My story with ozone therapy | Health talk

In this live Hindi‑English health talk, host Dr. Priti Nanda Sibal interviews Dr. Sameer Nar, a dentist who shifted to medical ozone therapy. Dr. Nar explains why he began exploring ozone, describing his training, purchase of an ozone generator, and early clinical successes that reduced patients’ reliance on conventional medicines. He shares statistical context about the rising burden of diabetes in India (from 2,000‑6,000 million to 70‑75 million cases) and argues that modern lifestyle‑induced toxin accumulation hampers the body’s ability to heal. Ozone therapy, combined with lifestyle detoxification, is presented as a way to activate the body’s self‑repair mechanisms, lower inflammation, and improve glycemic control. He acknowledges limits – in patients with extreme, multi‑system failure ozone alone cannot reverse damage – and stresses the need for data‑driven validation. The conversation ends with mutual appreciation, a call for collaborative effort to make India “diabetes‑free,” and an invitation for audience questions.
Chapters
hi welcome you rs to our next series of food medicine in live and today without any introductions or any housekeeping, i want invite doctor sami near? who is been into dental practice for fifteen years? and he is not hear to teachers anything? hes not hear to preet anything। he is here to share his story and his life। सो welcom डॉक्टर समीर नर।
thank you me।
thank you doctrbebisosamir it s a plesure to have you here thank you man and without wasting any time। as a already said dr same, i want to you know put my first, because i am very excited to her your story। because it really you know made me have gos bumps and can you share with the views? what is it that made you think that you want to change from being the dentist? do what you have reting here as the title medical ozone specialist
सो माई जर्नी स्टार्टेड आई थिंक फोर ईयर बैक तो क्या हुआ कि मैं मुझे थोड़ा क्रेज होता है हर साल कुछ न कुछ नया सीखना डेंटिस्ट्री में मतलब बहुत सालों से ऑलमोस्ट सेवन एट ईयर से मैं हर साल कुछ न कुछ नया सीख रहा था। बट पिछले 34 साल से मैं सुन रहा था ओ जोन जोन मैं उसको निगलेक्ट करता जा रहा था कि क्या यार यह कुछ भी नहीं है, गैस ही है, हवाई है हवा में रहने 2 तो मेरे 1 पुलिग है डॉक्टर सुधीर डोले फ्रॉम, मुंबई वो डेंटिस्ट्री में ओजोन थैरपी के कोर्सेज करवाते हैं आल ओवर इंडिया स पर्सन मुझे पता चला की वो बहुत अच्छे उनके आ रहे हैं। इफेक्ट तो मुझे लगा यार कुछ नहीं है मैं का बस वो 1 लाइमलाइट अपनी लाइम लाइट के लिए वो कर रहे है कुछ ऐसे। तो फिर मुझे न्यू दिल्ली में उनके साथ 1 मुलाकात हुई तो उन्होंने मुझे बताया की यार बाकी वजन में कुछ न कुछ साइंटिफिक बेस बताया तो मैंने कहा यार चलो इनका 1 कोर्स ही कर ले। तो उनका मैंने 1 वन डे कोर्स किया बड़ा इंट्रस्टिंग सा लगा मुझे। तो मैंने उनकी मेडिकल अपना जो ओजोन जनरेटर है वो उनका परचेज किया। अपनी रेगुलर टिस्ट्री में स्टार्ट की। इसको यूज करना मतलब बहुत अच्छे रिजल्ट्स आने लग गए मुझे। मेरी जो मेडिकेशन थी वो बहुत ही मिनिमल हो गयी जितनी मेडिसिन रिक्वायरमेंट थी पेशेंट्स को, वो काफी कम होती होती गई तो बड़ा इंट्रस्ट था अच्छा लगने लग गया मेरी जो रिक्वायरमेंट थी जो मेडिसिन्स पे वो इतनी कम हो गई। मुझे लगा यार वाकई इसमें कुछ है तो मेरी रोस्टी थोड़ी और बढ़ गई मेडिकल जन हेल्प वो टच नहीं करते थे तो मैंने बहुत सारी रिक्वेस्ट की उनको। काफी देर बाद वो मान गए कि हाँ यार आयल टीच तो वो मेरे पास जलंदर ट्रेवल करके आये, मैंने उनका मतलब थ्री टू फोर डेज मेरे पास रहे उसमें उन्होंने मुझे फुल ही ट्रेन किया और बहुत अच्छे से ट्रेन किया। तो उसके बाद वो मेडिकल जन ेल्पीअपनीअपनेआप पे। सबसे पहले मैंने अपने से ट्राई की। अपने आप करने के बाद फिर अपनी फैमिली पर की मतलब उसके जो रिजल्ट्स आने लगे है, कई बार चीज होती है आपको ट्रिगर करती है यार ये तो वाकई बहुत अल्टीमेट चीज है। तो मैंने वो स्टार्ट किया फिर मेडिकल वजन हेल्पी पे और स्टडी करनी शुरू कर दी। मैंने कहा यार अगर इतनी अच्छी चीज है वह नोट स्टडी मोर मैंने इंटरनेशनल बहुत सारे कोर्सेज से टेंड करने शुरू कर दिए। बड़े सारे मोर के साथ डिस्कस करना शुरू कर दिया। तो इसके बाद ये मेरी मतलब मेडिकल उजंतहर्पीमेंमेरी एंट्री थी, डॉक्टर समीर एंट्री।
तो मुझे आपकी समझ आ गयी, आरोप
न
इस पूरी एंट्री में जो 1 मिसिंग लिंक मुझे लग रहा है की आपने डेंटेस्ट्री के लिए ओजोन सीखा जी पर आपके टाइटल में अभी डेंटेस्ट्री नहीं दिख रहा, मुझे सिर्फ ओजोन दिख रहा है। ऐसा क्या हुआ एंड ये मुझे एक्सपीरियंस ही पता है की अपनी बनी बनाई प्रैक्टिस छोड़ कर 1 नई चीज में आना इतना एजुकेशन कर लो तो भी नहीं होता कुछ पर्सनल एक्सपीरियंस होता है इंसान का जो कि उसको वो शिफ्ट करवाता है। तो क्या आपकी लाइफ में भी ऐसा कोई पर्सनल एक्सपीरियंस हुआ जिसने आपको डेंटिस्ट्री से जोन की तरफ काफी चीप शिफ्ट कराया।
मेरा जो एक्सपीरियंस है मैं डेफिनिटली ये कहना चाहूँगा कि कन्वेंशनल मेडिसिन से हटकर तभी बंदा दूसरी साइड जाता है जब उसका कुछ पर्सनल एक्सपीरियंस हो कोई प्रॉब्लम ऐसे डिजीज आ जाए या उसकी फैमिली के अन्दर कोई ऐसी डिजीज आ जाए जिससे वो वाकई कोई और सस्ते ऑल्टरनेट वेज ढूंढने शुरू कर देता है। तो मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मतलब ऑलमोस्ट 2 ढाई साल पहले मेरे फादर को प्रॉब्लम आ रही थी। ऐसी कुछ मैं बिजनेस ट्रिप के लिए दिसम्बर का मन था। तो मैंने अपने बिजनेस ट्रिप के लिए फ्राइडे मॉर्निंग निकला संडे इवनिंग वापिस घर आया, संडे इवनिंग में वापस घर आया। तो मतलब थका हुआ था, ट्रेवलिंग की ड्राइव करके दिल्ली गया था, दिल्ली से जलंदर वापिस आए सारा दिन काम करके तो हैक्टिक था, बड़ा देखा रूम में आकर देखा तो फादर के ह 1 डॉक्टर 1 इंजेक्शन लगवा रहा है। ओके मैंने आके पूछा यार ये इस चीज का इंजेक्शन लगवा रही हूँ। मेरे फादर की मैं थोडा सा आपको बता दू की मेडिकल स्टोर है, सेंस सेवेंटी नाईन की खुद की प्रैक्टिस है, सर अपनी मेडिकल स्टोर है और प्राइम लोकेशन तैयार लंदर तो उनको काफी नॉलेज है मेरे जैसे मतलब मेरे जो पढ़ने के या कुछ सीखने के आये हैं, जो जीन उन्हीं से आये हैं अच्छा उनको भी काफी नॉलेज है। ठीक है मैंने मैं बड़ा हैरान हूँ। मैंने कहा यार ये मतलब इंजेक्शन लगवा रहे है किस चीज का। तो उनने पूछा बोला। और डॉक्टर ने बोला की यह पेन किलर का इंजेक्शन है। तो समवन बहुत स्ट्रोंग पेन किलर था। तो वो इंजेक्शन लगा के चलेगी ऑवियसली मेरा एकदम से उसी वक्त रिएक्ट करना थोड़ा मुझे अच्छा नहीं लगा। जब वो 5, 7 10 मिनट के बाद गए तो मैंने पूछा कि भई क्या हुआ क्या है फ्राइडे मॉर्निंग जैसे मैं मॉर्निंग में गया तो ईवनिंग में क्या हुआ मेरे फादर शॉप से वापिस आ रहे थे वो मतलब नाइनटीन सेवेंटी नाइन से मैंने उनको 1 भी छुट्टी करते हुए नहीं देखा ही कंटिन्यूज ली गो दैट ए थर्टी मॉर्निंग एंड कम जैट नाइन टू नाइन थर्टी पी एम इन द ईवनिंग। तो उन्होंने मुझे बताया कि फ्राइडे नाइट जब वापिस आ रहे थे घर में तो टू विलर से आ रहे थे तो घर के लिए टन करना था, जब टन करने करना चाहते थे तो उनका बैलेंस बिगड़ गया तो वो गिर गया, मैंने पूछा क्या हुआ, बैलेंस क्यों बिगड़ गया था क्यूंकि? वो कहते हैं कि जब मैंने पैर नीचे रखा थोड़ी सपोर्ट देने के लिए, टर्न करने के लिए मुझे फील नहीं होनी चाहिए ओके, तो फेल। तो जैसे मतलब हिम्मत करके वो वहां से घर तक पहुंचे घर आये उनको लगा के ठंड लग गई है तो बड़ी हिम्मत से वो फिर अपने रूम में आया चेंज किया बैठे हीटर वगैरह चलाया क्योंकि लगता है बंदे को ठंड लग रही होगी तो थोड़ी चोट लगी है। तो उन्होंने अपनी फूड लिया और मेडिसिन अपने अपने हिसाब से उन्होंने पेन के खा ली क्यूंकि मेडिकल स्टोर जिसका है तो सबसे पहले यही काम है कि कुछ भी दिक्कत है सबसे पहले मेडिसिन उसके हाथ में होती है और उसे खाल खाना खाने के बाद मेडिसिन खाने के बाद थोड़ी देर बाद वो अपने वॉशरूम गए जैसे थोड़ी देर बाद उन्होंने मदर को आवाज लगाई कि मेरे से उठा नहीं जा रहा तो हेल्प करो और मुझे बाहर लेकर आए शाम भवा मेरी मदर ने बड़ी हिम्मत करके उनको बाहर लेकर आई क्योंकि फर्स्ट टाइम था ऐसे कभी एक्सपीरियंस ही नहीं हुआ लाइफ में कभी और वो ऐसे बंदे थे कभी भी मत आज की डेट में भी किसी पर डिपेंड नहीं होना चाहते, हर कोई चाहता मतलब कई बार पास्ट में ऐसे लोगों को देखकर उनके पास इतने लोग आते हैं कोई प्रॉब्लम के साथ उनके पास वैसे ही आकर बैठ जाते लोग बताने के लिए कि हमारे ये प्रॉब्लम है तो उनको सारी प्रॉब्लम सबकी पता होती थी तो वो कहते थे यार मैं न किसी पर डिपेंडेंट नहीं होना चाहता। तो उनको फिर मदर ने उठाकर लाये, वो बड़ी इमोशनली डाउन हो गए थे तो उनको लेग्स के मतलब अपने पेल्विक रीजन से नीचे कुछ फील ही नहीं हो रहा था और सीवियर पेन स्टार्ट होगी उन्होंने अपने फ्रेंड को कॉल की व मतलब फ्राइडे नाइट को तो उन्होंने मतलब योगी मेडिकल लाइन से लिंक है तो सब डॉक्टर्स लिंक में होते हैं। वो आगे फ्राइडे नाइट को उनको उन्होंने पेन किलर का इंजेक्शन लगा दिया, चलो कोई नहीं तो ठंड लग है, गिर गया चोट लगी है तो ठीक हो जाएगा रात को चलो सो गए थैंक्स टू दैट डॉक्टर हू केम टू गिव म इंजेक्शन। तो जब सुबह उठे उन्होंने उनसे उठाई नहीं गया, उठा नहीं गया तो 1 मतलब बहुत बड़ा मतलब होता इंजेक्शन का असर खत्म हो गया पी सीवियर शुरू हो गयी तो उन्होंने अपने असिस्टेंट को कॉल किया की भाई तू आज तू शॉप खोल ले, मेरी हालत ठीक नहीं है कल मैं गिर गया था तो मुझे लगता है चोट लगी। तो मैं शायद आप बट पैसेज ऑफ टाइम उनको इतनी सीवियर प्रॉब्लम होगी। तो पेन किलर पर पेन किलर्स खाते गए उन्होंने फ्रेंड अपने फ्रेंड को, डॉक्टर, फ्रेंड को, फिजीशियन को कॉल की। तो फिर उन्होंने लड़का भेज दिया, उसके इंजेक्शन लगा दिया पेन किलर शाम तक उनको फिर प्रॉब्लम शुरू हो गयी पेन किलर से असर ही नहीं हो रहा। फिर फिर से दुबारा उनको इंजेक्शन रात को भी लगा दिया ताकि रात को सो जाए। तो ऐसे ही ये सनडे नाइट तक चलता रहा। तो मतलब समझ नहीं आ रहा था कि करें क्या। फिर उसके बाद मेरी फिजिशन से डॉक्टर से बात हुई जो मेरे लिंक में थे, मेरे क्लोज सर्कल में थे। तो उन्होंने कहा यार सबसे पहले तू एमआरआई करवा। हमने ने मारा की अपॉइंटमेंट ले लिए, एमआरआई करवाने गए। उससे पहले एमआरआई करवाने से पहले 1 डॉक्टर को भी हमने सर्जन को भी चैक करवा लिया था, फिजिशन को भी चैक करवाया, सर्जन को भी दोनों ने करवाओ। पूरी स्पाइन तो पूरी हमने एमआरआई करवाने चले गए। जहाँ पाटमेंट तो डॉक्टर ने बोला यार कुछ गड़बड़ाया। तो मैं 1 बार सीटी स्कैन भी करना चाहता हूँ। तो आई साइड के गो फॉर दैट ऑवियसली हमें प्रॉब्लम तो पता लगनी चाहिए। तो काफी उन्होंने बोल दिया उस इवनिंग में आपको अभी में रिपोर्ट नहीं दूंगा। मैं आपको कल दूंगा कल सुबह आना मैं अभी बहुत अच्छे से स्टडी करना चाहता हूँ। क्यूंकि काफी अच्छे लिंक्स थे उनके साथ जिस डॉक्टर के साथ में गया था, मेरी तो हिम्मत ही नहीं हो रही थी कि मैं लेकर जाऊं, उस पेज पर था ही नहीं मतलब किसी के मतलब ब्लैंक हो जाता है। बंदा के करे क्या ली जब अपने
पेरेंट्स की बात आती है डॉक्टर समीर तो डेफिनेटली समझ नहीं आता क्या करो
तो 1 डॉक्टर थे। उन्होंने उनके साथ एमआर की पॉइंटमेंटजैसे बुक की तो वही साथ लेकर गए, अंदर ले गए। फिर हम गए नेक्ट डे मैंने बात की तो मतलब काफी ज्यादा मतलब, काफी ज्यादा जितनी भी ऑलमोस्ट आई थिंक सेवन टू टेन जो बटीव्रीथी उसमें प्रॉब्लम आई थी, उन्होंने डिफरेंशल डाइगनोज दी थी। प्लाजो मेटा स्टेसिस मतलब न वो चीजें पढ़ कर ही बन्दा हिल जाता है। 1 बार बिल्कुल जी बिल्कुल मतलब ये न शायद एक्सप्रेस नहीं किया जा सकता लेकिन वो स्टेज मतलब बंदे न उठा नहीं जाता चेहर से सी में मतलब सारा कुछ समझ के उनसे उठ कर आ गया हिम्मत करके कुछ कुछ तो करना ही है। तो मैंने अपने घर में भी ज्यादा बात नहीं की थी। तब मैंने अपने कुलीग से पूछा किसी से रेफरेंस लिया जो मेरे 2 थे हायर लेवल के सर्जन डिफ्रेंट डिफ्रेंट मोडालिटीज के उनसे बात की तो कहते भाई ये तो मतलब सर्जरी तो हंड्रेड परसेंट रिक्वायर्ड है और ऑवियसली अगर सर्वाइकल स्पाइन की सर्जरी है तो रिस्क बहुत हाई है। और जो प्रॉब्लम थी वो लोअर स्पाइन में भी चली गई थी। मैं घर आया तो घर में मैंने अपने फादर से बात की कि भई वो तो कह रहे कि सिम्पल बात मैंने थोडा कैजुअल बात की के एफएनएसी करेंगे, थोड़ा सेम्पल लेंगे, ओपी करेंगे, उसके बाद देखेंगे थोड़ी सर्जरी करनी पड़ेगी तो कहते है को नॉर्मल हो जाएगा। मेरे फादर को भी चलो इतनी नॉलेज थी, सब कुछ पता था उनको कहते यार मैंने बायऑप्सी तो करवानी मैंने नीडल नहीं बनवाली। अच्छा उनको पता है कि उनके पास इतने लोग आते हैं, इतने सालों का एक्सपीरियंस है तो कहते यार ये लाइफ मेरे से, फिर भी बैठा मैंने वो सर्जरी का ट्, उसका जो साइड इफेक्ट्स हैं वो बाद में मेरे से नहीं कुछ हो, मैंने नहीं मैंने और कोई ऑल्टरनेटिव बताओ आपको अगर पता था उन्होंने मतलब इधर उधर, हाथ पैर मारे, बहुत कुछ किया न कभी मतलब इस टाइम पर बंदा जब जाता इस बंदे के पास भी चले जाओ, जो अनकेश उनके पास भी चले जाओ। सब कुछ किया मतलब गए तो मैं हिसार में भी गया। उनके लिए तो काफी कई चीजें फेमस होती है। तो बंदा कहता है यार हर चीज ट्राई कर लो। तो फादर को भी आइडिया हो गया था। कभी हमको अभी तक भी हमने कुछ एक्सप्रेस नहीं किया। बट वापिस आया मैं मतलब भटक के मैंने कहा यार अब कुछ बचा नहीं, अब आपने इतना कुछ ट्राई कर लिया, मैंने भी कर लिया, शायद आप करवाना नहीं चाहते तो लेट में ट्राई मेडिकल सुन कर दी। ओके कहते मतलब वो अकेले बंदे थे घर में जो मेरे सबसे अगेंस्ट मतलब वो हर चीज एक्सप्रेस नहीं होती लेकिन 1 फादर और सन का रिलेशन ऐसे होता है। कई चीजें बिना बताए ही पता चल जाती है।
स्पेशली अगर फादर को पसंद आ रहा है जो लड़का काम कर रहा है और यह नहीं पसंद आ रहा है।
एग्जैक्टली तो कहते यार तू अपना एक्सपेरिमेंट कर ले, मेरे पर जो करनी है मेरी तो हालत खराब ही है। तो अपना मतलब पंजाबी में कहते न तू अपना राजा राजी कर ले। तो 1 मतलब इसमें 1 डर भी था, मेरे में प्रेशर भी था, प्रेशर की यार क्या क्या अगर मैं कुछ गलत कर दिया तो क्या हो जाएगा। लेकिन जिन मेंटर से मैंने स्टडीज की थी उनकी मैंने टेस्ट मैंने रात रात पढना शुरू कर दिया मतलब इसी दौरान मैंने ओजनतेल्पीके जो इंटरनेशनल स्पीकर्स हैं है जो 30, 30 40 40 साल के एक्सपीरियंस है जिनको मैं उनके साथ कांटेक्ट में रहना शुरू कर दिया था। स्पैंक तभी मैंने उनको घर आया तो उनको बुला के मुझे ट्राई करने, उस टाइम तक वो डेली फोर टू फाइव पेनकिलर्स खा रहे थे और 2 इंजेक्शन तो मिनिमम लगे रहे थे, इतनी सेवियर कंडीशन थी और उनको पकड़कर बिठा रहे थे, ला रहे थे, वॉशरूम भी पकड़ कर कोई काम कर रहा। उन्होंने पकड़ कर लेकर जा रहे थे, शौप तो वो भूल ही गए थे। फिर मैंने पहली ड्रिप लगाई, उस उनकी पहली ड्रिप लगाई जिसदिन लगाई और थोड़ा रात को उन्होंने फिर पेन किलर का इंजेक्शन नहीं लगवाया, उनको थोड़ा सा कुछ फील हुआ यार कुछ थोड़ा सा मुझे ठीक लग रहा है मैं मतलब 1 खुशी भी होती है और अन्दर से डर भी होता है की यार कर तो रहे हैं लेकिन पता नहीं किस रस्ते में जायेंगे चल तो पड़े है। चलो एनिमेसकूँकइतना कुछ तो हम ट्राई कर रहे हैं तो यह क्यों नहीं क्योंकि है तो यह टोटली जितना भी मैंने स्टडी किया है इसका अगर फायदा नहीं होगा तो नुकसान भी नहीं होगा। अगर हम सही तरीके से करे, ऑवियसली गलत तरीके से करेंगे किसी चीज को भी वो नुकसान तो उसका होता है। तो मैंने फुली ट्रेन डॉक्टर जो है इतने एक्सपीरियंस है उनके साथ पेड़ कंसल्टेशन ली सारा कुछ उनसे पूछ कर सारा, कुछ किया सेकेंड डे उनको थोड़ा और बेटर फील होना शुरू हो गया सेकेंड डे। उन्होंने फिर पेनकिलर का कोई इंजेक्शन नहीं लिया। मतलब फर्स्ट मॉर्निंग तो लिया उन्होंने क्योंकि रूटीन थी डॉक्टर ने आना था उन्होंने लगा नही लगना था। उसके बाद उन्होंने थर्ड डे तो जीरो इंजेक्शन प्लस जो पेन किलर्स की रिक्वायरमेंट थी वो ऑलमोस्ट मतलब मेरे ख्याल 2 या 3 पेन किलर्स खाई थी। वो भी धीरे धीरे जो स्ट्रॉंग मेडिसिन थी वो बंद होनी शुरू हो गई। बाई फिफ्थ डे वो इतना हो गया कि खुद सपोर्ट के साथ वो अप करने लग गए। थोड़ा जैसे वाशरूम जाना हार्टो ने मतलब मेरे लिए भी ये मिरकल था कि यार मैंने किया क्या तो मैंने इंडारेक्टली ऑक्सीजन ही है न। बिल्कुल इसके अलावा तो कुछ दिया ही नहीं। और मेरे जो सीनियर थे वो मुझे बता रहे थे। ये जो वजन तो दे रहा है, इससे जो मेडिसिन दे रहे है उसका इफेक्ट भी बढ़ जाएगा। अगर वो इफेक्ट नहीं कर रही तो वो भी इफेक्टिव हो जाएगी। तो इट हैज। टू बी सिनर जस्टिक इफेक्ट तो सिक्स डे माई फादर वें to shop for two hours हमको इतना क्रेज जाना शॉप पर जाने का इतना क्रेज था मतलब वो रोज सुबह उठते ही सी थे यार आज मैंने शॉप पर जा रहा। लेकिन जब वन वीक में जो होपफुल लूज कर चुके थे न मतलब जब मैंने ओजन थेरेपी स्टार्ट की जिससे मैंने फर्स्ट डे स्टार्ट किया उन्होंने। बस इसी मतलब सारी चीज से हार कर मुझे बोला की करले यह नहीं है कि उन्होंने बोला कोई नहीं करने करने 1 उन्होंने हार कर मुझे बोला वो 1 लास्ट रिजॉर्ट था वन वीक के बाद बस वो दिन और आज का दिन है ही ज नवर इंटू ड्रग्स कोई वो पेनकिलर नहीं खाते जो रिक्वायर्ड है उनकी एज के हिसाब से जो सप्लीमेंट की रिक्वायरमेंट है या उनकी जो जो प्रॉब्लम है उसको मैं रिवर्ट तो नहीं कर सकता लेकिन उसको उसी लेवल पर मेंटेन कर सकता हूं। तो उसको मेंटनेंस के लिए वो जो और जो नॉर्मल सप्लिमेंट्स का या हल्की फुल्की मेडिसिन्स का कॉम्बिनेशन जो चाहिए वो उनको चल रहा है। और वो आज भी अगर मैं आपके साथ लाइव कर रहा हूँ ही सिटिंग एट हिस शॉप उनको 1 इंसपरेशन यार शॉप पे तो जान ही जाना जो मर्जी ये बड़ा रीजन के मैं जो थेरेपी में 1 आया के अगर मेरे फादर को इतनी इम्प्रूवमेंट हुई है जिस सिचुएशन में आपको मैं बता नहीं सकता कि वो किस सिचुएशन से यहाँ तक आये है। तो वा नोट शुड आई एक्सप्लोर मोल फिर मैंने उसके लिए न मतलब ऑलमोस्ट जो बाहर के ट्रेनर है वो इंडिया के हिसाब से रात को जानते हैं। तो मैंने रात को पढ़ना शुरू कर दिया और बाद में जब कोविल का लॉक डाउन हुआ कोविड के बाद वो मेरे लिए 1 बूंद साबित हुआ क्यूंकि मैं दिन रात उसी पढता रहा और इतना एक्सटेंसिव पढा इतना एक्सटेंसिव कि शायद मुझे नहीं लगता मैं डेंटिस्ट्री में भी इतना पड़ा
डॉक्टर समीर पहला तो ये थैंक यू फॉर शेयरिंग दिस चोरी बिकज ये बहुत ही इंस्पायरिंग थी आपकी जर्नी की पेन और सक्सेस सुन रही थी। पर मुझे 1 और बात सुनिए डॉक्टर समीर वो कहते है न यूनिवर्स ने सब कुछ प्लान करके रखा होता है, है न यूनिवर्स ने पहले से आपको जोन का फ्लेवर दे रखा था ताकि जब टाइम आए तो लड़का यूज़ कर पाए
यू कैन सी दैटहैन मैंने आई तक तो ये कभी सोचा नहीं पर डेफिनेटली अगर आप बोल रहे हो तो ये मैं कर लेट करना चाहूँगा क्योंकि मतलब मैंने कभी सोचा ही नहीं था। यार की मैं इस लेवल पर इस डायरेक्शन में कभी जाऊंगा
और अगर आपने पहले नहीं सुना होता तो शायद आप अब भी नहीं सोच पाते।
क्या आपको पता डेफिनिटली न है न
डॉक्टर समीर 1 बेटे के लिए आई थिंक इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती वो भी 1 डॉक्टर के लिए की वो अपने डैड को जहाँ सबने होप लूज करा दी, है न वहाँ से वापस लाकर यूनोस्टेबलकरकर गुड क्वालिटी ऑफ़ लाइफ एंजॉय हो रही है। तो आपको लगा कैसा फिर डर तो लगा ब स टाइम कैसा लगा जब क्लिनिक रोज जाने लग गए शॉप पर एम शौर वो बड़ी 1 तारीफ और चमक वाली आँखों से देखने लग गया आपको।
तो आपको कैसा लगा आज भी मुझे न वो याद है बड़ा प्राउड फील होता है सीरियसली बहुत प्राउड फील होता है जब आप ऐसा कुछ कर लेते है और खास कर के अपनी फैमिली के लिए क्योंकि बंदा न अपनी फैमिली के लिए सारा कुछ करता है, हैंडल करने और उसकी फैमिली सबसे बड़ी होती और उसके लिए सब कुछ कर सकता है, कुछ भी दुनिया से लड़ सकता है। तो फिर आज भी मुझे बड़ा प्राउड फील होता है कि कि शायद अगर मैं वो उस लेन में अगर मुझे जोर न पता होता, न पता होता तो हम अगर उसी रस्ते पर चलते तो सारी दुनिया चलती है। तो हम शायद इस सिचुएशन पर नहीं होते।
पता नहीं क्या होता, वो तो कहना ही बड़ा मुश्किल है ये हो पाना कि बैड शॉप पे जा रहे हैं। हेल्दी है बिल्कुल
आपको पता होता कि किस चीज से क्या फायदा क्या नुकसान है और जितना हमारा दिमाग खराब होता है, पढने हम ज्यादा पढ़ते है। तो पढ़ते पढ़ते हम ऐसी हर चीज समझ लेते है की यार कई चीजें पता नहीं होनी चाहिए न ही पता होती तो अच्छी थी
बिल्कुल आपकी बहुत ही बढ़िया का है। तो डॉक्टर समीर इस बात पर मेरे को न बड़ी क्युरोसिटी हो रही है शोर व्यूअर्स को हो रही है मेरे से भी ज्यादा ठीक है मैं भी वो जोन यूज करती हूँ अपनी प्रैक्टिस में और मैंने बहुत बहुत बहुत फायदा देखा है। जोन का आरोप अगर आप व्यूवर्स को बताना चाहोगे की वो जोन थेरेपी दरअसल है क्या
वो जोन थेरेपी कुछ नहीं है बस बेसिकली ऑक्सीजन है सब कुछ
है, कुछ नहीं है पर सब कुछ
है वही तो हमारे बॉडी के हर सेल की रिक्वायरमेंट है हमारी सारी बॉडी जल्दी ही ऑक्सीजन पे है अगर किसी सिस्टम में किसी सेल के पास ऑक्सीजन सप्लाई पूरी नहीं है उसके पास एटीपीज नहीं है एनर्जी प्रोडक्शन के लिए एनर्जी मॉलिक् नहीं है तो वो निठल्ला है कोई काम ही नहीं कर सकता जब वो काम नहीं करेगा तो हमें अलग अलग तरह की बीमारियां होती हैं। तो बेसिकली हमने ओजोन थेरपी से बॉडी के हर सेल को, ऑक्सीजन कोंचा नी है उसका फूड देना ताकि वो काम करे भूखा न भरे जब उसको उसकी भूख पूरी होगी उसको खाना पूरा मिलेगा। वो अपने आप काम करता है और खुद ही लिंग मोड पे अपना खुद काम करता है।
बेसिकली यह है अगर मैं तो मेरे से जब लोग पूछते हैं न वो जोन थैरेपी है क्या जी तो मैं उनको बोलती हूँ की ऑक्सीजन ओटू होता है टेबल नहीं होता उसको मैं पकडूँ कैसे जी जी जी तो साइंस का फायदा लेकर 1 छोटी सी मशीन लगाकर उस ऑक्सीजन सिलेंडर ऐसी मशीन से निकाल कर ऑटो को थ्री बना देते है जी जी अब वो स्टेबल हो जाता है। अब जब हम उसको बॉडी में डालते है बॉडी में जाके वो दोबारा और थ्री से उलट बन जाता है जी और बहुत ही कमाल का तरीका निकाला है ये सेल्स तक ऑक्सिजन पहुँचाने का, सेल्स को एनर्जाइज करने का मतलब मैंने। तो इसका 1 बड़ा इंट्रस्टिंग न्यूज़ देखा है डॉक्टर समीर जी मेरे पास कुछ पेशेंट्स आते हैं जो कहते हैं की हमने बॉडी बनानी है और जितनी भी एक्सरसाइज करते हैं बॉडी नहीं बनती। तो मतलब मैंने कुछ लोगों को जोन ड्रिप्स दिए और उनकी एक्सरसाइज पोटेंशियल इतना बढ़ गया कि देखो चीफ टारगेट यस में फायदा तो करता ही है पर 1 वेलनेस और 1 बॉडी बनाने का जो नशा होता है और उसके लिए बंदा जितना जोर लगा रहा होता है
जी जी
मैंने देखा की उसमे भी बहुत बढ़िया काम करती है, मैंने 1
स्केटिंग प्लेयर को दी है, हेल्प दी है उनको ड्रिप लगाई तो उसकी एफिसेंसी इतनी इम्प्रूव हो गई थी अपनी स्केटिंग में के वो मतलब अब इंटरनेशनल भी खेल चुका और इंडिया का टॉप टॉप थ्री में आ रहा है, टॉप में है वैसे अपने लेवल में बट मैं फिर भी उसको टॉप थ्री गिनता हूँ क्यूंकी वो उसने मेरे बेटे के साथ स्केटिंग की है।
वेरी नाइस वेरी नाइस तो डॉक्टर समीर इतना पैशन है आपमें वो जोन को लेकर इतना ट्रस्ट है आपको जोन को लेकर मतलब इतना ट्रस्ट है कि मेर को लगता है कि आप डेंटिस्ट्री से इतना मूववेहोगएहैकी कभी तो मुझे आप पूरा टाइम जोन से ही लोगों को हील करना चाहेंगे और आपका जो मैं पीछे नाम भी देख रही हूँ ऑक्सी हील ऑक्सीजेंऐसी हील करना। तो मुझे दिख गया कि जो मैं बोल रही हूँ वो ही सही बोल रही हूँ। मैं तो आपका विजन क्या है आप क्या करना चाहते हो?
देखो मैंने जब फादर की ऐसे हुई तो मैंने बहुत सारी स्टडीज करनी शुरू की। तो बड़ा 1 हमारे इंडिया में वजन फॉर्म ऑफ इंडिया जो बिसलरी का विस्लरी हम पानी पीते हैं, जिनका उन्होंने 1 ट्रस्ट बनाये हुए है और वजन फॉर्म ऑफ़ इंडिया में डॉक्टर मिलीशाऔरडॉजिगनाशा कैप्टन काम कर रहे हैं और बहुत ही मार्वलस काम कर रहे हैं। जब मुझे पता चला कि इंडिया में वो इतने अच्छे ट्रेनर बैठे तो मैंने उनसे भी कोर्स किया, उनका भी कम्प्लीट कोर्स किया ताकि मैं और ज्यादा सीख सकूँ। फिर उसके बाद हमारी जो मिनिस्ट्री ऑफ आयुष है हम मुझे लगता था यार ये ऑथेंटिक ही नहीं है। मैं क्लिनिक कैसे खोल सकता हूँ इसे प्रैक्टिस नहीं कर सकता। मैं डेंटिस्ट हूँ मैं प्रैक्टिस कर ही नहीं सकता। तो मेरे दिमाग में जो हर 1 के दिमाग में आजकल चलता है कि यार ये तो ठंडी की नहीं है, अप्रूव्ड ही नहीं है। तो डॉक्टर मिली शाह ने इतना कोई एफर्ट किया है ने उनके मतलब मिनिस्ट्री ऑफ आयुष जो मारे इंडियन गवर्नमेंट की उनके उनका 1 इंस्टीट्यूट है खुलने में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नैचुरल पैथी उन्होंने वहां पे काफी साल इसकी रिसर्च की, ओजोन की उसके बाद उसको अप्रूव किया इसका अप्रूवल मिल चुका है हमारे इंडिया के मिनस्ट्री ऑफ आयुष ने अप्रूवल दे दिया है। इसको नेचुरल पैथी में इनक्लूड कर लिया है। फिर मैंने उसका एग्जाम क्लियर की, उसकी स्टडी की, उसकी ट्रेनिंग ली, पूने जाके उनके एग्जाम दिए और अब मेरे पास ऑथेंटिक उनका सर्टिफिकेशन है उ उसके बाद मैंने अपनी क्लिनिक खोली क्लिनिक मैट ऑक्सी हील के नाम पर खोली इसलिए ताकि मैं लोगों को 1 अलग लेवल की हेल्थ इंटरड्यूस करूँ जो हमारी मेडिसिन चल रही हैं उनका इम्पैक्ट बढ़ाऊं बॉडी की फंक्शनिंग इम्प्रूव करूं। जब हम सारी बॉडी के सिस्टम की फंक्शनिंग इम्प्रूव कर देंगे तो अपने आप बॉडी हीलिंग मोड पर आ जाएगी जो मेडिसिन्स वो ले रहे हैं उनकी इफेक्ट पर जाएगा और जल्दी वो बीमारी ऐसी छूट पाएंगे
और उसके बाद है सौरी आप बोलो प्लीज मैं पूछ रही तो कोई क्या आपके माइंड में कोई ऐसी ऑडियंस है जिसमे आपको लगता है कि वो सबसे ज्यादा नुकसान कर रही है और सबसे ज्यादा आराम से सही भी हो सकती है। अगर हम मेडिसिन के साथ साथ लाइफस्टाइल चेंज करने के साथ साथ वो जोन को भी इनक्लूड कर दे।
अभी तक तो मुझे सभी में फायदा ही दिखा है। हर 1 में फायदा दिखा तो मैं कहूँगा है जिनकी एक्सट्रीम कंडीशन्स हो जाती है जिसमे कुछ मतलब हर चीज फेल हो गई है। तो वहाँ पर तो डेफिनेटली जोन भी काम नहीं करेगी जहाँ पर सब कुछ फेल हो गया है। क्यूंकि हूजोनल्पीसेनहम आपकी लाइफ को अच्छा तो बना सकते हैं लेकिन लाइफ की जो एक्सपेक्टेंसी है वो बढ़ा नहीं सकते। भगवान ने जितनी सांस लिखे, उतनी लिखेंगे। लेकिन हमारी कोशिश है कि हम उन उतनी सांसों को उतना, ईजी, ईजीली, चलाए ताकि उनको प्रॉब्लम कम हो। तो मैं काफी देर से स्टडी कर रहा था तो मैं ये स्टैटिसिक्स पढ़ रहा था कि टू थाउजंड सिक्स में हमारे इंडिया में। अब मानोंगे ने फॉट्टी, मिलियन, डायबेटिक्स थे फॉटटीममेमालूंगी। लेकिन चलो जो जिनको नहीं पता फॉट्टी मिलियन इज, फ्यूज नंबर और वो भी ये नंबर है जो डिटेक्ट सबका डिटेक्ट होता ही नहीं है। और टू थाउजन्ड ट्वेंटी वन में यह नंबर सेवेंटी फॉर मिलियन हो गया। एग्जैक्टली मतलब फिफ्टीन ईयर्स में ऑलमोस्ट डबल तो कोई न कोई रीजन है न, जिसके कारण यह बढ़ रही है बीमारी। जबकि हमारी साइंस इतनी बढ़ चुकी है कि वो डाउन होनी चाहिए थी। कहीं न कहीं हमारे लोगों को न लाइस्टाइल ऐसा बन चुका है। हमारा एनवायरमेंट ही ऐसा बन चुका है कि हमारे बॉडी में टॉक्सिन्स का लेवल। बहुत बढ़ गया। हम पोलूशन देखें कितना हो गया। तो उस पोलूशन को उस टॉक्सिफिकेशन को खत्म करने के लिए में ओजोन थेरपी के साथ उनको डीटॉक्सीफाई करता हूँ, उनके सिस्टम को एक्टिवेट करता हूँ। जो काम नहीं कर रहे तो उसकी जो मेडिसिन जब वो लेते हैं उनका इम्पैक्ट पूरा आता है क्योंकि बॉडी का सारा जो कचरा है वो अंदर ही रह जाता था। वो बाहर निकल रहा है। तो वो काम भी पूरा कर रही है। जो जो प्रॉब्लम आ रही है डायबिटी पेशेंट्स को, वो थोड़ी उनको बेटर फ्री रहा है। पैसेज ऑफ टाइम और काफी अच्छा मतलब। शायद अभी मैं इस टाइम पर एक्सप्रेस न कर पाऊँ थोड़ा टाइम रुक के आपको मैं पूरा प्रॉपर रिटेल्स के साथ दूंगा। क्यूंकि ये मेरा मैं प्रिपेयर नहीं किया। इसके रिटेल भी मुझे चाहिए होंगी। यहाँ पर। मैं तो अपनी स्टोरी बताने आया था,
कोई बात नहीं डॉक्टर समीर आई, थिंक बहुत ही मजा आया, मैं कर देती हूँ। मैं डायबिटीज लास्ट फाइवर से काम कर रही हूँ। जैसे जी जी आई हैव सीन की जो पेशेंट्स बिल्कुल चक हो जाते हैं। लाइफस्टाइल टॉक्सिफिकेशन ऐसी नहीं मूव कर रहे होते हैं, वो जोन थेरेपी कर कर वो भी मूव कर जाते हैं। तो काफी सारे पेशेंट्स को बेनिफिट हुआ है एंड वो पेशेंट जिनको लाइफ स्टाइल ऐसी न हम 1 लेवल पर ले आये थे, बट रिवर्सल नहीं हो पा रहा था।
जी।
तो डेटा के बिना भी आई कैन
सपोर्ट यू ही नहीं, डेफिनिटली का काफी अच्छा इफेक्ट है। और आपका भी थैंक्यू आपने भी बहुत सपोर्ट किया मुझे क्यूंकि हर कोई बंदा में मैं इतना खुद को सोचता नहीं कि परफेक्ट हूँ। तो मैं अपने हर पुली की जितने भी, जहां से भी मेरे मेंटर हैं, सीनियर्स हैं, जूनियर्स हैं, उनसे हर तरह की नॉलेज गेन करता रहता हूँ। तो आपने मुझे काफी सपोर्ट किया की इन चीजों में अब हम आपसी हील में क्या कर रहे हैं के उजोंथेर्पीआपकी प्लानिंग आपका लाइफस्टाइल चेंज। जब ये तीनों का। कॉम्बिनेशन हो जाता, न तो आई थिंक डायबटीज रिवर्सल इज, नॉट अ थिंग डेडली
कॉम्बिनेशन हो जाता है यू आर राइट थैंक यू डॉक्टर समीर i dont see anybody if you have an e questions, you can right and thank you for your motivation and for your lovely comment and same, thank you very much for coming, here sharing your story and teching our lives in this personal space so beautiful। शू ऑल द बेस्ट एंड आई एम शोर की यू विल बेनेफिट लोट्स एंड लॉट्स ऑफ़ डायबिटिक्स एन इंडिया को डायबिटीज फ्री बनाने में आपका काफी बड़ा कॉन्ट्रीब्यूशन होगा।
बस इस रस्ते पर चल गए हैं तो कुछ कुछ तो कोशिश है कि हम जितना कुछ कर सकते हैं।
अपना पूरा कॉन्ट्रीब्यूशन होगा जी।
अपनी अपनी तरफ से हंड्रेड, परसेंट ठीक है जी।
thank you very much and thank you everybody, if you will have any qवेstंस। आप प्लीज निचे पोस्ट कर दीजियेगा डॉक्टर समीर will ansrdosthankyou having amazing evनिंगथैंकयू।
सम टो यू थैंक यू जी।
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