The Hindi‑language testimonial video features several participants (Speakers A, B, C, and E) speaking with interviewer Yogendra Kumar Malik about how the Digital Gyani (Digital Genius) platform and its mentors, especially Amit Sharma, have helped them digitise and scale their insurance‑related businesses. Speaker A describes moving from manual, ad‑hoc social‑media promotion to a structured digital strategy, using the platform’s concepts to plan a distribution hub with 100 branches, already establishing ten branches in Rajasthan, new ones in Delhi and Faridabad, and upcoming expansion in Uttar Pradesh. Speaker B emphasizes the need for advisors to shift from traditional agents to “financial doctors,” recommending Digital Gyani as the trustworthy platform that provides honest guidance. Speaker C recounts discovering Digital Gyani in Bangalore, taking the Digital Genius course, and reviving a stalled business, restoring 66% of lost revenue and gaining new motor‑insurance clients. Speaker E details the practical adoption of digital tools: moving from handwritten policy books to a CRM system, using video equipment for presentations, and automating lead capture, which eliminated diary‑keeping and enabled real‑time customer interactions. Throughout, the speakers express strong enthusiasm for the platform’s mentorship, tools, and the resulting business growth, positioning Digital Gyani as a catalyst for rapid digital transformation in the insurance sector.
Chapters
सु और सिर इस जर्नी में मुझे 1 दिन मैं फेसबुक को ट्रोल कर रहा था तो डिजिटल ज्ञानी मेरी लाइफ में फिर से आया तो डिजिटल ज्ञानी को मैंने देखा ये क्या है तो आपका 1 विडियो था उसके अन्दर की अपने जहाँ पर 1 मेन पॉवर को उसको करने के लिए 1 विडियो डाला हुआ था तो मैंने उस विडियो को गौर से देखा जहाँ आपने ड्रीम्स की बात की जहाँ आपने बात की पॉकेट बहुत है लेकिन पैसा नहीं है तो सही है अगर मल्टी पॉकेट है तो मल्टी उससे पैसा भी आना चाहिए तो सिर अगेन फिर से मेरी 1 लाइफ 1 नई दिशा में चली मैंने पहली बार अपनी लाइफ में डिजिटली अपने आप को साउंड करना शुरू किया आज का समय जो है वो सोशल मीडिया का है और सोशल मीडिया के चलते आप अपने आप को घर बैठे हर 1 आदमी से जुड सकते हो उससे अपनी बातें कह सकते हो उनको अपनी चीजें समझा सकते हो करेक्ट मैंने देखा मेरे जो में जो सपना देख रहा हूँ जो 1 डिस्ट्रीब्यूशन हब बनाना चाहता हूँ नॉर्थ के अन्दर मैंने प्लानिंग की है सौ ब्रांच बनाने की 10 ब्रांच राजस्थान में बना चुका हूँ दिल्ली मैंने शुरू कर दिया है फरीदाबाद में मैंने ब्रांच डाल दी है यू पी हम शुरू करने जा रहे हैं। तो मैंने डिजिटल ज्ञानी वाला जो कांसेप्ट है ये मुझे हेल्प करेगा मेरी लाइफ को 1 नेक्स लेवल पर जाने के लिए तो सिर तक से लॉट की डिजिटल ज्ञानी और उसके मेंटर बतौर आप मेरी लाइफ में है मैं सादर प्रणाम करता हूँ आपको और अपने आपको सहर्ष गुरु मानते हुए अपनी जर्नी को आगे
बढ़ाता हूँ सर 1 ही बात कहना चाहूँगा की जिन्हें भी अपनी लाइफ में चेंजिंग लाना है वो एडवाइजर और एजेंट से उठ कर के फाइनेंशियल डॉक्टर की तरफ जाए और उनके लिए सही और अच्छा जो प्लेटफार्म है वो सर डीजिटल ज्ञानी प्लेटफार्म है और डिजीटल ज्ञानी प्लेटफार्म के बारे में और आपके बारे में सर कहना यदि चाहूँ तो हंड्रेड परसेंट जो है की मतलब 1 तरह से कह दिया है ईमानदारी त्रस्तता और आपका जो हेल्पिंग नेचर है आपका समय समय पर जो है कि लोगों के साथ कॉनसेप्ट जो देखते हैं सिर और गाइडेंस गार्जियन के रूप में आप जो है कि गाइड करते हैं मतलब कोई भी आपके प्लेटफार्म से जीरो है तो हीरो
बनेगा सर में 1 ऐसा प्लेटफार्म चाहता था की मुझको वो सर्वाई कर सके मुझको उठा सके बैंगलोर में था बैंगलोर में था वैसे ही मैंने डिजिटल गनी का एड देखा था अमित शर्मा जी को और उनको मैंने काफी सुना भी है मैंने वो कोर्स डिजिटल जेनिस लिया और ने अपने आप को अपग्रेड करना शुरू किया वहाँ से सर मेरे को 1 उम्मीद की किरण जब गयी और मैं फिर से मेरे बिजनेस को पटरी पे ला सकता हूँ अभी पूरा तो नहीं आया लेकिन फिर भी मैंने काफी सर्वे किया है उसको जो जीरो पर चला गया था उसको मैंने फिफ्टी सिक्स्टी परसेंट वापस ला दिया इसके साथ में मैंने फिर मेरे को अपग्रेड किया। अभी 2 साल पहले 1 साल पहले मेरे काफी क्लाइंट भाई साब आप मोटर इन्सुरेंस क्यूँ नहीं देखते मोटर मोटर इन्सुरेंस से मैंने अपग्रेड किया और मेरे को काफी रेस्पोंस मिला
उसके बाद आपने स्वयं इतना तो इसमें क्या डिजिटल टूल्स आपकी मदद आये मतलब जो आप ये काम करती हैं मरीन का लाइफ का म्यूचल जा रही है तो क्या डिजिटल टूल्स आपको लगता है काम आये या और
काम आयेंगे है सिर बिल्कुल आये है। पहले तो मैं मैनुअली बुक में सब कुछ लगती थी, किसी की पॉलिसी ही तो भी बुक में लिखती थी, किसी के साथ मीटिंग थी। लेकिन धीरे धीरे मैंने अपने आप को अपग्रेड किया है। ये सारे टूल् स आपने सी आर एम बताया या फिर वीडियो ले के लिए कैमरा वगैरा सब कुछ आपने बताया फिर भी फाइनल्स चेकअपकआपनेदिया फिर वो सेल्फ प्रेजेंट जो कन्सेप्ट दिया तो अभी उसी पर काम कर रही हूँ तो नोट आउट वहाँ से अच्छा खासा रिस्पोंस भी आ रहा है। मैंने सी आर एम पर भी काम करना शुरू कर दिया है। तो अभी मेरी एड जो भी लीड आती है वो भी सीधी सी आर एम सी आ जाती है तो वहाँ मुझे याद नहीं करना पड़ता, डायरी नहीं देखनी पड़ती तो वो सारे काम अच्छे से काम आ रहे। और अभी मैंने 2024 में डिसाइड किया है कि मैं डायरी पेन का यूज बिल्कुल नहीं करूंगी सिर्फ कस्टमर के सामने बैठ के कुछ बताना होगा तभी करूंगी, वरना का हिसाब भी कम्प्यूटर से करूंगी। फिर कस्टमर का लीज। जो भी है मैं सारा कुछ इसी।