Functional Medicine Masterclass on Autism Management

In this live webinar Dr. Priti Nanda Sibal guides parents of children with autism and ADHD through a functional‑medicine based management plan. She explains how comprehensive gut‑related laboratory panels (blood, urine, stool, and specialized gut‑health tests) are interpreted to identify nutritional deficiencies, toxic load, infections and dysbiosis. Based on these results she outlines a step‑by‑step supplement protocol, dietary adjustments (removing toxins, correcting micronutrient gaps, supporting the immune system) and the sequencing of therapies (low‑dose oxygen, hyperbaric oxygen, behavioral interventions). The session also covers practical logistics – how to arrange testing in different Indian cities, cost considerations, discounts, and the recommended frequency of therapy sessions. Dr. Sibal emphasizes parent involvement, community support, and ongoing follow‑up, inviting participants to join an online autism‑parent community, share resources, and schedule one‑on‑one consultations. Throughout the talk the tone is instructional, supportive and solution‑focused, aiming to empower families to implement a personalized, evidence‑based care plan.
Chapters
socaनeteces a a।
वो
किससे बात करे हो गया
से
ही देर स ऑफ टेनिया
a। अब स्टार्ट होगी सर मीटिंग good after everyबoडीएंड। थैंक यू फॉर ज्वाइनिंग अगर आप किसी और पैरेंट को जानते हो न जिसको आर्टिस डी डी डी एच डी है तो 1 मेसेज भेज सकते है उनको भी ज्वाइन करने के लिए क्योंकि इसकी रिकॉर्डिंग शेयर नहीं होगी। ठीक है ं पॉपर्स स वेबिनार का बहुत सिम्पल है बहुत सारे लिटरेचर में अब कुछ और चीजें भी ऑटिजनामेडीडीडीएचडी वगैरह की आ रही है साइंटिफिकली की वो चीजें ठीक करने से चिल्डरन कैन फील बेटर एंड द फोर थॉट की आज 1 एडुकेशन के रीजन से 1 बारी आपके साथ शेयर कर लिया जाए कि बेसिकली हम ऑटिज्म को कैसे देखते हैं और आपको और क्या क्या आप देख सकते हो टू सी कि आपका बच्चा कितना बेटर फील कर सकता है। ठीक है हिंदी में करुँगी मेरी वेबिनार मेजोरिटी पहले ही बता रखा था मैंने ताकि आप लोगो को बढ़िया से समझ में आ जाए एंड वी आर कंफर्टेबल टॉकिंग अबाउट कोई चीज नहीं समझ आएगी तो आप चैट बॉक्स में पूछ सकते
है
अब इससे पहले की मैं शुरू करूँ आप लोग 1 बार ही मुझे चैट बॉक्स में बता दीजिये की आपने कौन सी सिटी ऐसी वेबिनार ज्वाइन किया है और थोड़ा जल्दी लिखेंगे 1 घंटा दूंगी मैं उसमे जितना ज्यादा मैं आपके साथ शेयर कर पा हूँ उतना अच्छा है डॉक्टर प्रतिभा वेलकम ग्रेट नित्या हेलो ओके yes everybody please hello ravi nkg ndli from gujrat ashwin jammu nu from gurugram get pracy। फ्रॉम डेली ओके कोलकाता हैमबर्ग बैंगलोर वाराणसी वर नाइस आपने कुछ सीखने के लिए ज्वाइन किया है तो नंबर वन दे 2 मुझे मेसेज में और अगर आपके घर में कोई लफ्डवन है जिसको ऑटिसरमडीडीडीएचडी ऐसी ोई भी प्रॉब्लम है तो टू दे 2 परफेक्ट जिन्होंने भी मुझे टू दिया है न वो प्लीज अपने फोन पे 2 मिनट लगाओ और इस मैसेज को शेयर कर 2 वित एनी अदर पैरेंट यू नो जो कि इस प्रॉब्लम से जूझ रहा है सेल्स लेट्स टेक टू मिनट्स एंड शेयर इट विद मोर पeoपल परफेक्ट एंड बाकी जो यहाँ पर है प्लीज अपनी स्टोरी या जो भी अभी सिमटम्स है या जो भी प्रॉब्लम आप जूझ रहे हो जिसको आपको सॉल्यूशन ढूंढना है जिसके लिए आप यहाँ पर आये हो वो मुझे चैट बॉक्स में लिख 2 ओके नो लैंग्वेज और बताओ एगरेसive बिहेवियर सोशल डेवलपमेंट में प्रॉब्लम नो डेवलपमेंट इन लैंग्वेज इन कॉm्pीenशoन स्पीच डिले स्लीप इशू रिग्रेशन इन डेवलपमेंट सॉलूशन फॉर ए डी एच डी नो स्पीच नो लैंगवेज जन एबल टू टॉक हैविंग स्लीप इशू गेटिंग वेरी हाइपर स्पिटिंग बाइटिंग स्पीच डिले थ्री प्वाइंट फाइव यर्स नो वर्ल्ड नो लैंग्वेज ओके बिफोर स्टार्ट 1 लास्ट चीज जो मैं आपसे पूछना चाहती हूँ अभी तक आप क्या क्या ट्रीटमेंट स्ट्राइक कर चुके हैं और आपको किस चीज में इम्प्रूवमेंट मिला है क्या क्या ट्राई कर चुके हैं ट्रीटमेंट सिक्स यर्स ओके स्पीच थेरपी ऑकुपेशनल थेरपी लास्ट डे टीन यर से थेरपी चल रही है स्पीच थेरपी एन एल कार्टन मेडिसिन ओके स्pीctेrpीओटीस्पी थेरेपी, त्याने स्टेंसेल्सआर्युवेदा फंक्शन मेडिसिन गेव गुड इम्प्रूवमेंट, थैंक यू नित्या फॉर बीइंग हर स्पीच स्पेशल एजुकेशन सिक्सर जोल्ट ब्रेन बूस्टर ऑल थेरपीज नवदीप जी वैल्यू से ऑल थेरपीज तो थोड़ा सा लिब्रेट करेंगे क्या थेरेपीज, बिकॉज यहाँ पे सिर्फ मैं ही नहीं पढ़ाना चाहती हूँ। हम यह भी जानना चाहते हैं कि ओके स्वप्ना वेरी नाइस फीलिंग का स्लाइड डिफ्रेंस की आप लोगों ने क्या क्या किया है। ताकि बाकी पैरेंट्स यहाँ पर है, वो भी डिसीजन ले पाएगी डू दे वान्ट टू ट्राई ट है न नवी जेडी आप कहाँ पर रहते हैं? ग्रेड सविता आर्युवेदा फिक्स, सम, गट इश्यूज लाइक कांस्टीपेशन ये बहुत कॉमन चीज है कि हम देखते हैं कि इन बच्चों में गट के कुछ कुछ इशूज रहते ही हैं पर समभाव वो इग्नोर हो जाते हैं या उनके कोई खास काम करता नहीं है। स्पीच ओटी a b a थेरपी, ओके हम पे थी मेडिसिन है परफेक्ट, तो आज मैं 1 नया तरीका दिखाने वाली हूँ आपको नया तरीका का मतलब है 1 अलग टाइप साइंस है न जो की यह नहीं बोल रही है कि आप जो कर रहे हो वो मत करो पर ये बोलना चाह रही है कि जो आप कर रहे हो इसके अलावा भी आप कुछ और कर सकते हो। अगर आपको पूरा सॉल्यूशन उतना नहीं मिला है या आप कुछ और करना चाह रहे हो तो आप लोगो को मेरी स्क्रीन दिख रही है तो प्लीज मुझे चैट बॉक्स में येस बोल 2
ई
डेंट, रिलाइज डूइंग, फुल वेबिनार इन हिंदी, सो डिफिकल्ट, बीकाज आई डोंट, नो, आई, थिंक वी आर यूज तो हिंदी एंड इंग्लिश मेक्सी पर ठीक है जी आपको स्क्रीन दिख रहा है थैंक यू वेरी मच, थैंक यू फॉर योर, पार्टिसिपेशन एंड मैं आपके साथ 5 बजे तक बात करूंगी। आपके अगर कुछ सवाल रहे गए तो डोंट वरी अगर मेरे पास ज्यादा सवाल आएंगे तो मैं ने दोबारा ऐसी उन क्वेश्चन के आंसर लेकर आपके पास आऊंगी और 1 बार देखते है की हम इन बच्चों के लिए साइंस क्या कह रही है की और हो क्या सकता है कोई भी क्वेश्चन होगा बीच में तो आप प्लीज अपने चैट बॉक्स में लिख दीजियेगा मैं उसको देख लूंगी में अपने ऑडियो चेक कर लो एंड टीम में से कोई जाना प्लीज की पैडमिटिंग पीपल जो अभी ज्वाइन कर रहे तो सबसे पहले तो ये सारे नाम देख लो। ये सब वो लोग हैं जिनको की आरटिजडीएचडीयाडडी था, चार्ज, जाविन, lिोनाडोडाविंसी, अलेक्जांडर, ग्रानबेलबेंजमिन, फ्रैंक्लेन, बिल, गेट्स, स्टीव, stelbrgbobificr, jerisenfilड, सिर, बैड, हंस, tin, सो, what कांटो से ज की ये किसी भी तरह से यह नहीं बोल रहा है की आपका बच्चा सक्सेसफुल नहीं होगा, इन फैक्ट चांसेज की आपका बच्चा ज्यादा सक्सेसफुल होगा वो ज्यादा है, है न बेकार सी सो, मेनी पॉपुलर, पीपल हैड, दिस प्रॉबलम, पर, थोटिजमहाइपरएक्टिविटी डी, एच, डी, लर्निंग, डिसॉडर सब कुछ। तो जो लोग यहाँ पर मेरे बारे में नहीं जानते हैं, बस में थी सेकंड सुनूंगी अपने बारे में बताने में क्यूंकि आज ये पर्पस ही नहीं है मैं इस लाइन में इसलिए आई बिकाज मेरी तबियत बहुत खराब थी, सेंटर में डायबिटीज था और ये सारी बीमारियाँ थी। ठीक है एंड मुझे समझ में आया की मेरे लिए कनवेंशनल मेडिसिन समा असर करना बंद हो चुकी थी। एंड ढूंढते ढूंढते जब मैं सल्यूशन ढूंढ रही थी तो आई कम टू नो की फंक्शन मेडिसिन शायद मेरी हेल्प कर सकता है। एंड imसohap्पी टू टेल यू की ये सारी प्रॉब्लम्स मेरी खत्म हो चुकी है। तो अ लार्ज लार्ज लार्ज एक्सटेंट थर्टी यर्स प्लास्टिक इक्सपीरियंस है। मैं नइनटीiनइनबैचअिसर मेडिकल कॉलेज से हूँ, मैंने अमेरिकन एकेडमी ऑफ टीजिंग मेडिसिन से अपना फंक्शनल मेडिसिन किया है। n m n m बी फ्रॉम आम लखनऊ एंड द प्रेजिडेंट ऑफ़ इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ फंक्शनल मेडिसिन और जो मैं कर रही हूँ बस पैशन के लिए कर रही हूँ। आई थिंक बाकी सब तो हो चुका है, ठीक है। तो सबसे पहले देखते है की आड में सबसे इम्पोर्टेंट चीज हम क्या कर सकते हैं। तो सबसे इम्पोर्टेंट चीज जो हम कर सकते हैं इसकी उनको जल्दी कैच देम। अरली जितनी जल्दी हमें पता चलेगा की कुछ प्रॉब्लम हो रही है उतनी रिकवरी फास्टर होगी। ठीक है जी अब कैच देम। अरली में मुझे लगता है वो पेरेंट्स जिनके बच्चों को है या वो पेरेंट्स जिनके बच्चों को नॉलेज है उनकी बहुत बड़ी रेस्पांसिबिलिटी हो जाती है, ताकि वो लोग यू नो कुछ कुछ शेयर करते रहे, अपने सर्कल में, फ्रेंड्स में जेनरली शेयर करते रहे, अपने बच्चे की जरुरी नहीं है, बात शेयर करें ताकि लोग इसकी बात करे। अब बात करना जरूरी क्यों है, आपको पता है अभी जो रीसेंट डेटा आ रहा है वो कह रहे है की वन फॉर्टी फाइव बॉयज एंड ऑन फिफ्टी सिक्स गर्ल्स, ये डेटा बदलता जा रहा है। पर रफ आइडिया दे रहा है की कहाँ 5000 में 1 बच्चे को ये होता था 50 साल पहले और आज 50 में से 1 बच्चे को ये हो रहा है। है न? तो ऐसा क्या हो रहा है की इतनी ज्यादा स्पीड से ही हो रहा है। दिस इज द रीजन की हमको इसकी अवैरनेस भी क्रिएट करनी है और बात भी करनी है। कुछ चीजें जो हमें ध्यान रखनी चाहिए। छोटा जब बच्चा की एक्सिलेट ग्रो हेड जल्दी से तो नहीं बढ़ने लग गया। ऐसा तो नहीं है की बच्चा आँखों में आँखें डाल कर बात नहीं करना चाह रहा है, आई कॉन्टैक्ट नहीं कर रहा है। ऐसा तो नहीं है कि पैरेंट्स बुला रहे है बट वो उनके बुलाने पर जवाब नहीं दे रहा हँस, नहीं रहा बातें नहीं कर रहा है। ऐसा तो नहीं है कि आस पास उसको कोई सराउंडिंग्स में इंट्रेस्ट नहीं रह रहा है या वो रोता जा रहा है। आई एम सो थैंक फुल टू ऑल दी डॉक्टर्स इन हेल्थ कोचिज जो मुझे ज्वाइन कर रहे हैं। आई थिंक। आप लोग भी मुझे बहुत एनर्जी देते हो, थैंक यू वेरी मच कॉन्टीन्यूस ली रोता तो नहीं जा रहा। पहले तो बिल्कुल ठीक था पर आजकल आप 1 पैटन देख रही हूँ की बहुत रोता जा रहा है, फिजिकली थोड़ा वीक सा लग रहा है, वॉकिंग देर से शुरू की है, क्रॉलिंग देर से शुरू की है, सेंसर सेंस्टिविटी है। पेरेंट्स जैसी कुछ टच करते है तो पीछे को मुँह हटा लेता है। ऐसे करके बॉडी पीछे को करता है हिस्ट्री की ब्रेस्ट फीड कम हुआ है, बॉटल फीड ज्यादा हुआ है, सॉलिड फूड नहीं खाना चाह रहा है बच्चा काफी देखो सिक्स मंच में हम विनिंग शुरू कर लेते है। अगर बच्चा सिर्फ दूध की तरफ ही जा रहा है। सॉलिड फूड पे बस नो कर रहा है, टच नहीं करने दे रहा है। ये काफी इनिशियल साइंस है बताने के लिए की वी शुड गो टू कंसल्ट समबडी जो की हमें इस लेवल पर हेल्प कर सकता है। स्पीच भी हमें बहुत गाइड कर सकती है कि हमारा बच्चा कहीं आटिज्म की तरफ तो नहीं जा रहा है। स्लो और नो रिस्पांस टू नेम बिंग कोल्ड जनरली आप देखोगे पैरेंट्स आपको के हिस्ट्री देते है, मुझे की कुछ महीनों से न आवाज देते थे तो यह जवाब नहीं दे रहा था। है न डिलेट और एक्सल्स ऑफ़ जेस्चर्स लाइक पोइंटिंग वगैरह लैंग्वेज डेवलपमेंट नहीं हो रही है। सिंगल वर्ड्स बोल रहा है, बच्चा रिपीट कर रहा है, कोई टीवी देख रहा है। बहुत दिनों बाद वो उस वर्ड को रिपीट करने जा रहा है, पेरेंट ने कुछ बोला वो उसको आगे रिपीट कर रहा है। इस कॉल्ड कोलेजिया है न। तो ये जो चीजें हैं हमें टेंशन देनी है बिकॉज दिस्कुटऔलसुबीइंडिकेटिंग की कुछ हो रहा है। तो अगर हम देखे तो 3 जगहों पर हम बांध सकते हैं आपके जम के सिमटम्स को पहला सोशलाइज्ड बच्चा सडल कम करने लग जाता है इंटरेक्शन नहीं करना चाहता और अलग अलग रहता है आप 1 कमरे में बैठाओगे उसको वो कोने में जाके बैठ के अपनी किताब पेंसिल लेकर कुछ कर रहा होगा। कम्यूनिकेशन कम हो जाती है नॉन वर्बल स्पेशली बोलना तो चलो शुरू नहीं किया उससे पहले भी न वो वर्ली भी आपको आई टू आई कॉन्टेक्ट नहीं करता, आपको टैक् नहीं करने देता, आप बोलते हो आपकी तरफ टर्न नहीं करता है, रिलेशनशिप में रिलेशन नहीं बनाता, दूर दूर रहता है टैक्स वगैरह उसको पसंद नहीं है। ज्यादा डी एच डी में भी आपको 1 होगी की पेशेंट फोकस नहीं कर पाता। ज्यादा ब्रेन थोड़ा इन्फ्लेम्ड होता है, डिस्ट्रेक्टेड रहता है, फटाफट अभी कुछ कर रहा था कुछ और कर रहा है। है एंग्जाइटी बहुत होती है इन बच्चों में एंड लर्निंग बिहेवियर बहुत टिपिकल एजिटेटेड इनको पढ़ाना बहुत मुश्किल हो जाता है। तो जेनरली इन पेशेंट्स में ए डी एच डी के साथ आपको 1 सी हो गया, गत की प्रोब्लम हो गई, स्लीप की प्रोब्लम हो गई। अभी मैंने देखा चैट में बहुत सारे पेरेंट्स ने बोला स्लीप का इशू है, है न क्यूंकि इन बच्चों में होता है खाना नहीं खाएंगे सब कुछ बहुत ही रिस्ट्रिक्टिव खाना रखते हैं इनके खाने को, बदलने में पैरेंट्स को बहुत बहुत बहुत ज्यादा एफर्ट लगाना पड़ता है इनको बैलेंस खाना देना इन बच्चों को बहुत मुश्किल हो जाता है लर्निंग में भी जो चीज अच्छी करेंगे वो अच्छा करेंगे और जो नहीं करेंगे वो बिल्कुल नहीं करेंगे। अब से सिर कंपलसिव डिजीज की तरह कुछ चीजें को करनी ही है। ठीक है तो यह देखने के बाद ये चीज बड़ी समझने की जरुरत है कि क्या सिर्फ जींस ही है जो डिसाइड करते हैं कि यार हमारे बच्चे को ये प्रॉब्लम होगी कोई न कोई आप में से कितने लोग यहाँ सोचते हो की ये जेनेटिक ही है। प्लीज चार्ट जीपीटी में क्या ये सिर्फ जेनेटिक है या क्या और भी रीजन हो सकते हैं। बिल्कुल सविता को, वरन बहुत ही अमेजिंग सप्लीमेंट है। अगर चेकिंग करके दिया जाए। एंड बाकी सप्लीमेंट की भी मैं बात करूंगी क्योंकि अब तो कंवेंशनल मेडिसिन यानि की आलोपेक्तिजर्नल्स में आर्टिकल्स आ रहे हैं जो की बोल रहे हैं कि हमें करना है नोट शर थैंक यू सो जीन्स का रोल है। पर ये सिर्फ जेनेटिक प्रॉब्लम नहीं है। तो अगर कोई भी यहाँ पेरेंट हैं जो इस गिल्ट में है कि जेनेटिकली मेरे बच्चे को हो गया। बिकाज ऑफ मी आई थिंक वो गिल्ट नहीं होना चाहिए। हां लाइफस्टाइल ने इम्पैक्ट किया हमारी और हेल्थ कंडीशंस ने इम्पैक्ट किया हमारे गट माइक्रो, मायूम ने इम्पैक्ट किया तो वो डेफिनिटली हो सकता है बट भी उसका क्या कर सकते हैं। ठीक है तो इस होल बॉडी डिसॉर्डर, ये ऐसा नहीं है की सिर्फ 1 जेनेटिक प्रॉब्लम है ब्रेन की नो हमारी बॉडी में, हमारे गट में, हमारे न्यूरो ट्रांसमीटर में क्या हो रहा है, उस हिसाब से बॉडी उसको ले पा रही है की नहीं ले पा रही है। ये सिचुएशन अराइज होती है। तो इट इज नॉट ओनली जेनेटिक, ये होल बॉडी डिसऑर्डर है। और आज जितने भी लोगों ने यह वेबिनार ज्वाइन किया है फाइव फॉर्टी लोग, ठीक है आप न ये 1 स्लाइड अगर समझ लोगे तो आप बहुत कुछ और कर पाओगे जो अभी आपको कॉन्फिडेंस नही आ रहा करने का शायद आपको किसी ने बताया है की आपको करना है आर यू आर नौट फीलिंग दैट कॉन्फिडेंट है न? तो वो क्या क्या है सबसे ऊपर से शुरू करते हैं कई बच्चों में ट्रिगर हो जाता है। वैक्सिनेशन के बाद तो बहुत से लोग बोलते है की वैक्सिनेशन इसका कारण है। मैं बोलती हूँ वैक्सिनेशन सिर्फ इसका ओनली कारण नहीं है। पर हाँ जिस बच्चे में टेंडेंसी ऑलरेडी ज्यादा थी वैक्सिनेशन 1 ट्रिगर बन जाता है। कुछ बच्चों में ठीक है। तो अगर हम बच्चे को पहले ही ध्यान से देखे और उसकी हेल्थ पर थोड़ा सा ध्यान दे और अपनी हेल्थ पर थोड़ा ध्यान दे तो वैक्सिनेशन ट्रिगर नहीं भी बनेगा राइट टॉक्सीसिटी अब ये टॉक्सीसिटी इतना इतना इतना बड़ा रीजन है न एनवायरमेंटल टॉक्स सिटी एंड जो फूड में हम टॉक्सिन्स ले रहे हैं। 22 चीजें। तो अगर मेरे पास क्लार्टिज्मका पेशेंट आता है सबसे पहली चीज जो मैं उनसे पूछती हूँ क्या आप इन दोनो टॉक्सिन्स पे काम करने को रेडी हो? जितना भी लगेगा रीजन बी अगर इसपे रेडी नहीं हो तो आप ऊपर जितनी मर्जी थेरेपीज करा लो, जितने मर्जी सप्लीमेंट्स दे लो सेल जो भी अगर आपकी बॉडी तैयार नहीं है तो आपको असर नहीं मिलेगा है न। अनफॉर्चुनेटली मकान बनाने के लिए निज सॉलिड रखनी ही पड़ती है जबकि वो बहुत इरिटेटिंग होता है, घर भी बन रहा होता है निज में इतना टाइम लग रहा होता है पर कोई भी आपने बिल्डिंग देखी है जो बिना नीज बनाये बन जाती है। चेकबॉक्स में यस सर नो नीज के बिना ही आपकी बिल्डिंग बन जाती है। नही बनती है न। 1 से है मेरा फोन बाहर न जा सौरी तो नहीं बनती। है न। वैसे जब तक हम बॉडी को क्लीन नहीं करते हैं तब तक नहीं बनती है। ठीक है देन जेनटेक्स जेनेटिक भी इम्पॉर्टेंट रोल प्ले करता है पर मार्जिनल कुछ परसेंटेज ठीक है फॉल्टी मेथिलैशन सल्फेशन अभी लुकोवेरिनकामेरे से किसी ने पूछा बिल्कुल क्यूंकि फॉल्टी मिथलेशनहोना या सल्फेशन होना बॉडी को टॉपशंसरिलीजनहीं कराने देता। बॉडी के पूरे फंक्शनिंग और माइटोपंडरलफंक्शन को भी इम्पैक्ट करता है। है न? तो ये बहुत इम्पोर्टेंट रोल है जिसकी वजह से डिटॉक्सिफिकेशन कम होती है, डायजेशन कॉम्प्रोमाइज होती है, लीकी गट हो जाता है और इंफॉर्मेशन होती है। है न जी। तो दिस वन थिंग जो की लुकोवेरिनबहुत इम्पैक्ट कर सकता है वो ये चारों चीजें सही कर देता है। दूसरी तरफ टॉक्सी सिटी में बहुत सारा डेटा है कि मकरी बहुत रोल प्ले करती है एंड बहुत सारे वैक्सीन में भी मकरी होती है मकरी हमारे पानी में है, खाने में है, क्यूंकि हमारी सोयल में है एंड वो एवं गोल्ड में मकरी मिली होती है। तो आजकल तो मैं अपने पेशेंट्स जिनमें मकरी आई होती हूँ उनकी सारी ज्वैलरी हटवा देती हूँ। फॉर फ्यू मांस ठीक है बिकाज बॉडी कहाँ ऐसी कितनी लेरी हमको पता नहीं है न। तो और क्लीन नहीं करेंगे तो कुछ भी और हमारे फायदे का ही होगा। बिकाज दिस इम्यून फंक्शन डिस रेगुलेशन हो जाता है। मैंने बहुत सारे आर्टिस्टिक बच्चों में देखा है की हेल्थ की वजह से, न्यूटीशनल डेफिसेंसीज की वजह से, टॉक्सीसिटी की वजह से, उनका म्यूनफर्म्शन उतना अच्छा काम नहीं करता। तो दिस इज आलसो माई वन ऑफ़ दी। फर्स्ट सार्टिंग थिंग साई दू। मैं उनके मयून सिस्टम को डिफ्रेंट टेस्ट करके चेक करती हूँ और फिर उसको वाइटमिन डी सी कॉपर जिंक की अच्छी रेशो मेंटेन करके जो की अगेन स्टडीज आ रही है जो बता रही है की जनरली आर्टिस्टिक बच्चों में कॉपर ज्यादा और जिंग कम होता है। है न? तो ये छोटी छोटी चीजें हैं जो रिजल्ट दे सकती हैं। एंड क्या कहते हैं बूंद बूंद से सागर भरता है न। तो हमको तो अपने बच्चे की बॉडी के सारे फंक्शन को सही करना है। है न एंड ऑवियसली हर फंक्शन जब हम सही करेंगे तो बच्चा बेटर फील करेगा। अब हिस्ट्री ऑफ़ एंटीबायटिक्स अगर बच्चे में है बर्थ के जस्ट बाद उसको बहुत एंटीबाइटिक देने पड़े गए या मदर ड्यूरिंग प्रेगनेंसी बहुत एंटीबाइटिक पे थी या बाद में जब ब्रेस् फीड कर रही थी उसकी वजह से क्या होता है आपका सारा गुड बैक्टीरिया खराब हो जाता है और बहुत सारा ईस्ट फंग्स मोल्ड जो है बॉडी में बढ़ जाता है। अब मोल्ड टॉक्सिसिटी एंड ईस्ट ऐसे इन्फेक्शन से है जो आपके मयून सिस्टम को कॉम्प्रोमाइज करती हैं गट में अच्छा बैक्टीरिया नहीं रहने देती है एंड आई थिंक आप सबको पता है पैरेंट्स को यहाँ पर की हमारे गट में एटी पर्सेंट ऑफर न्यूरो ट्रांसमीटर्स बनते हैं, हैं न अगर 80 परसेंट न्यूरो ट्रांसमीटर गट में बनता है और आप सबको यह भी पता है कि आटिस्टिक बच्चों में डी डी ए डी एच डी में न्यूरो ट्रांसमीटर्स का इम्बैलेंस होता है किसी में ग्लूटामेट ज्यादा होता है, किसी में कैटाकॉलमींस कम होते हैं, किसी में डोपामीन कम होता है। है न न्यूरो ट्रांसमीटर्स अगर बैलेंस में नहीं होते तो आपके मूड नहीं बैलेंस में रह पाते हैं। है न जी आप इरिटेटेड होते हो, एंग्जाइटी होती है एंड वो सब ठीक करने के लिए हमको न्यूरल ट्रांसमिटर्स बैलेंस करने पड़ते हैं जिसके लिए हमको गट, हेल्थ, इंफॉर्मेशन टॉक्सिन्स और म्यू फंक्शन हर चीज पर काम करना पड़ता है। है न माइक्रोबियल एम्बेलेंस बहुत जरूरी है अब 1 जो इतना सिम्पल इम्पोर्टेंट और बहुत सारी स्टडीज में बताया गया पॉइंट है बत अनफॉर्चुनेटली बहुत से पैरेंट्स को अभी तक वो कॉलेज भी नहीं मिल पा रही है एंड ई हम ले रिक्वेस्ट ऑल ऑफ यू प्लीज आपस में शेयर करो सो that no we get a hely community। अब ग्लूटन सेलरी और फूड sensiviti का बहुत बड़ा रोल है। तो जब मैंने बोला की टॉक्सिन हटाएंगे तब हम बकरी हो गया पेस्टिक साइड्स हो गया आपका जितना भी जो यूटेंसिल्स यूज करते हैं उससे जो टॉक्सिन्स रे है वो हो गए और फूट से जब टॉक्सिन हटाएंगे तो हम इनफॉर्मेटरी फूट हटाते है ग्लूटन डेरी एग्स कई पेशेंट्स में औरेंज तक हमको अवॉइड करने पड़ते है। आई हैव सीन चिलर इम्प्रूविंग वेन वी रिमूव ऑल दिस राइट। तो ये जो टेबल हैं न आपको इसका ध्यान रखना है न्यूट्रल डेफिसेंसीज में वी हैव सीन के आर्टिस्टिक बच्चों में वाइटमिन डी बीज ओमेगा थ्री से काफी खराब सिचुएशन में होता है कॉपर जिंक का रेशु मैंने आपको बता दिया कॉपर ज्यादा होगा जिंग कम होगा तो ये सारी चीजें बैलेंस करना बहुत जरूरी है आज ही स्टडी पढ़ tosna twenty five में छपी people have स्टडेड system and लuकोवोरनएंडहैव फाउंड कुड ट्रांसफॉर्मेशन इन दी पेशेंट्स जिनको की ऑटिज्म एडीडी या ए डी एच डी है तो अपना कनेंशन मेडिसिन और चेकिंग कर रही है ठीक तो ये वाली 1 स्लाइड किसी को डाउट है स्लाइड पर, किसी को कोई कंफ्यूजन है, किसी को कोई क्वेश्चन है ये तो रमिता फर्स्ट टेप, इज डाइट क्लीन करना और एनवायरमेंट क्लीन करना उसके बाद न्यूट्रीशनल डेफिसेंसीज ठीक करनी है उसके बाद आपको हैवी मेटल्स पेस्टिसाइड्स एन टॉक्सिंस हटाने हैं फिर आपको ब्रेन की इन्फॉर्मेशन ठीक करनी है आपके जो इनफॉर्मेटरी साइटो टाइम्स है वो ज्यादा रिलीज होते हैं इन बच्चों में वो ठीक करना है फिर आपको मिथलेशन ठीक करनी है न्यूरो ट्रांसमीटर्स बैलेंस करने है और गट माइक्रो बायो में आपको ईस्ट मोल ठीक करना है 1 और चीज है बहुत सारी स्टडीज आप बता रहे है की इन बच्चों में क्लास्ट्रीडिया इन्फेक्शन बहुत कॉमनली मिलता है ठीक है आप क्लास्टीडियाइनफेक्शन बहुत देर तक हॉस्पिटल स्टे हो उसमे भी हो जाता है। बहुत देर तक एंटीबायटिक्स लिया हो बच्चों ने, उसमे भी हो जाता है पर अदरवाइज एनवायरमेंट से भी हो जाता है एंड इट इज अ वेरी डिफिकल्ट वाक टू क्लीन। ऐसे ही इन बच्चों में स्ट्रेप इंफेक्शन कुला इंफेक्शन मिलता है बट ये जो इंफेक्शंस है इसमें एट लीस्ट, फंक्शनल मेडिसिन के हिसाब से हम माइक्रो वायु को बेहतर करते हैं पर हम कोई भी एंटीबायटिक नहीं देते हैं। ठीक सो इट्स वेरी डॉक्टर को बड़ा इनफॉर्म डिसिशन लेना है ताकि किन इन्फेक्शंस के लिए आपको लेना ही लेना है कोई आंटी, कोई हबल चीजें जो की इसमें हेल्प करे। अब 1 लाइन डिजीज है जो इंडिया में पहले उनको देखने को मिलती ही नहीं थी। 5 साल पहले मैं चेक करती थी लाइन डिजीज के लिए पर अब बहुत सी आर्टिस्टिक बच्चों में मुझे वो भी पॉजीटिव मिलती है एंड आप समझो जब 1 बॉडी उन सब से फाइट कर रही है तो उसका पूरा इम्यून सिस्टम, उसका न्यूट्रीशन, उसका डीटॉक्स का पूरा पोटेंशियल सब कुछ तो वही लगता जा रहा है। तो बॉडी नॉर्मल फंक्शन करेगी। कैसे है न। एंड इन बच्चों में देखा गया है की टेम्पोरल लोब एंड फ्रंटल ये 2 एरियाज ऑफ ब्रेन ज्यादा इम्पैक्ट हुए होते है इसी लिए स्पीच एंड बिहेवियरल एफर्ट ज्यादा इम्पैक्ट होता है। ठीक है तो प्लीज इस फ्लाइट को न आप नोट्स बना के देख लो 11 चीज पे धीरे धीरे या 1 साथ खुद या डॉक्टर के साथ प्लीज उसपे काम करो। यू विल सी, अ लॉट ऑफ एफेक्ट सो वाटर ट्रेन टू सी, इज, ए टी टू एटी फाइव परसेंट जो रीजन्स हैं वो हमारे एनवायरमेंटल है, फंक्शनल है और 5 से 10 परसेंट है जो डी लोगो जी म्यूटेशन हो चुकी है उसकी वजह से है है न। तो ऑलमोस्ट नाइनटी परसेंट केसेज में आप बेहतर इम्प्रूवमेंट ले सकते हो। है न और बड़ी इंट्रस्टिंग बात में आपको बताने वाली हूँ। ये बात सुनकर आप सबके चेहरे पर स्माइल आ जानी चाहिए। जो भी इसका सॉल्यूशन देख रहे हैं एटलीस्ट वन मोर होप तो है ही इन बच्चों में हमें बहुत ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस दिखता है। हमें डिस बायसिस दिखता है। स्मॉल इंटस्टाइनल बैक्टीरियल, ओवर ग्रोथ फंगल, ओवर ग्रोथ पैरासिटिक इंफेक्शन लाइन इन्फेक्शन वायरल लोड साइटूमगेलोवायरस। काफी कॉमन ली हमें इनमें दिखता है। फूड इंटोल्ेंसेजएनफेंस्टिविटीज की हिस्ट्री होती है जो अनफॉर्चुनेटली हमें पता नहीं चलती। पहले पैरासिटिक इन्फेक्शन मैंने बता दिए जनरली आप देखोगे। कुछ बच्चे न रात को ज्यादा एडिटेट होते हैं। ठीक है फुल मून डे के अराउंड बहुत इरिटेट होते हैं अपने प्राइवेट पार्ट्स को टच करते रहते हैं तो वॉकिंग करते हैं। इन सब बच्चों में देखा गया है कि अगर पैर साइट्स पर काम किया जाए तो आपको रिजल्ट मिलता है। आई जी इ लेवल्स इन बच्चों में आपको हाई मिलता है। जनरली बिकॉज ऑफ पैरसाइड बिकाज लरजी एंड वो जो है न वो इनफॉर्मेशन बढ़ाता है इनका। अब ये बच्चों में ग्लूटाथयोन प्रोडक्शन कम हो रही होती है पर बहुत कैयरफुल रहते हमें ग्लूटाथयोन देना होता है। बिज। कई बच्चे ऐसे होते हैं जिनमे ग्लूटाथयोन ग्लूटामेट से गाबा में कनवर्ट नहीं होता तो वहाँ हमें उसका सिस्टम सही करना है। ये नहीं कि बस सप्लीमेंट दे देना है। इसी लिए सेल्फ सप्लीमेंटेशन हमें नहीं करनी चाहिए अपने बच्चों के लिए हमें उसके लिए भी 1 डॉक्टर को सारी रिपोर्ट्स दिखा के प्रिस्क्रिप्शन लेनी चाहिए। टॉक्सिंग बॉर्डर मैंने आपको बताया नौकरी इन बच्चों में बहुत ज्यादा होता है कुछ बच्चों में अल्मूनियम और लैड भी हमें ज्यादा मिलता है। ग्लाइफोसेट का एक्सपोजर बहुत मिलता है जेनेटिक्स ऑफ़ कोर्स कुछ रोल है वैक्सिनेशन के बाद कइयों को होता है रीनोडैटअबइन। बच्चों में वाइटमिन डी बहुत लो मिलता है हमको क्यूँ क्यूँकि न जेनरली इनका जो वाइटमिन डी रिसेप्टर जीन होता है न ये उसको सेंसिटिव नहीं होते। तो अगर 1 बच्चे को हजार आयु वाइटमिन डी से असर आता है इनको 5000 आयु वाइटमिन डी से आता है एंड वाइटमिन डी। हमें पता है कि ऑटोम्यून कंडीशन्स में बहुत सारे लोग ये भी सोच रहे हैं न कि ऑटिज्म में भी ऑटोम्यूनिटी का 1 एलिमेंट हैं राइट। तो एंड आपको पता है कि कोमरा प्रोटोकॉल में हम हाई डोज वाइटमिन डी यूज करते हैं ऑटोम्यून कंडीशन्स के लिए और मैंने अपने कुछ आर्टिस्टिक बच्चों में यूज किया है वो एंड पैरेंट्स से रिपोर्टेड बैक की उनको फायदा हुआ है सो ओनली इम्यून सिस्टम पर काम करके वाइटमिन डी एन जो भी है पूरा प्रोटोकॉल है। बच्चों में कुछ इम्प्रूवमेंट देखने को मिली है पैरेंट्स को एंड आप देखो अगर हर चीज से कुछ कुछ इम्प्रूवमेंट मिलेगी तो तो क्लास फिंगर्स आई थिंक बेनिफिट हो जाएगा। अब प्री नेटल फॉलिकएसिड एक्सपोजर की बहुत बात होती है, बहुत आर्टिकल्स में होती है। राइट है फॉलिकएसिड ज्यादा जब हम प्री नेटल में देते है और बॉडी मिथ लेट नहीं कर रही होती है तो गड़बड़ हो जाती है। इसीलिए मिथलेटिडफॉलीकेसिट की जरुरत होती है। है न मितलेशनइम्पैड़ होता है इनमें एम टी एच एफ आर जीन जो है वो माल फंक्शन कर रहा होता है। बॉडी डी टॉक्स नहीं करती, साल्फरेशन कम हो रहा होता है माइक्रो कोन्ड्रिलडिसफंक्शन देखा जाता है इन बच्चों में क्यों देखा जाता है क्यूंकि जब आपके गट में इन्फेक्शंस होती है, जब आपकी बॉडी में टॉक्सिन्स होते हैं, जब आप जेनेटिकली डीटॉक्स नहीं कर रहे होते हो तो आपकी बॉडी पूरा टाइम इनको फाइट कर रही होती है। और जब आपकी बॉडी पूरा टाइम इनको फाइट कर रही होती है तो माइट्रोकांड्रिया अपना एग्जॉस्ट हो जाता है। आपको पता ही होगा माइट्रो कॉन्ड्रिया हमारे हर सेल के अन्दर का इंजन है। है न। जब वो एग्जॉस्ट हो जाता है तो बॉडी कॉम्प्रमाइज काम करने लगती है। एंड ऑफ़ कोर्स रेडिएशन एक्सपोजर ड्यूरिंग प्रेगनेंसी भी इसका कारण माना गया है। बट ऑल ऑफ इट कैन, बी कंट्रोल, दैट ब्यaटीful न्यूज प्लीज रमemबरिसअबनये मैं आपको दिखाना चाहती थी, मैं न आपको। इस स्टडी का लिंक भी भेजूंगी ठीक है। बायोलॉजिकल साइकेट्री में पंद्रह जून 2025 में आर्टिकल सो, जेवियर दी नंबर वन पब्लिशिंग हाउस इन द वल्ड। इसमें कोई भी आर्टिकल ऐसा नही छाप पाता है जो कि प्रॉपरली स्टडिड रिसर्च न हो। ठीक है। ये बोलता है की वन थिंग इन आर्टेम आलसो मदर्ज में अगर ऑटोइम्यून कंडीशन हो इसलिए जनरली वा भी टेल मदर। पहला बच्चा आर्टिस्टिक है और आप सेकेंड ट्राई करना चाह रहे हो तो अपना 1 बेसिक प्रोफाइल करके देख लो कोई आर्टिमिनिटी तो नहीं है म्यू सिस्टम ठीक है कोई न्यूटीशनल डेफिसेंसीज तो नहीं है बिकाज बहुत सारे केसेस में आप देखोगे पहला बच्चा आर्टिस्टिक है सेकंड बिल्कुल नॉर्मल है क्योंकि हेल्थ ऑफ दी मदर फादर बोट प्लेयर रोल दैट्स नॉट द ओनली रीजन बट मैं आपको ये आर्टिकल भेजूंगी बहुत ही खूबसूरत आर्टिकल लिखा है, बहुत ही बढ़िया जोनल है एंड यू मस्ट सी एट सिमिलरली 34 और आर्टिकल से आई विल टेल माई टीम तो शेयर विथ यू ताकि आपको ये पता चल जाए तो की बहुत ही साइंटिफिक काम बता रही हूँ मैं आपको एंड आपको कॉन्फिडेंस आए बिकाज ये सब कनवेंशनल मेडिसिन के जर्नल में लिखे आर्टिकल्स भेजूंगी मैं ठीक है तो वह आई वांट टू सम। मैं यह बोलना चाहती हूँ की आर्टिस सिर्फ दिमाग की बीमारी नहीं है, सिर्फ स्पीच थेरपी या तेरी सी बात नहीं बननी चाहिए और बनेगी भी नहीं, मैं नहीं कह रही हूँ की वो अच्छा नहीं है, वो बिल्कुल अच्छा है, वो करना है, जरूर करना है। पर दैट इज नौट द एंड ऑफ वाट यू कैन डू फॉर योर चाइल्ड, उसका गट इन्फॉर्मेशन पे काम करो, उसके ब्रेन काम करो, उसकी न्यूट्रिन डेफिसेंसीज पर काम करो। पर मोर इम्पॉर्टेंट ली न्यूट्रियंस के बैलेंस पर काम करो। कॉपर जिंक की रेश्यो कितनी है, वो इम्पॉर्टेंट है, कैल्शियम मैकनिजम की रेश्यो कितनी है, वो इम्पॉर्टेंट है। ठीक है। तो रेश्यो आर वेरी वेरी वेरी इम्पोर्टेंट जेनिटिकली उनका देखो वी डी आर जीन कैसा है, एमटी एच एफ आर जीन कैसा है, ग्लूटा जीन कैसा है एंड देर आर फ्यू अदर जींस विच यू कैन चेक बट ये 3 तो बेयर मिनिमम देखो एंड ऑफ़ कोर्स। उसके बाद जीनो बाय टेक्स टॉक्स इन सारे। आपको देखने हैं बिकज वो आपके मयून सिस्टम को, आपके बच्चे को वो कर रहा है। एम देन फाइनली ऑटिजम माइट्रो कानट्रेल डिजीज भी है तो अगर माइट्रोकॉंट्रेल डिजीज है। कैसे पता चलेगा आपको माइट्रो कांडरे डिजीज है, बच्चे की ग्रोथ पुर हो सकती है, बच्चे की मसल टोन पुर हो सकती है, बच्चा बहुत जल्दी टायर्ड हो रहा हो सकता है। आप देखोगे बच्चा बड़ी जल्दी थकने लग गया है। माइक्रो कानट्रेल डिजीज एक्सरसाइज इन कोल्टन खाना चबाता नहीं है, ज्यादा फटाफट से अन्दर गल्प कर लेता है। एबनॉर्मल मूमन सोरी है। कुछ कुछ डेवलपमेंटल डिलेज हैं जो आपको चार्ट दी आपके बच्चा उसके पीछे चल रहा है। लैंग्वेज सोशल पेरमेंट डिप्रेशन एंग्जाइटी ए डी एच डी। आज ही मेरे पास 1 ऑटिजम की पेशेंट आई थी, उसकी चाह मेडिसिन एग्जाइटीकीचद रही है, इमैजिन उसके गट माइक्रो बाम पे काम करेंगे, टॉक्सिस पर काम करेंगे तो डेफिनेटली वो मेडिसिन कम होंगे और हो भी रही है। सीजर्स इन पेशेंट्स में हो जाते हैं जो माइट्रो कांडल डिस्फंक्शन का बहुत बड़ा रीजन है। हेडेक्स आपको मिलेंगे एंड इम्यून सिस्टम डिस्फंक्शन की वजह से हार्मोन इम्बैलेंस। एंड गाटइंफॉर्मेशन मिलेगा। अगर आपको इसमें से 1 भी सिमटम मिल रहा है तो माइक्रो क्वांड्रिया को अपने सपोर्ट करना है। माइट्रो क्वांड्रिया को सपोर्ट करने के बहुत सिम्पल तरीके और बहुत साइंटिफिक तरीके सबसे इमपोर्टंट है। सन लाइट एक्सपोजर सुबह जब सूरज निकलता है सबसे पहले उठते ही बच्चा 5 10 मिनट सूरज की तरफ देखें। सूरज में बैठे शाम को बैठे, फार, इन्फ्रारेड सोन्स बहुत अच्छा रोल प्ले करते हैं। माइक्रो कांडल हेल्थ में आपका हाइपोबेरिक ऑस्टन थेरेपी भी हेल्प करेगा तो बात पहली बात तो आपको पता होना चाहिए की ये हो रहा है। तो मैं बोल क्या रही हूँ की कन्वेंशनल अप्रोच में आप सिम्टम्स देखते हूँ, मेडिसिन देते हो और आप एक्सटर्नल थेरेपीज करते हो जैसे ऑककिपेशनल्सबीच हो। बट फंक्शन मेडिसन में हम रूट कॉज देखते हैं जितने सारे मैंने आपको दिखाए मेरे पास। जब कोई आर्टिस्टिक बच्चा आता है तो मैं उसके 34 टेस्ट करती हूँ डीटेल में मैं सारे उसके कॉलेज देखती हूँ, मैं सेस करती हूँ माटोकाराकितना फंक्शन कर रहा है। फिर मैं देखती हूँ क्या मकेनिज्म सदर रहा है पीछे से उसका ब्रेन गार्टन, पूरी बॉडी इम्पैक्ट हो रही है एंड दैट इज वेल। जब मैं डायट और पूरा प्रोटोकॉल लिखती हूँ तो जैसे मैंने बोला है। सबसे पहले इन सफिशेंसीज में सेस, स्लिप, फोलेट, आयरन, जिंक, फाटी सब देखते हैं। सेकेंड फूड में से आपको डेयरी वीड सोया मैं तो ऑरेंजेज एक्स बी अवॉइड करवाती हूँ। ठीक है एंड एलर्जीज देखती हूँ 1 से फिश से वॉलनट से सेल फिर से पीनट से तो नहीं है। पहला यह काम करना होता है दिस यू ऑल मस्ट यू अगर अभी कोई भी है जो अपने बच्चे को वि दे रहा है, बार ले दे रहा है, राय दे रहा है, प्लीज नहीं देना है, मालिकुलर मेरी हो जाती है, ग्लूटेन समझकर बॉडी टॉक्शन समझ लेती है उसको फिर पूरा का पूरा आपका सिस्टम खराब हो जाता है। मार्केट में बहुत सारा अच्छा ग्लूटेन फ्री आता आता है जिसमे आप प्रांत तक बना सकते हो। मतलब रूटनफ्रीआटालेके जाती हूँ अपनी क्लिनिक सी जो मैं रखती हूँ एंड इतने यमी प्रांत बनते हैं। मेरे बच्चों को पता भी नहीं चलता कि मैंने आटा बदल दिया है। एंड ये सब जो मैं आपको दिखा रही हूँ न ये कनवेंशन से निकालकर दिखा रही हूँ। तो जब आपका वेट बढ़ रहा है, बच्चे का यह कम हो रहा है, उसकी बावल मूमेंट खराब हो रही है। आप जब बच्चा पॉटी करते हैं। बहुत स्मेल आती है मदरसा के कहती है इतनी स्मेल पता नही क्यों आती है, स्टिकी पाती है। पर उनको यह नहीं पता चल रहा की इसकी वजह से ही उसका ब्रेन में भी इनफॉरमेशन हो रहा है। है न? तो दैट नीड टू बी कनेक्टेड न्यू ट्रेंड डिलीवरी होनी बहुत जरुरी है। ठीक है एंड माइक्रोबियल बैलेंस रखना है। जब ये खराब होता है तो आपके न्यूरो ट्रांसमीटर्स खराब होते है, आपकी बॉडी स्ट्रेस फील करती है, एम्शे्फील करती है, मूड फ्रिंग होते हैं। आपको अचानक से गुस्सा आ जाएगा, अचानक से रोना आ जाएगा और आपका बिहेवियर न बड़ा डर डर के लोग आपसे बात करते है। बिकज आपका बिहेवियर बड़ा अनप्रेडिक्टेबल हो जाता है। अभी कुछ चीजों की हिस्ट्री है जो हमें चेक करनी है। ये तो नहीं दी ने बच्चों को एंटीबायटिक्स एसेट ब्लॉकर्स ब्लूट पेनकिलर स्टिरोइडस लैग्जेटिव, हाई शुगर डाइट क्यूँकी, हाई शुगर डाइट न बच्चा तभी मांगेगा जब बच्चे के पेट में वायरस फंगस होगा। यह बोल नहीं तो हाई शुगर मांगेगा नहीं थी कोई फूड जी तो नहीं है। प्रोसेस फूड तो नहीं खा रहा हो? एंडोक्राइन सिस्टम के लिए बॉडी लोशन कौन सा लगा रहे हो? आप सनस्क्रीन कौन सा लगा रहे हो? पेस्टीसाइड्स आपके खाने में डले हुए या आप ऑर्गेनिक खा रहे हो? प्लास्टिक तो नहीं यूज कर रहे हैं। इंडस्ट्री हाउस होल्ड केमिकल्स से लेन तो नहीं। आपका जो सो पा रहे हैं जिससे आप उसके कपड़े धो रहे हो, वो क्या है ऑर्गेनिक है नॉन? ऑर्गेनिक है कितना कैमिकल है उसमें एंड ऑर्गेनिक मीडिया डेयरी तो नहीं ले रहे हो? आप दिस इज गोइंग टू प्लेयर रोल है न? बच्चे के लिए तो करना ही पड़ेगा। अब 1 बहुत इम्पोर्टेंट चीज जो मैं देखती हूँ आर्टिस्टिक बच्चों में प्रॉब्लम आ रही है बिकाज उनके मेगा थ्री कम होता है है न? उनको ई पी डी एच प्रॉपर बैलेंस में देना पड़ता है उससे उनको बहुत फर्क पड़ता है। अब उसकी वजह से क्या होता है वो जो वोटें पीते भी है न वो उनका एग्जॉब् नहीं हो रहा होता सेल्स लेते ही वो पानी पीते और सुसु जाते है न? तो इसमें क्या करते हैं। अगर हम पानी को धूप में रख ले थोड़ी देर ठीक है और धुप में रखने के बाद हम इस पानी को 4 घंटे धुप में रखे फिर उसके बाद इसको पीते ग्लास बोतल में रखना होता है तो ये पानी स्ट्रक्चर हो जाता है। जब ये स्ट्रक्चर हो जाता है तो ये बॉडी के अन्दर थोड़ी ईजीली जाने लगता है और जब ये थोड़ी ईजीली जाने लगता है तो ऑवियसली आपकी हाइड्रेशन बेटर रहती है। आपकी जब हाइड्रेशन बेटर रहती है तो आपके सेल्स बेटर वर्क करते है, आपके सेल्स बेटर वर्क करते हैं तो आपका गट और सब कुछ ही बेटर हो जाता है न। तो बहुत जरूरी है कि पानी आप ऐसे पियो। 1 फ़ोन बच्चे के पास कितना रखना है बड़ा मुश्किल सवाल है पर मैं बस आपके साथ 1 स्टडी शेयर करना चाहती हूँ कि 16 साल के बच्चे की बॉडी और उसका दिमाग 60 परसेंट ज्यादा रेडियो फ्रिक्वेंसी रेडिएशन, फोन से या वायरलेस डिवाइसेज से एब्जॉर्ब करते हैं। दैन 1 20 साल के बच्चे का ब्रेन है तो आई नो, लाइक, विदाउट, फोन, स, वेरी, डिफिकल्ट, बट जितना दूर रख सकते हैं। हमें रखना है हेvीमेटल पेट्रो कैमिकल्स फूडडटलसरबीसाइड फंगीसाइड्स कैमिकल्स जो हम साबुन वगैरह में यूज कर रहे हैं। सारी चीजें हमारे एनवायरनमेंट को गंदा कर रही है। ठीक है अब कुछ कुछ न सिमट जैसे बहुत सारों ने अभी आपने यहाँ पे लिखा की स्पीच डिले है बच्चे का तो उसमें क्या क्या चीजें देखनी है। सबसे पहले एसेंशियल फैटी फंसी होगी उन बच्चों में बी, ट्वेल सिक्स की डेफिसेंसी होगी मिलेशियन नई हरी होगी ठीक से न क्रिएटिन कार्टन को क्यू टेन सेल्फ्रिज कम्पाउंड्स मैनीशियम आयरन। ब्यूट्रेट ये सारी चीजें हमें देखनी है कि भाई ये ठीक है की नहीं है अदरवाइज जरुरी नहीं है इनको हम सप्लीमेंट से ही बढ़ाए हम इनको अपने उससे भी बढ़ा सकते हैं। फूड से भी बट पहले पता तो चले डेफिसेंसीज है ये माइट्रोकॉंडेल डिसफंक्शन आपको मिलेगा फोलेट की डेफिसेंसी, मिलेगी टं टाइप बोल नहीं पा रहे हैं। ठीक है सीजर्स की हिस्ट्री हो सकती है स्लीप कपनियां की हिस्ट्री हो सकती है। रात को बच्चे को करते हैं या मुंह खोल के सोते है डेट कैन बी देर है न और सिमिलर ली कुछ मेटाबॉलिक रीजन्स भी हो सकते हैं जैसे उनकी रेशिजठीकनहींहै सोडियम कैशियम की कैल्शियम नीशियम की जो की मई टेस्ट करती हूँ लिगो स्कैन अपने क्लिनिक में जिसमे की मुझे सारी रेश्यो पता चलती है। जैसे मैंने बोला न रेश्यो और मोर इम्पॉर्टेंट एक्चुअल नंबर्स फिर कोलीन क्रिएटिन डेफिसेंसी तो नहीं है कान ज्यादा धोनी हो रहा है मैंने बताया अभी ग्लूटामेट, गाबा ग्लूटामिन की रेशो तो नहीं खराब है। हेवी मेटल, मोल टोक्सिन, इंटस्टानलडिसबासज इंफॉर्मेशन। ये सारी चीजें लैकऑफफीचकारीजन हो सकती है सिमिलरली डेवलपमेंटल डिलेज में बच्चे को थायरॉइड तो नहीं है इन एडिशन तो एवरीथिंग जो स्पीच में हमने बात की है थायराइड जरूर देखना है अपने छोटे बच्चों का भी इन टेबिलिटी, एग्रेशन और मेल डाउन कब होते हैं जब जी आई इशु होते हैं। आप देखोगे इन बच्चों को जनवलीयापाटिसिपेशन होगा या साइनस होगा या हेडेक्स होंगे, माइग्रिन्सकी हिस्ट्री होगी, डेंटल इशुज होंगे, एयर इन्फेक्शन की स्त्री हो सकती है। पूरा टाइम कान में उंगली डाल के खारिज करता रहता है। पैरेटाे बोलते हैं इनको एंग्जाइटी लो, लेवल, सौ, वाइटमिन मिनरल जैसे लिथियम और टेट कम हो सकता है कोलेस्ट्रल कम। अब बहुत सारे कोलेस्ट्रल कम को देख ताली बजा देते हैं वेरी गुड आई हेट दोस पीपल यू नीड टू हैव योर बॉडी इन बैलेंस कोलेस्ट्रॉल अच्छी चीज है आपकी बॉडी का बहुत सारा फंक्शन ठीक करती है आपका ब्रेन 80 परसेंट क्लेस्ट्राल पे चलता है नहीं हू sorry i just mutidevrybody can u her me। अगर मेरी was to। प्लीaजe झे चाट बॉकस, गाईज ओके और ब्रेक हुई गया तो क्या आप लोगों को कुछ भी नया पता चल रहा है। आज आपको लग रहा है कि यार हाँ ये तो मेरे बच्चे में है पर मैंने कुछ किया नहीं है इसका अगर आपको लग रहा है कि कुछ नया पता चल रहा है तो मुझे वन दे 2 चैट बॉक्स में और आपको लग रहा है की नहीं पता तो हमें सब कुछ है पर हमें काम नहीं करना आ रहा तो आप टू दे 2 मुझे पर सारा कुछ क्योंकी अगर 1 भी चीज खराब है न वो ठीक करनी पड़ेगी देखो मेरे को न इन बच्चों में सबसे बड़ा लगता है न की पूरी लाइफ है तो 11 करके 11 चीज को बैलेंस करते हैं न यार हन एंड देखते हैं जितना भी इम्प्रूवमेंट होगा उतना अच्छा ही है। अब ये न बड़ा इम्पोर्टेंट है यहाँ पर जो मैंने आपको बताया था लो लेवल तो है जो लोकलेस्ट्राल प्लीज ध्यान रखना अपने लिए भी, बच्चों के लिए भी लोकलेस्ट्रालइस वेस्ट थिंग यू कैन एवर हैव इन योर रिपोर्ट ठीक है इनफेक्शन मैंने आपको बताया लाइम इंफेक्शन इंफेक्शन इकोला इंफेक्शन फैन्स लो ब्लड शुगर। अब इन बच्चों में लो ब्लड शुगर बहुत मिलता है। आपको पता है जिन बच्चों में लो ब्लड शुगर होता है फटीग होता है सडनली एनर्जी दिन में कम हो जाती है उन बच्चों में ईस्ट इंफेक्शन पक्का होता है विकास यीस्ट क्या करता है वो आपको हाटोग्लैसीमिया में ले जाता है फिर इन बच्चों में आपको लेड और कुरियन मूनियम बहुत मिलेगा इन बच्चों को आपको काटिस मिलेगा क्यूँ क्यूंकि इनकी बॉडी इतना कुछ 24 घंटे फाइट कर रही है ताकि ये क्वालिटी ऑफ लाइफ जी पाए जो बॉडी देना चाहती है कि इनके ड्रनरसकम्पलीटली फिटीटमेंजाचुके होते है अमोनिया ज्यादा मिलेगा आपको फूड एलर्जीज मिलेंगी तो न 9 मेरे बच्चे को आर्टिजन हो गया है उसका 1 एलिमेंट हैं डेफिनिटली है नोट इसी प्रॉब्लम तो सॉल्व मैं बिल्कुल मानती हूँ यह बात मतलब हमे भी नहीं समझ आ रहा की इतना बढ़ता जा रहा है क्या किया जा सकता है बट इन जो भी चीजें आपको बता रही हूँ ये सब साइंटिफिकली प्रोन है बहुत सारे टेस्ट में कन्वेंशनल मेडिसिन के जर्नल में पब्लिश है है न और ये सारी चीजें आपको 11 क्लिक कर टिक मारनी है की यार हाऊ यू कैन इम्प्रूव वन 10 अब आप देखोगे इन बच्चों को न सेंसरी प्रोसेसिंग नहीं होती है न ओवर सेंस्टिव ही अंडर सेंसेटिव हो जाती है सिम्पल चीजें जैसे 20 सिक्स और मैगनीशियम लोग हो तो भी हो जाता है फंगल ओवर ग्रोथ गट में होगी तो हो जाएगा। और आपको पता है इसमें सल्फेशन ठीक नहीं हो रही सिम्पल एक्शन सॉल्ट में बच्चे को पंद्रह 20 मिनट रोग जुकवांडवाटरमें रख 2 उससे भी बच्चे की चीजें बेहतर होने लग जाती है। तो नो सिंह सारा कुछ बहुत मुश्किल तरीके से करना है है 11 चीज करके करनी तो है है हैं न है तो वॉकिंग जनरली मैंने आपको बोला पर साइट्स होंगे कंस्टिपेशन होगा मेल डेफिसेंसीज होंगी जनरली बच्चों में मैगनीज जिंग की टाइमिंग डेफिसेंट होगा फूड सेंसिविटी होगी इन बच्चों में पक्का तो 23 महीने के लिए फूड हटा देना इनफॉर्मेटरी गुड आइडिया फंगस होगा ऑग्जेलेट ज्यादा होते हैं इन बच्चों में जो तो वर्किंग करते हैं एंड कैल्शियम जो है कम होता है तो ऑग्जेलेट और बढ़ जाते हैं। अब स्टिमिंग बच्चे बहुत करते हैं स्टेल स्टिमुलेट रीना टच करते रहेंगे तो ये जेनरली लो लेवल ऑफ मिनरल्स एलिवेटेड रूट मेंट एलिवेटेड अमोनिया कांस्टीपेशन फंगल ग्रोथ सेम चीजें हैं मतलब हमको ये सारी डिटेशन और लैक फोकस भी इसी वजह से होता है क्या आपका बच्चा बहुत ज्यादा अच्छी स्टडी रीडिंग बिलिटी दिखा रहा है क्योंकि ये 1 साइड उसका ब्रेन स्ट्रॉंगर है हाइपरलेकसिाइनके भी कारण सेम है जो मैंने आपको बताया न दिस स। what आई said दीज आर दी आंटी बॉडीज विच वी फाइंड पॉजिटिव इन समाटिज्म के तो वैसे मैं चेक नहीं करती हूँ बिकज बहुत सारा और काम है ये जो करना है पर अगर पैरेंट इस रैली वानटिंगटुनोक्या है तो देन दिस इज द पैनल जो करना चाहिए हमको तो अब इतनी सारी बात करने के बाद इसको ठीक करना कैसे है। जैसे मैंने आपको बताया डेयरी ग्लूटन हटाना है रेनबो फूड्स के लाने हैं, फ्रेश फ्रूट्स के लाने हैं और हर्ट्ज हमारी मेडिसिन है वो अच्छे से देनी है सेकेंड मैंने आपको बताया स्ट्रक्चर्ड वाटर देना है। एन टोल्ड यू क्यों देना है है न रेड लाइट फॉर इन्फ्रा रेड रेड लाइट सोनasयहाँ घर में रेड लाइट के पैनल्स के पास बच्चे को रखना इट हेल्प्स सोना बहुत ज्यादा हेल्प करता है कंपैट रेड लाइट बट देन समथिंग इज बेटर दैन नथिंग ईएमएफ रेडिएशन से थोड़ा दूर रखना है एंड ग्राउंडिंग करवानी है बच्चे की नंगे पाँव मिटटी में खेलना है बच्चे ने। आप आजकल ग्राउंडिंग पे लोग कवर आते हैं ग्राउंडिंग फ्लोज आते हैं जो मैंने अपने बच्चों के लिए स्पेशली बनवाए हुए हैं। यू कैन रीच आउट टू माई लेने कैन ऑर्डर देर में ट्राय दें बात करना है बट इसके एडिशन और क्या कर सकते हो आप सप्लीमें्स हो गए, डायट हो गए। कुछ थेरेपीज हैं जिन्होंने ठीक ठाक रिजल्ट दिखाए हैं। ऐसे बच्चों में सबसे पहले फारइंफ्रनेडसौना मैंने आपको बताया माइटोकोडेकस्टिमिलेट करता है तो ऑप्शंस को निकालता है, हारमोंस को बैलेंस करता है ठीक है एंड काम करता है इनसाइट में बहुत बढ़िया काम करता है। ठीक है देर ओजोन थेरेपी हाइपरबेरिक ऑक्टेन थेरेपी एंड पे टाइक्स। मैंने स्टेंशन नहीं इन्क्लूड किया यहाँ पर बिकज स्टेंशन करने से पहले मैं यह सारा काम करती हूँ जो मैंने आपको अभी तक दिखाया है। फिर मैं भी थोड़ी tarpीसहलेभीकरती हूँ, but sense थोड़ा कम हो चुका है।
apko video video prepare to oxigen for those diagnose on the autism spectre and is it appropriate to us prepared for these child and if so which the protocall look like and whats so pressure son percent of oxigen should be be considering and ultimately what type of effects m we be expecting when applying hipbar oxigen inhesprticucases thats we will cover in this video really importan, we talk about hyprbericocigen applied off lable that we also recognise the fact that hiprbericisnot a cure or treatment for any of those conditions were talking about we re talking about park oxigen applied to children diagnosed on the autism spectrum and so again its a very frida conversation with regard to the fact that we have to understand that prbericocigen is not a treatment for autism do we apply it to children diagnose on the autism spectrum absolutely do we see certain benefits yes, but it is not a direct treatment for this particular condition so understanding that when i tea to the courses that we tech we talk about offlabeusetohprbar we have to make i isins were making y a therapy of lable aur propriet and we do that by unrstdcallthe, what is the issue with whatever condition that were talking about whats the physiology of this issue one of the mechanisms of action of hyperbaric oxident, what sort benefits or changes on a physiological level to we see using hyperv and now doesnt make sense to apply these mechanisms of action to these known issues associated with this condition if d make sense, then we should be applying the therapy and it doesn make sens course, we should not apply here we go through a ration mechanisms of action and then a patient selection creteria to understand how to come to that decision so what are some of the things? we know about autism a fw things number one in some circles ther⁇relooking at autism as a type of auto basically, a neurological, munitusomeer calling and auto amun in sefolatusmnlierally mun condition casing information in the brain we also know that there are certain issues associated with autism spectrom like reduced cofusion to the temporal lobe or the brain literally meaning reduced oxigen delivery to the temporal lobe also reduced oxigen delivery to the prefrontal cortex roughly about seventy to seventy five percent of children diagnosed on the autisam spectrem have reduced perfusion to those areas of the brain, the temporal lobe specifically is the language centre of the brain, the prefrontal cortex es in charger things like behavior and execute function and so we can start to see behavioral changes execute function issues and developmental de la with regard to language in many children diagnosed on the artist inspector in as a result of those issues we also know that there s typically cronic information with in these children and a general issue in terms of got brain connection so among other things is it appropriate to apply hyhpreberedlet⁇s just say for those that iv mention sofa and so i would say the answers we know that the is actually do mun condition rna, there is this generalized inflamation we also know that hihprebert is amazing at reducing the side of kim response from a en flamitorysampoint it increases the anti anflamatorystokins in arbatiitdecreases the inflamatory srokindsindarbati it also increases the regulatory serokinsthesrokinds it are trying to balance or imune system so in three different ways it helps to control information so if we have a disease or a condition that s in flamitoryanature and i preberireduces information that would be a win in this category we are on a mission to make sure that the people looking for this information have access to it i know that there s a lot of content out there and i know that it could be very confusing when people are trying to find the answers that their looking for that really important for me that those people can find these anser so when you like it, when you subscribe nd when new share these videos that helps the people looking for this content now that they re getting it trust were the source and the are getting he information at the re trying to find so please do that and help us help other people next there s a general hypo perfusion well we know for sure that hyperbaric effect that two different way is number one in the short term, just like being inside of a chamber, you were massibly increasing the oxigen delivery literally every sellentisuin the body of course that would include the brand, but in the long term s also gong a case angiogenesis, which is a remodeling or re building of capilary beds so, if in this case, we have hihpoprfusion and may be some of that hihpoprefusion is due to not a nug capilaries in an area to deliver a not oxigen well in the short term, we can the liver hire levels of oxident, and in the long term, we can build and develop new capilary beds so that when we stop the therapy, we have the capilary network, nessesary to continue to ocidinatethattition for the long term, hyperbaric will help in poll for those to different ways, and then next in terms of good health and got balence well, we also know that hyperbaric has a tendency to nurish the microbio, most of the microbio, the healthy bacteria in our got are ether oxigen loving? they want more oxigen or at least occidenta, you can be in a hire oxigen environment and those bacteria would still privind do well
so guys? what i will do is what i wanted to show you was that। येस देर आर थिंग वी कैन डू एंड ऑवियसली हैपबेरिकन्यूं, है स्टडीज थोडी डिफ्रेंट तरह की है मार्केट में। पर अगर आपको लगता है कि हैपपॉक्सिया हो रहा है या इसमें से कुछ भी हो रहा है तो ट्राय किया जा सकता है। बाकि यू आर डी बेस्ट जज और लॉ प्रैक्टिसिंग कंसल्टिंग डॉक्टर कैन हेल्प यू डिसाइड। अब आते हैं कुछ पेपटाइड्स जो ऑटिज्म में हेल्प कर रहे हैं पेपटाइड्स हम सबको पता है दे आर स्मॉल मीनू से चेंज जो की डिफ्रेंट जगहों पर नेचुरल है प्रिटी सेफ मानी जा रही है। अभी ठीक है एंड दी हेल्प सो ऑटिजम में दीज आर दी पेपटाइड आई हैव यूज नाव फॉर में पेशेंट्स सी मैक्स जो है वो अटेंशन ठीक करता है ग्लूटामेट की कनवर्जन को ड्राइव डिरेक्शन पर लेके जाता है तो बहुत सारे सिमटम्स को इम्प्रूव करता है। सील जो है वो गाबा बैलेंस करता है, एंग्जाइटी रिड्यूस करता है, सोशिबिलिटी बढ़ाता है ऑक्सिटोन सोशल कनेशन एंड बॉन्डिंग बढ़ाता है बी पी सी ऑन फिफ्टी सेवन वेगल टोन को सपोर्ट करता है और गा लाइनिंग को रिपेयर करता है एंड फॉस्टर माइक्रो ग्लिया को ठीक करता है। जिनमे भी आई जी वगैरह बहुत रेस्ड है और हम ठीक नहीं कर पा रहे हैं वहाँ पर मास सेल्स को स्टैबलाइज करके न्यूरो इन्फॉर्मेशन को कम करता है सेम चीज न्यूरो इंफॉर्मेशन को कम करने के लिए एच बॉट बहुत ज्यादा अच्छा काम करता है। वो आपके साइटोकाइन्स जो इनफर्मरी उनको कम करता है जो नॉन इनफॉर्मेटरी है उनको बढाता है तो दोनो तरफ से वो ब्रेन की इन्फॉर्मेशन को कम करता है। गाज केन सी माई स्क्रीन अगर दिख रही है तो प्लीज गिनी नहीं दिख रही है तो नहीं दिख रही है लोड ऑफ़ पीपल से दिख रही है प्लीज, आप 1 बार देखो दिख रही है की नहीं। tik re guys can you see the screan, its not visible to it still on the youtube video okay। i will stop share first and then share again a problem है आई विल शेर दिस utu लिंक विल ऑल ऑफ यू ताकि आप लोग फुर्सत से इसको 10 मिनट प्लीज दे। अब दिख रही है मेरी स्क्रीन, यस परफेक्ट प्लीज आई विल शेर ट विद यू ताकि आप देख लेना एंड यू नो इट इज बेफिटिंग लॉट ऑफ चिलर मे भी योर चाइल्ड कैन आल्सो भी बेनफिट। अब जोन थेरपी बहुत ज्यादा डॉक्टर्स कर रहे हैं, अब जोन थेरपी यह भी न्यूरो इंफॉर्मेशन को रिड्यूस करता है। विच डिक्रीजेजआंसेक्स, टीएनएफ, एल्फा कापाली माइक्रो कानट्रेल एटीपी प्रोडक्शन को बढ़ाता है, ऑक्सीजन यूटीलाइजेशन को बढाता है, गट ब्रेन एक्सेस को ठीक करता है, लिखी गट को बेटर करता है, डीटॉक्सिफिकेशन में हेल्प करता है और ग्लूटाथि इनक्रीस करता है बॉडी में जो की इन बच्चों में नहीं हो रहा होता है ऑलरेडी एंड सेरिब्रल ऑक्सीजेनेशन को इम्प्रूव करता है। तो फ्रेडी गुड, रिजल्ट, रेक्टल, जोन एंड वोटो 2 चीजें हैं जो मैं बच्चों में करती हूँ, सोना से पहले करती हूँ दोनों चीजें एंड एयर जोन भी करती हूँ कुछ बच्चों में एंड इट्स, गिविंग, मी, गुड, रिजल्ट्स एंड एफ, कोर्स, एच, बॉट, मैंने आपको बताया ब्रेन की ऑक्सीजनेशन बढ़ाता है नोटिस में डी एच, डी में डी, डी में ऑलरेडी। हमें पता है कि ऑक्सीजनेशन कम हो चुकी होती है, इंफॉर्मेशन कम करता है, न्यूरो प्लास्टिसिटी को सपोर्ट करता है, माइक्रो कॉन्डे फंक्शन को इम्प्रूव करता है और इम्यून सिस्टम को बेटर करता है। तो अगर रूट कॉजेज से जाए तो दिस शुड, हेल्प, सिमिलरली, फार, इंफ्रारेड सोना, मैंने आपको बताया डी टॉक्स में हेल्प करता है, इन्फॉर्मेशन कम करता है, नव सिस्टम को काम करता है, ब्लड सर्कुलेशन इम्प्रूव करता है और सबसे इम्पॉर्टेंट ली। कुछ सेशन सोना के बाद बच्चों की स्लीप क्वालिटी इम्प्रूव हो जाती है। वो ज्यादा रिलैक्स फील करते हैं। अब ये सब कुछ पता करने के लिए कौन से टेस्ट है जो में अपनी प्रैक्टिस में करती हूँ। जैसे मैंने बताया कि मैं शुरू में थोड़ी डिटेल टेस्टिंग करती हूँ क्योंकि करनी पड़ती है। मैं 1 ब्लैक टेस्ट का पैनल है जिसमे में हार्मोंस न्यूट्रेशन इनफमेटरीमार्कर सारे चेक करती हूँ। गड डिसबायोसिस के लिए 1 टेस्ट करती हूँ जिसे ऑक्सीडेटिव एससी टेस्ट कहते हैं। मैं सब में करती हूँ। उलीगोस्कैन जो मैंने आपको बताया जो मुझे पंद्रह हेवी मेटल ट्वेंटी मेंल्स के बारे में बताता है। वो में सब बच्चों में करती हूँ। कुछ बच्चों में मुझे उसके बाद हर मिनरल एनालिसिस भी करना पड़ता है, बट वो कम में करना पड़ता है। एंड न्यूरो ट्रांसमिटर टेस्ट में सब मैं करती हूँ। अब सवाल यह आता है इन सारे टेस्ट का टोटल कास्ट किया जाता है। इन सारे टेस्ट का कास्ट अराउंड थर्टी थर्टी वन थाउजन्ड आ जाता है। तो बिगिन वित वो थर्टी थर्टी ऑन थाउजन्ड के बाद सिक्स मंच तक काम करते है। अगर हम कहीं स्टाफ हो जाते। तो देन देर आर सम मोर एडवांस टेस्ट जो हम करते हैं टू फिगर आउट प्रोब्लम है कहाँ एंड क्या हम कर सकते है इसमें इम्यून सिस्टम के लिए आई नाइस कैल्शियम एन पैर हायर हर्मोन जरूर चेक करती हूँ अपने हर ऑटिजम पेशेंट में, तो दिस इस वाट आई डू। इससे मुझे पता चल जाता है की जैसे आप देखो ये जिस बच्चे की रिपोर्ट है उसके एक्साइटेट न्यूरो ट्रांसमीटर्स बढ़ा विच मींस उसका ग्लूटामेट ज्यादा आ रहा है विच मींस इसकी डीटॉक्स पाथवे को मुझे ओपन करना है। है न? एंड में इसको ग्लूटाथयोन वगैरह कुछ नहीं दे सकती ग्लूटामेट और बढ़ जाएगा तो ये टेस्ट में राइट डिरेक्शन में हमें बहुत हेल्प करते है तो ऐसी रिपोर्ट्स आती है जिसको हम इंटरप्रेट करते है एंड अकॉर्डिंग ली फिर हम सप्लिमेंट्स का प्रोटोकॉल लिखते हैं ये गट की टेस्ट रिपोर्ट है, है न? अब इसमें पता चल रहा है कि बच्चे को डिस बाइसे है, बच्चा भी थ्री में डेफिशिएंट है भी वन में डेफिसेंट है तो अकॉर्डिंग ली वी कैन गिव दम दी राइट डायट और सपलीमेंट yes five ten i will stop my presentation her and i will give some time for questions before i n, i ask questions, i give you permision to ask questions पहली बात तो जीरो से टेन में आप वेबिनार को ग्रेड कैसे करोगे? दूसरी बेकार इस जुकेशनल मास्टर क्लास आई रल्ली वांट टू नो में बैटर क्या कर सकती थी 1 घंटे में सेकंड क्या कोई एरिया रह गया जिसमे आपको मैं कुछ और इन्फॉर्मेशन भी दूं ताकि आप अपने बच्चे को बेटर हेल्प कर पाओ वो भी मुझे चैक बॉक्स में प्लीज लिखकर बताओ एंड मेरा पहला टेमटेटोडूअरिल एडुकेशनल मास्टर क्लास में जो अपने वन टू वन पेसेंट को यहाँ बैठ के बताती हूँ मैंने वो आप सब को बताने की कोशिश की है ऑफकोर्स ईजी नहीं है पर आप ऑटिज्म की जो मैंने कम्युनिटी बनाई है इसमें जुड़े रहिएगा कोई भी अच्छा वीडियो आएगा कोई भी नया रिसर्च पेपर आएगा कोई भी चीज ऐसी होगी जो मुझे लगेगा आपको पता होनी चाहिए मैं इसमें शेयर करती रहूंगी। ठीक है एंड बस 1 रिक्वेस्ट है की आप जिन बच्चों को जानते हो पेरेंट्स को जानते हो उनको भी प्लीज इसका लिंक भेजना ताकि वो कम्युनिटी को ज्वाइन कर ले। ठीक है जी ओके आपने मेरा बता दिया आप मुझे बताओ मैं आपके सवाल जवाब देती हूँ थैंक यू वेरी मच एंड जहाँ पे भी स्कोप ऑफ इम्प्रूवमेंट है प्लीज मुझे बता देना। ठीक है जी सो अगर किसी को भी एचबॉटजोन कुछ भी करना है न तो मैं अपने ऑफिस का नंबर दे रही हूँ यहाँ पर आप इनसे बात करके बुक कर सकते हो। अगर आप गुड, गांव, डेली या आस पास हो अगर नही हो तो आप इनसे बात कर लेना यह आपको सब कुछ बता देंगे और आपके लिए कोई एचबॉकासेंटरहमें सिटी में अगर पता होगा तो हम आपको वो भी बता देंगे। ठीक है एंड एच जनरली जब मैं बोलती हूँ बच्चों को करने के लिए तो मैं बोलती हूँ की 10 सेशन पहले बुक करो और देखो बच्चे में आपको कुछ दिख रहा है डिफ्रेंस एंड फिर हमको थर्टी ऐसी फिफ्टी सेशन करने पड़ते हैं हम दिन में 2 सेशन भी कर सकते हैं, 1 भी कर सकते हैं। मिनीमम हफ्ते में 4 से 5 सेशन्स करने पड़ते हैं। हमें दीपक जी जैसे मैंने बताया जो सारे टेस्ट में आर्टिस्टिक बच्चे के लिए रेकमेंड करती हूँ वो टेस्ट का कॉस्ट टी थाउजन्ड, थर्टी वन थाउजेंड के अराउंड आ जाता है। बहुत डिस्काउंट वगैरह करकर बिकॉज सारे टेस्ट अगर हम 1 बार में नहीं करते हैं न तो बच्चे सिर्फ तंग होते हैं क्योंकि जो काम बहुत जल्दी हो जाना चाहिए था वो होता ही नहीं है, है न? तो वो बहुत जरूरी है ये सेंसर एन रिपीटेड, बीवी बिल्कुल इंटर लिंक है मैंने आपको अभी बताया है न की ये सब के जो कॉलेज अगर आप देखोगे तो औलमोस्ट सेम से कालेज हैं सबके है तो रूट कॉजेज जरूर चेक करने चाहिए एंड हमको उसको विशुद कorेctेटसो पांडाज, बेसिकalलy नit्पिडेट्रिक, ऑर टू, न्यू नूरू, सेकैट्रिक, डिसऑर्डर, एसोसिएटेड स्ट्रेक्टर, कोकल इंफेक्शन। यह काफी कॉमनली इन बच्चों में हमें मिलता है और इनमें सिमटम्स लाइक टिक्स होंगी ओसीडी बिहेविरल चेंजेज फिजिकल सिमटम्स मिलता है हमको एंड इट टेक्स टाइम टू करेक्ट दिस बट करेक्ट तो करना ही है अगर हम चाहते हैं कि हमारा बच्चा बेटर फील करे। है ना ओके यूटयूब के बाद कौन सी थी वीडियो यू ट्यूब के बाद कौनसी थी हाँ मुझे 1 मिनट आप देखने 2 कौन सी वीडियो थी मैं 1 बार देख लो पेपटाइड्स में पेपटाइड्स की वीडियो की न स्क्रीनशॉट डाल दूंगी आपके ग्रुप में अगर आप ग्रुप में हो तो मैं पेपटाइड्स डाल दूंगी आपको सीलैंड सीमेक बी पी सी आई विल पुट ऑल द पेपटाइड सो ये मैंने अपने ऑफिस का नंबर दे दिया है, ठीक है मैंने अपने ऑफिस का वो भी दे दिया है एड्रेस भी सेक्टर फिफ्टी फाइव में है तोदीजतरआपइस नंबर पर कॉल कर के सब कुछ पूछ लेना यहाँ पर। न बैंगलोर में बिल्कुल है सेंटर में आपको बता दूंगी आप डॉक्टर सिमरन से फोन पर बात कर सकते हो और अगर आपकी कोई भी क्वेरी है उनसे पूछ लो वो आपको बता देंगी आपको पाई चांस को मेरे साथ 1 कंसल्टेशन करनी है और 1 सेकंड ओपिनियन लेना है जो आप प्रोटोकॉल ले रहे हो तो वो आपको बुक करा देंगी। है न एंड आपको खुद से अगर उसकी डाइट वगैरह पर कुछ करना है तो मैंने आपको बताया आपको क्या क्या करना है स्टार्ट विद न टू थ्री चेंजेस ठीक है एंड यू विल फील, बेटर सो, हाँ पोषणी जैसे मैंने बोला न पोषणी कोई भी थरपी जब तक में बाकी रिपोर्ट नहीं देखूंगी नहीं देती हूँ ओके बिकाज दैट्स वेरी इमपोर्टंट न यू हैव टू गो में तो गैस में भी सीक्वेंस में काम करती हूँ तो यहाँ तो सीक्वेंस में काम करना ही है। ओके है सबसे पहले टोक्सिस निकालती हूँ फूड से और एनवायरमेंट ऐसी ठीक है। उसके बाद न्यूटीशनल डेफिसेंसीज ठीक करती हूँ ओके उसके बाद मयून सिस्टम को सपोर्ट। करती हूँ जहाँ से भी कर सकती हूँ। कॉपर जिंक की रेशियो से शुरू करके कोमरा प्रोटोकॉल तक। अब उसमें इनफेक्शन भी ठीक करनी पड़ती है, उसमे टॉक्सिक लोड भी कम करना पड़ता है। येस एंड वहाँ पर फिर मैं थेरेपी भी साथ में शुरू कर लेती हूँ। ठीक है बिकाज मुझे पता चल गया मिथलेश कैसी हो रही है, मैंने भी शुरू कर दिए हैं नो? आई नो द बॉडी विल रेस्पॉंड एंड बाकी इन बच्चों में आप हमेशा लो डोज से शुरू करते हो क्यूंकी हर बच्चा अलग तरह से रिएक्ट करता और इसी लिए पेरेंट्स की इनवॉल्वमेंट इन द थेरेपी। बहुत इम्पोर्टेंट होती है मतलब कोई भी और बीमारी आप पेशेंट को बिना पढाई कर सकते हो पर इसमें तो एडुकेशन सो इम्पोर्टेंट haपीटोसीयूपोचनी ब्राइट स्माइल लेज। मेक्स मिस फाइबर
में जमशेदपुर से बोल रहा हूँ। हां जी जी जी मैं पूछना चाह रहा था की मेरे बच्चे को अगर ब्लड टेस्ट कराना है तो मैं कैसे कराऊंगा जमशेदपुर में करा सकता हूँ क्या
बिल्कुल आपको न डॉक्टर सिमरन पैनल भी बता देगी। और अगर आपको हेल्प चाहिए टेस्ट बुक करने में क्या के डिस्काउंटेड प्राइस, टेस्ट पैकेज ब्लड का तो बनवाया इन बच्चों के लिए तो वो आपको बुकिंग भी करवा देगी आपका घर आके सैंपल हो
जाएगा ठीक है तो मैं बुकिंग करवा
लेता हूँ हाँ आपके टेस्ट हो जायेंगे आपकी ऑनलाइन कंसल्टेशन हो जाएगी फिर कभी हमको थैरेपीस की जरुरत पड़ेगी फिर तो आपको आना पड़ेगा यह आपकी जगह पर कोई डॉक्टर देखना पड़ेगा।
अगर जमशेदपुर में अरेंज हो जाए तो बहुत ही अच्छा नहीं तो मुझे फिर नोएडा गुड़गांव आना होगा न?
हां जी बट पहले बाकी काम तो करें।
हाँ जी पहले मैं ब्लड टेस्ट करवा
लेता हूँ पहले हम खाना खाना ठीक करे, न्यूटीशनल डेफिसेंसीज देके, सिस् करे फिर जब जरुरत पड़ेगी तो बिल्कुल करना चाहिए।
हाँ जी मैं मैं अपने बच्चे के बारे में थोड़ा सा बताना चाह रहा था आपको बता एकच्वलीफोरयर्स हो गया है उसका तो जब थ्री र्स में था तो मैंने न्यूरो बात की थी जमशेदपुर में तो हमारे यूरोप डॉक्टर ने उन्हें बोला की माइल्ड का प्रॉब्लम है ये ठीक हो जायेगा। तो मैंने ट्रीटमेंट शुरू की तो बहुत अच्छा मुझे रिकवरी हुआ, बहुत अच्छा प्रोग्रेस हुआ मेरा बच्चा भी अंडरस्टैंडिंग इसका बहुत अच्छा है जो जीरो में था और जो बिल्कुल ही आई कॉन्टेक्ट नहीं था कमांड फॉलो नहीं करता था अभी उसका बहुत ही अच्छा प्रोग्रेस है, बहुत अच्छा रिजल्ट है तो स्पीड वगैरह भी उसका ठीक ठाक है। लेकिन अभी क्या है न पूरा सेंटेंस नहीं बोल पाता है, वो तो सेंटेंस में अटकता है, सेंटेंस पूरा नहीं बोल पाता है। जैसे भूख लगी हमको खाने में पापा मुझे खाना है, मम्मी मुझे खाना है ऐसे नहीं सिर्फ भूख लगी पानी पीना है तो पानी पीना है ये ऐसे
बोलता है नहीं मैं समझ गयी हूँ तो न हमें तो न कुछ और इम्प्रूवमेंट का स्कोप तो है है। तो 1 बार जब हम सारे टेस्ट कराएंगे तो हम देख पाएंगे की और हम चीज क्या इम्प्रूव कर सकते है। जी है में आप कराइए कल उसके बाद 1 बार देख कर मैं बना दूंगी। ये एरियाज में अभी भी यू हैव स्कोप इससे आप जी जी तो आपको रिजल्ट आएगा,
ओके
थैंक यू वेरी मच और रोशनी आप कुछ पूछना चाहते हो डॉ प्रीति सेवन रोल या फिर मन नाइन रोल्ड कैन दे स्टार्ट तो सी मप्रूवमेंटहाँ यार मैं तो भी 1 ट्वेंटी और ओल्ड फीमेल के साथ काम कर रही हूँ ओके और उसी का मैं बता रही थी की आर टी ग्जाइटी फिल्स हम थोड़ी कम कर पा रहे हैं। है तो माई प्वॉइंट इस न रूट कॉस्ट पर काम करने के लिए कोई उम्र नहीं है। दैट्स ट्रू यस राइट बिकॉज वो सिर्फ यही नहीं हर जगह सपोर्ट करेगा। ठीक है जी, परफेक्ट है जी कोई और क्वेश्चन किसी का है। तो
मैं पूछना चाह रहा था उसका, डॉक्टर ने जो मेडिसिन दिया था तो उसे मेन मेडिसिन था, उसका 1 कॉग्नीकेयरकॉगनीकेयर था, हिमालय का मेंटेड था, 1 फ्लू निल था और ये 34 मेडिसिन थे। तो सारे मेडिसिन तो बंद हो गया सिर्फ उसका 1 कोगनीकेयर सदर रहा है और सुनील चल रहा है। तो क्या इसे हम लोग कंटिन्यू कर
सकते हैं बिल्कुल करना चाहिए पर कुछ भी न बिना रिपोर्ट देखे कहना बड़ा
मुश्किल है हाँ मैं सही बात है
अगर जरुरत है देखो खाना भी न दवाई।
हाँ जी है न।
तो वो भी बहुत ज्यादा नहीं खाना
चाहिए जी मैं सही बात है, मूक
लगी है तो खाना ही खाना चाहिए। जी नहीं सही बात है इसे सबको मतलब कंसिस्टेंट एडवाइज रहता है सबको टेस्ट
करिए पहले देखिये क्या कराऊंगा तो वन टाइम ब्लड कलेक्शन जो करने आयेंगे उसी से हो जाएगा न उसका हाँ हाँ
ब्लेस्ट कलेक्शन से हो जाएगा। और अगर आप बाकी टेस्ट भी कराएंगे न तो वो सेल्स किट है जिसमें यूरीन और स्टूल देना होगा आपको अच्छा अच्छा अच्छा है तो वो भी रन
और यूरिन स्टूल वाले भी टेस्ट कराना जरूरी है या टेस्ट से ही रिपोर्ट
लगभग आ जाएगा कराना चाहिए। आपको नहीं आएगा पूरा अच्छा पूरा नहीं आएगा आपको मतलब इन बच्चों में में करती हूँ क्यूँकी क्या 2 थोड़ा प्रॉब्लम कहीं पड़ा है डायग्नोज ही नहीं कर रहे हैं। अच्छा तो इतना जो मेने लिखा है इतना तो आपको करना ही चाहिए किसी नहीं किया है तो विशु डूएट खर्चा कर रहे है तो ये 1 इन्वेस्टमेंट तो होना ही चाहिए।
नहीं सही बात है ठीक है वो करवा और ये एच बी ओ टू में मे एच बी ओ टू क्या क्लिष्ट है क्या ये मैं क्लियर नहीं हुआ?
ये थेरेपी है थेरेपी है है जैसे मैंने अभी पोषणीमैमकोभी बताया न कि पहले देख कर देखेंगे आपको प्रॉब्लम कहाँ है वो थोड़ा सा सेट कर देंगे फिर इसमें हाई डोज ऑक्सीजन देते है हम 1 चेम्बर में बच्चे को उससे क्या
होता वो बच्चा करवाएगा तो बच्चे के
साथ उसका पेरेंट भी जाता है। अंदर अच्छा अच्छा हाँ हाँ हाँ पेरेंट को भी बच्चों के साथ बहुत जरुरत होती है इस टाइम पर डिस्ट्रेस करने की।
हाँ जी तो ये इस फैसिलिटी से ए बी ओ टू को लेने के लिए, तो फिर मुझे आना ही होगा न।
गुर जोन और सोना के लिए आना ही होगा बट, वो वर्त भी होगा
सिर अच्छा ठीक है मैं तो ये कितना समय गुरगाँव आता हूँ अपने बच्चे
को 2 हफ्ते 2 हफ्ते
ठीक है, ठीक है, पहले मैं ब्लैक टेस्ट करा
ले ने ब्लैक टेस्ट कराये, जब तेरेपिसकाटाइम आयेगा तो 2 हफ्ते के लिए आना पड़ता है आपको ठीक है ओके जी ओके, thank you everybody please bs i request। अपने group में डाल justin question man, my doctor is sixes all, we be using fms suplements almost on two years, she improved a lot nderstunding levels everything improved and she can communicate know? how to use the words, but शी नोट in between she is using in between she s toping and she looks like she knows everything and she can prenons everything, but she is not using the words to communicate, she still showing sin languages and she used to call me and now a vida, she is not calling me। we recently we have done the stems therapy, but he emon system is improvd, i can see that the implement with mian system, we are thinking that she can comunica more and more stress, because she want to comunica something at school at home, but some people doesnt understand i understand personally, because i m seeing, because agresonangti increasing from last month, before she used to sleep normally everything, she does normally accept speech? now she want to communicate the word is not coming। तो क्या हो रहा है कितनी देर पहले nwmberitwehave दिस मंथ ओनली ट्वेंटी डेज बैक राइट तो मेरा मतलब है थोड़ी सी देर वेट करो ओके ठीक है फिर 1 बार एफ एम सी में जो आपके डॉक्टर है डॉक्टर अश्विनी है यस मैन है डॉक्टर अश्विनी को 1 मेसेज डालो की दिस इज हाऊ बिहेविंग ओके ठीक है उनका जवाब देखो फार्टिस फैक्ट्री होना चाहिए ओके है और अदरवाइज तो फिर 1 बार रिपीट टेस्ट करना है हमको और हमको देखना है इम शौर डॉक्टर अश्विनी बताएंगे और डॉ अश्विनी से पूछना कि क्या आपको एच वाट वर्क हेल्प करेगा क्या okay i last पेपटेडसआलसो विल वर्क फॉर दिस स्पीचर इट विल बट सेल के बाद न ओके what विल वर्क बेटर है आई एम इन गुडगांव बट एच बॉट बहुत जगह अवेलेबल है मेरी टीम को कॉल करोगे हम करा देंगे बता देंगे आपको कहा है अदरवाइज इसके लिए आना है आपको डेली भी तो नोट बिग थिंग फॉर चाइल्ड प्वॉइंट व्यू बर 1 बार है 1 बार आप डॉक्टर अश्विनी से पूछो की मैंने डॉक्टर प्रीति का वेबिनार एटेंड किया था मुझे लग रहा है की मसल के बाद बॉर्ड करने से फायदा हो सकता है क्या मैं के लिए करूं क्या मैं डेली जाऊं क्या मैं कहीं और कर सकती हूँ ओके वो आपको अच्छे से गाइड करेंगे मेरे काफी अच्छे फ्रेंड है, वो क्या है आपको से बात कर लेना और कभी भी आपको मेरे से भी कुछ पूछना है तो डॉक्टर से पूछले। okay thank यू थैंक यू so much i thank you any other कuेstoनस?
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