आध्यात्मिकता के बिना है, समाज अधूरा || Youth Festival |Ahmedabad |Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

In a lengthy address delivered at a youth festival in Ahmedabad, the speaker argues that society is incomplete without spirituality, likening a fish out of water to a human without spiritual practice. He highlights contemporary problems—air pollution, health risks, materialistic greed, digital addiction, and mental distress—showing how they stem from a loss of spiritual values. The talk critiques the modern education system for neglecting spiritual teachings, stresses the importance of introducing spiritual practice from an early age (around five years), and promotes the teachings of the Bhagavad‑Gita and the International Krishna Bhakti Sangh as remedies. He calls for a return to simple living, high thought, and collective spiritual effort to heal individuals and society.
Chapters
जब आप भूरे शब्द का उपयोग करते हो, उसका अर्थ क्या है कि आप मृत्यु के निकट हो। तो देखा जाय। हम सब मिले के निकट हैं। थोड़े समय में युवक रहते है। और चाहे आप युवक हो या बुरे हो और ध्यान का बिना समाज अधूरा माना जाता है। मछली को आप जल के बाहर रख सकते हो। हाँ या ना, हाँ या ना। हमारे युसफॉर्म का क्या उतर है? युद्ध के लड़कों का क्या है, आपका क्या है, मछली जल के बाहर रह सकती है। क्यूंकि मछली का स्वाभाविक रूप है कि वो जल में रहे। उसी प्रकार अध्यातिक के बिना हमारा जीवन असफल माना जाता है या अधूरा माना जाता है। आज समाज में आप क्या देखते हो? लोग सुखी है या दुखी हैं? सुखी है या दुखी है? सोका सुखी या दुखी हैं? क्लेश से माल में बढते जा रहा है, घट रहा है। हमें पोलूशन बहुत चिंता है। हमने जब एमदाबाद ने आज प्रवेश किया और 1 स्थान पर गाड़ी रेड लाइट था, यहाँ air का एयर का क्या देख दिखा रहे थे। प्लूशन कितना है? हवा में। आज पोलुशन बहुत चिंता है। कुछ 2 हफ्ते पहले देने में पोलूशन बहुत बढ़िया था। तो सरकार ने सारे स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए थे। 3 दिन के े बच्चे तो बहुत खुश हुए। कहने के पलूशन को पढ़ना चाहिए और छुट्टी मिलेगी तो हा पोलूशन की इतनी चिंता क्यों करते हैं? क्यूँकि हवा में पोलूशन होगा? तो आपका श्वास क्यों खतरा है? 1 सूचना निकाली थी दिल्ली में पिछले हफ्ते की, दिल्ली शहर में जोर रहता है व्यक्ति सिगरेट नहीं पीता। 20 सिगरेट दिन का असर पड़ता है, उसके लंग्स के ऊपर वो कहेंगे पीना शुरू कर देना चाहिए। 20 सिगरेट का असर आता है 20 सिगरेट का, जो प्रभाव में डेली में केवल रै हवा लेने से भी में जाता है। तो तो पोलूशन का क्या कारण है? कौन बताएगा आप सब पढ़े लिखे हो? पोलूशन क्यो होता है? क्या कारण है? कोई नो body हा, goa women prdusonकakarn many facts by the prince factor is creat भगवान जी दान कहते हैं lets a an greed लालच, हमें और चाहिए और चाहिए और मोटर चाहिए। सड़क में सड़क को तो बढ़ा नहीं सकते। 1 फ्लाई ओवर बलिया हर जग अभी हर गुंजाईहल। कई लोग सोचते हैं अधूरा वो खतरनाक है लालच ग्रिल और चाहिए ताकी चाहिए, ये चाहिए, वो चाहिए। प्रकृति के नियमों का विरोध करते हैं, उसके कारण प्रगति साथ नहीं ले। हमारे गुरु जी कहते थे हमारा सिद्धांत होना चाहिए सादा जीवन और और क्या ऊंचा विचार। ये होना है हमारा सिद्धांत हवा जी सिधान क्या है? ऊँचा जीवन, सादा विचार, ऊँचा जीवन का क्या अर्थ हम रहना चाहते हैं। रईस व्यक्ति जैसे दुनिया को दिखाना चाहते हैं। हम राजा हैं, है न। तो बड़ी मोटर चाहिए और समाज ऐसा है। पहले तो 20 25 साल पहले अगर आपको कोई मोटर चाहिए लोकड़ा पैसा देना पड़ता है। अब तो आज्ञा है। वो कहते हैं प्लास्टिक करंसी last svr credit card वैसे नहीं हैं तो चिंता मत करो, हम तुमको उधार दे देंगे। हर महीने थोड़ी थोड़ी रकम दे देना तो बड़ी मोटर चाहिए। अच्छे अच्छे कपड़े चाहिए प्यारी। और फिर ये सब सुविधाएं क्यों है? दुनिया को हम दिखाना चाहते हैं, हम कितने आगे बढ़ गये हैं। सादा विचार, साला विचार का अर्थ है समान विचार। और यही सोचना खाना खाने, पे सोने तो सादा जीवन, ऊचा विचार। simlऊचाविचा, ये जिज्ञासा जीवन का क्या लक्ष्य। तो इस संस्था अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भाव में संघ द्वारा यह महत्वपूर्ण संदेश दिया जा रहा है। आज समाज में क्रेज है और लोग दुखी है, निराश है, बेचैन है, सच बात है कि नहीं हम झूठ बोल रहे है, बेचैनी है मेंटल डिप्रेशन। अमेरिका में अगर आपको 1 सैकटरी से अपॉइंटमेंट चाहिए तो कम से कम 6 महीने ग्रेट करना पड़ता है। हमारे वॉशिंगटन में हमारे 1 भक्त है जो की बहुत बड़ी सइकारटसहैतोमैं उनसे बात कर रहा था, प्रोग्राम था। खरीदी आप तो इतने केस है कि हम संभाल नहीं सकते। खासकर के द ट्रंप राष्ट्रपति बनाए में और समाज में देखा जाये। लोग दुखी है। आजकल सबको नया मित्र कौन बनाये, कौन बताएगा हाँ आप लोग बोलने में sharma सब कर कॉल बन गा samaj समार्टponभभक्तन बात स्मार्ट फोन में भारत में 1 सर्वे हुआ था और लोगों से पूछा गया था तुम खाना से कितने लोग जुदा रह सकते हैं। लड़ने के हथियार हैं तो 80 पर लोगों ने कहा क से 1 हफ्ते तक दूर तैयार है। हम अपने स्मार्टफोन से दूर तैयार कितने लोग हैं और 1 में तैयार नहीं है। मतलब कि हमारा इतना आकर्षण बढ़ गया है। स हम के बिना रह नहीं सकते। दिन रात हम टेलीफोन के साथ कुछ कुछ खेलते रहते हैं। जो भक्त है उनके लिए सा स्मार्ट फोन खा चुका है। क्योंकि भक्तों ने अपने स्मार्टफोन में ापरजकेसारेग्रंथ बिठा दिए हैं। पर जो भक्त हैं अपने स्मार्ट बुर में सिनेमा कीवी शो अनेक और एंटरटेनमेंट के साथ है। आप देखते हो न आजकल jio नाम अच्छा जो है न मैं digital जो प्रोग्राम चैलेंज शुरू हुआ था। उस साल बिहार में हाई स्कूल में बहुत विद्यार्थी फेल हो गए थे। तो बिहार में एजुकेशन बोर्ड ने इनवेस्टिगेशन किया। ये सब हमारा इतना बड़ा नतीजा कैसे आ गया। इतने लोग फेल हो गए। हाई स्कूल में फिल्म का ने नहीं था। लोग jio का लाभ उठाकर फ्री फिल्म देखते थे। तो पराई प्राइम समय नहीं था। तो हम शो से हमें कोई मुफ्त मिल रहा है। वो क्या है डिजिटल लाइन। मैंने किसी से पूछा क्या क्या मिलता है इसमें अगर टीवी शो, सपोर्ट शो हम खुश है, भूल जाते हैं। हमारा कीमती समय का दुरुपयोग हो रहा है। sim का प्रोबलम सिनेमा देखते हो कितनी सिनेमा देख सकते हो। हमें हजार की फिल्में देखी मिल रही है। तो 1 महान सं है। इनका नाम है प्लान बना। उनका उद्देश हम भगवत दम के साथ सकल में प्राप्त करते है। प्लान बना, बुना बुना सब उतारे को फिर से जब 1 फिल्म देखी। 2 देखी थी। सी देखी। पर शोध ने अगली फिल्म में ज्यादा आनंद दे वैसे सोचते है। अगर आप को शुरू से पता हो आना नहीं देखी तो आप क्यों जाते हो? हम सो का? अगला क्रिकेट में कोई ज्यादा आनंद देगा तो हम होगे आपका क्या मतलब? हम क्रिकेट मैच नहीं देखे, सिनेमा नहीं देखे तो फिर जिंदगी कैसे बिताएंगे? आपके संस्था में आने से आप कहते हो ये नहीं करो, ये न करो, ये नि करो, फिर जीने का क्या लाभ? तो प्रेमियो हमें भूलना नहीं चाहिए। ये जो मानव देह प्राप्त किया है, आज बहुत कठिनाई से प्राप्त हुआ है। और इसमें क्या था अब ये मनुष्य जीवन प्राप्त हुआ है। क्या दूसरे जीव भी हमें प्राप्त हो सकते हैं? राजा ोजयाहनीसावललोली किले की नी पक्ष की, ने किस प्रकार का धे को प्राप्त होगा ये निर्णय किया जाता है। आगे कार्य के अनुसार इस विषय पर बाइबल में कहा गया है सो करवो के अनुसार मना भविष्य निर्णय होता तो आज कॉनफ्रेंस के द्वारा भारत भी अनेक पाठ सालमें महाविद्यालयों में ये महत्त्वपूर्ण ज्ञान दिया जा रहा है। और भारत भारत में नहीं, विदेश में भी। जैसे आप जानते हो। आज क्या कहना लोगो हम कॉलेज में जाते हैं, पीजी डिग्री भी ले लेते हैं तो हवा कोई चरित्र ही नहीं बनता। सच बात है आज आपके नेता लोगों का चरित्र कैसे बनाया जाए चित्र बनेगा जब अध्यात्मिक ज्ञान हो। 1 समय हमारे गुरुजी अमेरिका के 1 प्रसिद्ध महाविध्याला में लेक्चर दे रहे थे ने पूछा इस प्रसिद्ध महाविद्याणा में कोई ऐसा अंग है जहाँ की यह शिक्षा दी जाती है कि मृत्यु के बाद क्या होता है और कोई नहीं था। अगस्त महीने में में मैंने स्टैपर यूनिवर्टी में कर दिया था। स्टैंप फॉर यूनिवर्सिटी, अमेरिका की univers वहां मुझे सूचना दी थी। 3200 अngendepartment और 1 डिपार्टमेंट भी नहीं यहाँ की अध्यात्मिक ज्ञान दिया जा रहा है और धात्विक ज्ञान के बिना हम अधूरे रहते हैं। हमें यह नहीं पता रहता कि हमें क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए। आज स्कूल, कॉलेज में बहुत गन्दा मात्रा है। बचपन से ही अब जुड़ जाते हैं। बुरे हालतों में क्या कार्य है? क्या कारण है ये माता पिता भी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। भगवान विष्णदेव की शिक्षा अब भगत के 5 में प्राप्त करते। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को माता नहीं बनना चाहिए, पिता नहीं बनना चाहिए। यादव कवि गुलाद को ध्यान में ज्ञान नहीं दे सके और प्रलाद बना। इस विषय इस विषय पर कहते हैं कोमल अक्सर कि 5 साल की आयु से में ध्यान द, न क करना आरम्भ कर देना। तो हम यह नहीं कहते, पढ़ाई बंद करो, यह नहीं कहते, नौकरी मत करो, पर करो। भगवान गीत में क्या कहते हैं? जो भी तुम करो मेरे लिये करो। उदाहरण के लिए 9 वी दिहाई में भगवान कहते हैं याद करो जी, यह रचना आती कौन ने भगवान के जो भी तुम करो, भोजन खाओ। 2 मेरी जो yuvak today the lid to more तो जो भारतीय युवक हैं, उनके लिए अधयातिज्ञानकी बहुत आवश्यक था। ज्ञान 5 साल की आयु फिर अनुकूल करना आरम्भ है। राज्य विज्ञान अनुकूल करोगे तो आप समझ पाओगे आप हो। कौन? कौन आप कौन हो? आप का स्वरूप क्या है? कौन बताएगा goinihatmaha o गंद पढ़ते हो, ये शिक्षा मिलती है। आदमासुगारावससे शरीर ठगते हो। उसी प्रकार इसी आदमा को आदमा गनेहानतहोराहै। तो ये ज्ञान कहाँ कौन से कॉलेज में दिया जा रहा है। हमारे पास स्कूलों में जाते हैं, कॉलेजेज में जाते है, विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। इस हार बाप अनुकूल करोगे तो साथ में आपका हृदय में बोलो। तो आप सब धन प्रेम से की। इस ध्यान ज्ञान को अनुकूल करो। अगर आप सुख का था, चिद्दा तनाव बहुत बड़ी समस्या समाज में सच वाद हाँ या ना अमदाबाद में डिप्रेशन है। हम क्या करते हैं? ठीक है, डी डिप्रेशन टैबलेट ले लेंगे और कई लोग ले भी लेते है। जो बुद्धिमान है वो कहते हम डिप्रेशन टेबलेट नहीं लेंगे। हम वो आध्यात्मिक उपाय के लिए ढूंढने गए। आज इस संस्था के द्वारा हजारों व्यक्ति जुड़े है। सारे विश्व में जो अनेक प्रकार के टेंशन में थे और हरीरावजोचारनके द्वारा मनी शांत हो गया, वो जी प्राप्त रहे हैं। तो ध्यान में ज्ञान क्या है? गीता का मूल संदेश क्या है? पर अब भगवान हैं, उनका नाम है, उनका परिचय है श्री। भगवान का पर। हम भगवान और भगवान क्या शिक्षा दे रे है। महत्वपूर्ण आजमा और कार्य करो। पर फूल जल में है। जल को छूता है। नहीं, नहीं, हमें भूलना नहीं चाहिए। भौतिक समाज में है। चाहे आपको कितनी भी सफलता प्राप्त हो जाए। बोले का क्या है कहते है का है दोस्त, मैं इतना सफल पारी हूँ, इतनी बड़ी कोठी है। बेरी सुंदर बच्चे हैं, बरती हैं सब खाये। 22 क्या नहीं जनममलनमुराफामुराफा किस को चाहिए। बानी इसे बच सकते हो। फिर प्रगति द्वारा, गज दूसरे व्यक्ति द्वारा है और मन द्वारा है। तो आध्यात्मिक ता का ये नहीं है कि आपको समाज से आगना पड़ेगा। कभी कभी लोग सोचते हैं गीता पड़ेंगे राज, वि ज्ञान को न को करेंगे। तो हमें भी टकला बनना पड़ेगा। टकला समझ हो। नो है तो बाल दाढ़ी रखे दाड़ी रखो मैं प्रसिद्ध व्यक्ति के घर में था। उसके बेटे ने दाढ़ी रखी हुई थी। मैंने कहा ये नया फैशन है और दाढ़ी क्यों रखते है। कहने लगा इंडिया का क्रिकेट, कैप्टन रखता वो करदेगा 2 तो आप बाल रखे बड़ी खुश पर न। तो आप पूछो कैसे करे? sad cenitenameteod भगवान ने कहा है इस कलियुग में दोशी दोष है। अध्यात्मिकता में बहुत कम रुचि लेते हैं। भगवान ने सरल उपाय दिया है भगवत प्राप्ति का वो क्या है? क्या है। आज इस संस् के साढ़े 600 से अधिक केंद्र है के दिन महा प्रगति सो भगवान हैं। उनकी भविष्यवाणी थी के हर कोने में तो आप सब से है, कोई नियम नहीं है, किसी से भी कर सकते हो। हाई कृष्ण मंत्र का उचारण करने से क्या लाभ होगा? हमारे हृदय में जो इतना गहरा आकर्षण है तो मेल है। हृदय में मैल दूर हो जाएगी और आनंदपुरी बदल असली आनंद तो आप लोगों को असली आना चाहिए या नकली असली, असली नोट चाहिए या जाली नोट असली दवाई या नकली दवाई, असली बिसरी या नकली। हर चीज में असली जीत गई है और सुर्ख। आनन भी असली आल है। मल खाइए। आप 1 बिल बोर्ड देते हो। अमिता बच्चन कहते हैं यह वह सुख लो। हम क्या कहते हैं। ओह अमिता साव का ये पी लो छा होगा। हम ये नहीं जानते। अरे उसे 8 करोड़ रुपए दिया सोचते। हे नकली। हम सोचते हैं, हमें 20 घंटे का मनरंजन मिलेगा। मोस्ट में तो आनंद ही आनंद होगा। ये झूठा नाम है। असमी आना चाहिए भगवान की शरण लो और भगवान की शरण लेने का बड़ा सरल उपाय है। चैन हरे कृष्णा पढाई करना है, नौकरी करना है तो ना करो। पर भगवान के नाम का जानकर तो खा सके। कितने युवक पहली बार इस प्रकार के कार्यक्रम में आ रहे हैं। पहली बार आज ऊपर शर्माओ मत और कितने लोग हर बुधवार को आते हो है तो कितने लोग बुधवार को आना शुरू कर देंगे। अभी तो आप सब बुद्धिमान हो। आपको क्यों, आप? कम से कम यह तो स्वीकार कर रहे हो। असली सुख चाहिए तो हमें अतिहास उपाय ढूंढना चाहिए। इसलिए आप इधर आये हो। अगर आपकी अतिहास समय रूचि नहीं होती, आप थोड़ी आते तो आप क्यों भारी है। के जारी है। भागवत गीता का नाम सुना। आपने कितने व्यक्तियों के बाद भागवत गीता के रूप है? भागवत गीता है। book of noleg ज्ञान की किताब, यह धार्मिक किताब नहीं है। पापा जी लेगा बुक ऑफ नॉलेज हे भगवान कहते मैं, आज, इधर राजा बली, ये ज्ञात सबसे महत्वपूर्ण जान है। भगु गीता में। भगवान क्या कह रहे हैं? हमें वो बेच दे रहे हैं जिसके द्वारा सभी सुख प्राप्त कर सकते हो। सब अपनी भौतिक पढ़ाई के साथ गीता भी पढ़ना शुरू करो। और आप देखोगे गीता पढ़ोगे, ध्यान से श्लोक को ताज परी के साथ आप का आप की। बुद्धि जो है। ये चाहिए तो जैन हरीकृष्ण। अब हर बुधवार को यूज का प्रोग्राम होता है, यूज का प्रोग्राम करते हैं, बच्चों का प्रोग्राम ही करते हैं। हमारे स्कूल मदों में स्कूल आते हैं। शिक्षा प्राप्त करने। और अगर आप इस शिक्षक को अपनाओगे तो अजी सु प्राप्त कर। करोगे। भगवत। अनुवाद 80 से अधिक भाषा में हो गया है। आज विश्व के हर कोने में गीता पढ़ी जा रही है, 3000 से अधिक महाविद्यालय है, भगगीतयधरुपकाअध्यान हो रहा है। तो आप सब पढिए भगत गीता, ये ज्ञान का और इसको अपने जीवन में अपनाइए ये मत सोचो। भागवत माइथोलोजी किसकी कल्पना है, ये कल्पना नहीं है। यह प्रैक्टिकल संदेश है, जिसका हम हमारे जीवन में उतार सकते हैं, जिसका हम उपयोग कर सकते हैं, जिसके पालन से असी शुभशांत। तो आप ये चैंटिंग करो। गीता पढ़ो तो अगर आपको नहीं, अच्छा लगे छोड़ देना। हम आपको जेल कोर्ट में नहीं ले जायेंगे। ऐसे लोगों को डर है। आपको अच्छा लगे तो करना तो छोड़ सकते हो। ट्राई तो करो है कि नहीं? ट्राई करने में कोई नुकसान है। अब आप से कुछ पैसा भी नहीं मांग रहे हैं। कई धर्म प्रचारक कहते हैं हम तो गुप्त मंत्र देंगे और 1 शर्त पर किसी को बोलना नहीं। और सौ डॉलर चाहिए तो 1 पैसा मांग रहे हो। साथ में आते बुधवार को परेशान भी होता है तो बुधवार को आप घर में को बहुत हे होगा। आम घर में नही आयेंगे खाने हमारे कई भगत जो कहते हैं संडे को हमारे घर का किचन बंद रहता है खाने तो आइए जर्नी कीजिये, गीता पढ़िए और प्रचार प्राप्त कीजिए और इस प्रकार भलदंकेसंघमें रहिए। इस प्रकार आप सी सुख अनुभव हाय, कृष्ण हरे क्रष्ण हाल क्रिष्णा हारे हारे हारे हारे हारे।
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