In this Hindi health‑education monologue, Dr Priti Nanda Sibal argues that merely relying on hand‑washing, lockdowns, or waiting for a vaccine is insufficient to protect against COVID‑19. She explains the structure of the immune system—innate white‑blood‑cell defenses, mucosal barriers, and the adaptive antibody response—and stresses that optimal function requires adequate levels of vitamins A, D, E, K, magnesium, zinc, and essential fatty acids. The speaker highlights chronic metabolic conditions (insulin resistance, hypertension, stroke, diabetes) as the primary drivers of mortality, noting that millions die annually from these diseases, which also exacerbate COVID‑19 outcomes. She critiques the passive healthcare model that treats illness after it appears, urging a shift to proactive, “active” health management: balanced nutrition, reduced sugar and toxins, regular movement and good posture, emotional wellbeing (purpose, reduced stress, anger, fear), and hormonal balance. The talk also references Dr Anthony Fauci’s estimate of a 12‑18 month vaccine timeline, emphasizing that waiting for a vaccine should not replace immediate immune‑strengthening actions. The overall message is a call to rebuild the body’s immune defenses through holistic lifestyle changes, especially during the pandemic.
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नंबर वन एबसोल्यूट डिफेंस अगेंस्ट कोरोना वायरस अगर आप पूरी तरह से अपनी हेल्थ को अपने कंट्रोल में लेना चाहते हैं और समझना चाहते हैं तो प्लीज सब्सक्राइब करिए इस यूट्यूब चैनल को एंड शेयर करिए आप और क्या जानना चाहते हैं। पर आइए देखते हैं आज के टॉपिक का जवाब हम कैसे बता सकते हैं। अगर 1 एज इंसान है एंड उसको करुणा हो रहा है तो हम कह रहे हैं कि ठीक है उसकी प्रॉबबिलिटी ज्यादा है पर अगर 1 यंग हो जाता है तो हमें काफी अफसोस फील होता है। अभी आपने पढ़ा होगा न्यूज में 1 कैंसर सर्वाइवर था थर्टी टू यर जोल्ड बॉय जिसकी डेथ हो गई क्या वो हेल्दी था क्या फर्क है कि कोई करुणा से फाइट कर लेता है जिस फ्लू लाइक सिम्टम्स में और कोई आईसीउजआताहैऔर फिर वापस ही नहीं आता वन थिंग विच इस डिफ्रेंट है हमारी इम्यूनिटी और इम्यून सिस्टम को अगर हम देखे तो सेल्फ बेस्ट इम्यून सिस्टम होता है डब्लू वाइट ब्लड सेल्स हमारी इम्यूनिटी बनाते हैं जिसके लिए हमें ए, डी, ई, के, मैग्नीशियम और जिंक जैसे पदार्थ बॉडी में अच्छी क्वांटिटी में चाहिए होता है। पर क्या इसके बोंड भी कुछ होता है है जिसे हम कहते हैं स्पेसिफिक कम्युनिटी या अडेप्टिव कम्युनिटी जिसमे हम एंटीबॉडीज बनते हैं और हमारे सेल्स मेमराइज कर लेते हैं कि हाँ हमें ये इन्फेक्शन हुआ था और आगे जाके हमें वो इन्फेक्शन नहीं हो सकता है नाइंटी पर्सेंट केसेस में आरोप बीओनडडाटक्याइसके भी बी ंड है फॉट्टी ट्रिलियन सेल्स जो हमारी बॉडी को बनाते हैं वो सब हमें म्यूनिटी देते हैं कैसी इम्युनिटी देते हैं हमारी स्किल जो की सर्फेस पे सबसे बाहर वो इम्यूनिटी देती है पहले सेकंड सेल मेंबर क्योंकि वायरस रेप्लिकेट कहा करते हैं सेल के अंदर जाके तो अगर सेल का मेंबर स्ट्रॉंग है तो अंदर जा ही नहीं सकता एंड देन म्यूकस मेंबर तो डिफ्रेंट लेयर्स ऑफ़ कम्युनिटी है हमारे पास। एंड जैसे कि डॉक्टर एंथनी, फासी ने काफी सारे और लोग बोल रहे हैं कि वैक्सीन आने में अभी 12 से 18 महीने लग सक तो क्या तब तक हम सिर्फ हैंड वाशिंग एंड लॉक डाउन या डेस्टेंसिंग करेंगे एंड नहीं क्यूँ क्यूंकि ये सिर्फ डिले करने के लिए है यह हमें वायरस से बचा नहीं रहा है या वायरस को स्टॉप नहीं कर रहा है। तो इस हालत में हमे क्या करना है इससे पहले की हम देखे क्या करना है आइये समझते हैं थोड़ा सा अपने हेल्थकेयर सिस्टम को जो कि बिल्कुल पैसिव हेल्थकेयर सिस्टम है जिसमे की हम क्या करते जब कोई बीमार हो जाए तो इसका इलाज करते पर वो बीमार हो ही न कैसा कुछ हो सकता है बिल्कुल हो सकता है हर पैंडेमिक अपने साथ कुछ लर्निंग्स लेके आता है। तो अगर हम देखे करोना क्या लर्निंग लेके आया है तो वो हेल्थ केयर के लिए क्राइसिस कैपेसिटी कैसे बढ़ानी है वो लर्निंग लेकर आया है वो रिसर्चर्स के लिए लर्निंग लेके आया है की कितने तरह का वायरस है और इस वायरस के अगेंस्ट हम वैक्सीन कैसे बना सकते हैं। पर आप और हमारे लिए वो क्या लर्निंग लेके आया है की हम अपने न्यून सिस्टम को कैसे स्ट्रॉंग कर सकते हैं और कैसे हम अपनी बीमारियों से दूर रह सकते हैं जो की पिछले 30 से 40 सालों में 1 नाम सा बन गया है। राइट हम क्या उसपे कुछ कर रहे अफसोस के साथ कहना पड़ता है कि कुछ खास नहीं, क्या जरूरी है उसके लिए कुछ करना डेफिनिटली जरूरी है। तो अगर हम ये देखे की इन सबके भीतर कौन सा सबसे इम्पोर्टेंट काल है सेवेंटीन प्वाइंट फाइव मिलियन पेशेंट्स इंसुलिन रेजिस्टेंस के हार्ट अटैक से मरते हैं 7 प्वाइंट, 5 मिलियन हाइपरटेंशन से, 5 मिलियन स्ट्रोक से और वन प्वाइंट सिक्स मिलियन डायबिटीज से। तो अगर इंसूलिंटरजिस्टंस इतने पेशेंट्स को मार रहा है ऑलरेडी। तो क्या वो करोना के पेशेंट्स को नहीं आई सी तक ले जा कर मार सकता। तो सबसे इम्पोर्टेंट कॉज है इनसिलेनरजस्टल्स। अब इसको कैसे ठीक करना है या हम क्या कर सकते हैं ये जानने के लिए 1 मिनट लेते हैं और सोचते हैं कि 1 प्लांट को अगर अच्छे से ग्रो करना है तो उसे क्या चाहिए। 15 साल का बच्चा भी हमें बता सकता है कि उसे अच्छी धूप, अच्छा, पानी और अच्छी साइल चाहिए। पर क्या ये तीनों अलग अलग जगह चाहिए? नहीं, ये तीनों उसको 1 टाइम के साथ में चाहिए। वैसे ही ह्यूमन हेल्थ को क्या चाहिए। कैमिकल स्ट्रक्चुरल एंड इमोशनल चीजें चाहिए अपनी हेल्थ को बनाए रखने के लिए। तो कैमिकल क्या है हमे फ्यूल चाहिए, एसेंशियल फैटी, एसिड्स, एसेंशियल मीनू एसेट्स चाहिए और क्या कम चाहिए। हमें हमें शुगर कम चाहिए, हमें टॉपसिन कम चाहिए, हमें हार्मोन इम्बैलेंस कम चाहिए। सिमिलरली स्ट्रक्चर ली, हमें क्या चाहिए, हमें गुड पोस्टर चाहिए, हमें मूवमेंट चाहिए, हम सेडेंट्री नहीं रह सकते। पर हमें क्या नहीं चाहिए, हमें सेडेंट्री लाइफस्टाइल नहीं चाहिए, हमें पोर्ट पोस्टर नहीं चाहिए, हमें ट्रामा नहीं चाहिए। एंड इमोशनली इमोशनली। हमें 1 पर्पस चाहिए, वो पर्पस जो हमें हमेशा एनर्जेटिक और अच्छा फील कराए। हमें जो चाहिए, हमें पीस चाहिए और हमें क्या नहीं चाहिए, हमें एंगर नहीं चाहिए, हमें स्ट्रेस नहीं चाहिए और हमें डर नहीं चाहिए। तो क्या हम डर के साथ जीना चाहते हैं? बिल्कुल नहीं। इसलिए हम ये चाहते हैं कि हम एक्टिव इनिशिएटिव लेकर अपनी बॉडी के इम्यून सिस्टम को रीबिल्ड करें। क्यूंकि एट डिफेंस अगेंस्ट डिजीजेस स्पेशल इन द टाइम ऑफ करोना वायरस एंड अदरवाइज आलसो वो क्या है एक्टिव इम्यून सिस्टम? अगर आपको ये पसंद आया तो प्लीज इसे शेयर करिए और और लोगों को भी मोटीवेट करिए कि वो अपनी हेल्थ पे काम करे और प्रोएक्टिवली काम करे। रादरदैनपैसिव हेल्थ केयर का हिस्सा बने।