Ask a Doctor: Live Q&A on Cervical Cancer | Priti Nanda Sibal | Dr Sujata Mittal

Dr. Priti Nanda Sibal and Dr. Sujata Mittal discuss cervical cancer screening, HPV vaccines, and why rates are rising in India. They cover Pap smears, HPV testing, vaccine hesitancy, a 12-minute gut-motility exercise, and nutrition strategies for PCOD patients.
Chapters
good after no in everybody and i know that there s been a long gap in our sessions, but i promise you that today speaker and dr sujata, who main going to question today for all of you। you will love this session so if any one of your friends has not joined before we start here send the message and say join as now this is going to be really fonnominal and i think with the increasing incidents of savicalecanser in india, the number of get, which are happening, because of sarika cancer and the pour fact that lot of things can be done for these patients, these lovely beautiful women so that they do not go through the drama of first in diagnosed। from this disease second det, because of this disease। we have doctor sujata। here who is a noun preventive on colleges a gina colleges by degree and you know i was very happy to see that when she was young, she was a dinamica ces today she s been awarded the women from elverthisthing and nineteen सेवेंटी नाइंटी ने nine two thousand and fifteen two thousand and fifteen okay great so, thank you doctor sujata for
being here thank you thank you priti for inviting me। because it gives me platform there i can interact with the people letting them now। what is exactly going in the medical field सो really grेडfulfromfrom the botm of my head, because you are giving me
the platform thank you dctrsojata, but i mu jata every time i met you my respेc्t for you r profesn work
न सो मच फ्रॉम यू आlसो in fact just as thinking i should make hundred percent on trip to your place and be tuch vid you to learn how you manage to many things, thank you do sujata।
thank you sir sujata। why do you think incidents of savicalकaंser is इंक्रीजिंग इन इंडिया सो मच oh
what a lovely questions and it is so near and dear to my hard। but when i will talk about this i think many of the girls tilden will not like it, but this is a hard fact im a cold, sanatani hindu so i tell that girls now, just they are following the west and paton। न दे आर स्टार्टिंग वेरी अर्ली वित सेक्शुअल एक्टिविटी और हमारा जो समाज है, उसमें ऐसा है कि ये सब चीजें बताने के लिए हम मतलब घर वाले अलाव नहीं करते हैं, क्योंकि हमारे हिंदू समाज हमारे जो है तो वो उसके साथ पिल्स लेते हैं फिर और फिर जो है ये मतलब आपकी अल्लिसेक्शुलएक्टिविटी वित पिल्स और आपका निट्रीशनल डेफिसेंसी पिल्स इट सेल्फ कॉजेज लॉट ऑफ फॉलिक केसे डेफिसेंसीज विच डायरेक्टली लिंक टू द सर्वाइकल कैंसर तो इंडिया में पहले भी सरवाइकल कैंसर था, बट अभी समह रेट्स कम हो रहे हैं, बट इट इस प्रिडिक्ट बाय टू थाउजनडएंडफॉटी, मतलब नंबर ऑफ द केसस जो हैं जैसे अभी इंसीडेंस हमारे देश में है अराउंड फॉटी फॉर प्वाइंट पर ऑन लैक women, तो इट इज पोजेक्ट, हां इट इज प्रोजेक्टेड, दैट इट, विल बी, रबल, टो ट्रिपल हो सकता है, बाई टू, थाउजंड, फॉटी इफ ट्रेंड, लाइक अल्लीसेक्टुल, एक्टिविटी अलोंग विथ टेकिंग, ciज, विटामिन बी, ट्वेल, डी, थ्री डेफिसेंसीज प्लस आपका हाईजीन जो है जैसे 1 छोटा सा एग्जांपल आपको बताती हूँ बच्चे लड़के लड़कियां आजकल बहुत काम भी करते हैं वेरी इंटेलिजेंट और जल्दी करने अर्निंग शुरू कर देते हैं। तो जैसे क्लीनिक पर आते हैं, देखते हैं 1 ही जींस कई कई दिन तक पहने रहते हैं। तो इन्फेक्शन जो है क्योंकि हमारा क्लाइमेट जो है बहुत गरम है पसीने बहुत आते हैं सर्दियां। तो अब आप देख ही रहे हैं कि हार्डली डेढ़ महीने या 2 महीने की रह गई है। अगर आप कपड़े आप डेली नहीं चेंज करते है वो भी जीन्स तो इतना पसीने से उसी से इन्फेक्शन बहुत सारे आपको हो जाते हैं। तो आपका अगर हाइजीन सेक्सुअल हाइजीन अच्छी नहीं है। तो ये ये सवाईकल कैंसर होने के चांसेज आपके बहुत बढ़ जाते है। और आजकल बच्चे हमलोग सब एडिक्ट है न मोबाइल के टीवी के रात के 22 बजे तक दे रहे हैं स्विगी जोमेटो जो है वो 223-344 तक काम कर रहे हैं कभी भी खाली या कभी भी सो गए तो लाइफ स्टाइल इस वेरी वेरी इम्पोर्टेंट। क्योंकि आपका सारा दामोदर जो है आपकी पर इम्यूनिटी गुड। तो आपको यही नहीं कि बहुत सारे कैंसर आप प्रिवेंट कर सकते हैं। एंड इफ यू
गमेंट really focusing on you know prevention of savecall cancer right and i think vaccination is the one of the important agenda of there, what say about that vaccination do you think it s all or non? if you get vaccinated, then you have no। रिस्क ऑफ सवाइकल कैंसर? what is your take on it?
प्रीति i थिंक बॉम्बशेल तो एveरीवनंटोयूई डोन्ट नो, नहीं, नहीं पर बॉम्बशेल चाहिए डॉक्टर से जादा में बॉम्ब शैली करने वाली हूँ डोंट, रेकमेंडेड टोटली, टोटली मतलब जैसे अब हम कोरोना में देख रहे हैं की कोरोना के वैक्सीन के साइड इफेक्ट से आ रहे हैं। आई डोंट नो इट सो अमेजिंग की हमारे देश में ही लग रहा है तो इसका कोई डाटा नहीं बना कर रख रहे हैं कि बच्चों को क्या प्रॉब्लम हो रही है क्या नहीं है आई डोली डोंट, रिकमेंडेट, एट, आल इट, इज, नॉट, नेसेसरी, सी, एक्सप्ले, थ्री, फोर, प्वाइंट, आपको इन सबको जो भी सुन रहे हैं उ उनको बताती हूँ सी वैक्सीन हम किनको देते है। सबसे पहले हम हेल्दी इंडिविजुअल्स को देते हैं जिनमे ये जरुरी नहीं है की ये बीमारी मतलब जैसे सरवाइकल कैंसर हो जैसे मैंने बताया 1 लाख में से फोर्टी फोर को होने के चांसेस रहते है तो इसका मतलब है आप बाकी 1 लाख को सबको वैक्सीन दे रहे हो है न? और उसके साथ एसोसिएटेड प्रॉब्लम है जैसे मैं अभी बता रही हूं हेल्दी इंडिविजुअल्स को जब हम दे रहे हैं ताकि ये बीमारी न हो तो उसका सेफटी प्रोफाइल बहुत ज्यादा अच्छा होना चाहिए। तो बाहर की जो रिपोर्ट है लेटपीटल्ूकेअराउंड अभी तक सेवेंटी पेपर्स आ चुके हैं जिनमें एचपीवी के साइड फेक्ट्स और जापान ने तो आपको पता ही है यह ड्रॉप कर दिया था पर जो कंपनीज है डब्लू एच ओ है वो वापिस स्कूल आने के लिए बहुत जोर बहुत जोर आजमा रही है और जापान के स्विड्जरलैंड के इनकी स्टडीज में आया ऑस्ट्रेलिया की स्टडीज में भी जब उन्होंने ये विड्रा किया तो जो साइड इफेक्ट है वो बहुत कम हो गए और जब वापस किया तो फिर एडवर्ट साइड इफेक्ट हमारी मेडिकल लैंग्वेज में बोलते हैं एडवर्ड्स इवेंट्स एडवर्स इवेंट बहुत ज्यादा हो गए इमपोर्टंट थिंग प्रीति हम कोई भी चीज करते हैं तो उसका आउट कम देखते हैं अगर हमने वैक्सीन लिया तो इस वाले पर्टिकुलर वैक्स जैसे हमने टिटेनस का लिया की हम टिटेनस नहीं हो हमको तो टिटेनस के उसके बाद हम कोई स्क्रीनिंग नहीं करते हैं इस पर्टिकुलर वैक्सीन लेने के बाद भी आपको स्क्रीनिंग और ट्रीटमेंट में तो कोई डिफरेंस नहीं आया आप को अपना चेकअप तो करवाना ही है डॉक्टर के पास जा के एंड दिस इज नौट बीइंग इनफॉर्म टू द गर्ल्स सबसे मेन प्रॉब्लम जो है वो भी पता ही नहीं जाता लॉट ऑफ गर्ल्स कम टू मी एंड वो डिस्चार्ज करके जो भी साइकल कैंसर वैसे भी नॉर्मल डिस्चार्ज भी हो तो जब होता है तो हम उनको पैपस में एडवाइस करते हैं मेरे तो वैक्सिनेशन लगा हुआ मुझे क्या जरुरत है को हो टोल दिससिंकीआपकोवैक्सिनेशन के बाद आपको एचपी बी डी ने टेस्टिंग या पैपस्मेरयाएलबीसी नहीं करा ये तो मस्त है आपको 1 और बात है नाइन टू ट्वेंटी में सरवाइकल कैंसर होता ही नहीं है आप वैक्सिनेशन उस वक्त कर रहे हो मतलब जो गाइडलाइंस हैं तो इस बीच में सवाईकल कैंसर से डेथ होती ही नहीं है। और जो ट्रायल्स हुए हैं जिनमें यह आया कि इसकी एंटीबॉडीज कितने सालों तक मैक्सिमम फोर्टी टू फिफ्टी रस मतलब वो भी बहुत वन थर्ड पॉपुलेशन में 2 या 3 डोजेज के बाद जो फ्यूचर टू ट्रायल हुआ या फैकटिकयाट्राइल हुआ उसमें आया की एंटीबॉडीज वन थर्ड पॉपुलेशन में 2 डोजेस के बाद या 3 डोज के बाद 14 साल तक तो मैं आपको 1 मतलब सबको समझाना समझाना नहीं है आपको मैथमेटिक सिम्पल है कि अगर 10 साल की लड़की को दी है और एंटी बॉडीज की 25 साल तक पंद्रह साल तक रहती है। मान लीजिये इस केस में रहती है आपकी म्युनिटी अच्छी है सब कुछ है तो 25 साल तक तो मतलब आपकी एंटीबॉडी रही तभी तक वो प्रिवेंट करेगा और हमारी स्क्रीनिंग 50 साल से पहले हम करते ही नहीं है गाइडलाइन
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साल के बाद आपको स्क्रीनिंग करनी है तो फिर इसको ले हम अपने बच्चों को क्यूँ देना चाह रहे हैं।
1 मिनट आई नो यू आर वेरी पैशनेट अबाउट दिस यू इनसाइड बट मैं यहाँ के क्वेश्चन वापस जाऊंगी। ठीक है वैक्सिनेशन आपने बोला की इतनी ट्रायल्स हो गयी है, विच हैव शोन के एडवर्स एफेक्ट्स आये हैं ठीक उनके एडवर्स इफेक्ट्स कम होगी जो वैक्सिनेशन बंद की शुरू की बढ़ गई। तो क्या एडवर्स एफेक्ट्स ऐसे हैं जो देखने को मिल सकते हैं या जो भी सुन रहा है वो अवेयर रहना चाहिए की या दिस कैन हैप्पन और वो उस वैक्सिनेशन की वजह से हो रहा है
वैसे तो बहुत ज्यादा कई तरह के साइड इफेक्ट्स है और जो मेन आया है वो तो 1 सी एन एस में सेंट्रल नर्व सिस्टम के साइट इफेक्ट्स आए 1 ऑटुमिनडिसॉर्डर्स के आये और 1 लड़कियों के पीरियड से रिलेटेड आया इन्फेक्ट आई वांट टू टेल यू की 1 मतलब 4 पेपर से जो क्लिनिकल रिसर्च के ऊपर हुए जिनको ट्रेक्ट करना पड़े उनके ऑथर्स को क्योंकि जो भी एडिटर्स का या फार्मा कंपनीज का जिनका भी था तो 1 में जैसे स्विट्जलैंड की स्टडी को 1 ऑथर ने अपना झूठा नाम देकर पब्लिश किया उसमें आया था कि इन्क्रीज इंसीडेंस ऑफ़ सर्वाइकल कैंसर आफ्टर एचपीवी वैक्सिनेशन वो रिट्रेक्ट करना पड़ा बहुत हल्ला मचा कि मतलब उस पेपर के लिए तो ये कह दिया गया कि भई ये तो इसने झूठा करा है क्यों अपना नाम झूठा देखकर क्योंकि ही वाज अफ्रेड ऑफ जो फार्मासिटिकल कंपनीज हैं 1 पेपर आया उसको डिट्रेक्ट हुआ इनक्रीज इंसीडेंस ऑफ सी एन एस डैमेज इन माइस आफ्टर एचपीवी वैक्सीन वो टू थाउजेंड एंड सिक्सटीन का पेपर जो है ट्रेक्ट हुआ फिर 1 आया इनक्रीज इंसीडेंस ऑफ प्रेग्नेंसी इन अमेरिका बिटवीन द एज ऑफ ट्वेंटी फाइव टू ट्वेंटी नाइन यर्स ऑफ द विमेन आफ्टर रिसीविंग एचपी ही उस पेपर को भी रिफ्रेक्ट करना
पड़ा इनक्रीज प्रेग्नेंसी या डिक्रीज रेट ऑफ़
प्रे डिक्रीज रेट ऑफ़ प्रेगनेंसी की प्रेगनेंसी आई सेड इनक्रीज सौरी डिक्रीज तो सी एस एफ नॉर्मिलिटी ऑटरीमेंटडिसॉरडर्स एंड आपके जो इससे रिलेटेड है
है और डॉक्टर सुजाता क्या क्या कोई सबफेक्ट ऑफ़ गर्ल्स है जिनको वैक्सिनेशन लेना चाहिए
सी 1 और मैं चीज आपको बताना चाहूंगी सबको प्रीति को तो सब पता ही है काफी मेडिकल नॉलेज है एम बी बी एस एस पढ़ती भी इतना है देखो वैक्सीन जो है न हमारा 23 तरह के वैक्सीन है 1 हमारा बाइवेलेंट वैक्सीन है जो कि सिकटी और टी सी एच पी बी इन्फेक्शन जो है वो टाइप मोर दैन टू हंड्रेड है जो अभी स्टडीज करी है तो उन्होंने पाया कि 12 तरह के एचपी इन्फेक्शन जो है वो कैंसर कॉल कर सकते हैं मतलब प्री कैंसर स्लीज कैंसर हंड्रेड परसेंट नहीं है प्री कैंसर क्लीजन कॉल कर सकते हैं और हाई रिस्क उन्होंने आइडेंटिफाई किया है आउट ऑफ टू हंड्रेड और स्टडीज अभी चल रही है जिसमें वो ये कह रहे है की 8 और हायरेस हो सकते है तो आने वाले टाइम में ये जो 12 से 20 हाइरिस्क आडेंटिफाई हो सकते हैं और जो वैक्सीन है वो जो है वो 12 के अगेंस्ट में ही है ठीक है न 2 जो है बाय वैलेंट में सिक्सटीन और टीन को टार्गेट किया गया ठीक है और ट्रेट्रा वैलेंट में 2 को ही सिक्सटीन और टीन और सिक्स और इलेवन एच पी वी टाइप को किया है नैनो वैलेंट में जो है आपके सिर्फ सेवन टाइप्स के एच पी वी को टारगेट करता है बाकी के 12 में से 7 प निकाल दे तो 5 को फिर भी टारगेट नहीं करता है तो कहने का मतलब है की। सारे के सारे जिनकी रिसर्च ये कहते हैं कि यह एच पी वी इन्फेक्शन फ्री कैंसरस लीजन कॉल कर सकते हैं। उनके अगेंस्ट में अभी पूरा वैक्सीन नहीं है सिर्फ सेवन के अगेंस्ट। तो आपको फिर भी रिस्क रही। आपको कैंसर के होने की तो डर्सफेक्सक्यूलेते है है ये। किसी को पता ही नहीं है की सारे के सारे टाइप कवर नहीं कर रहा और रिसर्च के अकॉरडिंग ले भी 81 टाइप हाई रिस्क और आइडेंटिफाई होने वाले हैं। तो सबसेट का यह है की जो आप पूछ रहे हो इन्फॉर्म चौइसेज आपको देनी है। इसके बाद आपको स्क्रीनिंग रखनी है इसके साइड इफेक्ट दिए हैं और ये सारे मैक्स सारे एच पी बी इन्फेक्शन को कवर नहीं कर रहा है। तो उनसे बाकियों के अफकोर्स सिक्स्टीन और टीन से मैक्सिमम प्री कैंसर लीजन होते है सेवेंटी परसेंट ऑफ प्री कैंसर विजन जो है व वो सिक्स्टीन और एटीन टाइप ऑफ़ एच पी बी से होता है ब रिमेनिंग थी टाइप थर्टी परसेंट जो है बाकियों से हो सकता है दिन 1 और रिसर्च भी आई है सीइंग डे इन डे आउट की। जब ये वाले वैक्सीन लगते हैं तो इनके मतलब एचपी बी रिप्लेसमेंट हो जाती है इनकी जगह दूसरे वाले एचपी बी जो है वो हमारे उनसे इन्फेक्शन की रेट ज्यादा बढ़ने के चांसेज हो जाते हैं और 1 और दूसरा एडिनोकार्सिनोमा होता है उसके चांसेस भी हमारे बॉडी में ये वैक्सिनेशन के बाद उसके इंसीडेंट अब ज्यादा हो गए हैं। तो मेरा यह मतलब प्रीति मेरा पर्सनल जो लॉजिकल साइंस का की भई अगर यह पूरा कवर नहीं कर रहा है आपको स्क्रीनिंग करवानी ही करवानी है ट्रीटमेंट अगर प्रीकैंसरस लीजन में आपके आ जाते हैं तो ट्रीटमेंट देना है उसपर कोई फरक ही नहीं उसकी कॉस्ट पीक वो भी बटन है। तो हमें स्क्रीनिंग एक्टिविटीज जो है वो स्टेंन करनी चाहिए रादर फोकसिंग ऑन द वैक्सिनेशन और हमने जो सीखा अपनी लाइफ में मेडिकल में फर्स्ट न हम कोई भी किसी को पहले नुकसान को देना फर्स्ट है।
जी हा आप फ्यूचर के लिए आज ही नुकसान दे दोगे। तो 10 9 द राइट एट लीस्ट यू आर राइट डॉक्टर नोट ग्रेट। तो अब अगर यह समझ आ जाता है हमें तो ऑफकोर्स प्रीशिएटयरएक्ालली फोकसिंग न द फैक्ट की स्क्रीनिंग बहुत इम्परटेंट है क्यूंकी पहली तो बात है प्रिवेंशन बेटर देन क्योर आपने बता दिया की प्रिवेंट करने के लिए आपको अपना लाइफस्टाइल अच्छा रखना है आपको हाई जीन अच्छा रखना है है न एंड एनवायरमेंट में आपको ध्यान रखना है वाट एवर यू कैन डू। अब सेकंड आता है की यार प्रिवेंशन के लिए जो भी कर लिया उसके बाद ये अर्ली डायग्नासिस इस द की टू सक्सेस बिल्कुल जिंदगी में भी ये रूल फॉलो होता है और हेल्थकेयर में भी होता है। तो स्क्रीनिंग के लिए या अर्ली डायग्नोसिस के लिए आप क्या रेकमेंड करते हैं क्या प्रोटोकॉल है जो लोगो को फॉलो करना चाहिए और बिल्कुल शिद्दत के साथ फॉलो करना चाहिए।
1 चीज में प्रिवेंशन में और बताना गया था आजकल हमारे पास जो बच्चे आ रहे हैं लड़कियाँ आती हैं वो मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर आपकी मतलब एचपी भी इंफेक्शन के इंसीडेंस को बहुत बढ़ा देता है आल 2 अब स्टडीज आ गई है पहले एचपी भी इनफेक्शन बॉस कंसिडर यही मेन कलप्रिट है पर अब ये भी स्टडीज आ गई है कि एचपी भी इन्फेक्शन होने का मतलब यह है कि आपको 1 तो प्री कैंसर सीजन होंगे और कैंसर होगा प्लस अगर हो भी जाता है और आपकी इम्युनिटी अच्छी है तो ये इंफेक्शन क्लियर हो जाएगा। फिर भी अगर आपकी इम्युनिटी कम है वन और टू मैक्सिमम टेन इन वन लेख कैन प्रोग्रेस तो सरवाइकल कैंसर प्री कैंसर लीजन तो आप इमेजिन करो कि 1 लाख में से 1 लाख में 1 लाख लोगों को एच पी इनफेक्शन है उनमें से प्री कैंसर लीजन या सरवाइकल कैंसर भी हम कहते हैं तो वन या टेन मैक्सिमम लोगों को होगा और इम्यूनिटी है तो फिर आप कु मतलब कोई दिक्कत ही नहीं है तो इसलिए भी मैं कहता हूँ की वैक्सिनेशन हमें नहीं लगवाना है तो स्क्रीनिंग की जो आप बोल रहे थे स्क्रीनिंग में देखिये अगर आपके हाई रिस् वैसे जो रिकमेंडेशन हमारे गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया की फॉक्सी की इंटरनेशनल वो कहती हैं स्क्रीनिंग आपके ट्वेंटी सिक्स इयर्स से स्टार्ट करनी चाहिए अगर आपके सारी फैसिलिटीज हैं जैसे डेली में आपको सारी फैसिलिटीज हैं पर अगर आपके रिमोट रियाज में आप हैं तो आप थर्टी पर भी शुरू कर सकते हैं पर अगर आपके रिस्क फेक्टर है अगर आपने अर्ली सेक्सुअल कान्ट्रेक्ट है मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर से है आपने ओसीस बहुत ज्यादा लिए है तो आपको ट्वेंटी फाइव पर भी ये स्टार्ट स्क्रीनिंग जो है स्टार्ट कर देनी चाहिए ठीक है और इसमें स्क्रीनिंग में डिफ्रेंट टेस्ट होते हैं आपका सबसे सिम्पल जो टेस्ट है वो पेप्समेयर है सारी जगह बहुत इजी ली है फैक्ट से थोड़ा बेटर हम लोग करते हैं एल बी सी बोलते हैं उसको लिक्वेड बेस साइटोलॉजी तो वो उसमे सेल्स थोड़े अच्छे माउंट में आ जाते है और 1 एच पी बी डी एन ने टेस्टिंग है जो की मतलब अगर हम इंडिया में इंटीरियर्स की बात करे तो वहाँ नहीं मिलेगा आर एच पी बी डी एन ने आप जैसे करवाते हैं तो जिंदगी में 2 बार आपने करवा लिया तो मोर देन सफिसेंटैथरटीफइ फॉर्टी अगर पेप्स करवाते हो वो नेगेटिव आता है आपका तो फिर आपको 3 साल में वापस रिपीट करना है एल बी सी बी अगर नेगेटिव आता है तो हर 3 साल में तो स्टार्टिंग एट द एज ऑफ ट्वेंटी सिक्स और एड द एज ऑफ थर्टी बट द रिस्क फेक्टर से है तो आपको ट्वेंटी फाइव में स्टार्ट करना चाहिए और अगर आपने पेप्स करवाया है तो 3 साल बाद रिपीट करे 2323 बार आपका पैपस नेगेटिव आया तो आप 5 साल में 1 बार करवा सकते हैं एच पी वी डी ने टेस्टिंग करवाई तो आप 5 साल बाबू नेगेटिव आता है तो 5 साल बाद ही रिपीट करवाए ठीक है 10 साल में भी अगर आपके पास फेसिलिटी नहीं तो 2 बार कोई भी लेडी जो है एच पी बी डी ने टेस्ट करवाए वो नेगेटिव है तो नथिंग टू वरी अबाउट तो डॉक्टर
सुजाता इसमें जेनेटिक्स का भी कोई रोल होता है क्या?
अब जेनेटिक्स का जो है थोड़ा आने लगा है क्यूँकी जेनेटिक्स इस एफेक्टिव बाई फि जेनेटिक्स जिसके बारे में तुम बहुत अच्छी तरह से जानती हो, है न? और इसमें हमारा वेजाइनल माइक्रो बेटा गट माइक्रो बेटा जिसके डॉक्टर प्रीती मास्टर है, है न? तो इसका रोल। तो अब हमारे रिसर्चर समझने लगे हैं क्योंकि अगर हम 1 भी एंटीबेटिक पेनकिलर खाते हैं तो उससे हमारे बॉडी में क्या क्या मतलब माइक्रो बेटा में कितना डिफ्रेंस आ जाता है। तो अब भी ऐसे ट्रीटमेंट भी आ गए हैं जिसमें बेजैनलडिस्बायसिज है उसको आप सिम्पल जैसे और मजेदार बात है और प्रीति तुम्हें तो पता ही है कि इसके ट्रीटमेंट में हमारा नाम आया है वजैनल डिस्पाइसेसमें जो प्रिपरेशन आ रहे हैं उनमें नीम है तो आप नीम डेली प्रेगनेंसी। अगर आपको तब नीम नहीं खानी चाहिए तो ये जो है आप जो मैंने
बोला की मैंने बोला की प्रिवेंशन इन कम्प्लीट रह जायेगा। अगर इसका जिक्र नहीं हुआ तो बिल्कुल
ठीक हो ली अभी मेरे ऐसे क्वेश्चन के डॉक्टर प्रीति से तुमने डिस वाइसेज काफी लेक्चर्स लिए होंगे तो डिसवासर कैन डू
यस वी कैन डू ऑन सेशन लेटर ऑन दिस। तो डॉक्टर सुजाता स्क्रीनिंग हो गयी थी। अगर बाईचांस आपका पॉजिटिव आ जाता है पेप्समेयर में या डॉक्टर कहता है की डाउट है कुछ कुछ तो पेशेंट बहुत ही घबरा जाता है। आप क्या बताना चाहते हैं यहाँ पे उन वुमैन को जिनका पैपसमेयर बिल्कुल परफेक्ट नहीं आया या उनकी डॉक्टर ने उनको जैसे होता है न थोड़ा सा की रिस्क है या वाटेवर वाट इज दैट यू वांट टू टेल देन सो दे दे आर इनफॉर्मड करेक्टली क्यूकी मुझे लगता है मोस्ट ऑफ़ दी क्रोनिक डिजीज में ये प्रॉब्लम नहीं है की हमे कोई बीमारी हो रही है। बिक आजकल प्रेम गुड सॉलूशंस। अगर आप रोड पे निकालेंगे एक्सीडेंट होने का डर तो है, ये है तो रोड पे ले के निकलना तो बंद नहीं कर रहे है बट हम कैयरफुल ड्राइव कर रहे हैं। और अच्छी गाड़ियाँ खरीद रहे हैं।
बिल्कुल बिल्कुल तो सिमिलर ली है।
तो सिमिलर ली हमको जिंदगी भी जीनी है, एन्जॉय भी करना है, जो भी हम प्रिवेंशन के लिए कर सकते हैं, हमें करना चाहिए, जरूर करना चाहिए। बाई चांस कभी ऐसा हो जाता है
की
डॉक्टर से नो योर रिपोर्ट आर नौट परफेक्ट क्या क्या डॉक्टर बोल सकता है। और उम्र केस में पेशेंट को क्या क्या पता होना चाहिए ताकि वो राइट डिसीजन ले पाए रादर दैन डर से यू नो डिसिशन लेने में देरी कर दे, बिकॉज आई नो अ लोट ऑफ़ पीपल जो न आफ्टर द डॉक्टर टेल्स सम न्यूज दे डोंट गो टू द डॉक्टर अगेन थिंकिंग के खुद से ठीक हो जाएगा।
वैसे यह एबसोलूटली करेक्ट प्रीति बहुत ज्यादा एकदम स्ट्रेस हो जाता है। रिलेशनशिप इशू होने लग जाते क्योंकि इंफेक्शन की बात है और हसबैंड को लगता है कि वाइफ से मेरे को भी कुछ हो जाएगा। और जबकि ये मतलब रिसर्च तो यही कहती है कि ज्यादातर इंफेक्शन हसबेंड से ही पार्टनर से ही आपको आते हैं तो ये कंफ्यूजिंग है और बहुत इलेवेट सब्जेक पर सिम्पल वर्ड्स में मैं कहूंगी अगर पेप्स मेर पॉजिटिव आता है और फैसिलिटीज हैं तो हम भी जैसे डेली में हमलोग हैं तो हम पेशेंट को कहते हैं एच पी बी डी एन ए पॉजिटिव एच बी बी डीएनए टेस्टिंग करवानी है अगर वो टेस्ट नेगेटिव आता है तो आप उसको वापिस रिकमेंड करते हैं कि 6 महीने बाद वापिस करवाओ नीतू रूटीन में तो अगर पैप्समेयर नेगेटिव है एच पी बी डी एन ए नेगेटिव है तो ठीक है आप 5 साल बाद आइए ठीक है अगर एच पी बी डी एन ए टेस्ट पॉजिटिव आ जाता है तो भी आपको पेप्समेयर करवाने के लिए हम लोग बोलते हैं मतलब कॉम्प्लिमेंट्री वोट दे टेस्ट स्क्रीनिंग टूल्स स्क्रीनिंग मतलब आप चेक कर रहे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है तो ये हंड्रेड परसेंट गारंटी नहीं है कि पैप्समेरअगरआगया है तो आपको प्रॉब्लम है तो उसके बाद ये कॉम्प्लीमेंटरी टेस्ट है इन केस आपके पास जैसे इंजीनियर्स में हम जाए तो एचपीवी डीएनए टेस्टिंग के कॉस्ट भी ज्यादा है प्लस आपके अवेलेबिलिटी नहीं है तो हमारे पास वहीं पे बहुत सिम्पल टेस्ट होते हैं जिसको हम विजुअल इंस्पेक्शन एसटी सिट करते हैं और 1 करते हैं लिगॉलसाइडमतलब ये हर डॉक्टर अपने क्लीनिक पर कर सकता है और उससे एडवांस है जैसे मैं डॉक्टर को ट्रेनिंग देती हूँ कोल्पोस्कोपी की तो दूरबीन होती है 1 तरह की और वो हम लगाकर बेसन के अंदर से बच्चे दाने के मुंह को जैसे मैंने यहाँ पर रखा हुआ वैसे लोगों को बता देती हूँ मैं दिखा देती हूँ कि ये यूट्रस है ठीक है न ये इसका सर्विक्स है यहाँ पर ये वाईफाई दिख रहा है ये कैंसर का, हमने दिखाया मार्ग, ये बच्चेदानी का मुंह है ठीक है तो यहाँ से हम दूरबिन हम यहाँ रखते हैं दूरबीन का मतलब उसमे माइक्रो स्कोप होता है और उसकी लाइट्स यहाँ पर आकर बड़ा दिखाती है तो हमको कुछ जैसे मैंने बताया एसीटी लिगौलसाआडिनये हामेस इन्ग्रीडियेंट्स होते हैं उनको लगा कर हम यहाँ पर देखते हैं और हमें पता चला है इन टेस्टिंग से हमें पता चलता है कि इनमें कोई प्रॉब्लम है तो हम वापसी ले लेते है अगर आपके पास कॉल्पोस्कोपी नहीं है वैसे में डॉक्टर्स को ट्रेनिंग दे रही हूँ और इंटीरियर से मेरे पास अब डॉक्टर्स आ रहे हैं और काल्पो ऐसे तो आप डिजिटल टाइम में 10 लाख से लेकर 20 लाख का भी कॉल्प बेसिक काल्पो 2 ढाई लाख का आ जाता है तो आई एडवाइज एवरी डॉक्टर तो बाय द कॉलपोस्कोप पर फिर भी नहीं है आपके पास तो सिम्पल जैसे मैंने बताया वीआईए करो दिल्ली करो, लुगॉलसोआयडिन के साथ आपको जो प्रोब्लेमेटिक एरिया देखे हैं उनकी वापसी लो और वापसी के बाद अगर वो पॉजिटिव आते है तो आपको ट्रीटमेंट करवाना है ट्रीटमेंट भी आपका ओ पी डी प्रोसीजर जैसे ही होता है और उसमे आपको लीजन को ट्वीट कर 2 तो यूएलबी के और फिर आपको फॉलो प में रहना होता है पर अगर वो नेगेटिव आता है वापसी, तो फिर आपको फॉलोअप में रहना होता है वो थोड़ा जल्दी ऐसा डॉक्टर को लगता है कि नहीं मेरे को कोल्पोस्कोपी में तो नहीं दिखाई दिया पर लीजन में आया तो उसका वापस थोड़ा अरली जैसे थ्री ईयर्स के बात करने के लिए बोला उसको सिक्स मंथ या वन ईयर में कर लो।
ऐसा है परफेक्ट डॉक्टर सुजाता जनरली जब आपका डायग्नोसिस होता है तो आलूपेथीमेंहमकीमो थेरेपी और रेडियो थेरेपी एडवाइस करते है
है
तो ऑफ कॉर्स इम्पोर्टेंट है रिजल्ट आते है। अगर हम उस तरफ जाना चाहते है तो जाना चाहिए कोई ऐसी बात नहीं है बट उससे न कई साइड इफेक्ट्स होते है जैसे मेरी masicosavicalcansr diagnose, w five years back and with god s grass and thanks to alipay medicine and all the good work। you know the are doing it she s perfectly all right। but problem। उनके एडिशंस बन गए हैं। इंटरस्ट में है न बिकाज 2 एडिशंस क्या होता है ses 9 able टो et एनीथिंग जस्ट लिटल बिट ऑफ़ फाइबर आलसो क्रिएट सूज प्रॉब्लम फॉर हर टेक ऑन दिस एंड ऐसे और कौन से कॉम्प्लिकेशंस है जो यू नो you want that people should be avere so that they have a solution। एक्ली पहले मुझे पता ही नहीं चला सो कम टू नो अबाउट दिस स फ्यू मां बैक अब उनको इतने सालों से हो रहा है यह पर होता न कभी बात नहीं हुई तो पहले तो इस पर क्या कर सकते हैं आपका क्या टेक है एंड देन उसके बाद में और कौन सी कॉम्पलिकेशन है जो पेशेंट्स को पता होनी चाहिए पहले उनको पता होना चाहिए की उसके लिए
वो क्या करेंगे तो वेरी ब्यूटीफुल क्वेश्चन। 1 तो देखिये जो भी हम ट्रीटमेंट लेते है उसके इमेजेट साइट इफेक्ट्स होते हैं और 1 ोताकीप और 1 है कि आपके लेट कॉम्प्लिकेशन जो आप बता रहे हो वो लेट कॉम्प्लिकेशन एडिशन के लेट कम्पली कीमत थेरेपी के इमीजेट साइटिफ्रेंटेलेट कॉम्प्लिकेशन्स होते है और एडिशन जहाँ पर भी रेडियो थेरेपी मिली मतलब एब्डॉमन के अंदर वहाँ पर भी और ईवन अगर आपने घुटने को भी दिए है तो उसके आसपास के मसल्स चिपकने का जो है वो काम हो जाता है। तो डेफिनेटली वेरी गुड क्वेश्चन की ये जो जैसे हम लाइफस्टाइल नोटिफिकेशन में पेशेंट्स को बोलते हैं हाई फाइबर डाइट लो आप रेडिएशन मिली है आपने हाई फाइबर डाइट ले लिए है और जब चिपक जाता है तो चिपकने का क्या मतलब हुआ की आपके अंदर आते मूव करती रहती है। आपने देखा हमें गैसेज मतलब जैसे हम गैस पास करते हैं ऑपरेशन के बाद हम पेशेंट ऐसे पास पूछते हैं, गैस पास हुई की नहीं हुई वो है। तो ये वो जो गैस पास करने का प्रोसीजर है वो स्लो हो जाता है रेडियो थेरपिक मिलने के बाद तो गैस डिस्टेंशनजोआप बता रहे हो मासिक को है वैसे वाली प्रॉब्लम होती है तो कहा तो हम लाइफस्टाइल में बोलते हैं मतलब जब चेंज में की आप हाई फाई डाइटल और तो उनको अगर ये ऐसे वाले लोग हाई फाइबर डाइट बहुत ज्यादा लेते हैं जैसे हम फिफ्टी टू सेवेंटी परसेंट कैंसर पेशेंट्स का डिवाइस कर देते हैं तो उनमें ये नहीं चल पाएगा, उनमें ये नहीं चल पाएगा जो फाइबर की डाइट और स्पेशली स्टेप्स जैसे जो भी जैसे पालक ले रहे हैं तो उसके स्टेप्स तो बिल्कुल ही अवॉइड करनी चाहिए क्योंकि स्टेम्प्स बहुत ज्यादा गैसेस करती है तो वो फाइबर डाइट ऐसे पेशेंट्स को जो है कम लेनी चाहिए, प्रो बाटिक इनक्रीज करने चाहिए और 1 सबसे अच्छा मैंने जो देखा है इंटस्टाइनल मोटिलिटी को बढ़ाने के लिए क्योंकि मुझे भी बीच में काफी ज्यादा कांस्टीट्यूशन की प्रॉब्लम थी तभी मैंने यह फंक्शनल मेडिसिन और सारा कुछ योगा वगैरह सीखा आपको आपके जो प्रणाम जो है, अनुलोम विलोम, अनुलोम विलोम जो है वो आपकी इंटस्टाइनल मोटिलिटी को धीरे धीरे सी, ये जो साइड इफेक्ट से पंद्रह 20 साल में धीरे धीरे कम होने लगते है पर शुरू में 2345 10 साल तक तो बहुत प्रॉब्लम करते है तो 1 तो आपको फाइबर कम कर, 2 और प्रोटीन डाइट थोड़ी सी प्रोटीन अपने थोड़े करे दूसरा। एवरेज पर्सन आज का जो है बहुत जल्दी जल्दी खाता है तो उसको क्यूँ आप अपने खाने को बिल करे बोलते है न ड्रिंक लिक्विड इट योर सॉलेड वो वाला है की आपको इतना पतला
उसका डॉक्टर सो जाता, ये कोर्ट में भी यूज करती हूँ, इसलिए बोल रही हूँ, उल्टा हो गया। वो कहते हैं ड्रिंक योर सॉलिड्स इटार
लिक्विड है आयुर्वेद में ऐसे ही बोलते है बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल और मैं आज
सुबह से 3 दिनों की यह बात बोल चुकी हूँ।
आज हमको भी सब लोगो को बोलना पड़ता है की खाने को 22 बार बार चाओ तो
इसका मैं बड़ा अच्छा एग्जाम्पल देती हूँ डॉक्टर सुजाता में दे देती हूँ। यहाँ पर बिक भी बारी बारी जितने भी लोग काम करते हैं टीम में, मैं बोलती हूँ लोगो को की सपोजिंग आपकी टीम 5 लोगों की, 10 लोगों की, 2 लोगों की, अगर वो काम नहीं करते तो क्या होता है। आपका बोझ बढ़ जाता है आपके पास अपना भी काम होता है और उनका भी आ जाता है। बिल्कुल सेम चीज हमारे डाइजेशन के साथ होती है, हमारे चमक का अपना काम है।
प्रीती प्रीती प्रीती मैं 1 मिनट प्लीज, आप लोग 1 मिनट वेट करिए प्रीति को मेसेज कर देते है। हम लोग 1 बार आ गए, सौरी
आई थिंक इट वाज लॉस्ट फॉर फ़ोन आ गया था राइट। तो अगर हम क्यूँ नहीं करते है ठीक से तो मतलब हम अपने स्टमक का काम बढ़ा रहे हैं। हम अपने डायजेशन को खुद ही कॉम्प्रोमाइज कर रहे हैं। तो वेन एवर यू थिंक दैट यू आर, हरी यू आर वाचिंग टीवी टिंग फूड यू आर डिस्ट्रेक्टेडवैलू टिंग फूड आई टेल पीपल प्रेफर नोट। तो ईट मील आपको नहीं नुकसान होगा अगर आप 1 मील नहीं खाओगे आजकल वी लिवइन टाइम्स वन वी आर, ओवर ईटिंग रादरदनईटिंगलेस वो टाइम चला गया। जब हमें मिल्स आते थे, हमें खाना ही नहीं मिलता था, अगर खा रहे हो तो प्लीज मेक शोर की। आपका जो बॉस है आगे बैठा है। अगर आप काम नहीं करोगे तो वो। बेचारा पूरी रात जागेगा और अगर रोज रोज रात को वो जागेगा। बीमार पड़ेगा ही पड़ेगा बिल्क हे वर मेजोरिटी ऑफ़ कंडीशंस कम सेकेंड थिंग जो अभी डॉक्टर सुजाता ने बोला मोटिलिटी के लिए प्राण यहाँ बहुत हेल्प करता है गाई यूट्यूब चैनल जिस पे आप हो इस पर अगर आप सर्च करोगे गट मुटिलिटी क्सरसाइज तो मैंने ट्वेल्व मिनट की एक्सरसाइज की 1 वीडियो बनाई है सीक्वेंस से जो की आई टेल माई पीपल टू डू दैट सीक्वेंस ओनली मॉर्निंग द मूमेंट यू गेट अप बेड से पैर नीचे रखे ग्रैटिट्यूड किया और 12 मिनट वो एक्सरसाइज करके ऊपर अपना दिन शुरू किया एंड दैट विल यू विल रेल्ली सी चेंज मेरे पास इस नो मोर मोर दैन टू थ्री हंड्रेड पीपल हैव कम बैक एन टोल्ड मी। doctor priti dost twelve mints av changed the way i start my day
about
think of this, as your gift and think of something, which you know i created for somebody। but maybe it can be useful for you and do it and i m sure send message and the comment section। if यू फाइंड सुजाता कमिंग बैक टो
यू ओके सौरी एक्सरसाइज ये बताना की प्रणाम कर लो तो नोसफिशेंटनअबयू हैव आलरेडी डिजाइन तो उनको फॉलो करना लोगो को जाना अगर इसके बाद इनके माइंड में ये क्वेशन आ गा की कौन सी करे तो उसका आंसर होना चाहिए हम बता दे लाइफस्टाल मे आई वाज अटेंडिंग कॉन्फ्रेंस तो एस्ट्रंटरोलोजीस कांफ्रेंस थी तो उसमे बोला की वो जो लेक्चर ले रहे थे उसने बोला की लाइफस्टाल नोटिफिकेशन इस इंडिकेटेड फॉर सीरो मतलब फैटी लिवर के लिए 1 डॉक्टर ने भी पूछ लिया की अच्छा ये बता 2 आपको की हमको कौन सा तेल खाना चाहिए तो डॉक्टर बोला वो मैं नहीं बता सकता तो फिर फायदा क्या होगा।
डॉक्टर से जाता अगर आप बुरा न मानो तो मैं कुछ बोलूं मेरे दिमाग में क्या गामपलआयगामेरेदिमाग स्टार्टेड मेडिसिन अबाउट टेन यर्स बैक है तो मैंने सोचा की मेरे 2 बेटे है डॉक्टर इलाज आने वाली है तो मैं पी सी ओ डी लड़कियों के साथ काम करती हूँ जरा जानू तो से आज की लड़की सोचती क्या है बिल्कुल तो जो भी आती थी वो मुझे बोलती थी मेरे डॉक्टर ने बोला है की आपको पी सी ओ डी है वेट कम करके आओ वेट कैसे कम करे। वो तो बताती नहीं थी न
अब डॉक्टर कहीं पढ़ाया नहीं जाता मतलब हमे न्यूट्रीशन नही पढ़ाया जाता हमें प्रॉब्लम का सॉलूशन हमें तो डिजीज बताया उसको डिजीज को टैकल करना उसका रूट है तो
आप मानोगे मैंने शुरू में सिर्फ पी सी ओ डी गर्ल्स के साथ काम किया, 200 लड़कियों के साथ काम किया जिसमें ऑन नाइनटी नाइन नहीं टू हंड्रेड ने मुझे यही स्टेटमेंट बोली
बिल्कुल बिल्कुल सही है।
तो जैसे आपने बोला न आई वेंट टेन यीर्स बैक एंड थॉट ओ
डॉक्टर होने के नाते बोल कर क्या करना है बेचारे फिर पेशेंट्स ग्रुप करते रहते हैं।
आई नो डॉक्टर सुजाता कमिंग बैक टू सवाईकल कैंसर अगेन आई थिंक बहुत ही डिस्टर्बिंग होता है, बहुत ही ट्रबल सम होता है। ठीक है आप कुछ बताना चाहते हो पेशेंट्स को या वुमेन को वन टू टैकल दैट पार्ट ऑफ़ द जरनी। ठीक है एंड सेकेंड पोस्ट कैंसर क्या क्या प्रिकॉशंस लेनी चाहिए हम, ठीक है, ठीक है। और अगर फैमिली में आपके किसी मेंबर को है तो आपको क्या ध्यान रखना चाहिए। अदर देन ऑफ़ कोर्स रेगुलर स्क्रीनिंग इस वेरी, वेरी, वेरी इम्पोर्टेंट।
तो सबसे फोर मोस्ता आपने बता दिया की आप चाहे वैक्सीन लगवाओ चायना लगवाओ वैक्सीन की जरुरत नहीं है और आपको जैसे ही आप सेक्शुअली एक्टिव हो जाते है मैरिज हो जाती है। जो भी है आपको अपने स्क्रीनिंग करवाना है स्क्रीनिंग हमने बहुत अच्छे सिम्पल वर्ड्स में आपको बता दिए। यह है है न? दर इंपॉर्टेंट थिंक स्क्रीनिंग अगर आपकी रहती है और लीजंसआपकेडायगनाज हो जाते हैं तो ये सब होने के बाद आपको कैंसर होने के चांसेस ही नहीं होते हैं। ठीक है और दूसरा अगर फिर भी आपके किसी भी कारण से आपके होते हैं तो हमारा मोस्ट इम्पोर्टेंट रहता है कि आपको प्रॉब्लम होती है न? तो आप इमिजेटली दिखाए जैसे की डिस्चार्ज के लिए मैं बताती हूं कि देखिये सवाईकल कैंसर के सिमट में अर्ली सिमटम्स होते हैं लेट सिमटम। अब लेट सिमटम्स में तो जब लेट सिमटम्स होंगे जब आपको स्टेज थ्री या स्टेज फोर होगी तो पहले मैं अरली सिमटम्स की बात करती हूँ की जैसे डिस्चार्ज है आपने रूटीन ट्रीटमेंट ले लिया आपके डॉक्टर से फिर भी ठीक नहीं हो रहा। 1 महीना पंद्रह दिन डेढ़ महीना तो आपको ये डिस्चार्ज के लिए हंड्रेड परसेंट टेस्ट करवाना है और 1 और डॉक्टर से कंसल्ट करे या ऑन कॉलेजिस के पास चले जाए। आपको आपस में कांटेक्ट करने के बाद ब्लीडिंग हो रही है या रेगुलर ब्लीडिंग है जैसे क्या होता है कि सवाईकल कैंसर पेरी मीनू को अब तो थोड़ा ट्रेंड चेंज हो गया है पर पहले 10 साल पहले क्या था पेरीमीनूपॉजर परेड खत्म होने वाले हैं और पोस्ट मेनोपॉजल बेमन में रेगुलर ब्लीडिंग होती है। तो घर वाले कहते थे स्पेशल पोस्ट मीनोपॉजल पीर जाने वाले होते हैं न, तब ऐसे ब्लीडिंग होती है। तो यहाँ पर मैं 1 फैक्ट क्लियर करना चाहती हूँ की जब पी जाने का टाइम आता है वो 1 बहुत ही आपके हार्मोन फेल हो रहे हैं, बॉडी का मेकेनिज्म कहीं पर भी आपने देखा है की फेल हो रहा है कुछ तो बहुत ही ढंग से जायेंगे ढंग से मतलब आपकी ब्लीडिंग धीरे धीरे कम हो जाएगी। 23 महीने के इंटरवेल पर आयेंगे तो कम आएंगे अगर 23 महीने के इंटरवेल पर आपको आ रहे है और बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही तो इसका मतलब कुछ प्रॉब्लम है। तो सवाईकल कैंसर में आपकी कभी भी ब्लीडिंग हो जाएगी कॉन्टेक्ट करेंगे तब ब्लीडिंग हो जाएगी या डिस्चार्ज जो है वो बहुत ज्यादा रहने लगेगा उसमे स्मेल आने लग जाएगी 1 बैकएक आपको रहने लग जाएगा जो कि इंस्पाइट टेकिंग मेडिसिन आपका
नहीं चाहता नहीं ठीक होगा हाँ तो
हमने कैंसर में क्या देखा है कि पेशेंट स्कैन प्रॉब्लम चले जा रहे है जैसे बैकेकहैतीनतीन महीने 66 महीने चलाया जा रहा है फिर भी वो उसी डॉक्टर को दिखाए जा रहे हैं और किसी को कंसल्ट करे एमआर सी टी स्कैन है तो उसमे तो डिले नहीं होने दे आपकी प्रॉब्लम वाइट डिस्चार्ज की है मैक्सिमम मैं मानती हूँ कि 1 डेढ़ महीना आपको हो गया और नहीं ठीक हो रहा है डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर को कंसल्ट करें हायर चेकअप पर करे उसको डिले ना करें स्पेशली आपके रिस फेक्टर से हमने सारे डिस्कस किए वो और आपकी एज फॉटीफामतलबथरटीफइ फॉटी के बाद से लेकर सिक्स्टी की एज सिटी फाइव तक इसमें आपको अगर प्रॉब्लम ये वाली है तो उसको किसी भी हालत में आपको मतलब डिस्चार्ज। अगर डेढ़ महीने तक आपका चदरा मैं तो उसमे कहूंगी इमिजेटली 1 ट्रीटमेंट 1 डॉक्टर को दिखाने के बाद टेन फिफ्टीन डेज में आपके डिस्चार्ज में रिलीव नहीं है इमिजेटली दूसरे डॉक्टर को दिखाए ओनकॉलोजिस के पास जाए इस एज ग्रुप में क्योंकि इसी में सबसे ज्यादा चांसेज रहते हैं। तो 1 तो यह है और दूसरा जो ट्रीटमेंट है देखिये एलोपैथी में हमारे साथ प्रॉब्लम क्या है कि हमारे ये सारा आपको करती है साइड इफेक्ट्स बहुत देती है। तो हमने लाइफस्टाइल मेडिफिकेशनस के बारे में बात किया आप अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए जैसे हमारे यहाँ प्रीती ने आपको बताया कि ये सब जो गट की एक्सरसाइज है अपनी डाइट में आप चेंज करी हेल्दी डाइट के बारे में, वो अलग से सेशन होते होंगे हम करेंगे भी और जैसे मैं अपने क्या करती हूँ की टेस्टिंग करवाकर कुछ हम स्पेशल टेस्ट करवाते हैं देखने के लिए आपकी बॉडी में इन्फर्मेशन क्या है लाइफ स्टाइल रेगुलर करने के अलावा आपको जो ट्रीटमेंट मिल रहे हैं रीति में अपने यहाँ तुम भी करती हो। मुझे पता है ओजोन थेरैपी देते हो
जो करते हैं हाइडोजवइटमिनसी करते हैं।
तो कीमोथेरपी अपने कीमो थेरेपी से पहले ट्वेंटी फॉर टू थर्टी सिक्स आवर्स बिफोर ट्रीटमेंट जो है कीमो थेरेपी से हमलोग हाइड्रोज बी विटामिन सी देते हैं और रेडियो थरेपी के टाइम में भी देते हैं। तो प्रीति आपने बताया था न कि आपके उसमे अगर हाइड्रो विटामिन सी भी दोगे तो वो आपके एडिशन को भी ब्रेक करेगा गट मोटिलिटी बढ़ाता है विटामिन सी तो बो ये आप अपनी इम्युनिटी जरूर हमेशा बरकरार रखें एक्सरसाइज योग आसन जो हो सकते तो ब्रीदिंग टेक्निक्स को, आप अपनाए सपोर्ट सिस्टम को सॉलिड रखे मतलब आपके घर में जो सपोर्ट सिस्टम है उनको आप 1 सॉलिड रखे और रेगुलर जो डॉक्टर जैसे बता रहे है की स्क्रीनिंग के लिए जैसे आपका ट्रीटमेंट हो गया उसके बाद भी आपको फॉलो में रखना है डुएट पेशेंट जो 44 साल तक नहीं आते है और फिर कैंसर लेकर दोबारा आते हैं तो कैंसर में 1 इम्पॉर्टेंट चीज है की फर्स्ट थ्री यर्स में आपके कैंसर के आने के ज्यादा चांसेज होते हैं। तो हम लोग 1 बार सर मतलब आपकी रेडियो थेरेपी हो गई कुछ हो गया तो डॉक्टर आपको डेफिनिटली थ्री मंच के बाद भुलाएगा वो चेक अप करने के लिए तो वो फर्स्ट एयर में थ्री मंच पर आप डॉक्टर को जरूर दिखाएं पैप स्मेयर करना होता है तो पैप स्मेयर करेंगे वो पेट स्कैन। आजकल ज्यादा पेट स्कैन का आ गया पर पैपस्मेयरसवायकल कैंसर में पैपस्मेयर बहुत इम्पोर्टेंट है, चाहे सर्जरी हुई है, चाहे नही हुई है तो पेप्स में और बाकी कहीं और नहीं फैला है उसके लिए जो भी टेस्ट बताते हैं सिंपल टेस्ट जैसे सी बी सी करते हैं तो आपका हिमोग्लोबिन लेवल पता चल जाता है तो उसे पता चल जाता है कि आपकी बॉडी में हिमोग्लोबिन कम है तो वो सारा आपको डाइट सही लाइफ स्टाइल से तो मतलब इम्युनिटी को आप बरकरार रखें, डॉक्टर के फॉलो को माने दिखाने जाए और बॉडी आपको जवाब दे रही होती है, बॉडी आपको सब बता रही होती है। आप अपनी बॉडी पर थोड़ा ध्यान दे जैसे प्रीति ने कहा खाना खा रहे हैं, टीवी देख रहे हैं तो हजम हो रहा है, कहा जा रहा है कुछ नहीं पता आजकल ये हर चीज होगी सौरी आप जो सुन रहे हैं बुरा लगेगा आम रेली अमेज पेशेंट आते हैं। जैसे मैं पूछती कब आते है मोबाइल खोलेंगे आपको पेरेट्स की डेट याद होनी चाहिए अपनी मेरे इतने टाइम पर आये थे
थैंक यू डॉक्टर सुजाता मैं हमेशा गिल्ट में ही आजकल रह जाती थी की नोट ऑर्गेनाइजड में डायरी में नहीं
डालती हूँ, अच्छा तो हमने तो ये शुरू से सिखाया याद ही रहता है, याद रखना है हमारे पेरेंट्स मतलब, आजकल तो मैं देख रही हूँ की बहुत प्रीति डिफरेंट चीजे हो गई है, मेरी मदर हमारे किचन में नहीं जाना होता और पूजा बहुत होती है, सब कुछ है मेरी मदर को पता रहता था की ये डेट है, आजकल मदर साथी को यह नहीं पता उनकी लड़कियों की डेट्स का बारी इसी में वो प्रेग्नेंट भी हो जाती है, कुछ भी करती रहती है तो ये सारी चीजें हैं।
तो ये बिल्कुल ठीक है। तो डॉक्टर सुजाता इस बात से मुझे समझ में आया है की फिर इस नोट solution राइट नॉलेज से क्या कहते
स्ट्रेस मैनेजमेंट मैंने बता दिया भूल गई में स्ट्रेस में क्यूँकी स्ट्रेस तो होता है आपको कोई बीमारी हो गयी, डॉक्टर ने बुलाया हमको भी देखिये डॉक्टर सबसे वीक पेशेंट होते हैं वर्ल्ड में तो हम कितना भी काम करते हमारे पर आता है तो हमको बहुत स्ट्रेस होता है, और डॉक्टर्स के साथ कॉम्प्लिकेशंस भी बहुत होती है। तो आपको स्ट्रेस मैनेजमेंट के बहुत टूल्स हो गए हैं, प्रीति ने क्लासेस भी ली हुई है, सदगुरु से लेकर श्री रवि शंकर है लैंड मार्क के कोर्सेज हैं। तो स्ट्रेस मैनेजमेंट आपको जरुर करना चाहिए ताकि आप थिंक क्लियरली कर सके ये इम्पॉर्टेंट मैं 1 बात बताना रह गई थी मेरी
1 और गिफ्ट दे देती हूँ यहाँ पर, मेरी ट्यूब पे दर इस फ्री थी वन डे सेशन जो सीक्रेट बुक है न मैजिक मैजिक जो बुक है रन्डाब्राइनकी उसकी पूरी रिकॉर्डिंग की मैंने क्लासेस ले रखी है इ चेंज माई लाइफ एट सम पॉइंट ऑफ़ टाइम एंड। अगर आपको लगता है की आपको अपनी लाइफ बदली है आज मतलब मैंने इतने यूट्यूब लाइफ की है नेवर ऑफर दिस डॉक्टर से ज्यादा अच्छा पता नही आपके साथ एनर्जी ऐसी आ रही है। प्लीज इस कॉम्प्लिमेंटरी इस फ्री जस्ट टेक स डे वन से कॉं्टिन्यूसली डे थर्टी ऑन तक करना है। अगर बीच में ब्रेक हो जाता है तो 3 दिन पीछे आना है और वहाँ से शुरू करना है एंड प्रोमिस यू यू विल नोट बी वैट यू आर टू डाई आफ्टर थर्टी वन डे
पॉवरफुल ब्रेट तुमने इनिशियल वर्ड बोला। उसको भी मुझे कहना था की सच्चे पॉवरफुल थिंग आप डॉक्टर के पास जाकर ट्रीटमेंट करवा सकते हो। कितने लोग है ये सेशन प्रीति को अटेंड कर रहे है। यह वी शुड बी थैंक फुल टू गॉड की आपको ये सेशन अटेंड करने को मिला। आपकी नॉलेज बड़ी इ लोग जिनके पास कंप्यूटर नहीं होगा उनको यह नहीं पता कि यूट्यूब क्या है। गाँव की औरतें आती हैं।
अगर आप देना चाहे तो बिल्कुल तो प्लीज डू दैट इफ यू वांट टू ई थिंक दैट कैन बी एन अमेजिंग चेंज अश्विन यू वांट टू नो। from me what opinion एचपी वैकसीन आई डोंट सपोर्टेड बट आई लेट द पेशेंट मेक चॉइस। जैसे डॉक्टर सुजाता ने बोला न इन्फॉर्मेशन पूरी देती हूँ मैं एंड टेल देम ईवन इफ यू डोंट टेक इट ओके इफ यू वांट टू टेक यू शुड बी अवेयर की ये कॉम्प्लिकेशन हो सकती है। उससे पहले अपने मयून सिस्टम को थोडा अच्छे से सपोर्ट कर लो। उससे पहले अपने इनफॉरमेटरीमाकर्स चेक कर लो। अगर इन्फ्मेट्री मार्कर्स ज्यादा है तो पहले उसपर थ्री और सिक्स मंच काम करो। उसके बाद आप वैक्सिनेशन का सोचो सोरेट वी कैन डिक्रीज दी साइड इफेक्ट
बोलो आपको ये समझना है की वैक्सीन में बहुत सरे एड्जुबेंट्सएड किए जाते हैं। जैसे इसके एलमिनियम बोरेट है, आप बोरेट मुझ से खाओगे, आप बोरेट इंट्रा मस्कुलर ली लगवा रहे है तो और बाकी तो मैंने बताया ही है की इसकी नीड है कर रहे हैं।
डॉक्टर से जाता वही है बट यू नो वाट हैपन्स। कई जने इतना माइंड बना कर आते हैं कि यू नो। तो उसके लिए आपको डॉक्टर लगता है की यार इनफॉर्म दें वेल एंड हेल्प देम मेक राइट चॉइस नही नही वो
तो है इनफॉर्म चौइसेज मैंने बोला बिल्कुल
बिल्कुल बिल्कुल तो परफेक्ट है जी डॉक्टर सुजाता ऐक्चवली में और कॉन्टिन्यू कर सकती हूँ। बट द टाइम इज आप तो लास्ट क्वेश्चन पूछूंगी मेडिसिन के जो भी आप टूल्स यूज कर रहे हैं, कॉलेज में हा हा वत डू यू सी आर दे, वर्ट र य बेफिटिंग यार पेशंस दोज एंड आपको क्या मजा आ रहा है वो कर कर।
मजा तो ये की मेरे को तो मेडिसिन भी बहुत कम देनी पड़ रही है। है मेरे एंटीबेटिक का और पेनकिलर से सब बहुत कम हो गए हैं। और मैं खुद को इतना बेनिफिट कर रही हूँ तुमने कितना करा, मैंने कितना करा। और लाइफ में न इतने चेंजेस आ गए हैं कि हर चीज में कांशसनेस मतलब। मुझे लगता है कि कई बार तो मुझे लगता है कि प्रीति आम रेली फेसिलेटेड एंड फॉलोवर ऑफ शिवा। मुझे लगता है मेरी सारी सेंसिज 1 शिवा की तरह हर चीज मतलब जो कुछ हो रहा है न वो भी मुझे पता चल जाए तो वो फंक्शन मेडिसिन के बिना नहीं हो सकता। दूसरा प्रॉब्लम जो है आम कॉल्ड मिक्स पैथी डॉक्टर मेरे कितने सारे डॉक्टर्स ने ग्रुप से निकाल दिया एस पी बी वैक्सीन के अगेंस्ट में बोलती है और करती है जो भी है जाता आई
थिंक पेशेंट को अगर हील करना है, हाँ डॉक्टर हमारा ड्यूटी पेशेंट को ही करना है।
मैं मजे ले रही हूँ की मुझे
कोई वी शुड डू वाटएवर दे पेशन फ्री बेटी हैज सम बेनिफिट फॉर सम
पेशेंट लोपैथी इज वेरी वेरी गुड फॉर एक्यूट ब्यूटिफुल आपको पेन हो गया है गोल ब्रेड स्टोन से सीवियर पेन हो गया, पेन साइट्रस हो गया, ट्रामा हो गया ट्रामा में तो एलोपैथी जो है
आपके लिए गॉर्ड थिंक पेटी इस दी न्यू बेटी ना तो हिल पीपल टी जी तो थैंक यू डॉक्टर सुजाता फॉर आल द गुड वर्क यू डुइंग नहीं नहीं इट्स माई टू यू विल वेट फॉर यू आपका डयू है टेल मी
कब आरेऔरआओकैसेदिन मुझे अपनी बुक में पब्लिश न तुमसे सीखना है वो।
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