Descriptive Statistics Explained: Mean, Median, Mode, Range, Quartiles & More (Complete Guide)

Akansha Yadav walks through descriptive statistics: mean, median, mode, range, variance, standard deviation, quartiles, and z-scores. Learn what each metric reveals about your data, how to spot outliers, and why the inter-quartile range matters when spread is skewed.
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सो, हेलो एवरीवन वेल्कम बैक टू, दिस वीडियो। इस वीडियो में हम बात करेंगे डिस्क्रिप्टिव स्टेटिस्टिक्स के बारे में की कैसे आप डिस्क्रिपटिव स्टेटिस्टिक्स को यूज कर सकते हैं। डेटा साइंस और डेटा एनालिसिस के प्रोजेक्ट के लिए। जब बात आती है डेटा साइंस और डेटा एनालिसिस के प्रोजेक्ट की तो फाउंडेशनल चीज जो होती है वो डिस्किप्टिवस्टटिस्टिक्स। अब डिस्क्रिप्टिव स्टैटिस्टिक्स को हमने जाना था की एग्जैक्ट ली होती क्या है उसको कैसे हम डेटा एनालिसिस प्रोजेक्ट पर अप्लाई करते हैं किस टाइप के क्वेश्चन है जो डिस्क्रिपटिव स्टेटिस्टिक्स आंसर करती है। बात इस विडियो में हम बात करेंगे टाइप ऑफ़ डिस्क्रिप्टिव स्टेस्टिक क्यूँकी जब भी हमारे पास डेटा आता है तो हमें डिस्क्राइब करना होता है मतलब की जब आपके पास डेटा होता है आप उसको लोड करते हो उसके बाद आपका पहला टास्क होता है की आप अपने डेटा को समराइज करो ताकि आपके पास 1 कोर अंडरस्टैंडिंग आ जाए की ये डेटा आपसे क्या कहना चाहता है, आपको क्या चीज सॉल्व करना है क्या आपके पास रेलवे डेटा है या नहीं इस चीज से रिलेटेड आपको हमेशा डेटा को समराइज करके देखना होता है डेटा को समराइज करने के लिए टाइप टाइप ऑफ़ डिस्क्रिप्टिव स्टेस्टिक्स आपकी काफी ज्यादा हेल्प डिस्किप्टिवसर्टिस्टिकस को जानते है अपनी स्क्रीन पर। अब जब बात आती है डिस्क्रिप्टिव टेटिस्टिक् की तो यह 3 तरीके की होती है। अब 3 तरीके की कौन कौन सी होती। सबसे पहले होती है मेजर ऑफ़ सेंट्रल टेंडेंसी, मेजर ऑफ सेंट्रल टेंडेंसी, दूसरी होती है मेजर ऑफ डिस्पर्शन, तीसरा होता है मेजर ऑफ़ पोजिशन। अब ये तीनों ही अलग अलग टाइप की वैल्यू को बताते हैं। अब फॉर एग्जाम्पल मान लो आपके पास हज़ार लोगो का डेटा है। जब आपके पास हज़ार लोगों का डेटा है तो क्या आप 11 डेटा को जाके इंडिविजुअली एनालाइज करेंगे बिल्कुल भी नहीं करेंगे क्यूंकी डिस्क्रिप्टिव स्टैटिस्टिक्स काफी है 1 कोर अंडरस्टैंडिंग देने के लिए तो डिस्क्रिप्टिव स्टेटिस्टिक्स अप्लाई कर लेंगे। हम लोग सिंपल अब पहले बात करते हैं मेजर सी डी सी टी सी टी मतलब सेंट्रल टेंडेंसी ठीक है मेजर और सेंट्रल टेंडेंसी की बात करते हैं। ये हमें क्या बताता है ये हमें बताता है सेंटर पॉइंट किस चीज का सेंटर प्वाइंट बताता है। हमें ये सेंटर प्वॉइंट ऑफ डेटा बताता है ये हमें एवरेज बताता है। जब भी बात आये सेंटर प्वॉइंट की या फिर एवरेज की तो आपको कौन सी डिस्क्रिपटिव सेटिस्टिक्स लगाने है। आपको लगानी है सेंट्रल टेंडेंसी। अब सेंट्रल टेंडेंसी आपको सेंटर और एवरेज बताता है। अब इस सेंटर और एवरेज को बताने के लिए आप 3 चीजों का यूज कर सकते हो। आपको याद होगा आप लोगो ने स्कूल में पढ़ा है जिसको मिल सेकेंड गोज मीडियम एंड थर्ड गोज। आज मोड इन तीनों से आप किसी भी डेटा के सेंटर को निकाल सकते हो, किसी भी डेटा के एवरेज को निकाल सकते हो। क्योंकि मीन का मतलब क्या होता है, एवरेज होता है। मीडियम का मतलब क्या होता है, सेंटर होता है। अब मोड का मतलब क्या होता है जो बार बार आए जो सबसे ज्यादा बार डाटा आ रहा है वही हमारा मोड होता है। तो इसके बारे में बात करेंगे की क्या क्या चीजें कैसे से फंक्शन को यूज किया जाता है। अब ये सारी चीजें होने वाली है पाइथन से रिलेटेड तो नेक्स्ट वीडियो से जो हम बात करेंगे वो पाइथन के कोर्ड्स के बारे में बात करेंगे मेरी अब दूसरे टाइप के डेटा, दूसरे टाइप के डिस्किप्टिवस्रटिस्टिक्स की बात करते है। दूसरे टाइप के जो डिस्क्रिप्टिव स्रटिस्टिक्सहै वो बात करती है डिस्पर्शन पर अब डिस्पर्शन आपको क्या पता है। डिस्पर्शन का मतलब यह है कि मान लो आपका एवरेज है वो थर्टी आया लास्ट जो हमने सीटी अप्लाई कर सेंट्रल टेंडेंसी अप्लाई करी उससे में पता चला हमारा जो एवरेज है वो थी है। तो क्या सभी लोग 30 के आस पास है या फिर सभी लोग 50 के आसपास। तो डिस्पर्शन हमें क्या करता है डिस्पर्शन हमें बताता है रेंज डिस्पर्शन हमें बताता है उसका मिनिमम क्या है, उसका मैक्सिमम क्या है ये डेटा वेरी कैसे कर रहा है इन सारी चीजों से रिलेटेड अगर सवाल है तो वो डिस्पर्शन ही सॉल्व करेगा। डिस्पर्शन हमें बताता है की कैसे वैल्यू क एवरेज वैल्यू ऐसी कितनी दूर। तो इसके लिए आप 3 पैरामीटर को यूज कर सकते हैं। सबसे पहला होता है रेंज रेंज आपको बताता है मिनिमम वैल्यू मैक्सिमम वैल्यू सिम्पल क्यूंकि जब आपको पता लगता है की आउटलायर्स जो है आपके डेटा अफेक्ट कर हे हैं। अगर ने डेटा साइंस का कोई भी प्रोजेट वीडियो देखे तो आप को पता होगा की डेटा में होते हैं आउटलायर्स आउटलायर्स के बारे में भी हम इसी स्टेटिसटिक के सीरीज में बात करेंगे। तो अगर आपको नहीं पता तो डोंट वरी विवि डिस्कस सबसे पहले होता है। रेंज रेंज आपको बताता है की आपका डेटा कहां से लेकर कहां तक है। 10 से लेकर 90 तक का डेटा है या फिर ट्वेंटी से लेकर टी तक का। डेटा की क्या डेटा सारी वैल्यू है। इन दोनों के बीच नंबर के बीच में या 2 नंबर के बीच में तो ये रेंज होता है। यह रेंज बताता है सेकेंड जो होता है वैरिएंट होता है। अब वैरियंट क्या बताता है। वेरियंस आपको बताता है की एवरेज से वैरिएंट जो होता है वो ये बताता है की एवरेज से आपकी वैल्यू कितनी दूर है। अगर एवरेज थी है आपके पास 1 टेबल है जहाँ पर मेंशन है दीज वैल्यू तो ये क्या करेगा आपको डिफ्रेंस बताएगा की एवरेज से आपकी एक्चुवल वैल्यू कितनी दूर है ये वेरियंस बताता है। एवरेज से जितनी भी दूर आपकी वैल्यू है वो आपका वेरियंस बताता है। अगर टेक्निकल टीम में बात करे तो ये क्या करता है यह वैल्यू को माइनस करता है। मीन जो भी एवरेज आपका आता है और उसको क्या करता है स्क्वायर कर देता है। ज्यादा वैरियंट मतलब आपका जो डेटा है वो ज्यादा स्प्रेड हो रखा है कम मतलब कि टाइट क्लस्टर है। बहुत ही छोटे एरिया में आपका सारा डेटा है तो इसके बारे में भी हम इंड बात करेंगे। बट अभी के लिए आपको यह याद रखना जरूरी है कि वैरिएंट मतलब आपकी मीन वैल्यू से एक्चुवल वैल्यू कितनी दूर है रेंज मतलब आपका डेटा कितनी दूर तक फैला हुआ है। थर्ड जो होता है हमारा स्टैंड डिविजन होता है। अब स्टैंडर्ड डिविजन क्या करता है? स्टैंडर्ड डिविजन। वेरिएशन के ऊपर, वर्क करता है वैरिएशन का। जब हम स्क्वायर रूट ले लेते हैं तो वो स्टैंडर्ड डिविजन। अब ये जरूरी की क्योंकि हम इजीली इंटरप्रेट कर पाते हैं। अगर मान लो अगर हमें वैरिएंट जाना है तो वेरियंस इतना ज्यादा इफेक्टिव नहीं होगा क्योंकि स्टैंड डिविजन अगर उसका स्क्वायर रूट कर देंगे तो उसको ईजीली हम यूज कर सकते हैं। इंटरप्रेटेशन के लिए। तो लो सैंडर डिवीजन मतलब की वैल्यू जो है वो मन के पास है। अगर हाई टैंडर डिविजन ने मतलब की जो वैल्यू है वो बहुत ज्यादा स्प्रेड हो रहे है तो इसके बारे में भी इन एग्जाम्पल ऐसी समझेंगे नेक्ट जो आपका पैरामीटर होता होता है। आई क्यू आर, आई क्यू आर, क्या होता है, इंटर क्वार्टाइल रेंज। जब बात आती है इंटर क्वार्टाइल रेंज की तो हम क्या करते हैं मतलब की मिडल डेटा जो है मिडल डेटा से, हम उसको कंपेयर करने की कोशिश करते है की फिफ्टी परसेंट ऑफ़ द स्प्रेड जो है वो बताता है की आई क्यू आर, इंटर क्वार्टाइल रेंज कहते हैं आई आर। इसे हम कहते हैं मेजर ऑफ डिस्पर्शन, उसके बाद आता है मेजर ऑफ़ पोजीशन। जब बात होती है मेजर ऑफ़ पोजीशन की तो वो ये बताता है की कौन सी वैल्यु कहा है एग्जैक्ट ली। अब मान लो तुम्हारे पास एग्जाम माक्स तो ये कैसे बताएगा और तुमको देखना है कि तुम क्लास में कहा स्टैंड कर रहे हो। आपके पास क्या है, आपके पास मार्क्स का डेटा है, आपके पास एग्जाम माक्स का डेटा है। आप खुद को देखना चाहते हो की आपकी पोजिशन क्लास में कहाँ पर है। तो ये आपको बताता है। मेजर ऑफ़ पोजीशन जो थर्ड डिस्करिपटिवस्टैटिस्टिकस होती है इसमें आता है। सबसे पहला जो होता है उसको कहते है पर्सेंटाइल ये क्या करता है आपके पूरे डेटा को हंड्रेड इक्वल पार्ट में डिवाइड करता है और आपको डेटा दे देता है तो उसे कहते है परसेंटाइल दूसरा होता है क्वार्टाइल। अब क्वार्टाइल क्या होता है डेटा को जैसा नाम क्या है हंड्रेड पार्ट्स में डिवाइड करता है क्वार्टाइल मतलब डेटा को फोर पार्ट में डिवाइड कर है, क्वार्टर क्वार्टर टू, क्वार्टर थ्री, क्वार्टर फूल। उसके बाद ही आपको रिजल्ट देता है। थर्ड जो इसमें आता है उसको हम कहते हैं जी स्कोर स्कोर भी इम्पॉर्टेंट होता और स्कोर डेटा साइंस के प्रोजेक्ट में, हर प्रोजेक्ट में उस ता है जी स्कोर काफी इम्पोरटेंट होता है। तुम्हारे स्कोर स्टैंडर डिविजन से कितनी दूर है ये आपको चेक करना होता। अगर पॉजिटिव है तो मतलब की मीन से तो ऊपर ही है। अगर वो नेगेटिव है मीन मीन से निचे स्कोर काफी इम्पॉर्टेंट पैरामीटर होता है। अगर आपको उस करना हो डेटा साइंस के प्रोजेक्ट में तो सेंट्रल ट्रेंडेंसी मतलब मीन मीडियल मोड की बात हो रही है, सेंटर हो रही है एवरेज की, मेजर डिस्पर्शन की। अगर हम बात करे तो हम बात करते है रेंज वेरियंस एंड एंटर क्वार्टाइल रेंज। के बारे में जो हमें क्या बताता है वो हमें बताता है की आपका डेटा कितना फैला हुआ है उसके बाद थर्ड होता है पोजीशन पोजीशन कैसे निकाल सकते है जो मेरी स्क्रीन के है पर्सन टाइम क्वार्टाइल और स्कोर किया जाता है रिलेटिव पोजीशन निकालने के लिए यह कॉन्सेप्ट बेसिक है। अगर आपको ऐसा लग रहा है कि बहुत चुटकियों वाला काम है तो आप प्रैक्टिकली समझने की जरा है क्यूँकी अगर आप डेटा साइंस की फील्ड में जा रहे है तो ये सारे कांसेप्ट इजी वे में आपको पता होने चाहिए ताकि जब भी आप अपने ग्राफ को भी आप अपने प्रेजेंटेशन को प्रेजेंट करे तो आप 1 वैल्युएबल इनसाइट के कर सके। सो इसी लिए मैंने ये वीडियो जो है वो हिंदी में बनाई है डू लेट मी नो इन द कॉमेंट एंड ये भी बताओ की आप लोग पढ़ रहे हैं इन वीडियो से। यह हाऊ इज गोइंग डू यू वांट समथिंग तो न सो मिलते हैं नेक्ट वीडियो में तब तक के लिए स्टेट हाकी लर्निंग की ग्रुप co।










