A short Hindi motivational talk arguing that many people fail to reach the top because they are climbing ladders (सीढ़ियाँ/“CDs”) designed by others rather than their own unique path. The speaker urges listeners—whether in career, business, or wealth—to create and follow their own ‘ladder’ (unique approach) so they grow authentically and achieve success.
हम में से मोस्टली लोग शिखर पर क्यों नहीं पहुँच पाते सीढ़ी चढ़ना तो कोशिश करते हैं हम पर नीचे ही क्यों ले जाते है। इसका सबसे गहरा रीजन यह है की हम सीडी ही गलत चल रहे हैं। ये चाहे वो करियर हो, बिजनेस हो, पैसा हो, वेल्थ हो, हम वो सीडी चल रहे हैं जो किसी और ने बनाई है जो किसी और ने अपने हिसाब से बनाई है। अब अगर आप मान लीजिये प्रमोशन लेकर खुश होते हैं, किसी और ने बनाई है। अगर आप मान लीजिये बिजनेस मैन है और आप अपने बिजनेस में अपनी सफलता से खुश होते है यह सीडी आपने बनाई है। तो अगर आप किसी और की बनाई सीडी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं तो आप पीछे रह जायेंगे की क्यूँ की कोई भी अपने लिए ही बनाता है सीडी किसी और के लिए नहीं। तो अगर आप बिजनेस मैन होंगे तो स्वयं के लिए सीडी बनायेंगे और उस सीडी पर जब आप चढ़ेंगे तो यू विल ग्रो दैट, इज बाई मोस्ट ऑफ़ द पीपल 2 नोट ग्रो बिकाज दे ट्राई टू क्लाइन लेटर जो उन्होंने नहीं बनाया। आप कौन सी सीडी चल रहे है अपनी यूनिक बिजनेस की या दूसरों के द्वारा बनाया गया उसको जस्ट फोलो कर रहे हैं अपना यूनिक रेस रखिये यूनिक काम कीजिए और मार्केट आपको सलाम करेगी और आपकी सीडी दर सीडी ग्रोथ होती जाएगी।