New Horizons in Diabetes management

In this hour‑long bilingual (Hindi‑English) live discussion, Dr. Priti Nanda Sibal and Dr. Pankaj explore the spectrum of diabetes complications and the strategies needed to prevent them. They begin by outlining the major micro‑ and macro‑vascular sequelae of diabetes—retinopathy, nephropathy, peripheral neuropathy, coronary artery disease, stroke, and erectile dysfunction—emphasising how chronic hyperglycaemia leads to vascular deposits and vessel stiffening. The conversation then shifts to emerging neuro‑degenerative concerns, noting rising incidence of Alzheimer’s and Parkinson’s disease in type‑2 diabetics and the concept of type‑3 diabetes. They map the typical timeline of complication onset, explaining that microvascular damage often appears after 10 years of disease and becomes widespread by 20 years, but that early lifestyle modification can delay this trajectory. A significant portion of the dialogue is devoted to the growing prevalence of young‑onset diabetes, its distinct genetic and autoimmune sub‑types, and the heightened risk of early complications. Throughout, the physicians stress that aggressive lifestyle changes—diet, exercise, weight management—are the most effective means to postpone complications, and they advocate a holistic treatment model that blends allopathic drugs (metformin, SGLT2‑i, GLP‑1 RA, insulin) with functional medicine, Ayurveda, and patient‑centred education. They conclude with a call to share this information widely, motivate patients to adopt modest, sustainable changes, and recognize that diabetes care will continue to evolve, requiring ongoing monitoring and adaptation.
Chapters
थैंयोकडीसौरी। we had to take a breaking between। because nkugnetworkhadwon हई डॉ पंकज,
हेल्लो सौरी
चला गया है, वेल्कम बैक तो बहुत फ्रीज हो गया था, तो आई हैड टू stop the live it, but we will continue from your can, you hear me।
ye i can
to a lite lite problem is that i think? i dont know the this will go live, but we will then share the lingai people to licenta
this is showing line
thats good yes, now its like perfect, so doctor punkt sorry we lost you in between so you you saying that massl losses what happens if you are super level, sahi and muscle is actually the marker of aging you have लेस मसल, you have less you have more a
हेलो एबसोलूटडॉलरपंक
एबसोलूटली परफेक्ट सो डॉक्टर पंकज what आर दी मेडिसिन जेनरली में बोलते है की अगर कोई डायबिटिक आता है तो आप उसको शुरू में मेटफॉर्मिन से शुरू करो फिर सर्फललाइललोरियास डाल 2, फिर डी पी पी, फोर डाल 2 कुछ और डाल 2 एंड वो 45 चीजें हैं हमारे पास जिसके बीच में हम पेशेंट को मैनेज करते हैं एंड देन अगर नई हो फिर भी तो हम इन्सुलेस दे देते हैं
बिल्कुल
ठीक है बट जेनरली बहुत कम बार यह बात होती है कि कौन से पेशेंट्स को कौन सी मेडिसिन नहीं दे सकते है। यह है प्लीज शेयर विद, द ऑडियंस की क्या रोल है इन सब मेडिसिन्स का ये कैसे डायबिटिक की फंशनिंग को हेल्प करती है और क्या क्या प्रिकोशन रखना होता है। अगर जब हम कोई भी कुछ प्रिस्क्राइब करते हैं फोरोपेशन ताकि कुछ कॉम्प्लिकेशन न हो।
यह देखिये ये आई थिंक 10 15 साल पहले जो आपने सिक्वेंस बताया वो फॉलो होता था लेकिन अब जो फॉलो जो अब मेडिसिन आई है वो काफी बेटर क्वालिटी की है और काफी अच्छे से काम करती है। तो मैं पेशेंट्स में इसको हमेशा कस्टमाइज करता हूँ डिपेंडिंग उन द पेशेंट की इच कितनी है, उसका एच बी ए वन सी कितना है, उसका इन्सुलेस रजिस्टेंस कितना है, उसका बॉडी में इन्सुलेट लेवल कितना है एंड उसको कोई यूटीआई की हिस्ट्री है या नहीं तो मल्टीपल चीजें आपको फॉर्मूलेशन में लेके चलनी पड़ती है एंड देन यू स्टार्ट द मेडिसिन फर्स्ट फॉल जो मेडिसिन सेलो पेटी की हैं वो सब टाइम टेस्टेड है तो युजुअली उनके जो साइड इफेक्ट होते हैं वो बहुत ज्यादा कम होते हैं ये लोगों का मिसकंसेप्शन है कि अल्पपेथी मेडिसिन मेरे पास ऐसे पेशेंट भी हैं जो 30, 40, 50 साल से मेडिसिन खाद हैं। एंड दे आर दे आर डूइंग वेरी गुड। तो अल्टीमेटली डायबिटीज का जो रिसर्च है वो ऑलमोस्ट हंड्रेड यर्स बैग रिसर्ड है तो उसमे यूजुवअलली कोई दिक्कत नहीं होता है बट यस पेशेंट का। अब जो हम प्रोटोकोल डिफाइन करते हैं उसमें जो नॉर्मली पेशेंट को देखने को मिलता है वो प्राइमरी इशु इंसुलि रजिस्टेंस पहले जो देखने को मिलता था वो पैंक्रियाज में बीटा सेल्स के एग्जोशन से इन्सुलेट लेवल कम बनता था लेकिन अब अधिकतर पेशेंट टाइप टू डायबिटीज के विल इंसुलेट हाइपर इंसुलिंसनिमिया है तो वहां पर हमें इनसुलेंसरजिस्टेंस पर प्राइमरी ली काम करना पड़ता है तो वहां पर हम मेटफॉर्मिन है आपका जो लिफ्टिन है या सीता लिफ्टिन या लीला ग्लिफ्टीनहै जो कि डी पी पी फॉर इन मीटर है यह आजकल जो नई कैटेगरी आई है जिसमें हम आपका एस जी आई टी टू एनि मीटर है जो यूरीन से शुगर को बाहर निकालता है, ग्लाइड को सूरिया रिलीज करता है वो काफी अच्छा मेडिसिंस है जो कि ऐक्चवली आपका हार्ट व किडनी को भी बचाता है ईवन वो पेशेंट जो मेडिसिन है वो आप किडनी और जो आपके कार्डिक पेशेंट हैं जिनका हार्ट में फंक्शन कॉम्प्रोमाइज हैं उनमें भी अलग से भी यूज होने लगा है वो इतना ज्यादा सेफ हैं तो डिपेंडिंग ऑन द पेशेंट वेट डिपेंडिंग ऑन द पेशेंट एज एंड डिपेंडिंग ऑन द पेशेंट एच बी ए वन सी हम डिसाइड करते हैं कि पेशेंट को मेडिसिन कौनसा देना है
डॉक्टर इतने सारे टाइप टू डेबिगिटपेशेंटस इन्सुलेट पर क्या है
जी तो ये ऐक्चवली रौंग प्रैक्टिस है जो की फॉलो होती है उसका मेन रीजन है हमारा कि हम जो उसका जो फर्स्ट जो हमारा थेरेपी एलोपेथी में सिखाई जाती है वो है एम एन टी यानी मेडिकल न्यूट्रीशन थेरेपी जिस पर न तो डॉक्टर न ही पेशेंट ध्यान देता है एंड उस वजह से पेशेंट का शुगर कंट्रोल में नहीं आता है आई विल आलवेज से टू माई पेशेंट के आपके डायबिटीज कंट्रोल में जो डाइट का रोल है वो मोल दिन फिफ्टी परसेंट है, जो मेडिसिन का रोल है वो लेस देन फिफ्टी परसेंट है एंड एक्सरसाइज का रोल आपका ट्वेंटी टू थर्टी। तो जब तक आप केवल मेडिसिन पर ही बैलेंस रहोगे या फोकस रहोगे आपकी बॉडी में आपको शुगर में उसका रिफ्लेक्शन नहीं दिखेगा क्योंकि युवा वर्किंग ओनली ओन थर्टी टू फोर्टी परसेंट पार्ट ऑफ। जब तक आप अपना लाइफस्टाइल चेंज नहीं करेंगे, डाइट चेंज नहीं करेंगे तब तक वो इफेक्ट नहीं आता में होता क्या है। क्योंकि आपने सिर्फ थर्टी फोर्टी परसेंट पर ही काम किया तो शुगर आपके कंट्रोल में नहीं आता है सारी मेडिसिन आप एग्जॉस्ट कर चुके होते हो तो फिर अल्टीमेटली स्टार्ट, गिविंग, इंसुलेटड पेशेंट, बट, इट स, ऐक्चवली रोग, प्रैक्टिस स्पेशली, अगर पेशेंट का रजिस्टेंस ज्यादा है, वेट ज्यादा है तो पेशेंट लैंड, अप इंटू वीसीएस साइकिल। क्योंकि अगर आप उसको इंसुलेट देंगे, इंसुलेट देने से उसका वेट गेन होगा, वेट गेन होगा तो उसका इंसुलेट रजिस्टेंस बढ़ेगा, रजिस्टेंस बढ़ेगा तो डायबिटीज बढ़ेगा, एंड डायबिटीज बढ़ेगा तो शुगल बढ़ेगी, शुगल बढ़ेगी तो इन्सुलेस बढ़ेगा तो पेशंट इस विशेष साइकिल में फंस जाता है एंड उससे निकालना इज, वेरी डिफिकल्ट एंड अल्टीमेटली, फिर वो कॉम्प्लिकेशन का सामना करता है।
डॉ पंकज। मैंने आजकल 1 इन्सुलेट चैलेंज करके शुरू किया है अपने प्रैक्टिस में आम से एंड टेलिंग, पीपल इफ, यू टाइप टू डायबिटिक, कमिंग वर्क ऑन द लाइफ स्टाइल एंड वाई ऑफ़ योर डायबिटीज फॉर थ्री मंथ, इफ, यू डोंट, डिग्रीज, योर इंसोलेंोसेजऔर, डोंट स्टॉप टेक, योर मनी, बैक
सो वी आल सो उसमें आपका नमली पेशंट का इनसुल, अधिकतर पेशंट का इंसुलेंसआपऑनटू थ्री मंथ में बंद करवा सकते हो। बशर्ते पेशंट के पेंक्रेटिक सेल्स बीटा सेल रिजर्व्ड हैं एडिक्ट हैं एच बी व सी बहुत ज्यादा हाई नहीं है और पेशेंट ओ बीज या रजिस्टेंस की कैटेगरी में ज्यादा जाता है जो कि अधिकतर ज्यादा पेशेंट होते हैं उनका आराम से आप इन्सुलेट के बिना भी मैनेज कर सकते हैं।
एग्जैक्टली आई थिंक जहाँ पर बॉडी ऑलरेडी इनसूलेंटरजिस्टंस में है और ज्यादा इन्सुलेट बना रही है तो वहाँ पर थोड़ा सा काउंटर प्रोडक्टिव लगता है कि हम बाहर से भी इन्सुलेस दे रहे है एब्सोलूटली ऑल सो। मैंने देखा है कि इन केसेज में न ग्लूकोस के लेवल की फ्लाचुएशन बहुत ज्यादा मिलती है आपको बिल्कुल शली अगर इन पेशेंट्स का डायबिटीज गोट हेल्थ से रिलेटेड हो तो
उसका जो एब्जॉप्शन होगा घर से वो इलेक्टिक होगा डिपेंडिंग ऑन द हार्मोन लेवल डेपिंग एंड आपका जो मेडिसिन हमारा जो डाइट है उसमे कार्ब्स की मात्रा बहुत ज्यादा डाइट है उसकी वजह से भी फ्लेक्चुएशन थोड़ा ज्यादा होता है पेशेंट ऑन ऑफ साइकिल में फंस
जाता है बिलकुल शुभांगी वंटिngटोआस्क वाट इस दिस मेडिसिन विच हेल् दी हॉट
the medisin हेल्प दी hard यह मेडिसिन बेसिकली एस जी एलटी टू इनिमीटरसोडियm ग्लू कोसट्ांसपोर्ट एस जी एल टी टू तो जो आपका यूरिन से आपका शुगर को बाहर निकालता है वो आपके हार्ट के लिए बेनिफिशल है वो आपके किडनी के लिए भी बेनिफिशियल है अगर आपको यूरीन से या किडनी से प्रोटीन यूरिया होता है या अल्बम रिलीज होता है वहाँ पर भी वो यूज होती है तो जैसे वेरी वेरी गुड मेडिसिन वेरी स्टेट मेडिसिन एंड वन मोर एडवांटेज की वेट लॉस में भी सपोर्ट करती है बिल्कुल बिल्कुल
वेट लॉस में भी सपोर्ट करती है। वेरी नाइस डॉक्टर पंकज अगर हम आजकल देखे तो बहुत बजे अराउंड empikmonjaरोzep अभी आज सुबह मैं lincinpicpos्t पढ़ रही थी i was not able to find right now, who had giving a very good description of the four dlp। तो आपका इसमे ओपीनियन क्या है एंड सेकेंड ली डू यू थिंक जिस तरह से अभी हर कोई यूज कर रहा है दैट्स द राइट वे टू डू इट एंड डू यू थिंक। इसको यूज करना भी चाहिए की नही करना चाहिए।
दर्द प्रॉब्लम इन इंडिया बेसिकली जब भी कुछ नया लांच होता है वि वेरी वेरी हाइपर एक्साइटेड एंड उसका यूज से ज्यादा अबयूज हो जाता है सो that is the इशु। सो इन दैट केस जो उसका जो इंडिकेशन है वो बहुत ही स्पेसिफिक इंडिकेशंस हैं जहाँ पे आपको यूज करना चाहिए एंड उसका जो प्राइमरी इंडिकेशन है वो है कि पेशेंट नॉन रेस्पोंडिंग है या फिर पेशेंट कम्पलीटली बिकॉज ऑफ एनी रीजन कम्प्लीटली सिडेंटरी लाइफस्टाइल में है ही कैन नोट move है कैन नोट 2 फिजिकल एक्टिविटी और या फिर पेशेंट का वेट हंड्रेड से ज्यादा है रजिस्ट्रेंट फैट है जो कि किसी भी तरीके से डिस्पाइट ट्राइंग द वेट लॉस डाइट एंड ऑल पेशेंट का रेस्पोंस नहीं आ रहा है पेशेंट बहुत ज्यादा फूडी है जहां पर उसका फूड का इंटेक इज कंजप्शन ज द हायर साइट यहाँ पर वो क्लासिकल केस बनता है जहां पर आप ये मेडिसिन या फिर जो इंजेक्शंस हैं वो स्टार्ट कर सकते हो। तो अगर ये इंडिकेशंस बनते हैं तो यहाँ पर आपको यूज करना कोई गलत नहीं है बट शुड भी अंडर डॉक्टर गाइडेंस प्रॉब्लम ये है कि हम इसका यूज आजकल डायबिटीज से ज्यादा वेट लॉस के लिए कर रहे हैं। वेट लॉस में भी यूज करना गलत नहीं है। बट शुड बी अंडर गाइडेंस बट यहाँ पे कुछ लोग आजकल आते हैं कि सर मेरा वेट ए टी है मुझे सेवेंटी लेके आना है, नाइनटी है, मुझे एटी लेके आना है। वहाँ पे इंडिकेशन दे दी पंकज है,
फ्री डे बैक है, पेशंट सिटी इंच मुझे फिफ्टी फोर लाना है यह पता नही फिफ्टी टू से यार बट वाई टू डू नहीं नहीं नहीं नहीं मुझे तो लाना है। आप नहीं करोगे मैं कहीं और से ले लूंगी
केस वी शुड नोट लिसन टू द पेशेंट क्ली डोंट नो की वो उसके कितने पेशंट को पता नहीं होता है की उसके सा काफी सारे होते है।
बिल्कुल डॉक्टर साइडिफेक् क्या क्या होते है
सर्डिफेक्समेनीएक्च्वली बेसिकली 1 तो आपका जो एपेटाइट रिड्यूस होता है गैस्ट्रिक एंटिंग स्लो हो जाती है तो पेशेंट को सीवियर नौजिया होता है वोमिटिंग होती है 1 कांस्टेंट डिस कंफर्ट में में काफी लोगों को बना रहता है। इन सम केसेज इट में लीज टू, लूज, मोशन, साल, सो एंड, उसके बाकी और भी साइट फेक्स हैं जो की डिपेंडिंग जो की जनरल नहीं है बट पसंद पसंद वैरी करते हैं।
तो डॉक्टर पंक जितने भी पेशेंट मैंने किए है वे काफी सारे कर लिए है। इन फैक्ट वन ऑफ़ द पेशेंट वैज
ऑन
के मंजारो एंड देन शी केम टू मी तो मैंने ऑव्योसली उसका डायट चेंज किया, उसका पूरा न्यूट्रीशनल बैलेंस किया, सो वन मंथ लेटर ऑफ कॉल्स वी रेड्यूसर डोजिंग टू इवन हाफ टू पाइंट फाइव पे ले आये। फिर बंद किया। बट इंट्रस्टिंग ये था कि शी सेड की मैं पिछले वन यर से ये ले रही हूँ। i ve lost a lot of वेट बट नोबडी हैज कॉम्पलीमेंट मी मैंने वेट लूज किया ै i dont know, what you have done from last one on? people are coming to my seaten complementing me, we are what are you doing you have lost wat,
you can you can only on one thing, you have to work all around basically you have to work in your life, your di, stile your mind set everything is everything meters कि अल्टीमेटली अगर आपका स्ट्रेस लेवल भी हाई है तो स्ट्रेस लेवल से आपका जो वेट कमी है वो आपका ग्रो करेगा वो भी आपका टाइप टू डायबिटीज को इनक्रीज करेगा पेंक्रियास को से बीटा सेल्स के के जो इंसीडेट रिलीज को है वो स्लगिश करेगा लेबल में फैटी लिवर को इनक्रीज करेगा। तो अल्टीमेटली ये भी आपका कोन्टरेडिक्टिव ही काम करता है जितना तो आपको सेस नहीं लेना है वो 1 काफी इम्पोरटेंट फैक्टर है जो कि आपका डायबिटीज कंट्रोल में आपको हेल्प करता है।
राइट डॉक्टर पंकज मैंने अभी बहुत सारी स्टडीज सुनी की विजन लॉस हो जाता है, बैनक्रिटाइटर्स हो जाता है कुछ केसेज में थायराड कैंसर के भी इंसीडेंस आए हैं एंड मोर इम्पोर्टेंट ली ऑटो इम्यून कंडीशन अगर किसी को है तब क्या उसको ये लेना चाहिए
देश अभी हमारा है जो हमारा अभी इन्सुलेट यूजर्स है जो हमारा ये जो अभी ओजेंपिकयायावीगो भी इंडिया में लॉंच हुआ है अभी इसी साल तो ये अभी फेस फोर में टाइल्स में है क्योंकि ज्यादा टाइम अभी इनको मार्केट में हुआ नहीं है 2 से 3 साल ही हुए हैं तो उनका एक्चुवल में सर्टिफेकट कितने हैं तो हमें पता नहीं है ठीक है तो जब तक किसी ड्रग को मार्केट में आए 5 से 10 साल नहीं हो जाते तब तक वे कैट से हंड्रेड परसेंट शोर ली कि हाँ ये ड्रग कितना इफेक्टिव है कितना इसका सेफ्टी प्रोफाइल है कितने इसके साइडिफेक् आये तो इन डेड केस जब अभी मतलब मैं इसको काफी ज्यादा जुडिशयसलीयूस करता हूँ मैं बहुत ही कम पेशेंस में इसकी एक्च्वालीरिक्वारमेंट होती है लेकिन हैं जिसका वेट जिसका हम आयुर्वेद की भाषा में बोलते हैं। सीवील कफा दोषा जहाँ पर बॉडी में फैट की मात्रा ज्यादा है अर्थ कंपोनेंट ज्यादा है वहां पर जिनका वेट हंड्रेड से ऊपर है वहां पे 1 इग्निशन के लिए तो स्टार्ट विद वो आपको हेल्प करता है, डेफिनिटली हेल्प करता है लेकिन जिनका वेट बहुत ज्यादा नहीं है या जो लाइफस्टाइल में चेंज कर सकते हैं या फिजिकली एक्टिव खुद को कर सकते हैं वहाँ पर डेफिनेटली यूशूायद options including medicine and deden going directly jumping into osempigoligovsmg, belsisthank you drop to paंkज
for sharing theres, because now people are doing the left and center and i strongly believe। अच्छा ड्रग है मार्केट में रह पाना चाहिए एंड उसके लिए बहुत जरूरी है की इसको जूडिश्यली यूज किया जाए क्यूंकि अभी तो कल मेरे पास कोई आया था वो सेड की हम सिर्फ इंटूथ्रीनॉलेजिस्ट को ही प्रमोट कर रहे हैं इंटरनल मेडिसिन को वी आर गोइंग टू नो गाइनेक फॉर पी डी डेमेटालजिसटएंड स्पेशलिटी है तो या लेट्स की पर फिंगर्स क्रॉस मुझे लगता है कि मॉलिक्यूल बहुत ही अच्छा है एफ यू सैड उन केसेज के लिए जो हंड्रेड प्लस है या नॉन रिस्पांड डेबिटिक्सहै जहाँ कुछ भी काम ही नहीं कर रहा एंड देर यंग पीपल ट्वेंटी ट्वेंटी नाइन यर्स। तो वहाँ पर डेफिनिटली इट कैन बी अ गेम चेंजर बट उसके साथ अगर हम लाइफस्टाइल करते हैं तभी हम इसको छोड़ पाएंगे अदरवाइज ये लाइफ लोंग तो नहीं ले सकते हैं बिकॉज इसके साथ
जिसने भी एबसोलूटा जितने भी हमने पॉजिटिव आउटकम्स या सेलिब्रिटी स के देखे हैं वहाँ पर उन्होंने इंजेक्शन के साथ में डाइट पे सिग्निफिकेंट ली। उन्होंने चेंज किया है तब जाके क्योंकि जो मैंने देखा है अपनी प्रैक्टिस में इसके जो इनिशियल रिजल्ट आते है 2 से 3 महीने में वो अच्छा वेट लॉस देते हैं लेकिन उसके बाद जो वेट है वो प्लेट फेज में चला जाता है उससे फर्दर जॉब होना मुश्किल होता है तो ऐसा नहीं है की आप लेते रहेंगे तो आपका वेट लॉस होता रहेगा उसकी 1 लिमिट है उससे ज्यादा वो लेट लॉस नहीं कर पाएगा लेकिन अगर आप डाइट में भी चेंजेस करेंगे, एक्टिविटी को अपना इनक्रीज करेंगे तो उसका इफेक्ट आपको कॉन्सटेंटली लंबे समय तक दिखता रहेगा।
डॉक्टर पंकज अभी 1 बड़ी इंट्रस्टिंग सीएम में देवर लॉट ऑफ इंटाशइंटरनेशनल स्पीकर्स में गई हुई थी। जो डेटा कह रहे है की वे वेट जो वापिस आता है वो ठीक ठाक स्पीड पर आता है। एब्सोलूटलीहैतो अगर आप साथ में लाइफस्टाइल नहीं चेंज करेंगे, अपनी माइटकांटरलहेल्थ पे नहीं काम करेंगे, अपना एक्सरसाइज पर नहीं काम करेंगे तो देन ऑल योर एफ आई थिंक
विल गो वेस्ट या इसमें जो दिवाओं इफेक्ट है वो बहुत ज्यादा है। मतलब जैसे आपने बंद किया आपने कुछ चेंजेज क्यंकि आपने समझे नहीं, अपनी बॉडी को नहीं समझा। तो अल्टीमेटली आप उसी लेवल पर दोबारा आ जाते हैं उसका इफेक्ट ज्यादा लंबे समय तक बना नहीं रहता है। इस नोट लाइक या आपने ले लिया तो उसी नीचे लेवल पर सेट हो जाएगा। इस नोट लाइक जा
सो। डॉक्टर पंकज ने आदर टिप्स यू हैव फॉर पेशेंट जो पेशंस या जो डॉक्टर हैं हेल्थ कोच ै उनके लिए कुछ आप बताना चाहते हूँ। एस्पेशली जो आपको लगता है की हम अभी भी डायबिटीज मैनेजमेंट में मिस कर रहे हैं। और डॉक्टर पंकज में यह सवाल पूछ क्यूँ रही हूँ आपसे आज से 10 साल पहले न मैंने अपना डायबिटीज रिवर्स किया था एंड दैट्स हाऊ आई कम इन टू फंक्शनल मेडिसिन। ठीक है मेरे घर में सारी मेरी बुआ 120 125 किलो डायबिटिक मतलब स्ट्रॉंग जेनेटिक फैमिली हिस्ट्री है, सांस भी लेती हूँ तो भूल जाती हूँ वाला सिचुएशन है ठीक आम शौर बहुत से लोग मेरे साथ रिलेट कर रहे होंगे। इस टाइम पर मैंने देखा डॉक्टर पंकज उस टाइम पे जितनी इजीली लोगो का डायबिटीज रिवर्स करवा पाती थी। ठीक है या उनकी मेडिसिन स्टेबल कर पाती थी या उनकी एनर्जी में चेंज ला पाती थी। टेन यर्स डाउन द लेन उतना जल्दी असर नहीं आ रहा है एंड यह मैं अभी नहीं देख रही हूँ। पिछले कुछ साल से मैं नोट कर रही हूँ कि इट इज गेटिंग अलॉट मोर वर्क नीड टू बी डन टू गैट द सेम रिजल्ट दैन। जो मेरे को 10 साल पहले करना
पड़ता था उसका उसका 1 बहुत ही सिम्पल सा रीजन है। 10 साल पहले सोशल मीडिया नहीं था
एग्रिवितयूबहुत बड़ी इतना पेशेंट तो पेशेंट के
पास इनफॉर्मेशन बायस नहीं था, वो आपके पास आता था, आपकी बात सुनता था, उसको फॉलो करता था और खुश रहता था। अब डॉक्टर सो पेशेंट रील देखता है उसको लगता है कि ये कदम को कंफ्यूज होता है कि ऐसा बोला था ये तो यहाँ ये बोल रहा है। तो आपको अगर आप ऑनलाइन जाएंगे तो हर चीज के जो भी एडवाइस है उसकी कॉंटराडिक्टरी एडवाइज आपको मिल ही जाएगी एंड वो भी सही लगेगी तो द फैक्ट इस के हर इंसान के लिए हर फॉर्मूला काम नहीं करता है। आयुर्वेदा हमेशा बा मानता है प्रैक्टिस आयुर्वेदा लौट के अल्टीमेटली हर इंसान 1 अलग प्रकृति का है हर इंसान की जेनेटिक्स डिफ्रेंट है तो इस शुड बी कस्टमाइज्ड एंड दूसरी बात उसमें हमारा डाइट पे जो हम देते हैं वो भी इतना सिग्निफिकेंट नहीं है हम डाइट पे तो देते हैं लेकिन टाइमिंग पर हम कभी न कभी भूल जाते हैं। पेशेंट को हमने बोला कि प्रोटीन फैट खा लो लेकिन अगर पेशेंट प्रोटिन फैट नाइट में खा रहा है तो वो अल्टीमेटली पूरी रात उसकी मशीन काम करेगी वो बॉडी रस्ट पे नहीं आएगी, ऑटोफेजी नहीं होगा, लिवर डिटॉक्स नहीं होगा तो अल्टीमेटली पेशेंट को उससे खास फायदा नहीं होगा उसका शुगर शायद कंट्रोल में आ जाएगा लेकिन उसका जो कॉम्प्लिकेशंस है उसका जो फैटी लिवर है वो उसका सही नहीं होगा। तो इसी तरह से आपका जो वार्ड पित कफ है या आपका नेचर है उसको पता करना जरूरी है आपके लिए क्या सही है नथिंग नथिंग, इज लाइक कोई भी 1 जनरलाइज फॉर्मूला है ही नहीं डायबटीज मैंने देखा है काफी पेशेंट के लिए फैट डाइट काम करता है काफी पेशेंट में सिंपल आप कार्ब बंद कर 2 ग्रीन फ्री डाइट, पे डाल, 2 वो पेशेंट का काम करता है काफी पेशेंट हैं जो अगर आप दिन भर कुछ भी कर लो, आप अगर रात भर जाग रहे हो काम की वजह से या फिर आप नेटफ्लिक्स पर हो या फिर मूवीज देख रहे हो तो आपका शुगर कंट्रोल में नहीं आएगा क्योंकि वो क्रेविंग आपके हार्मोन सारे खराब होंगे, आपका जो लेफ्टिन है, ग्रेलिन है, जो आपका फूड का, जो आपका फ्लेक्चुएशन है, आपका एपेटाइट है सप्रेशन वो सब ऊपर नीचे होगा अल्टीमेटली तो वो आपका इफेक्ट आपको नहीं दिखेगा। तो बहुत सारे आपका क्या खाना है, कब खाना है, कैसे खाना है, किसके साथ में खाना है। आजकल हल चीज का चलन है कि स्मूदी बना के सब कुछ मिल्क में मिक्स कर लो और उसको पी लो तो अल्टीमेटली वो भी आपको हम कर देगा क्योंकि हर चीज आपके बॉडी में हारमोंस बॉडी के जो एंजाइम है वो खुद कंफ्यूज हो जाते है की हम किस को बचाए। तो आपका 1 सीक्वेंस फॉलो करना होता है सही मात्रा में सही चीज को आप मिक्स कर सकते हो। मल्टीपल कुछ लोग फ्रूट डाइट पर ओनली चले जाते है मेरे पास कुछ पेशेंट हैं जिन्होंने खाना छोड के ओनली टी डाइट पर आ गए के देवर तिंग ओनली टी एंड उनका शुगर एच बी सिक्स से लेके टेन तक पहुँच गया। तो अल्टीमेटली तो ये जो आपकी जो फैट जो की जो आजकल चल रहा है कि रैपिड में 3 दिन में कर दूंगा या 10 दिन में कर दूंगा। ये सब
लॉंग टम लोंग टम है
नोटो के जिए मोटो भेजी की बात करे सौरी हां जैसे हम फास्टिंग आज कल म सुनते हैं, फास्टिंग इज, वेरी इफेक्टिव हैं, बट फास्टिंग में फास्टिंग में भी आपको क्या करना है, कब कैसे करना है, कितने टाइम के लिए करनी है, कौनसे टाइम पे करना है। काफी लोग 2 बजे तक खाना नहीं खाते हैं और फिर रात को 10 बजे तक खाना खा लेते हैं। लेकिन आपका जो इंडियन कॉन्सेप्ट है वहाँ पर फास्टिंग आपकी सन सेट से लेकर सनराइस तक चलती है तो वो वाला फास्टिंग आप सीक्वेंस फॉलो करेंगे तो वो मैटर करेगा तो दे आर सो मेनी थिंग्स जो आपकी बॉडी में इम्पैक्ट रखती है लेकिन हमें पता नहीं होता है तो वो छोटी छोटी गलती आपको पिक अप करके आपको जब तक आप उसको चेंज नहीं करेंगे तब तक आपको उसका पूरा इफेक्ट देखने को नहीं मिलता है।
हाँ डॉ पंकज मैंने अभी रिसेंटली ये देखा है की जो लोग ये सब करते भी है न उनका भी बहुत ज्यादा ऐसे नहीं है कि मैं बोलूंगी की कंट्रोल हो रहा है एंड मेरा जो ऑब्जर्वेशन है उसमें 2 है 1 रिलेशनशिप स्ट्रेस
जो हमने बात किया तो
जो ट्रस्ट था वो जो जफीशपीहोनी चाहिए राइट फैमिली में जो डिनर कट्ठे बैठ के खाना है और जो उसकी एनर्जी है आई थिंक मेरा जो अपना ऑbजrवेशiनएकहो सेकonडgothel्थ for some reason। मेबी बिकाज स्ट्रेस मे सोशल मीडिया मे caus polution something is there but गoटheल्थवेजा पेशेंट fstाहैitixmaclongt to get हम आउट a lot of केसेज स्पेशली अगर मैं देखता हूँ लाइndिzeजन यह वायरल लोड हाई है वहाँ पर न ये सारे मेरे लाइफ स्टाइल के प्रिंसिपल्स समाव फेल हो जाते हैं। उस टाइम पे फिर कुछ डेफिनिटली दर आर सम थेरेपीज विच वी हैव और जोन थेरेपी अच्छी है हाइपरबेरिक ऑक्शन थेरेपी मुझे अच्छा रिजल्ट दे रही है रेजिस्टेंस में भी विच इज वेरी ब्यूटिफुल है न तो ग्रुप है कुछ फार इंफोनेट सोना अच्छा हेल्प करता है। अगर आप डेली, एनसीआर जैसी जगह में बैठे हो, बट येस अलॉट मोर एफर्ट रॉकी पंक जाते जाते 1 लास्ट सवाल आता है मेरे से बड़े सारे पेशेंट्स पूछते हैं, ठीक है क्या है 12 गोली तो खानी है यह 1 इंजेक्शन ही लगाना है हम इतनी मेहनत डाइबिटीज रिवर्स करने में या मैनेज करने में क्यों करें।
बिल्कुल ये पेशेंट का देखो। अल्टीमेटली पेशेंट इज ऑलवेज हैव चॉइस वो उसकी चॉइस है कि वो किस लेवल में चेंजेस करना चाहता है, किस लेवल पर मेडिसिन लेना चाहता है। इसमें जो आपने बताया 1 गलती लोग आजकल कर रहे हैं कि वो केवल लाइफस्टाइल पे भरोसा आ जाते है, वो मेडिसिन बंद कर देते हैं तो वो भी कहीं न कहीं उनके लिए हानि कालक बनता है। तो 1 बैलेंस ढूंढना जरूरी है की आप कितना आप, 1 सिम्पल सा है की आप कितना मेडिसिन खाना चाहते हैं और कितना आप डाइट में चेंजेस करना चाहते हैं। लेकिन कुछ चेंजेज और मेंडेटरी क्यों क्योंकी। अगर आप वो नहीं करेंगे तो अल्टीमेटली जो भी आप कर ते हैं उसके कॉम्प्लिकेशंस आपको होंगे, वो चाहे आपके डायबिटीज के हो, चाहे डाइट रिलेटेड हो, चाहे आपके मेडिसिन रिलेटेड हो। लेकिन अगर आपको उनसे बचना है तो सम चेंजेज नीड टू इंस्टॉल्ड इन योर लाइफ स्टाइल ताकि आपकी बॉडी में वो आप खुद को तैयार कर सके। आपकी एजिंग फास्टर न हो, वो बहुत
जरूरी क्या कॉम्प्लिकेशन होंगे,
कॉम्प्लिकेशन ऑफ डायबिटीज या फिर मेडिसिन की बात करते है। देखिये अल्टीमेटली डायबिटीज में जो भी हमारा जो क्वालिटी लाइफ कॉम्प्रमाइज होती है वो कॉम्प्लिकेशन की वजह से ही होती है। आपकी आंखों में असर आएगा, आपकी किडनी पर असर आएगा आजकल जो मोस्ट कॉमन ट्रांसप्लांट किडनी के होते हैं उसका नंबर वन रीजन इज डायबिटीज नावडिजतोउसकोहम डी के डी बोलते हैं डायबिटी किडनी डिजीज तो उतना ज्यादा उसका इम्पैक्ट है एम्पुटेशन जो होते हैं उसमें नीरोपैथीकावस्कूलो पैथी का सिग्निफिकेट रोल है। क्योंकि अल्टीमेटली जितना जो आपने बताया मैंने जी एडवांस गलाइकोसाइड ्लाइकोसाइलेशन एंड प्रोडक्ट जो भी है वो आपके डिपाजिट होंगे और अल्टीमेटली आपका जो वेसल्स हैं या नर्स हैं वो कॉम्प्रमाइज होंगे तो वो नीचे से शुरुआत होती है क्योंकि सबसे ज्यादा मुश्किल ब्लड फ्लो सबसे लास्ट में होता है। तो वहां से आपका जो सेंसरी ग्लविनस्टोकिंग यूरोपैथी है वस्कुलोपैथी है पेरिफल वस्कुलर डिजीज है वो आपको दिखने लगती है, आपका सेंसेशन खत्म होने लगता है। आपका आपके हार्ट पे जो नंबर वन कॉज अगेन एमआई इन इंडिया, इस अगेन डायबिटीज नावडेज। क्योंकि अल्टीमेटली आपका जो जो सबसे ज्यादा पतली नसे हैं वो आपकी कोरोनरी की है ईवन जो हम बात करें सेक्सुअल डिस्फंक्शन जो आजकल बहुत कॉमन देखने को मिलता है, इरेक्टल डिस्फंक्शन है या ये जो है वहां पर भी जो भी आपकी जो माइक्रो वेसल्स हैं वो आपके पिनाल हेल्थ के लिए वो बहुत ज्यादा आपको नुकसान देता है। तो सैक्सुअल डिस्फंक्शन इस अगेन वेरी कॉमन कॉम्प्लिकेशन ऑफ डायबिटीज कई बार ये पहली बार डायबिटीज पेशेंट उस रूप में भी सामने आता है नोट डबल टू परफॉर्म इन दैट वे। तो दे आर मेनी कॉम्प्लिकेशन जो आपका सीवी होता है हार्ट अटैक है फिर आपका जो ब्रेन स्टोक है, स्टोक है, हैमब्रेज है ये भी सब आपका डायबिटीज का ही कॉम्पलीकेशन है एंड वन वो कॉम्प्लिकेशन डायबिटीज है। तो हाइपर टेंशन भी होगा और दोनों साथ में आपको खराब करते हैं सेंट आलमोस्ट सेवंटी फाइव परसेंट ऑफ डायबिटिक पेशेंट है हाइपरटेंशन ऑलवेज। तो ये दोनों को ही आपको कंट्रोल करने के लिए कॉम्प्लिकेशन से बचना जरूरी है क्योंकि जैसे जैसे डायबिटीज बढ़ेगा आपकी नसें टाइट होती जाएंगी, स्टिफ होती जाएंगी, कोलेस्टोल का डिपाजिट बढ़ता जाएगा। तो फिर आपका ब्लड प्रेशर का, हाई होने का रेस या उसकी कॉम्प्लिकेशन का रिस्क बढ़ता है और ये दोनो कंबाइंड होने के बाद आपका हार्ट का और किडनी का रिस्क 5 गुना हो जाता
है पर 1 चीज और डॉ पंकज जिसकी मुझे बड़ी फिक्र रहती है और मेरे ख्याल से रह गया मेमरी लॉस में पर 1 आर्टिकल पर थी कि अल्जाइमर्स का इंसिडेंस इतना ज्यादा स्पीड पर बढ़ रहा है एवं पार्किंग सेंस का भी न्यूरो जेनरेटिव डिजीज सारी अल्जाइमर्स तो है ही टाइप थ्री डायबिटीज यह सो
लेट बेसिकली क्रोनिक माइक्रो वस्कुलर है क्रोनिक माइकल वस्कुलर एंजूपैथीका पार्ट है ये बेसिकली तो जितना जो वेसेल्स आपके ब्रेन की है अल्टीमेटली उसमे भी उसका असर आएगा और जिस जिस पार्ट को इन्वॉल्व करती जायेंगी उसके सिमटम आपको ब्रेन में दिखते जायेंगे। क्योंकी बिकाज मेडिसिन बिकाज ऑफ लाइफस्टाइल हमारा एजिंग जो जो ओवरॉल एज हमारा बढ़ रहा है। तो जैसे जैसे एज बढेगा तो उसकी कॉम्प्लिकेशन भी आपको ज्यादा दिखेंगे तो सिक्सटी सेवेंटी एट्टीज में उसके जो फिनोमिना है उसके जो मेनिफेस्टेशन है वो अलग अलग होंगे।
तो कहने का आपका यह मतलब है कि राइट अभी आप सिर्फ 1 इंजेक्शन या दवा लेकर या 2 दवा लेकर अपना शुगर कंट्रोल कर रहे हो और हो सकता है 10 साल या 20 साल बाद न कर पाओ
ये ये साईकिल आपका सही ये साईकिल फॉलो होना ही है यह साईकिल फॉलो होना ही
है तो इसलिए जितनी जल्दी लाइफस्टाइल को अपने लाइफस्टाइल में डाल लोगे उतनी देर से आपकी वो कॉम्प्लिकेशंस आएगी सो यू विल बी एबल टू इंजॉय योर लाइफ
स्टिल देन बिल्कुल जो नॉर्मली डायबिटीज का साइकिल है उसमें टेन ईयर्स के बाद कॉम्प्लिकेशन स्टार्ट हो जाता है और ट्वेंटी यर्स में सबको आ जाता है तो ये क्यों होता क्योंकि लोग स्टैंडिंग आपका शुगर हाईपगलासीमिया बना हुआ है तो अगर आप लाइफस्टाइल से इसको बचा सकें अपने आप को अगर आपका कंट्रोल में रख सके शुगर तो ये आपके डिले हो जाएंगे फिर वो थर्टी फोर्टी यर पे आयेंगे और आजकल प्रॉब्लम ये है कि यंग डायबिटीज देखने को ज्यादा मिल रहा है तो चीज में में में देखने को मिल रहा है नही नही डॉक्टर पंकज के लाइफ ज्यादा है कॉम्प्लिकेशन को देखने का
यंग डायबिटीज है पेशेंट जहाँ
पे स्टार्ट बल्कुल एबसोलूटली जो आपके नए जो डायबिटीज के जो अलग कैटेगरी है बिलकुल जो डायबिटीज की कैटेगरी है, लाडा है, मोदी है ऑटो इम्यून डायबिटीज ऑफ एडल्ट है या फिर जो मोदी जेनेटिक डायबिटीज है वो थर्टीज में ट्वंटी में देखने को मिलता है तो उसका भी जो वॉल्यूम है जो उसके पेशेंट से वो बढ़ते जा रहे है इस समय
बिल्कुल तो आई एम शोर जो भी आज का हमारा ये पूरा 1 घंटा हो गया डॉक्टर पंकज इंक्लूडिंग द ब्रेक जो बीच में आई थैंक यू फॉर शेयरिंग सो मच इंफॉर्मेशन आज का ये जो लाइफ था ये हमने हिंदी में किया था बाज सौरी जैक्लीन we did not realize it you know hindi would become a problem, but we did it in hindi only because in this dibites month we want is to be shared with ऑल patients of rs। तो मैं हबल रिक्वेस्ट जितने भी जनों ने ये सुना है आज प्लीज अपने सारे पेशेंट्स के साथ शेयर करना अगर 1 भी आपका पेशेंट मोटिवेट हो जाता है टू डू अ लिटल मोर्ड एंड टू कंबाइंड एलोपेथी वित फंक्शनल मेडिसिन और आर्युवेदा और ओनली लाइव टाइल तब ही ताली बजेगी तभी क्लाटिंग होगी उस पेशेंट के लिए एंड तभी वी विल आल यू नो फील हैप्पी ए नाइस बिकाज ऑल द टाइम इनवेस्ट ओनली टू create vernesmong people help, then take right decision for the help and stay helly thank you very much thank you doctor punks for your time and sharing। so much information thank you and i will have to bring you back on
smore to do this in english absolutely anyting।
thank you thank you jakli be बैक सून।
More from Dr

Understanding Chronic Acidity: A Holistic Approach to Better Digestive Health 🌿

BHRT - transformational health journey if a 42 year old women #BHRT #HormoneBalance

Transform Your Health Naturally with Functional Medicine | Dr. Priti Nanda’s Success Story

hypothyroidism and ozone therapy - talk at Ozone Conference by Dr Priti Nanda Sibal






