Srila Prabhupada pastime in New York || ISKCON Rohini || Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

The video presents a devotional‑narrative recounting Srila A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada’s early years in New York, describing his arduous 35‑day journey, the scarcity of resources, and the lack of a welcoming community upon arrival. It details how a single sponsor arranged a taxi, how Prabhupada lived in modest accommodation, and how he began publishing the Bhagavata and other Vedic texts despite having only a broken typewriter. The talk also covers the establishment of the first ISKCON center in New York, the formation of discipleship groups, the challenges of funding, housing, and outreach to Western audiences, and anecdotes about early Western devotees and collaborations with figures like George Harrison. Interspersed throughout are devotional chants, prayers, and exhortations encouraging current devotees to continue the mission, spread Krishna consciousness, and support temple activities. The speaker emphasizes perseverance, the spiritual weapon of scriptural knowledge, and the importance of collective service. Toward the end, the dialogue shifts to a less clear segment that mentions various organizational initiatives such as "glorification" programs, mobile outreach, patent‑related commitments, and calls for collective action, though the transcription is garbled and specific details are ambiguous. This portion appears to be a call for contemporary devotees to engage in new projects and formal commitments, reinforcing the ongoing evolution of ISKCON’s work.
Chapters
जी हा
जगा
जगा
जी हा गा गोपी जाला बाल गोपी वाला हा
नरेगा
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गंगा
गी
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जे ग sभolaनaaधवा राधा
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हरे रामा रे
रामा
रामा रामा ले आ े के के रामा रा मा रे हे जो
हरा हम रामा
रामा रामा हरे से काले हरे हरे राम हरे राम
हमारा
हर हाई बेचारे हाय हाय हाय राम नाम रा मा हआेाेा shhdehh र हरारे राबहमरबारराब
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भक्तों का हार्दिक स्वागत होम नमो भगवते वासुदेव होम नमो भगवते वासु देवायह आप जाने कि काल के दिन लगभग सारे स्कॉरमंकेंद्रमे में प्रॉपर का स्कोर बनाया जाता है। स्कोर बनाते हैं मिनामीनमीलामीना के अध्ययन के ब आज हम थोड़ा सा पड़ेंगे आगे a a a a a के तानिया मरोवेशमबंदे हम
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जीवन सारे गोपेजगोिगारागी
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इस सारे ान पर हैं प्रापा न्यूयॉक में, ये है ग बाबा जी विदेश में क्यों गए थे, क्यूँ गुणराज का आदेश था, गुण राज आदेश था तुम पड़े लिखे युवक हो, अंगरेजी भाषा जानते हो जाओ। पश्चिम देशों में वैदिक संस्कृति का संदेश लेकर प्रापा ने कहा उन दिनों में भारत मुलाम देश का और प्रापा जी गांधीजी के मुवमेंट में बने एक्टिव थे। तो पापा ने पहले हमें हमारे देश को स्वतंत्र बनाने मे, फिर लोग सुनेंगे हमारे देश की, अब arthik रूप से sog swami ji ab dil se न हमें प्रयास करना है। इस संदेश को पश्चिम देश में ले जाने। to me आ गए। रास्ते में 2 hard टैक हुए भारत से चले थे केवल 40 कोई उनको छोड़ने नहीं आया और अपने साथ पानी के जहाज में या ले y te propar a ले गए थे। भाग के प्रथम स्तन उन्होंने प्रकाशित कर दिया था और प्रकाशित हुआ था 3 भागों में, तो प्रावा ने सोचा आज मेरे पास हथियार है माया से लड़ने के लिए, अब त्याग जाने में, जाओ के मैदान में पर हथियार हलिया प्रोबा को त्यार चाहिए था। का हथियार क्या है? शास्त्री ज्ञान। तो प्रौबाजीन्यूयॉर्क पहुंचे 35 दिन की यात्रा थी। रास्ते में 2 हार्डटैक हुए, दूसरा हार्डटैक हुआ। प्रभा ने सोचा कि आप उनकी योजना सफल नहीं होगी, उन्हें मेरिका पहुंचने पर रिलेशन चाहिए। आप जाने में भगवान ने सपने में प्रॉबरलीक तेरी रात को अपनाया, जिसमें बाबा जी बैठे थे गाँव में और भगवान का काम करने थे और भगवान घबराओ मत मैं प्रापा पहुँचे।
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नया में पहुंचे कोई उनका स्वागत करने नहीं आया था। 1 व्यक्ति जिसे उनको स्पांसर किया था, आगे बाल फैमिली उन्होंने टैक्सी भेजी थी, उनको फिट अप करने टैक्सी भेज रहा है। तो टैक्सी लेकर प्रॉपर्टी आगे थे patni का sali patni, pati patni वो थे कौन से शहर में बटलर, इंग्लैंड में, इंग्लिश में बटलर पता किसको कहते हैं जो आपको नास्ता खिलाता है होटल में फाइव सेवेन साल होटल होते हैं देश में जो शेप होता है खिलाने में, उनको ब। baba une battles sharma share a american
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second vol won hua tha to milti use use by a car to to rs 3 o, तुमने घर में कौन आया साधु हमने कभी देखा नहीं तो इतने लोग मुझे रोज फ़ोन है। कौन है ये साधु अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला 2 पूरे शेयर को मैं कौन हूँ कौन है ी मुझे तंग करना बंद कर। तो पब्लिक confrेnc जिसमें 1 प्रोफेसर था। तो प्रोफेसर ने मेज अग्रवाल से पूछा हम आपके स्वामी जी को हमारे शेरमेन बुला सकते हैं pop से पूछा बुलाना चाहते है yes i इंडियन औ bad वहां पर हमेशा any question है। आपका बाल थे आज के quesion साइन इंटेलिजंट क्वेश्चन पूछना क्या मुशानीकीनिशानी? तो यह american via be far so as a e का सं करना पड़ा 1 साल के लिए बाजी के बाद कोई ठिकाना नहीं था लेने के लिए और कोई छत नहीं कभी किसी के घर 1 बार 1 डॉक्टर मिश्रा थे थे योगा टीचर बड़े प्रसि मायावादी तो प्रॉपर्ली को उन्होंने किसी ने बता दिया था मिश्रा के घर में उपजे बने को सान misra ने देखा जो vid्याrथीहैi हो जी केस दे मैया होगा फेल ने स्वामी स्वामी जी आप बहुत हुशार हो आप किसी और के आश्रम में छोड़ा। तो इस प्रकार babaji 1 साल बीत गया बाबाजी का pryas a a to baba new सुनाई आप लोग को सुनाई पीछे सुनाई दे रहा है। pece sony the wah hi krsna new york में
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1 दुकान खोली जिसका नाम था मैचलेस मैचलेस गिफ्ट अंग्रेजी में क्या कहते हैं मैचलेगिजिसकी तुलना कुछ नहीं कर सकता इस लिए कृश्ना कॉंसे जो सिद्धांत है वो भी मै। तो बड़े मुश्किल से पापा जी को 1 रहने का ठिकाना मिला और 2 कमरे के मकान में पापाजी भी रहते थे, मंदिर भी था, ब्रह्मचारी आस भी था और प्रॉबरभीटॉयलर जाने के लिए लाइन में खड़े हो तो ेरप्राबाजीनययाक में वहां उन्होंने बई कठिनाई से मैसेज का उद्घाटन किया और कई भक्त फिर इस दियाई का नाम है प्लान्टिंग दे तो इस ध्यान में आप पढ़ते हो कि प्रा क्या सी प्लांटिंग सील किया और फिर उसका नतीजा मेरा फल के रूप। तो प्रभाजी ने कोई अमेरिकन लोगों को लेकर 1 संसा बनाई चर्चा हो री थी संस को क्या नाम दिया जाए? और american col tes इंडियन नेशन सोसाइटी फॉर गॉड कonटेसे why god क्या पापा ने कभी भी कॉम्प्रोमाइज नहीं किया मेरा नक्शा देखा कि स प्रकार लोग जो में, तो पापा ने कहा कविता में रबर का 1 और नाम था कवि कविता पापा ने कहा कौन सुनेगा इस संदेश को इस देश में अगर राधारानी जी की कृपा हो तो संभव का भी पढ़ते कृष्णा का विराज कहते हैं चेतिनेमहापबली कृपा से कुठिनकार्यर सरल बन जाते हैं, उन की कृपा के सरल कार्य कठिन बन जाता hrce, तो pd i इस कॉल की साधना भी थोड़ी नई propri हफ्ते में 3 बार वक्र देते थे, बाकी दिन बन जाते थे उनको मिलने आप पढो से
अध्याय का नाम है विज लोगों ने अगले दिन रुबात सवेरे अपने अपार्टमंट में बैठे कर भाग पर 1 के हो। उस समय वे संस् संस्करण उनके सामने उनकी मेज पर रखा है। वे सीन के कमाई वाला चश्मा लगाए थे, जिससे उनकी भाव महिला बदल ले और वे प्रधान विद्वान है। वे केवल पढने के लिए चश्मा लगाते थे। इससे ऐसा लगता था कि अब वे अचार जैसे अहम चिंता में ली होंगे। उनका शांत था मध्य प्रातकालीन समद सूर्य खिडकी के राज से प्रकाश को रुसवा दे रहा था। एकाएक किससे दरवाजे के खाया हां। आगे चश्मा हटाते हुए उन्होंने ऊपर देखा और कहा, माइक और जेन ने, जिनका नाम अब मोकोलडऔरजानेकीथा दरवाजा खोला तो स्वामी जी ने उन्हें मिलने के लिए सुलाया था। हा हा कहते हुए मुस्कुराए। वे दोनों अंदर आए और अपने पीछे उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया। दोनों प्रसूचित युवा थे। अपने भाव रंजन नेत्रों से स्वामीजी प्रसंद लग रहे। वे दोनों के सामने जाए और रोग ने विरोध में उन्हें उनके नवदिशितनामों से संबोधित किया। तो तुम दोनों साथ रहे हो। वे तो अब तुम लोग विषय की गंभीर पर ते हो तो उनके विषय में तुम लोग क्या करोगे? अच्छा तो तष्ाधावनेपेप्रेम के लिए कुछ ना नहीं। या स्वामी जी ने सिर हिलाया हाँ है, इसलिए मैं कह रहा हूँ कि तुम दोनों विवाह क्यों नहीं करे। वे राजी हो गए। विचार अच्छा था और रोपा तुरंत ही। उनकी बात के लिए 2 दिन बाद ही की विश्य
पड़ा की। पापा जी ने इन दिक्षा का प्रोग्राम समाप्त किया था। यह थी इस कांड की प्यारी दिक्षा। पापाजी ने न्यू यॉर्क में की थी और उनके पहले थे मुकुंद की यमन और श्याम सुंदर। ये 3 अमेरिकन थे जो बग बने थे। अमेरिका में पापाजी ने उन्हें खास टेनिंग देकर। जाओ इंग्लैंड में प्रचार करने के लिए उन्होंने बहुत अच्छा प्रचार किया तो यहा आपने पढ़ा पापाजी साथ में भागवदमकाअनुवान। पापाजी ने भागवत अनुवाद बिना किसी सुविधा के किया। पापा आपके राना दाम में रहे थे, उनके पास 1 टूटा हुआ टाइपरैटर था और टूटे टापरे से टाइप के थे। क्या भाग तो पापा जी श्रीमान भगत का अनुवाद करते थे तो अपने म ठाकुर इत्यादी ने किया था। उनके तात्प्रिय के अवश्य संदेश लेते थे और सबको जोड़कर। प्रापा जी ने भक्ति पर पुरुष की रचना की तो पापाजी को पढते हो हमारे मान छाड़ियों तातप्रियथा उसे भी यहाँ जोड़ा हुआ है। श्रीमाल भाव क्या है rाipinf्लूटमश्रीमल भाग विषय में का है की ये पक्का हुआ फल कहाँ से आ रहा है। पेड़ की छोटी से पापाजी उदाहरण देते ह, अगर पेड़ की छोटी से कोई फल फेंकेगा नीचे तो नीचे पहुँचने पर टुकड़े टुकड़े हो जायेगा। अगर आपको नीचे अलग अलग संतों के द्वारा तो वो नीचे पहुँचने। कैसे हमारा सौभाग्य है कि हमें se hua
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a rose, कुछ baba के प पापाजी ने सा बुलाई, कई जने प्रापा जी कहते थे wear not happy, were happy हेप्पी, उन्हें कहते हैं आजकल हेपियोंका प्रभाव कम हो गया है, लंबे, लंबे, बाल और जोर सोर से थे सब बेकार है, दुनिया सब झूठी है, पर वो अपने को को दूर करने के लिए हो। तो प्रापा जी ने देखा ये लोग विवाह के बिना 1 साथ रहते हैं। पापा जी ने उन्हें क्या कहा जाओ? तो प्रापा जी ने पुरुषों को मिला 1 समय किसी ने पूछा स्वामी जी आप को जादू कर सकते हो। स्वामी जी ने जादू तो नहीं कर सकता। 1 जादू मैंने किया, क्या किया, मैंने हजारों को क्या कर। brahmin to ye sal special special वन ट्वेंफस को आप ने coin देखा और
वीडियो में देखा था।
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तो ये कोइन छापा है और प्रधानमंत्री ने इसे रिलीज किया था और वही प्रशंसा की। तो हमें प्रयास करना चाहिए कि प्रभाजी महिमा का प्रचार वो भी जाना हो। पाल को किसी प्रकार की प्रसंसा की आवश्यक है। यह तो हमारे लाभ के लिए जब आप शूल भक्तों का गुणगान करते हो, शूल भक्तों की शिक्षा को स्वीकार करते हो। आपको भगवान की सी कृपा ये साल हम क्या प्रयास करे पापा जो महिमा है। 4 तो भाग भाग प्रयास करे, ग्रंथों को बाटे, मेरा मिता को बाटे और आप रोहन के भक्तों का याउ भाव है ये में आपका मंद भी खोलना चाहिए तो हम सब को देखना चाहिए हम क्या कर सकते हैं? पापा जी की महिमा को आगे बढ़ाने के लिए पापाजी ने ते को सफल बनाया साथ ही मां मां ने पृथ्वी पर 1 दिन दुनिया के कोने कोने में क्या होगा, मेरा नाम का प्रचार होगा और ठाकुर भक्ति नो। ठाकुर भक्त। 1 महान सं थे और उन्होंने शुद्ध वैष्णव धर्म की स्थापना की। उनके प्रकट होने से पहले वैशनलसिधाथाकलतालियो हाथ में आ गया था और ठाकुर ने क्या किया उन्होंने ढोंगी चारों को लाया शूल भक्ती का ठा भक्त ने कहा था बहुत ही जल्द 1 से बहा से नति आएगा जो कि ये संदेश को असली रूप में प्रसूत करेगा और भक्ति सरस्वती ठाकुर अपर के गुरु राज। उनकी इच्छा क्या थी यह हमारे चारों की भविश्यवानीहैये पूरी हो। चारों विश्वास था जो महा प्रभु का संदेश है। वो जरूर सच निकलेगा मक्तीसिधादाजी ने 45 सन्यासियों को भेजा था विदेश में, पर बिना सफलता के वो लौटे, हमारे गोली वैश्य कहने लगे हाँ बाप लोगों की भविष्य बनी तो है, लगता है कल तुम्हे सफल नहीं होगी? पर की सिधानी को पूरा विश्वास था। तो हमें प्रयास करना चाहिए इस साल क्या पापाजी के संदेश को फर्म और पापाजी के जो संदेश है, क्या है कोई बेली शात्रों का जो संदेश है। तो प्रावा जी भगवान के 1 शूल भकत थे जिनके हृदय में 1 ही भाव था। चाहे वो पंजाब को सुखी बना। तो प्रावा जी के वन वे, निवर्सिटी के संबंध में हम सब कुछ न कुछ कर सकते हैं। और इस कोन के हर मंडल ने कुछ स्पेशल योजना बनाई है। हम ये करेंगे, यह करेंगे, ये करेंगे। तो ये जो पोइंट निकले हैं, पॉइंट निकले हैं। हमने पहले 5 सौ छापे हे, वे आगे ही 10 हजार से ज्यादा है। और लोग चाहते हैं कि प्रॉपर के कोइंस है यह देश के रूप में, तो आप सब को प्रयास करना चाहिए प्रॉपर महिमा को बढ़ाने के लिए और प्रॉपर के। es kya ha
रोका ने कहा कि वे 1 बड़ा गोरे और विवाद में अपने ही करेंगे। उन्होंने मुकुल जी से कहा कि वे अपने संबंधियों को आमंत्रित कर। मुक्त दोनों वरदान में फलगरबड़ेहुएथे और उनके परिवार के सदस्य को उनसे थोड़े पोलिस पर दूर की या करना संभव नही केवल जानकी की, बहन जॉन आने को राजी जापतातेहैमैबिलकुल नहीं जानती थी कि यह इस तरह का विवाह होगा। मैं केवल इतना जानती थी कि उनकी ने स्वामी जी से हो गई थी और उनसे सीख रहे थे। और सैक कमरे में उनके 1 छोटे से स्टोर फ्रंट मे जाते थे। जब वे सब तो वे अपने सामने वाले कमरे में खिड़की के पास सोने के प्रकाश करते थे, चारों ओर प्रसाद के बाद, जिससे वे अपने करों में बिक रहे थे।
जो जी भक्तों को बहुत प्रसाद।
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का पहला केंद्र sait अपने हाथों से बना है, अपने हाथों से मौसम बना देते हैं। 1 उनकी शिशु थी जाने की, क्या उसने दूध, दही, चीनी लेकर लड्डू बनाये, उसे इंडियन इंडियन किताब से पढ़ कर लड्डू बना। दूसरे प्रापर से पूछा प्राप कॉलेज पर ने देखा सिम्पली वnडफुलखासइसकजो पश्चिम देश के बंदर हैं वहाँ भगवान को, फिर भी वंडरफुल जरूर खिलाते हैं। हर मन में तो कई लोग आते थे पापा जी से फीस खाने के लिए बने तो भगवान गीता में कहते हैं बिना भूख लगे खाए क्या कहा केवल पाप खाते। और पापाजी ने लोगों को प्रचार का इंटरनेट। कई बार आप देखते हैं हम विदेशों में कि प्रसार में रुचि है तो से धार में रूचि कई साल पहले 1 देश में था जिसे रामा अजरबजान मुसलमान दे तो वह 1 जोनस मुझे मिलने आया था, जिसने 1 आर्टिकल लिखा कि ये न्यू धर्म का उस देश में क्यों करे सो हमने करने की जगह उनको प्रसाद का प्रसाद के आगे इतना खुश हुआ या रोचना करना बंद तो कृष्णा प्रसाद की वही बारिश है। पापा जी ने इन 3 कपल को भेजा था का इंग्लैंड में 4 शुरू करने और प्रचार शुरू किया। और जॉर्ज हैरिसन और पीटर उस जमाने में लगभग देवता जैसे थे लोग तरसते थे उनका दर्शन करने के लिए, और शाम सुंदर ने जॉर्ज हैरिसन जॉज हरि उनसे दोस्ती की और उन्होंने कृष्ण बुक छापने में भी सहयोग दिया। तो पापाजी ने पापाजी को पूरा विश्वास था कि कृष्ण भक्त है, भगवान शुद्ध भक्त हैं, उनकी 1 ही इच्छा रहती है या भगवान का संदेश। हर जगह तो हमें पाल के विषय में स्मरण करना चाहिए जैसे कि चेतन मा बोले है रामनद रॉय से पूछा हमें किस कविषय का चिंतन करना चाहिए? और राम रॉय, भगवान के गुण, भगवान को उनकी शिक्षा और भगवान के भक्तों के जिला में में रूची ने तो कई बार भक्त कहते हैं हमारा क्या भाग मिले नहीं आप प्रापा को मिले उनकी वाणी के द्वारा जो प्रसिद्ध संत होते हैं, उनको आप मिलते हैं। कैसे वापू वानी वापू टेप्रेरी ब्याज उन्होंने हमें बेरिशाल, वो प्रकट हो गए, वे प्रकट हुए थे, हो गए, पर क्या छोड़ गए। वो resons dis ा ने राज सागू हा वो मूर्ख व्यक्ति जो सोचता है कि किसी महान मैदान का, संध का विधान तो है, वो हमेशा जीत से जीवित रहता है। कैसे ानी के द्वारा तो जो संत हैं उस उसको दर्शन प्राप्त करने वाणी के द्वारा। और कब जी कहते थे धर्म इस प्रीति और 10 हजार सा रहेगा। और ज्यादा नहीं, हमें पार करना चाहिए और लोगों को सुखी बनाने के लिए यह 11 उपाय है। और यह नर्सरी में सब को प्रयास करना चाहिए। प्रापर महिमा को बढ़ाए और एक्सपेन करते हो। कृष्ण मैं सोच रहा था इस पॉइंट से 1 प्रशन उत्तर कर सकते हैं। और अगर आप लोग कोई चर्चा करना चाहो स्पेसिफिकली, ये वनटवंटवएनिवर्सिटी के सम्बन्ध में है। आपके प्रश्न है कोई और कोई राय देना चाहो कैसे और बड़ा प्रोग्राम हो यह वायरस के कारण हमने बड़ा प्रोग्राम नहीं किया, क्योंकि हमें पता नहीं था वायरस कब रुकेगी, कब हम करेंगे 1 बड़ा प्रोग्राम और प्रधानमंत्री ने खुशी से कॉइन को रिलीज किया। a
संघर्ष किया अपने गुरु को पूरा करने के लिए। और तो और मां अपने गुरु के सेक्शन के लिए। तो जैसे उनके जीवन में इस संदेश का भावना विजली के चले जाते हैं, तो जैसे हमेशा एटीट्यूड बना रहे है
जीवन देखते। ha i w हमेशा अपने गुरु के आदेश का a i never felt the my master was not next टु मी, मैंने कभी ऐसे नहीं सोचा की मेरा गुरु साथ नहीं है, गुरु भी
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पालन करे तो प्रश्न था की हम भी कैसे वैसे दिल बने जैसे जी की तुलना कोई नहीं कर सकता। पर उनके आचरण से हम देख सकते हैं की कैसे वो हमेशा सोचते रहते थे, उनके आदेश को कैसे पूरा किया जाए। श्रीमाल भागवतम फर्स्ट कैंट में proper grant को dedicate के e guru maa ka ever by domain instructions and follow with a o guru he, आध्यात्मिक शिक्षा के द्वारा और a thing in need to say the book किताब में में विडियो लेक्चर में अपने हर 1 चीज को नहीं जाना है। ब्लैक इन वाइट में आप अगर फोलियो का इस्तेमाल करो। आप देखते होगे किसी विषय पर भी आपको कोई ज्ञान चाहिए आपको मिल जाएगा। yes more
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यह प्रपा थे को कैसे कैसे
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ने 1 ही सिद्धान दिया सबको और 1 ही आदेश दिया चैन नाउन पे हुआ तो बाबूजी हमारी शिक्षा दी है। यह भविष्य के 10 हजार सालों के लिए है। यह पापा जी ने पहला केंद्र खोला था। न्यूयॉर्क में भक्तों को बोला था चौ सेल माना करने को और fir box pryas ka on sale swami we got chan sixty four round an american
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do thirty to round the rounds pras okay sixteen down in no les final तो कैसा proper for to हमने कहा कि हमारे पास कोई अधिकार नहीं caluaके चाहिए थे, जो जो एडजेसमेंट करना था कर लिया। अब आगे किसी चाय के पास उनकी नकल नहीं तो इसको पहले पहले जरा छोटा था जैसे परसो ये थे मेरे से बात कर रहे थे जब वो हम चंदिघर जाते थे प्रचार हम लोग 9 नाइट नाइट की बस लेते थे बस में ज्यादा सुबह को कोई सुविधा नहीं थी न कार नो नथिंग प्रचार बढ़ता गया और मिलते है तो भी आज भी इस काम में है। कान की स्थापना हुई, सफलता हुई, उनकी शिक्षा के द्वारा उनकी कृपा आज भी प्राप्त हो रही है। उन भक्तों के साथ जो प्रयास कर रहे हैं। जी शिक्षा का लाभ उठाने में पापाजी ने कहा है, 3 प्रकार के शिष्य होते हैं। सबसे उत्तम कोटि का श्रेनी शिष्य है। उर्जा ने समझा कि गुरु की क्या इच्छा है? बिना बोले, बिना बोले मुझे खोला मना करना है, ये करना चाहिए। दूसरी सेना ऐसे हैं, जिसे कहो प्रभु, ऐसे होना चाहिए। ओके, तीसरी श्रेणी का चाहे, आप कुछ बोल कर। वह जो करना चाहे। तो बाजी। उत्तम कोटी के श्रेणी थे। उन्हें पता था गुरु को क्या चाहिए और उसी को प्रयास करने के लिए उसी का प more questions wah wah questions and suggestions? how you can imply to rapr congrese im? sorry you repeat
me।
आप्रेशन ये है मनु से कै कैसे बनाया जाए? मन जो है भड़कते रहते हैं। is a rit है भगवान, खुद गीता में क्या कहते है कृष्ण, ये मन
है,
चंचल है, वह को वश में लाना। ज्यादा सरल है मन को वश में लाने ले। वो ये कौन कह रहा है? कौन रहे है? भगवान कहते हैं। तो आप कहोगे भगवान करे? इतना कठिन है हमारा क्या उम्मीद है भगवान? आगे क्या कहते हैं? प्रैक्टिसिंग भी भक्ति योग, भक्ति योग से धान। a plan cantal so i live said many times ignore the mind, a mind ko, ignore e o vichar, जरूर buराक जैसे आप छोटे बच्चों के साथ हो, फिर छोटे बच्चे कुछ भी करे, थोड़ी खरीदते हो, आप सुन लेते हो तो मन
है।
अगर आप नियमित रूप से जब मना करोगे रोज और बाकी वि का पालन ही चनचमनकयाbnयaa।
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ye kis sugess are like on
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और उस के साथ मना सकते
हैं थैंक यू सो मच, गुरु महाराज
जैसे आपने फिल्म पा जी कंपनी नहीं है महाराज। तो आप उसमें लिखते हैं कि 21 साल वन ट्वेनटे में पा जी को
कुछ मरने से मर्पित
तो गुरु मान पिछले 10 साल से 11 साल से ये प्यार चल तो क्या इंस्पेक्शन क्या?
हमारी इच्छा तो यह है कि आप सब भगवान के शूल बनोगे तो आपकी पवित्रता के साथ मुश्किल प्रभाव। और जिस काम भाव से सेवा करोगे तो 1 लाख है, 6 काम भाव से करोगे तो वो इतना बेहतर नहीं है। वो पाप सब शुद्ध। ae, e, e, e, e, a so an in porn more यो सजेशन, आपके मन में कोई स्कीम नहीं बनी,
मैसेज बुक डिस्ट्रीब्यूशन शुरू कर दिया, ना शुरू
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किया आप में से कितने भक्तों ने? yeकमitेंoये, हम सब भक्तों के लिए यूनिक oporचunetीहै अप नी सेवा करें। आपको इस जिंदगी में, तो wnetवंtyfiफtan में फिर से सेवा करने का मौका मिलेगा, नहीं मिलेगा। तो गोल्डन oportunity
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जैसे फेस्टिवल और हम लोगों ने सारे मैसेज देखे थे अपने मेंबर्स, व, जहां कुछ समेट मेले, श्रील महज थापा करने वाले रेड, फुल, प्रोणब, डेली और फिल्म के रोज पढ़ती है फूल लिया। दूसरा वन, वन ट्वेंटी फइवसंकेलतन 150ी संकेतन और 1200 मतलब 125 को होने 2 जीरो लगा 12 हज़ार 500 शलरमोपाजीकेबाएकसौ जोलिकेशनाजकोऑफ
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डाकोर का अपने ले बात हमें
याद करना चाहिए ताकि आप सब कुछ न कुछ करो
आप जैसे की बाजी
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मोहन तो करो श्रम भारत ना
good boy ऑल क्वेश्चन सजेशन सजेशन जाना
चाहते हैं सेलेब्रेट जिससे कि दान घर घर तक पहुँच जाए या हम क्या कुछ ऐसा करें जिस से हमारे
सौ पचीस
अच्छा 125 बेटी गार्ड हेड बॉक्स की स्किन रामकली दे सकते है अपने हिसाब से लेना बोले आप लगभग आने वाले 10 से 11 दिल्ली सफर पूरा साल सजेशन कर रहे हैं क्योंकि कोविडगाइडइसेकॉलभी बड़े बड़े प्रोग्राम नहीं कर सकते और इस चीज पर नहीं आ सकते बड़ी संख्या में ज्यादा नहीं हो सकते इसलिए पर्सनल कमिटमेंट दीजिये घर की कमिटमेंट दीजिये बाहर निकाले जा सके जैसे उन्होंने कहा कि पचीस बिटीज थाने दे खाने और
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से सुनना चाहे कैसे
इसी कोई सजेशन है को सजेशन देना चाहते है
सजेशन
की अभी से पास होती है तो लोगो
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आपकी क्लास में नहीं
आते जो मंदि बाजी क्लास होती उसमे बड़े कम लोगो को जिस दिन रिकॉर्डिंग बजाते है और कोई ा
हमलोग सारे नाम संगीत निकाले तो में रोपा डी फाइव निवसी करके के साथ की बात को पता नहीं चलेगा हो बस हम सिलब्रमबादको
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उस अवसर पर मैं मांस 1
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और माताएडिस्ट्रिबशन करेंगे उधर से बाजी को जोर जोर से
और 50 रosकेओखे
मैं प्रयास करूँगा की
इतना प्रयास करो बड़े बड़े बंधक बने रोहन में फूल हो जाएं, भक्तों से
जैसा भी प्रयास करो की बने फूल हो तो हमारे पास 1 साल और 1 साल से है और लोगों को सौ कमसेकम बच्चे हर खेला लगे तो आपका ये बंदर
आपका मंदर इतना बड़ा है कि 23 आदमी नहीं काम कर इसको चुराने के और कई बार मैंने देखा यहां रोनी में भक्तों को भय रहता है हमारी सेवा चली जाएगी, खुलने के बाद हमें सेवा मिलेगी छुट्टी हो जाएगी मैं सबको कहता हूँ आप भी छुट्टी नहीं होगी इसको हमें किसी की छुट्टी नहीं होती और यह तो हजारों भक्तों की सेवा की आवश्यकता है
इस मंदिर बने बाद में हमारी सेवा से छिपी तो वह यहाँ की सेवा की सेवाएं जवाब तैयार म मैं google google shilpa six time
he a मुझे
मैं
क्लास और 1
बड़े और ज्यादा से ज्यादा
रैली गुड
माताजी को स्टीचिंग भी आती है तो माताजी शिला सारे बस्तर की 150 साल के द्वारा बड़े
रैलyगुdआगपी के मैनेजर को भी आदेश दे सकते है। okay any more जी है हम सब
क्य लीलामृत कंप्लीट करेंगे
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देीमनरिकतेनिवरसी है यहाँ पर सारी माले कि पूरे देश में विशु में बोरे पर था तो हम लोग प्रयास करेंगे वन प्रतिकर तेनिवर्सिसैलकेशि ने हम लोग से साल में चला बुखाजीकाबलोनिफिफेशन करते है तो कम से म हमलोग 4 क्लोलिफिटेशन और सारे देखने के लिए हम लोग रोटी की अलग से कॉपी वाले शूल कुगाजी ब्लोफिश कि ठीक है तो तो मेरा क्या होता था कम से कम उधर साथ 4 ग्लोरिफिकेशन प्रोग्राम और जिसमे हम लोग अपने नारे सीरी को खुश कर सकते है या फिर हमारे जो मेंबर पार्लमेंट है उनको बनाने से लीग से भी ्लोलिफिकेशनराकेसभ लाएंगे 4 न करें दूसरा लोरिनेशन को जो अपलब्ध रोली के लोगों के कर से गुप जिसमे ये रोटी सारे बात में अपने को सारे लोरी और ये लोडफेशनकभीकरसकत जिला के पढ़े सो तो आपको पढ़ना ही पड़ेगा और उसके बाद के शब्दों में और हम चाहेंगे कि हमारी अगली सभी पर कम से कम इस साल तो गाजी जिला पढ़ भर उसकी संख्या के है जो बीज से ही प चौथा जैसे की होगी निर्माण तैयार हो हमारे प्रयास की पूरे साल सेलेक्शन उसी के अंदर मोबाइल करेगी महाराज के
स
पिछले 1000 पास उसी प्रकार हमारे पास और की है और भी चल रहे है तो सबको भी टीम के साथ मोबाइल मंटो को रोलिंग के 40 सेक्टर में जितने भी परिवार है हम लोग इस साल सारी हो जा है ऐसा आरोप के लिए आप सब लोग जो प पेटेंट देंगे और उस कमिटमेंट भी लीजिये और ये वो कमेंटमेंट दीजिये ताकि वो सारे कमेंट में कोई हम पर दिखाए ये सारे कमेंटमेंट होने से आई है और ये सारे कमेंटमेंट दिखाने वाले
है और इसके अलावा और अगर अगर आप चाहते है कि मंद खुले ये सा सबको थोड़ा अनेक प्रेशन करना पड़े
तो जैसे मंदिर जल मे है और लगभग सब कितने वैसे बैठे बाकी ना करना चाहिए लाइफ होना चाहिए या फिर हमारी आखिरी साल है।
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