In this Hindi vlog, Dr. Priti Nanda Sibal shares her evolving relationship with Holi after marriage, recounting vivid family memories such as playing Holi with her sister during her engagement, celebrating with her two young sons, and traveling to Patiala and Vrindavan for festive gatherings. She describes the chaos of colors, the tradition of making gujiya, and the shift toward more mindful celebrations—highlighting concerns about toxic synthetic colors, excessive water use, and the move to eco‑friendly alternatives like natural colors and reusable containers. Dr. Priti concludes with heartfelt advice: celebrate Holi with love, gratitude, and responsibility, encouraging viewers to use colors gently, conserve water, and cherish the moments with family.
Chapters
बरसे अरे रंग रंग बरसे भीगे चने वाली रंग बरसे होली है विशु वेरी वेरी वेरी हैप्पी होली एंड मैं आज आपसे शेयर करने वाली हूँ, होली मेरी लाइफ में कैसी रही है और मेरे लिए मीन क्या करती है, होली फेस्टिवल व चेंज फॉर मी आफ्टर, मैनेज तो माई हसबैंड पासिन ही लव वाटर एंड मेरा होली का ट्रेंड था की यार बाहर जाओ, होली खेलो अच्छे से घर आओ नहाओ और आराम करो। बात शादी के बाद जैसे बहुत सी चीजें बदलती हैं, होली खेलने का तरीका भी बदल दिया। तो पहली होली में मेरी सिस्टर आई हुई थी घर एंड मैने दोनो को बोला अपने हसबंड को और सिस्टर को की मेरे बिस्तर पे अन्दर कोई पानी नहीं डालेगा बट आज वोट ऑफ़ थोड़ी देर में हमने होली खेलनी शुरू की और ये दोनो मग्गे से मेरे पूरे बिस्तर पर गड्ढों पर पानी फेंक रहे थे एंड द डे एंड ना। मैंने बहुत बोला मतलब गुस्सा हुई, सब कुछ मैंने बैठ के सोचा यार मेरा सारा मजाक कड़ा हो गया तो अगली बार ऐसी में भी होली एंजॉय करने लग गयी। तो हुआ क्या? मेरी सिस्टर की एंगेजमेंट हुई थी, वो आई थी होली पर चंडीगढ़ मेरे पास, मेरा, मेरी, मेरे 2 बेटे साढ़े, 3 साल और 1 साल हमने खूब होली घी काले रंग से मतलब सबके फेस हमने काले कर दिए बुरी तरह से। जब होली के बाद हम लोग ले गए तो रलाजबतरमेपानीनहीं तो अब हमने क्या किया। कुछ टाइम पर तो था नहीं की बड़े से होटल थे नीली अवेलेबल थे और हमें स्ट्राइक भी नहीं किया। तो मेरी सिस्टर के पटियाला में हमने गाड़ी में हम सब बैठे। हमने न्यू वैगनार खरीदी हुई थी, सीट भी हमने अखबार बिछाई बीकाज वैगनाटबसछरदिन पहले आई थी और हमने चन्दीगढ़ऐसीपटयाला ड्राइव किया और पटियाला पहुँच गए, बिल्कुल काली शक्ल लेकर। मतलब पूरा ब्लैक कलर लगा हुआ है मेरी सिस्टर की मदर हम जब नहा के निकले तो मेरी सिस्टर के ऐसे ब्लैक कलर उतरा पंद्रह। 20 दिन बात थी आंटी ने शादी तो कर तो जायेगा न पीती कलर ऐसे तो नहीं रह जाएगा। क्या इमैजिन दिस इस वाट हैपन बट सिर्फ यही नहीं किया हमने होली में हम बड़ी वृंदावन की होली खेलने गए। आप सबको पता है वृंदावन की होली इस सिम्बल फॉर लव कम्युनिटी व कृष्णा और राधा ने ये कल्चर चलाया तरह से राइट। एंड अभी भी बहुत सारे डिवोटीज होली से कुछ दिन पहले वहाँ जाते हैं और होली खेलते हैं। तो मैं और सनी भी पहुँच गए। 1 बार वहाँ आरोप, इतना, लड़ाई झगड़ा, टीचर, इतना, मतलब, मजा ऑसम स्पेस बात दर वाली चोट लग सकती है। हमने वो होली सेंस देन। कभी भी होली में ऐसा नहीं होता की हम रेन डांस में न जाए, हम पानी से 1 दुसरे को भिगा न करे। पर जब मैं फंक्शन लेडिस में आई अब चैलेंज हो गया। 1 मुझे वो कॉलर उस करने थे जिसमें टोकसिनसथे तो मेरा 1 महीने होली से पहले काम होता है और निक कलर्स ला कर घर में रखना है और रेड डैलसपक्काभान रखना कहाँ पर हो रहा है। बिकज अदर, वाइज, टॉक्सिक, कलर सबके मुँह पर लग जाएगी, फर्स्ट टाइम गुजिया बना तो मुझे भी तक याद है गुजिया बनाने और मै और मेरे हम मारे गए खोया वगैरह लेने और फिर गुजिया के वो जो आते प्लास्टिक के बने हुए वो लेकर आये और न में आने के बाद प्लास्टिक यूज करना छोड़ दिया तो मुझे झील के वो गुझिया के कंटेनर लेकर आने पड़े जो की बड़े क्यूट है ई थिंक वन थिंग ई रैली लव डूइंग होली कान कॉंटिन्ूवितमेनि सच मेमरीज बात आई हो न तो है तो आपके लिए होली कैसी रही आपने होली में अपने लव के साथ क्या मजाक किया, क्या मेरी है आपकी होली की लेस री लिव दम री वायर ब्रेन और हैप्पी मेरी विश यू अ वेरी वेरी हैप्पी होली। एंड जाते जाते कुछ चीजे बोलना चाहती हूँ 1 विंटर खूब पानी बचाया तो होली पर जी भर के पानी से होली खेल लो सेकंड होली प्यार का सिम्पल है। सबको कलर लगाओ, प्यार से लगाओ और दिल से ग्रैटिटयूटदेकर लगाओ। एंड तीसरा अपने आप को भी प्लीज कलर करो, फ्रॉम साइट सेवन कलर्स अपनी प्लेट में डालो और उसको अपनी बॉडी को उससे कलर करो, वीडियो सेलवेल हैप्पी क्रिएट ब्यूटिफुल मेमरी एंड विश अमेजिंग होली फ्रॉम माई लव यू टuगtotoda।