In this Hindi tutorial, Akansha Yadav introduces the fundamental concepts of variables and measurement scales used in statistics. She begins by distinguishing the two broad categories of variables—discrete (countable) and continuous (uncountable)—explaining how each is described by a probability mass function (PMF) or a probability density function (PDF) and noting that discrete variables have positive probabilities for single values while continuous variables assign zero probability to exact points and only to intervals. The lecture then moves to measurement scales, emphasizing that the scale chosen must match the variable type. She defines the four classic scales with concrete examples: 1. Nominal scale – categorical, qualitative data such as gender or religion. 2. Ordinal scale – ordered categories or rankings like class positions, race finishes, or customer satisfaction levels. 3. Interval scale – numeric values with equal intervals but no true zero, exemplified by temperature in Celsius/Fahrenheit. 4. Ratio scale – numeric values with equal intervals and a meaningful zero point, illustrated by time, length, weight, etc. Throughout, she stresses the importance of aligning variable types with the appropriate measurement scale for correct statistical analysis, and concludes with a brief recap encouraging further learning.
Chapters
वेल्कम टू, द विडियो ऑफ़, द स्कूल सो इन दिस वीडियो विल बी डिस्कसिंग, अबाउट द टाइप्स ऑफ़ वैरिएबल इन स्टैटिस्टिक्स तो काफी सारे टाइप्स ऑफ़ वेरिएबल्स होते है काफी सारे मतलब 2 टाइप के वेरिएबल्स होते है जैसे की डिस्क्रीट वैरिएबल और कॉन्टिनियस वैरिएबल तो दोनो के बारे में जान लेते है ताकि हमारा जो वैरिएबल का कॉन्सेप्ट है वो क्लियर हो जाए। उसके बाद हम आज की वीडियो में बात करने वाले है मेजरमेंट के बारे में की मेजरमेंट क्या होती है किस टाइप की मेजरमेंट हो सकती है एंड सो ऑन। तो चलिए वेरिएबल ऐसी शुरू करते है अब वेरिएबल क्या होता है वेरिएबल। मैंने आपको बताया था कैरेक्टर सेक्स के बारे में जब हम बात करते हैं अब ये 2 टाइप के होते हैं 1 होता है डिस्क्रीट वैरिएबल और 1 जो होता है हमारा कांटिन्यूस वेरिएबल होता कोन्टिनयसवेरिएबल और डिस्क्रीट वैरिएबल को क्वांटिन मतलब जो वेरी करता रहे या फिर मैं ये कहूँ जो वेरी करता रहे। ओवर द टाइम या फिर कैसे भी वेरी कर रहा है जैसे की अगर मैं बोलूं ट्वेंटी फाइव और ट्वेंटी सिक्स। क्या ये दोनो डिस्क्रिट वैल्यू से नहीं इन दोनों के बीच में और भी वैल्यू हो सकती है लाइक ट्वेंटी फाइव, प्वाइंट ट्वेंटी फाइव, प्वाइंट टू एंड। ऐसे कर करके ट्वेंटी सिक्स तक में बहुत सारी वैल्यू हो सकती है। तो इसको हम कहते है कोंटिनयसवैल्यू डिस्क्रीट वैल्यू जो जैसे अगर मैं कुछ क्वेश्चन पूछा नंबर ऑफ़ स्टूडेंट्स, थर्टी टू नंबर ऑफ़ क्लासेस ट्वेल्व तो ये क्या है कुछ फिक्स वैल्यू है जो हमारे पास आती है। जब हम फिक्स वैल्यू के बारे में बात करते है मतलब डिस्क्रीट वैरिएबल पर बात हो रही है। अगर हम चेंजिंग वेरिएबल पे बात करते है तो हम कॉन्टिनेंस वैरिएबल की बात करते है। जिसमे वैल्यू जो होती है वो कास्टेंटली चेंज होती रहती। इसी का मेन डिफ्रेंस यह होता है की ये जो डिस्क्रिट वेरिएबल्स होते है वो डिस्क्रिट वैरिएबल जो होते है वो काउंटेबल सपोर्ट होता है, मतलब की काउंट कर सकते है, काउंटेबल सपोर्ट होते हैं, काउंट सपोर्ट होते है। इसमें हम 1 फंक्शन अप्लाई करते है जिसको हम कहते है प्रो प्रोबाबिलिटी मास फंक्शन, इसमें हम मास फंक्शन अप्लाई करते हैं और जब हम क्वांटिनेंस की बात करते हैं तो इसमें हम प्रोबाबिलिटी डेंसिटी फंक्शन को अप्लाई करते हैं। इसमें जो प्रोबाबिलिटी होती है अगर हम सिंगल वैल्यू की प्रोबाबिलिटी की बात करें तो सिंगल वैल्यू की जो प्रोबाबिलिटी होती है वो हो सकती है सिंगल वैल्यू की बात। अगर हम क्वांटिनेंस वैल्यू की बात करते हैं तो हमेशा जो प्रोबाबिलिटी होती है वो इंटरवल ऑफ़ वैल्यू की होती है, इंटरवल ऑफ़ वैल्यू की प्रोबेबिलिटी हो सकती है। इसमें सिंगल वैल्यू की भी खुद की 1 प्रोबाबिलिटी हो सकती है। अगर हम उसके बाद बात करे तो इस वैल्यू अगर 1 वैल्यू थी फाइव की क्या प्रोबेबिलिटी हो सकती है। थर्टी फाइव की जो भी प्रोबेबिलिटी होगी वो हमेशा पॉजिटिव ही होगी। प्रोबाबिलिटी हमेशा डिस्क्रिट वाले वैरिएबल में पॉजिटिव होती है। अगर हम कॉन्टिनेंट वाले वैरिएबल की बात करे तो जो पॉसिबल जो भी वैल्यू ती है ट्वेंटी, फाइव, प्वाइंट, टू और समथिंग जो भी कॉन्टिनेंस वैल्यू होती है उनकी प्रोबाबिलिटी हमेशा जीरो होती है, जीरो प्रोबाबिलिटी होती है क्वान्टिनेंस वाले केस में, इसको हम बेसिकली नुमेरिकल कहते है, वैरिएबल्स कहते है जैसे हम डिस्क्रीट वैरिएबल की बात करे वैसे ही हमें मेजरमेंट में भी बात करनी है। मेजरमेंट भी काफी तरीके से होती है। जैसे की अगर मुझे कोई चीज़ मेजर करनी है तो मैं कैसे कैसे वैरिएबल कैसे कैसे टाइप ऑफ़ डेटा में उसको मेजर कर सकते हो। अगर मैं स्केल की बात करूँ। बहुत सारे स्केल होते हैं स्केल ऑफ जैसे आपने स्कूल में पढ़ा होगा किलोमीटर मीटर शो तो उसको हमें जैसे सिखाया गया था। कहाँ है दिल्ली में दिल्ली को, ऐसे करके हमने उसको पढ़ा था। तो वैसे ही जब हम इसकी बात कर रहे है स्टैटिस्टिक्स की बात करे है तो भी स्केल ऑफ़ मेजरमेंट होना बहुत ज्यादा जरूरी है। स्केल ऑफ़ मेजरमेंट आपके वैरिएबल के अकॉर्डिंग चेंज होता रहता है। जैसे टाइप का वैरिएबल वैसे टाइप का आपका मेजरमेंट उस होगा। अगर मैं बोलूं की आपको 1 कुछ लेबल कैटेगरी चाहिए। जैसे की अगर मैं जेंडर की बात करूँ तो जेंडर हमें क्या वैल्यू देगा, जेंडर हमें देगा मेल फीमेल और नोट। तो स्पेसिफाई समथिंग तो जेंडर हो गया मतलब हम कैटेगरी की बात करें। जब हम कैटेगरी की बात करते है तो इसको हम कौन सा स्केल कहते है। इसको कहते हैं 9 मिनल स्केल, पहली कैटेगरी क्या हो गयी। 9 मिनल स्केल। 9 मिनल स्केल। जैसे जेंडर का एग्जाम वैसे रिलीजन का भी एग्जामपल हो सकता है। रिलिजन में क्या हो जायेगा हिंदू स्लिम ऐसे करके हम रिलीजियंस में भी बना सकते है। तो ये क्या है नॉमिनल स्केल हो गया इस नॉमिनल स्केल में हम जो वैल्यू है वो कैटेगरीज के अकॉर्डिंग ले रहे है। कॉमनली करते हैं इसको क्वालिटेटिव कहते है। किसी चीज की क्वालिटी के बारे में जानना कैटेगॉरिकल वैरिएबल्स भी आप उसको कह सकते है। तो मैंने आपको काफी सारे नाम बता दिए। नॉमिनल स्केल के नॉमिनल स्केल मतलब कैटेगरीज के बात करना, कैटेगरीज के बारे में बात हो रही है। मतलब कैटेगॉरिकल वैरिएबल हो जाएगा और कैटेगॉरिकल वैरिएबल के साथ साथ ये हो जाएगा। आपका क्वालिटेटिव डेटा, क्वालिटेटिव डेटा के बारे में बात हो गई। इसी में हम अगर एशियन की बात करे तो एशियन और अफ्रीकन ये सब क्या हो गया, रेसेज हो गए। तो ये रेसेज वाली जो कैटेगरीज है। ये तीनों जो कैटेगरी है। नॉमिनल स्केल हो गयी तो नॉमिनल स्केल 1 पहले टाइप का स्केल होगा। आपके मेजरमेंट के लिए। अब नेक्ट स्केल की बात करते हैं। नेक्ट स्केल होता है हमारा ओर्डिनल स्केल। जैसे नॉमिनल स्केल वैसे ही ऑर्डिनल स्केल, बट ऑर्डिनल स्केल में क्या होता है। रैंकिंग के बारे में बात होती है। रैंक ऑर्डर होता है, रैंक ऑर्डरिंग डेटा होता है इसमें ओर्डिनल में रैंक ऑर्डरिंग डेटा। जैसे क्लास में फर्स्ट आया, कोई बच्चा सेकेंड आया, थर्ड आया तो मतलब ये क्लास की रैंक हो गई। अगर वैसे ही हॉर्स की रेस की बात करूँ तो क्या हो जायेगा। उसमें भी फर्स्ट आता है सेकेंड आते है और थर्ड आते हैं। से अगर मैं कस्टमर सेर्टिस्फेक्शन की बात करूँ तो मतलब सर्टिफाइड नोट सेर्टिस्फाइड और सर्टिफाइड न्यूटल ये सारी क्या हो गयी ओर्डिनल मतलब रैंकिंग हो गयी। जीरो से लेकर फाइव तक की रैंकिंग हो गयी। जब रैंकिंग के बारे में बात होती है तो रैंक ऑर्डरिंग जो ओर्डिनल स्केल पे आता है तो मतलब हम ओर्डिनल स्केल की मेजरमेंट कर सकते है। अगर हमें ऐसा कुछ करना है तो उसके बाद आता है इंटरवल स्केल। अब इंटरवल स्केल जैसा की नाम क्या रहा है कि इंटरवल स्केल में काफी सारी वैल्यू हो सकती है। अब इंटरवल स्केल क्या होता है। इंटरवल स्केल का मतलब ये है कि जो 2 एडजसेंट वैल्यूज होंगी ओर्डिनल स्केल की वो दोनो कान्स्टेंट नहीं हो सकती। मतलब की इंटरवल स्केल जो होगा 1 फिक्स इंटरवल है जिसमे कोई भी जीरो प्वाइंट नहीं हो सकता। फॉर एग्जांपल अगर मैं कहूँ की थी डिग्री है टी डिग्री इज नोट ट्वाइस एज हॉट एस फिफ्टीन डिग्री तो मतलब मैं क्या बता रही हूँ की फिफ्टी फिफ्टीन डिग्री जो है वो मीनिंग फुल 1 टेम्प्रेचर हो गया बात अगर मैं बोलूं जीरो डिग्री तो जीरो डिग्री तो मीनिंग फुल अगर मैं इसको बोलू की मतलब नो टेंप्रेचर तो नोट पॉसिबल कहीं पर भी नो टेम्प्रेचर नहीं हो सकता है। तो वो होती है इंटरवल वैल्यू इंटरवल वैल्यू होती है वो फिक्स इंटरवल के बारे में बात करते हैं उसके बाद आती है रेशियो स्केल रेशियो स्केल भी 1 तरीके का हमारा मेजरमेंट होता है रेशियो स्केल मतलब की इंटरवल स्केल जैसा ही होता है इसमें ट्रू जीरो प्वाइंट हो सकता है ट्रू जीरो प्वाइंट हो सकता है। मतलब ये है अगर मैं कहीं जो लिख रही हूँ मतलब मैं इससे क्या कहना चाहती हूँ की वैल्यू क्या है एब्सेंट टाइम जो पास हुआ है वो जीरो टाइम जीरो मिनट है तो मतलब टाइम पास जो किया गया है वो जीरो मिनट मतलब कोई टाइम पास ही नहीं किया गया है। अगर मैं किसी चीज की लत बोल रही हूँ की जीरो सेंटीमीटर है तो ये 10 इस पॉसिबल जिसको हम कहते है रेशियो स्केल रेशियो स्केल में जीरो एग्जिस्ट करता है स्केल में एग्जिट नहीं करता है तो ये कुछ बेसिक सी इनफार्मेशन रिलेटेड तो दी मेजरमेंट स्केल एंड वैरिएबल शो मिलते हैं नेट वीडियो में मोर कांसेप्ट्स। hendlden happy learning and statu।