Statistical Population Explained with Examples | Census vs Sample | Descriptive & Inferential Stats

Akansha Yadav explains why statistics matters for students, researchers, and business owners, then walks through core terms like population, sample, and census using two examples: a school uniform survey and a Coca-Cola taste test. Learn how to collect data and draw inferences from it.
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सो, हेलो एवरीवन वेल्कम बैक। तो यूट्यूब चैनल आज के वीडियो में हम बात करेंगे स्टेटिस्टिक्स के बारे में। अब स्टैटिस्टिक्स काफी ज्यादा इम्पोर्टेंट है। काफी लोगों को लगता है स्टैटिस्टिक्स कहीं काम नहीं आती बट एग्जैक्ट ली कंपनीज को स्टेटिस्टिक्स चाहिए ही चाहिए। अगर आपको डेटा एनालिस्ट बनना है तो चाहिए डेटा साइंटिस्ट बनना है तो भी स्टेटिस्टिक्स चाहिए। मशीन, लर्निंग, एआई, इंजीनियर्स सबको स्टेटिस्टिक्स सीखने जरूर चाहिए। तो चलिए बात करते हैं किस किस के लिए स्टैटिस्टिक्स जरूरी है और कैसे कैसे आपको चीजें समझ नहीं आई कम्प्लीट प्लेलिस्ट होने वाली है स्टैटिस्टिक्स के बारे में वन बाई वन हम टॉपिक्स को कवर करेंगे। अगर मैं कोई टॉपिक मिस कर देती हूँ डोंट गेट तो कॉमेंट डाउन रिमाइंड मी ताकि मैं उस पर भी विडियो बना के आपके सारे डाउट्स क्लियर कर। तो सबसे पहले अगर हम बात करें वाई स्टैटिस्टिक्स किसके लिए जरूरी है। स्टैटिस्टिक्स हू हू, शुड, लर्न स्टैटिस्टिक्स। तो सबसे पहले तो स्टेटिस्टिक्स सीखनी चाहिए स्टूडेंट्स को किन स्टूडेंट्स को सीखना चाहिए। अगर आप कॉलेज में हैं तो आपको जरूर सीखनी चाहिए। अगर आप साइंस कंप्यूटर साइंस से है, आपने बिजनेस लिया है या फिर आपके पास इकोनॉमिक्स है, साइकोलॉजी है या फिर आप डोमेन साइंस से है तो भी आपको स्टेटिस्टिक्स सीखनी चाहिए। हर डोमेन में स्टेटिस्टिक्स मेजर रूल है। अगर हम दूसरी बात करें तो रिसर्चर्स जो भी रिसर्चर्स हैं उनको भी सीखनी चाहिए। क्योंकि रिसर्चर्स को डेटा स्टडी करना होता है और उसी से मीनिंग फुल रिजल्ट निकालने होते हैं। तो स्टेटिस्टिक्स जरूरी है आपके लिए। अगर मैं नेक्स्ट 1 रोल की बात करूं विच इस डेटा एनालिस्ट एंड डेटा साइंस तो येस डेटा साइंस एंड डेटा अनालिसिस के लिए भी आपको स्टेटिस्टिक्स इम्पॉर्टेंट है। मॉडल क्रिएट करना, मॉडल की परफॉर्मेंस जानना से रिलेटेड काफी सारी चीजें होती हैं। स्ट स्टैटिस्टिक्स। तो डेटा एनालिसिस का हर्ट 1 तरीके से ये समझ लो। तो आपको डेटा अनालिसिस के लिए डेटा साइंस के लिए तो जरूर सीखनी चाहिए स्टैटिस्टिक्स उसके बाद अगर मैं बात करूं बिजनेस ऑनर की। अगर आप सोच रहे हैं कि आप 1 बिजनेस खोले या कोई ऐसी चीज तो भी आपको स्टैटिस्टिक्स सीखनी चाहिए या फिर आप मैनेजर रोल के लिए ऑप्ट करना चाहते हैं तो भी स्टैटिस्टिक्स सीखनी चाहिए। क्योंकि बेसिकली आप कर क्या रहे हैं आप मैनेज कर रहे हैं 1 बिजनेस को तो आपको स्मार्ट डिसीजन लेने हैं तो स्टैटिस्टिक्स आपको मीनिंग फुल डिसिजन लेने में भी हेल्प करता है। तो दिस इज मस्त। अगर आप किसी और डोमेन में है लाइक हेल्थकेयर वर्क कर रहे हैं तो भी आपको पेशेंट के डेटा पर वर्क करना है मेडिकल रिसर्च करनी है आपको एक्सेल शीट्स क्रिएट करनी है, एक्सेल शीट पर पेवर डेटा क्रिएट करना है तो भी आपको स्टैटिस्टिक्स की नॉलेज होनी चाहिए। अब वाई यू लर्न स्टेटिस्टिक्स वाई यू शुड। सबसे पहला रीजन तो ये है ताकि आप डेटा को अंडरस्टैंड कर सके। तो अंडरस्टैंड डेटा इट इज मस्ट दैट यू अंडरस्टैंड। अबाउट स्टेटिस्टिक्स अब स्टेटिस्टिक्स में बेटर डिसीजन मेकिंग भी आपकी आ जाती है। अगर आपको किसी भी चीज से डिसीजन लेना है और आपके पास डेटा है तो अप्लाई करें स्टेटिस्टिक्स और बेटर डिसीजन ले ऑन द बेसिस ऑफ योर डेटा। उसके बाद अगर बात करूँ कि आप नंबर्स के साथ खेलना नहीं जानते तो स्टैटिस्टिक्स सीख लो नंबर के साथ खेलना आ जाएगा। उसके बाद रियल वर्ल्ड प्रॉब्लम। अगर आपको सोल्व करनी है तो भी आपको स्टेटिस्टिक्स सीखनी चाहिए साइड नंबर्स ट्रू नहीं होते है स्टैटिस्टिक्स आपकी हेल्प करती है उन्ही नंबर्स को यूज करने के लिए ताकि आप क्वेश्शन पुटअप कर सको। तो अगर आपको रिसर्च करनी है तो भी आप स्टैटिस्टिक सीखो। अगर आपको रियल वर्ल्ड प्रोब्लम कहीं भी आपके डोमेन में रियल वर्ल्ड प्रॉब्लम्स को सॉल्व करना है तो भी स्टैटिस्टिक सीखो। अगर आपको और भी कोई चीज करनी है तो भी स्टैटिस्टिक्स आपको सीखनी चाहिए। अब स्टैटिस्टिक्स के कुछ की टर्म्स होते है जो हमें यूज करने चाहिए कौन कौन सी की की मैं बात कर रही हूँ स्टैटिस्टिक्स में। 1 बहुत कॉमन टर्म है जो यूज होता है जिसे हम कहते है पॉपुलेशन पॉपुलेशन से क्या मतलब होता है। पॉपुलेशन मतलब की जिस डेटा के बारे में बात हो रही है। 1 कम्प्लीट ग्रुप किसी चीज का जिसके ऊपर हम स्टैटिस्टिक सप्लाई करने वाले हैं उसको हम पॉपुलेशन कहते हैं। 1 कम्प्लीट ग्रुप किसी चीज का हो सकता है, किसी पर्सन का हो सकता है, किसी पीपल का हो सकता है, किसी कम्युनिटी का हो सकता है तो पॉपुलेशन स्टैटिस्टिक्स में उसको कहते हैं पहला जो की टाइम होता है वो पॉपुलेशन ही होता है। जैसे अगर मैं स्कूल की बात करूँ तो सारे स्टूडेंट स्कूल के 1 पॉपुलेशन कहला सकता है। तो बेस्ट एग्जाम्पल क्या होगा ऑल स्टूडेंट्स ऑफ़ स्कूल ये क्या हो जायेंगे। 1 पॉपुलेशन हो जाएगा। अगर मैं नेक्स्ट की टम की बात करूँ तो नेक्ट कीटम होता है एक्सपेरिमेंटल एक्सपेरिमेंटल क्या होता है जैसे की सिंगल मेंबर उस पर्टिकुलर ग्रुप का पर्टिकुलर पॉपुलेशन का। 1 सिंगल मेंबर जैसे की मैंने स्कूल का एग्जाम्पल लिया, स्कूल में ऑल स्टूडेंट्स पॉपुलेशन होगा बट वन स्टूडेंट क्या होगा सपेरिमेंटल उसके बाद नेक्स्ट जो वर्ड यूज होता है वो होता है वेरिएबल। अब वेरिएबल क्या होता है। वेरिएबल का मतलब होता है आप सर्च क्या करना चाहते है कौन सी स्टेटिस्टिक्स के बारे में बात हो रही है, कौन सी कैरेक्टर स्टिक के बारे में बात हो रही है उस पॉपुलेशन की तो जैसे की अगर मैं बोलूं वैरिएबल में तो सबसे बेस्ट एग्जाम्पल स्कूल ऐसी सिनारियो में रहेगा की स्कूल की यूनिफार्म किस किस बच्चे को पसंद है और किस किस बच्चे को नहीं पसंद है तो मैं किसके बारे में बात करू। क्वेशन के बारे में बात करी हूँ की यूनिफॉर्म पसंद है यस और नो सिम्पल ये 1 रा वैरिएबल हो जाएगा। यह 1 कैरेक्टर स्टिक बता रहा है जिस बारे में हम डिस्कशन कर रहे है। उसके बाद नेक्स्ट जो हमारे होता है वो होता है मेजरमेंट इसमें मेजरमेंट हो कैसे भी हो सकती है। जैसे की आप कोई नंबर साइन कर 2 या तो आपको कैटेगरी साइन कर 2 जैसे मैंने येस के लिए कह दिया और नो के लिए कह दिया जीरो तो ये 1 मेजरमेंट हो गई। मैंने 1 साइन कर दिया नंबर जो भी मेरी वैरिएबल जो भी मेरी वैरिएबल उसपर मैंने 1 नंबर साइन कर दिया है इससे मेरा मेजरमेंट इजी हो जाएगा। तो इसको हम कहते हैं मेजर में, उसके बाद आता है सेंसेस सेंसेस मतलब की आप हर 1 स्टूडेंट के पास जा जा कर ये चीज पूछेंगे की आपको पसंद है या नहीं है। उसको हम सेंसेस कहते है मतलब कि 1 तरीके से डेटा को कलेक्ट करना मैं हर 1 स्टूडेंट के पास जाऊंगी और मैं ये पूछूंगी कि क्या आपको यूनिफॉर्म पसंद है या नहीं। अगर पसंद है तो यस विच इज वन अगर नहीं है तो जीरो मैंने ले ली। तो सेंसस कहते हैं उसको सेंसर्स डेटा तो सेंसर्स डेटा। सिम्पल टम्स में ये होता है। उसके बाद हमारा नेक्स्ट जो टॉम यूज होता है वो होता है सैंपल सैंपल मतलब मैंने छोटा सा ग्रुप ले लिया। पूरे स्टूडेंट की अगर बात करूँ मैंने सौ बच्चे ले लिए। तो सौ बच्चों से मैं पूछूंगी सौ बच्चों पर ही एकपेरमेंटकरुगी सौ बच्चों पर ही में स्टैटिस्टिक सप्लाई करूंगी सैंपल ले लिया टोटल पॉपुलेशन में। ऐसे ताकि मैं अपनी चीजों को जल्दी से जल्दी परफॉर्म कर सकू। तो ये होगा हमारा सैंपल। अब सैंपल इम्पॉर्टेंट होता है क्योंकि हम हमेशा एंटायर डेटा पर वर्क नहीं करना। उसके बाद हमारा होता है स्टैटिस्टिकल इनफरेंस, स्टैटिस्टिकल इनफरेंस इम्पॉर्टेंट होता है। स्टैटिस्टिकल इनफरेंस आपको काफी सारे क्वेश्चंस में भी मिलेगा डेटा साइंस और डेटा एनालिसिस से रिलेटेड। अब स्टैटिस्टिकल क्या होता है कि मान लो आउट ऑफ हंड्रेड जो मैंने पिछले सेंसेस डेटा में सैंपल डेटा में लिया था। आउट ऑफ हंड्रेड सेवंटी फाइव जो थे वो क्या थे जिनको यूनिफार्म पसंद थे, ट्वेंटी फाइव वैसे थे जिनको नहीं पसंद थे। तो ये क्या होगा। मेरा स्टेटिस्टिकल इन्फोरेंसेस गया। अगर मैं इसको स्टेटिस्टिकल इन्फोरेंसेसके फॉर्मैट में बोलू तो मैं क्या बोलूंगी की अराउंड सेवंटी फाइव स्टूडेंट्स जो है वो तो पसंद करते हैं। तो मैंने क्या बात करी मैंने बात करी परसेंटेज में मैंने उन स्टूडेंट्स के बारे में बात करी जिनको पसंद है या फिर मैंने बात करी परसेंटेज में तो ये मेन जो है हमारा स्टेटिस्टिकल इनफरेंस हो जाता है। इसको हम 1 प्रैक्टिकल एग्जांपल ऐसे समझते हैं जैसे कोका कोला ने 1 टेस्ट वार करी। अब टेस्ट वार में क्या था। कोका कोला की टेस्ट वार यह कहती थी की हम कुछ ग्रुप ऑफ़ पीपल को बुलायेंगे उन ग्रुप ऑफ़ पीपल में हम लोगो को 2 ब्रांड की कोकाकोला जो है वो प्रेजेंट करेंगे जैसे ब्रांड और ब्रांड भी लाइक। 2 ब्रांड से हमारे पास थम्सअप कोका कोला मान लो तो हमने दोनो ब्रांड्स को प्रोवाइड करे। अब कोका कोला ने ये जानना चाहता था, ये जानना चाहता था कि कोका कोला कितने लोगो को पसंद है। तो ये 1 टाइप का हमारा सेंसेस डाटा इकट्ठा करने का तरीका हो गया। सेंसस का हमारा 1 तरीका हो गया जिसमे हमने वेरिएबल्स रखे। अब वेरिएबल्स का था कि टेस्ट अच्छा लगेगा कि नहीं लगेगा तो कितने लोगो को टेस्ट अच्छा लगा नहीं लगा। ये स्टेटिस्टिकल इन्फोरेंसेस हो गया। बट अगर हम बात करें वैरिएबल की तो हर 1 कंज्यूमर क्या कोका कोला पसंद करेगा या नहीं। अगर हम बात करे सैंपल की तो मैंने थाउजेंड पार्टिसिपेंट्स में से सौ ही पार्टिसिपेंट्स लिए लेट सी थाउजेंड कस्टमर्स में से मैंने सिर्फ सौ कस्टमर्स लिए तो इस केस में क्या करा मैंने अपना सेंसेस कैल्कुलेशन मेजरमेंट कपरिमेंटलइनफ्रेंसेज मैंने ऐसा क्रिएट करे उसके बाद इन्फ्रेंसेज में मेरे पास क्या आया कि मान लो आपने थाउजंड में से सेवंटी फाइव परसेंट सेवेंटी फोर परसेंट जो थे उनको कोका कोला पसंद आई ट्वेंटी सिक्स पर्सेंट जो थे उनको ब्रांड बी विच इस हम सब पसंद आई तो ये 1 तरीके का इन्फ्रेंसिस समझने का 1 तरीका हो गया कि कोकाकोला वार ने ऐसी ऐसी चीजें क्रिएट करे तो ये कुछ मेन टर्म्स थे जो हम स्टेटिस्टिक्स में हमें पता होनी चाहिए स्टैटिस्टिक्स शुरू करने से पहले की पॉपुलेशन क्या होता है, सेंसेस क्या होता है, क्या होता है, हमें सैंपल कैसे क्रिएट करने होते हैं हमें मेन जो हमारा स्टेटिस्टिकल इन्फोरेंसिज होता है उसको किस फॉर्मेट में बात करने होते है हम बात करते है परसेंटेज की, फॉर्मेट नेक्ट वीडियो में हम समझेंगे की कैसे वेरिएबल्स होते हैं किस टाइप का डेटा हमारे पास हो सकता है, कैसे हमें क्वेशन स्पोट अप करना है और कैसे उन चीजों को यूज करना है? इफ देयर इज एन डाउट डू लेट मी नो इन द कॉमेंट्स एंड स्टेट यू फॉर मो वीडियो।










