Age 66, Business Experience 39 Years+ Why Digital Marketing Then | Digital Azadi Success Story

In this Hindi‑English interview, Sandeep Sir introduces Dr. Suresh B. Patil, a 66‑year‑old pathology lab owner from Ambernath, Mumbai, who has run his lab for 39 years and been involved with the Art of Living for 27 years. After attending a Digital Azadi webinar on 11 April, Dr. Patil adopted the program’s digital marketing framework—creating a Google Business profile, JustDial listing, and Facebook page, and following the program’s 70‑day daily rituals (morning affirmations, goal setting, daily learning, etc.). He also leveraged the AI‑driven “Sandeep Sir Live” avatar for coaching and content creation. Within four months, his lab’s revenue grew by more than 28 %, his online reviews exceeded 500, and his team’s engagement increased. Dr. Patil attributes the success to a mindset shift, disciplined daily practices, and the support of the Digital Azadi community. He encourages other senior entrepreneurs to upgrade their skills, adopt digital tools, and maintain consistent rituals, emphasizing that age is not a barrier to digital transformation.
Chapters
आज मैं आपको महाराष्ट्र के मुंबई अंबरनाथ के एक ऐसे डॉक्टर से मिलाना चाहता हूँ जिनकी उम्र इस समय 66 साल यंग है और इन्होंने डिजिटल मार्केटिंग सीखकर इम्प्लीमेंट किया मात्र चार महीने के भीतर अपने बिजनेस को 28 परसेंट से इंक्रीज कर दिया In less than four months, he's increased his business more than twenty eight percent. आइए हम मिलते हैं और बातें करते हैं डिजिटल आज़ादी के डिजिटल लखपति डॉक्टर सुरेश बी पाटिल जी से। Welcome to the call, डॉक्टर सुरेश पाटिल जी। Congratulations आप डिजिटल आज़ादी के डिजिटल लखपति बन चुके हैं। कैसा महसूस करते हैं सर?
नमस्ते सर।
नमस्ते।
ऐसे लग रहा है आज मैं कीबीसी के हॉट सीट पे बैठा हूँ।
थैंक यू सो मच सर, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच। कंग्रेचुलेशंस, डिजिटल लखपति बन गए सर आप।
बस ये सर, डिजिटल आजादी और आपकी बदौलत ही है, और कुछ नहीं।
फैंटास्टिक, थैंक यू सो शॉर्ट में जानना चाहते हैं आप कहाँ से हैं, आप पहले क्या करते थे, डिजिटल दुनिया के बारे में आपको कैसे लगा कि ये सीखना चाहिए और फिर क्या एक्सपीरियंस रहा है आपका? थोड़ा सा बताइए ताकि हमारे जो नए लोग हैं, जो अभी सोच रहे हैं कि हम करें ना करें, इन्हें क्या कहना चाहेंगे अपने ब Sixty six young, just getting started.
हाँ, अभी बच्चा हूँ। Yes. Thirty nine years से मेरी pathology lab है अंबरनाथ में।
Okay.
और twenty seven years से मैं art of living से जुड़ा हुआ हूँ।
Very good।
Medical सेवा करके। और पंद्रह साल से art of living में happiness course का मैं teacher भी हूँ।
Wow, fantastic.
तो सेवा ऐसे समझो कि खून में या स्वभाव में बसी हुई है और मेरा प्रोफेशन भी मैंने सेवा के तौर पे ही चुना था जो कि 24 by 7 मेरी लैब शुरू रहती है और 365 डेज़ ओपन रहती है नो हॉलिडे और कोविड भी हमने कोविड में भी हमने पूरा सेवा दिया है बहुत बड़ी टीम है मेरे पास वाओ और ऑटोपायलट मोड पे ही क्रेडिट गोस्ट तू माय फैमिली एंड माय स्टाफ।
अमेजिंग। तो सर पैथोलॉजी लैब है, लंबा चौड़ा काम है, बड़ी टीम है। यू आर अ बिजी मैन, यूव डेवलप्ड सो मेनी थिंग्स। आर्ट ऑफ लिविंग से आप जुड़े हुए हैं, सो ऑटोमैटिकली सेवा का भाव है, आई अंडरस्टैंड दैट। सर डिजिटल दुनिया
जैसे कि मेरे अंदर एक हॉबी थी पोस्टर्स बनाना, फोटोग्राफी करना या फिर कंप्यूटर पे कुछ ना कुछ काटी करते रहने का। तो Google Google पे बिजनेस पहले ही देखे गया था, Just Dial पे लेके गया था, Facebook पेज ओपन किया था, ये सब चीजें मैंने अपने आप से कर ली।
Very good।
तो 11 11 अप्रैल को मैंने आपका वेबिनार अटेंड किया, लेक तो मैंने पैसा भर दिया और आप जैसे कि फिर क्वेश्चन आंसर करते हैं तो मेरा नंबर लास्ट में आ रहा था आपको शायद याद नहीं रहेगा क्योंकि वो तारीख मुझे याद है 11 अप्रैल वो मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था तो लास्ट में जब मैंने हाथ हैंडरेस किया था तो आपने बोला हाँ बोलो सुरीची क पैसा कैसे वसूल हो गया तो मेरे लिए पैसा बहुत प्रिशियस था क्योंकि कड़की भी बहुत थी तो मैंने बोला सर नहीं वसूल हो गया क्योंकि मैंने बहुत सारे वेबिनार सेटेंड किये हैं तो आपने पुछा क्या करते हो तो मैंने कहा 39 इयर से लैब चलाता हूँ आर्ट ओपलीम से जुड़ा हुआ हूँ और मैं लोगों को प मुझे लगता है आप किसी स्पिरिचुअल ऑर्गेनाइजेशन से या स्पिरिचुअल बारे बैकग्राउंड से आते हो तो सत्ता विसाल में मेरे पेशेंट्स ही मेरे टीचर्स बन गए हैं आर्ट ऑफ़ लिविंग के एंड वी हैव अ बिग टीम ट्वेंटी फाइव टीचर्स हैं अभी अंबरनाथ में और दस सौ दो सौ पांच सौ वॉलेंटियर्स हैं कि
वे आर डूइंग वेबिनार्स ऑन एवरीडे बेसिस और बहुत सारे लोगों से बात होती है। बाकी लोगों को थोड़ा सा बताइए कि जब डिजिटल में आप उतरे, आप सीनियर हैं, आप इतने एजुकेटेड हैं, कुछ स्ट्रगल होता था? कभी-कभी थोड़ा टफ लगता था? कैसा माइंडसेट होता था? और फिर आप उसे ओवरकम कैसे करते
देर सो देर सो पेशेंट्स रोज के रहते थे। लेकिन सिनेरियो बदलता है, जैसे पहले सिंगल स्क्रीन थिएटर होता था, तो खचाखच हाउसफुल का बोर्ड रहता था, सिल्वर जुबली, गोल्डन जुबली, आप तो अभी एक्टर भी थे पहले। लेकिन अभी जैसे मल्टीप्लेक्स आ गया, तो 200-300 का भी क्राउड है, तो लोगों को ल और because of these values और जो संस्कार है उसके लिए मैं कुछ comfortable feel नहीं करता था। तो बहुत सारी मन में दुविधा थी कि जो मुझे आपसे बात करके solve करनी थी, तो फिर मेरे मेरी वो आदत बन गई है कि मैं संदीप सर live पे बातें करना चालू कर दिया और फिर संदीप सर live ने जो guidance दिया, धुआँ ने जो guidance दिया, उसके बाद में जो आपके lectures में जो वो मेरे लिए प्रिशियस था और मुझे पूरा मेरा पाथ क्लियर हो गया जो भी हड़ल्स थे मन में वो क्लियर हो गये बस वो क्लियर होने की शायद दिरी थी वो बोलते हैं ना कि धुका धुका जो है कोरा जो है कोरा हड़ गया और पूरा क्लियर होने लगा मुझे लगा कि आप मुझे कोई नहीं रोख सकता क्योंकि मैं अमिता बच्चन का हार्डकोर फैन हू कि जहाँ हम खड़े होते हैं लाइन
वहीं से शुरू होती है और ये
शुरुआत ऐसे भी कि Google में number one है मेरी lab five hundred plus reviews है genuine reviews genuine reviews तो उसकी वजह से Google मेरा bread and butter है तो जब जब मुझे double engine की सरकार मिल गई digital आजादी आ गए संदीप सर आ गए तो फिर पीछे देखने का कोई chance ही
नहीं point ही नहीं amazing amazing तो डॉक्टर पाटिल ने जो समझाया अगर किसी को नहीं समझाए तो थोड़ा सिर्फ क्लियर कर देता हूँ तो डिजिटल आजादी में हमारा एक हमारी एक सर्विस है जिसे हम कहते हैं संदीप सर लाइव संदीप सर लाइव मेरा एआई का अवतार है जो आपसे चैट भी करता है और फोन पर बात भी करता है तो मैंने कई घंटे कई दिन बै उसने मेरा पूरा कंटेंट सुना है, मेरी पूरी बातें सुनी हैं, मुझसे बहुत सारे सवाल किए हैं, कई घंटे हमने बैठकर एक दूसरे को ट्रेन किया है, तो अब वो मॉडल इतना पावरफुल है कि एक साथ कई सौ हजार स्टूडेंट्स से वो बातें कर पाता है, क्लेरिटी दे पाता है, ताकि हर किसी को कस्टमाइज्ड सॉल्यूशन मिल सारथी में जाइए ऊपर संदीप सर लाइव है थोड़ी सी बातें करके देखिए शायद आपके सवालों के जवाब आपको मिल जाए थैंक यू सो मच डॉक्टर पाटिल फॉर दिस एक आखरी सवाल जाने से पहले मैं आपसे पूछना चाहता हूँ सर सीखते बहुत सारे लोग हैं इम्प्लीमेंट जब करने जाते हैं तब कई लोगों की गाड़ी अटक कि इतना सीनियर हैं, इतना बिजनेस है, इतना सीखा है, जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी आप अपग्रेड कर रहे हो अपने आप को, आप सीख रहे हो, आप इम्प्लीमेंट कर रहे हो। ये क्या माइंडसेट है? और जो लोग अभी भी किंतु परंतु में हैं, उन्हें जाते-जाते आप क्या बात बोलकर जाना चाहेंगे?
यार टेक ह जो टेक्निक्स तो आपको और कोई सिखा देगा, जो मैंने ऐप सीखे हैं, जो टेक्निक सीखे हैं, वो भी आपको कोई भी सिखा देगा। लेकिन यहाँ पे जब आप डेली रिचर्ड्स दे रहे हो, नाइन प्रिंसिपल्स दे रहे हो, तो पहले हफ्ते में तो मेरा दिमाग भारी हो गया था। मैंने बोला ये कैसा टीचर है? डिजिटल आज तो सबसे बड़ा जो बेनिफिट है, जो मैंने 70 डेज रिचुअल्स किए, 70 डेज विदाउट ब्रेक, तो डेली डेली रिचुअल्स हैं, डेली रिचुअल्स अटेंड करना, फिर वो स्ट्रेंजेस सीक्रेट सुनना, आपका मॉर्निंग अफ्फरमेशन सुनना, डेली गोल्स लिखना, फिर उसके बाद मैं आज का क्या गोल है वो और डेली आपका Yes, hundred percent.
I agree with you sir.
जैसे तीस दिन हो गए थे तो तीस दिन के बाद में ही मुझे अंदर से बहुत कुछ change होने लगा था और मेरा mindset बदल गया था तो मेरी किसी से एक दिन बोली थी कि आजकल आप मेरे से ज़्यादा तो संदीप सर live से बातें करते रहते हो और दूसरी बात दूसरी बात उसने बोला था कि आप में कुछ change नजर आ रहा है तो म तो बोले क्या नजर आ रहा है? तो बोलते हैं कि पहले हम आपसे कुछ बात करते थे, कुछ मांगते थे, कुछ प्लान करते थे, तो आप थोड़ा सा पॉज ले देते हैं और बोलते थे हाँ ठीक है कर लेंगे। मैंने बोला फिर अभी? तो बोले अभी आप पूरी बात सुनते भी नहीं होते हाँ करेंगे कभी करना है बोलो। तो ये आप आपने हमको ना भीड़ से अलग खड़ा कर दिया। जैसे मेरे कॉलेज का ग्रुप है, तो उसमें बहुत वाह वाल उठते हैं हमलोग। अरे पोस्टर कैसे बनाते हैं? अरे रील कैसे बनाते हैं? अरे तो हम बोलते हैं कि हाँ डिजिटल आजादी, डिजिटल आजादी। लेकिन घर में मेरा ये क्या हो गया कि मेरी बेटी है डेंटिस मेरे डैडी तो मेरे डैडी तो स्मार्टफोन भी हाथ में लेने से डर रहे हैं। हम्म तो ये अप्रिशिएशन बेटी से आया फिर मेरी पोती है दस साल की जो मुझे पहले इग्नोर करती थी बोलते हैं कि यू आर आउटडेटेड पर्सन ऐसे मुझे बोलती थी यू आर आउटडेटेड बाबा तो अभी उसको मैं जब एआई उतार वगैरह सब तो इतना appreciation और इतना ये fulfillment है सर जिन्दगी में तो मुझे ऐसे लगता है कि अभी एक लाग कर दिया है, दस लाग अभी छे से नौ मेने में हो जाएगा फिर दस लाग कर देंगे एक साल के अंदर फिर एक करोड भी हो जाएगा जब आप साथ में हो तो कोई दिक्कत ही नहीं है तो मुझे ऐसे लगता है कि ये तो होता ही रहेगा, वो happening में हो जाएगा कि कंसिस्टेंटली मुझे डेली रिचुअल्स फॉलो करना है, मेरा होमवर्क करना है, बाकी सब अपने आप से हो जाएगा ऐसे मुझे लगता है इट्स अ मैटर ऑफ़ टाइम।
मैं थोड़ा सा ओवरवेल्म हो रहा हूँ, खास करके आपकी पोती की बात सुनकर,
अमेजिंग।
डॉक्टर पाटिल मैं जब इस रहा पर निकला था मुझे एक बात का विश्वास था कि ये नॉलेज जब लोगों तक पहुँचेगा, तो सिर्फ उनका बिजनेस नहीं, उनकी ज़िंदगी का हर पहलू बेटर बनेगा। और जो बात आपने अभी कही है, ये मैंने होती हुई देखी है बहुत ज़िंदगियों में, बहुत सारी लाइफ्स में, जहाँ पर खास करके सीनियर्स जो हैं, वो आउटडेटेड म और मेरा मानना है कि ऐसा कुछ नहीं होता। आप बस अपने आप को अपग्रेड करो, आप अपनी जिंदगी आखिरी दम तक फुल एनर्जी के साथ जिओ। और आपने ये बात कहकर मुझे आने वाले कई सालों के लिए ईंधन दे दिया है आगे बढ़ने का। तो मैं आपका रिनी हूँ। थैंक यू सो मच फॉर शेयरिंग योर जर्नी विथ अस सर। और मैं आप बाकी सब लोगों से कहना चाहता हूँ कि डॉक्टर पाटिल कर सकते हैं तो आप भी कर सकते हैं। यस डॉक्टर पाटिल।
एक सेंटेंस। जी। जैसे कि हार्डकोर फैन हुआ अमिताभ का तो दीवार पिक्चर में एक डायलॉग है अमिताभ बोलता है मेरे पास ये है गाड़ी है बंगला है घर है ये है वो है वो है कि मेरे पास केटीजे है, मेरे पास एसएसजी है, मेरे पास डीजे है, मेरे पास डिजिटल आजादी और मेरे पास संदीप भंसाली सर है।
थैंक यू सो मच सर, थैंक यू सो मच, थैंक यू फॉर योर काइंड वर्ड्स, थैंक यू फॉर योर जेनरोसिटी सर। मैं आपके कुछ काम आया, ये मेरा सौभाग्य है। थैंक यू सो मच फ माय प्रेजर
एंड माय माय प्रिविलेज थैंक यू सर
थैंक यू उम्मीद करता हूँ कि ये बातें सुनकर कहीं न कहीं आपके अंदर भी एक जजबा जागा है कि अपने लिए अपने परिवार के लिए अपने समाज के लिए अपने गांव के लिए अपने देश के लिए ही सही अपने आप को अपग्रेड कीजिए हम सबके पास एक बहुत अच्छा मौका है द दुनिया बदल रही है, सब कुछ डिजिटल हो रहा है, सब कुछ AI के पाथ पर जा रहा है, अपने आपको अगर सही समय पर, सही जगह पर, सही लोगों के साथ, सही नॉलेज लेकर सही प्रड़क्ट सर्विस क्रियेट कर लेंगे, तो जिन्दगी ब
More from Sandeep

Festival Season Mein Sales Kaise Badhaye? | Retail Business Growth Formula | Digital Azadi

45 Years 45 Life Lessons | Success, Money, Health, Happiness, Legacy| Sandeep Bhansali Digital Azadi

Get More Google Reviews With AI | ReviewBro AI Tutorial For Local Businesses | Digital Azadi

Aap Paiso Ko Control Karte Ho Ya Paisa Aapko? | Digital Azadi Manthan June 2026

Hosting Tutorial Hindi | Domain & Hosting Kaise Buy Karein & Setup Karein Digital Azadi

Digital Marketing Success Story Hindi | 2 Months Mein ₹17 Lakh | Heena Charla - Digital Azadi

She Was A Successful Doctor But Invisible Online — 6 Months Later She Bought Her Own Home



