सौभरि मुनि भी नहीं कर पाया 🤔 || सबसे बड़ी समस्या || Uncontrolled Senses || श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी

A yogi uses supernatural powers to become beautiful and marry a king's fifty daughters, but discovers even divine transformation cannot satisfy endless sensory cravings. The teaching: the mind and senses are insatiable, and only spiritual discipline brings lasting peace.
Chapters
भगत शुपारीमुरणीकी कथा पर शुभरीमुनीएकयोगिक योगी थे। जिनके पास बड़ी गैरी बड़ी घरी शक्तियां थी और कुमारी मुरी पानी के अंडर बोर्डर जाकर चिंतन कर रहे थे। और उन्होंने देखा कि 2 मछलियां 2 ग्लास कार्य में लगी है। कुछ सोचने लगे इस कार्य में आनंद है। और उन्होंने सोचा कि इतने साल मैंने तो पैसे कर ली है। अब मैं मैं करना चाहता हूँ। बड़ी मूवी अपना योग च्यार उन राज्य के भाजा के महल मे पहुँचे राजा का जो राजा के 50 बेटिया थे और बड़ी बड़ी सीधा गए राजा के पास गए, मैं विवाह करना चाहता हूँ। आप से राजा ने देखा, बदसूरत बड़े बड़े नाकों बड़े बड़े बाल जंगली जैसे दिख रहा था। राजा ने कहा 2 जबरदस्ती अभी बेटियों की शादी नहीं करवा सकता ले जाकर। उनसे पूछ तो सुपारी बुने गए 50 बेटियों के पास सब ने दरवाजा बंद है और सब ने इनकार कर इसे योगी को योग सिधिया। उन्होंने पहचान लिया क्या उन्हें पहचान लिया कि ये सारी औरतें मुझे बदसूरत समझ रही है। मैं अभी अपने योगिक शक्ति द्वारा अपने आप को बहुत खुबसूरत व्यक्ति बना, इतना खुबसूरत कि पूरे समाज में कोई तुलना नहीं कर सके। वहीं बुरी बन गये। बहुत खूबसूरत है जो योगिक सीरिया है, जो कई योगी हैं, उनकी बाजी शक्ति रहती है और आज के वाद में शक्ति प्राप्त नहीं होगी। ऐसी सीधी तो सुबारेबोलीनोशक्तियों के द्वारा अपने आप को बहुत खबसूरत बना लिया। जब वे बेटियों ने देखा, सो ब्यूटिफुल हैंस, सब लड़ने लगे, सब लड़ने लगे। हमने पहले से चुना था वो हमारा पति गा नहीं, हमने तो से पहले देखा तो इस पर 50 भैरों में एकता थी वो लड़ने लगे। मुनी ने क्या सोचा वो 50 बैलों को ले ले और सर मुझे देख सका कि नियो को आप कभी संतोष नहीं कर सकते। और हमारी देव पर उन्होंने देखा हम नियो को संतोष नहीं कर सकते। फिर उन्होंने अपने त्याग कर, पत्नियों के साथ वापस फिर से क्या किया। तपस्या करना शुरू करे। तो ये तो कहता है भगवान ने, उसका विषय है कि आप इंडिया को कभी संतोष नहीं कर सकते। चाहे आप की दीविसुविधापराअगर आप इतिहारमिसखानको पढोगे तब देखोगे कि पूरे अध्याय में अनेक श्लोकों में यह चर्चा की जा रही है। क्या मन को वश में लाओ क्यूँ क्यूंकि ये है हमारी सबसे बड़ी सम, हम इंडिया के क्या बन जाते हैं, लास बन जाते है। और शास्त्र का कहना है कि आप चाहे कितना भी प्रयास करो, अब इन इंदियों को संतुष् कर सकोगे।
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