In this Hindi‑English educational dialogue, Dr. Priti Nanda Sibal and a co‑host walk through the entire process of digestion and its downstream effects on metabolism and overall health. They begin by describing how food is broken down in the mouth, stomach and small intestine, explaining the roles of salivary amylase, gastric acid, pancreatic enzymes and intestinal brush‑border enzymes in converting complex carbohydrates into simple sugars, and how proteins are digested into amino acids and minerals are absorbed. The conversation then follows glucose from absorption into the bloodstream to its cellular uptake via insulin receptors, detailing glycolysis, the Krebs cycle and ATP production, as well as storage pathways (glycogen synthesis in liver and muscle, and conversion to triglycerides leading to fatty liver and cardiovascular risk when excess glucose is present. They discuss how blood‑glucose spikes can be mitigated by post‑meal walking, balanced meals, and fasting, and how glucagon releases stored glucose during low‑energy states. The speakers shift to the importance of proper hydration and electrolyte balance (sodium, potassium, calcium, magnesium) for cellular function, muscle contraction and metabolic efficiency, noting symptoms of dehydration and how to monitor urine color. Stress hormones—cortisol and adrenaline—are explained as drivers of glycogen breakdown, increased glucose production, and insulin resistance, especially under chronic stress. A substantial portion is devoted to gut health: the role of the microbiome, short‑chain fatty acids, leaky gut, endotoxin translocation, and how dysbiosis can exacerbate insulin resistance and inflammation. Practical recommendations are offered: prioritize complex carbohydrates (whole grains, legumes, vegetables), increase dietary fiber, include probiotic and prebiotic foods, stay well‑hydrated with electrolyte‑rich fluids, manage stress through exercise and relaxation, and consider supplements when needed. The dialogue ends with advice on recognizing dehydration/electrolyte imbalance and seeking medical help if symptoms persist.
Chapters
तो हमने डायजेशन देखा कि गट हेल्थ
क्या है और डायजेशन कैसे होता है।
थोड़ा सा और नेक्स चलते हैं और ये देखते है की जब हम खाना खाते हैं और वो डायजेस्ट होता है हमारे गट में जाकर मेटबोलाइज होता है गट में जाके तो होता कैसे कैसे है ठीक है जी सबसे पहले सिम्पल
काबो हाइड्रेड जब हम खाना मुंह में डालते हैं सिम्पल काबो हाइड्रेड सलाइवरी एमिलेस
से डायजेस्ट हो जाता है और जो कॉम्प्लेक्स काबो हाइड्रेट्स है वो सिम्पल शुगर्स में कुछ कनवर्ट होते हैं कुछ नहीं होते हैं। वहाँ से खाना चमक में जाता है। अब चमक में फूड गैस्ट्रिक जूस से मिक्स हो जाता है बहुत ही थोड़ा
काबू हाइड्रेट डाइजेशन होता है यहाँ पर
मेजरली क्या होता है एसिडिक एनवायरमेंट सलाइवरी एमिलेस को इनफेक्टिव कर देता है यहाँ
पर एच सी एल पेप्सिन होता है
तो मेजरली प्रोटीन डायजेस्ट होता है मैग्नीशियम जिंक, आयरन जैसे मिनरल्स एब्ज़ॉर्ब होते हैं जो की हमे न्यूट्रेशन देते हैं एंड उसके बाद स्टमक से फूट जाता है हमारे स्माल इंटस्टाइन में।
अब मेजोरिटी ऑफ़ कार्बो हाइड्रेट्स का डेजशन कहाँ होता है।
यहाँ पर स्माल इंटस्टाइन में पैनक्रियाज जो
है वो पैनक्रिएटिक मिले ऐसी क्रिएट करते हैं जो स्मॉल इंटस्टाइन में जाता है जो कि काबोहाइड्रेट्स को ब्रेक कर देता है माल्टोज में और अदर डाईसैक्राइड्स में।
अब यहाँ से एन्जाइम्स होते हैं सर्फेस में इंटस्टाइनल लाइनिंग के माल्टेज सुक्रेज लैक्टेज
जो की फर्दर डायसेक्राइड्स को मोनो सेकराइट में ब्रेक करके क्या बनाते हैं।
गुलुकोस फ्रक्टोस एंड ग्लैक्टोस फ्रक्टोस वो शुगर
है जो फ्रूट्स भी रिलीज करते हैं और फ्रैक्टोस सिर्फ लिवर में जाके डायजेस्ट होता है।
वैर आज ग्लूकोज जो है वो हमारी
मास्स भी यूज कर लेते है। इस लिए आपने देखा होगा कि जो डायबिटिक होते हैं प्री डायबेटिक होते हैं उनको बोला जाता है कि खाने के
बाद आप वॉक करो क्यूँ वाकिंग में
जब काफ मसल्स कंस्ट्रक्ट रिलैक्स होते हैं
तो गुलुकोस की युसेजुजाती अच्छे ऐसी
गुलू
कोस का फंक्शन क्या क्या है। पहला फंक्शन इस गुलुकोस का जब ये ब्लड स्ट्रीम में जाता है ब्लड स्ट्रीम से, ये वैरियस टिश्यूज सेल्स में जाता है इन्सुलन विल आल नो 1 हार्मोन
है जो कि पैनक्रियाज प्रोड्यूस करते हैं वो फेसिलिटेट करता है आप टेक ऑफ ग्लूकोस इंटू सेल्स पर्टिक्ललरली मसल सेल एंड
फैट सेल ठीक है। जी ग्लू इनसुलिन रिसेप्टर्स पर इन्सुलन बाइंड करता है एंड ग्लूकोस ट्रांसपोर्टर प्रोटीन को
खोलता है एंड ग्लूकोस को सेल्स के
अंदर डालता है एंड दैट हाव वी गेट एनर्जी जिसको हम कहते हैं सेलुलर एनर्जी प्रोडक्शन। अब इसमें क्या होता है सेल्स के
अन्दर ग्लूकोज एनर्जी प्रोड्यूस करता है प्रोसेस
कॉर्ड ग्लाइकोसिस से जो हम सबने 1
नाइन क्लास में बायो में पड़ा हुआ है। फादर क्या होता है इस फरदरमगेटमेटबोलाइजड इन
माइक्रो कांड्रा वायदे क्रैब साइकिल जो की
एनर्जी फॉर्मेशन साइकल है और ए टी पी के फॉर्म में एनर्जी बन जाती है।
एंड देन अगर एक्सेस ग्लूकोस बनता है
तो लेटर यूज के लिए लिवर एंड मसल सेल्स इसको रख लेते हैं संभालकर
जिसका मतलब है कि ग्लूकोस ग्लाइकोजेन में
कंवर्ट हो जाता है।
बाय और प्रोसेस कॉल्ड ग्लाइको जेनसिस एंड
वेन ने डेड ग्लैकोजन ब्रेक डाउन होता है ग्लूकोस में और बॉडी में एनर्जी
आ जाती है फैट सेल्स में ग्लूकोस ट्राई में कन्वर्ट होता है ताकि लॉन्ग टर्म एनर्जी स्टोरेज हो सके। अब ये जो एक्सेस लिवर में जा
रहा है उससे फैटी लिवर हो रहा
है और ये जो एक्सेस ग्लूकोस ट्राई
ग्लिसराइड के फॉर्म में सेव हो रहा
है उससे हमारी हार्ट हेल्थ कॉम्प्रोमाइज हो रही है तो इस दोनो में सलूशन क्या है डिक्रीजिंग ग्लूकोस प्रोडक्शन और डिकरीजिंगका्बो हाइड्रेड सिन्हा डा। अब यह ग्लूकोस रेगुलेट कैसे होता है
जब ब्लड ग्लूकोस राइस करता है खाने
के बाद तो पैnकियाsteरेलीज insulin harmon इंसुलिन
ब्लड ग्लूकोस को कम करता है, एंड ग्लूकोस को हेल्प करता है टू एंटर
दी सेल्स स्टिमुलेटिंग the लिवर तो स्टोर glucos kुचसेकnsइम हमारा ग्लूकागॉन जब ब्लड ब्लड
ग्लूकोस फॉलो कर जाता है सडन ली ठीक बिटवीन मींस अगर आप हाई कॉब
डाइट लेते हो तो सडनली स्पाइक खाती है ग्लूकोस की जितनी स्पाइक खाती है उतना ही जल्दी लो भी जाता है।
तो अगर आप 1 पेटी खाते हो
या 1 पेशी खाते हो तो आपको जल्दी भूख लगती है और अगर यही
आप कोकनट पीते हो या वकाड खाते हो या प्रोटीन ज्यादा खाते हो तो
आपको भूख देर से लगती है क्योंकि स्पाइक्स चेंज होती है फास्टिंग करते हो तो भी ग्लूकागन जो है ग्लूकोस रिलीज करता है लिवर से ग्लाइकोजन ग्लूकोस में
कन्वर्ट होता है, ब्लड स्वीम में निकलता है और ब्लड ग्लूकोस बढ़ जाता है। सो जितनी लो स्पाइक्स जितनी आपकी इरेटेबिलिटी हो रही है क्योंकि आपने खाना नहीं
खाया है जितनी आपकी एनर्जी कम हो रही है वो सब इस वजह से कम होती है।
अब जिन लोगों का फैटी लिवर ज्यादा है या चौक है फैटी लिवर या
जी जी टी हाई है मींस ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस है वहाँ पर ये मैकानिजम कॉम्प्रोमाइज्ड हो जाता है और एनर्जी रिलीज उतनी अच्छी नहीं होती है। राइट कुछ और आमों भी है जो
यहाँ पर रोल प्ले करते हैं।
पी नेफरेनविचइसएडरनलिन जो की स्ट्रेस हार्मोन जो
कि ब्लड ब्लू को बॉडी में बढ़ाता
है, ग्लाइकोजन प्रोडक्शन को ब्रेकडाउन करता है। कार्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन अगेन अगर कार्टिसोल हमारा
बढ़ता है तो ग्लू को न्यू जेनेसिस बढ़ता है।
लिवर शुगर लेवल बढ़ जाते हैं, राइट एंड ग्रो थामन ब्लड ग्लूकोस लेवल
बढ़ जाते हैं। बाई रिडयूसिंग, दे ऑप्टिक ऑफ ग्लूकोस इंटू सेल्स कौन से कार्बो हाइडरेड्सहै जो ब्लड ब्लू कोस को इम्पैक्ट करते हैं सिम्पल
काब्ज ऐसे इम्पैक्ट करते हैं तो आपका
शुगर आपकी पेसी जो जल्दी डाइजेस्ट हो
जा रहे हैं फूड आपके फ्रूट, जूस
वो सब शुगर को ऐसे बढ़ाएंगे ऐसे नीचे कर देंगे।
कॉम्पलेक्स कम्स जैसे होल ग्रेन्स लेगूमस वेजिटेबल्स इनमें लॉन्ग चेन ऑफ शुगर यूनिट्स होती हैं।
इसले इनको हम पॉली सेकराइड्स कहते हैं।
दे आर डायजेस्टेड मोर स्लोली रिजल्टिंग इन
ग्रेजुअल रिलीज ऑफ ग्लूकोस और सस्टेंड आपकी
एनर्जी बनी रहती है।
एंड लास्ट डायट्री फाइबर। अब कहने को फाइबर भी काबोहाइड्रेट है बट फाइबर जो है डायजेशन में एड करता है बॉडी के शुगर लेवल्स को बैलेंस में रखने के लिए रेगुलेट करता
है और हंगर एंड ब्लड शुगर को
लॉन्ग टर्म के लिए चेक में रखता है।
आलसो दिस इस द फूड ऑफ गुड,
बैक्टीरिया इन योर, गाट इन योर, कोलन
एंड दे और अच्छा फाइबर एड करना हमारी डाइट में एक्सट्रीमली इम्पोरटेंट है। तो हुआ क्या डाइजेशन एंड मेटाबालिज्म जो काबो हाइड्रेड का है वो क्रूशियल है एनर्जी लेवल मेंटेन करने के लिए प्रॉपर
रेगुलेशन जो ब्लड ग्लूकोस लेवल्स का है वो बॉडिली फंक्शंस को इफेक्ट करता है डाइट हार्मोनल कंट्रोल एंड काबोहाइड्रेड जो मेटाबोलाइज कैसे हो रहे हैं वो इम्पैक्ट करते
हैं ठीक है इसलिए वी शुड मेक इन फार्म्ड डायट्री चॉइसेस अगर अपने एनर्जी हैवल्स लेवल स्टेबल रखना चाहे एंड मेटाबॉलिक हेल्थ को इफेक्टिव रखना चाहे हैकर हेल्थ का फर्स्ट बेसिक प्रिंसिपल क्या है टुकी र सेल्स हाइड्रेटेड अगर हमारे इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस
में नहीं है, अगर हमारे सेल्स हाइड्रेटेड नहीं है, चाहे हम कम पानी ले
ले या सेल्स एब्जॉर्ब नहीं कर रहे
हैं पानी बिकाज एजिंग की वजह से,
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की वजह से सेल्स के
अंदर पानी जा नहीं पा रहा है तो वैट हैप्पन्स इमपोर्टंट आयन्स जो हैं
वो इंबैलेंस में आ जाते हैं एंड वेन दीस आयंस कम इन इंबैलेंस then what happens
बॉडी डी हाइड्रेटेड हो जाती है सेल्स आपस में कम्युनिकेट नहीं कर
पाते हैं एंड एस वी ॉलरेडीडिस्कस् जो
बाहर है वो ही अंदर है। तो आप इसको इस तरह विज्वलाइज कर
सकते हो कि आपका घर में 8 10 लोग रहते हैं पर 1 भी
इंसान दूसरे इंसान से बात नहीं कर
रहा है तो कैसी एनर्जी होगी घर में कैसा माहौल होगा दैट इज हाऊ your body feels from inside राइट एंड देयर फॉर वी नीड टू डू one
थिंग फॉर a body वी नीड टू
मेक शोर it is प्रॉपरली hidratेdअबसिम क्या क्या है हइडरेशरीहयडरेशन के माइल डी हाइड्रेशन में आप बहुत हर्स्टी फील करते रहोगे, ड्राई माउथ थ्रोट होगा बार बार dakeouren
वेरी वेरी म्पोरटंट की आप कॉलर ऑफ
यूरेन अपना चेक करो डिक्रीज यूuरeनआउटपुट ftig disineshedknyone हू कम्स टो you with hedेक
first thing, we need to do is
cek haidresiontick he ki na sivirdihidrasion me extremely dry skin raped hartbetinbreding sankanizevery dark or no yurenoutbord eriteblity confusion and not good। टीम प्लेयर एंड इवन एपिसोड्स ऑफ पेन्टिंग
कैन हैपन बिकाज ऑफ
डीहाइड्रेशन है जी तो समझते हैं डिहाइड्रेशन में कौन कौन सी इलेक्ट्रोलाइट्स इम्पोर्टेंट है हमारे लिए सोडियम मोस्ट इम्पोर्टेंट फ्लूइड बैलेंस एंड ब्लड प्रेशर को मेंटेन करता है नव एंड मसल फंक्शन इस पे डिपेंड करती है।
to lot of times, what happen is
people come with north problems and they see we are not even diabetic, why are we facing this problem even before being the diabetic guys in we need to check? how is are electrolite balance potasium?
very essential for mac function, including the
heart हेल्थ विद नॉर्थ ट्रांसमिशन एंड बैलेंसिस फ्लूएड विद सेल्स कैल्शियम मसल कॉंट्रेक्शंस के लिए वेरी वेरी इम्पॉर्टेंट, नॉर्थ सिग्नलिंग एंड ब्लड क्लॉटिंग में वेरी इमपोर्टंट रोल and bone help magnisimth्री हंड्रेड प्लास फोर हंड्रेड
प्लास एक्टलली बायोकेमिकल रिएक्शनस मैगनीशियम करता है musal and no function a role play
करता heldeemmunsystem and keeps you stable, happy, improve, your sleep and many many more functions gloritit⁇svery important to balencyorsodiam and its inwoldindijesion and its a component of stamakessidएंड। अगर आपका स्टमाकेसिट कम हो गया तो आपका पूरा डायजेशन कॉम्प्रोमाइज हो गया, न्यूट्रीशन
स्टेटस बॉडी का कॉम्प्रोमाइज हो गया, एंड पूरी गट ब्रेन एक्सेस से फिजिकल एन
मेंटल हेल्थ कॉम्प्रोमाइज हो गई? फॉरसफेटइम्पॉर्टेंट फॉर एनर्जी प्रोडक्शन इन स्टोरेज हेल्थ
फॉर्म बोनस एंड जीत।
तो अब इसका इम्पैक्ट क्या होता है? लो सोडियम हाई पोटेशियम, लो पोटेशियम, लो कैल्शियम, लो मैगनीशिम ऑल ऑफ दिस can cost sिmटmsलइke hedic noziयासीजर्ज कार्डियक शूज रेगुलर हॉर्डबीड्स मसल क्रेम्स मसल स्पाजम्स सो if you have any of these first thing in what is it did you can do to mentain or electrolite balance drink addict water two to three letter the day very simple cek we need to do। मॉनिटर यूरेन कॉलर लाइट येल्लो इंडिकेट प्रॉपर हाइड्रेशन wiledakello you need more fluids consume water rich foods we bing indians we know we should eat water right which means we should eat cucumbers and oranges and water means to contribute to what hidrasion balence did we must include table salt बनानाज ऑरेंजेज potato for potasium lifi greens fortified foods for calcium notsseedsholegrens and green lifiveditables for magnesium table salt to mattos anolis for clorideforforsat we use me डेरी होलgrensnnots after exercise very important that
you hydrate yourself and make sure that you are not losing a lot of
water, because of you know het, because
of gi problems, because of drinking less
water and if your symtoms til persist consult डॉकटर इंसुलेट कार्टिसोल टू क्रिटिकल हामोन से इन टर्म्स ऑफ़ मेटाबॉलिजम स्ट्रेस रिस्पांस एंड ओवरऑल हेल्थ एंड इंट्रस्टिंग क्या है
बो दी harmon सर कनेक्टेड विथ गट
हेल्थ इंसुलेंपानकरियाज बनाते एंड गट हेल्थ में जो गट माइक्रोबायो में अगर वो डिस बायसेस में होता है तो वो इन्सुलेट रेजिस्टेंस कॉस करता है। सेकेंड शॉर्ट चेन, फैटी एसिड्स, लाइक ब्यूट्रेट प्रोड्यूस नहीं होते हैं एंड इन्फॉर्मेशन बढ़ता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। अगर माइक्रोबायम ठीक नहीं है तो लाइpoपॉलिसेक्राइड्स
रिलीज होते हैं जो कि गॉट लाइनिंग को तोड़ते हैं और लीकी गट कॉस
करते हैं जिसकी वजह से अगेन पुअर ग्लूकोस मेटाबालिज्म हो जाता है। कार्टिसोल एड्रिनल ग्लैंड्स एक्ट्रेस हार्मोन प्रोड्यूस करते हैं किडनीज के ऊपर पड़े होते हैं छोटे से ट्राइंगल शेप में जिसे हम कार्टिसोल कहते है, अगर हमारा कार्टिसोल बढ़ता है। अगर हम स्ट्रेस में होते हैं तो
वो गट की लाइनिंग को ब्रेक करता है जिसे हम कहते हैं।
लिकी गाट सेंड्रोम बिकॉज विच इंफॉर्मेशन होती है।
ब्लड स्ट्रीम में टॉक्सिन्स एंटर करते हैं।
एंड इम्यून रिस्पांस कॉन्प्रोमाइज होता है सेकंड गॉट माइक्रो बायोटा स्ट्रेस एंड कार्टिसोल दोनों
गट माइक्रो बायोम को चेंज कर देते हैं।
कैसे बेनिफिशियल बैक्टीरिया कम कर देते हैं,
गन्दा वाला बैक्टीरिया बढ़ा देते हैं जिसकी वजह से अगेन डायजेक्शन, न्यू टिंटेड ऑप्शन एंड इम्यून फंक्शन खराब हो जाता है।
एंड थर्ड स्ट्रेस रेस्पांस की वजह से
गोटन ब्रेन एक्सेस इम्पैक्ट हो जाता है
जिसकी वजह से गाटमिटिलिटी सिक्रीशंस एंड माइक्रो
बेल बैलेंस चेंज होता है। इनफोमेशन, इम्यून रेस्पोंस इफेक्ट हो जाता है।
अगर हमारा स्ट्रेस बढ़ता है तो तो हुआ क्या? क्रॉनिक स्ट्रेस एंड हाई कार्टिसोल इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा देंगे, दिस क्रिएट sovिcिरसाइकिल राइट एंड
पैराडॉक्सिकल इफेक्ट आ जाता है इन्फॉर्मेशन का
लीडिंग, टू, टेबल, बॉबल सेंटर, आईबीडी, विच,
आलसो इनक्रीजिजयौर शुगर, लेवल्स एंड बिकम, स,
रीजन, फॉर, यू, बी, डायबेटिक, तो इंटर कनेक्टिड, इफेक्ट्स क्या हुए मेटाबालिक सेंट्रो में इनक्रीस हो सकता है, इंफॉर्मेशन इनक्रीज हो सकती है। अगर गाटहेल्थ ठीक नहीं है तो गाटथेल
ठीक करने के लिए करना क्या है। प्री बायटिक्स, प्रो, बायटिक्स एंड बैलेंस डायट, इस वेरी, वेरी, वेरी, इम्पॉर्टेंट इन दिस
केसिस stress management, jisme, breeding and overall
activities like you now relationship building, an
all big, plasarhuserol, edicredslip and turationwill depend