Measure of Position | Z-score | Percentile | Quartile Explained simply in Hindi | Codingdidi

In this Hindi tutorial, Akansha Yadav introduces the concept of "measure of position" in statistics and walks through three key metrics – percentiles, quartiles, and Z‑scores – that help locate a data point within a distribution. She starts by defining a percentile as dividing a data set into 100 equal parts and shows how to interpret statements like "the 95th percentile" with concrete examples (student scores, baby weight). Next, she explains quartiles as a special case of percentiles that split the data into four equal parts, describing Q1, Q2 (the median) and Q3, and demonstrates their use in practical scenarios such as customer segmentation in banking or student performance grouping. Finally, she introduces the Z‑score, its single formula \(Z = (X - \mu) / \sigma\), and explains how it quantifies how many standard deviations a value lies from the mean, enabling outlier detection and performance assessment across domains (sales, sports, health). Throughout, she emphasizes the need for sorted data, rank calculation, and manual computation steps, and highlights the relevance of these measures for data exploration, cleaning, and decision‑making in fields like education, finance, retail, and AI/ML projects. The video ends with a promise of a coding implementation in the next session.
Chapters
सो वेल्कम बैक टू ऑन द विडियो। आज के वीडियो में हम बात करेंगे की मेजर ऑफ़ पोजिशन क्या होता है मेजर ऑफ़ पोजीशन में कौन कौन सी इम्पॉर्टेंट मेट्रिक्स होते हैं जिनका यूज करके आप डेटा को अच्छे से एक्सप्लोर कर सके। तो ये काफी इम्पॉर्टेंट टॉपिक है क्यूँकी ये न्यू भी टॉपिक है आप लोगो के लिए। पहले तक अब तक जो हमने टॉपिक पढ़े हैं इस प्ले लिस्ट में वो बहुत कॉमन थे। आपने स्कूल टाइमिंग में भी पढ़े होंगे, प्रोबाबिलिटी स्टेटिस्टिक्स पढ़ने के लिए आपको सिर्फ और सिर्फ डेटा से खेलना आना चाहिए। तो आज हम 1 बहुत इम्पोर्टेंट कांसेप्ट स्टेटिस्टिक्स का जब डेटा को समझे न हो की पोजिशन के बेसिस पे तो ये काफी ज्यादा इम्पोर्टेंट होता है। कभी कभी हमें एवरेज भी साथ नहीं देता और न ही हमें स्प्रेड साथ देता है तो हमें जानना होता है पोजीशन क्या है डेटा की अब पोजीशन जानने के लिए जैसे की हमें एवरेज के लिए मीन मीडियन मोड वाली बात करी थी स्प्रेड के लिए हमने रेंज वेरियन स्टैंडर डेविसन की बात करी थी वैसे ही आज हम 3 चीजों के बारे में बात करेंगे जिसमें से सबसे पहली चीज है पर्सन टाइप ये भी आपके लिए कॉमन है। परसनटाइल आप लोगों ने काफी बार कैलकुलेट कर होगी मैं भी अपने मार्क से रिलेटेड टेंथ के ट्वेल्थ के किसी भी चीज के हो सकते हैं वो उसके बाद क्वार टाइल्स के बारे में बात करेंगे इसके बारे में मैने थोड़ी सी बात करी है। आई क्यू आर जब हमने समझा था उसके बाद हम बात करेंगे जी स्कोर की तो ये तीनों ही पैरामीटर काफी इम्परटेंट होते हैं। तो चलिए सब कुछ एग्जाम्पल के साथ समझेंगे अभी फिलहाल बिना कोडिंग के कॉन्सेप्ट को समझते हैं क्योंकि कांसेप्ट समझ में आ गया तो अकोर्डिंग तो लेफ्ट का काम है राइट। तो चलिए सबसे पहले बात करते हैं परसनटाइल की परसनटाइल क्या होता है परसनटाइल मतलब किसी भी डेटा को सौ इक्वल पार्ट्स में डिवाइड करना पर्सनटाइल करता क्या है परसनटाइल आपके किसी भी डेटा को हंड्रेड इक्वल पार्ट्स में डिवाइड कर देता है। हंड्रेड इक्वल पार्ट्स में डिवाइड करने के बाद क्या जैसे वो उसको डिवाइड कर देता है। मतलब की अगर हमें बात करनी है नाइनटी पर्सेंटाइल की तो मतलब आपका डेटा नाइनटी परसेंट वाली के बारे में बता रहे हैं। तो जब हम अपने डेटा को हंड्रेड इक्वल पार्ट्स में डिवाइड करते हैं और हम ये बोलते है की जो हमारी परसेंटाइल है वो नाइनटी परसेंटाइल है। तो नाइनटी एथ पर्सेंटाइल का मतलब क्या हुआ की आपका डेटा आपका जो डेटा है उसमे नाइनटी पर्सेंट जो वैल्यूज हैं वो बेटर है। अब हम इसको 1 एग्जांपल ऐसे समझते हैं परसेंटाइल मतलब सारे एंटायर डेटा को चाहे हज़ार मिलियंस चाहे बिलियन हो आप उसको हंड्रेड इक्वल पार्ट्स में डिवाइड करते हैं। पर्सेंटाइल में अभी के लिए आप यह याद रखो। अब हम एग्जामपल ऐसे समझते हैं कि इसे कैलकुलेट किया जाता है। मान लीजिये 1 स्टूडेंट है जिसका जे का जो स्कोर है वो नाइनटी फिफ्त पर्सेंट टाइल है। ये आपने कॉमेंट ली सुना होगा। जब हम बात करते हैं। नाइनटी फिफ्त परसेंट टाइल आया, इसका मतलब क्या है? उसका स्कोर जो है वो नाइंटी फाइव परसेंट स्टूडेंट्स से बेटर था। समझ में आया जब हम बोलते हैं नाइनटी फिफ्त परसेंट, मतलब नाइनटी फाइव परसेंट से बेटर था। मतलब नाइनटी फाइव से तो ऊपर ही है। इसका मतलब यह नहीं है कि उस बच्चे के सौ में से नाइंटी फाइव सेंट मार्क्स आए हैं। ऐसा नहीं है इसका मतलब बिल्कुल भी ऐसा न समझे की नाइंटी फाइव आउट ऑफ हंड्रेड है। नहीं, ऐसा नहीं है इसमें हमारा कहने का मतलब है कि नाइंटी फाइव स्टूडेंट्स नाइंटी फाइव परसेंट स्टूडेंट्स से बेटर स्कूल है। इसका मतलब हम पोजिशनल के बारे में बता रहे है। हम पोजीशन बता रहे हैं कि वो जो बच्चा है वो नाइंटी फाइव परसेंट से तो ऊपर हैं, मतलब त फाइव परसेंट में वो बच्चा है। ये कह सकते हैं। इसका मतलब पोजिशनलीहम बात कर रहे हैं, हम उसकी पोजीशन बता रहे है की लिस्ट ऑफ़ स्टूडेंट में उस बच्चे की पोजीशन कहाँ है। समझ में आया इसको हम क्या कहते हैं पर्सन टाइल अब हम पर्सन टाइल को 1 और एग्जाम्पल से समझते है। मान लीजिये 1 बेबी है जिसका वेट है मतलब बेबी बॉन्ड हुआ है। उसकी रिपोर्ट में आया है कि उसकी जो वेट है वो थी ये परसेंटाइल है। थरटीएथ पर्सेंट टाइलर का क्या मतलब है। थरटीएथ पर्सेंट टाइल का मतलब है कि थर्टी परसेंट बेबी इस का वेट इस बेबी से कम है और सेवेंटी पर्सेंट बेबी का ज्यादा है। समझ में आया मतलब परसेंटाइल उसका हेल्थ कम्पेरिजन कर रहे हैं। यहाँ पर हम परसनटाइल का यूज करके क्या कर रहे हैं, हेल्थ का कम्पेरिजन कर रहे है। मतलब हमने जो बोला की यार बेबी इस वेट थी परसेंट टाइल। मतलब हमने ये बताया है कि टी परसेंट बेबी इसका जो वेट है इस बेबी से कम है। थर्टी परसेंट बेबी इस का वेट इस बेबी से कम है और सेवेंटी परसेंट जो हमारा हंड्रेड में से माइनस करके आता है मतलब वो ज्यादा है। तो मतलब ये जो है ये थी पर्सेंट टाइल है हंड्रेड में से अगर हम देखे तो इसका वेट यहाँ पर है मतलब काफी कम वेट है बेबी का तो मतलब हमने कंपैरिजन करके उसकी पोजीशन बता कर 1 डेटा डिलीवर कराए इसकी मैनवली कैलकुलेशन कैसे होती है जैसा मैंने आपको बताया आउट ऑफ हंड्रेड ही होता है मतलब हंड्रेड से ही आप इस में वर्क करें। जब बात हो रही है की यार स्कोर रैंक जो है वो नाइनटी प्लेस आई है तो मतलब नाइनटी डिवाइडेड बाय हंड्रेड मल्टीप्लाई बाय हंड्रेड जो हमें देता है नाइनटी एथ पर्सेंट हिए सिम्पल है। बस बात ये होती है की हमे क्या डेटा चाहिए, हमें कौन सा डेटा चाहिए, हमे सॉर्टेड डेटा चाहिए और हमें उसके साथ साथ रैंक भी चाहिए मतलब जब हम अपने डेटा को सौ पार्ट्स में डिवाइड करते हैं तो वो ऑबवियसली सोर्टेड डेटा होना चाहिए और ऑबवियसली जब हमने रैंकिंग दिए तो वन टू थ्री फोर हंड्रेड तक जाएगा तो ये पर्सनटाइल का खेल होता है ये हमारा पहला मेट्रिक है। अगर आपको किसी भी वैल्यू की पोजीशन जाननी है तो उसके बाद जब हम बात करते हैं परसनटाइल की तो वो शो में डिवाइड होता है। अब हम बात करेंगे क्वार्टाइल की क्वार्टाइल जैसा की नाम क्या रहा नेक्स्ट जब क्वार्टाइल पर हम बात करते हैं ये भी परसनटाइल का ही स्पेशल वर्जन आप समझ लो इस स्पेशल वर्जन में क्या होता है। स्पेशल वर्जन में हम अपने डेटा को कितने पार्ट्स में डिवाइड करते हैं। सिर्फ फोर पार्ट में, फोर इक्वल पार्ट में हम अपने डाटा को डिवाइड कर देता है। जब हम इसको फोर ईक्वल पार्ट में डिवाइड करते है तो में हमारे पास क्या डेटा आता है। हमारे पास 4 क्वार्टाइल आती है मतलब वैसे तो हमारे पास 3 ही डेटा आते है क्यू क्यू टू, क्यू थ्री। अब ये 3 क्वार्टाइल की वैल्यू होती है मतलब वैसे हमने डेटा को 4 पार्ट में डिवाइड कराये। 4 पार्ट में डिवाइड करने के बाद जो हमारे पास डाटा आता है वो क्यूँ न क्यूँ टू और क्यू थ्री का आता है क्यू न मतलब ट्वेंटी फिफ्त परसेंट टाइल ठीक है क्यू थ्री का मतलब सेवेंटी फिफ्थ परसेंट टाइल और क्यू टू का मतलब क्या होता है। इसी को हम मीडियम भी कहते हैं। आप चाहे इसको मीडियम, कह लो, चाहे आप इसको फिफ्टी परसेंट टाइल कह लो बोध और इसको हम 1 एग्जांपल ऐसी समझते है। अब मान लो आपको 1 बैंकिंग सेक्टर का डाटा दिया है, आपको दिया है कस्टमर का सेगमेंटेशन दिया है, आपको डाटा दिया गया है की कुछ कस्टमर्स हैं जो लो इनकम, मीडियम इनकम पर इनकम पर है और कुछ प्रीमियम क्लाइन सह पास तो बैंक क्या करता है। कस्टमर सेगमेंटेशन को इस तरीके से डिवाइड करता है। अपने क्वार्टाइल में रखता है मतलब की जो जो हमारा क्यू वन है, क्यू के जो कस्टमर्स है वो कौन से कस्टमर्स है, कस्टमर्स है जिनकी लो इनकम है। ठीक है क्या? तो वो वाले कस्टमर्स हैं जिनकी मीडियम इनकम है जिनको हम रीच आउट कर सकते हैं। व इतनी पोटेंशियल क्लाइंट नहीं हैं की वो लोन ले या कोई और चीज में इन्वेस्ट करें क्यू थ्री मतलब अपर मिडल ठीक है। उसके बाद हमारा आता है की मान लो डाटा हमारे पास है की टॉप ट्वेंटी फाइव परसेंट टॉप, ट्वेंटी फाइव परसेंट मतलब हमारे ये जो है ये प्रीमियम क्लाइंट्स हैं बैंक जो है अपने मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को जो हमारा क्वार्टाइल्स के बेसिस पर बनाता है। बैंकिंग सेक्टर में जितना काम होता है वो क्वार्टाइल पे ही होता है। हम 4 क्वार्टाइल में 4 कैटेगरीज में उसको बाँटते हैं और उसी में हम परसनटाइल स्पेशल वर्जन है उसको अप्लाई करते हैं। इसी को अगर हम दूसरे वे में समझे तो दूसरा एग्जाम्पल से बैंकिंग तो 1 एग्जाम्पल होगा और दूसरा एग्जाम्पल है आपका एजुकेशन सेक्टर जब टीचर्स यूज़ करते है क्वार्टाइल स को तो कैसे यूज करते है मान लो। अब आपको अपने स्टूडेंट्स को मान लो, मुझे अपने स्टूडेंट्स को कैटेगराइज करना है तो जब मुझे अपने स्टूडेंट्स को कैटेगराइज करना है तो मुझे क्या ध्यान देना है मैं चाहती हूँ मेरे को हाई परफॉर्मर बच्चे पहले पता चले की कौन से हाई परफॉर्मर बच्चे हैं जो खुद से पढ़ना जानते हैं जो खुद से चीजों को सॉल्व कर लेते हैं। तो मतलब 1 तो हो गए हाई परफॉर्मर बच्चे हो सकते हैं। दूसरे जो क्लास में बच्चे मिलते हैं वो होते हैं एवरेज बच्चे जिनको थोड़ा सा मतलब इतना लोभी नहीं है इतने हाई परफॉर्मिंग भी नहीं है बट एवरेज बच्चे है जो मिनिमम फिफ्टी टू सिक्टी परसेंट मार्क्स ले आते हैं। उसके बाद आते है कुछ वीक बच्चे तो ये जैसा की नाम कह रहा है ये 3 क्वार्टाइल हम डिवाइड कर सकते हैं मतलब कि बोटम ऐसी अगर हम देखे निचे से जीरो ऐसी ट्वेंटी फाइव परसेंट तक तो हमारे वीक हो जायेंगे उसके बाद फिफ्टी परसेंट वाले हो जायेंगे, एवरेज हो जायेंगे और जो टॉप ट्वेंटी फाइव वाले होंगे मतलब सेवंटी फाइव से लेकर हंड्रेड वाले होंगे वो टॉप परफॉर्मर हो जायेंगे। इसको हम क्या कहते हैं क्वार्ट्स में हमने अपने डेटा को डिवाइड कर 4 क्वार्टर्स में 4 पार्ट में हमने अपने डेटा को डिवाइड कर लिया और 4 पार्ट में डिवाइड करने के बाद आपके पास क्या बचा 1 ये बचा 1 बच्चा और 1 बचा 3 चीजें बची तो ये हमारा क्यू न हो जाता है ये हमारा क्यू टू हो जाता है ये हमारा क्यू थ्री हो जाता है हमें अपने डेटा को 4 इक्वल पार्टमेंट डिवाइड करने के बाद 3 वैल्यूज मिलती है और उन्हें 3 वैल्यूज को हम क्या करते हैं अपने सिनारियो के अकॉर्डिंग यूज करते है। मैनुवल जब हमें कैल्कुलेशन करनी होती है तो सबसे पहले तो हमारे पास शॉर्टेड डेटा होना चाहिए डेटा का शॉर्टेड होना काफी ज्यादा केसेज में इम्पॉर्टेंट होता है डेटा को सॉर्ट करने के बाद आपके पास क्या कैलकुलेट करना है आपको कैलकुलेट करना है मिडल वैल्यू जो भी आपके डेटा की मिडल वैल्यू है जिसको हम मीडियन भी कहते हैं मीडियन कैलकुलेट करने के बाद आप क्यू और क्यू थ्री कैलकुलेट कर लेना क्यू और क्यू थ्री आपको आप परहार बता देगा ईजी है इसमें कोई ऐसा फार्मूला वगैरह यूज नहीं होता है तो पर्सेंटाइल और क्वार्टाइल दोनो इम्पोरटेंट होता है क्वार्टाइल उसका स्पेशल वर्जन होता है और कुछ भी नहीं। अब हम बात करेंगे नए पैरामीटर के बारे में जिसको हम कहते हैं जी स्कोर। अब जी स्कोर यूज कहाँ का होता है पहले आप ये जान जी स्कोर आपका कोई भी आप डेटा, एनालिसिस का, डेटा, साइंस का, मशीन, लर्निंग का, आर्टिफिशियल, इंटेलिजेंस का प्रोजेक्ट क्रिएट करते हो तो जी स्कोर आपको पता होना चाहिए। अब जी स्कोर क्यूँ यूज होता है जी स्कोर यूज होता है। 1 तरीके से आइडेंटिफाई करने के लिए आउटलायर्स मैंने, आपको बताया आउटलायर्स इम्परटेंट होते हैं आउटलायर्स का होता है आउटलायर्स मतलब जो भी डेटा आपकी रेंज से बाहर का है और आपको लगता है कि वो नाइस क्रिएट कर रहा है मतलब कि सबके मार्क्स जो हैं मान लो सबकी एज जो है क्लास में वो एटीन से लेकर ट्वेंटी फाइव की है बट मेरे पास 1 बच्चा है जो नाइन इयर्स होल्ड का है मतलब की या तो ये डेटा गलत है या तो 19 होना चाहिए था या तो ये 9 नहीं हो सकता। तो बेसिकली मेरा जो डेटा मिला मुझे नाइन इयर्स का वो आउटलायर की तरह, उसको हम आउटलायर कहते हैं। बेसिकली। तो जो भी डेटा आप की रेंज से बाहर का है वो आपका आउटलायर हो जाता है। ठीक है। अब हम बात करते हैं जी स्कोर की। जी स्कोर का मतलब है कि आउटलायर को आइडेंटिफाई करने के लिए अगर आपको अंडरस्टैंड करना है स्टैंडर्ड डिविजन को स्टैंडर्ड डिविजन के टर्म में कोई वैल्यू कितना दूर है। मीन से आपकी जी स्कोर हेल्प करता है। जी स्कोर का फार्मुला होता है, क्वाटर का कोई फॉर्मूला नहीं होता, जी स्कोर का 1 फार्मूला होता है। जी स्कोर का फॉर्मुला क्या कहता है, जी स्कोर का फॉर्मुला कहता है जी इस इक्वल टू एक्स माइनस म्यू ऑफ जिसमें एक्स क्या है, हमारी वैल्यू है, म्यू क्या है, हमारा मीन है और क्या है यह हमारा स्टैंड डे शन है। तो मीन, स्टैंडर डिविजन और वैल्यू तीनों को अगर तीनों की वैल्यू जाननी है। तो जैसे हमें बताया जाता है जैसे आपने मैथ्स में भी पढ़ा है कि अगर आपको न्यू जानना है तो ये डिवाइड में मल्टीप्लाई में हो जाएगा। इधर डिवाइड में आ जाएगा तो न्यू इज, इक्वल टू, एक्स माइनस, म्यू डिवाइडेड, बाई जी। तो ये इंटरचेंज बली आप फाइंड आउट कर सकते हो। बट जी स्कोर किस किस चीज से रिलेटेड है जी स्कोर आपको क्या क्या बताता है जी स्कोर आपको मीन से रिलेटेड वैल्यू बता सकता है, वैल्यू से रिलेटेड वैल्यू बता सकता है और स्टैंडर्ड डेविएशन से रिलेटेड वैल्यू बता सकता है। अब स्टैंडर डिविजन और मीन को क्यों यूज किया गया है इसमें सबसे पहली चीज तो मीन आपको क्या बताता है, एवरेज बताता है एवरेज से आपको क्या पता चल रहा है आपको रेंज पता चलेगी। अब जब रेंज से बाहर कोई वैल्यू है तो ऑव्यसलिआउटलायर के लिए यूज हो रहा है। जब हम बात करते हैं स्टैंडर डेविन स्टैंडर डेविएशन का तो मतलब यह है की हर वैल्यू मीन से कितनी दूर है, हर वैल्यू मीन से कितनी दूर है ये हमें स्टैंडर डिविजन और वेरिएशन में पता वैरिएन्स में पता चलता है। तो इसीलिए हमारा जी कैलकुलेट करना जरूरी होता है। अब अगर आपके पास जी की वैल्यु पॉजिटिव आ रही है और जी की वैल्यू नेगेटिव आ रही है तो उससे आपको क्या इंटरप्रेट करना चाहिए। अगर जी की वैल्यु पॉजिटिव है तो इसका मतलब है कि जो जितनी भी वैल्यू है आपके पास वो सारी की सारी अभाव मीन है। ठीक है जी की वैल्यू अगर नेगेटिव है। तो क्या आप इन्टरप्रेट करेंगे की वैल्यू जो है वो बिलो मीन है। मतलब एवरेज वैल्यू से तो सारी की सारी वैल्यू निचे है। तो इससे आपको क्लियर अंडरस्टैंडिंग मिल गयी। अब इसको एग्जामपल से समझते हैं मान लो 1 सेल्स का आपके पास डेटा है। आपको बताया गया की 1 प्रोडक्ट की एवरेज मंथली सेल है, वो वन लैक है। ठीक 1 प्रोडक्ट की एवरेज मंथली सेल इतनी है इसका स्टैंडर डिविजन है ये मान लो ठीक है, स्टैंडर डिविजन भी इसका क्या है, स्टैंडर डिविजन इसका मान लो टेन थाउजेंड है ठीक है ये हमारा क्या है एवरेज है उसके बाद ये क्या हमारा एस टी डी है ठीक है। अब मैने क्या बोला 1 स्टोर ने 1 लाख 30 हजार का सेल किया है क्या यह नॉर्मल है सवाल है कंपनी का की ठीक है आपके डेटा के अकॉर्डिंग जो आपको डेटा प्रोवाइड किया गया था इन्टर्न ने मानो एनालिसिस किया है तो उससे क्वेश्शन पूछा जायेगा की एवरेज जो है ये था स्टैंडर वेशन ये था। अब मैं आपसे ये पूछ रहा हूँ की क्या 1 स्टोर ने जो 1 लाख 30 हजार का सेल किया है क्या यह नॉर्मल है तो आप इसको कैसे कैल्कुलेट करोगे यहाँ पर आपकी मदद करेगा जी स्कोर इसमें हां या ना का जवाब देने के लिए आपके पास जी स्कोर का एनालिसिस होना चाहिए जी स्कोर का मतलब क्या है जो आपकी सेल है मतलब कि जो आपकी वैल्यू है उसमे से माइनस करो जो आपकी एवरेज वैल्यू है उसको डिवाइड करो स्टैंडर्ड डिविजन से विच इस टेन थाउजेंड अब इनको आप इजीली डिवाइड कर सकते हो ऊपर क्या आएगा थर्टी थाउजेंड थाउजन्ड को आप डिवाइड करोगे टेन थाउजंड से जीरो जीरो जीरो तो कट ही जायेंगे उसके बाद पॉजिटिव थ्री आपके पास वैल्यू है जी पॉजिटिव होता है तो इसका मतलब क्या है जी पॉजिटिव थ्री का मतलब ये है की जो सेल है ये जो सेल है एवरेज से थ्री टाइम थ्री स्टैंडर्ड डेविएशन ज्यादा है तो ऐसा हम कह सकते है की आउटलायर है ये ये आउटलायर हो सकता है अगर हमारा डेटा ये है तो हमारा जी पॉजिटिव थ्री क्या कहता है की आउटलायर भी हो सकता है सिम्पल समझ में आया कैसे अप्लाई करते है मैं फिर से आपको वापिस से स्क्रीन पर लेकर चलती हूँ, ठीक है क्वेश्चन क्या था की आपके पास 1 स्टोर का प्रोडक्ट का एवरेज जो सेल है वो इतना है लेक है स्टैंडर्ड डिविजन उसका टेन थाउजन्ड है उसके बाद आपसे 1 सवाल पूछा गया है कि क्या किसी स्टोर का मान लो हमारे पास मल्टीपल स्टोर्स हैं तो 1 स्टोर ने 1 लाख 30 हजार का सेल किया है क्या यह नॉर्मल है क्या ये वैल्यू जो है वो सही वैल्यू है, आपको लगता है या फिर किसी ने ऐसे ही रोंग डेटा हमें दिया है तो उसके लिए हमें जी स्कोर पता करना होता है। अब जी स्कोर कैसे कैलकुलेट करते है मैंने आपको बताया वैल्यू माइनस मीन डिवाइडेड बाय स्टैंडर डेविएशन वैल्यू माइनस मीन डिवाइडेड बाय स्टैंडर डेविएशन सो वैल्यू हमारी ऑन थर्टी थाउजंड मीन हमारा ऑन लाख डिवाइडेड बाय टेन थाउजनट जिसमे हमारे पास पॉजिटिव वैल्यू है पॉजिटिव वैल्यू का मतलब क्या है कि ये जो है एवरेज से ज्यादा है वैल्यू जो है एवरेज से थ्री स्टैंडर्ड डिविजन ज्यादा है तो यह ऐसा कह सकते हैं कि ये आउट प्लेयर भी हो सकता है इसको दूसरे एग्जाम्पल ऐसी अगर हम समझे की मान लो स्पोर्ट्स का एनालिसिस किया है अपने स्पोर्ट्स एनालिसिस प्रोजेक्ट पर वर्क करे तो एथलीट का जो जी स्कोर है वो माइनस टू आया है। एथलीट का जी स्कोर माइनस टू आया है। इससे आप क्या इंटरप्रेट करोगे मतलब की उसका परफॉर्मेंस जो है। एवरेज से 2 स्टैंडर डिविजन नीचे था में भी वो अनवेल है या फिर वो अंडर ट्रेंड है ये हम कुछ एनालिसिस दे सकते हैं। स्पोर्ट्स के केस में समझ में आया जब हम बात करते हैं परफॉर्मेंस से रिलेटेड और वैल्यू जो है माइनस टू आई मतलब इसको मीन से कम्पेयर करते हुए डेटा देना है। मतलब आपको क्या बोलना है की एवरेज से 2 स्टैंडर डिविजन नीचे था इसका मतलब कोई तो रीजन है की वो अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाया या तो वो अनवेल है या तो वो अंडर ट्रेंड है। इसको कैलकुलेट करने का तरीका आपको मैंने बता दिया। सबसे पहले तो आपके पास क्या होना चाहिए। शॉर्टेड डेटा के बाद मीन वैल्यू होनी चाहिए। मीन वैल्यू के बाद आप स्टैंडर्ड डिविजन कैलकुलेट करेंगे। स्टैंडर डिविजन के बाद आप क्या कैल्कुलेट करेंगे मीन को सप्ट्रैक्ट करेंगे ले। ज मीन को आप माइनस करेंगे किससे वैल्यू से वैल्यू माइनस मीन करेंगे उसके बाद क्या करेंगे इसको डिवाइड कर देंगे किस से डिवाइड करेंगे डिवाइड बाय एस डी उसके बाद आपके पास जी स्कोर की वैल्यू आ जाएगी। जी स्कोर से हमें आउटलायर डिटेक्ट करना होता है। बहुत ईजी हो जाता है स्पेशली डेटा क्लीनिंग के टाइम पे हम जी स्कोर जरूर यूज करते हैं तो तीनों ही चीजें इम्पॉर्टेंट है परसनटाइल मतलब अपने डेटा को हंड्रेड पार्ट्स में डिवाइड करना डेटा की पोजीशन इन हंड्रेड पार्ट्स हम कैलकुलेट करते है परसनटाइल से उसके बाद क्वार्टाइल से हम क्या करते हैं क्वार्टाइल से मतलब हम अपने डाटा को फोर पार्ट्स में डिवाइड करते हैं। फो पार्ट्स में डिवाइड करने के बाद हम इसमे इनक्लूड करते हैं। मीडियम को भी ठीक है। उसके बाद हम अपनी वैल्यू को निकालते हैं। जी स्कोर क्या कहता है जी स्कोर हमारा मन जो है काम करता है आउटलायर में वैल्यू कितना दूर है। मीन से स्टैंडर डेविएशन के टॉम में वो हमें जी स्कोर बताता है। ये तीनों कांसेप्ट यूज होते है हर 1 फील्ड में लाइक, एजुकेशन, फाइनल, स्पोर्ट, हेल्थ, रिटेल हर जगह इसका यूज होता है। तो नेक्स्ट में हम देखेंगे की कैसे हम इसकी कोडइम्प्लीमेंटेशन करते है। तब तक के लिए स्टेट हैप्पी लर्निंग एंड कीप ग्रोइंग।










