Main Direct Mutual Fund Lunga!” 😲 Phir Mtuual Fund Advisor Ki Zarurat Kya Hai?

Yogendra Kumar Malik explains when direct mutual funds work for self-directed investors and when an advisor earns their fee through selection, asset allocation, behavioral discipline during volatility, and preventing panic selling.
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सर मैं म्युचुअल फंड में डायरेक्ट इन्वेस्ट कर लूँगा। आपको कमीशन देके अपना खर्चा म्युचुअल फंड का एक्सपेंस रेशों क्यों बढ़ाऊँ? आज मैं आपको कन्विन्स नहीं करूँगा कि डायरेक्ट गलत है। इनफैक्ट कुछ इन्वेस्टर के लिए डायरेक्ट प्लान बिल्कुल सही है, लेकिन अगर फंड खरीदना म्यु actually ध्यान से सुनिए आप चाहे customer हैं या mutual fund advisor हैं actually advisor की value fund खरीदाने में नहीं है fund खरीदने के बाद के decision में ज़्यादा होती है कैसे चलो समझते हैं तो direct plan versus advisor की क्या ज़रूरत है direct plan यानि अगर आप direct लेते हो या customer direct लेता है तो खुद research करना होगा और mostly past performance पे ही depend होना होगा खुद सेलेक्ट करना पड़ेगा, खुद इन्वेस्ट करना पड़ेगा, खुद मॉनिटर करना पड़ेगा, खुद प्रोजेक्ट को देखना पड़ेगा, प्रोजेक्शंस देखनी पड़ेंगी, खुद रिव्यू करना पड़ेगा और खुद इमोशनल डिसीजन लेने पड़ेंगे जब इमरजेंसी की वार पड़ेगी या कहीं पे कोई स्टॉक या एनएफओ आ रहा होगा या आईपीओ आ र कैलकुलेट करते हो आप उनके साथ ऑनलाइन भी कर पर उनके साथ आपके साथ बाकायदा बहुत सारी चीजें कैलकुलेट होती हैं जो एक एडवाइजर ही कर सकता है फिर एडवाइजर आपको सिलेक्शन प्रोसेस में अपने एक्सपीरियंस के हिसाब से बहुत बढ़िया डिसीजन लेने देता है फिर आप एसेट एलोकेशन जैसे कॉन्सेप्ट जो ह और कोर्स करेक्शन भी ठीक कर सकते हैं। क्वेश्चन ये नहीं कि डायरेक्ट बेहतर है या एडवाइजर के साथ। क्वेश्चन ये है, इन्वेस्टर को कितनी हेल्प एक्चुअली चाहिए? Yes? इन्वेस्टर अक्सर पूछता है कौन सा म्युचुअल फंड बेस्ट है? But एडवाइजर पूछता है आपका गोल क्या है? कितने साल बाद पैसा चाहिए? क Existing investment क्या-क्या है, emergency fund है या नहीं, protection adequate है या नहीं, insurance, tax situation क्या है? Good advice का काम best fund ढूंढना नहीं है। Investor के लिए appropriate decision best बनाना है, best decision बनाना है। 10 लाख के portfolio में 8 से 10 fund होना या 4-5 appropriate fund होना क्वांटिटीज की प्रॉब्लम नहीं है, क्वालिटी की है। अब दूसरे बात सुनिए। म्युचुअल फंड एक प्रोडक्ट है, पोर्टफोलियो एक स्ट्रेटेजी। एग्जांपल, किसी के पास इक्विटी फंड है, डेट फंड है, गोल्ड फंड है, ठीक है? किसी के पास कैश है। रियल क्वेश्चन, कौन सा फंड? मेरे टोटल 50 लाख को किस तरह एलोक गारंटी में, नॉन गारंटी में, डेट में, लिक्विड में, बैलेंस में, हाइब्रिड में, मल्टी एसेट में, ग्लोबल में, नए फंड में यहाँ पे एडवाइजर का काम आता है। अब एक और बात मार्केट कैश के बिहेवियर में मार्केट जब क्रैश हो जाता है, मार्केट 25 परसेंट गिर गया, आपका पोर्टफोलियो 50 लाख से 37 लाख पे तब आप क्या करोगे? बिल्कुल मार्केट में सब इन्वेस्टर होते हैं। बियर बुल मार्केट में एवरीबडी इज एन इन्वेस्टर, बट बियर मार्केट में डिसिप्लिन की जरूरत होती है। यही एडवाइजर का रोल होता है कि वो पैनिक में डिसीजन नहीं लेने देगा आपको। वो गोल का रिमाइंड कराएगा, वो टाइम हॉरिज़न र एडवाइजर का सबसे बड़ा काम कभी-कभी इन्वेस्टमेंट कराना नहीं, गलत वक्त पर इन्वेस्टमेंट बचाने से रोकना है, बेचने से भी रोकना है। लाइफ चेंज होती रहती है दोस्तों, पोर्टफोलियो भी चेंज होता है। जब आप इन्वेस्टमेंट करने गए थे, तब आप शायद अनमैरिड थे या बच्चा छोटा था, बाद में दस साल पुराना फाइनेंशियल प्लान आज भी एक्जेक्टली सेम रहना चाहिए क्या? नहीं ना। इन्वेस्टमेंट इज़ नॉट वन टाइम ट्रांजैक्शन, इट इज़ ए ऑनगोइंग फाइनेंशियल रिलेशनशिप। और एक बहुत बड़ी चीज़ जो एडवाइजर करते हैं वो है अकाउंटेबिलिटी। जिम मेंबरशिप लेना और जिम जाना दोनो ये difficult है। Advisor आपके लिए review के रिदम बनाते हैं, goal को track करते हैं, portfolio discuss करते हैं, investment discipline बनाते हैं, accountable रहते हैं आपके। Technology investment को easy बना सकता है, accountability investment को substantial बना देती है। But distribution also need to change। Hey मेरे mutual fund advisors, लेकिन एक बात मैं आप सबसे directly करना चाहता हूँ। ये मत बोलो डायरेक्ट मत लो ये बोलो अपनी अपनी वैल्यू इन्वेस्टमेंट की अपनी वैल्यू को स्टैबलिश करो कस्टमर को लगना चाहिए कि आपकी वैल्यू है इसीलिए हमने फाइनेंशियल हेल्थ चेकअप जैसे फाइनेंशियल कुंडली जैसे टूल बनाए जो हम अपने स्टूडेंट्स को सिखाते हैं ताकि आप कस्टमर को खुद रिसर्च करता है, पोर्टफोलियो समझता है, एसेट एलोकेशन करता है, रेगुलरली रिव्यूज़ करता है और मार्केट वॉलेटेड मार्केट जब वॉलेटाइल होती है उसमें डिसिप्लिन रह सकता है। डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट उसके लिए सब स्टेबल और सुटेबल है। लेकिन अगर इन्वेस्टर को गाइडेंस चाहिए, गोल्स प तो मेरे म्युचुअल फंड के डिस्ट्रीब्यूटर्स आपका कंपटीशन डायरेक्ट नहीं है, आपका रियल कंपटीशन है। क्लाइंट को लगता है कि वो खुद भी कर सकता है। अगर आप सिर्फ म्युचुअल फंड सेल करोगे, तो क्लाइंट आपसे पूछेगा डायरेक्ट क्यों नहीं? अगर आप फाइनेंशियल डिसीजन मेकिंग में एक प्रॉपर फाइनेंश अब अगर आप म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर हैं और आप चाहते हैं कि क्लाइंट का पोर्टफोलियो सिर्फ म्युचुअल फंड सेलर नहीं बल्कि फाइनेंशियल एडवाइजर के रूप में दिखे, तो इस वीडियो को आप अपने डिस्ट्रीब्यूटर फ्रेंड के साथ शेयर कीजिए, क्लाइंट के साथ भी शेयर कर सकते हैं। और याद रखिएगा कि अगर आप मेरे और वीडियोस देखना चाहते हैं, तो अगले वीडियो में मैं बात करने वाला हूँ कि एडवाइजर्स के लिए कौन से कॉन्सेप्ट बेस सेलिंग बढ़िया रहती है। तो मिलते हैं, तब तक आप थैंक यू सो मच वाचिंग इट फॉर फुल वीडियो एंड कंग्रेचुलेशन इन एडवांस फॉर गेटिंग लॉट्स ऑफ लॉट्स
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