एकमात्र Vaccination सभी कष्टों के लिए || 13.04.2020 || Online Class for Pune Devotees

The video records an online devotional class for Pune devotees conducted on 13 April 2020. Multiple participants (Speakers A‑E) ask and answer a wide range of questions. The discussion weaves together scriptural guidance from the Bhagavad‑Gītā and Krishna‑consciousness teachings with practical concerns arising during the COVID‑19 pandemic. Key themes include: how to face tempting and difficult situations through chanting and surrender to Krishna; the role of ego and authority in spiritual advancement and the need to follow senior guidance; managing COVID‑related anxieties, vaccination, and the idea of extra devotional “rounds” for protection; recommendations on study schedules, book distribution, and online program registration; ethical cautions about political statements and anti‑social behavior; and advice on interpersonal conflicts, forgiveness, and maintaining enthusiasm in practice. The session is conversational, supportive, and often repetitive, reflecting a live Q&A format.
Chapters
मेरा
हार,
इस समय कौन सा 1 विषय है, जिसकी चर्चा सब कर रहे हैं कौन बतायेगा
coronaviresकron wirsatualyhave muted everybody, because otherwise, it will give a lot of नस। so, i will unmute them as they will as their hands for asking, questions,
questions will be later on no, yes,
i m so presently everybody will be unmuted everybody will be muted, so they wont be able to anser you
so as no। जैसे आप जानते हो, इस समय सारे विश्व में 1 ही विषय की चर्चा की जा रही है, वो है ना वायरस। क्या कल कल रात को मैं प्रेसिडेंट से बात कर रहा था। उसने कहा, मुझे सारी दुकानें कैनाडा में बंद हैं, सेव कैमस की दुकान खुली है और फूड की दुकान की ऑल शोफर अमेरिका में जहाँ वो कहते हैं, रास्ते में 1 गाड़ी भी नहीं दिखती और जैसे अखबार पढ़ते हैं, अमेरिका में पिछले 2 हफ्तों में मेरे खयाल से 10 हजार से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है। सो भारत में भी हार एवरीथिंग, इस स्टैनस सो सारे विश्व में लोग करुना वायरस 1 ही कारण की उन्हें चिंता है मृत्य के बारे में। करना वायरस बड़ा खतरनाक वायरस निकला है और कहते हैं इसका वैक्सिनेशन भी इतनी जल्दी नहीं निकलेगा और सारे समाज के लोग सारे विश्व में सब चिंता में है। तो 1 भौतिक संसार में आप देखते हो 1 समस्या हल होती है और दूसरी समस्या आराम हो जाती है। अगर आप इतिहास को देखो यह पहली वायरस नहीं है, यह जरूर है। वैज्ञानिक कहते हैं कि ये वायरस सबसे खतरनाक वायरस निकाली है, जितनी वायरस निकाली है। अभी तक 1 करना वायरस, इस मोस्ट एस पर कई वायरस निकाली है और थोड़ी देर ले लोगों को कस देती है। फिर कोई उपाय निकल आता है, लोग भूल जाते हैं और करना वायरस भी विषय में सब लोग प्रयास कर रहे हैं। वैक्सिनेशन ढूंढने के लिए प्रभा जी का 1 लेक्चर था, जिसमें प्रभा ने कहा रियल वैक्सिनेशन को आल दी, वायरस चेंजिंग द होली, देम सो, करना वायरस के लिए भी भारत की कंपनियां, अमेरिका की कंपनियां सब प्रयास कर रहे हैं। इसको रोका जाए सो बौधिक संसार में देखते हैं कष्ट कष्ट है और भगवान गीता में क्या कहते हैं श्रोता बौधिक जगत में कष्ट कश? ओहर्चीदस्थाई शायद। आपको पता होगा कल दिल्ली में छोटा सा भूकंप भी निकाला था, आज भी आया है। 7 बजे के करीब थ्री प्वाइंट फाइव के स्केल पर दिल्ली में भी हुआ है। तो हम क्या तो हम देख सकते हैं। चाहे आपके पास कितनी भी कितना विज्ञान हो, विज्ञान हो, आप कष्टों से प्रकार आप प्राप्त नहीं कर सकते। तो आप सब जो आज इस सभा में बैठे हो, आप सब तो बड़े भाग्यवान हो, क्योंकि आप सब प्रॉपर्टी संस्था से जुड़े हो। श्र प्रौपर भगवान के शुद्ध भक्त थे, जिन्होने भगवान का असली संदेश दिया। उन्होंने ये नहीं सोचा, लोग क्या सुनेंगे तो कैसे आएंगे। उदाहरण के लिए यह प्रापत अमेरिका में पहुंचे बड़ा संघर्ष था, पानी के जहाज में गए थे, रास्ते में 2 हार्ट अटैक भी हुए, और जभी भी प्रोपर हिम्मत निहारे रास्ते में प्रॉपर कॉपी ले गए थे, रास्ते में वो पढ़ रहे थे। और जब वो न्यूयॉर्क पहुंचे और दूसरे वहाँ के सन्यासियों से परिचय हुआ। सो प्रापा ने। कइयों ने कहा प्रापा जी से, आप स्वामी जी जो नियम उपदेश दे रहे हो, कोई नहीं सुनेगा जो प्रॉपर बोस्टन में थे। प्रापा, पहला स्टॉप मरकाम बॉस्टन में था। और जाल का कैप्टन था। पांडे परापर को बोस्टन में घुमा दिखाने के लिए ले गया था। तो प्रापाजी ने जब देखा कि अमेरिकन लोग कितनी गहराई के साथ जुड़े हैं। इंदिातिफ्तिमें प्रापा जी ने कविता लिखी। पापाजी को गुडिया सर्कल्स में कभी भी कहा जाता था। पापा ने कहा आप मुझे यहाँ ले आये हो, पर आपके इस संदेश को कौन सुनेगा? तो पूरा सवाल जुड़ा हुआ है इंडिया में। और अगर राधारानी की कृपा हो तो हर कार्य संभव हो सकता है। तो कइयों ने प्रॉपर्टी को राय दी की आप जो सन्देश दे रहे हो, चाय कॉफी नहीं, नशे की चीज नहीं, युवा नहीं प्यास नियमों का पालन, ये कौन सी ने अमेरिका में है। प्राजी को विश्वास था की अगर हम सत्य के साथ चलेंगे तो ये लोग स्वीकार करेंगे बड़े ही संघर्ष के साथ। पापाजी ने पहला केंद्र खोला न्यूयॉर्क शहर में। और जब नययॉर्कशहरमें पहला केंद्र खोलने जा रहा था, तो पापाजी ने अपने संस्था के मित्रों से पूछा क्या नाम देना चाहिए हमें हवाई संस्था को को। लोगो ने कहा इंटरनेशनल सोसाइटी और गॉड कांशसनेस। और प्रापाजी ने कहा नो, वी मत भी स्पेस वी कॉलेज कृश्णा कांशस। तो प्राबाजीने हमें असली सन्देश दिया, ये ऐसा सन्देश दिया जिससे लोगो को खुश करने के लिए और अगर असली संदेश के साथ चलेंगे। आपको असली संदेश भी प्राप्त होगा। सो पापा जी ने हम सब का क्या सब आ गया कि हमें शास्रों का असली संदेश प्राप्त हुआ है। और ये असली संदेश बड़ा महत्वपूर्ण है। प्रशासन का क्या है असली संदेश कृष्ण, भगवान, परम भगवान है। ईश्वर, परम, कृष्ण, गोविंद, ब्रहसवीतमह, स्पष्ट कहा गया है। अनेक ईश्वर हैं, पर 1 ही परमेश्वर है। सो, यह समझना भी आवश्यक है। भागवत गीता स्पष्ट कहा गया है। श्री भगवान वाचा पर हम भगवान बोल रहे हैं। और ये जो संदेश है, किसके लिए है पूरे मानव समाज के लिए। भगवान ने गीता में क्या कहा? हम बीता, प्रता, पिता, मैं, उन सब यूनियन का पिता। तो अगर हम भगवान के संदेश के आधार पर चलेंगे तो हम हर स्थिति में शांत रहेंगे, स्थिति में संतुष्ट रहेंगे। आज हम देखते हैं अनेक व्यक्ति के बाद धन है, धन की कोई कमी नहीं, पर लोग संतोष नहीं है, निराश हैं, बेचैन हैं, चिंता से भरे हैं। और उन सबका 1 ही कारण है। हम प्रयास कर रहे हैं। भगवान की कृपा के बिना, वान की भक्ति के बिना, हमें ंतुष्टाप्राप्त हो, यह असंभव है। तो हमारे शास्तर में उपाय दिया गया है। भगवान ने गीता में स्पष्ट कहा कि सर्वधर्म पिता, वहाँ में एकमशणमरोजा आम जन, पापियों, स्वामी, सर्व धर्मों को छोड़ कर मेरे सर में हो। तो ये जो संदेश है यह है शासन का निर्णय और वो है की कृष्ण महान परम भगवान है। हमको उनकी शिक्षा का पालन करना चाहिए। परम भगवान अलग अलग समय अलग अलग रूपों में उपचारित होते हैं। ऐसे कुछ हफ्ते पहले आपने रामनामी उत्सव मनाया जिसमें आपने रामचद्रजी के विषय में सुना भगवान अलग अलग समय में उपचारित होते हैं। इसलिए कर्म के नियमों की स्थापना के लिए इसी प्रकार भगवान प्रकट हुए थे चेतन महाप्रभु जी के रूप में। आज से लगभग 520 साल पूर्व। तो चेतन महाप्रभु के विषय में कहा जाता है सब अवतारों में सबसे दयालु अवतार है। उन्होंने सरल संदेश दिया है जिसका हम सब लाभ उठा सकते और अगर हम इसका लाभ उठाए तो हम अपने जीवन को सुखी बना सकेंगे। आज हम सब को सुख चाहिए हम ये नहीं जानते ये सुख कैसे प्राप्त होगा। तो जो भक्त इस काम के साथ जुड़े हैं, सारे विश्व में उनको पता है कैसे हर असली संतुष्ट अपराध हो सकती है। चेतन महाप्रभू जी की शिक्षा चेतन नाम के प्रा होती है। और चेतन भगवत और चेतना महंगा
ने
चेतन भगत मृतक का अनुवाद किया और बड़े सरल भाषा में तात्पर में उस शिक्षा को और गहराई से हमें समझाया। तो चेतना महाप्रभु ने सनातन गोस्वामी को उपदेश दिया। किस प्रकार आप भगवान हो सकते हो। सनातन गोस्वामी कौन थे, वो 1 सं थे। आजकल भारत में गोस्वामी 1 रूप जात बन गई है। और गोस्वामी का अर्थ है जिसका मन बुद्धि में पूरा ओवर, शो और वैसे वृंदावन के 6 गो स्वामी माने जाते हैं। और में 1 सनातन 1 ते रूप है। ये दोनों भाई 1 समय उस समय के बड़े प्रसिद्ध राजा मुसलमानों का राज्य था। उस समय मुसलमान लोग शासन कर रहे थे। ये दोनों भाई 1 नवाब हुसेन शा राज्य का शासन कर रहे थे। ये रूप सुना बचपन से उनकी रूची थी। आध्यात्मिक चर्चा में जन्म हुआ था, ब्राहमण खानदान में और कथा करते रहते थे, भगवत की चर्चा करते रहते थे। और उन दिनों में आबादी लगभग नाइंटी नाइन परसेंट हिंदू थी और शासन करे थे। मुसलमान ये जो मुसलमान राजा था, उसे हिंसा बड़ा होशियार था। चापलूसी करके उसने राज्य का बात कर लिया। उसने कहा कि मुझे ऐसा व्यक्ति ढूंढ़ने 2 जिसे जो है हिंदू लोग चाहते हैं, तो उन्होंने खोजा जिससे आजकल सर्वे होता है। और यह निर्णय था कि ये तो भाई इनकी सब आदर करते हैं। जबरदस्ती उहे जोड़ा सेवा में, नौकरी में, और दोनों जुड़ गए नवाब सेशा के राज्य में उनकी सरकार का शासन कर रहे थे, तो पहले तो उनके बड़े भाई छोटे भाई स्वामी ने नौकरी, त्यागी और वृंदावन आए। वहां पर ने 3 मुख्य सेवाएं दी थीं। उन स्थानों को खोजो यहाँ की भगवान ने अपनी देवी लीला, प्रकट की और बंदरों की स्थापना और भक्ति संबंधित ग्रंथों की रचना संक्षेप में इन्हें शिक्षा दी थी। इसके आधार पर उन्होंने ने ग्रंथों को प्रकाशित किया। सनातन स्वामी भी सुनादनकस्वामी बड़ी कठिनाई से निकले सरकारी नौकरी नौकरी से। 1 महीने के लिए वो दफ्तर नहीं गए थे, 1 महीने के लिए घर में नो को लेकर भागवत का अध्ययन कर रहे थे। और राजा ने सोचा इस से हमेशा तो ठीक रहता है, आज ठीक रहता है। 1 बार बीमार है, 1 महीने से अपने डॉक्टर को भेजा, अपने वैदिय को भेजा, जा के देखो, सुनाई दे रहा है आप लोगों को देखो। is very clear, यस, यस, यस इट्स, क्लिर महाराज के जाके देखो क्या बीमारी है? जब वो आये तो उन्होंने देखा ये तो बिल्कुल ठीक है। स्वस्थ, ये तो भागवत पर रहे हैं। दूसरे मामलों की संगत में। तो उन्होंने कहा राजा को सनातन आपका प्रधानमंत्री। तो बिल्कुल ठीक है, भागवत हम पढ़ रहे हैं दूसरों के साथ, दूसरे ब्राहमणों के साथ। राजा ने सनातन का निमंत्रण दिया। सनातन जाए। उन्होंने राजा को प्रणाम किया। बाबाजी कहते राजा मुसलमान था भी, धार्मिक भी ऊँचे पद में था। सुनाता ने पूरा आदर दिया तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया मैं अब इस नौकरी में मेरा दिल नहीं है। राजा जा रहा था ओडेसा युद्ध करने कर। राजा हिंदू था और सनातन की रूचि नहीं थी इस युद्ध में भाग लेने के लिए। सो सनातन को। राजा ने क्या कहा अगर तुम नौकरी नहीं करोगे तो तुम्हे हम क्या जेल में डाल देंगे, जेल में डाल दिया। उसी समय सनातन को। 1 पर्स मिला उनके भाई का, जिसमें उनके भाई ने कहा था मैंने तुम्हारे उपयोग के लिए सौ सोने के सिक्के रखे हैं। इस बनिये की दुकान में, जब रूप गोस्वामी ने अपनी सरकारी नौकरी त्याग, उनके पास इतने सोने के सिक्के थे, पूरी ना बढ़ गई थी उनके साथ। और उन्होंने रिश्तेदारों को थोड़ा रखा भाई के लिए, तो उस धन का उपयोग करके ना निकले खेल से और आई वरनासीतनेमहारबो को मिलने के लिए रास्ते में रुके थे। 1 स्थान गाउन के ब्रधेनला आया था मुसलमान राजा के लिए, घोड़े खरीदने के लिए। और जब उसने देखा स्नातन फटे कपड़े में जा रहा है, फटे कपड़ो में चल रहा है। तो उन्होंने कहा कि तुम ऐसे 1 गंदे कपड़े क्यों पहनते हो। ये महंगी चादर। जब सनातन पहुँचे, वरणासी वहाँ पर बुदुर समझ गए थे। सनातन आ गया है भार पर। उन्होंने कहा चन्द्रशेखर जिसके घर में वो निवास कर रहे थे, देखो भर। 1 संत आया है, चंद्रशेखर बाहर आये, देखा कोई सन तो नहीं देखा। उन ने उन्हें देखा। 1 व्यक्ति लम्बी दाढ़ी के साथ, मोला के रूप में, वहाँ तो कोई सन साधु तो नहीं देखा। 1 मौला देखा है, तो माँ प्रभुने लाओ उसे। अंदर, तो उसे अंदर आये, उन्हें गले लगाया। और जब चन्द्रशेखर और तपन मिश्रा जो महा प्रभु के दूसरे भक्त थे, उन्होंने देखा इतने प्रेम से महा प्रभु उन्हें गले लगा रहे हैं, समझ गई है, कोई व्यक्ति नहीं है। सनातन ने अनुभव किया कि चेचेतिनेमापबू उनकी महंगी चादर उनके बहनों ने दी थी, उस पर जरा घूरकर देख रहे। तो सनातन ने सनातन समझ गए की माँ वो खुश नहीं है। महंगी चादर को देख कर। तो वो गए गंगा के किनारे। यहाँ 1 बंगला साधु था, बंगला साधु के पास, 1 फटी हुई चादर थी, उसने उड़ी हुई थी, तो सुनाता ने कहा, आप मुझे वो वो फटी चादर। 2 मैं आपको ये अच्छी चादर देता हूँ। खोल कर हो, इतनी महंगी चादर दोगे। मुझे फटी चादर के बदले में सनातन ने कहा, नहीं, नहीं, नहीं पका दूंगा। सनातन जा पहुँचे। वापस चन्द्र। शेखर के घर में तो उन्होंने देखा कि हाँ प्रभु ने देखा, सुनाते ने वो महंगी चादर त्याग दी है। उन्होंने पूछा, ये पड़ी चादर क्यों पहन रहे हो? सना ने कहा कि उसने अभी महंगी चादर दे दी। बाबा से पड़ी चादर ले ली। वहाँ पर बड़े प्रसन्न हुए उन्होंने कहा कि 1 अच्छा डॉक्टर किसी का इलाज करके जो बीमारी का कारण है, उसे नहीं रहने देता। दूसरे शब्दों में वहाँ पलों को संदेश था। अगर कोई व्यक्ति खास करके सन्यास ब्रह्मचारी, आश्रम में प्रवेश करके सारा जीवन नहीं बिताए, वो शोभा नहीं देता। लिहासताआश्रममें छूट है, अच्छे स्तर पहन, लो, महंगे, मस्त, पहनो और साधु, ब्रह्मचारी और सन्यासी जीवन में व्यक्ति को सादे वस्त्र पहनने चाहिए, सादा व्यवहार होना चाहिए। तो चेतन परबने स्वामी को बड़ी गहराई के साथ शिक्षा दी, जिसके आधार पर उन्होंने अनेक ग्रंथ लिखे हैं। तो चेतन मापरभूके के आधार पर सनातन ने ग्रंथों की रचना की। सनातन को स्वामी ने कहा है 1 बड़ा प्रसिद्ध श्लोक है, चेतन चर्जनमीटरसेये है। मजे लीला। मास्वध्यायस्लोक नंबर 128। साधु संग नाम केतन भगवान श्रवन मथुरा वासी 1 व्यक्ति को भक्त के साथ में रहना चाहिए। नाम का उच्चारण करना चाहिए, भागो धम सुनना चाहिए, धाम, मथुरा धाम में रहना चाहिए और सदा के साथ भगवान के आज विग की पूजा की जाए। मुझे विश्वास है कि आप सब ने पहले भी इसे कई बार सुना होगा। इसे कहा जाता है फाइव लिम्स ऑफ डिवोशन सर्विस सो। वैसे तो प्रभु ने बड़े गहराई के साथ शिक्षा दी थी, जिसे आप बाईसवें अदिहाईमेंपढते उन्होंने उनके, उसके सार को प्रस्तुत किया। इन 5 लोगों में सबसे पहले क्या था साधु संघ? तो ये बहुत आवश्यक है। अगर हम आध्यात्मिक उदधि करना चाहते हैं। साधु की भी पहचान होनी चाहिए। यह नहीं कि कोई भी व्यक्ति दावा कर ले। आम साधु है। साधु का आचार शास्त्र पर आधारित होना चाहिए। चेतन मा तो कहा जिस प्रकार 1 सफेद चादर में काला 1 छोटा बेदाग हो, दूर से दिख जाएगा, यही कहा और उन्हें साधु के आश्रम में कोई कलंक नहीं होना चाह। साधु किसे कहते हैं जो भगवान का संदेश तथा रूप देता है। पापा जी गए, 4 करने कई स्थान में गए और प्रचार के माध्यम से लोगो को जोड़ा। पापा जी 1 बार रशिया में गए थे, नाइनटीन सेवेंटी वन की बात है हो गए थे सिर्फ 4 दिन के लिए। उन दिनों में रशिया में कम्युनिजम का शासन था और धर्म का कोई स्थान नहीं था। नास्तिक था पूरा देश। वे 1 प्रोफेसर थे जिनका नाम था डॉक्टर किटॉसकीडॉकिटॉसकी इंडोॉलोजिज थे, मतलब कि प्रोफेसर भी थे और खासकर के रमन महाभारत इत्यादी में बड़ी गहरी रूची थी। ये रूची को धार्मिक दृष्टी से नहीं पोली। 1 एकेडेमिक दृष्टी से धार्मिकता में कोई रूचि नहीं थी, तो किसी भी प्रकार से इनविटेशन मिल गया और बाबा जी 4 दिन के लिए गए थे और 4 दिन के दौरान 1 रशियन भक्त उनका शिष्य बन गया। इसका नाम था न। तोले यह रशियन भक्त था, योगा में रूचि लेता था और थोड़ी इंग्लिश बोलता था। व निंदा में रशिया में अंग्रेजी बहुत कम लोग बोलते थे, सरकार की इच्छा थी कोई अंग्रेजी सीख ही रही क्योंकि सरकार चाहती नहीं थी। तो विदेशों में जो निंदा की जाती है कॉमनिज्मकीवो उसकी प्रजा को समझ आए। तो राबजी 2 फैक्ट्री के साथ गए थे और 1 फैक्ट्री श्याम सुंदर शहर में था, वो फल खरीदने के लिए जा रहा था। रास्ते में ये सोल लड़का मिला बाद में पता लगा कि इसकी योगा में रुचि है पर मे गुरु है जो योगा टीचर है। तो प्रवाज के बाद लेकर आया तो 4 दिन के अन्दर प्रॉबाजीउन्होंने रिक्शा दे दिया धोती पहनना सिखाया प्रसाद बनाना सिखाया और प्रचार करना सिखाया और कहा आप तो प्रचार करना शुरू करो। और सत्य से उसने प्रचार किया और हजारों भाग भर दे तो हम सब देख सकते हैं सबके बराबर का ज्ञान। तीसरा आप से कम ज्ञान। तो ना जमुनी रोमराज को कहते हैं। रोमराज के पिता के पद के पिता 2 पत्नियां थीं, सुनी थी और स्वीटी और पिता का ज्यादा आकर्षण था सिटी के प्रति। तो 1 दिन जब दु प्रयास करते थे मां पिता की गोद में बैठने के लिए उनकी सौतेली माँ जो पड़ोस में बैठी थी, उसने कहा तुम पिता की गोद में नहीं बैठ सकते, जब तुम्हारा भाग्य होगा से जन्म लोगे, जब तुम पिता की गोद में बैठ सकोगे। दूसरे शब्द में वो कह रही थी अभी तुम श्री त्याग हो मेरे दे फिर से प्राप्त करो, मेने गप से जन्म लो। फिर तुम पिता की गोद में बैठ सकोगे। माँ ने सौतेली। माँ ने वो चिला कर कहा के नौकरों ने भी सुन लिया ने दौड़कर सुनीता को कह दिया आज हमारे बेटे को वो भारी डांट पड़ी है। तो जब धुआ मा पहुंचा तो माँ को पता था क्या बीता। माँ ने स्पष्ट दिया मैं योग नहीं दे सकती, तुम्हारे पिता मुझे बिलकुल नहीं देते तो कौन दे सकता है। उन्होंने कहा भगवान दे सकते है, भगवान कहाँ प्राप्त होंगे सुना है। जंगल में, गीता में भगवान क्या कहते हैं कितनी परिस्थिति में कोई भगवान की शरण में आता है। चाहे आप जानते हैं। 1 जो दुखी रोगी पीड़ित हो, दूसरा जिसे धन चाहिए। तीसरा जिज्ञासु श्रेणी का है। ज्ञान के आधार पर जो आता है। चाहे कुछ भी कार्य भगवान गीता में कहते हैं, मेरी शरण में आओ के देवता देते हैं। वो भी मैं दे रहा हूँ, मेरे पास आओ मनाज मधुबन जंगल चले। रास्ते में उन्हें नारदमुनी मिल गए मुनी हमेशा ठीक समय पर पहुँच जाते हैं। ठीक सान पर नर। मुनी ने कहा मुनी ने परीक्षा ली क्या क्या क्या गुस्से में क्यों हो जा रहे हो पर कहा की मैं जा रहा हूँ, भगवान को खोजने तुम मदद कर सकते को अकेले छोड़। 2 मुनी ने कहा तुम तो छोटे से बालक हो, इस उम्र में इतना क्रोध थोड़ी रखना चाहिए। हमारी सौतेली माँ के शब्दों को गंभीरता से मत लो। मां ने कहा नहीं, अगर तुम नहीं देना, सहयोग, नहीं दोगे, भगवान को खोजने में तो मुझे छोड़। 2 मुनि ने पहले परीक्षा ली, ऐसे पहले मुनी ने परीक्षा ली। इसी प्रकार आप देखते हैं स कॉल में अगर किसी को दिक्शा चाहिए हो। कई संस्था में आपको दिक्षा 1 मिनट है। अन्दर जाओ अपने भौतिक नाम के साथ बाहर निकले। धात्मिक नाम के साथ कोई ज्यादा प्रश्न भी नहीं पूछे जाते। परेसकॉमेंआदेखते हो 1 रूप से बहुत लम्बा रास्ता है। 1 इंतिहान दूसरा, इनियान और आप को देखा जाता है। 1 साल, 2 साल कैसे आपका व्यवहार क्यों? इसीलिए में कहा गया है कि हमें ध्यान से देखना चाहिए। पहले योग्य हैं या नहीं। और जब देखा जाए योग्य हो र दीक्षा की ओर आगे बढ़ते हैं। तो मोनी ने कहा, जब तुम उनकी संगत में आओ, जो आपसे ज्यादा एडवांस में, तो हमें प्रसन्न हो जाना चाहे। कई बार मिलते हो उन भक्तों से जो आप से ज्यादा एडवांस है। हम खुश हो जाते हैं। क्योंकि हमें उनकी संगत में ऐसा ज्ञान मिलेगा जिसके पालन से हम ध्यान में उन्नति कर सकेंगे। तो भगवान ने ध्रुव को कहा ध्रुव, मेरे कारण तुमने इतनी तपस्या की है। मांगों में से क्या चाहिए ने कहा, अगर आप मुझे कोई वर देना चाहते हो तो ऐसा वर दीजिये कि मुझे उत्तम भक्त भक्तों की संगत मिलेगी, उत्तम भक्तों की संगत मिलेगा। उसमें 1 ही विषय होगा। किस प्रकार हमारे यानि वृद्धि कर सो। ये है उत्तम भक्तों का, ये होना चाहिए। हमारा प्रयास भी। तो जब उत्तम भक्तों से मिलो तो हमें प्रसन्न हो जाना चाहिए। जैसे मा न पार कर रहे हो, आपको कोई अच्छा सौदा मिल जाए, आप खुश हो जाते हो, उसी प्रकार उत्तम भक्तों की संगत मिले हमें प्रसन्न होना चाहिए। क्योंकि उनकी संगत से शिक्षा मिलेगी, जिसके पालन से जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकोगे। फिर उन्होंने कहा, जब तुम अपने बराबर के भक्तों को मिला, उनसे क्या करो, मृता का भाव करो। अपने बराबर के भक्तों से मित्रता का भाव का क्या अर्थ है? यह कि आप मिलकर 1 साथ भगवान की सेवा करें। और जब तुम अपने से कम ज्ञान के व्यक्ति को मिलते हो तो क्या करना चाहिए? दया की भावना करनी चाहिए। तो जब हम उत्तम भक्तों से मिले, हमें प्रसन्न हो जाना चाहिए। भौतिक समाज में हम क्या करते हैं? जब हम हमारे से कोई बुझाता है, सफल हो, उसको मिलते हैं। हम क्या करते हैं? अरे बोले चापसी करके ऊपर पहुँच गया, ईमानदार हूँ, किसी रूप से उसको गिराने की कोशिश करते और यात्मिक जीवन में हम गिराने की कोशिश नहीं करते। हम आदर देते हैं उन की शिक्षा का लाभ उठा दे। फिर जब अपने बराबर के व्यक्ति को मिलो तो बौधिक समाज में हम बताते हैं। हम तुम्हारे लिए ज्यादा सफल है। हम तुम्हारे से आगे है रध्यामिजीवनमे। हम कहते है चलो मिलकर भगवान की सेवा करे, मिलकर प्रचार करे। अब चेतीलेमहाप्रबु ने आय धज ठाकुर और नंदा की जोड़ी बनाई। उन्होंने दोनो को 1 साथ भेजा। जब बराबर के भक्तों को मिले हमें 1 साथ मिलकर सेवा करनी चाहिए। चेतमा प्रभु जब गुणीचंद की सफाई कर रहे थे, उन्होंने सब भक्तों को जोड़ा। हमें मिलकर भगवान की सेवा करनी चाहिए। 4 हो प्रसाद जी से मिलकर करेंगे तो ज्यादा लाभ होगा। बाबा जी कहते थे you love for me will be shown। आई हैव यू कॉपेविरीचदरआपने सुना है। पहले बाबाजी ने कहा जो प्रेम है तो शिष्य का भक्तों का मेरे प्रति वो वो प्रस्तुत होगा। यह देखकर वे 1 दूसरे के साथ कैसे चलते हो। अहंकार के कारण हम सब सोचना चाहते हैं। हमारे पास है हर समस्या का हल, हर प्रश्न का उत्तर और आध्यात्मिक क्षेत्र में हम मिलकर चलते हैं। 1 दूसरे को सहयोग देते हैं में 1 दूसरे की सलाह लेते हैं और उसके आधार पर उपदेश भी देते हैं। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। मा वो कहते हैं मृत का भाव ये है असली शिक्षा लेने को तैयार हैं, हम सुनने को तैयार हैं। हम चाहते हैं कि सभी शिक्षा मिले। तो जब बराबर के भक्त को मिले, हमें मिसता का भाव होना चाहिए। जब आप से कम ध्यान के ज्ञान के पक्षों से मिला तो क्या भाव होना चाहिए। दया का भाव जैसे कि वैसा जो हैं उन्हें कहा जाता है। पर दुख दुखी। दूसरों को दुखी देकर वो भी जाना चाहता है। उन्हें ज्ञान दिया जाए। जैसे समय हम कह रहे थे पूरे विश्व में भारत की बात छोडो कोरोना वायरस की चिंता है। सब कोरोना वायरस इसलिए डरे हैं क्योंकि इसके द्वारा मृति आ सकती है, गहरी बीमारी आ सकती है। आजकल जितने बड़े हॉस्पिटल थे। अमेरिका में सब जगह बाकी सब ऑपरेशन करना उन्होंने बंद कर दिया है। कल 1 डॉक्टर से शिया से मेरी चर्चा हुई थी, जो वाशिंगटन में वो कह रहा था। इस वक्त सारे अमेरिका के ऑपरेशन में सभी ऑपरेशन बंद हो गये हैं। जो बहुत महत्वपूर्ण ऑपरेशन है, उसी को कर रहे हैं। बंद की हो गए। कहा कि हमने हमने पूरा हॉस्पिटल, हर हॉस्पिटल खाली रखा है। कोरोना वायरस के पेशेंट्स के लिए, उनके लिए पहले जगह दी थी। तो अभी सारे ऑपरेशन बंद है। चाह कोई इमरजेंसी लाइफ सेविंग ऑपरेशन हो उसी को कर दे और बाकी जगह रख रहे हैं। ये कोरोना वायरस के पेशेंट्स के लिए तो 1 रूप से देख सकते हो। समाज की प्रजा दुखी है। ये प्रचार करने का बड़ा अच्छा मौका है। जब रोग पीड़ा हो तो प्रचार लोग ज्यादा सुनते हैं। आज आप क्या देख रहे हो? आर्थिक सीधी लोगों की कमजोर होती जा रही है। जब आप 2 हफ्ते से फैक्ट्री में चलाओगे, जब आप 2 हफ्ते से दफ्तर नहीं जाओगे तो आर्थिक थिति कमजोर होती जाएगी। इस वर्क आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है और कई सारी फैक्ट्री सब बंद हैं। तो लोग सुनेंगे आपके संदेश को ये प्रचार का अच्छा मौका है। खास कर के ऑनलाइन विचार जो कर ले। ऑनलाइन विचार आप घर बैठे बैठे विचार कर सकते हो। इस वह तो आप घर से बाहर निकल नहीं सकते। सुना है कि कल सुबह 10 बजे हमारे प्रधानमंत्री कोई नया अनाउंसमेंट देंगे, शायद उसमें थोड़ी छूट मिल जाए घूमने के लिए, पर बाहर जाने के लिए। पर ये जो डिस्सीप्लिन रखा है इस भावना से कि यह बीमारी फैले नहीं, हम सब का कर्तव्य बनता है की सरकार के जो नियम हैं उनको हम साथ दें पालन करे। जिसके द्वारा ये जो बड़ी समस्या है वो हल हो सके हो सके। पर प्रचार की दृष्टि से यह बड़ा अच्छा मौका है। लोग दुखी हैं, पीडित हैं और उन्हें उपाय के है। आज आप ग्रेजुएट्स को देखते हो उनकी जॉब मिलना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। तो ये ऐसी स्थिति में आप अच्छा प्रचार कर सकते हो में दया की भावना होनी चाहिए। लोग चिंता में, चिंता में तो सब हैं और चिंता को हल्के से करना वो नहीं पता। ऐसे कष्ट हम सब अनुभव कर रहे हैं। पर उपाय असली उपाय के का है। यह केवल शासन द्वारा, साधु संघ के द्वारा प्राब्ध हुआ। तो महा प्रभु का कहना था सबसे महत्वपूर्ण कार्य है अगर आप आध्यात्मिक जीवन चाहते हो की आप साधु संघ में रहो, साधु संघ में रहोगे, आपको असली संदेश, मिलेगा, असली संदेश क्या है। कल ये दोसेेनिराजनआसली महागुना कृष्ण सिया ने पूछा था बताइए कलयुग में लोगों को उधार कैसे होगा? तो कुस्वामी ने कहा कलियुग में दोषी दोष है, 1 गुण है वह कृष्ण का नाम तो ये है नाम ही 1 उपाय है ये असली विनेशन कह चुके हैं। और हर नाम की महिमा है। नाम का प्रभाव सब की तरफ है आप लोगों की बिशुनी। 4 रहा हूँ दुनिया के कोने कोने में, यह ही नाम फैलेगा। तो आज ये हरिराम फैल गया दुनिया के कोने कोने में, पर इतना तो हमें स्वीकार करना पड़ेगा, और भी प्रचार करने की आवश्यकता है। हम यह नहीं कह सकते अभी हरीराम पहुंच गया दुनिया कोने में हो सकते हैं। हमें प्रचार करना चाहिए हरि नाम की महिमा और हरी नाम। जो भी ज्ञान से, ज्ञान से, इसका उसे लाभ होगा। आप सब इसका लाभ उठाइए। पापाजी ने हमें बड़े सरल भाषा में अपने ग्रंथ में यान दिया है। और हमारे आचार्यों के साथ प्रिय को लेकर सरल भाषा में दिए। बुक डिस्ट्रीब्यूशन की दृष्टि से इस समय हमारे खराब है। 1 महीना हो गया। हमारे भक्त सब मंदिर में बैठे हैं, बुक डिस्ट्रब्यूटर है, वो 1 रूप से तंग रहे हैं। आज हमारी 1 मीटिंग हुई थी स्काइप में का स्वामी और भक्त स्वामी और वो कई सीनियर भक्त थे। कॉन्फ्रेंस में हम लोग यह चर्चा कर रहे थे कि इस स्थिति में अभी प्रचार कैसे उड़ाया जाए। और मायापुर के 1 भक्त आये थे, जिन्होंने अभी सन्यास भी आये। वो कह रहे थे कि जो 10 सालों से मायापुर के भक्त समकेन कर रहे हैं, तो उन्हें कई एंड्रेस हैं, 10 साल के हजारों एड्रेस हैं। यहाँ पहले उनके पास जाने के लिए समय नहीं होता था, अब उनके पास जा रहे हैं और रोज 10, 20 से भगवत उनके अना भाषा में बेच रहे हैं। तो हर सिटी में भागते हैं। कोई उपाय ढूंढ लेते हैं तो ये प्रचार करना चाहिए। वे और लोगो को जब असली से देश मिलेगा तो भगवान के नगर होंगे। तो अभी हम रुकेंगे। आपके प्रश्न का उत्तर देंगे हरे कृष्ण। we the able to hear।
यस गुण। वेरी क्लियर क्वेशन? तो मैं जो भी हैंडरेसकरेहैउनको करूंगा और आप का नाम बता कर। आप प्रश्न पूछ सकते हैं। और मैं जब अनम्यूट करूंगा तो आपको परमिट होगा वो प्रमाली एक्सेप्ट कीजिये अन्य करने के लिए। और फिर प्रश्न प पूजिए। पहला प्रश्न है स्वस्थ
questin कम थ्रू यू, महाराज बोल रहा हूँ सुना, अरे आप प्रेशर पूछिए तो यह करुणा का
जो महामारी महाराज की हम कहा दिन
है जा सकते तो घर में पैसे
देते अच्छे से, तो उसके बारे में पूछें बोले महाराज जी
लाबरेवोरीसे
बाहर नहीं
घर बैठे
1 रूप से भगवान आपको समय दे रहे हैं सोनम के बढाने के लिए। पहले आप लोग कहते थे क्या करें, रीडिंग का टाइम नहीं है, जावा का टाइम नहीं है, इतनी सेवा है, नौकरी है वगैरह। तब भगवान ने आपको 1 महीना 2 महीने की छुट्टी दे दी है। आप इसका लाभ उठाओ। ठीक है न? और किताबों को भी पढ़ो और प्रचार भी करो। आप टेलिफोन में प्रचार कर सकते हो, ऑनलाइन कर सकते हो, ऑनलाइन। आजकल इन्टरनेट से 30 पर्सेंट बढ़ गया है। ठीक है
बहुत बहुत धनिया।
ये आपका घर है। आप अपने घर में बैठे हो। बड़ा घर है, आपका लेट्स गो फास्ट है, अच्छा घर है आपका कि, आप सबके घरों का भी दर्शन हो रहा है, मैंने आपका ओल्टर भी दिख रहा है। आपके पीछे k
नेक्ट सर्वात्मा मुरारी प्रभु जल्दी पूछिये ब्रेक स्टा महाराज 2 प्रणाम
महाराज महाराज मेरा प्रश्न है ये।
आजकल सोशल मीडिया पर हर जगह जो नास्तिक लोग हैं, इस तरह से प्रश्न कर रहे हैं कि भगवान है तो क्यूँ करुणा को खत्म नहीं कर दे रहे हैं। तो ऐसे लोगों को क्या उत्तर देना चाहिए।
महाराज अच्छा प्रश्न है भगवान जो है उन्होंने हम सब को छूट दी हुई है। और हम सब को पापों का परिणाम हम भुगत रहे हैं। प्रापा जी ने कहा था 1 लेक्चर में आज समाज में इतनी दिनों निर्दोष गायों की हद पर अत्याचार हो रहा है। बिना जो गाय माता है ही साथ माता में 1 माता है। गाय माता की सुरक्षा होनी चाहिए, हम गाय की सुरक्षा करे। हजारो की संख्या में भारत जैसे देश में भी इन पर हत्याचार हो रहा है। और जैसे चाइना में ये करोना वायरस का इलाज करने के समय चाइना में उन्होंने कोई लाखों जानवरों को मारा। जब पृथ्वी को इतना पाप होगा, उसका परिणाम तो भोग पड़ेगा। पाप जो है परिणाम बिगड़ नहीं जाता। तो आज हम पापी जीवन बिता रहे हैं, उसका परिणाम भुगत रहे हैं।
जी महाराज।
आप लोगों को बोलो। आज तुम लोग इतना पाप कर रहे हो, उसका परिणाम हम भुगत रहे हैं।
जी महाराज।
ये था आपका प्रेशर जी महाराज। तो वो पूछेंगे उपाय क्या है? उपाय, यह है हम हमारे चरित्र को सुधारे, आँचल को सुधारे और भगवान के नाम का जॉब करें। धर्म के नियो के। पाय का पालन करें। you can next
there is a question from balesar raman brabu is an scotland the moment? वो पूछ रहे हैं कि we are seeing so many clases going on? how to cat with on these as, we have to study for self?
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gom the camera के सारिका माताजी, यस प्रभु जी
मारा मेरा कोशशनयेहैकी, क्या हम हरि नाम को मतलब जैसे ये वायरस चल रहा है तो क्या हम हरि नाम को इस वायरस के कर सकते है की हमारे पास आपदा ही है यह वायरस है तुम इसके लिए यूज करे की हरि नाम को हम इस वायरस कम हो जाए और जितने भी लोग है तो वो इस आपदा से मुक्ति आ जाए और इसीलिए हमारे नाम करे यह केवल हम अपनी साधना जो हम कर रहे हैं हरि नाम जो कर रहे हैं केवल उसी को फोकस करते हुए
करे चाहे कुछ भी कारण हो हमारे नाम को जॉब करो चाहे आपका कारण जो भगवान करते हैं। 4 श्रेणी के व्यक्ति मेंशन में आते हैं सो what एवर जन आप यही सोच रहे हो जॉब करो जॉब करेंगे तो वायरस के वायरस से बच जाएंगे वायरस हमें ट्रैक शेयर नहीं करे जो भी कारण हो आप जॉब करो वही नाम को जॉब करोगे तो खुद ही खोद देगी मैल भी दूर होगी और आध्यात्मिक आकर्षण आपका पढेगा वान कहते हैं जो भी कारण है मेनिसन में आओ तो चैन गार्डेस ऑफ मोड में भी हाई नाम का 1 बार जब शुरू कर दे खुदी खुद आपको सेटिस्फेक्शन दिखती है और खुद ही खोद आध्यात्मिक उत्साह बढ़ता है
येजवमाजश्रीयश्वोतकान माताजी पीपल वांट टू
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सुजाता मे माताजी हरे कृष्
मेरे लॉकडाउन की वजह से बहुत टाइम मिल रहा है। हम रीडिंग कर रहे हैं कि सब जो 1 साथ करना ज्यादा बढ़ा सकते हैं महाराज 1 साथ रेडिंग करना, ज्यादा चैटिंग करना, ये पूरा हमें कैसे मिल सकता है।
अभी आपको टाइम भगवान पहले पहले आप लोगो की शिकायत की टाइम नहीं मिलता है आप सब शिकायत करते थे हमें टाइम नहीं मिला मिलता तो हम जॉब कर लेते हैं पर ज्यादा नहीं कर सकते तो भगवान ने कहा पूना के भक्तों की शिकायत जन है टाइम दिया जाए तो लॉक डाउन हो कर दिया अभी आपके पास बहुत टाइम है कम से कम एपल के एंड तक तो टाइम रहेगा
लॉक डाउन
लॉक अप हो जाए और एपल के 1 तो आपको काफी समय कमी सब है उसका उपयोग करो और जॉब के विषय में आप दिन रात कर सकते हो पर थकोगे यह जॉब की शक्ति बाकी जो साधारण नाम हो 1 बार 2 बार लोग थक जाओगे भगवान के नाम आप दिन रात लोग को नहीं आपको एक्सट्रा टाइम मिल रहा है उसका फायदा उठाओ डोंट वेस्ट
धन्यवाद
ब्रह्माचारी टीम फ्रॉम एन बी सी सी एन कुजेर आलसो ऑनलाइन स बरह्मचारी
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say don t you gags भक्ति सिनाद आपको सुनाई दे रहा है भक्त सिधा sad साइंटिस्ट in men machine and dewordyutitin service of the lot so propet use technology in service to the lot, he had a books printed by one and technology use the plain and a ship to travel around the world। so we dont see don⁇touse gags, but dont miss use them for example the smartphone, the smartphone can be used to keep prop as books didi pictures setra and the smartphone can also be used to have phonography insite dont me use it at show so use all the gadencywan in a clear yes my s
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मेरा भाई से डिसकनेक्ट हो गया था, मैं आपसे पूछ रही थी उस समय की कर रहे है उसके अलावा हमें एक्ट्रा राउंड करना चाहिए जो वायरस है उसके लिए एक्स्ट्रा राउंड की बात कर रही थी। हम एक्ट्रा राउंड भी करना चाहिए कि ये जो वायरस है उसके लिए मतलब
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मिलेगा जी महाराज जी ठीक है महाराज जी मेरा 1 और क्वेश्शन है ये अगर मुझे लगता है की मैं ने किसी सीनियर वक्त के प्रति कुछ मिस्टेक कर दिया है या फिर मैंने कुछ उनको हर्ट कर दिया है। और अगर मैं उनसे क्षमा मांगती हूँ और फिर भी मुझे वो शमा नहीं करते हैं तो मुझे उस केस में क्या करना चाहिए?
अगर आप उनसे शमा मांगते हो वो शमा नहीं करते तो यह उनका दोष है और उनकी कमी है अगर कोई वैसे आपको कहे आम सौरी आई डिड दिस आई वोंट डू इट अगेन we should accepted। अगर वो बाइशन सोचता है ये तो आप बार बार बोलते हो और करते हो फिर वो से सीरियसली नहीं ले बट अगर आप मुझ से माफी मांगो they should be for giving vishno वेरी for giving एंड दे आर नोट रिवेंज फुल
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well, the worditerealso subject to the los of nature, we are not exempted from that and no body is exempted from karma, we have just take it is los mosi prepare for it many people from the virus also get code ya a stocking to some dbotiesfromingtan, anytibotisavegod curd also so of course, we was said dbody dont get this disease, but you cant stop that like the word is do get a cancer some time to do get heart attack to do get in wall in accident is the bodies, we should always be prepared for the worst when i if you all s ready, then i nothing to fear the end has to come w one or the other so if r krishna contes will always be very fortwo question is that किसका
कितना ललिता माताजी
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okyhe⁇sonemo question this is ganesh prabuformidarod is asking haregrisnamहाराज माया इस वेरी powerful i take wovsocatonally that from now on words i will candmyराunडs without tचingmy mobile i scid for few days but then again falling maya and sending and mobile gosonsimildeniously how to taklmindanthis situation to restent from mobile during
morning to for thing we use do wherswhatathe messages from last night and you don t ha en up messages and some people get a hard etek nowhere remember me so mobile phone at a blessing and a curse you should dont done on your mobile cil ten eleven clog finish your japa finishing in morning satna and then you turn on and eve nothing to you get a message in any case who call you why should de deserve your chanting and mobiles one came in business on fifteen years ago before that they were no mobile and we live body comfortably propgavajogons proper said that i came america i saw that everybody has a phone and i was coming from india and india to get a for at that time for four five years before you your number would come so probes came to new york i for a bell company and i go there for in four hours god is for night the cipl swami how are you for is now the stamens to me locate night for some how are you okay i have to go sudgoरoमहाराज,
please axcefmyhamboo दिस i m at home, my intusaजmइसगोiंग down, how to increase and angry thortscoming my mind plese gid सुदांशू from pune
आपका उत्साह कम क्यों हो रहा है? काम तो जब होगा, जॉब वगैरह नहीं कर रहे ने कहा है, भक्ति में आगे बढ़ने के लिए हमें सदा उत्साहित होना चाहिए। उत्साह निश्चय धरा तो उत्साहित होना भगवान की सेवा में बहुत महत्वपूर्ण है। और अच्छी साथ न रखोगे तो आपका उत्साह बढ़ेगा घटेगा नहीं घट रहा है तो किसी किसी साधु की टेक दे। हेल्प ऑफ सीनियर काउंसलर इन एक्सप्लेन प्रॉब्लम एंड टेक गाइडेंस। आप किसी काउंसलर की सहयोग लीजिए और जो समस्या है उसको दूर कीजिए। हमें उत्साहित जरूर होना चाहिए। हम आखिर क्या करें भगवान की सेवा, इससे ज्यादा बेहतर पूर्ण क्या हो सकता है भगवान की सेवा से के
दर,
इज न, वॉइस डिवोटी, इज आस्किंग सबकगनाडीरडिाहिज आस्किंग अरे, कृष्ण, महाराज, वेनेवर, आई गो, फ्रॉम वॉइस सेंटर टू होम। i always think not to watch telivison, but one s i reach i fall pray to my, what can i do
to avoid this dont repeated i want ally don go home, but that may anglian aplied the termination and become more determin so what ever you see on the screen in frances, our life style and anyone to emitted that and on his crennomanlywhat। you see sex and crime so watching television in so healty waching roman or mahabhart, then thats okay, but dont see in other motional channels okay anymore।
यस मा राज दरअसल questions is just rapid up as as possible? how should be advance and krishna consiesnes without association? we get lot of inspiration from you, but we cannot haven asociation always so, how can we prbankrisnaconsesnes this question from
dwotiseciprasta from pun आप सेल यू सोशल व सेन पीपुर्सरापा ने कहा, साधु संघ के 2 साधन हैं। 1 है वापू, 1 मानी। वानी का अर्थ है उपदेश। वापू का अर्थ दे। वानी की संगत देह से ज्यादा महत्वपूर्ण है। सुन के वानी का पालन करो। यह तो संभव नहीं कि वापू हमेशा रहेगा, साथ वापू रहेगा, साथ थोड़े समय के लिए बानी रहेगी। हमेशा इसके लिए के, टैस्ट, द वाली और वानी का पालन करोगे। फिर वापू भी वापू की तरह भी आकर्षण बढ़ेगा। और अगर वाणी का पालन नहीं करोगे तो बापू का आकर्षण कभी नहीं बढ़ेगा। सोमानी। इज मोर इमपोर्टंट
is question from mahaviri prabogei⁇just sim to ask probe please ask mahaviri prob queston now is the items like you are male can for flouts are not available for ditissocanweprad to lod intensely so, there is cornes। एस पॉसिबल एंड लोड गेट प्रॉपर आइटम
बोल रहे हो आजकल भगवान को भोग लगाने के लिए अच्छा फल नहीं मिलता।
ये कह रहे हो शुद्ध मिल भी नही मिल रहा महाराज फ्लावर्स नही मिल रहे है तो हम भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं की कोरुना जल्दी जल्दी चला जाए ताकि आपकी सेवा अच्छी तरेस चालू हो जाए।
ठीक है अगर उस देश से करना है तो कर सकते हो थैंक यू
महाराज
question समटाइम्स डिवोटीज टेल सम स्टेटमेंट डूरिंग लेक्चर and to make it effective, the tel that prowpatolthis but in ac्चul वी डोंट फाइंड सच statments by prowpat but to make it effective divoti stel prpattoltisisitan offnstुcilaprwpa
कोटिंग pरॉबpालंप्रॉबर्डी से योर कैरिबिलिटीविल गो डाउन फील से तुम मंडल मारते रहते हो तो अगर आप अपना कैरिबिलिटी काम नहीं करना चाहते तो केवल सत्य का उद्घाटन करो। okay। i want to do a question in the stop
रामेश्वर प्रभु
हर बोली महाराज से बात करो बात की गुरु महाराज जी प्रणाम मैं रामेश्वर बोल रहा हूँ, पूना हडसर से पूछिए मुझे यह पूछना
है
जल्दी पूछिए
म्यूट हो गया हो गया म करिए उससे
हेलो आप पूछिये। अब महाराज जी प्रणाम हेलो आप पूछे पूछिये आप हमेशा बोलते है की चेतन चरित्रराम, रोज, भगवत, गीता और भागवत हमेशा पढ़ना चाहिए और इसका समय कितना हो जैसे दिन में कितनी बार और कितने समय के लिए पढ़ना चाहिए।
जितना पढ़ सकते हो, हा अलग रहेगा 1 घंटा, 2 घंटा जितना पढ़ सकते
हो मतलब तीनों मिला के 1 घंटा या तीनों मिला के 2 घंटा। ऐसे मैं ये पूछ कम से कम
गीता और भागवत को रोज पढ़ी है और चेतन चेसनविताअगरआप पढ़ सकते हो तो रोज पढ़िए यह हफ्ते में 2 दिन बाद हर व्यक्ति का शेड्यूल अलग रहता है। तो आप देखिये आपके शेड्यूल के अनुसार कितना समय आप दे सकते हो।
ठीक है धन्यवाद धन्यवाद महाराज
डी
हरे कृष्ण हूँ घरवालो से पता नहीं उनको ये बात पता है की मैं गवर्मेंट जॉब के लिए प्रशन को बाद में पता चलेगा। उनको ऐसा नहीं लगा की
qe सो यह आपके क्वेश्चन है आपने घर में बोला है आप किसी एग्जाम की तैयारी कर रहे हो गवर्नमेंट जॉब आप क्या
कर इस समय में भी जब
अपने कौंसलर से डिस्कस कीजिये यह टेंपल प्रेजिडेंट से ऑनलाइन ऐसे क्वेशन डिस्कस करना इस प्रैक्टिको
1 और क्वेश्चन है। महाराज जी हमें लगता है की टीचर में जिसके लिए हम कुछ तो करें तो हमारा उसमे पार्टिसिपेशन हो और हमे लगता है की अगर हम कुछ अच्छी किसी भी पोस्ट पर लगते हैं सी हो ग उससे हम अच्छे ऐसी पिच कर पायेंगे लगता है तो मुझे भी लगता है तो इसे हम जिले के चीजों को प्रैक्टिस करते है। कभी कभी ऐसा भी होता है की हम कर रहे हैं तो उसे तैयारी कर रहे है। हमारी पढाई कैसे नहीं हो पा रही है तो इसके लिए हमें कैसे इसको समझना चाहिए।
अच्छे से
आप जॉब कर रहे हो या जॉब ढूंढ रहे हो, रोज पढाई
कर रहे,
पढाई भी कर रहे हो और जॉब भी ढूंढ रहे हो
अभी कॉलेज में बैठ रहे हो उसके साथ गवर्नमेंट के प्रशन
आप करते जाओ। ये इस बुध आप किसी सीनियर डिवोटी का सहयोग लेकर अध शेड्यूल बनाइए आप पढ़ रहे हो। योर एजुकेटेड मैन इंटेलीजेंस लगाकर समय 2 पढ़ने के लिए और जॉब और स्टडीज के लिए दोनो दोनो काम करो।
थैंक यू
ये जो क्वेश्चन हैं न आपके ऐसे क्वेश्शन को पर्स डिस्कस करना पड़ता है।
रे कृष्ण पूछे
वनमाला शाह बोल रही
हूँ पूना से हूँ कैंप मंदिर से
हेलो में सुन रहा हूँ।
अभी मैं दुबई में हूँ तो मुझे पूछने का था कि दुबई में इस्कॉन का मंदिर है क्या है ये?
ये आप लोकल भी पूछ सकते है। आप लोकल किससे पूछ लीजिये?
मैं आपको बता दूँ अच्छा और मैं
इधर एंटिंग और ये करती हूँ। लेकिन इतना कॉन्संट्रेशन नहीं हो रहा है
ट्राई करो इम्प्रूव करने का प्रयास करोगे तो सफलता प्राप्त होगी
प्रणाम प्रभुजी कदम
टेक वन मोर क्वेशन स्टॉप इधर ओके
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everything is temprory is all short up my krishna is great it is stable। ओके 1 बार प्रॉपर जी किसी अमेरिकन को सन्यास दे रहे थे, तो उस सभा में 1 भारतीय जन सुविधा, तो उस जर्नल ने प्रॉपर से कहा स्वामी जी हमारे शास्त्र में लिखा है केवल बोलों को सन्यास देना चाहे जवान अमेरिकन है 24 साल का, अब सन्यास दे रहे हो तो पापा जी की उम्र थी लगभग चत्तर साल के जनरल था कोई 30 साल का और प्रापा ने उनसे कहा बुरा किसे कहते हो? उसने कहा जो मृत्यु के निकट हो। तो पापा ने कहा तुम मुझे गारंटी दे सकती हो कि तुम्हारी मृत्यु मृत मेरे से पहले नहीं होगी। उसने कहा नहीं तो प्रभु के आप भी बूढ़े हो, कहा तो हम सब बूरे हैं candidate for det kay सो थैंक यू p्rबूhकृs्na
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