Yogendra Kumar Malik explains why poor and middle-class people stay trapped in debt: they borrow to buy liabilities like cars and homes, while rich people borrow to buy income-generating assets. The difference is whether a loan increases your EMI or your earnings.
मोस्ट ऑफ़ द मिडल क्लास कर्जे में क्यों होते हैं, डेट में क्यों होते है इसका नंबर वन रीजन है की उनको लोन यानि डेट की सही कदर नहीं है सही उनको समझ नहीं आता यूज़ कैसे किया जाए। रिच लोक लोन लेते हैं ऐसे एसेट खरीदने के लिए जिनसे उनकी इनकम बढ़े और मिडल क्लास और पुर लोंग लोन लेते हैं ऐसे ही चीजें खरीदने के लिए जिससे उनकी ईएमआई बढ़े इनकम न बढ़े। फोर एग्जाम्पल गाड़ी फोर एग्जामपल रिच लोग बिजनेस में पैसा लगाते हैं फोर एग्जाम्पल रिच लोग लोन लेकर अपनी सेल्फ डेवलपमेंट में पैसा लगायेंगे क्योंकि उससे उनकी इनकम बढ़ेगी आरोप। अगर आप यहीं पर देखे मिडल क्लास के लोग वो लोन लेंगे और कुछ चीजें खरीदेंगे जिनकी वैल्यू घटने वाली है जिसका 1 बहुत बड़ा एग्जाम्पल है लोन लेकर घर खरीदना और कुम् घर में रहना। अब ये बहुत बड़ी दिक्कत है की उसी घर में रहते है और उसकी वैल्यू बढ़ रही है पर आप बेच नहीं सकते और आप एमआई पे करते चले तो रिच लोगों का लोन लेना यानी डेट लेना और मिडल क्लास लोगों का डेट लेने में बहुत फर्क है उनकी अंडरस्टैंडिंग में फर्क है तो क्रेडिट को यूज कैसे करना है। रिच लोगों की तरह करना चाहिए वो एसेट खरीद के जिनसे आपकी इनकम बढ़े आप किस लिए लेते हैं लोग या लोन लेना ही पाप समझते हैं रिच लोग। हर रिच लोग लोन लेते हैं।