई बाला पकड़ हो गए थे, भगवान प्रकट हुए और कम का मन हो गया था। तो परम भगवान हैं क्या कोई का संभव नै आप बलभवदमकेरसविस्कल में पढते? भगवान की राम के विश्व तो कई बार हम देखते हैं जो भी थी भगवान की लीला का वर्णन करते हैं कोशिला पहुंचते हैं कहा रासीलाकेरजोराशलाहै भगवान की वह अदभूत है वह जो पिया है। भगवान की सील थी नहीं थी औरतें जिन्होंने हजारों साल के लिए तपस्या की थी। भगवान की प्राप्त करने के। ये गोपिया थी बड़े ऊँचे कोली कोली भर, यंत्र 24 घंटे उनके मन में है। कि भागता गया कृष्ण की। तो कम बुद्धि के व्यक्ति यह समझ नही पा है। वो सोचते है ये जो भगवान की राशि मिले है, ये हमारे आनंद के लि जिस पर भगवान लड़कियों के साथ नाचते हैं तो हमें भी तो वो भगवान के दिव्य निया का योग करते हैं। ब्याज दे में श्रीमद भगवद का ज्ञान दिया। प्याज ने अनेक साफ की घटना की थी भी वो संतोष नहीं थे। और वो पहुंचे मोदी ने क्या कहा तुमने भक्ति बकेबरबलनेलिया की स्थापना की है। उसमें हमार के गवर्नर तो है पर कर मकाने क्या ने का गवर्नर है और शुद्ध भक्ति का उपदेश ने लिया कि इसमें श्रीमल भर। तो 10 में भगवान की अदभुत वीरों का वर्णन होता है। और हमें अब पढ़ते हैं भगवान की बाल लीला, बाल ला के द्वारा वार की और इन इस नीरा का वर्णन के पश्चात फिर जाके। व्यास ने बहन की यहां से भी का वर्णन करते हैं तो हमें धन को पढना है पतन पढ़ना चाहिए सो इसके द्वारा जब आप पहुंचे आप के बनने कोई शंखा नहीं होगी पर भगवान कौन है, पर भगवान प्रकट होते हैं और दिव्य लीला प्रकट करते हैं। वार लिलाये है कोई सुधार लीला है। जैसे कि भगवान। भगवान ने पूछ पूजा, भगवान गोपुर में थे, लोग आश्चर्य हो गए थे। भवन ने विधिना किया था क्या मेरी मृत हो जाएगी पांचवें पुस्त के द्वारा। और हमारे कट हुए है पकड़ हुए अपने दीवे रूप में। माता पिता ने कहा, तुमने धीरे रूप में में पकड़ हुए है। क्या कहा गया है उनके 4 हाथ है। हमने कभी देखा 4 हाथ के पीछे को जनम देते हुए। इतिहास में देगा। जी हा, बच्चा मां के गर्भ से निकलता है। और उनकी चाची में क्या था। शी वर है। और उनके पास सजा वाधा किसके साथ? धुरिया मनी के साथ। ये जो बधुरियामनीहैहा कोई सधारण जूली स्टोर में नहीं खेल सकता। यह जो बधुरियामनीहै बदलते जा रहा है। अभी लाल पीले विंडो में पीला हो जाएगा, विंडो में लाल हो जाएगा, विंडो में ब्लू हो जाएगा। बदलते जाते है। कहते है ये जो मन है, ये केवल आप प्राप्त कर सकते है। व माइकल लोक में जाओगे। भगवान प्रगट हुए। क्या कारण है? क्यूंकि उनके का बंद हो गया था? किसके द्वारा कारण? और भगवान अपने मां बाप को यकीन दिलाना चाहते थे। मैं प्रकट हो गया, हो गया। भगवान प्रकट हुए अपने रूप में। और फावदेवदेवगीखैद में थे जेल में करी, हे में। हम किसी को पुचा करने थे, जो जेल हो। गा मा, मा, बाप जेल में थे। हम जेल में काम करते हैं। उनको को कैली बना दिया था। तो देखा कि भगवान अब प्रकट हो चुके हैं भगवान को लेकर रूप में। तो उन्होने क्या कहा? सोचा बेटा, जनम जनम लिया है मुझे दान करने। 2 ने अपने मने मन में 10 हजार गायों का दान किया। कैसे गाय के 10 जार गाय वनी मन में समर्पण कर दिया। किसे को रशुल ब्रामण का समाज में होना पोल है। हास में कहा जाता है चलते वरना मैं समाज का विभाजन होना चाहिए। 4 वरना और 4 आम है। हमें शती, रशियन, सुध और ब्रह्मचारी की हर सवा सो ब्रामणों के समाय में होना बहुत आवश्यक है। ब्राऊन उसे कहते हैं जो कि न इस काम भाव से पासवान की सेवा में जुड़ता है। भगवान राम का राज्य था। सोनोने ब्रामणों को ब्लाग बुलाकर, गुब्बा ने भेज दी है। राम से पूछा कि वे जमीन है। ब्राह्मण ने कहा उतना जितना की आवश्यक हो। उससे ज्यादा और ब्राहमण जो थे, जो उनको मिले थे, उन्होंने सारे जान लुटा दी है। उन्होंने बहाने हम आपने करने से संतुष्ट हैं। जो ग्राम है, उनके बारे में ज्ञान होता है और न आगे गीता में, समूह में क्या है। क्या क्या के गुणों का वर्णन किया जा रहा है। तो देव ने 10 हजार गायें दान में दे दी। अगर आप कभी ऐसी स्थिति में हो कि आप शरीर के द्वारा सेवन मन में बाकी, सब सिंधु में, पर गुसा में 1 उदाहरण लेते हैं, 1 में 1 बहुत गरीब ब्राहमण, सा ग्राहम जो है वो हर्ष दिदी में संतुष रहते हैं। या तो वो बहुत गरीब था। वो कथा में कथा हो ले गया था। जिसमें कथाकार ने कहा कि अगर आप ऐसी स्थिति में हो या फिर ही वाला सेवा नहीं कर सकते तो मन द्वारा कर सकते। ब्राह्मन ने मनी मन में 1 सुंदर मंदिर बना लिया और सुने मूर्तियों का स्थापना और बड़े नियमों के अनुसार दिन में 7 बार जबरा बना। आरती, का और खुद अनेक पवित्र नदियों में पहुंचकर कहां से जल आता रहा वान के अभिषेक के लिए। जैसे में कृष्ण है वहाँ उनको वान की अभिषेक होती है और ाविषेकाअभिशेक नतीजे हैं, वहां प्राप्त करते है र्नामेंट के रूप में रूप में में वो है जिसे अपने भगवान को तो रोज भगवान का अविशेक और भगवान का भोजन भी अकेले बना। इस प्रकार ब्राहमण कई सालों तक इस प्रकार भगवान की सेवा करते। मन मन में उसका सुंदर सा भगवान प्रसन्न हो गए थे। ब्रामण के सेवा के द्वारा। भगवान ने 1 दिन क्या हुआ वो देखना चाहता था कि जो खीर बनी है हमारे ये गरम है या धन से अपनी उंगली को जरा और प्याले में उनका जो है लग गई। वासपिकमें कैसे संभव है। वो लीला को देख रहे थे और हंसने लगे। हमने अपने ऊनी को देखा कि लक्ष्मी जी हमारे साथ ही उन्होंने कहा भा ने अपना हवाई, अपना हवाई जात भेजा अपने धाम में डालने के लिए जो मन द्वारा भी आप सेवा कर सकते हो, ये नहीं की आप कहोगे हम बुक में आज मन से गए। अगर ऐसी स्थिति में हो ऐसे वाले वो कम सके जेल का है। अगर ऐसी स्थिति में हो। आप सेवा नहीं कर सकते है। वन के सेवा तो पर वार है। वो का गॉड सो इसका भार के आने के लिए लाये हैं। सो इंदिरा के द्वारा। क्या देखते है। जैसे छोटे बच्चे ने पुतना हमारे दर तो बिल्कुल फैलाभूरिहै और पूसा राक्षसी पुला। राक्षसी जो थी उसने अनेक बच्चों का मृत हो गई थी, बिल्कुल भाव किया जा। और कम जो थे, राजा थे। और आज उसे बैठा इस की का बेडा आगे है, वो है रूस ने असूलों भैया के बारे ने पुदराकपूजनाने अपने आप को में माल के सब खुश थे। और और सवार सोचा, ये तो बड़ी रिस्पेक्टरीबल दिखती है। क्या या न समझ गए थे। यह क्यों आ रही है। और क्या हुआ? पूरा जीवन समाप्त हो गया। सो वाले थे, वो समझ नहीं पा रहे थे। ये छोटा बालक है, बड़ी खास रखी है था उसको। भगवान ने हाथ लगाया, हमने कहा कैसे आया? बच्चे ने फॉर्म पर मारा हो, नीचे आए तो सोचने लगे यह कैसे संभव है? छोटा सा बच्चा है। 3 महीने के 5 म गे तो जो बिाली सोचते थे, अब क्या किया जाए? लगता है ये जो बालक है, यह कोई खास बालक है। साधारण बालक नहीं है। a rti balan है। देवी शक्ति है। क्या? यह देवी शक्ति है यानी गाभालहापोभवाएज पकड़ होते हैं, जिवेलीलापकड़़कड़ते हैं। दिवि लीला केवल भवान पकड़ सकते हैं। उन को लेता लेती रही। इसी प्रकार जो बृजवासी थे भगवान के लीला को लेकर लेकर आश्चर्य हो रहे थे 1 समय भगवान खेल रहे थे अपने मित्रों के साथ सो बालाराम उनके मित्र हार गए हार में तो उन्होंने शिकायत लगाए कि आपका बेटा जो है मिट्टी खाता है माँ बड़ी घबरा गए मेरे बिखर में किसी सी की कमी है क्या नंदना पर संपति नो लॉ गायें थी किसने हो ला और इन गायों के दूध में बी गाये थे में उनका दूध आता था सुगन होता है आजकल अगर आप स्लो बरी फ्लेवर आ सकते हो में और राज के समय 20 गायों के खास नाम था और खास और इन गायों के द्वारा सो गले भी था सो भगवान की जो लीलाएं हैं शब्द को नमाज के बाद 9009 लाख गाय मेरे घर में क्या किसी प्रकार की कमी है मेरे पति के 9 लाख गाय है तुम जाकर मिट्टी क्यो खाते में विश्वास नहीं है कि मैं मिट्टी नहीं खाई मैं मुंह खोलकर हूँ। माता ने मुंह खोला मुंह में क्या देखा? माता ने पूरे ब्रह्मण का दर्शन पूरे भ्रमण का किस प्रकार है जो व्यक्ति हैं कष्ट अनुभव करते हैं। और उन्होंने बेटे के मुंह में पूरे ब्रेमन का दर्शन लिया क्या सोच रही है कोई सपना तो नहीं देखा कोई सपना नहीं देखा कि मुह के पूरे पूरे मुंह खोले अपना रात होता
ा
पर वा जो है ना करना शामिल जो प्रकट होना बिल्कुल दिव्य है भवाएकीजिलाएहैं उन्हें भवान के ने को पढ़ते हो प्रापाजीकीबहुत इच्छा थी कृष्णा बोकुलोनेप्रसन किया है जिसमें प्रकाशित किया है भगवान लीला गवर्नर ने देश की इसकी जल्दी प्रकाशित किया जा। सो प्रभाजी ने अपने भक्तों को भेजा था इंग्लैंड में पचार लंदन में और उनका परिचय हो गया 1 ब्रीचंसकेसाथ मीटर का नाम सुना है 1 समय वो देव सर मान लो की पूजा करते है शो बाजी को मिलने आए थे श्याम सुंदर न्यूयॉक में उन्होंने बहुत अच्छा भक्त बन गया रोज ही नही करता जा में बाबा जाने को प्रकाशित किया जाए वही धूम धाम से शांत माई वास जॉर्ज को पेपर आज जॉर्ज is a new to body you have miss mat, want you is book? realy levis bra तो सार रूप में प्रस्तुत किया है कृष्णा बोक के कृष्णा बोक हमें बड़े ध्यान से पढ़ना चाहे तो हमारे के ने लीला है। 1 बड़ी मधुर लीला है हम भगवान की माता के साथ सोलमारा बड़े ध्यान से। 1 भगवान के लिए दूध बनाया है। और अपने मन में क्या थी। मेरा जो बेटा है उसे लोग कहते हैं लोगों के घरों में जा कर क्या दूर चुराता है नहीं चुराता है चुराता है कि कि की कमी है। मेरा बेटा पड़ोसियों के कभी ज्यादा खुश है पर ध्यान से सी दूध की तैयारी कर रही थी और यही सोच रही थी मैं पानी के दाम लीला में क्या करते हैं देख यह भगवान मखन चोर थे और गोपिया है का मारा बेटा हमारे घर में आकर मन चुराता है और भगवान के ने नेक नाम क्या है मखन चोर अगर आपको चोर बुलाया जाए अपने को अच्छा नहीं लगेगा यह आपके नाम के साथ जोड़ दे। पर भगवान को हम मकई जोर बुलाते हैं और इसमें कोई अपमान नहीं है, भगवान को को बुलाते हैं। पर गोपियों के घर में जाकर माखन चुराते थे तो भगवान के अनेक लीला। 1 समय भगवान जो है भगवान अपने मित्रो के साथ परोस की गोपी के घर में गए मैंने पर कि ये गोपी रोज इस समय यमन नलिका जाती है भगवान पडोसी के बेटे के बिलाल मिल कर उनके घर चला रहे थे। और गोपी है सारे तुम्हारी मां हमेशा कहती हैं कि तुम लोग मेरे बेटे को दोष दे कर गोपी ने पकड़ लिया मन को अपने हाथों से तुम्हारी माँ हमें प्रमाण कहा है? और मैंने रेजहैलेतुम्हे पकड़ा है चलो मारी माँ को मान लेना चाहते तो गोपी भगवान जारी और उनके साथ गोपी का बेटा वो भी था भगवान बड़े चाप उसी से अपने हाथ को उठाकर निकाल लिया और के घर में पहुंची गोपी तुम कहते हो तुम्हारे बेटे का कोई प्रमाण नहीं है। ये देखो तुम्हारा बेटा मेरा बेटा
भगवान
भखनचुरातेथेऔकोई उन्हें पकड़ नहीं पाया। 1 समय हमारे इस खान के केंद्र में, विदेश में में मरद तो परोसे से उन्होंने देखा कि उनके बगीचे से फूल रोज गुम जाते हैं और ूल उन्होंने शिकायत की सूचना मिली पड़ोस के घरों में जाकर फूल चुराते हैं भगवान को भूख लग रही है। पापा ने कहा वो टीम वी गॉट चोरी करना जाते हो, कोई पकड़ नहीं पाया नहीं कर सकते। छोड़ दूसरे शब्द में भर कर चोर भगवान भगवान की अनेक जिला में गोधन पूजा की है। भगवान के माता पिता की तैयारी कर रहे थे पिता आज किसान किसान सब प्रार्थना करें यह प्रार्थना कर रहे थे। वर्षा वर्षा के बिना कोई जी का भगवान गीत कहते हैं अन्न की प्राप्ति होती है, वर्षा के कारण वर्षा की प्राप्ति होती है। आजकल आप क्या देख रहे हो यह देखो कि कोई तो कारा। इसलिए बारिश कभी टाइम पर आती है, कभी ज्यादा हो जाता है, कभी ह और कभी सूखा रहा ये है क्योंकि पृथ्वी पर पाप का बोरिया बहुत बढ़ गया है। तो भगवान ने पिता को और किसानों को ये विश्वास दिला है की ये जगह है कर्मों के कारण हो रहा है। तुम लोग इन की सेवा क्यों कर रहे हैं। महान बताना चाहते थे कि नेता की पूजा में, फरारी की पूजा में आंसर है। तो इन्दर ने देखा की इस छोटे बालक के कारण इंदर ने छोटे वाले का उन्होंने रोक दिया था। समता बाल ऐसे हिलते हैं तो बड़े जोर से वाह भाग, मगर उद्देश्य था या कि पूरे ब्रिजवादी डूब जाए भाग। भगवान ने देखा तेजी से बाय लगे ब्रिजवाजीथे घबरा गए है। उन्होंने कहा कि आप हमें बड़ी कटरसितीमेंडाल रहे है। भगवान समझ गए कि जो भक्त हैं उन्हे लाख है। उन्होंने गोल्डन परवर आप सब ने गोल्डन परवल कर दर्शन दिया है। गोला पर्वत आज जो है वो छोटा है। तो भगवान किसी पद से गोला की ऊंचाई बादल तक थे बादल तक
भा
ने गोला पर्वत को उठाया। ए हाथ के कौन सी उंगली सबसे छोटी उंगली के नाखून के बल पर भी यह लीला को सुधारन व्यक्ति कर सकता है, कोई देवता कर सकता है। और 7 दिन के लिए जो जबाजी थे लान पर्वत के छत के अन और वो क्या कर रहे थे, वहा के चेहरे पर ध्यान से देख रहे थे। वो हमारे चेहरे पर ध्यान से देख रहे थे। जिसके कारण उन्हें न भूख लगी, ना प्यास लगे देखा कि उनकी योजना सफल नहीं हुई। मिलन ने क्या किया? मिलर ने वहां से माफी मांगी और अनेक स्तुतियों द्वारा उनका गुणगान किया। भगवान वो लिबेजीलापरकरते तुलना कोई कर नहीं सकता। तो आज तुलना में बहुत छोटा था। तो पाया सार हर साल अगर आप बहार की जिला में लीन हो जाओगे तो आपको भी भूख नहीं लगेगी, प्यार ही लगे। इस में हम भूखे भी हैं, प्यार से भी भूखे किसलिए किसलिए इंजरटिपलीकेलि हमें हम सोचते हैं कि भौतिक कार्यों के द्वारा सूखा सूखा है। ऐसी सुरत क्या है कि हमें भारी चाहिए। भागवत में। आप देखते हैं कि ुगेपरस्वामीपरिशि को ज्ञान दे रहे थे। तो जब वो 10 वे स्कैन पर पहुंचे तो प्रेशर में 7 दिन अपनी तैयारी कर रहा हूँ। और साथ ना मैंने कुछ खाया है, मुझे इतना मानना है वहां की जीरा मुझे भूख भी नहीं लग। is prakar if you take seltesafremrod, you will freerslfrommicel hunger and metal and free erslfomeicboite getama। भाग गीले में भगवान का संदेश है। गीता ने शोर किया है विद्या में भगवान क्या कहते हैं कौन से है वो प्रदेश लोक पर जीवा स्वामी कहते हैं इस लोक का अर्थ है मैं समर्पण करके कृष्ण भगवान की चाहिए। और सवरधरमाओं का मतलब है भगवान कृष्ण। और तो आज जाना क्या भाव रखना चाहिए, क्या भाव रखना चाहिए हम भगवान के ना हो सके सौ प्रतिशत hundred percent with a body min इंटेलिजेंस sell the lord in samrpan wesuprेtlodयहां। हां भक्ति में आकर्षन बढे और हम भक्ति में ज्यादा रूचि ले, फिर सलीका असली लाभ उठा रहे हो। 5 शुभ दिन हैं वह हुए वान पगड़ होते हैं गीत या वान कलियुग में होते है। इस रूप से अपने नाम के नाम है भगवान से बिल नहीं अभिन है में नाचते होली वाले व्यक्ति कहते हैं वे 1 नाम के नाते आप थके होते भी नाम करके सच बोलिए नाम के द्वारा बोलता कोई आनंद नहीं बुरी कहते हैं यह नाम के चयन का 1 लाभ है। जो आनंद है वो क्या केवल बढ़ता जाएगा बढ़ता जाएगा सो विशू फुल को होली ने होने क्या है हम सब आनंद की खोज में है। असली आना चाहिये असली आना चाहिए तो क्या करना का उपाय जितना घटेगा उतना धन आना पड़ेगा सो जा े and me you pati lor, please give a sakte sorendetohevwih your body mines lot। कहते हैं जमीन कृष्णा हाँ उपस्थित हो वान के भक्त हो आपकी सना होनी चाहिए या और गहराई के साथ वान के चरम कम। shri krishna ji आप सबको पीछे सुनाई
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कुशन है किसी का तो आप पूछ सकते हैं gocesionhepहरेमs माराज
हैंडी लेक्चर एसोसिएशन जिला, जिला की जैसे भवरजिताकेकोर्ट नान है जन न तो भगवान कहते है की उन्हें आगे भाव और जन को समझने के बाद हम इस में दुबारा से सही वाला वापस भी लेकिन जब हम जिला को पढ़ते हैं तो ऐसे जैसे बहुत समझना भौतिक गरारी थोड़ा मुश्किल है क्यूँकि हम भौतिक जीव का ध्यातमिकज कैसे समझ चाहिए
भक्ति के उस चाल के द्वारा हो तो फिर भगवान के को समझ सकते हो और बहुत ही गिरियों से आप भगवान की विधा को नहीं समझ सकते जैसे तुमारे आधे पुराने इसके लिए कई लोग कहते हैं enixnitmytology ologmtliomaजinaशन क्योंकि वह भक्ति के माध्यम से महाराज कोशिश है कि महाराज आपने कहा की से सेवा करते हैं आपने एग्जाम्पल लिया था हाँ
तो महाराज का कोई
क्वालिफिकेशन होता है क्या कोई पर्टिकुलर कर सकता है न भगवान जब गीता देखे तो अगर आप मन वाला भगवान के इच्छा ऊपर पुर का ध्यान करो या कोई हो आप भी कार्य कर
तुम्हारा
जैसे
वाले देते हैं इस पद के लिए ह मुझे पूछिए
हरे किशापलोभुजी राधे राधे मैं आपसे ये सवाल पूछना चाहता हूँ कि जैसे सड़क पे जैसे बच्चे ही मांगते हैं छोदेशोंके छोटे छोटे है और जो हॉस्पिटल में 22 साल के बच्चे होते हैं और उनकी मां बोलते हैं यह लोग बात बोलते हैं कि नाइंटी पर्सेंट लोग कर्म की वजह से हुआ है तो ये सकते हैं या फिर लोग बनाके को व्यवससरतेहै की कर्म की वजह से होता है तो फिर ये अगर कोई टीचर होमवरक अगर कोई स्टूडेंट स्कूल में होमवरक कर के नहीं नहीं नहीं आता तो उस स्टूडेंट को पता होता कि उसे मार इसलिए है कि वो हम करके नहीं आया तो फिर उस बच्चे को भी पता होना चाहिए की वो उसे इस बात की है अगर ये कारण लता है तो उसे ही पता
जो छोटे बच्चे होते है सड़क है हमको क्यूँ कि हम सब का, हम सब को सुकर जुका कोटा मिलता है कमों के आधार पर हर व्यक्ति भारत में नही बनता क्योंकि हम को वो भोले हैं ये सब कामों के आधार पर जैसा करोगे वैसा भरोगे और अगर हम सारे कोई बच्चा मान लो वही खाना का है उसका भी कारण है और भी भूलना नहीं चाहिए कि कर्मों के आधार पर में सुख मिलेगा और दुख मिलेगा भार को 2 आवश्यकता नही हम कहते हैं मुझे ये कसून बोलना पड़ा मैं का था सो भर है पढ़ कर राम भोगना पड़ रहा है भगवान घटा डिस्काउंट इसलिए है pisicoयाकहाजाta here थैंक यू हरे प्रभु जी प्रणाम और मेरा सवाल यह है कि जैसे कोई मैनेजर नापती करते हुए कम उम्र में अपनी जेल को त्याग कर देता है तो क्या उसे साकपॉलदामकीप्राप्ति हो सकी थी बोल प्रबोध जैसे कोई यंगस्टर्स कम उम्र में भक्ति करते हुए अपने घर को त्याग देता है तो क्या उसे पावडर प्राप्ति हो सकेगी कोई यंगस्टर है अभी यंग है और शरीर को छोड़ दिया तो उसको क्या मिलेगा रेकाने।
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