Does Life Insurance claim in WAR - like US- Israel and IRAN War Situation?

Yogendra Kumar Malik explains how Indian insurance policies handle war claims. Life insurance pays the base sum assured even in war, but accidental death riders and extra coverage are void. Health and travel insurance almost always exclude war entirely, so hospitalisation or injury from conflict won't be covered.
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क्या इंश्योरेंस पॉलिसी वार का क्लेम कवर करती है? क्या अगर वार में किसी को कुछ हो जाए तो इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा आंसर है हाँ और न नमस्कार, मेरा नाम योगेंद्र है। जैसा की आप देख रहे हैं इजरायल यूएस, इरान वार और काफी जगह पर ये वार जो है फैल रही हैं चाहे वो गल्फ कंट्रीज हैं और कई जगह पर इम्पैक्ट आ रहा है जिंदगी या लॉस हो रही हैं। तो ये क्वेश्चन अक्सर हमसे आता है क्योंकि हम लोग फाइनेंशियल एडवाइजर को एजुकेट करते हैं और स्वयं भी हम फाइनेंशियल एडवाइजर हैं। तो डिजिटल यानी एकेडमी की तरफ से मैं आंसर आपको देना चाहता हूं कि लाइफ इंश्योरेंस क्लेम पे होता है वार में नॉर्मली इंडिया में 1 ही एक्सक्लूजन होती है लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज में की अगर 12 महीने के अंदर सुसाइड कर लिया तो वो कवर नहीं होगा यानि कि कुछ भी पे नहीं होगा। लाइफ इंश्योरेंस में ये मैथेमेटिक्स चल जाता है क्योंकि वो 1 पेरिल करके 1 अमाउंट साइड में रखते हैं। अपने प्रीमियम में से जो वार लाइक सिचुएशन में 1 फिक्स अमाउंट जो सम शार्ड हैं वो पे हो सकता है। अब कंपेरिजन करें तो हेल्थ इंश्योरेंस में अगर वार की वजह से कोई एक्सीडेंट हुआ या कुछ हुआ क्या वो कवर होगा नो इट विल नोट भी कवर्ड क्योंकि हॉस्पिटल उड़ रहे हैं, गाड़ियां उड़ रही हैं, बहुत कुछ हो रहा है, नंबर टू ट्रैवल इंश्योरेंस, ट्रेवल इंश्योरेंस नल न वॉयड हो जाता है। इंश्योरेंस रहेगा। अगर आपको कोई डिजीज होगी पर अगर वो वार से इम्पेक्टेड थी तो वो कवर नहीं होगी। अब इसका कारण यह होता है क्योंकि वार जैसी कैलकुलेशन, हेल्थ इंश्योरेंस और ट्रैवल इंश्योरेंस में इट्स नॉट एट, आल पॉसिबल मैथेमेटिक्स फिक्स ही नहीं बैठता फिट ही नहीं बैठता सिमिलरली। अगर आपने मान लीजिए कोई टॉम प्लान लिया हुआ विद वन करोड़ ऑफ इंश्योरेंस एंड फिफ्टी, लैक्स ऑफ एक्सीडेंटल एक्स्ट्रा इंश्योरेंस व एक्स्ट्रा इंश्योरेंस। वार लाइक सिचुएशन में पे नहीं होता। ओनली द बेस सम शॉर्ड वन करोड विल बी पेट। अब नॉर्मली हम ये गलती करते है की ऐसे सिचुएशन में अपनी पॉलिसीज को हमें पढ़ लेना चाहिए, अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से कनेक्ट कर लेना चाहिए। वैसे बाय द वे मैं चाहता हूँ फाइनेंशियल एडवाइजर। आप भी पॉलिसी डॉक्यूमेंट पड़े क्योंकि मैंने देखा है बहुत सारे फाइनेंशियल एडवाइजर भी डॉक्यूमेंट नहीं पढ़ते हैं। तो दोस्तों अब ये जो वार है या ऐसा कोई सिचुएशन होता है वार लाइक दैन दिस इस द कवरेज की लाइफ इंशोरेंस अपना कवरेज देता है पर एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट नहीं मिलेगा चाहे वार की वजह से एक्सीडेंट हुआ हो या एक्सीडेंट में डेथ हुई हो। हेल्थ इंश्योरेंस नहीं काम कर पाता है। और अगर आप किसी कंट्री में ट्रेवल कर रहे हैं वहाँ वार की वजह से आपको कुछ हेल्थ इशूज हुए तो वो कवर नहीं होंगे। इस बात को अपने ध्यान से समझ लीजिए और अपने क्लाइंट से टच में रहिए क्योंकि टाइम जो है वो थोड़ा शेकी है, ट्रस जो है थोड़ा हिला हुआ है। बी इन टच विथ योर कस्टमर्स एंड लेट मी नो हाओ डिड यू फाइंड दिस नॉलेज कमेंट कीजिएगा एल सी यू इन द नेस्ट वीडियो।
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