प्रह्लाद महाराज की शिक्षाएं | श्रीमद्भागवत कथा | Srila Gopal Krishna Goswami

Srila Gopal Krishna Goswami teaches Prahlad Maharaj's lessons from the Srimad Bhagavatam, arguing that spiritual education should begin around age five. He connects ancient Vedic practices like chanting and scripture study to solving modern problems: anxiety, drug abuse, and cultural decay among youth.
Chapters
a a hy krsna me हेलो
today
बोलने दीजि okay
srt
seven in
seven six on seven six one
i bगteasबगतeवा हम बार से अगर आपको समझ नहीं आया जब मैं बोल रहा हूँ वा रिपीट करना शुरू कर देंगे। a people watch bola man was hai the poor in trans
reson to use the human fofovbodyothe erylevingofln in other words from the decade time to battis tafinitesofthe mosionlservic giving a all the theingatonthe human body is most rain and all the detellylike other bodies it is beningfulbecas in human l one get performed emosnal serves even as in amount of sisir remosionalsves can be far compete vesion the word vedic tollens is the prticstatofemosinl serves the acoding the vedic ontario from the very lining of nterus so that from one very time from the age of five years when can practice on five on woman happy release so as a for a bit to forty sir tried mahto even a little advanspetfrom this park can protec for the most dentes moden civilisation not reting to the wordings of vedic ecetrisofrolto the members of human socity than of teaching the to become bramcharis indices mothers to kill the event or the pleofkrmigthentes of lesion and is by chance a chines save is ajucated only for sens ragtication gradualy through out the entire god yuan socity using impress in the perfेctonoflii india man living like cagsanddogs spoiling the duration of the human life vaksully preparing for casmigret again the ligritedsisis n the eight point for milion forms of the krishna consestersmovment is action to serve moment socity bat teaching people perform imotional service which can save a umen from the digit gantoanmlinascoleg state लाद महाराज भाग धर्म कंसिस्ट शरणम कीर्तन विश्णु स्मरण palsेvnrचmdndas srkiamatmavedn in all the cols colleges universities n col al seret us should be to hear about the supreme persalcardetin other words, they should be told to hear the instructions of gita to put to practicing their lives and thus to become strong in dios service free from fear of the the grade claim life for liagerma has been made extremely see in the state of kali, the शास्त्र से हरे नाम हरे हरे when li child harisa everyone is the faces of city the hरेविshामd we completely get from the foot as you said for the sicil of bordendom
hi krishna woldetoenfromhii brebrssoeshe पढ़े और फल इस प्रकार धान डू con
se कौन थे प्रलाद कौन
con te भगवान के बरजोर o plan to
जेजे
kumar भा
बार चतुर कुमार प्यार से देखो तुम मर ा
कुमार ने कहा हमने गलती कर दी है, बार बात है।
कुमार ने कहा हमने जल्दी कर
मेरी चाय की मनाहेर भगवान का मेरी छाती होने की चाह क्योंकि भगवान पर होने वाले और जाने देंगे उनकी भक्ति भी
गए भगवान पति होने वाले तो चालेतकीभबअसकर
हो तो ध्यान से लेकर ये भगवान भक्त है पर वो इसलिए नैचरल तरीके से विलाप कोई हंसी नहीं पाया है।
1 भगवान के भक्त ने नैचरल तरीके से हो भी े is
so
ने माता की घर में hago
तो बुलाना है। शुरू से ही आप लोग यानी
लाज महाराज से आपको जाने बुलाना है
शो पर, आज
बल राज शो पर क्या से
बुलाना है, शिक्षा देने है, उनके ाजी शिक्षा, शिक्षा देने हैं। अपने क्लास में इसको
ला क्लास शिक्षा देने
तो यह करे। वो कहते हैं कि मन धार्मिक ज्ञान है। 5 साल की आयु से कर के
की आधारिक ज्ञान में 5 साल के से राज
छोटी आयु से ही छोटी आयु जी आजकल आप देखते हो कई बार से सब्जेक्ट बचपन से, आप बच्चों से निकालते हो।
आजकल कई सारे भॉिसबजेकबच्चों से बच्चे सीखते
हैं जैसे की कंप्यूटर आजकल 2 साल के होते हैं
आजकल 2 साल की किसी की जो
दुकानें ford
1 साइकिल
ढाई सार के मजे करना शुरू कर देते है क्यों? क्योंकि हम सब मानते हुए गया है आज के बाजार में, क्यों?
क्योंकि हम सब सबसे ज्ञात बहुत बेहतर बात।
तो हादिक हम हम चिंता ही नहीं करता है।
आध्यात्मिक जान के से हम चिंता ही
नहीं कर रहे हैं, हम इसकी आवश्यकता
नहीं समझते, हम सब सोचते इसकी आवश्यकता नहीं
की पॉलि शो प्राप्त करने के साथ है उनके ज्ञान प्राप्त करो बाकी हार में ज्ञान देखा जाएगा सुख प्राप्त
करने के जो साधन होते को ना चाहते है और लाज
सो जो भक्त हैं वो और इच्छा है मान जो
भक्त होते हैं की इच्छा होती है कि हमारा देश सब जग कराएगा।
तो प्लान आकर शिक्षा है 1 रूप
से हम सब के लिए है तो तला शिक्षा कौन?
सब के यहाँ कहते हैं जो बुद्धिमान व्यक्ति है वो ये प्रयास करते है कि मानव दे कैसे उसे प्राप्त नहीं हो।
मान दिखती प्रयास से प्रेम कैसे दुबारा से देख रहा था,
जो बुद्धिमान बैठती है वो देख रहा है, जनमलमिलेकोबंधनजनमल का कर है है
ले जो बुद्धिमान व्यक्ति देखता है, जल है उसे हम चिंता से भरे हैं, हम चिंता से भरे रहे हैं।
अजाद भागने कहाँ है भाल मन मे भय चिंता है
प्रसिद्ध पथिका मेरे मन भय चिंता। तो शांति के लिए भारत जल्द पास
कल
कल हम प्रेस परीक्षा में 1 साल गए थे जिसका नाम है चिंता
हरण मैं लगभग भरसार ाता हूँ, कुछ चिंता से भरी हुई है चिंता हर कार या जाने से चिंता नष्ट हो जाती है।
चिंता न हो
आप में से कितने लोग काम में कितने भर जिन को
चिंता है की आप कितने चिंता है
और कितने भगाते ना कितने 2 प्रकार की चिंता है 1 बहुत ही चिंता है आने हाथ 2 बजे की चिंता
भी जिसका 1 आधा है बोले चिंता है।
ओ हमें 9 पैसा चाहिए और पैसा
चाहिए बहुत चिंता हमें और पैसा चाहिए
हम कैसे दिल्ली के प्रदूषण से बचे है
कैसे दिल्ली के पुरुषन
अगर आप सिगरेट नहीं पीते, आपके लंग में 25 से
नहीं पीते हैं आप हार्दिक 25 सीट का पैकेट पी रहे है
तो ये भी चिंता है। तेरी
तो यह भी सब कुछ चिंता भी मत जाओ।
तो नही पर का के चिंता है। मारे 1 चिंता हल होती है और
अभी चिंता पैदा होती है तो कई चिंता है। 1 चिंता खत्म होती है।
तो नई चिंता ोजती भक्त हैं, वो भी चिंता करते हैं।
जो भागते हैं वो भी चिंता करते हैं।
चिंता क्या है?
उनकी चिंता क्या है?
हजारों होने के बाद मैं जुड़ा
हजारों जो बाद में मैं जुड़ा हूँ।
हाँ, मुझे 1 से व्यस्त पेश नहीं करना चा।
अब मुझे 1 सेकेंड भी व्यर्थ पेश नहीं करना चाहिए।
मुझे तेजी के साथ भक्ती के मार्ग में,
मुझे तेजी से भक्ती के बाद में आगे बढ़ना चाहिए।
चिंता है। जो कई बार बात कर रहे हैं, वे इतने सालों से जॉब पर हैं। पर हो प्राप्त
1 बार सुर इतने साल चल करने की खबरों को प्राप्त नहीं हुआ।
वो भाव अच्छा है, चिंता है। मैं सुधार हूँ अपने आपको
तो भर चिंता करता है कि कैसे अपने आपको सुधार
को कोई बुdiankiैयसमस्या ये बहुत ही जान है।
तो बुद्धिमान बिलकुल समस्या है की बहुत ही संसार में क्लेश क्लेश आजकल इतने आजकल, इतने युद्ध हो रहे। पहले रस और युक्रेन पर चल रहा
था और बार के पेपर में कवर होता था
और अखबार में यह कवर होता था।
फिर उनकी कोई चर्चा हम लोग गया,
उसकी चर्चा तो अभी उसका लोग चर्चा नहीं करें। लेकिन जो गाजा इस देल
जा रहा
आप देखते हैं बहुत ही बात बिगड़ता जा रहा है।
यह सच बात है। सो प्रधान बुद्धिमान है भी हम सोचेंगे, इसके पास पीएचडी डिग्री है, उम्मीद मान
है, म सुनते है।
बुधिमान बड़े सीपुलिमानमोहै जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास कर रहे।
80 बुद्धिमान वही मिलती है जो जीवन के लक्ष्य को प्रयास प्राप्त करने का प्रयास है।
लोग प्रधान रानी कह रहे हैं जो बुरी भानमती वो जानता है कि यह मानव देह दुर्लभ है।
प्रलाद महाराज समझा रहे है की विमान समझता है कि मानव देह बहुत उपलब्ध
है, प्रधान है भारतीयों करने के लिए है।
फिर प्रलाद महाराज कहते हैं भबी करने के लिए
दुर्लभ जीवन,
यह दुर्लभ जीवन प्राप्त हो
समझता कि लाने गया है।
बुद्धिवान वो समझता है कि आधे ज्ञान
आवश्यक है और पक्ष द्वारा आप कई लोगों को मिलेगा। क्योंकि इस शिक्षा को स्वीकार करे।
जब हम प्रचार करते हैं तो कई लोग इस विषय को स्वीकार करते हैं।
तो ा अज्ञानता में ज्ञान गुरु, हम समझ पाए
तो हमारे सब जल, अज्ञानता या गुरु से संपर्क व समझ पाएंगे याद दिला के जीवन का लक्ष्य क्या है।
ये लोग अज्ञान ज्ञानदा में जन्म लेते हैं, ज्ञाता में जीते हैं कि अज्ञानता
में मृत्यु हो तो अधिकतर लोग अज्ञानता में जन्म होते हैं, भारत में जीते हैं और अज्ञानता में ही मृत्यु हो जाती है।
भाग्यवान
व भाग्यवाद देखती है कि भमि
जैसे कि बकतीनातागुरुको रावल का
जैसा की भी रोकर।
अंतराष्ट सागर के स्कूल में साढ़े 304
सौ तो ये स्कूल में साढ़े 304 सौ बच्चे हैं, 400 के आसपास 300 या देते है सौ बार से आते
है स्कूल में बहुत सार में ध्यान,
स्कूल में बहुत ही देते हैं और साथ के शिक्षक देते बहुत who we
don lontleoतोविरोd से lon
विदोंडसेलोनद्द
is wide one or ci? or is the foro
say to twenty world wide college has fusion noleg site
ka गुरु स्कूल है, स्कूल है, पर स्कूल है, यहाँ विषय है कि यहाँ धालमेगानेप्राप्त हो र्यालमेगञानकेबिना।
तो ये स्कूल क्या है? यहाँ आधारित ज्ञान का अध्यात्मिक ज्ञान के बिना समाज
1
रूप जी, अगर आप सौ जीरो की तो तो वो जीरो
ही रहेगा 1 जो,
लेकिन अब एकजुट देंगे तो 1000 हजार से
कोई
o तो वो 1 है। भगवान शिव की परसतकलेकालीलहे तो सबकुछ है।
वही स्कूल में बहुत शिक्षा दी जा रही
तो स्कूल में भौतिक शिक्षा दी जा रही है। और आधार की शिक्षा दी।
इन बच्चों को मां बाप a a a a a a मे जा
जो यहाँ के पैरेंट है, वो चाहते थे की वो शिक्षा राम को बुधिमान पेरेंट से इससे उन पर नीचे कारगर सी आपने की दिवार में दिवार। इसमे
1 दिन आएगा कि ya गोरा आप हो गए। हम जागे हुए हैं, पर हम होली डेजी से जागे हैं। तो
काम जो वो नाम ा तब भौजी किससे जले है राजनातिक नुकसान
और कई ठीक है पशु बनेंगे
तो कई लोग कहते है पशु बन क्या से
मशीन तो ये समाज की स्थिति तो भक्तों को मिलक का
आप सब समाज के ज्ञान को भूल कर।
कहेगी शिखा सत्तरदारकेआयमे
जैसा की 70 70 साल के आये सुविधा में वास के
लिए सर्दनधरकेआयुप न
तो 70 साल की उम्र से विदा उनसे कोई नहीं कहीं
स्वामी जी इस में मत जाओ न जाओ।
कई लोगों ने कहा स्वामी जी आप के क्यों भा जा जा
के बात मैं अमेरिका जाना हूँ, हम
जब गंपजसकुलेुलजीखास का जाना चाहता हूँ, आप मदद कर
और यहाँ भी जागे नहीं है,
तब इतनी उम्र में बैठकर चाहे क्या करोगे?
मेरे गुरु का आदेश है, तुम आने का अंतर प्यार करना चाहिए।
बोला कि मेरे गुरु का आदेश है है इससे मेरा सर। तो फिर जहां की कंपनी ही वो स्पेस खाली
बल 1 ही पैन है,
लोग बस 1 ही पैसे देने का 1 ही पैसे।
तो अभियान प्रावंधीजसषीमगम बंधी की स्थापना आप सब जानते हो।
रूप के सापना कल खोले ह।
विदेश में भर के पुछा प्रभ। भारत में आए लोग था कि भारतीय लोग अपनी संस्कृति को जी आ गए है। पर विदेश जाने से पहले कैसे इन बातों को वापस जोड़ा जाए। वे किया गया।
तो विदेश जाने के पहले को कैसे भारती को वापस से मेरी शिक्षा के साथ
ही तुम्हारा बोले। तो भारतियों ने देखा कि विदेशी लोग भोजीपुर है। और कैसे बड़ा आकर्षित होगा जब बाबू
खारा और ने देखा कैसे विदेशी गोजी शादी
जैसे आज के प्रोग्राम में 20,
25 रशेनजबूडीलाआज के प्रोग्राम भी 20 25 बूटी लाएंगे
9 पर बड़े बड़े पंडाल की बड़े बड़े प्रोग्राम किए।
रूपा जी ने भारी लौटकर बड़े बड़े प्रोग्राम की।
पहला प्रोग्राम हुआ था मई में
पहला प्रोग्राम बॉम्बे 40 हजार लोग कारी
पर जो कि
1 एलआईसी गांड फिर स्टेडियम दाल की पूरी स्टेडियम में है।
ध्यान देना
यह बहुत फेमस से ली है।
दाल की पूरी सीडी मासूम
से करना चाहिए।
भारतीय यूथ गाय इस तरह से प्रचार
करता हे और उनपर जिशा
वो है क्या रे भारतीय।
आज हम देख रहे भारतीय युग किस दिशा में जाले है
मीडिया नशेमें वैसे
ही बहुत बड़ी समस्या का दसीकेरफजारीहैड्रग ड्रग ब्रीज, डिस्काउंट ड्रग, ब्ीजसेगेंशपरजा
बुधमा
और जो बुद्धिमान है वो
40 हजार हजार,
आज 40 हजार से ज्यादा का
on going
to have to please
com कम भाग
5 के प्राप्त तो कोमा पर 5 साल का जो
उनको प्रचार करेंगे यह
पूरा दे सकू और प्रलातमाजनकुप्रचार
man
प्रलाप को समझाए की आधा के सुने खतम हो जाए तो सौ साल की
को
जाएगा उसका आधार साल 50 साल सुने
है अरे 20 आर आप
और 20 साल की रुके खेलने की विजय, अंतिम 20 साथ वृद्धी
रोज, डॉक्टर दर्शन रोज,
डॉक्टर का दर्शन सोना पड़ेगा
बिमारिया बीमारी
बढ़ती जाए,
लंबे साथ हो या बज
in
a मामले राजा खटवांग तो आप
से ठाकुर ने प्रसिका सुनते है, राजा का नाम था महाराज खता तो महाराज खेतों ने देवताओं को सरयुग किया था स और इस युद्ध में असूरुकेविजय
आपने
हमारे से किया है। वहाँ बरा
मुझे ये बताओ कि मैं जीने में कितना समय बच गया तो
मुझे ये बताओ कितना समय है और 1 पर देवताओ ने कहा बस 1 पल
हे का चिंतन करे ये होना
चाहिए
की हम a man prapt हुआ
तो जो मनुष्य जीवन प्राप्त हो उससे दूरी शो मतकर जो
यहां के स्कूल में है उन सब का भार बनाया क्या कि
जो विद्यार्थी है वहां के का होना चाहिए कि मनुष्य शिव मिला इसका नही करना चाहिए।
प्लान का यह शो है। प्रभावी ने शो का हजारा वार योग किया।
तो ये जो गर्ल शो है इसका बुलबर हजारों बार
शो को सुनाया। यह बड़ा महत्वपूरण शोक है, ये बहुत
ही बसी और महत्वपूर शो है।
प्रभावी चादर में ह कि विधि ज्ञान की कमी है।
पंपा जी ताजे कहते हैं कि आप जानती
पढ़ा कि भारत सरकार कमेटी ने कहा है कि हिस्ट्री बुक में वुशिहुवरमाभारतहै be histri history in school in complete him i have a mail
में अखबार से बढ़ क जो हिस्ट्री का नॉलेज है वो दावा और बहाभरतकीविलापून नहीं है। तो बच्चे को शिक्षा दी। पार्टी स्कूल में हिस्से मुगल सी ज्यादा
है,
वेदiकिsटीनहीं अच्छा पढने
कयoकeabasculscol आगे शिक्षा शिक्षा, अनुकूल प्रसाद में के प्रावि साथ
में हम कहते हैं साथ में असली
पढ़ाई भी की है तो प्रधान वाला हम सब के लिए है, हमें भीरता का करना चाहिए।
तो पल्ला महाराज का संदेश हम सब के लिए है और हमेशा गंभीरता से स्वीकार करना चाहिए।
आइए प्रॉपर्टी कहते हैं कि यहाँ मां के प्रभाव
से और आगे रूपा आप कैसे कर सकते है। रूपा
का मेरी गंद वो अनेक है, बल प्राप्त होता है कोई भी है
वेदी, ग्रम सबका साथ में काम होता
है बहुत ही और ऐसे
और इस शो में सरगना
तो ये लोगो को
ये होना की हमारा प्रयास यानी
और
तत्पर कहते हैं की हमें हर किशन महावत का प्रचार करना हर 1 ही
na o
आप लोग तो पढते है।
भक्तों की संख्या बढ़ की जा रही है।
हम देख रहे हैं कि इस बार भक्तों की संख्या बढ़ने जारी कॉन्ग्रिगेशन कॉन्ग्रिगेशन
में कैसे ऐसे पढ़ते हैं, उसके प्रभाव में है।
तो जब लोग गरूबरजेकपढते है उसे कहा
से स्वामी जी
किया और दिल्ली शहर मे दिल्ली मे bro
लबriडiमe
uk couk ladies me at the spot
led 1
अमेरिकन लैवितीउन्होंने भी ऑर्डर किया मैं अमेरिकन एक्प्रेस अमेरिका सरकार
जरवo प्राप्त होता है
जो फर्स्ट का टू न्यू लैकमे खिजाता वो आज की माप ग्राम मे
1 पुस्तक छापी मूली से र तो भक्त
और ठाकुर ने छोटी ही पुस्तक छापी थी। चेत महावर और एटी नाइटी और एटी नाइनटी सिक् स ने और वो किताब बैंकिं यूनिवर्सिटी नाइनटीन सिक्टी सेवन में प्राप्त भेजा था। एटी नाइंटी सिक्स में नाइटीन सिस्टी सेवन में को किताब लैजप्राप्ध
कल देखेंगे
तो हमें किताब बांटता चली सोचा कल हम
बने प्लांट वी आर प्लांटिंग रखी वी
आर प्लांटिंग se
the landing as we
re blaktintosesangro
have to be for an,
we are very happy to be the first time i
आपका पलु
यहाँ पर पोलूशन क कम है? बिलावल सुन था उसके मुकाबले यह भी
fresh ज्यादा
हम ठंडे दिमाग से कुछ करते हैं
और कई से मावली में योग दिया। धन मिलने ालीकरताा कितने भक्त हैं गैस से धन की। हर साल स्कूल बढ़ते जाए। 4 प्रयास करे हा 400 बचे हैं अगले साथ 600 बचे होने जी कैसे थे बुक
कैसे
सकते है बढ़ाने का,
लेकिन बढ़ाने के प्रयास है क्योकि?
जितने अधिक बच्चे ज्ञान को प्राप्त करे अच्छा
तो तो जितने अधिक बच्चे यहाँ पर आइडिया यहाँ सी उतना ही अच्छा होगा।
इस सभा में कितने व्यक्ति हैं जो कि कुल पढते हो या
हो में पढ़ते हैं या fifty
it
बिलकुल
ny question किस
rupya mike रेडी forbes thats? दरीबासीजिलीजहू मेरा तो बहुत अच्छा लगा। रेल से जुड़े हुए है। मेरा की परिधि में है मरजी जो काली कर रहे, ये जितना सहारे काली
की जाए वो मोहम्मद है।
कारण क्या है कि यह बच्चे जो हैं आगे समाज के अंदर समीषेकारीहलामें ह,
इसलिए कोड़े कोने गुरकनहोाf
मैं चाहता हूँ। यह तो है ना
coa
okay i अभी गंगा में जो वहां की सारी और उसी के लिए तैयारी शक।
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