In this Hindi‑language video, Akansha Yadav addresses undergraduate students (BCA, B.Tech, etc.) who aspire to land jobs at global tech giants such as Google and Microsoft. She stresses that these companies expect a long‑term, 6‑to‑12‑month consistent preparation rather than short bursts of effort. Akansha outlines a structured routine that includes regular study days without skips, scheduled breaks, and focused work sessions. She introduces a specific online platform called “Study With Me” that offers a virtual study environment, Pomodoro timers, and tools for habit formation and silent accountability. The speaker warns against unhealthy comparison with peers from other universities and instead encourages self‑comparison—tracking one’s own progress day‑by‑day and ensuring positive changes. The video concludes with a call to use the recommended website, maintain a growth mindset, and keep the preparation momentum going.
Chapters
अगर आप लोग भी बी, सी, ए, बी, टेक, टेक जैसे किसी भी कोर्स में है आपका फाइनल ईयर चल रहा है सेकंड इयर फोर्स कोई सा भी एयर है और आपके दिमाग में यह की मुझे गूगल में जॉब चाहिए, मुझे माइक्रो सॉफ्ट में जॉब चाहिए मुझे कंपनी में जाना है तो उन्ही सारे लोगो के लिए ये विडियो है सो वेलकम टू अमेजिंग रेकमेंडेशन पार्ट तो देखो ग्लोबल कंपनी लोंग टर्म प्रिपरेशन मांगती है 12 दिन के जोर से कुछ भी नहीं होने वाला है 6 से 12 महीने का अगर आप अपना स्ट्रगल देते है आप अपनी कंसिस्ट देते हैं तभी आप इन कंपनीज में जा सकते हो। पहला तो मेरा स्ट्रेट स्टेटमेंट यही रहेगा आप लोगो के लिए की आप 6 महीने से 12 महीने तक का तो बिल्कुल ठान ही लीजिये की आपको इतना अपना कंसिस्टेंटली काम देना है। अब जब बात आती है इतने बड़े लोग प्रिपरेशन की तो हर कोई नहीं कर पाता है। तो देखो उसके लिए आपको थोड़ा सा ब्रेक की भी जरुरत है थोड़ा सा आपको फोकस रहने की भी जरुरत है थोड़ा सा आपको कंसिस्टेंट रहने की भी जरुरत है। 1 भी दिन स्किप करने की जरुरत ही है, प्रैक्टिस करने की जरुरत है सो। तो 1 अमेजिंग वेबसाइट है जिसका नाम है स्टडी विद मी आयु। इस वेबसाइट पर आपको काफी अमेजिंग चीजे मिलती है सबसे पहले तो वर्चुअल स्टडी एनवारमेंट आपको इसमें मिल जाता है। तो देखो ऐसा होता क्या है न बैग्राउंड में जब सारे लोग पढ़ रहे होते तो आपका भी मन करता है पढ़ने का दूसरा पोमोडोरो चीज होती है जो आपको फोकस करने में बहुत ज्यादा हेल्प करती है वो भी आपको इस वेबसाइट पर मिल जाएगी जिससे आप लॉट प्रिपरेशन में फोकस रह सकते है क्यूंकी इसमें न शॉर्ट फोकस होते है जिससे कोई बन आउट फील नहीं होता है। तीसरा जो सबको स्ट्रगल कर रहे हैं। हर कोई इंसान इस चीज से स्ट्रगल कर रहा है की मैं रूटीन नहीं बना पा रहा हूँ, आदत नहीं बन पा रही है। मैं करना तो चाहता हूँ मैं नहीं देखो। रूटीन बनाने में आपकी वेबसाइट काफी ज्यादा हेल्प करेगी देखो। साइलेंट अकाउंटेबिलिटी अगर आपको चाहिए तब भी आप इस वेबसाइट पर जा सकते है जिसको ऐसा लगता है कि ठीक है ग्लोबली में कंपेयर नहीं करना चाहती, कंपैरिजन आपको रोकना पड़ेगा क्यूंकि कंपेरिजन से कुछ भी नहीं होने वाला है। आपका सिर्फ और सिर्फ आप कहा स्टैंड कर रहे हैं, आप कल कहां स्टैंड करते थे और आज कहां स्टैंड कर रहे है। ये डिफ्रेंस मैटर करता है ना कि ये कि आप अभी सेकेंडियर में है और सामने वाला जो है दूसरी यूनिवर्सिटी में, अच्छी यूनिवर्सिटी में है उसके पास ज्यादा वो है। तो ऐसे तो कुछ कंपैरिजन आपको करने की जरूरत ही नहीं है। आप सिर्फ और सिर्फ ये देखिये कि कल आपका कैसा था, आज आपका कैसा है? क्या आपने उसमे कोई भी अपग्रेडेशन करी है? क्या आपने कोई भी उसमें जो चेंजेस करे है या नहीं? चेंज पॉजिटिव होने चाहिए, नेगेटिव है। तो अगैन आपका जो ग्राफ है वो नीचे ही जा रहा है तो मेक शर आपकी सारी टिप स्ट्रिक्स इस वेबसाइट का इस्तेमाल करें। एंड हैप्पी लोडिंग कीप ग्रोइंग स्टेट यू।