Dr. Priti Nanda Sibal Analyzes Dhruv Rathee's Weight Loss Guide II @dhruvrathee II #weightloss

In this Hindi-language YouTube discussion, Dr. Priti Nanda Sibal reviews Dhruv Rathee’s "Complete Scientific Diet" weight‑loss guide. She challenges the simplistic calorie‑in/calorie‑out model, arguing that calorie quality and hormonal balance matter more than raw numbers. Dr. Priti explains how chronic stress and elevated cortisol push the body into a catabolic state, impairing metabolism and increasing cravings. She outlines a three‑pronged exercise approach—cardio/stamina, stretching, and strength training—while warning that high‑intensity work during a catabolic phase can be counter‑productive. To shift into an anabolic, fat‑burning state, she recommends grounding, barefoot walking, meditation, and breathing exercises. Dietary advice focuses on eliminating refined flour (maida), added sugars, ultra‑processed and deep‑fried foods, and on consuming green vegetables, whole foods, and "good" fats (coconut oil, mustard oil, ghee) with attention to smoke points. She stresses the importance of gut health, adequate hydration, and cautions against a blanket keto diet, suggesting that cortisol and thyroid balance must be achieved first. The conversation concludes with a 30‑day challenge encouraging viewers to adopt these habits and share transformation results.
Chapters
तो आज मैं देख रही थी जो सोल्यूशन टू वेट लॉस ध्रुव राठी ने वीडियो बनाई है सें कम्प्लीट साइंटिफिक डाइट
वेट लूज करने के लिए आपको क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए और कौन सी डाइट यहाँ पर बेस्ट डाइट है। आइये जानते है सो थैंक यू फॉर
क्रिएटिंग दैट अवेरनेस बट क्या उसमे जो भी डाटा है वो सही है आइये
देखते है उसको हमारी बॉडी का 1 कैलोरी बैंक है। जितनी कैलोरी आप खाते हो वो जाकर यहाँ इकट्ठी हो जाती है और जितनी आप खर्च करते हो उतनी ही स्टोरेज यहाँ पर कम हो जाती है। यह कैलोरी बैंक यहाँ पर हमारी बॉडी है।
तो पहली चीज द्रूपराठीअपनी वीडियो में बोल रहे है की 1 बैंक की तरह हमारी बॉडी है जितना हम कैलरी लेते हैं और जितना आउट यूज करते है उसका बैलेंस होने से हमारा वेट मेंटेन रहता है। वो आगे ये भी बोल रहे है की कैलरी इन कैलरी आउट। अगर कैलरी ज्यादा कर देते है तो हमारा वेट गेन हो जाता है पर क्या ये सही है? बिल्कुल नहीं।
तो आपको अगर वजन कम करना है या तो अपने कैलोरी का इनटेक कम करो या फिर उन्हें ज्यादा खर्च करो।
कैलरी क्वल टू, कैलोरी आउट या वेट क्लास इज इक्वल टू कैलरी इन लेसन। कैलरी आउट से बड़ा कोई भी फूड इंडस्ट्री का फायद नहीं है क्या 200 कैलरी ब्रोकली से और 200 कैलरी बिस्कुट से बराबर है। बिल्कुल नहीं। आम शोर आप सब मेरे साथ एग्री करते हैं की बिल्कुल बराबर नहीं है तो इम्पोर्टेंट क्या है वे क्लास के लिए, वे क्लास के लिए इम्पोरटेंट है की जो भी हम कैलोरी ले रहे हैं वो बॉडी में डायजेस्ट कैसे हो रही है? क्या वो एनर्जी बन कर हमारी बॉडी की एफिसेंसी बढ़ा रही है या वो बॉडी स्टोर कर रही है? क्यूँकी वो बॉडी किसी हार्मोनल बैलेंस से जूझ रही है या बॉडी में इतने टॉक्सिस भरे हुए हैं की वो यूज हो नहीं पा रहा है? फूड एनर्जी के लिए और पोस्टर हुए जा रहा है फैक्ट के लिए। दूसरी चीज ध्रुव राठी बोल रहे हैं अपने विडियो में की 3 तरह की एक्सरसाइज हम सबको करनी चाहिए।
पहला स्टैमिना या कार्डियो एक्सरसाइज, दूसरा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और तीसरा स्टेज ट्रेनिंग।
कौन कौन सी एक्सरसाइज भागना चाहिए, मिस्कार करना चाहिए, स्ट्रेंस ट्रेनिंग करनी चाहिए, वेट ट्रेनिंग करनी चाहिए, एंड स्ट्रेचिंग करनी चाहिए, आरोप सबको करनी चाहिए, बिल्कुल नहीं। अगर हम हाई स्ट्रेस जोन में है। अगर हम किसी भी बहुत स्ट्रेस फुल पीरिड ऐसी लाइफ में गुजरे हैं और हमने अपनी बॉडी को वापिस बैलेंस में नहीं लाए तो बॉडी हमारी किस स्टेज पर होती है? कैटाबोलिक स्टेज पे मतलब टूट रही फूट रही होती है। इस चेंज में। अगर हम कोई भी ऐसी एक्सरसाइज करते है तो बॉडी और टूटती है और इसका काफी साइंटिफिक प्रूफ अवेलेबल है एंड म इन एमबीबीएस, डॉक्टर एंड फेलोशिप इन फंक्शनल मेडिसिन एंड। हम रोज देखते हैं कि जब पेशेंट को राइट एडवाइज दी जाती है तो स्टॉप डूइंग दीस, फ्री टाइप्स ऑफ एक्सरसाइज और फ्री टू सिक्स वीक मेरे कल् होते है। बॉडी वेटलूस करना शुरू कर देती है, एनर्जी बढ़ जाती है, फेस ग्लो कर जाता है, पेशेंट यंग लगने लग जाते हैं। तो ऐसा होता क्यों है? क्यूँकी कैटाबोलिक स्टेज से हमें बॉडी को निकाल के एनाबॉलिक स्टेज में लेकर आना है। उसके लिए हमको करना क्या है। ऐसे लोगों को ग्राउंडिंग करते है नंगे पाँव मिटटी में चलना है और थर्टी मिनट म्यूजिक सुनना है पर बिना वाईफाई वाले फ़ोन से मेडिटेशन करना है। ब्रीडिंग करना पहले अपनी बॉडी को कैटालिक स्टेज से न्यूट्रल स्टेट पर लाना है और फिर एक्सरसाइजिंग करनी है और एक्साइज बुरी नहीं है। पर हर किसी को ये 3 तरह की एक्ससाइज करनी है। मैं डिसग्री करती हूँ एंड थर्ड चीज जो ध्रुवरी अपने वीडियो में बोला कि स्ट्रेस का बहुत ज्यादा तालमेल है। हमारे वेट क्लास ऐसी डायबिटीज से पी सी ओ डी सी बिल्कुल सही बोला
अच्छा 1 फाइनल प्वाइंट यहाँ पर मेंशन करना चाहूँगा। स्ट्रेस के बारे में वेट गेन और स्ट्रेस में 1 बड़ा लिंक मौजूद है। जब आप ज्यादा स्ट्रेस फील करते हैं आपकी बॉडी में कोर्टिसोल के लेवल बढ़ जाते हैं, इससे आपका मेटबॉलिज्म कम होता है और आपकी जो फैट और शुगर की क्रेविंग है वो बढ़ जाती है।
आरोप। उन्होंने आगे ये भी बोला कि स्ट्रेस से दूर रहिए आप मुझे बताइए क्या आप स्ट्रेस से दूर रह सकते हैं? क्या आपका लाइफ स्टाइल ये होने देगा तो करना क्या है। मैंने अपने थर्टी प्लस के पीरियंस में देखा है कि स्ट्रेस से हम दूर नहीं रह सकते और उसका फर्क भी नहीं पड़ता। फर्क किस चीज का पड़ता है, हम बाउंसबैक कितनी जल्दी करते हैं। 1 ग्लास। अगर आप 10 बार उठाते हैं और रखते हैं आपकी बाजू टायर, नहीं होगी बात अगर आप इस ग्लास को उठाये रखते हैं आधे घंटे के लिए तो आपकी पूरी ये आम दर्द होने लग। जाएगी है न एग्जैक्ट सेम चीज ट्रेस करती है हमारे साथ, तो स्ट्रेस से वापिस कैसे फटाफट बाउंस बैक करना है, अपने लाबडवनकीफ़ोटो देख सकते है, कोई कॉमेडी शो देख सकते हैं। कपिल शर्मा का 1 शो है जिसमें वो आलिया भट आई हुई है। वो पूछता है आलिबटसेकीआपखाते क्या हो मतलब
पानी ज्यादा पीना चाहिए और क्या क्या
चीजें पानी पीना चाहिए। वेजटेबल ग्रीन वेजटेबल चाहिए ग्रीन। इस वेरी गुड फॉर द, बॉडी, एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। चेहरे के लिए बहुत अच्छा होता है तुम बहुत सब्जी खा आलिया भट खाते है। बहुत सारी ग्रीन वेजिटेबल बिल्कुल सही एडवाइस है एंड। यहाँ पर मैं बोलना चाहूंगी की ध्रुव। राजी ने अपने इस वेट क्लास की साइंटिफिक गाइड में बहुत ही बढ़िया तरीके से करेक्ट। इन्फॉर्मेशन शेयर किए की हमको कौन सी फूड नई खाने चाहिए और खाने चाहिए
टू बी, हेल्दी ज्यादातर पैकेज खाना। जितना हो सके आपको उतना अवॉइड करना चाहिए। जो फैक्ट्री में बने ये अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड आइटम्स होते हैं उनमें सारी गलत चीजें डली होती है। मैदा एडेड सुगर आर्टिफिशिल स्वीटनर पा मोयल आर्टिफिशिल फूड कलर्स हाम फुल प्रेजर्वेटिव। आइये पहले देखते हैं कि मैदा किन किन खाने की चीजों में डली होती है। बिस्किट रस्क मठरी चकली, नमक, पारे, फैन, पक, समोसा, कचोरी, पाव, भाजी, बड़ा, पाव, आलू, पैटी, हो, टोक, भटूरे, कुल्चा, तंदूरी, रोटी, नान, मालाबार, पराठा, बीजा, डोनर्स, चाउमिन, प्रिंगरोलसमोमोज, जलेबी, घेवर, गुलाब, जामुन, पैन, केक मफिन्स केक सैंडेज, इन फैक्ट आपके फेवरेट तंदूरी मसाला। छाप में भी 40 परसेंट मैदा होती है और बाकी और खराब चीजें किन खाने के आइटम्स में होती है। बैड ऑयल जो डी फ्राइड चीजें हैं, भटूरे, समोसे, कचोरी, मोमोज इन सबको तो एग्जामपल बताई दिए एडिड शुगर। इसके अलावा कोल्ड्रिंग, साइस्क्रीमकैंडीस, चॉकलेट, बिस्किट, सीरियल्स, पैकेज, जूस खाने के लिए बचा, क्या इन सब चीजों के अलावा इस गलत फैमी में मत होइए क्यूंकि बहुत सारी चीजें बची है खाने इन चीजों के अलावा रोटी सब्जी जिसमें बहुत कम घी या बटर डला हो, इडली, उपमा, पोहा, ढोकला, ऑमलेट, मूंग, दाल, चीला, डोसा, उत्तपम जो बहुत कम बटर में बना हो, दूध, दही, लस्सी, बॉइल्ड, अंडे, नैचुरल, फ्रूट, जूस, चीकू, शेख, अंजीर, शेख, मिसी, रोटी, तवा, पराठा, रायता, बटरमिल्क, जीरा, राइस, बिरयानी, हरा भरा के बाद मशरूम, टिक्का, पनीर, टिक्का ये चीजें देसी, घी, बटर या ओले बॉयल में बनी होनी चाहिए।
राइट हेल्दी होंगे तभी हम हेल्दी वेट क्लास कर पाएंगे और बॉडी अपने आप आपको ऑप्टिमम वेट पर ले आएगी तो वो कौन से फूड्स हैं जैसे आलिया भट्ट ने बोला है की वेजिटेबल्स खाने चाहिए बिल्कुल सही वोही ध्रुव राठी भी बोल रहे हैं। पूजा मखीजा ने बोला है फैट्स खाने चाहिए।
इंसानों का ब्रेन भी सिक्स्टी परसेंट फैट से बना है और यही एडवाइस पॉपुलर न्यूटरिशनिस्ट पूजा मखीजा ने भी दिया था
और ध्रुवराठी ने भी उनको मेंशन किया।
अपने वीडियो में ये जो ट्रेंड है लोफैडडाइटखाने का इसके खिलाफ उन्होंने बोला था। इन्होंने कहा कि फैट्स आपको फैट नहीं बनाते बल्कि ज्यादा फैट खाना और गलत प्रकार का फैट खाना आपको फैट बनाता
है और वो भी बोल रहे है की हमें गुड फैट्स खाने चाहिए और वहाँ पर 1 कैच है। वो बोल रहे है की हमारी कुकिंग एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल में भी होती है तो अच्छा होता है। दोस्तों हम इंडियंस हैं हमारे पास बहुत सारे इंडियन ऑयल्स है जो हम यूज़ कर सकते है जैसे कोकोनेट ऑयल, मस्टड ऑयल देसी घी और क्यूँ वो वाले ऑयल्स में रिकमेंड करती हूँ क्यूँकि उनका स्मोकिंग प्वाइंट हाई होता है और हमारी इंडियन कुकिंग सारी हाई हीट पर ती है। एक्स्ट्रा वर्जन वाले वाइल्ड का स्मोकिंग प्वाइंट कम होता है तो अगर आप वो सैलेड्स पर यूज करें पर्फेक्ट अगर आप फूड सौते कर रहे है वेजिटेबल एंड बाद में गैस बंद करके उसको पर डाले परफेक्ट आरोप अगर आप इंडियन तरीके से उसमे अपना मसाला भूलेंगे नो क्यूँ क्यूंकी स्मोकिंग पौइंट हाई होने से ऑक्सीडेशन हो जाती है एंड वो ऑयल अच्छा खासा हमारी बॉडी को नुकसान पहुंचाने लग जाता है। हैविंग सेड दैट ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में बोला है की हमें मादा नहीं खाना चाहिए, हमे शुगर नहीं खानी चाहिए, हमे डीप फ्राइड फूड नहीं खाना चाहिए। मोस्ट इंपॉर्टेंट ली क्यूँ की वो फाइंड
ऑयल्स में फ्राइड होते है ज्यादातर पैकेज खाना जितना हो सके आपको उतना अवॉइड करना चाहिए। जो फैक्ट्री में बने ये अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड आइटम्स होते हैं उनमें सारी गलत चीजें डली होती है, मैदा एडिड शुगर आर्टिफिशियल, स्वीटनर्स पाम ऑयल आर्टिफिशियल फूड कलर्स हम फुल प्रेजर्वेटिव बिल्कुल सही बात है,
शुगर नहीं खानी चाहिए, मैदा नहीं खाना चाहिए, डी फ्लाइट फूड्स नहीं खाने चाहिए, हमें प्रोसेस फूड्स नहीं खाने चाहिए। जैसे ही आवाज आती है अगर हमें पैकेट खोल के कुछ खाना पड़ता है तो वो हमें बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। और वही आरोप द्रुफराठीनेहमें ये भी बताया है की जब हम थोड़ी देर के लिए इन चीजों को ला कर देते है उन्होंने अपना टी डे चैलेंज दिया है, जिसने भी वो किया होगा चैलेंज आइम शोर बहुत पॉजिटिव फील किया होगा,
थर्टी डेज चैलेंज को पूरा करने के बताना आप कमेंट्स में लिख कर ही की कितना ट्रांसफार्मेशन देखा आपने।
अगर हम थर्टी डेज तक वो नहीं खाते है तो ऐक्चवली हमारा वो खाने का मन ही नहीं करता है सो थैंक यू तो वो वाली चीज बिल्कुल सही बोलेगी हमें फॉलो करनी चाहिए और हम क्या खा सकते हैं। वो भी उन्होंने बहुत अच्छे से बताया है हम बड़ा खा सकते हैं, हम दोस्त खा सकते हैं, हम चीला खा सकते हैं, हम रोटी खा सकते हैं बहुत सारे अलग ग्रेन्स की जिसमे वीट थोड़ा कम हो जाए तो वो बहुत ही बहुत ही सही एडवाइस है हमें फॉलो करनी चाहिए, हमें अपने आप को हाइड्रेटेड रखना चाहिए, आरोप हाइड्रेशन में कोल्ड्रिंग वगैरह खाने से क्या होता है, उसमे बहुत सारा शुगर भरा हुआ है तो वो हमें नहीं खाना चाहिए और जाते जाते 1 चीज और धूम राठी ने बोली है जो मुझे लगता है कि सबके लिए नहीं ठीक है। उन्होंने बोला है कि कीटो डाइट का कोई फायदा नहीं है, थोड़े दिन आपको फायदा करेगा फिर नहीं करेगा दोस्तों, में यहाँ आपको बताना चाहती हूँ की मैंने कीटो पर बहुत रिसर्च किया और मैंने साइकल कीटो किताब भी लिखी क्यूँ? क्योंकि कीटों को सही करने का तरीका है उसको साइक्लिक ली कर पाना बट हैविंग सेड दैट किन लोगो को कीटो करके बहुत ज्यादा फायदा होगा, जिनका भी इंसुलेट रजिस्टेंस है उससे उनको फैट डिलिवर हो सकता है, उनको पी सी ओ हो सकता है, उनके रेगुलर मेंसेज हो सकते हैं, उनको डायबिटिक हो सकते हैं, उनका डिस्कलिप्रिडिमिया हो सकता है, मतलब खराब कलेस्टरॉल बढ़ा हुआ है, दूसरा कम हाइपरटेंशन हो सकता है, ये सब इन्सुलेट रजिस्टेंस है आरोप अगर इन्सुलेट रजिस्टेंस के साथ उनका स्ट्रेस का हार्मोन कोटिसोल या उनका थाइरोइड हार्मोन हम सबको पता है हमारी बॉडी का सी ई ओ हैं, वो ठीक नहीं है तो हमें कीटो नहीं करना चाहिए, हमें पहले 6 हफ्ते अपना कार्टिसोल और थायरॉइड को बैलेंस करना चाहिए, व इटिंग, अ, बैलेंस, हेल्दी डाइट सब कुछ जो बताया गया आपको 6 हफ्ते के बाद अगर आपका कार्टिसोल ठीक आ जाता है, थायरॉइड आपने ठीक कर लिया है सप्लीमेंट के साथ या बिना सप्लीमेंट के दैट इज द टाइम अगर आपका भी भींसंजिस्टंस है तो आप की तो करिए, उसको साई क्लिक की तो बना के करिए। and you will see medical sapping help thank you all the best helly dabati free and join me in my mission ऑफ़ मेकिंग इंडिया डायबिटीज एंड ओबेसिटी फ्री विथ सम गट हेल्थ, क्योंकि गट हेल्थ है जिसकी वजह से पूरी हेल्थ है।
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