New Horizons in Diabetes Management

In this Hindi‑English interview recorded for Diabetes Month, host Dr Preeti welcomes senior diabetes consultant Dr Pankaj (Narayana Hospital, UK‑trained fellowship) to discuss why diabetes is rapidly becoming an epidemic in India and what can be done about it. Dr Pankaj attributes the rise to a complex mix of lifestyle changes (sedentary habits, poor diet, stress, sleep deprivation), environmental pollutants, and especially widespread pesticide and industrial chemical exposure (DDT, glyphosate/glifosate). The conversation moves to how these hidden risk factors contribute to insulin resistance and beta‑cell dysfunction. They then outline the broad clinical spectrum of diabetes, highlighting atypical presentations such as recurrent urinary tract infections, frozen shoulder, neuropathic pain, gastrointestinal disturbances, and variable weight changes. Severe acute emergencies – diabetic keto‑acidosis (DKA) and hyper‑osmolar hyperglycaemic state (HHS) – are described with emphasis on ICU management, insulin protocols, osmolarity monitoring, and the role of dehydration. Dr Pankaj also explains how glucose variability, hormonal swings (cortisol) and mood fluctuations affect disease control, and why patients may experience muscle loss despite weight gain. The interview closes with a call for greater public awareness during Diabetes Month, community‑level prevention (diet, exercise, reducing pesticide exposure), and the value of structured group programs for type‑1 diabetes patients.
Chapters
hi, welcome everybody to this got, glogos revolution chanel and indian asociation of funtional medisin so today i have with me pnkgwarma, welcome doc punks and thank you for taking out your time to be
her, hello, hello everyone, thank you do pritihinwiting on this important topic, theres avercusialtopic everybody should know about थैंक यू सो,
दिस इस डयबिटीज मंथ एंड टू सेलिब्रेट, डायबिटीज मंथ आई है ओनर, तो have डॉ पंकज, her टूडे वी आर गोइंग, टू टॉक। अबाउट डायबिटीज इतना बड़ा एपिडेमिक क्यों हो रहा है और हर साल हम डायबिटीज मंत मनाते हैं, ब हर कुछ बदलता नहीं है, एपिडेमिक बढ़ता ही जा रहा है। डॉक्टर पंकज, वर्क्स इस सीनियर कंसल्टेंट एट नरायणा हॉस्पिटल इन गुड गांव ही फेलोशिप इन डायबिटीज मैनेजमेंट फ्रॉम यूके एंड ही इज वेरी, वेरी, दिल से वाला, डॉक्टर से, दिल से मतलब, दिल से पेशेंट को ठीक करने के लिए जो भी करने की जरुरत हो, in the last i think eight years, i know him now, i have seen, he will study, he will dig de, but he will do what is right for the patient? थैंक यू dor पंकज for working, so much so at your patienc feel heldierwild least amount of ef। थैंक यू वेरी मच, थैंक यू सो आज बड़े डिफरेंट तरह के सवाल करने वाली हूँ, मैं शोर ऑल लर्न लॉट फ्रॉम डॉक्टर पंकज मेरा पहला सवाल है डॉक्टर पंकज, आपको की डायबिटीज का एपिडेमिक बढ़ता जा रहा है, हम डायबिटीज का महीना हर साल मनाते हैं, ऐसा क्यों हो रहा है कि डायबिटीज कैटेड में बढ़ता ही जा रहा है
यह एव्री ईयर हमारा जो इंडिया में जो डायबिटीज के पेशेंट हैं वो डेफिनिटली बढ़ रहे हैं एंड उसका मेन रीजन है हमारा लाइफस्टाइल। तो जैसे जैसे हमारा लाइफस्टाइल खराब हो रहा है, खराब, इनका सेंस हमारा डाइटरी हैब्रेट चेंज हो रहे हैं, हमारी लाइफस्टाइल काफी ज्यादा सिडेंटरी है, हमारा जो टॉक्सिक पॉलिन इनहेलेशन है, जो हमारा फूड एडल्टरेटेड है, हमारी स्लीपिंग हैबिट्स, जो चेंज हुए हैं हमारा वर्किंग कल्चर जो चेंज हुआ है, स्ट्रेस का लेवल जो ओवरऑल जो सोसाइटी में इनक्रीज हुआ है, तो दीज ऑल मल्टीफैक्टोरियल रीजन है जिस वजह से यह बढ़ रहा है। और अभी यह औल बढ़ेगा अगर हमने इसके लिए कुछ नहीं किया तो
सो मतलब आपके कहने का है कि बहुत सारे बहुत सारे फैक्टर्स हैं जिसमें ऐसी हाई आई जो गुडगांव और डेली में तो आजकल फिर बहुत ही खराब हो रहा है। is also one of the factors which is csenget डॉक्टर जहाँ पर मुझे dot yad i have done my funtion medicine from american college, antgingmednusato, उसके बाद मैंने kitab लिखी what does should know about diabitis reverse सिक् kas stories विज टेल यू डिफ्रंट स्टोरी वो किताब लिखती है जब मैं गई तो आई वेंट टू दिस मेरा लास्ट सेशन था, मैं गई तो जो फाउंडर है वो मुझे कहती है डॉ प्रीति आपने इसमें ग्लास सेट पर चैप्टर लिखा है की नहीं लिखा तो मैंने बोला मैंने कुछ एब्स्ट्रेट जरूर लिखे हैं, ग्लास पूरा चैप्टर तो नहीं लिखा है शी से डॉक्टर प्रीति बुकिंग कम्प्लीट रह गई थी। तो आई थिंक ऑल ऑफ यू हू आर हीरिंग अस यू नो की हम बहुत सारे पेस्टीसाइड यूज करते थे। पहले डीडीटी बहुत यूज होता था फिर पता चला कि वो बहुत हम फुल हैं। एंड वो बहुत सारे लोगों को डायबेटिक बना रहे है। तो ग्लाइफोसेट नाम की 1 नया पेस्टीसाइड आया जो उस टाइम सोचा जाता था कि ये बेटर है, हेल्दीयर है न सब कुछ है बतनाऊइनद हाइन साइड वीनो की गलाइफुसेडीडीसे भी जात डीडी जी से भी ज्यादा खराब पेस्टी साइड है। अगर मैं आपको रौ भाषा में बताना चाहूँ तो मुंह से लेकर पेट तक जब तक आपका खाना पहुंचता है सारा कुछ अंदर जल चुका होता है। एंड अनफॉर्चुनेटली जो हमारी कनक है, जिसे विट कहते हैं उसकी फितरत है ग्लाइफोसेट को अपने अन्दर स्टोर करने की। तो बहुत से लोग बोलते हैं न ब्लू टन क्यों न खाए मैं बोलती हूँ बाकी तो रीजन ठीक है। इंडस्ट्रीलाइजेशन हुई ब्लूटनकापेपटाइड बड़ा हो गया क्वालिटी वो नहीं है और 1 बहुत बड़ा रीजन यह भी है कि उसमें बहुत ग्लाइफोसेट प्ले होता है एंड बीच की बिकाज बेचे दे उसको निकलने नहीं देता। इट इज वन ऑफ the big cases जिसकी वजह से डायबिटीज बढ़ता जा रहा है। अब इंट्रस्टिंग ली आई थिंक अराउंड डेढ़ 2 साल पहले हमारी गवर्नमेंट ने सोसिएट को बैन कर दिया था पर कुछ दिन पहले आ वज टॉकिंग टू अ गवरमेंट प्रोफेशनल जो की मेटल सें टॉक्सिसिटी में काम करती है। शी हॅड कम फॉर कंसल्टेशन एंड शी सेड में। हमने तो बैन कर दिया, आप बताओ खत्म हुआ है की नहीं हुआ। मैंने कहा डायबिटीज के पिटर कम नहीं हो रहा, मतलब खत्म नहीं हुआ है तो अभी भी हो रहा है, कुछ और करो यार सो माई पॉइंट, इस अवैरनेस बहुत जरुरी है। अगर हम अवेयर होंगे तभी हम डायबिटीज मंच सेलिब्रेट करने का पर्पस अचीव कर पाएंगे। सो गाईज इट्स नोट ओनली की आपका शुगर ज्यादा है ब्लड में, तो आप डायबिटिक हो प्लीज थोड़ा सा पीछे जाके देखो क्या आप ड्रैफिसेटलेडन खाना खा रहे हो? एंड सो मच मोर जो अभी डॉक्टर पंकज ने बताया है डॉक्टर पंकज, थैंक यू फॉर ब्रिंगिंग दे, सपन ब्लेडिंग आलसो शेयर माई यू नो थर्ड संदेश, डॉक्टर पंकज। आपके पास जो डायबिटिक पेशेंट आते हैं तो वे क्या सिमटम्स होते है, उनके किस स्टेट में आते हैं, कितने लोग प्री डायबिटिक में आ जाते हैं और कितने लोग तब आते हैं जब हॉस्पिटल में एडमिशन होने की प्रॉबबिलिटी हो चुकी होती है। तो थोड़ा सा डिटेल में कुछ अपने पेशेंट्स को याद करके ऑडियंस को प्लीज। 1 बार बताइएगा कि क्या क्या सिम्टम्स के साथ आपके पास पेशेंट आए हैं। आज तक की आपकी प्रैक्टिस में
ओके सो देखिए। डायबिटीज में जो वैरिएशंस हैं जो प्रेजेंटेशन के वो बहुत सारे हैं। हजारों तरीके से पेशेंट प्रेजेंट कर सकता है। सो काफी पेशेंट बहुत ज्यादा सिक होके। डायबिटी किटोएसडोसेस में आते हैं जो सीधे आईसीयू में लैंड करते हैं। जहाँ पर शुगर 506 सौ 704 लाख होता है। एंड काफी पेशेंट ऐसे होते हैं जो बिल्कुल सटल सिमटम्स लेके आते है। सटल सिमटम फटी बेसिकली आपका फटी हो गया, आपका ब्लैकनिंग अराउंड आईज हो गया या नेक हो गया। इनसुलिन रजिस्टेंस का जो मार्कर है एंड मोस्ट कॉमन ली यूरिन इन्फेक्शन फीमेल्स में रिकरेंट यूरिन इंस्ट्रक्शन जो कैंडिडा ओवर ग्रोथ की वजह से होता है वो 1 सिमटम देखने को मिलता है यूटीआई इज वेरी कॉमन स्पेशली इन द फीमेल प्रेजेंटेशन फ्रोजन शोल्डर जो 1 प्रेजेंटेशन होता है जो की ऑर्थो के पास देखने को मिलता है। ये काफी एकदम से आपका जो शोल्डर है कोई भी आपका आइडिया लेफ्ट या दोनों वो आपका 1 दम से जाम हो गया है जिसको हम कंधा जाम या फोजन शोल्डर बोलते हैं वो भी 1 टिपिकल प्रेजेंटेशन है ईवन कई बार पहला साइन होता है कि आपको डायबिटिस की बॉडी में शुरुआत हो रही है। इसके अलावा जो हम स्टैंडर्ड जो हम साइन बोलते हैं पोली यूरिया पॉली डिफ्सियापॉलीफेजिया, ज्यादा खाना, ज्यादा भूख लगना, ज्यादा प्यास लगना, हमेशा मुंह, सूखा, रहना, ज्यादा यूरीन आना, पिशाब की फ्रीक्वेंसी आपकी बढ़ जाना ये सब सिमटम इतना ज्यादा कॉमनली देखने को नहीं मिलते हैं लेकिन इसके जो बाकी सिमटम्स हैं जो पूरी 1 स्प्रक्टरमहैआयवुड से वहाँ पर अलग अलग तरीके के पेशेंट देखने को मिलते हैं। इसमें आपका गट के डिस्टर्बेंस के पेशेंट काफी देखने को मिलते हैं। आपका आई बी एस रिलेटेड हो गया या फिर काफी पेशेंट्स में इस्तेमाल इंटरनल बैक्टीरिय ओवर ग्रोथ हो गया या फिर कुछ पेशेंट्स आते हैं जहां पर इन्फेक्शन जो हैं वो उनको दिक्कें हो रहे हैं या फिर कोई उनको अल्सर हुआ या घाव हुआ जो कि ठीक नहीं हो रहा है तो अल्टीमेटली दे आर थाउजेंड प्रेजेंटेशन ऑफ डायबिटीज नोट इस सिंगल प्रेजेंटेशन इस सफिसेंट बट येस नॉर्मली जो पेशेंट देखने को मिलता है उसमे पेशेंट्स को इनिशियली जो सिम्टम्स आते है वो आपका होता है कि उनको अगर पेशेंट का ज्यादा ध्यान नहीं दिया तो काफी पेशेंट वेट लॉस के साथ आते हैं बट अधिकतर पेशेंट वेट गेन के साथ आते हैं व 20 पेशेंट ज्यादा आते हैं जहाँ पर इन्सुरे रजिस्टेंस का जो प्रॉब्लम है वो ज्यादा होता है एंड अगर अनकंट्रोल डायबिटीज काफी समय तक रह गया जो कि अगर टोटली ही उसको इगनोर कर दिया गया तो काफी पेश अनइंटेंशनल वेट लॉस के साथ भी आता है जहाँ पर आपका एच बी, ए वन, सी, सीधा, टन, टोल इलेवन थर्टीन तक देखने को मिलता है। अगर इनिशियल पेरिंटेशन की बात करे जहाँ पर 678 वाला है तो वहाँ पर पेशेंट ओ बीज होगा या बोलेगा मुझे बहुत ज्यादा दिक्कत इंस्ेक्शनहोते है या थकान होती है या बॉडी में वीकनेस होती है या दीन इंस्ट्रक्शन या फिर यूलिन करने के लिए बार बार आपको उठना पड़ता है तो ये एंड नंबर ऑफ़ सिमटम कैन बी देयर हैडेक कैन बी देयर आँखों के चश्मे का नंबर बदल जाना भी डायबिटीज का सिमटम है तो वहां पर आपका जो डायबिटिक रैठिनोपैथि होती है पेशेंट्स को नीरो पेथी की बात करें तो झनझनाहट का सेंसेशन होता है टिंगलिंग सेंसेशन जो होता है क्रैंप 1 सेंसेशन है जो की देखने को मिलता है तो दे आर सो मेनी पेशेंट्स हो कम आइदर विथ ओनली सिमटम और आयदर विद डायबिटीज वित सिमटम्स डिस्पाइट हैविंग मेडिसिन फिर उनके मेडिसिन रिलेटेड कॉम्प्लिकेशन सिमटम भी देखने को मिलता है वो 1 अलग रेंज है सिम तो आपने 2
चीजें इसमें बोली जो मुझे बहुत इंट्रस्टिंग लगी वन इज डेबिट कीटो एसी डोसेस के साथ लोग आते हैं इसको थोड़ा सा और लिबरेट करेंगे बिकाज ये जो हम लाइफ कर रहे हैं जिस फॉर डॉक्टर्स फॉर पेंस तो क्या साइंस होंगे पेशेंट में कि उसको खुद को समझ आ जाए कि यार वो डाबिटीकीटोएसीडरोसिज में जा रहा है यह यह कैसे प्रिवेंट
कर सकते हैं लोग बिल्कुल जैसे इसमें होता क्या जो पेशेंट ऑलरेडी डायबिटिक हैं ये नॉर्मली उन्हीं को देखने को मिलता है। मान लो कोई पेशेंट को ये हमेशा बोलता हूँ कि जब भी कोई पेशेंट का एक्यूट इनसल्ट हुआ इनसल्ट मतलब कोई उसको अचानक से इमोशनल ट्रॉमा हुआ या फिर इंस्ट्रक्शन हुआ या कोई यू टी आई सिम्पल निमोनिया भी हुआ वहाँ पर पेशेंट का की वजह से कोर्टिसल लेवल बढ़ने की वजह से शुगर अचानक से बढ़ने लगता है और उस समय पेशेंट का इंटेक भी खाने का कम हो जाता है तो पेशेंट को टिपिकली हाई शुगर वित सीवियर डियाइजेशन देखने को मिलता है 405 सौ 600 तक शुगर जाता है और यही कैटेगरी जब ओल्डेज में कनवर्ट होती है जहाँ पर पेशंट को सिमटम ही नहीं होते वहां पर वो हाई पर स्मोलर कोमा में कनवर्ट हो जाती है जहाँ पर 607 सौ 800 तक शुगर देखने को मिलता है एंड द ऑल वहां पर पेशेंट सीधा बेहोश ो के हाई शुगर के साथ प्रेजेंट करता है बट वो तभी होता है जब लॉन्ग स्टैंडिंग डायबिटी हो या पेशेंट के जो सिमटम हैं जो उसके सिमटम आते हैं वहां पे न्यूरोपथि की वजह से कम्प्लीट मास्किंग ऑफ सिमटम हो जाए मोस्ट कम्यून प्रेजेंटेशन जो होती है वो होती है यूजुअलली हाई फीवर इन्फेक्शन या यू टी आई से काफी लोग प्रेसिपिटेट करते हैं निमोनिया से काफी लोग प्रेसिपेटेटकरते हैं ईवन जो 1 देखने को मिलता है गेस्ट इंटलाइकटिस्टडायरिया के बाद भी काफी लोग ऐसे देखने को मिलते हैं जहाँ पर लैंड डायबिटिक कीटो एस डोसेस इसके तीनों टाउन का मतलब है डायबिटिक मतलब हाई शुगर की तो मतलब आपकी बॉडी में कीटोन बॉडी देखने को मिलेगी वो यूरीन में हम डिटेक्ट करते हैं और ऐसी डोसेस यानि आपके ब्लड में एसिडिटी बढ़ जाएगी जिसका मार्कर है जब हम ए बी जी करके देखते हैं तो उसमें पी एच जो है वो आपका सेवन प्वॉइंट टू से कम मिलता है या फिर आपका जो बॉडी में सोडा बाइक है बाइक बाइक कार्बोनेट की जो मात्रा है वो आपकी फिफ्टीन से कम हो जाती है तो ये तीनों क्लाइटीरिया मैच होने चाहिए तब जाके हम किसी को डी के लेबल कर सकते हैं। क्या है क्लाइटीरिया की टोन बॉडी इन द यूरिन और ब्लड पी एच से लेजन सेवन प्वॉइंट टू या फिर बाइक आपका फिफ्टीन एंड प्लस हाई शुगर हाई शुगर में फोर हंड्रेड, फाइव हंड्रेड, सिक्स हंड्रेड और उसको मैनेज करना इज वेरी डिफिकल्ट है इस लाइक कि आपको आईसीयू में हर हाफनर बना ली, उसकी शुगर की मॉनिटरिंग करनी पडती है एंड इसमें में सिमटम होता है कि बॉडी में सिग्निफिकेंटली इनसूलेनकीडेफिशेंसी हो जाती है दनवीनीडटोगीव पेशेंट हाई डोज ऑफ आई वी इसूलेंकंटिनेसली एटलीस्ट फोर थ्री टू फाइव डे तो ओवर कम ऑल दीज इफेक्ट एंड ग्रैजुअली। उसमें फिर पेशन रिकवर करता है डॉ
पंकज एग्जैक्टली में आपको ये बोलने वाली थी की मैं टाइप वन डायबिटीज का ग्रुप प्रोग्राम करती थी आज से फाइव सिक्स यर्स बैक यह उसमें भी बहुत सारे केसेस देखती थी जहाँ डायगनोज टाइप वन डायबिटीज हॉस्पिटल एडमिशन से होता था क्यूंकी बच्चे डायबिटिक की डोसे में चले जाते थे।
ये भी है 1 डायग्नूसिस्ट है टाइप वन डायबिटीज का काफी कोमली मैंने भी देखा है पेशेंट को जहाँ पर पेशेंट को पता नहीं होता बट दे लैंड पइन डीके एंड देन दे फाइनली माउटेड डायनोसिस टाइप वन डायबिटीज टाइप वन में ज्यादा क्यों होता है क्योंकि वहाँ पर इन्सुलेट पहले से ही कम्प्लीटली एपसाइट है लेकिन टाइप टू में भी देखने को मिल सकता है। अगर वो लोग स्टैंडिंग या अन डायग्नोस से अनपीटेडरहेगा तो
डॉक्टर पंकज आपने 1 वर्ड यूज किया सीवियर डी हाइड्रेशन यह डायबेटिक्स क्या हमेशा डी हाइड्रेटेड रहते हैं।
मतलब जी देखिये इसमें न यहाँ पे 1 डी हाइड्रेशन की फीलिंग रहती है क्योंकि आपका शुगर जो है वो 1 आपका ओस्मोटिक आपका कंपोनेंट है तो आपका जो जो आपका ब्लड का ओस्मोलिलिटी है ऑसमोलिटीहै वो बढ़ेगा बढेगा तो डेट रिक्वायर, वो डिमांड पानी की करता है तो मेंटेन द पीएच बैलेंस को मेंटेन सीरमऑसमेरिटीजोकी टू ए टी टू थ्री हंट के बीच में होती है। तो अगर वो शुगर कोंस्टेंट ली हाई रहेगा तो फिर वो पानी की डिमांड करता है तो बैलेंस एंड क्योंकि वो बैलेंस कभी हो नहीं सकता क्योंकि शुगर हाई है। तो अल्टीमेटली एक्सेस यूरिन वाटर जो है वो यूरिन से बाहर निकलता है तो ये साइकिल रिपीट होती है तो 1 सेंस ऑफ़ डिहाइडरेशन रहता है लेकिन एक्च्वल डिहाइडरेशन यूजुवल नहीं होता है परफेक्ट एंड
1 आपने और बहुत अच्छी बात बोली बीच में कार्टिसोल तो इन माई प्रैक्टिस मतलब आई डू अ लिटल सलाइक डिफ्रेंट प्रैक्टिस आई वुड से तो उसमें जनरली देखती हूँ की जो डायबिटिक होते हैं उनको गुस्सा बढ़ा आता अचानक से अचानक से आएगा क्यूंकि कभी वो हाईपोग्लासइनिया में जा रहे होते हैं कभी काटी सोलहा की वजह से उनकी इतनी फ्लेक्चुएशन रहती है मूड में उनका साथ में होगा और आप पूछोगे की गुस्सा क्या बढ़ गया बोलेंगे बता मारती है पता नहीं चलता कब गुस्सा आ जाता है
बॉडी में डेफिनिटली हारमोन्स का और सिम्फनी चल रहा होता है लेकिन अगर आपके स्टा में कुछ सो हमारे बेसुरे हो जाए, कुछ हारमोन हमारे ऊपर नीचे हो जाए तो फिर वो जो तान खेलती है वो खतरनाक होती है तो अल्टीमेटली वो इमोशंस जो आपका ग्लाइसिमिक विजिबिलिटी। इसलिए हम 1 इम्पोरटेंट में मारकर बोलते हैं की आपका जो ग्लाइसिमिक फ्लक्चुएशंस है वो जितना ज्यादा होगा आपका मूड भी उतना ही ज्यादा फ्लेक्चुएट होगा तो वहाँ पर हमें उस चीज का ध्यान रखना भी जरुरी होता है और मैं 1
और बात बोलती हूँ जितना ज्यादा वैरिएशन होगा मेडिकल ही होता है की हम हेलो बाद में शेयर करे मैं बोलती हूँ तो एजी ईज ज्यादा बनते है जितना ज्यादा फ्लक्चुएशन होता है उतना एजी ईज ज्यादा बनते है जो कि डेफिनिटली ऐसा है जो कोयला जला रहे हो तो यून नीचे इकट्ठा होता है दैट्स हव एकपने बत ए जी इस को अगर जी न बोलो तो एज होता है ऐब्सोलूटली जितना ज्यादा फ्लेक्चुएशन हो रहा है उतनी ज्यादा हो तो कोई भी अगर सोचता है की यार मुझे डायपिटीजठीक नहीं करना यह शुगर ठीक नहीं करना यार अगर एंटी एजिंग करनी है उसका भी बेस्ट तरीका शुगर को बैरियर बॉर्डर में बीच में चलाना बिलकुल राइट नदी जब बाहर आती है तो क्या होता है देटिसवाटहापनजब आपकी बॉडी में शुगर के स्पाइक्स डांस ज्यादा होता डॉक्टर
एब्सोलूटलीएब्सोलूटली तो
जो तब नुकसान होता है जब कहीं बाहर आ जाती है आप सोचो आपकी बॉडी में वो ही नुकसान हो रहा है जब आपके शुगर लेवल बहुत स्पाइक करते हैं विच इज वेरी इंटरेस्टिंग आपने डॉक्टर पंकज बोला की वेट क्लास जो है न वो करके आते हैं बहुत से लोग जिनको पहले पता नहीं चलता और बाद में आते हैं यह वेट क्लास क्या सिर्फ फ्रैटक्लास होता है या प्रोटीन लॉस भी होता है।
नहीं नहीं इसमें द बेस्ट बस पार्टी की यहां पर जो वेट लॉस होता है वो मसल लॉस होता है क्योंकि आपकी मसल्स में आपका जो ग्लूकोज है वो अन्दर नहीं जा पाता है तो वो उनकी एटलोफीहोजातीहै वो अपना जो ताकत है वो उनका लॉस होने लगता है आयसीनमेनीपेशेंट जहाँ पर अचानक से उनका डायबिटी रिलीज हुआ बी सी ट्वल्टथरटीनतक गया तो उनका 10 किलो 12 महीने में भी कम हो जाता है इतना ज्यादा उसका इम्पैक्ट पड़ता है
वेरी राइट एंड मसल को आजकल हम लग से और धन मानते है। सारी डॉ पंकज आई थिंक थोड़ा सा नेटवर्क का प्रॉब्लम हो गया है। a।
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