Range, Variance & Standard Deviation Explained | Measures of Dispersion | Statistics Made Easy

Akansha Yadav explains five ways to measure how spread out data is: range, variance, standard deviation, interquartile range, and mean absolute deviation. Two datasets can have the same average but very different spreads, which matters in salary analysis, stock volatility, and student performance. Each measure handles outliers differently, so the right choice depends on your data.
Chapters
थाउजंड से लेकर फॉर्टी फाइव थाउजेंड तक। अब इन दोनों डेटा को अगर आप क्लियरली देखे तो दोनो का एवरेज थर्टी थाउजंड रहा है। दैट्स करेक्ट बट अगर हम रेंज देखे। अगर हम यह देखें कि दोनों में कितना स्प्रेड है डेटा का तो जो कंपनी भी है ये फिफ्टीन थाउजंड से स्टार्ट हो के फॉट्टी फाइव थाउजंड तक जा रही है कंपनी जो है वो ट्वेंटी नाइन फाइव हंड्रेड इसकी मिनिमम सैलरी इतना तो देगी ही देगी और थर्टी थाउजंड फाइव हंड्रेड इसकी मैक्सिमम है तो दोनो ही कंपनी का जो मीन है मतलब सो हेलो एवरीवन वेलकम बैक। तो अनोद वीडियो ऑफ़ दिस प्लेलिस्ट जिसमे हम बात करने वाले हैं मेजर ऑफ डिस्पर्शन के बारे में। लास्ट टू विडियोज में हमने देखा की सेंट्रल टेंडेंसी क्या होता है उसका कोर्डिम्पलीमेंटेशन क्या होता है। अब हम बात करेंगे डिस्पर्शन के बारे में की डिस्पर्शन क्यूँ जरूरी है इस काम में कैसे रियल वर्ल्ड एग्जाम्पल्स में इसको अप्लाई किया जाता है क्यूँ ये आपके डेटा साइंस और डेटा एनालिस की जर्नी के लिए इम्परटेंट है। तो चलिए स्क्रीन पर चलते हैं। जब हम बात करते हैं डिस्पर्शन की, मतलब हम बात करे डेटा कितना स्प्रेड है और जब हम बात करते है स्प्रेड की तो यह जानना बहुत जरूरी होता है। अब ये क्यूँ जरुरी होता है इसको आपको एग्जाम से समझाती हूँ मान लो आपने 2 कंपनीज का एवरेज लिया। अब 2 कंपनीज का आपने एवरेज लिया किस चीज का आपने की सैलरी का एवरेज लिया है। अब वो जो सैलरी का एवरेज आया दोनो कंपनी का वो दोनो ही थी थाउजनटआयहमतलब, दोनों ही कंपनी का जो एवरेज है वो थर्टी थाउजन्टआयाअब। अगर हम इसको सिम्प्लीफाई रेंज वाले डिस्पर्शन के उसमे देखे तो कंपनी ए और जो ये कंपनी भी है इन दोनो की रेंज क्या है ट्वेंटी नाइन फाइव हंड्रेड इसकी है से लेकर थर्टी फाइव हंड्रेड और जो कंपनी भी है उसकी रेंज है फिफ्टीन थाउजंड से लेकर फॉर्टी फाइव थाउसंड तक। अब इन दोनों डेटा को अगर आप क्लियरली देखे तो दोनो का एवरेज थर्टी थाउजंड हैं। दैट्स करेक्ट बट अगर हम रेंज देखे अगर हम यह देखें कि दोनों में कितना स्प्रेड है डेटा का तो जो कंपनी भी है ये फिफ्टीन थाउजंड से स्टार्ट हो के फॉर्टी फाइव थाउजंड तक जा री है बट कंपनी जो है वो ट्वेंटी नाइन फाइव हंड्रेड इसकी मिनिमम सैलरी इतना तो देगी ही देगी और थर्टी थाउजंड फाइव हंड्रेड इसकी मैक्सिमम है तो दोनो ही कंपनी का जो मीन है मतलब जो एवरेज है वो तो सेम है लेकिन डिस्पर्शन अलग अलग आ रहा है तो इसी लिए पॉवर ऑफ नोइंग दे स्प्रेड इस इम्पॉर्टंट सबसे पहली चीज आपको ये पता होना चाहिए कि आप वो चीज क्यों पढ़ रहे है तो ये उसका मेन रीजन है कि डिस्पर्शन पता होगा तो आपके पास क्लियर इनसाइड होगी क्लियर आप इन साइड को कन्वे कर सकते हो। अब बात करते हैं कितने टाइप के डिस्पर्शन होते हैं डिस्पर्शन में क्या क्या चीज आती है। सबसे पहले जो डिस्पर्शन का फीचर जो मेजर होता है वो था रेंज सेकेंड जो हमारा होता है उसे हम कहते हैं। वेरियंस वेरियंस के टॉप पर हम कैलकुलेट करते है स्टैंडर्ड डेविएशन। अब स्टैंडर डेविन। पहले वेरियंस कैलकुलेट होता है। उसी के बाद स्टैंडर्ड डेविएशन कैलकुलेट होता है। उसके बाद जो हमारा फोर्ट नंबर पर होता है ता है आई क्यू आर, आई क्यू, आर मतलब इंटर क्वार्टाइल रेंज एंड देन नेक्ट। हमारे पास जो होता है वो होता है m a डी मीन। आब्सोलूटडेव्यएशन इन दोनों को भी हम डिस्कस करेंगे। पहले शुरू करते हैं रेंज से। अब रेंज क्या होता है, रेंज क्यों जरूरी होता है। अब रेंज का मतलब है जब आपको किसी के रेंज के बारे में बात करे बात करे है। जानना चाहते हैं मैक्सिमम वैल्यू और मिनिमम वैल्यू दोनों ही वैल्यूज आपको पता होनी चाहिए। मैक्सिमम वैल्यू और मिनिमम वैल्यू ऐसे ही रेंज बनती है जैसे मैंने आपको फिफ्टीन थाउजंड और ट्वेंटी नाइन थाउजन्ड फाइव हंड्रेड का एग्जाम्पल दिया। अब बात करते है मान लो आपके पास सेल्स है फाइव स्टोर्स की आपके पास सेल्स है। अब ये जो सेल्स है वो है न लाख वन हंड्रेड एंड टेन लाख वन ट्वेंटी के, वन फिफ्टीन के, लेट से वन जीरो फाइव के। अगर हम तीनों के रेंज की बात करें तो हम क्या बतायेंगे हम रेंज निकालेंगे, रेंज कैसे निकालते है। मैक्सिमम क्या है इसमें वन ट्वेंटी के। अब मिनिमम क्या है इसमें जो भी मिनिमम है उसको हम इससे माइनस कर देंगे। मतलब हंड्रेड के जो हमारा मिनिमम है तो हमने इसको माइनस कर दिया मतलब मिनिमम आपके पास क्या आया। ट्वेंटी के जो आपकी रेंज है सिम्पल है अगर आप देखो की आपके पास कोई आउटलायर है तो रेंज आपकी ज्यादा हेल्प नहीं कर सकता, रेंज आपको यह बता सकता है मैक्सिमम माइनस मिनिमम करके आप रेंज निकाल सकते हो। बट ये सिम्पल तो है बट इतना ज्यादा रिलायबल नहीं है रिलायबिलिटी के लिए हमारे पास आल फीचर्स हैं। जैसे की वेरियंस। अब हम बात करेंगे वेरियंस के होता है। अब अगर अगर हम वेरियंस को देखे तो वेरियंस कैलकुलेट कैसे होता है वैरियस को कैलकुलेट करने के लिए। सबसे पहले तो आपके पास मीन की वैल्यू होनी चाहिए। पहले आपको मेन फाइंड करना है। दूसरा आपको सप्ट्रैक्टकरना है मीन को स्ट्रैक्ट करना है मीन को फ्रॉम इच वाली। इसको मैं छोटे एग्जांपल ऐसे आपको समझाऊंगी हंड्रेड के वाले एग्जाम्पल से नहीं समझाउंगी इसको हम छोटे एग्जाम्पल ऐसी देखेंगे उसके बाद हम स्क्वायर कर देंगे उसका और उसके बाद हम एवरेज ले लेंगे एवरेज ऑफ़ स्क्वार्ड डेविएशन को हम ले लेंगे। तो चलिए इसको एग्जाम्पल से समझते है मान लो आपके पास डेटा है डेटा जो है आपका टू कॉमा फोर कॉमा सिक्स है। अब इसका जो मीन निकालेंगे वो क्या आयेगा। मीन तो हमारी सेंटर एवरेज आयेगा वो फोर है। उसके बाद अगर हम बात करे डेविएशन की तो डेविएशन कैसे निकालेंगे मैंने आपको बताया हर 1 वैल्यू में से आपको मीन वैल्यू मीन माइनस ये करेंगे, मतलब वैल्यू माइनस मीन करेंगे। जो भी आपकी वैल्यू है उसमे ऐसे मीन को माइनस करेंगे मतलब टू माइनस फोर करेंगे। तो इक्वल टू में हमारे पास क्या आएगा माइनस टू तो सबसे पहली वैल्यू हमारी डिवीजन के लिए आ गई माइनस टू उसके बाद फोर माइनस फोर करेंगे। तो जीरो तो सेकेंड वैल्यू जीरो आ गए। सिक्स इसके बाद हम फोर में से माइनस करेंगे सिक्स को तो हमारे पास क्या आएगा टू आएगा। तो ये हमारा क्या है कुछ स्टेक्शन डिविजन निकाल लिया हमने तो ये हमारी 3 वैल्यूज आ गई माइनस टू, जीरो और टू इन तीनों वैल्यू को हम क्या करेंगे आप स्क्वायर कर लेंगे और जब हम किसी चीज को स्क्वायर करतेहैं तो माइनस वैसे भी हट जाएगा। फोर जीरो, फोर हमारे स्क्वायर वैल्यूज आगए इन 3 वैल्यू की। अब इसी का आपको वेरियंस निकालना है वैरियंट कैसे निकालेंगे, फोर प्लस जीरो प्लस फोर डिवाइडेड बाय थ्री और इसका हमारा जो आउटपुट आयेगा वो आयेगा टू प्वाइंट सिक्स सेवन ये हमारी वेरियंस की वैल्यू वेरियंस बताता है कि डेटा में कितना वैरिएशन है, वेरिएशन कितना है कितना वैल्यू जो है वो एवरेज वैल्यू से दूर है। वो ये बताता है की वो जो एग्जिस्टिंग वैल्यू है एवरेज वैल्यू है एंटायर डेटा की उससे आपकी इस वैल्यू कितनी दूर है लेकिन ये बताता किसमें ये आपको बताता है यूनिट स्क्वार में। अब हम बात करते हैं नेक्स्ट फीचर की नेट मेजर की भी बोल सकते है तो नेट मेजर क्या है नेक्स्ट मेजर है हमारा स्टैंडर्ड डिविजन मैंने आपको बताया स्टैंड डेविएशन किस पे कैल्कुलेट होता है स्टैंडर्ड डेविएशन जो होता है हमारा वो डेवि वैरियंट निकाला उसी पर कैलकुलेट होता है सो स्टैंडर डेविएशन निकाला सिम्पल है स्टैंडर डेविएशन मतलब उसी चीज का रूट कर 2 वेरियंस का, जब आप रूट कर दोगे मतलब लास्ट जो हमारा वेरियंस टू प्वाइंट सिक सेवन था तो वो समभाव जो आएगा इक्वल टू ऑन सिक्स ्री आएगा मतलब एव्रेज मतलब अब आपको क्या मिलता है अब आपको मिलता है एवरेज डेविजनेंट ऑरिजनल यूनिट ठीक है ये इंटरप्रिटेशन के लिए अच्छा होता है स्टैंडर्ड डिविजन इंटरप्रिटेशन के लिए अच्छा है बट स्टैंडर्ड डिविजन के लिए वेरियंस होना जरूरी है तो इसीलिए वेरियंस में मेजर भी है रेंज आपको पिक्चर देता है बट क्लियर पिक्चर नहीं देता, वेरियंस आपकी हेल्प करता है बट आपका इंटरप्रिटेशन के लिए अच्छा नहीं होता है स्टैंडर्ड डिविजन 1 स्टैंडर्ड जैसा इसका नाम है वैसे ही आप कह सकते है की ये इंटरप्रेटेशन के लिए अच्छा होता है इंटरप्रेटेशन के लिए हम अपने फंक्शंस में हम अपने मॉडल्स में स्टैंडर्ड डिविजन को कैलकुलेट करते हैं जैसे इसके कुछ यूज केसेस के बारे में अगर मैं बताऊं तो फाइनांस में अगर हम बात करें तो फाइनेंस में इसको यूज किया जाता है स्टॉक्स की स्टॉक्स को जानने के लिए एजुकेशन में हम कह सकते हैं कि जैसे आपको मार्क्स की कंसिस्टेंसी जाननी है की स्टूडेंट के मार्क्स में क्या कंसिस्टेंसी है कितनी कंसिस्टेंसी से बच्चा पढ़ रहा है तो वो हमारा एजुकेशन में इसलिए हम इसको स्टैंडर डेविएशन को यूज कर सकते हैं। मेनुफेक्चरिंग में जब आपको क्वालिटी कंट्रोल करना होता है तब भी आपको स्टैंडर्ड डेविएशन ही हेल्प करता है। अब बात करते हैं नेक्स्ट फीचर की विच आई क्यू आर आई क्यू आर का मतलब क्या है इंटर क्वार्टाइल रेंज। अब इस इंटर क्वार्टाइल रेंज को क्यों यूज किया जाता है। इंटर क्वार्टाइल रेंज आपको क्या बताती है। इंटर क्वार्टाइल रेंज ये है की आपको बताना सबसे पहले तो इंटर क्वार्टल रेंज कैलकुलेट कैसे करते है। सबसे पहली चीज आपके पास डेटा होना चाहिए असेंडिंग ऑर्डर में। जब आपका डेटा असेंडिंग ऑर्डर में होगा तभी हम इसकी वैल्यू निकालते है। अब इसकी क्या वैल्यू निकालती है। इंटर क्वार्टाइल रेंज का मतलब ये है की आपके पास आप अपने डेटा को क्वार्टर्स में डिवाइड करेंगे। तो सबसे पहले आपको क्या करना है, क्यूँ ऑन और क्यू थ्री कैलकुलेट करना है। जैसे की अगर हम देखे की हमारे एयर में 4 क्वार्टर्स होते हैं। मतलब जनवरी से लेकर मार्च तक 1 क्वार्टर गिना जाता है। उसके बाद अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त सेप्टेम्बर अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर ये 4 क्वार्टर्स हो गए। वैसे ही अगर हम देखे वन से लेकर हंड्रेड तक में भी हमारे पास कितने क्वार्टर्स होते है। 4 क्वार्टर्स होते है मतलब वन से लेकर ट्वेंटी फाइव, ट्वेंटी फाइव जो होता है ये फर्स्ट क्वार्टर में कैलकुलेट होता है, ट्वेंटी फाइव, आपका फर्स्ट क्वार्टर होता है, क्यू न होता है। ठीक है फिफ्टी आपका क्यू टू होता है और क्यूँ थ्री जो होता है हमारा वो होता है सेवंटी फाइव, लेट मी जस्ट, रेज, क्यू थ्री हमारा होता है सेवंटी फाइव, उसके बाद क्यू फोर होता है, क्यू फोर होता है हमारा हंड्रेड, ट्वेंटी फाइव फिफ्टी, सेवंटी फाइव हंड्रेड। ये हमारे 4 क्वार्टाइल होते हैं। अब जब हमें इंटर क्वार्टाइल रेंज निकालनी होती है तो हम 2 ही क्वार्टाइल के बारे में बात करते हैं। फर्स्ट और थर्ड इन्ही दोनों का यूज किया जाता है। आई क्यू आर निकालने के लिए आई क्यू आर का मतलब है क्यू थ्री माइनस क्यू न। इस तरीके से हम आई क्यू आर कैलकुलेट करते है। तो ट्वेंटी फिफ्त परसेंट टाइल निकालनी है और सेवेंटी परसेंट टाइल निकालनी है। आई क्यू आर जानने के लिए इंटर क्वार्टाइल क्यूँ हेल्पफुल होता। मैंने आपको बताया की आउटलायर डेटा के लिए अच्छे नहीं होते। तो जब भी आपको आउटलायर्स देखने होते हैं आई क्यू आर आपकी हेल्प कर देता है। आई क्यू आर प्रूफ है कि रियल स्टेट या फिर सैलरी डेटा। जहाँ पर एक्सट्रीम वैल्यूज होते है वहाँ आई क्यू आर काफी यूजफुल होता है। जहाँ जहाँ पर आपको लगता है कि आपके डेटा में आउटलायर्स हैं। आई क्यू आर आपकी हेल्प करेगा, क्वार्टाइल फर्स्ट और क्वार्टाइल थर्ड की वैल्यू को निकालकर सपटरैक्टकरकेआईक्यू आर निकालता है। अब मान लो आपने वैल्यूज लिखी है। ये आपके पास डेटा है। टेन ट्वेंटी थर्टी फटी फिफ्टी सिक्स्टी सेवेंटी आप क्यू न, कैसे निकालेंगे क्यू न मतलब की इसका जो भी वैल्यू आएगी उसका ट्वेंटी फाइव, क्यू थ्री आपने निकाला फिफ्टी फाइव आया। अब इन दोनों को अगर आप फिफ्टी फाइव, माइनस ट्वेंटी फाइव करते हैं तो आपके पास क्या आएगा थर्टी मतलब आपकी इंटर क्वार्टाइल रेंज क्या है थरटी है। तो इस तरीके से आप इंटर क्वार्टाइल रेंज निकालते हैं। इंटर क्वार्टाइल रेंज बॉक्स प्लॉट्स में होती है। जनरली जब हम बॉक्स प्लॉट को डिस्कस करेंगे। तब हम यह चीज जानेंगे जैसे ये इंटर क्वार्ट बॉक्स प्लॉट है। इस सबसे पहले यहाँ पर होता है मीडियन मीडियन मतलब मिडल ऑफ द डेटा फिफ्टी परसेंट ऑफ़ डेटा को आप मिडल कह सकते है। उसके बाद आता हमारा क्यू क्यू थ्री। इस तरीके से हम कैलकुलेट करते हैं आई क्यू आर यह पूरी रेंज होती है हमारी आई क्यू आर की रेंज होती है। इससे ऊपर जो भी चीजे आपको मिलती है वो होती है। हमारी आउटलाइरडअबबात करते हैं लास्ट पैरामीटर के बारे में जिसे हम कहते है डी ए डी का मतलब क्या है, मन एब्सोल्यूट डेविएशन, मीन एब्सोल्यूट डेविएशन क्या करता है, मीन एब्सोल्यूट डेविएशन कैल्कुलेट कैसे होता है। सबसे पहले मेन कैल्कुलेट होता है। उसके बाद आपको एब्सोल्यूट मीन निकालना होता है। एब्सोल्यूट डेविएशन ऑफ मीन निकालना होता है, फ्रॉम मेन निकालना होता है बेसिकली उसके बाद आप क्या करते है एवरेज ले लेते हो। ये 3 स्टेप होते हैं एम डी निकालने में। अब एम आई डी का क्या मतलब है। जैसे आपको लेस अफेक्टेड अगर आपको लगता है कि आपका आउटलायर्स जो है आउटलायर से लेस फेक्ट है देन वेरियंस तो आप क्या करोगे बिजनेस के डिसीजन में डिमांड की फ्लक्चुएशंस को देखने के लिए आप एम ए डी आपको अच्छा इनसाइड दे सकता है तो एम ए डी काफी इम्पोरटेंट होता है। अब मैं आपको कुछ एग्जाम्पल देती हूँ एम डी मैंने आपको बता दिया कैसे कैलकुलेट। तो चलो इसको 1 डेटा से भी समझ लेते हैं। मान लो आपके पास डेटा है फाइव कॉमर टेन कॉम फिफ्टीन, इसका मीन क्या जाएगा, आपके पास मीन आएगा, आपके पास टेन। उसके बाद अगर हम डेविएशन की बात करें तो जैसा मैंने आपको डेविएशन कैसे निकालते हैं डेविएशन मतलब इसमें से माइनस करते जाएंगे। फाइव टेन में से मतलब फाइव। माइनस करेंगे कितना आएगा हमारा फाइव आएगा। तो पहली वैल्यू फाइव, उसके बाद टेन में से फेन, जीरो फिफ्टीन में से गया फाइव। उसके बाद एम डी कैसे निकालेंगे। तीनों को एड कर। 2 फाइव प्लस, जीरो प्लस, फाइव डिवाइडेड बाई थ्री। इसके बाद थ्री प्वाइंट थ्री थ्री आपका एम ए डी आ जाएगा। इसी तरीके से एम डी कैलकुलेट होता है आपको रियल वर्ल्ड एग्जाम्पल देते हैं। सबसे पहला रियल वर्ल्ड एग्जाम्पल है कि आप एच आर एनालिस्ट अगर आप बनते हैं तो आपको कैसे यूज करना है। आप यूज कर सकते हैं। स्टैंडर्ड डिविजन, स्टैंडर्ड डिवीजन आपको करेक्ट, एनालिसिस देगा। अगर आपको एम्प्लॉई की परफॉर्मेंस जाननी है एम्प्लॉय के परफॉर्मेंस के बारे में किसी को रिपोर्ट करना है तो आप स्टैंडर्ड डिवीजन यूज कर। लो सेकेंड एग्जामपल देखते हैं। रिटेल में अगर आप जाते हैं रिटेल में अगर आप जाते हैं तो रिटेल में जनरली आई क्यू आर आपकी बहुत ज्यादा हेल्प करता है ताकि आप प्रोडक्ट की प्राइजिंग उसको डिटेक्ट कर सके। प्रीमियम है कि या फिर बजट वगैरह से रिलेटेड आपको ये सब कुछ इसमें से ही पता चलता है। आई क्यू आर से तो वेरियंस हमारा स्टॉक रिटर्नस में हेल्प कर सकता है फाइनेंस में। उसके बाद हमारे पास क्या है रेंज रेंज आपका एजुकेशन में वर्क कर सकता है। स्टूडेंट से रिलेटेड सो काफी सारे एग्जाम्पल है। इसको हम कोड इम्प्लीमेंटेशन के लिए भी देखेंगे तो मिलते हैं। नेक्ट वीडियो में तब तक के लिए स्टेट यू हैप्पी। लर्निंग एंड कीप ग्रोइंग।










