लोग सोचते हैं भक्ति में जुड़ते ही भगवान के दर्शन हो जाए | Srila Gopal Krishna Goswami #shorts
14 Sept 2022 · 1 min

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इस यूट्यूब शॉर्ट में वक्ता यह स्पष्ट करते हैं कि कई भक्त मानते हैं कि भक्ति में प्रवेश करते ही भगवान का दर्शन तुरंत होना चाहिए, परन्तु ऐसा नहीं है। भगवान को देखना और समझना आसान नहीं; इसके लिये मन, इंद्रियों और बुद्धि का शुद्ध होना आवश्यक है। शुद्धि के बिना हम ईश को समझ नहीं सकते। इस शुद्धि प्रक्रिया में वैधि (विधिवत) भक्ति का पालन महत्वपूर्ण है, जिसका विस्तृत वर्णन शास्त्र ‘भक्ति रस सिंधु’ में मिलता है। वैधि भक्ति के कई नियमों का पालन करने से हमारे मन, इंद्रियों और बुद्धि की अशुद्धियाँ दूर होती हैं और आध्यात्मिक प्रगति संभव होती है। वक्ता इस बात पर बल देते हैं कि भक्त को इन नियमों को समझकर उनका अभ्यास करना चाहिए, तभी वह सच्चे रूप में भगवान को देख पाएगा।










